स्वास्थ्य मंत्री जे. पी.नड्डा ने लॉन्च किए आरोग्य सेतु 2.0 समेत कई डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को देश के डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और इंटरऑपरेबल डिजिटल हेल्थ सिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरोग्य सेतु 2.0 सहित कई नई डिजिटल स्वास्थ्य पहलों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ये पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक एकीकृत, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. एम. श्रीनिवास, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान आरोग्य सेतु 2.0, आयुष्मान ऐप, आयुष्मान सारथी व्हाट्सएप चैटबॉट, नेशनल हेल्थ क्लेम एक्सचेंज (एनएचसीएक्स), इंश्योरेंस प्लान एफएचआईआर ऑब्जेक्ट क्रिएटर, ई-सुश्रुत क्लिनिक, यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस (यूएचआई), ड्रग रजिस्ट्री, कॉमन एलओआईएनसी कोड फॉर इंडिया (सीएलसीआई) और भारत हेल्थ टर्मिनोलॉजी सर्विस (बीएचटीएस) का शुभारंभ किया गया। इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच, बेहतर दक्षता और स्वास्थ्य रिकॉर्ड के निर्बाध आदान-प्रदान को सुनिश्चित करना है।
जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब तक 90 करोड़ से अधिक आभा खाते बनाए जा चुके हैं और 100 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और सही तथा बोधि जैसी पहलें स्वास्थ्य सेवा वितरण को और मजबूत बना रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नया आरोग्य सेतु 2.0 एप्लिकेशन माताओं और बच्चों से लेकर युवाओं, बुजुर्गों तथा पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों तक सभी आयु वर्ग के नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक सहज पहुंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इन पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने का भी आह्वान किया।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि ये पहल आयुष सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ने में मदद करेंगी। वहीं, अनुप्रिया पटेल ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड विशेष रूप से महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी लेने में सक्षम बनाएंगे और आशा तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशासनिक बोझ भी कम करेंगे।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन देश में बिखरे हुए डिजिटल स्वास्थ्य समाधानों को एकीकृत कर अधिक कुशल और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित कर रहा है। वहीं, एनएचए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि नई पहलें स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, दक्षता और मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ प्रत्येक भारतीय के लिए डिजिटल रूप से सशक्त स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार करेंगी।
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