राष्ट्रपति मूर्मु ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए
गोपेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बदरीनाथ धाम के दर्शन किए । राष्ट्रपति ने मंदिर में भगवान बदरी विशाल की करीब 25 मिनट तक पूजा अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इससे पहले, मुर्मु भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ में सेना के हेलीपैड पर पहुंची जहां उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी अगवानी की। इस दौरान श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय भी मौजूद रहे । यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ सीधे मंदिर पहुंचीं और मंदिर में भगवान बदरीनाथ की विशेष पूजा की। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं वेदपाठियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनकी विधिवत पूजा संपन्न करवाई। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय की अगुवाई में अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बदरी विशाल का प्रसाद एवं अंगवस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बदरीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखी। मंदिर से बाहर आते समय उन्होंने हाथ हिलाकर बदरीनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर राष्ट्रपति मंगलवार को देहरादून पहुंची थीं। शाम को देहरादून राजभवन पहुंचने के बाद उन्होंने राज्य के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों-राजी और बुक्सा से संवाद किया। मुर्मू ने जनजातियों से केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने को कहा जिससे उनका आर्थिक विकास हो सके। उन्होंने कहा कि समुदाय इसके लिए स्वंय जागरूक रहें और स्वयं भी आगे बढ़ने के प्रयास करें। राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त होने से वे सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से भी आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि यहां के जनजातीय समुदाय शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे हैं। समुदाय के सदस्यों द्वारा राष्ट्रपति को हस्तनिर्मित शॉल और पेंटिंग भी भेंट की गई।राजी जनजाति समुदाय द्वारा इस मौके पर नृत्य प्रस्तुत किया गया।


.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)




Leave A Comment