प्रधानमंत्री ने किसानों से वार्ता के लिए आगे आने की अपील की
-प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और मंडी व्यवस्था जारी रहने का भरोसा दिया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र आवश्यक है लेकिन निजी क्षेत्र की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार और फार्मा सहित हर जगह निजी क्षेत्र की भूमिका देखी जा सकती है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि निजी क्षेत्र की भूमिका के कारण भारत मानवता की सेवा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अगर निवेश और नई तकनीकों को नहीं अपनाया गया तो कृषि क्षेत्र मजबूत नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल गेहूं और धान उगाने से अब आगे बढने की बहुत आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र को बुरा कहने की संस्कति अब स्वीकार्य नहीं है और ऐसा करना देश के युवाओं का अपमान करना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे आश्चर्यचकित हैं कि लोग यह क्यों पूछ रहे हैं कि नए कृषि कानूनों की क्या आवश्यकता थी जबकि किसानों ने उनके लिए कभी पूछा ही नहीं। उन्होंने कहा कि किसी ने दहेज और ट्रिपल तलाक पर कानून की मांग नहीं की, लेकिन कानून बनाए गए क्योंकि वे प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक थे।
उन्होंने कहा कि लोकसभा के साथ-साथ केंद्र सरकार किसानों का सम्मान करती है और यही कारण है कि सरकार के शीर्ष मंत्री किसानों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद में कृषि से संबंधित कानून पारित किए जाने के बाद भी कोई भी मंडी बंद नहीं हुई है और न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सुनियोजित रणनीति के अनुसार जो लोग सदन को बाधित कर रहे हैं, उनका झूठ जल्द ही जनता के सामने आ जाएगा। उन्होंने किसानों से वार्ता के लिए आगे आने की अपील की ताकि समाधान निकाला जा सके।










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