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नयी शिक्षा नीति से युवा रोजगार प्रदाता बनेंगे : पुष्कर सिंह धामी

देहरादून. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति युवाओं को केवल नौकरी दिलाने का उद्देश्य रखती थी जबकि नई शिक्षा नीति से युवा रोजगार प्रदाता बनेंगे। यहां शुरू हुए दो दिवसीय उच्च शिक्षा चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में नये भारत की नींव रखी जा रही है जहां हर क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई नए कार्य किए जा रहे हैं जिसमें प्राचीन शिक्षा पद्धति और आधुनिक शिक्षा पद्धति के सम्मिश्रण से बनी नई शिक्षा नीति शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां एक ओर (लार्ड) मैकाले की शिक्षा व्यवस्था पर आधारित पुरानी शिक्षा पद्धति युवाओं को सिर्फ नौकरी दिलाने का उद्देश्य रखती थी, वहीं नई शिक्षा नीति के माध्यम से युवा स्वयं नौकरियां देने वाले बन सकेंगे। इसके माध्यम से युवा उद्यमी बन सकेगा, स्टार्टअप विकसित कर सकेगा।'' उत्तराखंड को 2025 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि यही कारण है कि राज्य सरकार ने 'नो पेंडेंसी' की नीति अपनाते हुए उत्तराखंड में नयी शिक्षा नीति लागू कर दी है। उन्होंने कहा सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को समग्रता से लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के छात्र—छात्राओं के सर्वांगीण विकास को लेकर दृढसंकल्पित है और प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है ​जिसमें उसे निजी क्षेत्र की संस्थाओं का भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा पहुँचाने के प्रदेश सरकार के प्रयास में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) जैसी प्रतिष्ठित संस्था का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप संस्थाओं का मूल्यांकन और प्रत्यायन अनिवार्य है और निश्चित रूप से नैक के विशेषज्ञों के परामर्श और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे शिक्षकों और अधिकारियों के सहयोग से प्रदेश में संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायता होगी। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड में 35 विश्वविद्यालय, 119 सरकारी डिग्री कॉलेज, 300 से अधिक निजी डिग्री कॉलेज हैं जहां देश के लगभग सभी राज्यों एवं 19 देशों से छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले पांच साल में उच्च शिक्षा में सभी कॉलेजों में प्रधानाचार्य एवं पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक राज्य में 25 मॉडल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उत्तराखंड में उच्च शिक्षा संस्थानों के आधुनिकरण, उद्यमिता और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के प्रतिष्ठित संस्थान ‘भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद' के साथ उद्यमिता संवर्धन हेतु एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए गए। इसके साथ ही छात्रों को आभासीय प्रयोगशाला की सुविधा प्रदान करने हेतु केरल के अमृता विश्वविद्यापीठम् तथा कम्प्यूटर दक्षता और सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता के लिए एडूनेट आईबीएम के साथ भी समझौता ज्ञापन ​पर हस्ताक्षर किए गए।

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