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- -सहयोग केन्द्र में कार्यकर्ताओं की समस्याओं का हो रहा निराकरणरायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रदेश सरकार के मंत्री लगातार कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों से मुलाकात उनके आवेदनों का निराकरण कर रहे है। सहयोग केन्द्र में आवेदनों के निराकरण होने से कार्यकर्ताओं एवं आमजनों में भारी उत्साह है। 10 फरवरी को कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव सहयोग केंद्र में समस्याएँ सुनकर समाधान करेंगे। उनके साथ प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जी. वेंकटेश्वर राव रहेंगे। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा 11 फरवरी को सहयोग केंद्र में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के साथ उपस्थित रहेंगे। 12 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहयोग केंद्र में उपस्थित रहेंगे। उनके साथ प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष नंदन जैन उपस्थित मौजूद रहेंगे। 13 फरवरी को वन मंत्री केदार कश्यप सहयोग केन्द्र में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती के साथ उपस्थित रहेंगे।
- -2030 तक बस्तर एक विकसित संभाग के रूप में पदार्पण करेगा - देवलाल ठाकुररायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि देश के यशस्वी गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी ने मार्च तक नक्सलियों के खात्मे का जो संकल्प लिया है वह अब सिद्ध होने जा रहा है। आज बस्तर में विकास के लिए जो कार्य किया जा रहे हैं निश्चित ही वे कार्य बहुत ही तीव्र गति से पूरा होगा। वहीं नक्सलियों की समाप्ति के साथ बस्तर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति विश्वास जगा है, पूरे क्षेत्र में विकास की एक अविरल धारा बह रही है। बस्तर ओलंपिक के जरिए बस्तर की प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रदेश की साय सरकार काम कर रही है। आदिवासियों के धर्म, संस्कृति एवं संस्कार के लिए बस्तर पण्डुम जैसे कार्यक्रम हो रहे हैं। बस्तर अंचल की धर्म, संस्कृति एवं संस्कार को आगे लाया जा रहा है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि बस्तर में रोड कनेक्टिविटी तेजी से कार्य हो रहे हैं। बस्तर में कौशल विकास के क्षेत्र में तेजी से काम चल रहे हैं। आदिवासी क्षेत्र में आदिवासी युवाओं को रोजगार मिले, उन्हें आर्थिक समृद्धि की ओर आगे बढ़ाने के लिए, बस्तर में रहने वाले समूचे लोगों के विकास के लिए भाजपा की सरकार लगातार कार्य कर रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर संभाग को 2030 तक विकसित बनाने के लिए संकल्प लिया है। उन संकल्पों की सिध्दी जल्द ही होगी और 2030 तक बस्तर एक विकसित संभाग के रूप में छत्तीसगढ़ में पदार्पण करेगा। अभिनव प्रयास के जरिए एक अच्छा कार्य होगा। भाजपा की हमेशा सोच रही है कि अंत्योदय विकास के लिए कार्य करना। प्रदेश की विष्णुदेव साय की सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अथक प्रयास कर रही है जो 2047 के विकसित भारत को एक बल प्रदान करेगा।
- रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र में आज 60 से अधिक विषयों से संबंधित कुल 32 आवेदन प्राप्त हुए। सहयोग केन्द्र में सोमवार को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यकर्ताओं से भेंट मुलाकात कर उनके आवेदनों का निराकरण किया। इस दौरान सहयोग केंद्र में लगभग 100 कार्यकर्ता पहुंचे। आज विकास से जुड़े विभिन्न आवेदन प्राप्त हुए। बहुत से आवेदनों का तत्काल निराकरण भी किया गया। इस दौरान सहयोग केंद्र में प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही, श्रीमती रंजना साहू, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज मौजूद रहे।
- -छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन द्वारा शैक्षिक संगोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह आयोजितरायपुर। छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के तत्वावधान में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के प्रेक्षागृह में भव्य शैक्षिक संगोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव थे। समारोह की अध्यक्षता अहिवारा विधानसभा के विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा ने की।कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. शैलेंद्र पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।शासकीय विद्यालय समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं – शिक्षा मंत्रीमुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने उपस्थित प्राचार्यगणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासकीय विद्यालय बच्चों में संस्कार, समानता और सामाजिक सद्भावना के केंद्र हैं, क्योंकि यहाँ गरीब-अमीर तथा समाज के सभी वर्गों के बच्चे एक साथ अध्ययन करते हैं।उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में संसाधनों के अभाव के बावजूद शासकीय विद्यालयों में नामांकन अधिक था, किंतु आज पर्याप्त संसाधन होने के बाद भी नामांकन में निरंतर गिरावट शिक्षकों एवं प्राचार्यों के लिए चिंतन का विषय है।श्री यादव ने बताया कि उनके कार्यकाल में पदोन्नति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है, जो निरंतर जारी रहेगी तथा शिक्षकों की जायज़ मांगों पर समयबद्ध एवं सार्थक निर्णय लिए जाएंगे।शिक्षकों को अनुशासन और निष्ठा से कार्य करना चाहिए – कोर्सेवाडासमारोह की अध्यक्षता करते हुए श्री डोमन लाल कोर्सेवाडा ने कहा कि समय के साथ समाज में शिक्षकों के सम्मान की भावना में परिवर्तन आया है। पहले शिक्षक समाज में सर्वोच्च सम्मान का पात्र होता था, किंतु आज स्थिति बदली है। उन्होंने शिक्षकों से समय के प्रति पाबंद रहते हुए पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया।मुख्यमंत्री का अभिनंदन कार्यक्रम रायपुर उत्तर में होगा – पुरंदर मिश्रारायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने अपने रोचक उद्बोधन से उपस्थित प्राचार्यगणों को खूब हंसाया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास के कारण मुख्यमंत्री इस सम्मेलन में उपस्थित नहीं हो सके।उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों एवं प्राचार्यों द्वारा मुख्यमंत्री का अभिनंदन कार्यक्रम छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के माध्यम से उनके विधानसभा क्षेत्र रायपुर उत्तर में आयोजित किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण व्यवस्था वे स्वयं करेंगे।प्राचार्य पदोन्नति के बाद भी अध्यापन से जुड़े रहें – कुल सचिवविशिष्ट अतिथि डॉ. शैलेंद्र पटेल ने कहा कि पदोन्नति के बाद भी प्राचार्यों को अध्यापन कार्य से जुड़े रहना चाहिए तथा नियमित रूप से कम से कम दो कालखंड पढ़ाना चाहिए।2800 पदोन्नतियों के लिए सरकार का आभार – अनिल शुक्लाप्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक श्री अनिल शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन में सभी पदोन्नत प्राचार्यों को बधाई दी। उन्होंने पदोन्नति प्रक्रिया में संचालनालय से न्यायालय तक संघर्ष में साथ देने वाले साथियों, मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया।उन्होंने बताया कि बीते छह माह में 2800 प्राचार्य, व्याख्याता सहित लगभग 10,000 शिक्षकों एवं प्रधानपाठकों की पदोन्नति पारदर्शिता के साथ की गई है।प्रदेश के प्राचार्यों को एक मंच पर लाने हेतु छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन को फर्म्स एवं सोसाइटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत कराया गया है। इस अवसर पर सर्वसम्मति से श्री अनिल शुक्ला को पुनः प्रांतीय संयोजक चुना गया।मानसिक स्वास्थ्य पर व्याख्यान एवं टेलीफिल्म का प्रदर्शनशैक्षिक संगोष्ठी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंवदा श्रीवास्तव एवं उनकी टीम द्वारा छात्रों में मानसिक दबाव एवं अवसाद विषय पर व्याख्यान तथा जागरूकता आधारित टेलीफिल्म का प्रदर्शन किया गया।नौ सूत्रीय मांग पत्र का वाचनप्रिंसिपल एसोसिएशन के नौ सूत्रीय मांग पत्र का वाचन श्री राकेश शर्मा द्वारा किया गया। अतिथियों का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।प्रदेशभर से बड़ी संख्या में प्राचार्य रहे उपस्थितकार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर श्री हिमांशु भारतीय, विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि ओ.पी. शर्मा, करण सिंह अटेरिया, विद्या भूषण दुबे, गोपाल साहू, जितेंद्र सिंह ठाकुर, सुनील यादव, सूरज प्रसाद देवांगन सहित कोरिया से बस्तर तक सुदूर जिलों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष प्राचार्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य शिरीष तिवारी ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्याम कुमार वर्मा द्वारा किया गया।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज आरंग टीम बी द्वारा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बनारसी में 177 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा 131 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा बंधवापारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 में 106 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 8 एवं 13 भनपुरी में 148 बच्चों की स्क्रीनिंग, अभनपुर टीम बी द्वारा मिडिल स्कूल गोंडपारा में 113 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा सेजेस आर.डी तिवारी में 153 बच्चों की स्क्रीनिंग पूरे जिले में आज कुल 828 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
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- रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई : स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट
रायपुर। प्रेस क्लब खेल मड़ई के अंतर्गत आयोजित स्व. कुलदीप निगम स्मृति क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबला जारी है। सुभाष स्टेडियम में सोमवार को खेले गए मैच में पत्रिका ने हरिभूमि/आईएनएच को 40 रन से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया।
पत्रिका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और निर्धारित 10 ओवर में 5 विकेट पर 119 रन बनाए। पत्रिका के ओपनर बल्लेबाज अनुराग सिंह पहले ही ओवर में गौरव शर्मा की गेंद पर बोल्ड होकर पैवेलियन लौट गए। दूसरे छोर पर देव सोनकर और हिमांशु शर्मा ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन दूसरे ओवर के आखिरी गेंद पर फील्डर अभिषेक को कैच थमा बैठे। देव ने 1 चौका और 2 छक्के की मदद से 9 गेंदों में 17 रन बनाए। इसके बाद आये अजय रघुवंशी भी ज्यादा देर क्रीज पर टिक नहीं पाए और गुलाब यादव की गेंद पर रमन हलवाई को आसान कैच थमा दिए। दूसरे छोर पर क्रीज पर टिककर खेल रहे हिमांशु 8वें ओवर में रनआउट होकर पैवेलियन लौट गए। हिमांशु ने 19 गेंदों में 18 रन बनाए। इसके बाद निकेश देवांगन ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए शानदार 55 रनों की नाबाद अर्द्धशतकीय पारी खेली। निकेश ने 23 गेंदों का सामना कर 4 चौके व 5 छक्के जड़े। वहीं त्रिलोचन मानिकपुरी ने 5 गौरव शर्मा ने नाबाद 4 रन बनाए। हरिभूमि/आईएनएच की ओर से नीलेश, रिजवान कुरैशी, रमन हलवाई व मोहम्मद हसन ने एक-एक विकेट लिया। रमन हलवाई सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने 2 ओवर में सर्वाधिक 40 रन दिए।
जवाब में 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हरिभूमि/आईएनएच के बल्लेबाज पत्रिका के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाए और पूरी टीम 9 ओवर में ही 79 रन पर सिमट गई। हरिभूमि/आईएनएच के ओपनर बल्लेबाज रिजवान कुरैशी और संजय बनवासी ने टीम को अच्छी शुरुआत दी। दोनों बल्लेबाजों ने 32 रनों की साझेदारी की। तेजी से रन बटोरे रहे रिजवान तीसरे ओवर के आखिरी गेंद पर अजय रघुवंशी को कैच थमा बैठे। रिजवान ने 3 चौके और एक छक्का जड़कर 10 गेंदों में 20 रन बनाए। रिजवान के आउट होने के बाद संजय एक छोर पर डटे रहे, लेकिन बाकी बल्लेबाज जल्दी-जल्दी आउट हो गए। संजय भी 7वें ओवर में गौरव शर्मा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। संजय ने टीम के लिए 2 चौके व एक छक्का जड़कर 20 रन जोड़े। इसके बाद रमन हलवाई ही 14 रन बना पाए। मोहम्मद हसन और किशन ने 6-6 रन का योगदान दिया। पत्रिका की ओर से अनुराग सिंह, गौरव शर्मा और निकेश देवांगन ने शानदार गेंदबाजी की। अनुराग ने 4, गौरव ने 3 और निकेश ने 2 खिलाड़ियों को पैवेलियन भेजे। वहीं सतीश देवांगन ने एक विकेट लिया।
कार्यक्रम के अतिथि छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा और छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा थे। दोनों अतिथियों ने टीम के खिलड़ियों से परिचय प्राप्त किया और जीतने वाली टीम को बधाई दी।
कार्यक्रम में शानदार प्रदर्शन के लिए पत्रिका के निकेश देवांगन को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया। इस दौरान रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, खेल मड़ई के संयोजक विजय मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और खेलप्रेमी मौजूद थे। मैच में वैदुर्य निगम और अनुराग ने अंपायरिंग की। वहीं पी रामाराव नायडू स्कोरर रहे।
मंगलवार 10 फरवरी को सुबह 7.30 बजे लल्लूराम डॉट कॉम और एस जरनो के बीच मैच खेला जाएगा। -
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सशक्त बनाते हुए आज नागरिक सुविधा के क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण और अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय में भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा तथा ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का औपचारिक राज्यव्यापी शुभारंभ किया। ये दोनों डिजिटल पहल राज्य में ई-गवर्नेंस, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को अब राजस्व संबंधी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कार्यवाही पूरी तरह सरल, तेज़ और पारदर्शी होगी।भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा के माध्यम से छत्तीसगढ़ के नागरिक अब अपने मोबाइल फोन पर ही विभिन्न राजस्व सेवाओं की जानकारी और सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। यह सेवा नागरिकों को डिजिटल माध्यम से सीधे शासन से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है, जो राज्य की डिजिटल रूपांतरण यात्रा को नई गति प्रदान करेगी। इस चैटबॉट सेवा के अंतर्गत नागरिकों को जमीन संबंधी जानकारी, राजस्व न्यायालय से संबंधित जानकारी, मोबाइल नंबर जोड़ने की सुविधा, आधार नंबर जोड़ने हेतु ऑनलाइन आवेदन, किसान किताब हेतु आवेदन, नामांतरण हेतु आवेदन सहित अन्य नागरिक हितैषी राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक इन सभी सेवाओं का लाभ घर बैठे केवल एक व्हाट्सऐप संदेश के माध्यम से ले सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए नागरिक 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकते हैं, जिसके पश्चात चैटबॉट तुरंत आवश्यक जानकारी एवं सेवाएँ उपलब्ध कराएगा।
इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने एक और महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का भी शुभारंभ किया। यह सुविधा भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाकर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान करेगी।इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब नागरिक बिना किसी कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाए अपने भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर भूमि चयन से लेकर प्रीमियम एवं शुल्क की गणना तक की पूरी प्रक्रिया स्वचालित और सहज बनाई गई है।भुगतान प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए ई-चालान की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के साथ छह आवश्यक दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड अनिवार्य किया गया है, जिससे प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।आवेदन जमा होते ही वह स्वतः संबंधित सक्षम अधिकारी के पास परीक्षण हेतु प्रेषित हो जाएगा। सक्षम अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय लेना अनिवार्य होगा, जिससे अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकेगी।यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्ज़न प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा, जिससे नागरिकों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी और शासन की जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।नागरिक हितों की सुरक्षा के लिए यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि नागरिक द्वारा गणना की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो सक्षम अधिकारी द्वारा इसकी सूचना दी जाएगी। नागरिक को 60 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी होगी, अन्यथा विलंब की स्थिति में अर्थदंड का प्रावधान लागू होगा। नागरिक https://revenue.cg.nic.in/citizenrequest/ पोर्टल के माध्यम से इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।इस अवसर पर राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले तथा संचालक राजस्व श्री विनीत नंदनवार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित "तकनीक के माध्यम से शासन को सीधे नागरिकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है, ताकि समय, संसाधन और श्रम की बचत हो तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। छत्तीसगढ़ सरकार नागरिकों को तेज़, सरल और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल गवर्नेंस को निरंतर सशक्त बना रही है। भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) जैसी पहल इसी सोच का परिणाम हैं, जिनसे आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये डिजिटल सेवाएँ छत्तीसगढ़ को सुशासन और डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक नई ऊँचाई प्रदान करेंगी।"-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय"भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया स्पष्ट समय-सीमा में पूरी होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को त्वरित राहत मिलेगी। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन, तकनीकी दक्षता और नागरिक सुविधा को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।" -राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा"भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार है। इन पहल के माध्यम से नागरिकों को सूचनाओं और सेवाओं तक त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद पहुँच सुनिश्चित की गई है। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था में तय समय-सीमा, ऑनलाइन भुगतान और डिम्ड डाइवर्ज़न जैसे प्रावधानों से प्रक्रियाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और अनावश्यक विलंब समाप्त होगा। यह पहल राजस्व प्रशासन को अधिक कुशल, तकनीकी रूप से सक्षम और नागरिक-अनुकूल बनाने में सहायक सिद्ध होगी।" -राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले
- रायपुर /भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा देशभर में वित्तीय साक्षरता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 2016 से प्रतिवर्ष आयोजित किए जा रहे वित्तीय साक्षरता सप्ताह (Financial Literacy Week – FLW) के अंतर्गत वर्ष 2026 के ग्यारहवें संस्करण का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष एफएलडब्ल्यू 2026 का आयोजन 9 से 13 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है।एफएलडब्ल्यू 2026 का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ संजय मल्होत्रा, गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मुंबई में किया गया। इस वर्ष वित्तीय साक्षरता सप्ताह की थीम “केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम” रखी गई है, जिसका उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बैंकिंग प्रणाली के प्रति जागरूक करना है।छत्तीसगढ़ राज्य के लिए वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 का राज्य स्तरीय उद्घाटन आज रायपुर में आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान केवाईसी की मूल अवधारणा, केंद्रीय केवाईसी रजिस्ट्री, तथा खाता स्वच्छता एवं वित्तीय अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण उप-विषयों पर आधारित चार जागरूकता पोस्टर जारी किए गए। इन पोस्टरों के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि अद्यतन केवाईसी न केवल वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि धोखाधड़ी की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विषय-आधारित मल्टीमीडिया जागरूकता अभियान भी संचालित किया जाएगा। साथ ही, बैंकों को अपने ग्राहकों के बीच केवाईसी, सुरक्षित बैंकिंग और वित्तीय अनुशासन से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रसार करने हेतु निर्देशित किया गया है।उल्लेखनीय है कि आरबीआई का रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय पूरे राज्य में वरिष्ठ नागरिकों, स्वयं सहायता समूहों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों, व्यावसायिक संवाददाताओं, पुलिस अधिकारियों, कॉलेज छात्रों एवं अन्य हितधारकों के साथ विशेष वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुरक्षित बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता का संदेश प्रभावी रूप से पहुंच सके।इस अवसर पर श्रीमती रीनी अजित, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, छत्तीसगढ़; श्री ध्रुव गुप्ता (आईपीएस), पुलिस महानिरीक्षक सहित आरबीआई, नाबार्ड, भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन के संस्थागत वित्त संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न बैंकों के नियंत्रक तथा राज्य एवं केंद्र सरकार के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- - बच्चों को मिला अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंचराजनांदगांव । नन्हे सितारे कार्यक्रम का समापन समारोह डॉ. बल्देवप्रसार मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजनांदगांव के सभागार में बड़े उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन राजनांदगांव, एचएसबीसी तथा ओपन लिंक्स फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्यौहारे ने कहा कि नन्हे सितारे कार्यक्रम जिला के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए एक नई छलांग की पहली सीढ़ी है। श्री सतीश ब्यौहारे ने उपस्थित शिक्षकों एवं अधिकारियों से अपील की कि वे विनोबा प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यालयों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को साझा करें और टीम विनोबा को बधाई दी। उन्होंने कहा हमारे कई शिक्षक पहले से ही उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपने विद्यार्थियों को तैयार करने में कड़ी मेहनत की है और उन्हें नन्हे सितारे के फाइनल तक पहुंचाया है। हमने पहला कदम उठा लिया है और निश्चित रूप से जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास होगा। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में ओपन लिंक्स फाउंडेशन की विनोबा टीम के निरंतर और नवाचारी योगदान की भी सराहना की। ओपन लिंक्स फाउंडेशन के डिवीजन मैनेजर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से इस कार्यक्रम का सफल आयोजन हो सका है। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया।नन्हे सितारे पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के भाषा कौशल को मजबूत करना, आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराना है। 15 दिसंबर से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम को जिले भर के प्राथमिक विद्यालयों से व्यापक प्रतिसाद मिला। विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताओं के पश्चात कुल 132 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तरीय फायनल के लिए किया गया, जहाँ उन्होंने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित करने हेतु शिक्षा एवं साहित्य क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। निर्णायकों में प्रणीता शर्मा, कामनी साहू, प्राचार्य वीरेन्द्र कुमार दुबे, प्राचार्य डॉ. मोनशी वर्गीस, सुरेश साहू, रूपेश ठाकुर तथा राहुल देव श्यामकुंवर शामिल रहे।प्रतियोगिता में कक्षा 1 से 3, 4 से 5 और 6 से 8 समूहों के अंतर्गत चार प्रमुख स्पोकन इंग्लिश, स्टोरीटेलिंग, पोएट्री रिसायटेशन तथा स्पेलिंग बी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं में विजेताओं की घोषणा विभिन्न श्रेणियों में की गई। स्पोकन इंग्लिश में अपने-अपने समूहों में निशिता उइके, तमन्ना साहू और हर्ष ठाकुर प्रथम स्थान पर रहे, जबकि वीरा कोठारी, पियाल साहू और गायत्री साहू द्वितीय तथा तरणी निर्मलकर, याह्वी मेश्राम और अनुराग साहू तृतीय स्थान पर रहे। स्टोरीटेलिंग प्रतियोगिता में धानी निषाद, आदित्य वर्मा और रूबी प्रथम रहे, जबकि अद्भुत दिव्यांशी साहू, हुलसी वर्मा और नेहा कुंजाम द्वितीय तथा ईश्वर कुम्भलकर, मानसी वर्मा और कामिनी साहू तृतीय स्थान पर रहे। पोएट्री रीसिटेशन में अरविंद सिन्हा, तिंजल साहू और प्रिया यादव प्रथम स्थान पर रहे, जबकि उर्वशी साहू, संध्या निषाद और डेमिन मानिकपुरी द्वितीय तथा वामिका कालो, प्रीति साहू और चंचल साहू तृतीय स्थान पर रहीं।स्पेलिंग बी प्रतियोगिता (कक्षा 4 से 5 एवं 6 से 8) में रतिश देवांगन एवं तानिया देवांगन प्रथम, ईशानी बागड़े एवं ऋद्धि साहू द्वितीय तथा देवाशीष प्रधान एवं नेमिका साहू तृतीय स्थान पर रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोग्राम मैनेजर तुषार साहू एवं प्रोजेक्ट ऑफिसर नरेंद्र साहू द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ की संपूर्ण टीम ने आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नन्हे सितारे प्रतियोगिता का आयोजन वर्तमान में राजनांदगांव जिले में संचालित आचार्य विनोबा भावे शिक्षक सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षकों को सशक्त बनाना एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देना है। राजनांदगांव जिले के सभी विकासखंडों के 1336 शासकीय विद्यालयों में विनोबा कार्यक्रम सक्रिय है, जिसके माध्यम से 5536 शिक्षक और लगभग 1,30,000 विद्यार्थी विभिन्न शैक्षणिक पहलों जैसे जेएनवी एवं एनएमएमएसई अभ्यास परीक्षण, पोलस्टार कार्यक्रम तथा क्लब गतिविधियों से लाभान्वित हो रहे हैं।
- राजनांदगांव । केन्द्र सरकार की रैंप योजना अंतर्गत बुनकर केन्द्र लखोली में हथकरघा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों हेतु सेक्टर स्पेसिफिक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार तथा राज्य शासन की उद्यमिता प्रोत्साहन पहल के तहत सीएसआईडीसी रायपुर के मार्गदर्शन में चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 32 महिला उद्यमी शामिल हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना, स्वरोजगार के अवसर सृजित करना तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक एवं तकनीकी ज्ञान प्रदान करना था। प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी वर्तमान गतिविधियों, कार्यप्रणाली एवं चुनौतियों की जानकारी ली गई। इसके पश्चात मास्टर ट्रेनर द्वारा वन-टू-वन मार्गदर्शन के माध्यम से संस्थागत ढांचे, अनुभवों एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। दूसरे दिन केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी प्रावधानों, ईडीपी प्रशिक्षण, कौशल विकास, मार्केटिंग रणनीतियों तथा उद्यम पंजीयन की आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के अंतिम दिवस आयात-निर्यात की रणनीति, विभागीय समन्वय तथा भविष्य की मांगों के अनुरूप साड़ी, सूट, कुर्ता, सहित अन्य रेडीमेड वस्त्रों के निर्माण पर केंद्रित रहा। जिससे बुनकरों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सके। इस अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के प्रबंधक श्री प्रणय बघेल ने प्रशिक्षुओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ, ऋण प्रणाली, सब्सिडी, वर्किंग कैपिटल एवं प्रस्तुति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। पूर्व संचालित ईडीपी लीप बैच के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर पारूल पाण्डेय, डिविजनल समन्वयक श्री लोकेश सिन्हा एवं श्री तुषार साहू की सक्रिय भूमिका रही। समापन अवसर पर चॉइस कंसलेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
- - जनमन पत्रिका पढ़कर विद्यार्थियों ने जाहिर की खुशी- जनमन पत्रिका शासन की योजनाओं की अच्छा संकलनराजनांदगांव । जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ जनमन पत्रिका और जी राम जी का डिजिटल लाईब्रेरी राजनांदगांव और शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में नि:शुल्क वितरण किया गया। प्राचार्य शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव डॉ. ओमकार लाल श्रीवास्तव ने जनमन पत्रिका नि:शुल्क मिलने पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पत्रिका शासन की योजनाओं का अच्छा संकलन है एवं युवाओं व जनमानस के लिए उपयोगी है। प्राध्यापक डॉ. जय सिंह साहू एवं डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने जनमन पत्रिका एवं ब्रोसर की प्रशंसा की। जनमन पत्रिका पढ़कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं ने खुशी जाहिर की। श्री मुकेन्द्र कुमार ने बताया कि वे एसआई एवं छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए नियमित रूप से डिजिटल लाईब्रेरी में अध्ययन करने के लिए आते हैं। श्री मुकेन्द्र ने कहा कि जनमन पत्रिका प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लाभदायक है। इसमें संकलित समाचार, संस्कृति, पर्यटन एवं करेंट अफेयर्स, शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपयोगी है। राज्य शासन लोककल्याण और विकास के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों के संबंध में अद्यतन जानकारी मिलती है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यह पत्रिका नि:शुल्क वितरित की जा रही। इस किताब में प्रमाणिक तथ्यों का संकलन है।डिजिटल लाईब्रेरी में अध्ययन करने आए श्री सौरभ सम्राट ने कहा कि जनमन पत्रिका में नई शिक्षा नीति, खनिज संपदा, औद्योगिक नीति सहित विकसित छत्तीसगढ़ परिकल्पना की जानकारी का समावेश किया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह किताब महत्वपूर्ण है। इसमें शासन की योजनाओं की अच्छी जानकारी दी गई है। इसी तरह शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भी जनमन पत्रिका पढ़कर खुशी जाहिर की। उल्लेखनीय है कि जनमन पत्रिका में महिलाओं को रोजगार मूलक कार्यों के जरिए स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आहार-पोषण के लिए 70 लाख महिलाओं को मिलने वाली प्रति माह 1 हजार रूपए की जानकारी दी गई है। इसी तरह जनमन पत्रिका में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन, खेल, औद्योगिक विकास, डिजिटल प्रशासन, कुटीर उद्योग, छत्तीसगढ़ के खनिज और धार्मिक स्थलों की जानकारी तथा शासन के विभिन्न योजनाओं की एकत्रित जानकारी दी गई है। जी राम जी ब्रोसर में 125 दिनों के रोजगार की नई गारंटी की जानकारी दी गई।
- राजनांदगांव । कृषि विभाग के माध्यम से मृदा की उर्वरता को बनाये रखते हुए टिकाऊ खेती के साथ कृषकों की आय में वृद्धि हेतु जिले में जैविक खेती, परम्परागत कृषि विकास योजना एवं राष्ट्रीय प्राकृतिक मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिले में वर्ष 2023 की स्थिति में मात्र 500 हेक्टेयर प्रमाणित जैविक खेती का रकबा था, जो वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में बढ़कर 3260 हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। कृषकों के उत्पादों के प्रमाणीकरण हेतु 3 वर्ष की परिवर्तन अवधि में प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु रिजनल काउंसिल द्वारा प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया है।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से जिले में सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि एवं जल उपयोग दक्षता को बढ़ाने में कारगरप्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत विगत वर्षों में ड्रीप एवं स्प्रिंकलर के माध्यम से 22405 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई किया जाता रहा है, जो वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में बढ़कर 24194 हेक्टेयर हुआ है। साथ ही किसान समृद्धि योजना के माध्यम से नलकूप खनन एवं प्रतिस्थापन, सौर सुजला योजना के माध्यम से सोलर पैनल स्थापना तथा शाकम्भरी योजना के माध्यम से सिंचाई पंप वितरण कर 16988 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई रकबा का विस्तार हुआ है। साथ ही जल संरक्षण एवं संवर्धन संरचना (मेसनरी पक्का चेकडेम) द्वारा वर्ष 2024-25 में 15 चेकडेम निर्माण द्वारा 330 हेक्टेयर तथा वर्ष 2025-26 में 12 चेकडेम निर्माण से 264 हेक्टेयर वर्षा आश्रित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया गया है।राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन तथा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से दलहन एवं तिलहन आत्मनिर्भरता का किया जा रहा प्रयासराजनांदगांव जिले में विगत वर्ष सोयाबीन सहित अन्य तिलहन फसलों का रकबा मात्र 2100 हेक्टेयर था। जिसे वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम फसल प्रदर्शन एवं प्रमाणित बीज वितरण की सुदृढ़ व्यवस्था कर 3200 हेक्टेयर तक वृद्धि किया गया। इसी प्रकार रबी में चना, उड़द, मूंग एवं तिवड़ा फसलों का रकबा जहां विगत वर्ष तक 55000 था। जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 60000 हेक्टेयर किया गया।फसल चक्र परिवर्तन अभियान के माध्यम से ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं मक्का फसल का बढ़ा रकबाजिला राजनांदगांव में जल संरक्षण एवं संवर्धन को दृष्टिगत रखते हुए मिशन जल रक्षा का संचालन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से जिले में अधिक जल मांग वाली फसलों जैसे ग्रीष्मकालीन धान को हतोत्साहित कर कम जल मांग एवं अधिक मुनाफा देने वाली फसलें चना, उड़द, मूंग, तिवड़ा, मटर एवं मक्का को प्रोत्साहित किया गया। जिसका परिणाम यह रहा कि विगत वर्ष की स्थिति में 9336 हेक्टेयर ग्रीष्मकालीन धान का रकबा था। जिसे वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में अभियान के माध्यम से जनजागरूकता व मैदानी अधिकारियों के प्रयास से कम करते हुए अद्यतन 4000 हेक्टेयर तक सीमित किया जा चुका है।
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रायपुर । प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती-2023 के अंतर्गत चयन की प्रक्रिया पूरी करते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 26 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है। यह सूची छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा एवं दस्तावेज सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में चयनित 251 अभ्यर्थियों में से कुछ अभ्यर्थियों द्वारा लिखित पद त्याग, काउंसलिंग में अनुपस्थिति अथवा नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद कार्यभार ग्रहण नहीं करने के कारण 28 प्रयोगशाला तकनीशियन पद रिक्त हुए थे।इन्हीं रिक्त पदों के विरुद्ध प्रतीक्षा सूची से पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।जारी सूची में सामान्य वर्ग के 21 अभ्यर्थियों एवं भूतपूर्व सैनिक कोटे से 5 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। चयन सूची में महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के अभ्यर्थी सम्मिलित हैं। कुछ पद आरक्षित श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने के कारण रिक्त रखे गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों को शासकीय महाविद्यालयों में पदस्थापना हेतु काउंसलिंग 12 फरवरी 2026 को कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा, संचालनालय, तृतीय तल, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर में प्रातः 10:30 बजे उपस्थित होना अनिवार्य होगा। काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों सहित उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। - - श्रीमती मधु के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना से जगी नई उम्मीदराजनांदगांव । राजनांदगांव नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक-3 मोतीपुर में निवासरत श्रीमती मधु वर्मा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस दिखाया। पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। दो बेटियों के पालन-पोषण के लिए वे एक निजी स्कूल में रसोइये के रूप में कार्य करते हुए परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। किराए के मकान में रहने के दौरान आर्थिक तंगी उनके जीवन का हिस्सा रही। श्रीमती मधु बताती हैं कि स्कूल में छुट्टी के दिनों में आय कम हो जाती थी, जिससे किराया देने की चिंता बनी रहती थी। उन्हें हमेशा यह डर बना रहता था कि कहीं समय पर किराया न देने पर मकान मालिक घर खाली करने के लिए न कह दे। ऐसे हालात में वे अक्सर अपने सपनों के घर की कल्पना ही कर पाती थीं। इस बीच उनकी बड़ी बेटी सुजाता एक निजी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत हुई। मां-बेटी ने मिलकर थोड़े-थोड़े पैसे बचाए और एक छोटा सा भूखंड खरीदा। श्रीमती मधु वर्मा ने बताया कि जमीन लेने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवेदन किया। कुछ ही दिनों में उनके आवास निर्माण की स्वीकृति मिल गई। स्वीकृति मिलने के बाद पूरे परिवार ने उत्साह के साथ अपने सपनों का घर बनाने की शुरूआत की। वास्तुविद के कुशल मार्गदर्शन में जल्द ही एक सुंदर, सर्वसुविधायुक्त और आकर्षक घर का निर्माण पूरा हो गया। आज श्रीमती मधु वर्मा ने बताया कि वे टाइल्स से सजे अपने पक्के घर में रहते हुए गर्व और संतोष का अनुभव करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। अपने सपनों का घर मिलने पर वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।
- -आदिवासी महिलाएं बनी आत्मनिर्भररायपुर,। प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन के अंतर्गत जिला धमतरी के ग्राम दुगली में स्थापित वन- धन विकास केंद्र (VDVK) आज महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सफल उदाहरण बन गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र वनोपज के मूल्य संवर्धन के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को रोजगार और सम्मानजनक आय प्रदान कर रहा है।दुगली वन धन विकास केंद्र के स्व-सहायता समूहों के संघ के रूप में कार्य कर रहा है। एक प्रमुख समूह संचालन की जिम्मेदारी संभालता है, जबकि अन्य समूह आवश्यकता और ऑर्डर के अनुसार उत्पादन कार्य में सहयोग करते हैं। केंद्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिला है।केंद्र में वर्तमान में लगभग 25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें हर्बल पाउडर, स्वास्थ्य पेय और अन्य हर्बल उत्पाद शामिल हैं। सभी उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बनाए जाते हैं तथा आयुष और खाद्य सुरक्षा विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त हैं।विशेष रूप से एलोवेरा से तैयार साबुन, क्रीम, बॉडी वॉश और हैंडवॉश जैसे पर्सनल केयर उत्पादों ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे महिलाओं की आय में भी वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनरी सहायता, ब्रांडिंग और विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके परिणामस्वरूप उत्पाद राज्य स्तरीय मेलों, विभागीय नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र का वार्षिक कारोबार 74 लाख 62 हजार 156 रुपए दर्ज किया गया, जो इसकी सफलता को दर्शाता है।'छत्तीसगढ़ हर्बल' ब्रांड के अंतर्गत तैयार उत्पाद अब विभिन्न मार्ट, चयनित आउटलेट्स और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध हैं तथा आयुष विभाग और पर्यटन मंडल को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।दुगली वन धन विकास केंद्र आज केवल एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव की प्रेरक कहानी बन चुका है, जो यह दर्शाता है कि शासकीय योजनाओं और सामूहिक प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया जा सकता है।
- बीजापुर। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 16 एवं 17 फरवरी 2026 को लाइवलीहुड कॉलेज आड़ावाल, जगदलपुर में संभाग स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।रोजगार मेले में जिला बीजापुर के अंतर्गत संचालित शासकीय आईटीआई बीजापुर, भोपालपटनम, उसूर एवं भैरमगढ़ की संस्थाओं से उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी भाग ले सकेंगे। जिन प्रशिक्षणार्थियों ने रोजगार मेले हेतु पूर्व में पंजीयन कराया है, वे अपने समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ मेले में उपस्थित होकर सहभागिता कर सकते हैं। वहीं जिन प्रशिक्षणार्थियों का अब तक पंजीयन नहीं हुआ है वे अपने नजदीकी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई, से संपर्क कर पंजीयन कराकर संभाग स्तरीय रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं।
- -छत्तीसगढ़ के विकास को रफ्तार दे रहा एनएचएआईरायपुर। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अपने गठन के 31वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से विकसित होते राज्य के लिए सड़कें केवल आवागमन का साधन मात्र नहीं हैं, बल्कि ये आर्थिक प्रगति की धमनियां हैं। पिछले वर्षों में एनएचएआई ने राज्य के भौगोलिक नक्शे पर डामर और कांक्रीट से विकास की जो गाथा लिखी है, उसने छत्तीसगढ़ को देश के लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब के रूप में मजबूती से स्थापित किया है। आज छत्तीसगढ़ की सड़कें केवल गंतव्य तक पहुँचने का रास्ता नहीं, बल्कि राज्य के सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।वैश्विक व्यापार की लाइफलाइन - एनएच-53छत्तीसगढ़ से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-53 जो एशियाई मार्ग-46 का एक अभिन्न हिस्सा है, वर्तमान में राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। महाराष्ट्र सीमा से शुरू होकर राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, आरंग और सरायपाली होते हुए ओडिशा सीमा तक फैला यह शानदार फोरलेन खंड राज्य की औद्योगिक क्षमता को वैश्विक पहचान दिला रहा है। इसी मार्ग पर आरंग के पास साल 2019 में महानदी पर बना एक किलोमीटर लंबा छत्तीसगढ़ का पहला भव्य सिक्स-लेन ब्रिज इंजीनियरिंग का एक उत्कृष्ट नमूना है। दुर्ग बायपास से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैला यह राजमार्ग व्यापारिक सुगमता को नई ऊंचाइयां दे रहा है।राजधानी और औद्योगिक केंद्रों का 'गोल्डन लिंक'एनएचएआई ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, न्यायधानी बिलासपुर और ऊर्जाधानी कोरबा को आपस में जोड़ने के लिए अभूतपूर्व कार्य किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के माध्यम से रायपुर- से बिलासपुर और वहां से पथरापाली-कटघोरा तक की फोरलेन सड़क ने सफर के समय को आधा कर दिया है। इसी क्रम में चांपा-कोरबा-कटघोरा खंड (NH-149B) ने कोयला और ऊर्जा क्षेत्र के परिवहन को नई गति प्रदान की है। उत्तर में अंबिकापुर और दक्षिण में धमतरी तक फैले सड़कों के इस जाल ने राज्य के सुदूर कोनों को मुख्य धारा से जोड़ दिया है।रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोरवर्तमान में निर्माणाधीन परियोजनाओं में सबसे महत्वाकांक्षी 'रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर' है। रायपुर से धमतरी और कांकेर होते हुए कोंडागांव के बीच तैयार हो रहा यह 125 किलोमीटर का सिक्स-लेन मार्ग छत्तीसगढ़ को सीधे बंदरगाह से जोड़ेगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता राज्य की पहली 3 किलोमीटर लंबी स्मार्ट टनल (सुरंग) है। यह कॉरिडोर बस्तर के घने वनों के बीच से गुजरते हुए पर्यावरण संरक्षण और आधुनिकता के अद्भुत संगम के रूप में उभर रहा है।फ्लाईओवर और आधुनिक इंटरचेंजराजधानी रायपुर का टाटीबंध चौक, जो कभी अपनी जटिल बनावट के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र था, आज एनएचएआई के इंजीनियरिंग का गौरव है। साढ़े तीन किलोमीटर लंबे स्टैंड-अलोन फ्लाईओवर ने न केवल यातायात को सुगम बनाया है, बल्कि इसे जीरो एक्सीडेंट जोन बनाने की दिशा में भी बड़ी सफलता हासिल की है। इसी तरह बिलासपुर का पेंड्रीडीह इंटरचेंज आधुनिक कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ की ओर जाने वाले भारी वाहनों को बिना किसी बाधा के अपनी मंजिल तक पहुँचाता है।औद्योगिक क्रांति का नया गलियारा - दुर्ग बायपासशहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और यातायात के दबाव को कम करने 92 किलोमीटर लंबा दुर्ग-रायपुर-आरंग बायपास निर्माणाधीन है। सिक्स-लेन का यह मार्ग मुंबई-कोलकाता कॉरिडोर का हिस्सा होगा, जो राज्य में औद्योगिक निवेश के नए द्वार खोलेगा।रायपुर-धनबाद कॉरिडोरछत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच की दूरियां अब बीते दौर की बात होने वाली हैं। 627 किलोमीटर लंबा रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारा इन दो राज्यों के रिश्तों को नई मजबूती देगा। इस कॉरिडोर का 384 किलोमीटर का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। इसके पूर्ण होने से रायपुर से धनबाद का 11 घंटे का सफर मात्र 7 घंटे में सिमट जाएगा, जिससे कोरबा और रायगढ़ के इस्पात एवं कोयला उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।पर्यटन और आस्था की सुगम राहआधुनिक राजमार्गों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा तक पहुँच को अत्यंत सहज बना दिया है। एनएच-53 आज डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी देवी, ऐतिहासिक सिरपुर और बारनवापारा अभयारण्य जैसे प्रमुख स्थलों को जोड़कर पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। इसी प्रकार, एनएच-130 श्रद्धालुओं को रतनपुर स्थित माँ महामाया मंदिर से जोड़ने के साथ-साथ अंबिकापुर के रास्ते छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट के नैसर्गिक सौंदर्य तक पहुँचने का सुगम मार्ग प्रशस्त करता है। वहीं एनएच-30 छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम और गंगरेल बांध को राजधानी से जोड़ता है। बस्तर के पर्यटन केंद्रों तक पहुँचना भी अब बेहद आसान हो गया है। वहीं, एनएच-149बी के माध्यम से कोरबा के सतरेंगा, कोसगाई, मडवारानी और चांपा के प्रसिद्ध कोसा केंद्र व स्थानीय मंदिरों तक पहुँचना अब सुगम हो गया है। अब पर्यटकों को राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से विश्वस्तरीय सड़कों की सुविधा मिल रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की नई संभावनाएं जागृत हुई हैं।सड़कों के साथ संरक्षण और सामाजिक सरोकारएनएचएआई का लक्ष्य केवल कांक्रीट का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करना भी है। इसी कड़ी में बिलासपुर के भेलमुड़ी और रतनपुर में 'केटल शेल्टर' का निर्माण किया जा रहा है। राजमार्गों पर पशुओं की सुरक्षा और उनके संरक्षण की दिशा में यह एक अनूठी और संवेदनशील पहल है, जो सड़क सुरक्षा को भी सुनिश्चित करती है।“मजबूत सड़कें किसी भी राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती हैं। एनएचएआई और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे उद्योग, कृषि, खनन और पर्यटन सभी क्षेत्रों को नई गति मिली है। बेहतर कनेक्टिविटी ने दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है और रोजगार, निवेश व व्यापार के नए अवसर पैदा किए हैं। यही सड़कें आज छत्तीसगढ़ की प्रगति की पहचान बन रही हैं।” - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय“छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग केवल रास्ते नहीं, बल्कि विकास के कॉरिडोर बन चुके हैं। एनएचएआई द्वारा निर्मित आधुनिक सड़कें, फ्लाईओवर और आर्थिक गलियारे शहरों का दबाव कम कर रहे हैं और औद्योगिक निवेश को आकर्षित कर रहे हैं। बेहतर परिवहन व्यवस्था से समय, ईंधन और लागत की बचत हो रही है, जिससे राज्य की आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। यह सड़क नेटवर्क छत्तीसगढ़ के आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव है।” - उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव
- -125 दिन की रोजगार गारंटीरायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी विकसित भारत जी राम जी (वीबी जी राम जी) योजना के अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।अधिकारियों ने बताया कि पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जिसे अब विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत बढ़ाकर 125 दिनों तक किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना है।कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली की जानकारी दी गई। अब जॉब कार्ड और मस्टर रोल का मिलान क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया तथा आवास निर्माण के लिए मिलने वाली किश्तों, मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री और अन्य विभागों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण पूरा करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।रोजगार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत मिलने वाली रोजगार गारंटी की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रही है।कार्यक्रम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता जैसे आधुनिक तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई, जिससे कार्यों की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। इसके अलावा आजीविका डबरी निर्माण के बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया। डबरी निर्माण से मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस में भाग लेकर शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- -साइंस कॉलेज में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का भी होगा शुभारंभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 10 फरवरी को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत राज्य स्तरीय विवाह कार्यक्रम से प्रदेशभर के 6 हजार 412 से अधिक जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह में बंधने वाले नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में “कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का भी शुभारंभ करेंगे। अभियान के प्रथम चरण में 6 माह से 52 माह आयु वर्ग के 40 हजार कुपोषित बच्चों को कवर किया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से होगी, जिसमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं सुकमा जिले शामिल हैं।इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।मुख्य कार्यक्रम राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में प्रातः 11 बजे से 1,316 जोड़ों का विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न होगा। इन विवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 35 हजार रूपए उनके बैंक खातें में सहायता राशि और 15 हजार रूपए की राशि के उपहार सामग्री तथा विवाह के आयोजन में खर्च की जाएगी। इस कार्यक्रम से बलौदा बाजार, धमतरी, दुर्ग, महासमुंद एवं राजनांदगांव जिलों के जोड़े ऑनलाइन माध्यम से राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़ेंगे। शेष जिलों में जिला मुख्यालयों पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संबंधित प्रभारी मंत्री एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में हिंदू रीति से 6,281, मुस्लिम रीति से 3, ईसाई रीति से 113, बौद्ध रीति से 5 तथा बैगा समुदाय के 10 जोड़े विवाह सूत्र में बंधेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से राज्य शासन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान कर रहा है। यह वृहद आयोजन सामाजिक समानता, समरसता एवं जनकल्याणकारी शासन के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है।
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-24,752 किसानों को अलग-अलग योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों से किया लाभान्वित
-अब खेती हुई आसान और मुनाफेदार-ड्रिप, रीपर और सीड ड्रिल से बदली किसानों की तकदीररायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं से प्रदेश के किसान आधुनिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से किसानों को शासकीय अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और उत्पादन बढ़ रहा है। इससे खेती आसान और मुनाफेदार हुई है। जिसके कारण प्रदेश के किसान आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं।बीज निगम द्वारा किसानों को चैम्पस पोर्टल के माध्यम से जुताई, बुआई, रोपाई और कटाई के लिए आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें रोटावेटर, स्वचालित रीपर, पैडी ट्रांसप्लांटर, लेजर लैंड लेवलर, पावर वीडर, मल्चर, थ्रेशर, सीड ड्रिल तथा ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली शामिल हैं।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में बीज निगम द्वारा यंत्रीकरण सबमिशन (कंपोनेंट-1) अंतर्गत 912 किसानों को, शाकंभरी योजना अंतर्गत 3375 किसानों को, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (ड्रिप) अंतर्गत 3821 किसानों को तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (स्प्रिंकलर) अंतर्गत 16,644 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया गया है। इन आधुनिक यंत्रों के उपयोग से किसानों की मेहनत कम हुई है और समय की बचत के साथ उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है। पारंपरिक खेती में जहां अधिक मजदूरी और लागत लगती थी, वहीं आधुनिक यंत्रों से खेती अब कम खर्च में अधिक लाभ देने लगी है।प्रदेश के आदिवासी बहुल क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर संभाग में भी किसान आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त कर रहे हैं। पहले जहां किसान केवल धान की खेती पर निर्भर थे, वहीं अब सब्जी उत्पादन और उद्यानिकी फसलों की ओर भी तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बाहर के बाजारों में भी उत्पाद बेचकर किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।बिलासपुर जिले के किसान नारायण दल्लू पटेल ने बताया कि स्वचालित रीपर से अब एक एकड़ फसल की कटाई 2 से 3 घंटे में हो जाती है, जबकि पहले 10 से 12 मजदूरों के साथ पूरा दिन लगता था। इससे कटाई लागत में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी आई है।रायपुर जिले के किसान हीरालाल धनुराम साहू ने बताया कि रोटावेटर से खेत की तैयारी कुछ ही घंटों में हो जाती है। पहले जहां 3 से 4 दिन लगते थे, अब कम समय में खेत तैयार हो जाता है, जिससे उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के किसान लेखूराम कैलाश छेदइया ने बताया कि सीड ड्रिल से बोआई करने पर बीज की 15 से 25 प्रतिशत तक बचत हुई है तथा उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।बीज निगम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। निगम की इस पहल से प्रदेश के किसान तकनीकी रूप से सशक्त होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत बन रहे हैं और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में सहभागी बन रहे हैं। - रायपुर / जिले के समस्त शासकीय विभागों एवं जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज कलेक्टर परिसर स्थित रेड क्रॉस भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली प्रातः 10.00 बजे से दोपहर 01.00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02.00 बजे से सायं 05.00 बजे तक आयोजित की गई। प्रशिक्षण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नामांकित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से प्रदान किया गया।इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न कार्यालयों से लगभग 300 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए, जिन्हें ई-ऑफिस प्रणाली के उपयोग, फाइल प्रबंधन, ऑनलाइन प्रक्रियाओं एवं डिजिटल कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण कार्यक्रम ई-ऑफिस के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्रीमती तुलसी राठौर, डिप्टी कलेक्टर तथा ई-जिला प्रबंधक रायपुर सुश्री कीर्ति शर्मा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, त्वरित निपटान एवं कागज रहित कार्यालय प्रणाली को बढ़ावा देना है, जिससे प्रशासनिक कार्यों की दक्षता में और अधिक सुधार हो सके।
- -*मरीन ड्राइव एम्फीथिएटर में विद्यार्थियों ने बिखेरा हुनर, बच्चों से वरिष्ठों तक ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां*रायपुर / कला और संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में रायपुर शहर में एक सराहनीय पहल देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित कला केंद्र रायपुर आज स्थानीय प्रतिभाओं के लिए एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में 8 फरवरी को तेलीबांधा स्थित मरीन ड्राइव के ओपन एम्फीथिएटर में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने शहरवासियों को कला के रंगों से सराबोर कर दिया।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह की दूरदर्शी सोच से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य शहर के युवाओं एवं नागरिकों को कला की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराना है। मात्र 500 रुपये के नाममात्र शुल्क पर संचालित यह केंद्र बिना किसी आयु सीमा के सभी के लिए खुला है, जिससे हर वर्ग के लोग अपनी प्रतिभा को निखार पा रहे हैं।कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर नगर निगम रायपुर की संस्कृति उप आयुक्त डॉ अंजली शर्मा की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।मंच पर कला केंद्र के विद्यार्थियों ने वायलिन, तबला, हारमोनियम, सुगम संगीत, गायन, कथक एवं वेस्टर्न डांस जैसी विविध प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खास बात यह रही कि बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के कलाकारों ने आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति दी, जिससे यह संदेश मिला कि कला किसी उम्र की मोहताज नहीं होती।कार्यक्रम का संचालन निष्ठा जोशी, देवाशीष पटेल, राहुल ठाकुर, संदीप तथा कला केंद्र की पूरी टीम ने सफलतापूर्वक किया। कला केंद्र रायपुर अब शहर की उभरती प्रतिभाओं के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। ऐसे आयोजनों से न केवल परफॉर्मिंग आर्ट्स को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि युवा पीढ़ी संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से भी जुड़ रही है। साथ ही यह पहल रायपुर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम कासौली (विकासखंड दंतेवाड़ा) के प्रगतिशील किसान श्री सुरेश कुमार नाग को आईबीसी 24 द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘भुइयां के भगवान’ सम्मान से नवाजा गया है। 06 फरवरी 2026 को आयोजित कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह उपलब्धि दंतेवाड़ा जिले के किसानों के लिए गर्व का विषय है।श्री सुरेश कुमार नाग लंबे समय से जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों को समझते हुए अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया और जीवामृत, घन-जीवामृत तथा नीमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक उपायों को अपनाया। इसके अच्छे परिणाम मिलने के बाद उन्होंने अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा किए, जिससे आसपास के कई किसान भी प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित हुए।श्री नाग 100 से अधिक परंपरागत धान की किस्मों के संरक्षण का कार्य भी कर रहे हैं। इसके साथ ही श्री विधि से रागी और कोसरा की खेती जैसे नवाचारों को अपनाकर जिले में प्राकृतिक खेती को नई दिशा दी है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को श्री नाग जैसे किसानों ने जमीन पर सफल बनाया है। उनकी इस उपलब्धि पर किसानों, कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सुरेश कुमार नाग जैसे किसान समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जो खेती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री नाग ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी किसानों को समर्पित है, जो प्राकृतिक खेती अपनाकर धरती और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं।सुरेश कुमार नाग को मिला यह सम्मान दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और इससे युवाओं में खेती के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होने की उम्मीद है।
- बिलासपुर /महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का आयोजन 10 फरवरी को स्व. श्री बीआर यादव बहतराई स्टेडियम में किया जाएगा। विवाह कार्यक्रम में 175 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। कार्यक्रम में प्रत्येक हितग्राही जोड़े को उपहार स्वरूप 35 हजार की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही परिवहन हेतु 1 हजार एवं विवाह के लिए वस्त्र, मंगलसूत्र एवं श्रृंगार सामग्री भी दी जाएगी।
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-26 निजी कंपनियों द्वारा 4 हजार पदों पर होगी भर्ती
बिलासपुर /राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 12 एवं 13 फरवरी को सवेरे 10 बजे से शाम 4 बजे तक आईटीआई कोनी में संभाग स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। 26 निजी कंपनियों द्वारा फायनेंस, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट, मेडिकल व फार्मेसी, सोलर एनर्जी, टेक्सटाईल इंडस्ट्री, सर्विस टेक्निकल, मेनुफैक्चरिंग, सिक्यूरिटी सर्विस, इंश्योरेंस, आटोमोबाईल, ज्वेलेरी जैसे क्षेत्रों में लगभग 4 हजार पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए रोजगार पंजीयन, ई रोजगार पोर्टल में आवेदक का ऑनलाईन मेला पंजीयन होना अनिवार्य है। इच्छुक आवेदक आधार कार्ड, फोटो, बायोडाटा एवं निर्धारित शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ रोजगार मेले में शामिल हो सकते है। मेले में शामिल होने एवं रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी www.erojgar.cg.gov.in एवं छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप से प्राप्त कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय कोनी से भी संपर्क किया जा सकता है।
















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