डीआरडीओ ने लंबी दूरी की 'कुशा' मिसाइल का पहला परीक्षण किया
नयी दिल्ली. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बृहस्पतिवार को ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की 'कुशा' मिसाइल का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक किया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह परीक्षण एक ''इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य'' के खिलाफ किया गया, जो तेज़ रफ़्तार और अधिक ऊंचाई वाले हवाई ख़तरे जैसा था। इसने कहा कि मिसाइल प्रणाली ने लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। बयान में कहा गया कि कुशा मिसाइल प्रणाली लड़ाकू विमानों, प्रक्षेपास्त्र, मानवरहित विमान (यूएवी) और दुश्मन के बड़े विमानों समेत कई तरह के हवाई खतरों को काफी दूर तक और ऊंचाई पर नष्ट करने में सक्षम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह देश की हवाई रक्षा क्षमता में एक ''बड़ी छलांग'' है।
मंत्रालय ने कहा कि डीआरडीओ ने 23 जुलाई को ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की 'कुशा' मिसाइल का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक किया। रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि 'कुशा' की सफल परीक्षण-उड़ान भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास में एक अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि यह लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली विकसित करने की उस क्षमता को दर्शाता है, जो दुनिया के बहुत कम देशों के पास है। मंत्रालय ने बताया कि रक्षा सचिव एवं डीआरडीओ अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने प्रक्षेपण के दौरान सभी गतिविधियों पर नजर रखी और सफल परीक्षण में शामिल टीम के सदस्यों को बधाई दी।

.jpeg)







.jpg)
Leave A Comment