इंडिया–ईयू एफटीए भारत के लिए रणनीतिक मील का पत्थर: अमित शाह
नई दिल्ली। इंडिया–यूरोपीय यूनियन (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक उपलब्धि बताया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय नेताओं की भारत यात्रा के दौरान आयोजित 16वें भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में इस एफटीए को संपन्न करने की संयुक्त घोषणा की थी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद और देशवासियों को बधाई दी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत–यूरोपीय व्यापार समझौता भारत के वैश्विक व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक मंच पर दूरदर्शी कूटनीति का सशक्त उदाहरण है, जो पारस्परिक लाभ और संतुलित साझेदारी को सुनिश्चित करता है।
अमित शाह ने कहा कि यह एफटीए सभी पक्षों के लिए लाभकारी समझौतों के माध्यम से भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को और मजबूत करता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक धन्यवाद दिया और भारत की जनता को बधाई दी।
इस एफटीए के जरिए भारत और यूरोपीय संघ खुले बाजारों, पूर्वानुमान-आधारित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध विश्वसनीय वैश्विक साझेदार के रूप में स्थापित होंगे। यह समझौता 2022 में वार्ता के पुनः शुरू होने के बाद गहन चर्चा और लंबे संवाद के उपरांत संपन्न हुआ है।
एफटीए की घोषणा भारत और यूरोपीय संघ के बीच वर्षों की निरंतर बातचीत और सहयोग की परिणति मानी जा रही है। यह एक संतुलित, आधुनिक और नियम-आधारित आर्थिक व व्यापार साझेदारी के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।
यूरोपीय संघ भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में शामिल है। वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ वस्तुओं में भारत का द्विपक्षीय व्यापार 11.5 लाख करोड़ रुपए (136.54 बिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा, जिसमें 6.4 लाख करोड़ रुपए (75.85 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का निर्यात और 5.1 लाख करोड़ रुपए (60.68 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का आयात शामिल है।
सेवा क्षेत्र में भारत–यूरोपीय संघ का व्यापार 2024 में 7.2 लाख करोड़ रुपए (83.10 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंच गया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते भरोसे और सहयोग को दर्शाता है।
भारत और यूरोपीय संघ क्रमशः दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों मिलकर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के करीब 25% और वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन दो बड़ी, विविध और एक-दूसरे की पूरक अर्थव्यवस्थाओं के एक साथ आने से व्यापार और निवेश के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे।










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