हिमाचल प्रदेश के चंद्रताल में फंसे सभी 256 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया
शिमला। हिमाचल प्रदेश के चंद्रताल में बचाव कर्मियों ने पिछले पांच दिनों से फंसे सभी 256 पर्यटकों को गुरुवार को सुरक्षित निकाल लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों का दावा है कि पिछले चार दिनों में राज्य में 60,000 पर्यटकों को सुरक्षित इलाकों में स्थानांतरित किया गया है, लेकिन कसोल, खीरगंगा और आसपास के इलाकों में विभिन्न स्थानों पर फंसे 10,000 पर्यटक सुरक्षित स्थानों पर जाने से मना कर रहे हैं, क्योंकि वे अपनी कारों को छोड़कर नहीं जाना चाहते हैं। हिमाचल प्रदेश में हाल में हुई भारी बारिश की वजह से हुए भूस्खलन एवं बाढ़ के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गयीं तथा संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। लाहौल व स्पीति के उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि पर्यटकों को काजा ले जाने से पहले लोसर में भोजन और चिकित्सा आपूर्ति प्रदान की गई तथा पुलिस अधीक्षक राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को लोसर, चंद्रताल, सिर्रू और मनाली का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने चंद्रताल से निकासी प्रक्रिया को एक "चुनौतीपूर्ण कार्य" बताते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को बचाव प्रयासों में सहायता करने का काम सौंपा। नेगी आदिवासी किन्नौर जिले से हैं और वह वहां के दुर्गम इलाकों से परिचित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस पर्यटकों को एक पर्ची (रसीद) देगी, जिसके बाद सड़कें साफ होने पर वे अपने वाहन वहां से ले जा सकते हैं। उन्होंने मंडी में बाढ़ प्रभावित थुनाग उपमंडल का दौरा किया और प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये देने और बाढ़ में बहे घर के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने बाढ़ से बचने के लिए थुनाग नदी के मार्ग को साफ करने के भी निर्देश दिए। राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को भी हल्की से भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 13 से 17 जुलाई तक भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने को लेकर 'येलो' अलर्ट की चेतावनी जारी की है। विभाग ने 19 जुलाई तक राज्य में बारिश होने की भविष्यवाणी की है।









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