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सोमनाथ 'सभ्यतागत साहस' का प्रतीक: प्रधानमंत्री मोदी

वेरावल (गुजरात).  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए शनिवार को प्रसिद्ध शहर पहुंचे और सोमनाथ को "हमारी सभ्यतागत साहस" का प्रतीक बताया। गुजरात की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत करते हुए उन्होंने एक ड्रोन शो देखा और श्री सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उसकी बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने यहां पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "सोमनाथ में आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, जो हमारी सभ्यतागत साहस का गौरवशाली प्रतीक है। यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हो रही है, जब पूरा देश 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने पर एकजुट हुआ है। लोगों के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभारी हूं।" उन्होंने बैठक के बाद एक अन्य पोस्ट में लिखा, "आज शाम सोमनाथ में मैंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की। हमने मंदिर परिसर में बुनियादी ढांचे के उन्नयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और भी यादगार बनाने के तरीकों की समीक्षा की।" गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी न्यासियों और अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित थे। प्रधानमंत्री शाम में गिर सोमनाथ जिले के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर के पास स्थित हेलीपैड पर उतरे। सर्किट हाउस की ओर जाते समय उनके काफिले को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क के किनारे खड़े थे। राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, सर्किट हाउस में एक बैठक के बाद मोदी मंदिर की ओर रवाना हुए, जहां उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के रूप में 'ओंकार मंत्र' के जाप में भाग लिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में ड्रोन शो देखा। लगभग 3,000 ड्रोन ने अरब सागर के ऊपर आकाश में मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाने वाली विभिन्न छवियां बनाईं। स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आठ से 11 जनवरी तक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी तीन-दिवसीय गुजरात यात्रा के दौरान यहां 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' एवं राजकोट में ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' सहित कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, रविवार को सुबह लगभग 9:45 बजे प्रधानमंत्री 'शौर्य यात्रा' में भाग लेंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित औपचारिक शोभा यात्रा है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद, मोदी सुबह करीब 10:15 बजे सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और फिर सुबह 11 बजे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। बयान के अनुसार ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' भारत के उन अनगिनत नागरिकों को याद करने के लिए मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया, जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करता रहेगा। महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके एक हजार वर्ष पूरे होने की पृष्ठभूमि में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। बयान के अनुसार सोमनाथ मंदिर नष्ट करने के कई प्रयासों के बावजूद आज आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है, यह सब मंदिर की प्राचीन महिमा को बहाल करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों के कारण संभव हुआ है। स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास किया। इस पुनरुद्धार यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक 1951 में हासिल हुई, जब तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में जीर्णोद्धार किए गए सोमनाथ मंदिर को औपचारिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस वर्ष ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। इस समारोह में देश भर से सैकड़ों संत भाग लेंगे और मंदिर परिसर में 72 घंटे तक लगातार 'ओम्' का जाप किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' में प्रधानमंत्री की भागीदारी भारत की सभ्यता की चिरस्थायी भावना को रेखांकित करती है और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और उत्सव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। मोदी रविवार को राजकोट भी जाएंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' (वीजीआरसी) में भाग लेंगे। अपराह्न करीब 1:30 बजे वह सम्मेलन में ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। राजकोट से मोदी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे। वह शाम करीब 5:15 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण के शेष हिस्से का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री सोमवार सुबह जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे। दोनों साबरमती आश्रम पहुंचेंगे और साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में पूर्वाह्न 11:15 बजे से द्विपक्षीय बैठकें होंगी, जहां दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। इस साझेदारी के हाल ही में 25 वर्ष पूरे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शाम को मोदी महात्मा मंदिर में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में शामिल होंगे, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।

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