नमस्ते योजना के तहत 2.71 लाख से अधिक PPE किट वितरित, 1.81 लाख सफाई कर्मचारियों को मिला स्वास्थ्य बीमा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि वह सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार ने बताया कि जोखिमपूर्ण मैनुअल सफाई के स्थान पर देशभर में मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने के लिए नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) योजना और मैला ढोने वालों के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कई कदम उठाए गए हैं। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू की गई नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) योजना का उद्देश्य मैनुअल सफाई के जोखिमपूर्ण तरीकों की जगह मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही सीवर, सेप्टिक टैंक और कचरा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना भी योजना का प्रमुख लक्ष्य है।
सरकार के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद से 2,71,155 पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 1,023 सफाई कर्मचारियों को मशीनीकृत सफाई उपकरण खरीदने के लिए पूंजीगत सहायता दी गई है। 20,293 लाभार्थियों को व्यावसायिक सुरक्षा और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 1,81,062 सफाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला है।
सरकार ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 1 जनवरी, 2021 से 30 जून, 2026 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई के दौरान 332 सफाई कर्मचारियों की मृत्यु हुई। इनमें 268 मामलों में पूर्ण मुआवजा और 18 मामलों में आंशिक मुआवजा दिया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सफाई एवं कचरा प्रबंधन कर्मचारियों के घायल होने की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2013 और 2018 में किए गए सर्वेक्षणों में देशभर में 58,098 मैला ढोने वालों की पहचान की गई थी। इनके पुनर्वास के लिए एकमुश्त नकद सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। सभी चिन्हित लाभार्थियों को एकमुश्त नकद सहायता दी गई, जबकि 27,926 लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण और 2,803 लाभार्थियों को स्वरोजगार परियोजनाएं शुरू करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की गई। केंद्र सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य सफाई कर्मचारियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और पूर्णतः मशीनीकृत कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि नमस्ते योजना और पुनर्वास कार्यक्रमों में लगातार निवेश के माध्यम से सफाई कर्मचारियों तथा उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने और मैनुअल सफाई की प्रथा को समाप्त करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।










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