- Home
- छत्तीसगढ़
- -जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में हुआ कार्यक्रम का आयोजन’-’विधायक ने योगाभ्यास भवन के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की’रायपुर। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंगेली जिला मुख्यालय स्थित आदर्श कृषि उपज मंडी परिसर में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ जीवन की आधारशिला बताते हुए सभी को इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। उन्होंने योगाभ्यास के लिए समर्पित भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।विधायक श्री मोहले ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कार्यक्रम में योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले योगाचार्यों एवं प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पांडेय ने सभी नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ समाज की मजबूत नींव बताया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मानव शरीर अमूल्य है और इसे स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नियमित योग आवश्यक है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार, जिला अध्यक्ष श्री दीनानाथ केशरवानी, श्री शैलेश पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। योगाचार्य श्री विवेक केशरवानी, श्री पुरुषोत्तम जायसवाल एवं अन्य प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया।
- -12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को दुर्ग जिला मुख्यालय में खालसा पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पद्मश्री से सम्मानित श्रीमती उषा बारले, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक सांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष संपूर्ण देश में ’’योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ के लिए योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग का जीवन में बड़ा महत्व है। योग ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे शारीरिक एवं बौद्धिक विकास संभव है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि योग जीवन जीने की प्राचीन परम्परा है। आज योग को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से पूरी दुनिया योग के महत्व को समझ रही है। उन्होंने कहा कि 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज विश्व के अनेक देशों में मनाया जा रहा है। योग प्रशिक्षक प्राची भट्टाचार्य एवं डिलिमा मजूमदार ने कपालभाति प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, शिति प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम सहित योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने ओम् के सुमधुर उच्चारण और शांति पाठ वाचन के साथ योगाभ्यास का समापन किया।
- -12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीजी कॉलेज डोम में हुआ सामूहिक योगाभ्यास-निरोगी काया और स्वस्थ चित्त का सदियों पुराना आधार है योग- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर। 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कबीरधाम जिले के पी. जी. कॉलेज कवर्धा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के रूप में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल हुए। जहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र छात्राओं और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जिनकी पहल से भारत की सदियों पुरानी हमारी स्वस्थ जीवन शैली की यह कला आज पूरे विश्व में अपनायी जा रही है। 12 वर्ष पूर्व अपने निर्वाचित होते ही उन्होंने योगा दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर मनाने का आह्वान किया था, जिसे 170 देशों ने समर्थन दिया है। आज प्रधानमंत्री श्री मोदी 12 वर्षों के कार्यकाल के साथ सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री है, इसी के साथ यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भी 12 वां वर्ष है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आगे कहा कि आज हमारे ऋषि मुनियों के पुण्य स्मरण का अवसर है, हम उनके सदा आभारी रहेंगे जिन्होंने सेहत के इस बहुमूल्य कला विकसित किया और हमें विरासत के रूप में सौंपा है। यह एक प्रमाणित विद्या है, जो सदियों से हमारे जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने नियमित रूप से योगाभ्यास पर जोर देते हुए कहा कि योग निरोगी काया के साथ स्वस्थ चित्त का आधार है। सभी वर्ग के लोगों ने इसे अपनाया है। पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक श्री सुरेश चन्द्रवंशी व अन्य प्रशिक्षकों ने योगाभ्यास कराया। प्रार्थना के साथ योग सत्र का आरंभ हुआ। योग प्रशिक्षकों ने अभ्यास सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, वक्रासन, भुजंगासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, उत्तानपाद आसन, पवन मुक्तासन, प्राणायाम सहित अन्य विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया और इनके लाभ के बारे में जानकारी दी गई। अंत ध्यान और प्रार्थना के साथ सत्र का समापन हुआ।इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री नितेश अग्रवाल, श्री गोपाल साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को सभी कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश-नागरिकों को सुविधाएं मिलने में न हो देरी - श्री अरुण सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने रविवार को दुर्ग में निर्माणाधीन नालंदा परिसर, इंदिरा मार्केट के पास मल्टी-लेवल पार्किंग एवं उरला में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रगतिरत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों से कार्यों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाते हुए तीनों कार्यों को अच्छी गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में देरी नहीं होना चाहिए। इनमें देरी से नागरिकों को सुविधाएं मिलने में देरी होती है। श्री साव के कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, महापौर श्रीमती अलका बाघमार और नगर निगम के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल भी मौजूद थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेकाराज्यपाल श्री रमेन डेका रविवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संदेश का वाचन किया एवं सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।अपने संबोधन में राज्यपाल ने बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पूरा छत्तीसगढ़ इस ऐतिहासिक अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहने की कामना की।श्री डेका ने प्रदेशवासियों से कहा कि योग को जीवनशैली में शामिल करें, प्रतिदिन योगाभ्यास की आदत बनाए और बच्चों को भी इसकी आदत डाले जिससे उनका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और वे भविष्य में देश के अच्छे नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन और भावनाओं को सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस अवसर पर श्री डेका ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।योगाभ्यास कार्यक्रम में विधायकगण सर्वश्री पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, सुनील सोनी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर रायपुर श्री संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।
- रायपुर ।अंतर्राराष्ट्रीय योग दिवस केे अवसर पर रविवार को लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया।योगाभ्यास में राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू सहित लोकभवन के अधिकारी, कर्मचारी शामिल हुए।ईशा फाउंडेशन के योग प्रशिक्षक श्री रितेश प्रधान ने योग नमस्कार का अभ्यास कराया। वहीं योग आयोग के प्रशिक्षक श्री भोजराज साहू, श्री अशोक साहू, श्री धनश्री साहू, श्री दीनू राम साहू एवं श्री तुषार साहू ने योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया।
- नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राजपत्र में अधिसूचना का प्रकाशनरायपुर।. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव द्वारा बिलासपुर जिले के कोटा नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने की घोषणा पूरी हो गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोटा के नगर पंचायत से नगर पालिका में उन्नयन के संबंध में अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। विभाग द्वारा प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत कोटा की सीमाएं ही नगर पालिका कोटा की सीमाएं होंगी।
- -सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई, अहमदाबाद में होगा किडनी प्रत्यारोपणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के गंभीर किडनी रोगी श्री जितेन्द्र कुमार यादव (44 वर्ष) को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके उपचार एवं किडनी प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख 95 हजार 121 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी श्री जितेन्द्र कुमार यादव गंभीर किडनी रोग से पीड़ित हैं और उन्हें रेनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके परिवार को उपचार कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने त्वरित संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि अहमदाबाद (गुजरात) स्थित जी.आर. दोशी एवं के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर में किडनी प्रत्यारोपण, उपचार तथा आवश्यक दवाइयों के लिए मंजूर की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जीवनरक्षक उपचार के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस सहायता से मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से अब आवश्यक उपचार संभव हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।
-
- स्थानीय जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान को मिला सम्मान
-नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा सोनपुर– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-उप मुख्यमंत्री ने 7.5 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा कीरायपुर / कबीरधाम जिले के ग्राम गधहाभाटा का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने ग्राम सोनपुर पहुंचकर ग्रामवासियों को राजपत्र की प्रति सौंपते हुए बधाई दी। इस दौरान ग्राम विकास के लिए उप मुख्यमंत्री ने 7 लाख 50 हजार रुपए के कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। उन्होंने सामुदायिक भवन मरम्मत के लिए 2.50 लाख रुपए, किचन निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, गौठान समतलीकरण के लिए 1 लाख रुपए तथा पचारी निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए की घोषणा की।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि अब यह नाम सरकारी अभिलेखों और वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा। साथ ही ग्रामवासियों से अपील की कि वे भी अपने व्यवहार और दैनिक उपयोग में नए नाम ‘सोनपुर’ को अपनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव की पहचान कर सकें। अब नई पहचान के साथ सोनपुर आगे बढ़ेगा।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल पहचान नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय इतिहास, संस्कृति और जनभावनाओं से जुड़े होते हैं। ‘सोनपुर’ नाम परिवर्तन ग्रामवासियों के आत्मसम्मान और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने वाला सकारात्मक कदम है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में एक अन्य गांव चांडालपुर का नाम भी बदलकर चंदनपुर किया गया है तथा उसका प्रकाशन भी राजपत्र में किया जा चुका है। ग्राम वासियों ने भी उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा का ग्राम को नई पहचान दिलाने में पहल करने के लिए आभार व्यक्त किया।इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास प्लस नवीन सर्वे की स्थायी सूची के लिए 24 जून को विशेष ग्राम सभा में ग्राम पंचायत स्तर पर वाचन किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके, इस अवसर पर उन्होंने सभी को ग्राम सभा में अवश्य जाने की अपील की। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, पिपरिया नगर पंचायत अध्यक्ष श्री घुरवा राम साहू, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। -
बिलासपुर. गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने अंक तालिका, डिग्री प्रमाणपत्र और आधिकारिक बातचीत में 'इंडिया' शब्द की जगह 'भारत' शब्द का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल ने शनिवार को यह जानकारी दी।
चक्रवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय की स्थायी समिति ने करीब छह महीने पहले इस बारे में एक प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने कहा, ''धीरे-धीरे अंक तालिका, डिग्री और आधिकारिक बातचीत में 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा।''कुलपति ने बताया कि अभी विश्वविद्यालय की अंक तालिका और डिग्री प्रमाणपत्र में अंग्रेज़ी में 'इंडिया' और हिंदी में 'भारत' लिखा होता है। नए फैसले के तहत, अंग्रेज़ी में लिखे 'इंडिया' की जगह भी 'भारत' लिखा जाएगा। चक्रवाल ने कहा कि अंक तालिका और डिग्री प्रमाणपत्र का मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद यह बदलाव लागू किया जाएगा। इस कदम के पीछे की वजह बताते हुए कुलपति ने 2023 में भारत की मेज़बानी में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान 'भारत' शब्द के इस्तेमाल का ज़िक्र किया।उन्होंने कहा, ''पिछले साल जी 20 बैठकों के दौरान, माननीय राष्ट्रपति ने आधिकारिक रात्रिभोज के निमंत्रण में 'भारत' शब्द का इस्तेमाल किया था। जब देश का सबसे बड़ा संवैधानिक पद इस परंपरा का पालन करता है, तो हम भी ऐसा ही कर रहे हैं। यह हमारी परंपरा का मामला है। चक्रवाल ने कहा कि 'भारत' शब्द की जड़ें भारतीय सभ्यता और संस्कृति में बहुत गहरी हैं। उन्होंने कहा, ''ऐतिहासिक रूप से, आर्यावर्त और जंबूद्वीप वाले इलाके को 'भारत' कहा जाता रहा है। 'इंडिया' नाम विदेशियों ने अपनी सुविधा के लिए दिया था। हमें इस बात से प्रभावित होने की ज़रूरत नहीं है कि बाहरी लोग क्या सोचते थे। हमारी संस्कृति और परंपरा में देश को हमेशा 'भारत' कहा गया है, और हम उसी परंपरा को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।''
चक्रवाल ने कहा कि समय के साथ लोगों ने अपनी समझ के हिसाब से देश के लिए अलग-अलग नामों का इस्तेमाल किया है, और वे उन व्याख्याओं पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। इस बीच, रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और बिलासपुर में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय समेत राज्य के कुछ विश्वविद्यालयों के अधिकारियों ने कहा कि उनके संस्थानों ने अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और इस बारे में अधिकारियों की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
- रायपुर, । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वाधान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में अधिकारियों कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों कर्मचारियों की रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा आपसी समन्वय और सौहार्द को बढ़ावा देना था।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक उत्पादन श्री एस के कटियार,प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन श्री आरके शुक्ला ,प्रबंध निदेशक डिस्ट्रीब्यूशन श्री भीम सिंह कंवर उपस्थित थे। प्रबंध निदेशकों ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन कर्मचारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा कार्यस्थल पर बेहतर सामंजस्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सांस्कृतिक संध्या में कंपनी के विभिन्न कार्यालयों एवं इकाइयों से कुल 25 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान 16 प्रतिभागियों ने गायन प्रतियोगिता में अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मन मोह लिया, वहीं 9 प्रतिभागियों ने नृत्य प्रस्तुत कर अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यपालक निदेशक वित्त श्री एम एस चौहान ने रूप तेरा मस्ताना गीत पर सैक्सोफोन वाद्य यंत्र के माध्यम से एक मधुर प्रस्तुति देखकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस समावेशी कार्यक्रम में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी से लेकर कार्यपालक निदेशक पद के कलाकारों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।इस अवसर पर प्रतिभागियों ने हिंदी फिल्मी गीतों तथा पारंपरिक एवं आधुनिक नृत्य शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री के एस मनोठिया श्री संजय पटेल, मुख्य अभियंता श्री प्रसन्ना गोसावी एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री श्रीनिवास राव विशेष रूप से उपस्थित थे।
- रायपुर। समता कॉलोनी , रायपुर निवासी श्रीमती बिन्नी शर्मा का शनिवार रात्रि निधन हो गया। वे स्व. डॉक्टर सत्येंद्र मोहन शर्मा की धर्मपत्नी तथा प्रख्यात आयुर्वेद चिकित्सक व मिश्रा फार्मेसी के संचालक स्व. कविराज डॉक्टर छगन लाल शर्मा की बहू , क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ( सेवानिवृत खनिज अधिकारी) , राजेश शर्मा , रंजना पांडेय और अर्चना तिवारी की मां थीं। उनकी अंतिम यात्रा रविवार को प्रात: 10 बजे उनके समता कॉलोनी स्थित निवास स्थान से महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम के लिए निकलेगी।
- -अब फोन आधारित शिक्षण से पूरे जिले के बच्चों को मिलेगा गणित सीखने का अवसर-फरसाबहार में मिली सफलता के बाद जिले के सभी विकासखंडों में होगा विस्ताररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, पूछा— क्या-क्या सीखे हो?कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस प्रकार लाभ हुआ।ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है।बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।जिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया।बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही।डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला।पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।“साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें” की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -कुनकुरी में जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन हेतु हुआ महत्वपूर्ण अनुबंध, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजाररायपुर । किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए।उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया।कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान श्री महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान श्री सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान श्री विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक श्री गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी।उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24×7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है। कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -39 दुर्गम गांवों में पहुंचा 3 महीने का एडवांस राशनरायपुर, / बस्तर के दुर्गम और धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ इलाके में भारी बारिश के दौरान भी ग्रामीणों को राशन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान पहुंचविहीन होने वाले क्षेत्रों के लिए पुख्ता रणनीति तैयार की है। जिले की सभी 39 पहुंचविहीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों में तीन महीने का खाद्यान्न (राशन) एडवांस में भंडारित कर दिया गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम में खाद्यान्न वितरण किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए। इस पूरी व्यवस्था की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन केवल राशन भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि तैनात किए गए नोडल अधिकारी खुद नदी-नाले पार कर इन सुदूर केंद्रों में पहुंच रहे हैं और राशन की बोरियों की गिनती (भौतिक सत्यापन) कर रहे हैं।कलेक्टर के निर्देशानुसार, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक व नोडल अधिकारी ने ओरछा विकासखंड के बेहद संवेदनशील और अंदरूनी ग्राम पंचायत हांदावाड़ा के बेड़मापारा राशन दुकान का औचक निरीक्षण किया। अधिकारी ने मौके पर जाकर तीन माह के लिए सुरक्षित रखे गए खाद्यान्न के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। सुरक्षा मानकों और भंडारण व्यवस्था को बारीकी से देखने के बाद वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली गई। खाद्य विभाग के मुताबिक, जिले की सभी 39 दुर्गम क्षेत्रों के दुकानों में 100 प्रतिशत अग्रिम भंडारण का काम समय से पहले पूरा कर लिया गया है। भंडारण और वितरण व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों की दुकानवार ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भौगोलिक रूप से बेहद कठिन इस क्षेत्र में बारिश के दिनों में कई नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं, जिससे संपर्क टूट जाता है। इस अग्रिम कदम से अब अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के राशन पहुंचेगा।प्रशासन की इस मुस्तैदी से अबूझमाड़ के आश्रित गांवों के हजारों राशन कार्डधारियों ने राहत की सांस ली है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भौगोलिक चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों का हक उन तक हर हाल में पहुंचेगा।
- -एक दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को मिला आधिकारिक प्रमाण-पत्ररायपुर। पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख श्रीमती सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी श्री शशि कुमार ने प्राप्त किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में हुए शामिल- युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन- असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े- भारतीय लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव किए साझाराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज जिला प्रशासन द्वारा पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, सोच एवं धैर्य की आवश्यकता होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने अध्ययन कक्ष की दीवारों पर लिखें कि आईएएस अधिकारी बनना है, तो प्रतिदिन इसे देखकर मन में विश्वास जाग्रत होगा कि मन में जो संकल्प लिया है, वह पूरा करना है। उन्होंने कार्यक्रम में आए यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी ने जीवन में इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है और धरातल से उपर उठकर रोल मॉडल बने हैं। उन्होंने यूपीएससी 2025 में चयनित श्री संजय संजय डहरिया का जिक्र करते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष करते हुए यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना उनकी जीवटता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति का अद्भूत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी सफल अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत एवं इच्छाशक्ति से सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यदि कभी असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े, तो सफलता जरूर हासिल होगी। भारत रत्न, मिसाईल मैन एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम पायलट बनना चाहते थे, लेकिन वे असफल रहे। बाद में वे वैज्ञानिक एवं मिसाईल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने और उनकी पायलट बनने की इच्छा भी पूरी हुई। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, हैरी पॉटर किताब की लेखिका जेके रोलिंग्स एवं थॉमस एडिशन का उदाहरण देते हुए बताया कि असफलता के बावजूद उन्होंने बाद में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने सभी युवाओं से कहा कि अपनी ऊर्जा एवं क्षमता से परीक्षा की तैयारी करें, सफलता जरूर मिलेगी।- एकाग्रचित होकर करें पढ़ाई : आईजी श्री बालाजी राव- दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैंपुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव ने कहा कि यूपीएससी की कठिन परीक्षा में एकाग्रचित होकर पढ़ाई करें। आपकी सफलता के पीछे, अभिभावक, शिक्षक एवं मित्रों का योगदान होता है। तैयारी के दौरान अनिश्चिता भरे जीवन में दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैं और इस प्रक्रिया से गुजरते हुए जिम्मेदार पदों पर पहुंचते हैं, जिससे दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ पढऩे के लिए कहा।- जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को करें साकार : कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव- यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए, युवा शिद्दत के साथ करें मेहनतकलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए युवाओं की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। यूपीएससी की तैयारी के लिए आज यहां ऐसे युवा अभ्यर्थी मौजूद है, जिन्होंने अपने जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को साकार किया है तथा सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए है। युवा इस परीक्षा के लिए शिद्दत के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी हार नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में होने के बावजूद, ऐसे चयनित अभ्यर्थी भी हैं, जिन्हें सीमित संसाधन होने के बावजूद बेहतरीन परिणाम मिले हैं। केवल मेहनत करना पर्याप्त नहीं है, सही रणनीति के साथ अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि एक पंक्ति इंसान के जीवन को बदल सकती है। हमेशा सकारात्मक रहते हुए अच्छे विचारों से प्रेरित होकर अध्ययन करें।- योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं : एसपी सुश्री अंकिता शर्मापुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने कहा कि अनुकुलता में सभी सफल होते हैं, योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं। उन्होंने अपने पिता का स्मरण करते हुए कहा कि वह अपने पिताजी का नाम रौशन करना चाहती थी। तैयारी के दौरान जेहन में यह विचार था कि किसी भी कार्य के लिए कोई न कोई व्यक्ति पहला होता है, तो क्यों न आईपीएस ऑफिसर बनकर पहला मैं बनूं।- कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा : डीएफओ श्री आयुष जैनवनमंडाधिकारी श्री आयुष जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वनमंडलाधिकारी वन के संरक्षक होते हैं। यह सौभाग्य की बात है कि मुझे प्रकृति के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिताजी के प्रेरित करने पर आईएफएस की तैयारी की। अपनी इस यात्रा के दौरान कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा है।- कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से मिलती है सफलता : श्री अनुज अग्निहोत्रीयूपीएससी सीएसई 2025 में प्रथम रैंक प्राप्त करने वाले श्री अनुज अग्निहोत्री वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने बताया कि वे डॉक्टर है और सिविल सेवा के लिए उन्होंने लगातार तैयारी की और तीसरे प्रयास में सफल हुए और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप इस सेवा में क्यों और कैसे आना चाहते है, इसके लिए विचार स्पष्ट होना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से सफलता मिलती है। सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से अध्ययन करेंगे तो भाग्य भी साथ देता है।- अनुशासित एवं अपग्रेड रहकर करें तैयारी : श्री राघव झुनझुनवालायूपीएससी सीएसई 2025 में चौथा रैंक प्राप्त करने वाले श्री राघव झुनझुनवाला ने बताया कि कि वित्तीय समावेशन के लिए कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कार्य से संतोष मिला और सिविल सेवा के प्रति उनका झुकाव बढ़ा। उन्होंने कहा कि अनुशासन का चयन करें प्रेरणा का नहीं क्योंकि प्रेरणा अस्थायी होती है। रियल टाईम में अपने आप को अपग्रेड करते हुए अनुशासन एवं प्रेरित होकर कार्य किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ यूपीएससी ही नहीं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दें सकते हैं। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, श्री रतन कर, श्री सुंदर पचाई जैसे विभिन्न हस्तियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अपने कैरियर चयन के लिए ईमानदार रहें।- प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए : श्री दिशांत निसार- अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिएयूपीएससी सीएसई 2025 में 19वां रैंक प्राप्त करने वाले श्री दिशांत निसार ने बताया कि सिविल सेवा की तैयारी में अधिक प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कच्छ जिले से हैं और उन्होंने कौशल विकास तथा कृषि के क्षेत्र में जमीन से जुड़कर कार्य किया। जिससे उन्हें वास्तविक तौर पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद मिली। इस दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा एवं संभावनाओं की तलाश की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए। इसके साथ ही अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए पढ़ाई के लिए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी में कंटेट बहुत अधिक होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति होती है तथा एआई के माध्यम से सभी विषय की तैयारी नहीं की जा सकती, इसलिए चयनित किताबों से अध्ययन करें।- यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण : सुश्री वैभवी अग्रवाल- परिणाममूलक तैयारी से मिलती है सफलतायूपीएससी सीएसई 2025 में 35वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री वैभवी अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण है। जिसके माध्यम से प्रतिदिन की दिनचर्या में हम अपने विचारों को क्रियान्वित कर सकते हैं तथा पढ़ाई को अनुशासन से सही दिशा में ले जा सकते है। परीक्षाओं की परिणाममूलक तैयारी से सफलता मिलती है। उन्होंने युवाओं को अपने डेली रूटीन में अनुशासन का पालन करने, मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मार्निंग वॉक करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई का आनंद लीजिए तथा इसके लिए शत-प्रतिशत मेहनत कीजिए। उन्होंने कहा कि डरे नहीं डर के आगे जीत है। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें पढऩे कहा, विभिन्न विषयों के संबंध में जानकारी दी एवं स्वयं के नोट्स बनाने कहा।- अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें : सुश्री सुष्मिता सिंहयूपीएससी सीएसई 2025 में 32वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री सुष्मिता सिंह ने बताया कि उन्होंने कम्प्यूटर साईंस से इंजीनियरिंग किया है। उन्होंने बताया कि सही रणनीति एवं विचार के साथ सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि करेन्ट अफेयर्स के लिए उन्होंने सामाचार पत्र पढऩा जारी रखा। यूपीएससी के पहले के प्रश्र पत्र को हल करना तथा मॉक टेस्ट मददगार रहे। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास से कुशलता प्राप्त होती है और अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें। अध्ययन के दौरान पढ़ाई के प्रति वैसी ही तीव्रता एवं जूनून होना चाहिए, जैसे अपने शुरूआती दौर में रहा था।- योजनाबद्ध तरीके से होनी चाहिए पढ़ाई : सुश्री दर्शना सिंह बघेलयूपीएससी सीएसई 2025 में चयनित सुश्री दर्शना सिंह बघेल ने कहा कि उन्होंने आईआईटी कानपुर से बी-टेक किया है और वे ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों, मित्रों एवं सभी का सहयोग मिला। उन्होंने युवाओं से कहा कि सही तरीके से पढ़ाई करने के लिए शार्ट टर्म एवं लंाग टर्म प्लान होना चाहिए। आगामी छह माह तक पढ़ाई एवं रिविजन के लिए योजना होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ एवं तनाव मुक्त रहने के लिए विभिन्न गतिविधियों तथा अपने जीवन में हॉबी को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक समय पर एक ही कार्य करें। तैयारी के दौरान यह याद रखें कि आप क्यों इस सेवा में आना चाहते है।- कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद हुए सफल- जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते : श्री संजय डहरियायूपीएससी सीएसई 2025 में 946 रैंक प्राप्त करने वाले श्री संजय डहरिया ने बताया कि वे महासमुंद ग्राम बेलटुकरी के रहने वाले है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद जीवन में कई उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की और सफल हुए। एक समय मन में यह भी ख्याल आया की जिंदगी रहेगी कि नहीं। उन्होंने कहा कि नियत अच्छी रखें तो ईश्वर भी मदद करते है। जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते हैं। असफलता मिलने पर हताश न हो और अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयारी जारी रखें। उन्होंने श्री अर्जुन सिसोदिया की पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बहुत अभागे होंगे या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगे।- विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता की भी होती है परीक्षा : श्री अजय गुप्तारायगढ़ के यूपीएससी 2025 में 452 रैंक में चयनित श्री अजय गुप्ता ने कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना संभव है, बशर्ते व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, सही दिशा में मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा हो। उन्होंने बताया कि वे रायगढ़ जिले के हैं और ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े हैं। उच्च शिक्षा के दौरान मिले नए वातावरण और सफल लोगों के संपर्क ने उनके भीतर यह विश्वास जगाया और उन्हें महसूस हुआ कि अन्य लोग सफल हो सकते हैं तो वे भी अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी तैयारी को तथ्यों के आधार पर व्यवस्थित करें और समय का उपयोग प्राथमिकताओं के अनुसार करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल ज्ञान की नहीं बल्कि विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता और समस्या समाधान कौशल की भी परीक्षा होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को कॉलेज के आयोजनों में सक्रिय रहकर भाग लेना चाहिए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।- सफलता के लिए बड़ा सोचें, पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें : एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गवएसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गव ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत के साथ-साथ एक्सपोजर और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ और बाद के प्रयासों में भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास और धैर्य के बल पर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने कहा कि असफलताएं सीखने का अवसर देती हैं और कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दायरे से बाहर निकलकर नए लोगों और नए परिवेश से जुडऩे का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम व्यापक अनुभव प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक हमारी सोच सीमित रहेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच रहकर उन्हें यह समझ आया कि आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए बड़ा सोचें, मानसिक बाधाओं को दूर करें और पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों एवं युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रशांत कोडापे, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री भरत वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस श्रीमती वैशाली जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित थे।
- - उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंमहासमुंद / माँ महामाया स्पोर्ट्स एंड डिफेंस एकेडमी (निःशुल्क सैन्य प्रशिक्षण केंद्र) महासमुंद में प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय थलसेना में अग्निवीर के रूप में चयनित युवाओं का कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।सम्मान समारोह में कलेक्टर श्री लंगेह ने युवाओं को राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पित रहने और अनुशासन, मेहनत तथा लगन के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने एकेडमी के महिला सेना, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को भी प्रेरित करते हुए सफलता के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्री मनोज कुमार खांडे ने सेना के सिपाही से लेकर शिक्षक, फूड इंस्पेक्टर और डिप्टी कलेक्टर बनने तक के अपने जीवन अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षा, खेल, समय प्रबंधन और शिष्टाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभ्यर्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।समारोह में एकेडमी के संचालक एवं आर्मी एडवेंचर ट्रेनर श्री पुरुषोत्तम डनसना (पूर्व सैनिक), श्री चन्द्रहास साहू (शारीरिक/खेल एवं एनसीसी शिक्षक) तथा फॉर्च्यून नेत्रहीन विद्यालय बागबाहरा के संचालक श्री निरंजन साहू,सम्मानित अग्निवीरों में सरायपाली से रूपधर नेताम, छिंदपाली से ओमप्रकाश गड़तिया, नवरंगपुर से उमेश निषाद, अरेकेल, बसना से गनेसर साव, बागबाहरा से कमल दिवान एवं अचानकपुर से चूड़ामणि पटेल सम्मानित हुए।समारोह में महिला सेना, पुलिस एवं विभिन्न सुरक्षा विभागों की तैयारी कर रही अभ्यर्थी रुपेश्वरी, डोमेश्वरी, ईश्वरी, टिनम, लक्ष्मी, पूजा, लीना, खुशी और दुलारी सहित पुरुष अभ्यर्थी मेघराज, आशीष, आदित्य, त्रिलोक और निखिल भी शामिल हुए। उन्होंने चयनित अग्निवीरों से सफलता के सूत्र सीखे और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
- महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार से अधिक किसानों के खाते में पहुंचे 25.23 करोड़ रुपएमहासमुंद / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 23वीं किश्त की राशि का हस्तांतरण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वेबकास्ट के माध्यम से पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, जिला हुगली से किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर, महासमुंद में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत महासमुंद जिले के 1 लाख 26 हजार 154 किसानों के बैंक खातों में कुल 25 करोड़ 23 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन एवं किश्त हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा।कार्यक्रम में विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष श्री ऐतराम साहू, उपाध्यक्ष नगरपालिका परिषद श्री देवीचंद राठी, जनपद पंचायत महासमुंद उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चन्द्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।कार्यक्रम में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के महत्व, कृषि विकास एवं शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
- महासमुंद / केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत ग्राम पंचायत छिबर्रा निवासी स्वर्गीय श्रीमती जमुना बाई दिवान के नामांकित हितग्राही को 2 लाख रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। श्रीमती जमुना बाई दिवान का 28 मार्च 2026 को निधन हो गया था। उनके नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिथौरा में बैंक खाता संचालित था, जिसमें श्री किशन दिवान को नॉमिनी के रूप में नामांकित किया गया था।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत सामान्य मृत्यु होने पर पात्र नॉमिनी श्री किशन दिवान को 2 लाख की बीमा सहायता राशि स्वीकृत कर प्रदान की गई। इस सहायता राशि से परिवार को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है। बीमा दावा प्रक्रिया के सफल निराकरण में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिथौरा के शाखा प्रबंधक श्री ज्ञान रंजन खुटे का विशेष योगदान रहा। साथ ही जनपद पंचायत के अधिकारी श्री डी.एल. बरिहा बीपीएम, श्री कृष्णा दिवान पीआरपी, श्री आबिद अली एफएलसीआरपी, श्रीमती गायत्री यादव एवं बैंक मित्र श्रीमती पदमा पैकरा द्वारा भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।जिला अग्रणी बैंक कार्यालय, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता एवं जनजागरूकता शिविरों के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कम प्रीमियम में मिलने वाली यह बीमा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए कठिन समय में आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।
- -ड्रोन पायलट प्रशिक्षण हेतु महिला कृषकों का दल जशपुर से रायपुर रवाना-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दिखाई हरी झंडी, दी शुभकामनाएंरायपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के नवीन भवन में स्थापित शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा के समक्ष महाआरती शुक्रवार, 19 जून को वरिष्ठ सभासद कल्याण देशपांडे की उपस्थिति में की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महाराष्ट्र मंडल के कार्यकारिणी सदस्य, पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे। बता दें कि इसी माह छह जून को राज्यपाल रमेन डेका के हाथों इस प्रतिमा का अनावरण किया गया।युवा समिति की समन्वयक डॉ. शुचिता देशमुख ने बताया कि शिवाजी महाराज की महाआरती प्रत्येक माह के 19 तारीख को युवा समिति के नेतृत्व में की जाती है। मंडल परिसर में स्थापित किए गए शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा के समक्ष पहली बार मासिक महाआरती की गई। तत्पश्चात कल्याण देशपांडे और अजय काले ने शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व की विशेषताओं व उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों पर चर्चा की।इस अवसर पर अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, सह सचिव मालती मिश्रा, आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के सह प्रभारी नवीन देशमुख, साहित्य समिति की प्रभारी कुमुद लाड, संध्या खंगन, प्रशांत देशपांडे, दीपक पात्रीकर, डॉ. कमल वर्मा, रीना बाबर, अभिषेक बक्षी, गणेशा जाधव पाटिल, रितेश बाबर, प्रवीण क्षीरसागर सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।
- - पं. माधव राव सप्रे जयंती पर मराठी भाषी हिंदी साहित्यकार लतिका भावे, प्रशांत कानस्कर, अनिल पुसदकर और वरदा जोशी महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में सम्मानितरायपुर। विज्ञापन आधारित पत्रकारिता के लिए कहीं न कहीं हमारा समाज जिम्मेदार है। हम दो सौ रुपये का आइसक्रीम का फैमिली पैक लेने तो तैयार हैं, लेकिन 10 रुपये का समाचार पत्र लेने तैयार नहीं। अगर हमें दो-तीन रुपये का अखबार लेना है, तो वह वैसा ही मिलेगा, जैसा आज हम ले रहे हैं, विज्ञापन और बिजनेस मैनेजमेंट के दबाव व प्रभाव वाला। इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित पं. माधव राव सप्रे जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि शशांक शर्मा ने व्यक्त किए।सप्रे जयंती पर आयोजित इस समारोह में मराठी भाषी हिंदी साहित्यकारों लतिका भावे रायपुर, प्रशांत कानस्कर भिलाई, अनिल पुसदकर रायपुर और वरदा जोशी भिलाई को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र मंडल, छत्तीसगढ़ मित्र और छत्तीसगढ़ साहित्य व संस्कृति संस्थान रायपुर के संयुक्त आयोजन में मुख्य अतिथि शशांक शर्मा, विशेष अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार डॉ. परदेशीराम वर्मा का भी अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने कहा कि महज तीन सालों के बाद 'छत्तीसगढ़ मित्र' का प्रकाशन करने वाले पं. माधव राव सप्रे को अंतिम अंक में यह लिखना पड़ा था कि ‘भारत में आज भी हिंदी को लेकर जागरूकता नहीं है। लोगों में हिंदी का महत्व भी नहीं है। साथ ही छत्तीसगढ़ मित्र को लेकर पाठकों का सहयोग भी नहीं मिल रहा है। यही वजह है कि हमें छत्तीसगढ़ मित्र को बंद करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने ये भी लिखा कि पत्रिका का मुद्रण अच्छी तरह नहीं हो पा रहा है, सही समय पर नहीं हो पा रहा है। इन्हीं कारणों से भी हमें 'छत्तीसगढ़ मित्र' को बंद करना पड़ रहा है।शशांक शर्मा कहते हैं कि उस काल में एक से एक पत्रकार थे, लेकिन सभी ब्राह्मण थे, जिन्हें अच्छी साफ- सुथरी पत्रकारिता तो आती थी, लेकिन प्रबंधन के मामले में वे कच्चे थे। इसके उलट मोहन दास करमचंद गांधी जितने अच्छे पत्रकार थे, उतना ही अच्छा प्रबंधन कौशल था। यही वजह है कि उनकी हिंदी पत्रिका ‘नव जीवन’ और अंग्रेजी पत्रिका ‘यंग इंडिया’ का प्रकाशन सफलतापूर्वक दशकों तक होता रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. परदेशी राम वर्मा ने पं. सप्रे जयंती पर मूर्धन्य साहित्यकार कमलेश्वर की ओर से पहली बार प्रमाणित हिंदी साहित्य की पहली कहानी पं. माधव राव सप्रे द्वारा लिखित ‘एक टोकरी मिट्टी’ को बिना देखे- पढ़े भावनात्मक रूप से सुनाया। साथ ही कहानी के मायने भी बताए। डॉ. वर्मा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में पं. सप्रे ने 'छत्तीसगढ़ मित्र' का प्रकाशन किया। उसी तरह आज भी 'छत्तीसगढ़ मित्र' का प्रकाशन इतना आसान नहीं है, फिर भी डॉ. सुधीर शर्मा इस ओर लगातार काम कर रहे हैं। यह प्रशंसनीय है और वे साधुवाद के पात्र हैं। इस मौके पर विशिष्टि अतिथि गिरीश पंकज और डॉ. सुशील त्रिवेदी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा ने किया। आभार प्रदर्शन रविंद्र ठेंगड़ी की ओर से किया गया।
- -अब तक 1 लाख 34 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्र गांधी नगर, आंगनबाड़ी केन्द्र मोहदी व आंगनबाड़ी केन्द्र संघर्ष नगर, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र रामकुण्ड, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र 11 एवं 12 बीरगांव, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र खमतराई एवं धरसींवा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र दोंदेखुर्द बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में आज कुल 853 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 34 हजार 5 सौ 04 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- -कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया पाण्डुलिपि संरक्षकों एवं सर्वेयरों का सम्मानरायपुर । ज्ञान भारतम् मिशन हस्तलिखित पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रथम चरण के अंतिम दिवस पर जिले में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संरक्षकों एवं सर्वेयरों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा सम्मानित किया गया।कलेक्टर डॉ. सिंह ने सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले सभी संरक्षकों एवं सर्वेयरों की सराहना करते हुए कहा कि जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक धरोहरों के संरक्षण में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हस्तलिखित पांडुलिपियों का सर्वेक्षण हमारी समृद्ध विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।इस अवसर पर डॉ. ऋषिराज पांडे, प्रतिमा रश्मि पांडे को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं सर्वेक्षण का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। प्रथम चरण में प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर आगामी द्वितीय चरण में भी इस अभियान को और अधिक गति प्रदान की जाएगी।



























.jpg)