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  क्या लहसुन खून को पतला करता है? जानें इसके पोषक तत्वों के बारे में .......

 लहसुन भी ऐसी ही एक सब्जी है, जो हमारे देश में आमतौर पर मिल जाती है और हम अक्सर रोजाना के खानपान में इसका सेवन करते हैं। लेकिन जब बात इसके गुणों की आती है, तो यह किसी जड़ी-बूटी से कम नहीं होता क्योंकि स्वास्थ्य के लिए अनेक गुण पाए जाते हैं। इस लेख में आज हम लहसुन के बारे में जानेंगे कि लहसुन स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है और कितनी मात्रा में इसका सेवन किया जाना चाहिए।  भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में भी लहसुन का उल्लेख मिलता है जिसमें बताया गया है कि लहसुन सिरदर्द, निमोनिया, गले की समस्याओं और पाचन संबंधी विकारों जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में मदद करता है।
  लहसुन में पाए जाने वाले खास पोषक तत्व
भले ही लहसुन दिखने में एक बेहद छोटी सी सब्जी हो और खाने के फ्लेवर देने के लिए एक मसाले की तरह इसका सेवन किया जाता है, लेकिन इसमें कई अलग-अलग तरह के खास तत्व पाए जाते हैं। जिनके बारे में आपको इस लेख में हम बताने वाले हैं।
 1 एलिन (Alliin) -यह सिर्फ कच्चे लहसुन में पाया जाता है। जब लहसुन को काटते या कुचलते हैं तो यह एलिसिन में बदल जाता है।
2 एलिसिन (Allicin)- लहसुन में तेज गंध इसी की होती है और इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रोपर्टीज पाई जाती हैं।
3 एजोइनी (Ajoene) -यह एलिसिन से बनता है और ब्लड क्लॉट बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करने और इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
4 डायलिल सल्फाइड (Diallyl Sulfide)- यह शरीर में एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी को बढ़ाने और कुछ प्रोटेक्टिव एंजाइम्स को एक्टिवेट करने में मदद कर सकता है।
5 डायलिल डिसल्फाइड (Diallyl Disulfide)- यह एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट इफेक्ट्स के रूप की तरह काम करता है, जो  सूजन ल लालिमा कम करता है।
6 डायलिल ट्राइसल्फाइड -लहसुन का एक शक्तिशाली सल्फर कंपाउंड है, जो हार्ट के लिए अच्छा माना जाता है।
7 एस-एलिल सिस्टीन (S-allyl Cysteine) -यह एक तरह का एज रिलेटेड एक्सट्रेक्ट है, जो कि एक स्टेबल एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड होता है।
8 एस-एलिल मेरकैप्टोसिस्टीन (S-allyl Mercaptocysteine)- यह खासतौर पर पुराने लहसुन में पाया जाता है, जो एक खास तरह का एंटीऑक्सीडेंट है और लिवर को हेल्दी रखने में मदद करता है।
9 मिथाइल एलिल सल्फाइड (Methyl Allyl Sulfide) -यह भी लहसुन पाने जाने वाला एक खास तरह का तत्व होता है, जो लहसुन को उसकी गंध प्रदान करता है।
 डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद -
  स्टडी में यह पाया गया है कि एक निश्चित मात्रा में लहसुन का सेवन करने से Fasting Blood Glucose में कुछ हद तक कमी देखी गई और HbA1c लेवल में भी 0.53% प्रतिशत कमी देखी गई। हालांकि, कमी का आंकड़ा बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन इससे यह साबित होता है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए लहसुन पूरी तरह से सेफ है और कहीं न कहीं ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में ही मदद करता है।
 कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद -
PubMed द्वारा पब्लिश की गई एक रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि लहसुन का सही और निश्चित सेवन करना शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है। रिसर्च में पाया गया कि लहसुन बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और कुछ लोगों में गुल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है। यहां तक कि कुछ हद तक लहसुन का सेवन करना ट्राइग्लिसराइड्स लेवल को कम करने में भी मदद कर सकता है।
 हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद -
Online Library की रिपोर्ट के अनुसार मेटा एनालिसिस के आधार पर एक रिसर्च की गई, यानी पहले की गई रिसर्चों के आधार पर एक फिर से रिसर्च कई गई। इसमें पाया गया कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए लहसुन अच्छा विकल्प है, जो कुछ हद तक ब्लड प्रेशर लेवल को कम करने में मदद कर सकता है। ऑनलाइन लाइब्रेरी के शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि बीपी के मरीजों के लिए लहसुन का सेवन करना अच्छा विकल्प हो सकता है।
 इन्फेक्शन से बचाव करने में मदद -
दुनिया की सबसे भरोसेमंद मेडिकल रिसर्च संस्थाओं में से एक Cochrane द्वारा कई गई एक स्टडी में यह पाया गया है कि लहसुन का सेवन करना सर्दी-खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है। इस रिसर्च में 146 स्वस्थ लोगों को 12 सप्ताह तक रोजाना या तो एलिसिन (Allicin) युक्त लहसुन का सप्लीमेंट दिया गया या फिर प्लेसीबो (डमी कैप्सूल) दिया गया। इसके बाद रिसर्च में यह पाया गया है कि जिन समूह को लहसुन दिया गया था उसमें सर्दी-जुकाम के 24 मामले आए जबकि जिन्हें डमी कैप्सूल दिए गए थे उनमें सर्दी-जुकाम के मामले 65 दर्ज किए गए। विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि यह एक अध्ययन सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं में लहसुन के इस्तेमाल से मिलने वाले फायदों की ओर संकेत करता है।
 लेकिन क्या ज्यादा लहसुन का सेवन करना सेफ है?
  इसमें कोई शक है कि लहसुन हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है और इससे हेल्थ को अनेक फायदे मिलते हैं। इसका उपयोग सदियों से खाने के स्वाद और प्राकृतिक इलाज के लिए किया जाता रहा है। यह हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है और दिल को स्वस्थ रखता है। लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा सेवन करना स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है जो इस प्रकार हैं -
-पाचन की समस्या - कुछ लोग लहसुन को कच्चा खा लेते हैं और जरूर से ज्यादा कच्चा लहसुन खाना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
-खून बहने का खतरा - लहसुन प्राकृतिक रूप से खून को पतला करता है। ज्यादा लहसुन खाने से खून पतला करने वाली दवाइयों का असर प्रभावित हो सकता है और सर्जरी के दौरान या बाद में खून बहने का रिस्क बढ़ जाता है।
-पेट के मरीजों को परेशानी - लहसुन में कार्बोहाइड्रेट का एक खास प्रकार पाया जाता है, जिससे संवेदनशील पेट वाले लोगों या IBS के मरीजों को पेट फूलने और दर्द की समस्या हो सकती है।
सांस और शरीर की बदबू - सल्फर के तत्व खून में मिलकर सांसों और पसीने के जरिए बाहर निकलते हैं, जिससे मुंह और शरीर से काफी देर तक बदबू आ सकती है।
कितनी मात्रा में करें लहसुन का सेवन
स्वास्थ्य के लिए कोई कितनी भी हेल्दी चीज क्यों न हो वह सिर्फ तब तक ही फायदेमंद होती है, जब तक उसका सेवन सही मात्रा में किया जाए। किसी भी हेल्दी समझी जाने वाली चीज का सेवन अगर जरूरत से ज्यादा मात्रा किया जा रहा है और लंबे समय से ऐसा हो रहा है, तो काफी संभावना हो सकती है कि उससे हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकती है। लहसुन के मामले में भी ठीक ऐसे ही होता है, यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है लेकिन अगर आप इसका जरूरत से ज्यादा मात्रा में सेवन करते हैं तो इससे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है जिसके बारे में हमने आपको ऊपर भी बताया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लहसुन का सही सेवन कितना होना चाहिए, जो इस प्रकार है
-ताजा लहसुन - 1 से 2 कली (लगभग 3 से 6 ग्राम)
-लहसुन का पाउडर -  0.4 से 1.2 ग्राम
लहसुन खून को पतला कैसे करता है?
 लहसुन का जो सबसे बड़ा गुण होता है और वही कई बार हेल्थ को नुकसान भी पहुंचा सकता है और वह है लहसुन का ब्लड थाइनिंग वाला गुण। लहसुन में खास तरह के गुण होते है, जो खून को पतला करने का काम करते हैं। अगर जरूरत से ज्यादा खून पतला हो रहा है तो उससे स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं पैदा हो सकती हैं जो इस प्रकार हैं। हालांकि, Pubmed द्वारा पब्लिश की गई एक रिपोर्ट में यह तो पाया गया कि लहसुन में एंटीप्लेटलेट तत्व होते हैं, लेकिन इसका प्रभाव बहुत हम होता है और यह किसी ब्लड थिनर दवा के जितना खून पतला नहीं कर पाता है। हालांकि, लहसुन का प्रभाव हर व्यक्ति के शरीर के अनुसार अलग-अलग हो सकता है और यह भी जानना भी महत्वपूर्ण है कि अगर कोई व्यक्ति पहले से ही किसी कारण से ब्लड थिनर दवाएं ले रहा है तो ऐसे में लहसुन का सेवन करना खून पतला करने में और ज्यादा समस्याएं पैदा कर सकता है।
 

 

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