ओडिशा में महालय पर हजारों लोगों ने किया 'पिंडदान'
भुवनेश्वर. पूरे ओडिशा में लोगों ने शनिवार को महालय के अवसर पर पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की। महालय के साथ 'पितृ पक्ष' का समापन होता है। राज्य भर से लोग पूर्वजों को तिल तर्पण और पिंडदान करने के लिए समुद्र, नदियों और तालाबों सहित विभिन्न जलाशयों के किनारे एकत्र हुए। भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर के पास बिंदु सागर सरोवर, पुरी में जगन्नाथ मंदिर के उत्तरी द्वार पर स्थित नरेंद्र पोखर और जाजपुर में मां बिरजा मंदिर के पास बैतरणी नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। संबलपुर स्थित समलेश्वरी मंदिर में भी हजारों श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए उमड़े। इस अवसर पर देवी को सफेद वस्त्रों से सजाया गया था। देवी के इस शृंगार को 'धबलमुखी बेशा' कहा जाता है, जो 'गंगा माता' का प्रतीक है। महालय को छोड़कर समलेश्वरी देवी पूरे वर्ष लाल वस्त्र धारण करती हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की आशंका को देखते हुए मंदिर के द्वार सुबह पांच बजे ही खोल दिए गए। महालय से 'देवी पक्ष' की शुरुआत होती है। नवरात्रि का त्योहार महालय के एक दिन बाद शुरू होता है।
ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "पवित्र महालय के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। मां दुर्गा के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख और समृद्धि आए।" माझी ने कहा, "अपने पूर्वजों को याद करने के अवसर पवित्र महालय अमावस्या पर सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मां दुर्गा के आगमन के इस पावन समय में सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।"










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