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- दुर्ग / जिले के पीएम श्री विद्यालय के शिक्षकों का प्रशिक्षण आईआईटी भिलाई में आयोजित किया गया। पांच दिन का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम टीचर्स को एक्सपीरिएंशियल लर्निंग और एनईपी 2020 के हिसाब से पढ़ाने का तरीका देने के लिए बनाया गया है। यह एक्टिविटी-बेस्ड, एक्सपीरिएंशियल और वोकेशनल लर्निंग पर फोकस करता है, जैसे विज़ुअल प्रोग्रामिंग, एनिमेशन, डेटा साइंस, मेक्ट्रोनिक्स, नेचुरल फार्मिंग, और आईआईटी भिलाई में बन रहे शिक्षा सारथी सॉफ्टवेयर पर ट्रेनिंग। टीचर्स को आईआईटी भिलाई की अलग-अलग लैब्स में जाने का मौका मिल रहा है, और उन्हें 21वीं सदी में पढ़ाने की चुनौतियों के लिए तैयार होने में मदद करने के लिए अलग-अलग टेक्नोलॉजी और टूल्स से इंट्रोड्यूस कराया जा रहा है। हम कॉम्प्लेक्स प्रॉब्लम सॉल्विंग, क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोऑर्डिनेशन, इमोशनल इंटेलिजेंस बनाना और रेजिलिएंस जैसी ज़रूरी स्किल्स पर फोकस कर रहे हैं। रीइन्फोर्समेंट लर्निंग और टीचर्स द्वारा पढ़ाने के तरीकों को शेयर करने को बढ़ावा दिया जाएगा।
- -मैदान में उतरकर देखेंगे योजनाओं का असर : मनोज कुमार पिंगुआ-आंकड़ों से आगे बढ़कर परिणाम दिखाएं अधिकारी : प्रभारी सचिव का सख्त संदेश-सड़क दुर्घटना रोकने में समाज की भागीदारी जरूरी : प्रभारी सचिव-मातृ-शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी ही असली उपलब्धि : श्री पिंगुआबिलासपुर /अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने गुरुवार को मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, डीएफओ नीरज सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने योजनाओं के क्रियान्वयन को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए उनके वास्तविक परिणामों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं की सफलता का मूल्यांकन मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण में कमी जैसे ठोस परिणामों से होना चाहिए। उन्होंने आगामी बैठक में योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन करने तथा कृषि एवं उद्यानिकी के सफल हितग्राहियों से मिलकर उनकी सफलता की कहानी जानने की बात कही। वित्तीय वर्ष 31 मार्च को समाप्ति पर सभी विभागों द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के लिए अधिकारियों को बधाई देते हुए उन्होंने जनहित में और बेहतर परिणाम देने हेतु उत्साह एवं गंभीरता से दायित्व निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।प्रभारी सचिव ने गृह विभाग की समीक्षा से बैठक की शुरुआत की। बैठक में एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने अपराध नियंत्रण एवं नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुमशुदा बच्चों की खोज हेतु चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान एवं ऑपरेशन तलाश में बिलासपुर जिला प्रदेश में क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर रहा है। प्रभारी सचिव ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। टोल फ्री नंबर पर प्राप्त 46 शिकायतों में से 43 का निराकरण किया जा चुका है। धान खरीदी केंद्रों में से अधिकांश से धान का उठाव पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में गर्मी के मौसम में संभावित बीमारियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी गई। सीएमएचओ ने बताया कि जिले के 51 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है। एचपीवी टीकाकरण अब जिला अस्पताल के साथ-साथ कल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी प्रारंभ किया जा रहा है।कृषि विभाग की समीक्षा में खाद-बीज की उपलब्धता तथा खाड़ी क्षेत्र की परिस्थितियों के मद्देनज़र वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए। पीएचई विभाग को 143 चिन्हित समस्या-ग्रस्त गांवों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पशु चिकित्सा विभाग की समीक्षा में बर्ड फ्लू की स्थिति की जानकारी लेते हुए प्रभारी सचिव ने बेसहारा पशुओं के लिए अधिक गोधाम खोलने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिले में 5 गोधन संचालित हैं। सड़क सुरक्षा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम अकेले पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। बिना हेलमेट वाहन चलाने या तेज गति से वाहन चलाने वालों को टोकना हर नागरिक का कर्तव्य है। महतारी वंदन योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 4.09 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है तथा सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में राष्ट्रीय जनगणना कार्य एवं राजस्व शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
- -विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों एवं आला अधिकारी हुए शिविर में शामिल-शिविर में राजस्व पखवाड़ा का किया गया शुभारंभबालोद। जिला प्रशासन द्वारा गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्राम अरमरीकला एवं आसपास के ग्रामीणों के लिए सौगातों भरा रहा। क्षेत्रीय विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविर की बेहतरीन आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। इस मौके पर अतिथियों के द्वारा ग्राम अरमरीकला में आयोजित इस जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से बालोद जिले में राजस्व पखवाड़ा का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। अरमरीकला शिविर में आज अनेक हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत नवनिर्मित आवासों के आवासपूर्णता प्रमाण पत्र, मुकबधिर हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं दिव्यांग हितग्राहियों को छड़ी और इलेक्ट्रिक व्हील चेयर प्रदान करने के अलावा मत्स्य विभाग के योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को मछली जाल, आईस बाॅक्स प्रदान करने के साथ ही ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनओं से लाभान्वित किया गया। इस मौके पर शिविर में विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 1843 आवेदनों में से 1689 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस दौरान जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान आयोजित राजस्व पखवाड़ा में ग्राम सांगली के 255 तथा ग्राम पिकरीपार के 125 सहित 380 लाभार्थियों को अधिकार अभिलेख (स्वामित्व कार्ड) का भी वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि शिविर में आयोजित राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत अरमरीकला शिविर में शामिल कुल 16 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों से अविवादित बटवारा, नक्शा बटांकन, सीमांकन, भूअर्जन, त्रुटि सुधार आदि से संबंधित कुल 94 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत इसमें से 40 आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले जनसमस्या निवारण शिविर की भाँति कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर ग्राम अरमरीकला पहुँचे। जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों के ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर एसडीएम श्री आरके सोनकर, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के साथ संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अधिकारियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अरमरीकला शिविर में आज जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू, श्रीमती चंद्रिका गंजीर, श्रीमती कांति सोमेश्वरी एवं तेजराम साहू सहित जनपद सदस्य श्री नरेश कुमार साहू, डाॅ. हरिकृष्ण गंजीर, संध्या अजेन्द्र साहू, झालेन्द्र कुमार साहू, श्री तांसी देहारी, लता साहू एवं आशीष कुमार साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।शिविर में आज अतिथियों के द्वारा ग्राम भुलनडबरी निवासी श्रीमती परमुनी बाई को उनके पति श्री बिशेसर राम के तालाब में डुबने से मौत हो जाने के कारण आरबीसी 6-4 के तहत 04 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। इसी तरह मुख्यमंत्री ई रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत ग्राम कुम्हारखान के श्रीमती ईश्वरी साहू एवं श्रीमती पार्वती बाई को अनुदान राशि के रूप में 01-01 लाख रूपए का डेमो चेक भी प्रदान किया गया। इसके अलावा मत्स्य विभाग के विभागीय योजना अंतर्गत पंजीकृत दो मछुवारा सहकारी समितियों को जाल एवं आईस बाॅक्स वितरण करने के अलावा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को तालाब निर्माण की अनुमति एवं 01 स्व सहायता समूह को मछली पालन हेतु 10 वर्षीय पट्टा अनुमति प्रदान किया गया। इसी तरह कृषि विभाग के मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना अंतर्गत 05 कृषकों को प्रमाणपत्र वितरक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत 03 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत 07 हितग्राहियों को रसोई गैस कन्नेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत 04 हितग्राहियों को 12-12 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग के द्वारा 02 हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्राय सायकिल एवं 01 हितग्राही को सामान्य ट्राय सायकल, 07-07 हितग्राहियों को श्रवण यंत्र एवं छड़ी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में अतिथियों के द्वारा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक के आयु वर्ग के 03 बुजुर्गों को वय वंदन कार्ड भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही टीवी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 01 व्यक्ति को निक्षय पोषण किट प्रदान किया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा गुरूर विकासखण्ड के सफल कृषकों को उत्कृष्ट खेती के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने ग्राम अरमरीकला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के बेहतर आयोजन की सराहना की। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत भी किया। श्रीमती सिन्हा ने सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में प्राप्त आवेदनों को पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित कर आम जनता को शासन के जनकल्याणकारी योजना से लाभान्वित कराने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने जिला प्रशासन द्वारा ग्राम अरमरीकला में बेहतरीन जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रशासनिक अमले को आम जनता के बीच भेजकर उनके मांगों एवं समस्याओं का पड़ताल करने तथा उसका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने हेतु जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने को कहा। इस दौरान श्रीमती चंद्राकर ने बाल विवाह को एक सामाजिक अभिशाप बताते हुए शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। संभागायुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री राठौर ने जनसमस्या निवारण शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा आम जनता के राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु 01 अप्रैल से 15 जून तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। श्री राठौर ने कहा कि राज्य शासन के मंशानुरूप राजस्व पखवाड़ा के दौरान प्रशासनिक अमले के द्वारा आम जनता से प्राप्त आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। संभागायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप वर्ष 2047 तक देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ राज्य को विकसित बनाने की दिशा में आम जनता का सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अरमरीकला में बेहतरीन जनसमस्या निवारण शिविर के आयोजन के लिए जिला प्रशासन की भूरी-भूरी भी सराहना की। इस दौरान संभागायुक्त श्री राठौर ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा इसके संरक्षण एवं संवर्धन कर जल संरक्षण के कार्य में महती भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ भी दिलाई। शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम अरमरीकला सहित आसपास के कुल 16 ग्राम पंचायतों की ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति की सराहना करते हुए सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में प्राप्त आवेदनों के समुचित निराकरण की भी भूरी-भूरी सराहना की। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि ग्राम अरमरीकला में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण के साथ-साथ राजस्व पखवाड़ा का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 01 अप्रैल से 15 जून तक आयोजित राजस्व पखवाड़ा के दौरान अविवादित बटवारा, नक्सल बटांकन, सीमांकन, भूअर्जन, त्रुटि सुधार आदि समस्याओं का समुचित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित शिविरों में राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु प्रस्तुत कर इसका समुचित लाभ उठाने की अपील की। शिविर को जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीत संजय साहू एवं अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिविर के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी।इस मौके पर अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार करने के अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंट कर उनके गोदभराई रस्म को पूरा किया गया। शिविर में स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के स्टाॅल में चिकित्सकों के द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। अरमरीकला में आयोजित शिविर में राजस्व विभाग को प्राप्त 240 आवेदनों में से 240, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त 280 आवेदनों में से 280, तहसील कार्यालय गुरूर को प्राप्त 218 आवेदनों में 218, महिला बाल विकास विभाग को 44 में से 44, खाद्य विभाग को प्राप्त 36 आवेदनों में से 36, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 22 में से 21, कृषि विभाग को 06 में से 06, विद्युत विभाग को 15 में से 15, शिक्षा विभाग को 14 में से 14 आवेदन, श्रम विभाग को 17 में से 17 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया।
- -सड़क मार्ग की साफ-सफाई कर स्वच्छता अभियान में निभाई सहभागिताबालोद । जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होने के लिए गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राही श्री लखनलाल निषाद एवं श्री डामनलाल गंधर्व के घर में निर्मित किए जा रहे सोख्ता गड्ढा निर्माण के कार्य में श्रमदान कर आम नागरिकों को सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने का संदेश दिया। इस दौरान संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ अरमरीकला से डांडेसरा मार्ग की साफ-सफाई कर स्वच्छ भारत मिशन के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के एक साथ बस में सवार होकर ग्राम अरमरीकला पहुँचने पर ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया गया। इस दौरान महिलाओं ने जल संरक्षण के उपायों के संबंध में नारे लगाकर तथा स्लोगन प्रदर्शित कर आम नागरिकों को इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश भी दिया। ग्राम अरमरीकला पहुँचने के पश्चात श्रीमती कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं अन्य अधिकारियों ने सर्वप्रथम दुर्गा माता की पूजा-अर्चना कर बालोद जिले की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंगल भवन अटल चैक के पास स्वच्छताग्राहियों के साथ स्वच्छता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस मौके पर स्वच्छताग्राही दीदियों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं ने नीर चेतना अभियान अंतर्गत जल संचय, जल बचाओ अभियान के तहत दुर्गा मंदिर से शिविर स्थल तक रैली निकालकर जल संचय एवं जन भागीदारी एवं स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संदेश दिया। इस मौके पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्री आरके सोनकर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
- -जिला प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेण्डर्स उपलब्ध कराने हेतु किए गए हैं समुचित उपायबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पश्चिम एशियाई संकट के मद्देनजर बालोद जिले के उपभोक्ताओं को समय पर समुचित मात्रा में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने हेतु चाक-चैबंद व्यवस्था की गई है। बालोद जिले के गैस एजेंसियों में पर्याप्त मात्रा में घरेलु एवं कामर्शियल गैस सिलेण्डर उपलब्ध होने से हितग्राहियों को गैस सिलेण्डर प्रबंध करने में किसी प्रकार की परेशानी नही हो रही है। उल्लेखनीय है कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा किए गए बेहतरीन व्यवस्था के फलस्वरूप आज 02 अप्रैल के लिए बालोद जिले के गैस एजेंसियों के पास कुल 2710 घरेलु एवं 58 कामर्शियल गैस सिलेण्डर्स उपलब्ध रहा। इसके अंतर्गत आज 02 अप्रैल के लिए पूर्व इण्डेन वितरक गैस एजेंसी गुरूर के पास 372 घरेलु एवं 02 कामर्शियल, अरमरीकला ग्रामीण वितरक गुरूर के पास 20 घरेलु, बिरेतरा एचपी गैस एजेंसी गुण्डरदेही के पास 361 घरेलु, मोहंदीपाट इंडेन ग्रामीण वितरक के पास 154 घरेलु एवं 01 कामर्शियल, सौम्य एचपी गैस एजेंसी गुण्डरदेही के पास 370 घरेलु एवं 20 कामर्शियल, काम्बले गैस एजेंसी दल्लीराजहरा के पास 660 घरेलु एवं 27 कामर्शियल, गोविंद इण्डेन गैस एजेंसी बालोद के पास 206 घरेलु एवं 08 कामर्शियल, ओम साई एचपी गैस एजेंसी डौण्डीलोहारा के पास 10 घरेलु, देवरी बंगला एचपी गैस एजेंसी के पास 120 घरेलु, आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पापरा इण्डेन ग्रामीण वितरक के पास 115 घरेलु एवं शारदा गैस एजेंसी मंगचुवा के पास 322 घरेलु गैस सिलेण्डर उपलब्ध रहा।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार पश्चिम एशियाई संकट के कारण उत्पन्न स्थिति में बालोद जिले के उपभोक्ताओं को समय पर समुचित मात्रा में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने हेतु प्रशासनिक अमले के द्वारा फील्ड विजिट कर निरंतर माॅनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस दौरान एलपीजी, डीजल, पेट्रोल एवं अन्य सभी आवश्यकत वस्तुओं की नियमित निगरानी एवं आपूर्ति की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अनुभाग स्तरीय समितियों का भी गठन किया गया है। जिसके फलस्वरूप जिले के उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेण्डर एवं अन्य जरूरी चीजों की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नही हो रही है।
- वोकेशनल ट्रेड को बढ़ावा देने दिए निर्देशबिलासपुर /अतिरिक्त मुख्य सचिव और जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने गुरुवार को सरकंडा स्थित पीएम श्री स्कूल का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह भी उपस्थित रहे।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने स्कूल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेते हुए विभिन्न कक्षाओं, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला एवं खेल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल संचालन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए प्राचार्य श्रीमती गायत्री तिवारी से चर्चा की और आवश्यक सुधारों के संबंध में निर्देश दिए। प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में लगभग 1350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित रूप से सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही स्कूल में हेल्थ केयर एवं आईटी के दो वोकेशनल ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं।प्रभारी सचिव श्री पिंगुआ ने वोकेशनल ट्रेड को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इन ट्रेड्स से जोड़ने तथा कौशल विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, डीएफओ श्री नीरज कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय टांडे, समग्र शिक्षा के मिशन समन्वयक श्री ओम पांडे सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
- -ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के कई खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर ओलंपियनों और टैलेंट स्काउट्स का ध्यान खींचारायपुर / ओडिशा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में हॉकी का स्वर्ण पदक जीतकर अपने दबदबे को साबित किया। रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में पुरुष टीम ने झारखंड को 4-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में मिजोरम को 1-0 से मात दी। पुरुष वर्ग में झारखंड को रजत और छत्तीसगढ़ को कांस्य मिला, जबकि महिला वर्ग में झारखंड ने कांस्य पदक हासिल कर पोडियम पूरा किया।रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में ओडिशा की यह दोहरी स्वर्णिम सफलता केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह इस बात का सशक्त उदाहरण है कि कैसे हॉकी ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में जीवन को नई दिशा दे रही है। खेल प्रतिभा के भंडार माने जाने वाले पूर्वोत्तर राज्यों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां मिजोरम की टीम ने फाइनल तक जगह बनाई।ओडिशा की पुरुष टीम ने फाइनल में झारखंड को 4-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने कड़े मुकाबले में मिजोरम को 1-0 से पराजित किया। झारखंड और छत्तीसगढ़ की टीमें भी पोडियम तक पहुंचीं, जो इन क्षेत्रों से उभरती प्रतिभा की गहराई को दर्शाता है। लेकिन पदकों से आगे बढ़कर असली कहानी उन गांवों, जंगलों और समुदायों में छिपी है, जहां हॉकी पहचान और अवसर दोनों बन चुकी है। दशकों से हॉकी जनजातीय संस्कृति का हिस्सा रही है। बच्चे पेड़ की टहनियों से स्टिक बनाकर ऊबड़-खाबड़ मैदानों पर नंगे पांव खेलते हैं। प्रतिभा हमेशा मौजूद थी, लेकिन उसे आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं था—जो अब बदल रहा है।केंद्रीय खेल मंत्रालय और राज्यों द्वारा संचालित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बेहतर बुनियादी ढांचे और संगठित जमीनी कार्यक्रमों के चलते अब एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है। 1992 बार्सिलोना ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पूर्व ओलंपियन अजीत लकड़ा, जो वर्तमान में बिलासपुर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के मुख्य कोच हैं, इस बदलाव को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने कहा, “ग्रासरूट से लेकर जूनियर और फिर सीनियर स्तर तक पूरी प्रणाली धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। खासकर जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ी इससे काफी लाभान्वित हो रहे हैं। उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को अब सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के जरिए निखारा जा रहा है।”लकड़ा का मानना है कि यह संरचित सहयोग एक सकारात्मक श्रृंखला बना रहा है। उन्होंने कहा, “जब बच्चे यहां आकर सीखते हैं और अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वे दूसरों को प्रेरित करते हैं। इससे लगातार नए खिलाड़ी सामने आ रहे हैं।” जो क्षेत्र कभी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और नक्सलवाद से प्रभावित थे, वहां अब खेल के माध्यम से एक शांत बदलाव देखने को मिल रहा है। हॉकी एक सेतु बनकर इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ रही है। खेल मंत्रालय का ‘अस्मिता’ कार्यक्रम अधिक से अधिक महिला खिलाड़ियों को जोड़कर उन्हें मुख्यधारा में ला रहा है।1984 लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भारतीय टीम का हिस्सा रहे पूर्व ओलंपियन मनोहर टोपनो, जिन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की पुरुष टीमों को कोचिंग दी है, ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसी पहल के जमीनी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मैं इस ग्रासरूट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए साई का धन्यवाद करना चाहता हूं। हमारे समुदायों के लड़के और लड़कियां आगे बढ़ रहे हैं और खुद को नई पहचान दे रहे हैं। अगर हम ऐसे ही आगे बढ़ते रहे, तो एक दिन ये खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।”टोपनो ने प्रतिभा के पीछे की एक अहम सच्चाई पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे जनजातीय समुदायों में हॉकी स्वाभाविक रूप से खेली जाती है। अगर हम इन क्षेत्रों पर ध्यान दें, तो हमारे खिलाड़ी आगे बढ़ेंगे और देश का नाम रोशन करेंगे।” एक और महत्वपूर्ण बदलाव खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी और वीडियो विश्लेषण जैसी सुविधाओं का पहुंचना है, जो पहले केवल शीर्ष स्तर तक सीमित थीं। अब दूरदराज के क्षेत्रों के खिलाड़ी भी पेशेवर प्रशिक्षण वातावरण का लाभ उठा रहे हैं। पारंपरिक स्वाभाविक खेल और आधुनिक कोचिंग का यह मेल प्रदर्शन के नए स्तर खोल रहा है।
- -अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की निधि कश्यप ने बनाई पहचान-युवाओं को मिला सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का संदेशबिलासपुर /भोपाल और पचमढ़ी में 17 से 23 मार्च तक आयोजित बिम्सटेक युवा सांस्कृतिक विरासत एवं सतत विकास अनुभव कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि आज का युवा केवल भविष्य का नहीं, बल्कि वर्तमान का भी सक्रिय निर्माता है। सात दिनों तक चले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में बिम्सटेक देशों के 80 से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सांस्कृतिक संवाद, पर्यावरणीय जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा दी। विदेश मंत्रालय और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।इस वैश्विक मंच पर बिलासपुर की भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ युथ कमिटी उपाध्यक्ष निधि कश्यप की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उनकी सक्रिय उपस्थिति यह दर्शाती है कि अब छोटे शहरों के युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय भी है। कार्यक्रम का पहला चरण भोपाल में आयोजित हुआ, जहां प्रतिभागियों ने संग्रहालयों, जनजातीय केंद्रों और विभिन्न संवाद सत्रों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को समझा। वहीं दूसरे चरण में पचमढ़ी में आयोजित गतिविधियों ने कार्यक्रम को एक नई गहराई प्रदान की। सतपुड़ा की रानी कहे जाने वाले इस क्षेत्र में प्रतिभागियों को पर्यावरणीय नेतृत्व, वन पारिस्थितिकी, सतत विकास और इको-टूरिज्म से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।यहां आयोजित कार्यशालाओं, साहसिक गतिविधियों और समूह निर्माण अभ्यासों ने युवाओं को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर विकास करने की सोच विकसित करने का अवसर दिया। विशेषज्ञों ने पचमढ़ी की जैव विविधता पर प्रकाश डालते हुए इसे एक संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्र बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल से भी हुई, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। राज्यपाल ने युवाओं को कर्तव्य, सेवा और चरित्र निर्माण जैसे मूल्यों को अपनाते हुए वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने का संदेश दिया।इस पहल का एक महत्वपूर्ण परिणाम “युवा सततता नेटवर्क” की स्थापना के रूप में सामने आया, जिससे भविष्य में बिम्सटेक देशों के युवाओं के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा मिलेगा। आज जब विश्व जलवायु परिवर्तन और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में यह आयोजन युवाओं के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में उभरा है। इस उपलब्धि पर राज्य के विभिन्न पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने निधि कश्यप को शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव बृजेश वाजपेयी, राज्य संयुक्त सचिव बीना यादव, राज्य संगठन आयुक्त अमित क्षेत्रीय, जलवती साहू, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त सरिता पांडेय, पूनम साहू, जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला प्रशिक्षण आयुक्त गाईड श्रीमती माधुरी यादव जिला संगठन आयुक्त महेंद्र बाबु टंडन ने बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत गौरव है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।
- -कलेक्टर ने मिलाप दास मानिकपुरी एवं बंशी लाल साहू को प्रदान की मोटराइज्ड ट्रायसाइकिलरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कलेक्टर कक्ष में ग्राम भानसोज, विकासखंड आरंग के श्री मिलाप दास मानिकपुरी एवं ग्राम छटेरा, विकासखंड आरंग के श्री बंशी लाल साहू को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्रदान की।दोनों हितग्राही 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग हैं और लंबे समय से दैनिक कार्यों एवं आवागमन में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।कलेक्टर डॉ. सिंह के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दोनों हितग्राहियों को बैटरी चालित ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई गई।ट्रायसाइकिल प्राप्त होने के बाद श्री मानिकपुरी एवं श्री साहू ने कहा कि, "अब वे अपने रोजमर्रा के काम खुद कर सकते हैं। पहले जहां उन्हें कहीं जाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे स्वतंत्र रूप से कहीं भी आ-जा सकते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान बढ़ा है।"यह पहल शासन की संवेदनशीलता एवं दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री अरविंद गेडाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- महासमुंद / शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत माह अप्रैल से जून 2026 तक चावल के भंडारण एवं एकमुश्त वितरण के लिए जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में अप्रैल, मई एवं जून माह के लिए खाद्यान्न का भंडारण किया जा रहा है।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने खाद्यान्न भंडारण एवं समयबद्ध वितरण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक विकासखंड के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनके सहयोग के लिए विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।जिले के सभी विकासखंडों में तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी तथा सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक एवं नान प्रदाय केंद्र प्रभारी को सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने प्रभार क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न भंडारण की प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और आबंटन के अनुसार शीघ्र भंडारण पूर्ण कराएं। साथ ही प्रत्येक दिवस, अवकाश दिवस सहित, भंडारण की अद्यतन स्थिति से अवगत कराना भी अनिवार्य होगा।उल्लेखनीय है कि 07 अप्रैल को राशन दुकानो में चावल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
- -वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने लंबी कूद में 7 मीटर की दूरी तय की-लक्षद्वीप में कोई सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक नहीं है, इसलिए अब्दुल मिट्टी के गड्ढों में अपनी लंबी कूद का अभ्यास करते हैंरायपुर / अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया।कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।''मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया।फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।''दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला।फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है। उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,”लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता।मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''
- फाइनल में कड़े मुकाबले में पश्चिम बंगाल से 0-1 से मिली हाररायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत आज रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बीच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में छत्तीसगढ़ को पराजय का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।फाइनल मैच में दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार तालमेल, तेज आक्रमण और मजबूत रक्षा का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए हर पल मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।हॉफ टाइम तक पश्चिम बंगाल की टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए थी। छत्तीसगढ़ की टीम ने लगातार आक्रमण कर गोल उतारने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, विभिन्न विभागों तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फाइनल मैच देखने के लिए मैदान में पहुंचे थे।
- रायपुर। स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पीजी कॉलेज कवर्धा में आयोजित स्वदेशी मेले का समापन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना केवल आर्थिक मजबूती का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद एवं स्थानीय उद्यमों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की और भविष्य में और बेहतर प्रयासों के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।स्वदेशी मेले के माध्यम से लोगों को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला। यह आयोजन न केवल स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी।कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्वदेशी जागरण मंच के सभी सदस्यों एवं आयोजकों को मंत्री श्री अग्रवाल ने बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
- -बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल-उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे समापन समारोह की अध्यक्षतारायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 3 अप्रैल को शाम 5 बजे इसका आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य के तीन शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विगत 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों एवं अधिकारियों ने हिस्सेदारी की।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में शामिल होंगे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से गुरुवार को शाम यहां उनके निवास कार्यालय में उत्तरप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जलशक्ति विभाग श्री रामकेश निषाद ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री निषाद का राज्य में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह और बस्तर पंडुम की पुस्तिका भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय को श्री निषाद ने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के सफल आयोजन पर हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने श्री निषाद से छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
- -कथा वाचक पंंडित संतोष तिवारी व परायणकर्ता पंडित कमलनारायण तिवारी होंगेआरंग। रायपुर जिले के ग्राम टेकारी (कुंडा) में शुक्रवार 3 अप्रैल से श्रीमद् भागवत कथा पुराण का आयोजन किया जा रहा है जिसका समापन 11 अप्रैल शनिवार को पूर्णाहुति के साथ होगा। माधव कुंज में आयोजित इस आयोजन के कथा वाचक पंंडित संतोष तिवारी व परायणकर्ता पंडित कमलनारायण तिवारी होंगे । कथा समय अपराह्न 1 बजे से सायंकाल 5 बजे निर्धारित है ।
- -राज्य निर्माण के बाद से एक वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा राशि और कार्यों को मिली मंजूरी-2025-26 में विभाग ने 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ से अधिक की दी स्वीकृति-सड़क नेटवर्क का सशक्त जाल बिछाने पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे – उप मुख्यमंत्री अरुण सावबिलासपुर ।लोक निर्माण विभाग के लिए विगत 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 ऐतिहासिक रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने राज्य के निर्माण के बाद से अब तक सबसे ज्यादा कार्यों और राशि के प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी किए हैं। विगत वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा कुल 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। यह राशि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद से किसी एक वर्ष में स्वीकृत सर्वाधिक राशि के दोगुने से भी ज्यादा है। वर्ष 2025-26 में मंजूर की गई राशि 2024-25 में स्वीकृत 2589 करोड़ 89 लाख रुपए की तुलना में तिगुने से भी ज्यादा है, जबकि कार्यों की संख्या दोगुने से भी अधिक है।हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में लोक निर्माण विभाग ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की मांगों, जरूरतों और जन आकांक्षाओं को देखते हुए उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर 1925 नए कार्यों को शामिल करते हुए इनके लिए 2287 करोड़ रुपए के प्रावधान किए थे। पिछले वर्ष के बजट में राज्य निर्माण के बाद से सर्वाधिक संख्या में नए कार्यों के प्रस्ताव शामिल किए गए थे। बजट में शामिल नए कार्यों को प्राथमिकता में रखते हुए बड़ी संख्या में इनकी मंजूरी के आदेश जारी किए गए हैं।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में सड़कों और पुलों के कार्यों को गति देने प्रस्तावित कार्यों के जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर ज्यादा से ज्यादा कार्यों की स्वीकृति के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर विभाग ने सक्रियता और तत्परता से अमल करते हुए बीते वित्तीय वर्ष में अब तक के सर्वाधिक 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस तत्परता के लिए सभी विभागीय अधिकारियों और अमले की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकार राज्य की अधोसंरचना को मजबूत करने अभूतपूर्व गति से कार्य कर रही है। रिकॉर्ड संख्या में सड़कों और पुलों को स्वीकृति देकर शहरों, गांवों और वनांचलों को जोड़ने का अभियान तेज किया गया है। हमारी प्राथमिकता हर पहुंचविहीन क्षेत्र तक बेहतर सड़क सुविधा पहुंचाना है, जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार सड़क नेटवर्क का सशक्त जाल बिछाने पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में 141 सड़कों और पुलों के लिए 2013 करोड़ रुपए, 2017-18 में 300 कार्यों के लिए 2311 करोड़ रुपए, 2018-19 में 154 कार्यों के लिए 4544 करोड़ रुपए, 2019-20 में 312 कार्यों के लिए 2402 करोड़ रुपए और 2020-21 में 345 कार्यों के लिए 3797 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी। विभाग ने वर्ष 2021-22 में 531 कार्यों के लिए 4482 करोड़ रुपए, 2022-23 में 466 कार्यों के लिए 2656 करोड़ रुपए, 2023-24 में 355 कार्यों के लिए 3753 करोड़ रुपए तथा 2024-25 में 436 कार्यों के लिए 2590 करोड़ रुपए के कार्यों को प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की थी।
- -लंबित राजस्व मामलों का होगा निराकरणबिलासपुर /राजस्व मामलों के निराकरण के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 3 अप्रैल 2026 को बेलतरा तहसील के ग्राम सेमरा एवं करमा में शिविर लगाकर राजस्व मामलों से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। शिविर में तहसीलदार श्रीमती मनीषा झा एवं नायब तहसीलदार श्री सहोरिक यादव उपस्थित रहेंगे। राजस्व पखवाड़ा का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर विभिन्न लंबित प्रकरणों का निराकरण करेगा। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन, व्यपवर्तन एवं वृक्ष कटाई से संबंधित समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस जारी कर सुनवाई एवं निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में ज्यादा से ज्यादा उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठाएं।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा अंतर्गत करगीकला के ग्राम पंचायत मनपहरी के आंगनबाड़ी केंद्र मनपहरी 01 में कार्यकर्ता के 1 रिक्त पद के लिए ऑनलाईन आवेदन वेबसाइट https://aww.e-bharti.in/ में जाकर किये जा सकते है। ऑनलाईन आवेदन विभागीय वेबसाईट के माध्यम से कर सकते है।
- -कलेक्टर ने की युवाओं से आवेदन करने की अपीलबिलासपुर /भारतीय थल सेना (अग्निवीर) में भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र युवाओं से 10 अप्रैल 2026 तक ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये है। पुरूष अभ्यर्थी जनरल, तकनीकी, लिपिक, स्टोरकीपर, ट्रेडमैन एवं महिला अभ्यर्थी सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट और सिपाही फार्मा के लिए आवेदन कर सकती हैं। आयु सीमा 17.5 से 22 वर्ष एवं आवेदन शुल्क 250 रूपए निर्धारित किया गया है। आवेदन वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर किये जा सकते है। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) 1 जून से 10 जून 2026 तक होने की संभावना है। विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 2965214 एवं जिला रोजगार कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। कलेक्टर ने जिले के युवाओं से अग्निवीर भर्ती में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
- -फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया जाएगा संदेशबिलासपुर/फिटनेस, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए ईंधन बचत के लिए साइक्लिंग संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “अरपा सायक्लोथॉन बिलासपुर 2026” का आयोजन आगामी 5 अप्रैल को किया जाएगा। सुबह 5.30 मिनट पर शुरू होने वाली 25 किलोमीटर लंबी इस सायक्लोथॉन रेस का शुभारंभ मुंगेली नाका ग्राउंड, बिलासपुर से होगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने नागरिकों से आयोजन में भागीदारी की अपील की है।प्रतियोगिता में पुरुष (गियर एवं बिना गियर सायकल) तथा महिला वर्ग की अलग-अलग रेस आयोजित की जाएंगी। विजेताओं के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। पुरुष वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः ₹10,000, ₹7,000 एवं ₹5,000 की राशि प्रदान की जाएगी, वहीं महिला वर्ग में ₹5,000, ₹3,000 एवं ₹2,000 के पुरस्कार निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त शीर्ष 10 पुरुष एवं शीर्ष 6 महिला प्रतिभागियों को विशेष नकद सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने आयोजन को वर्तमान समय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, सायकल से न केवल ईंधन की बचत होती है बल्कि यह स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए भी एक महत्वपूर्ण साधन है दोनों अधिकारियों ने आयोजकों को शुभकामनाएं दी और नागरिकों से आयोजन में भागीदारी की अपील की।आयोजन में सभी प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट एवं फिनिशर सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। साथ ही, बिलासपुर के बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए रात्रि विश्राम एवं भोजन की विशेष व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस आयोजन में शहर के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। प्रतियोगिता के लिए पंजीयन ऑनलाइन QR कोड के माध्यम से किया जा सकता है। पंजीयन शुल्क पुरुष वर्ग के लिए ₹299 तथा महिला वर्ग के लिए ₹149 निर्धारित किया गया है। इस आयोजन के प्रमुख आयोजक संतोष गुप्ता, प्रदीप साहू और छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया सोसाइटी हैं। उल्लेखनीय है कि संतोष गुप्ता एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक हैं, जिन्होंने गोल्डन क्वाड्रिलेटरल को मात्र 24 दिनों में पूरा कर देशभर में विशेष पहचान बनाई है वे सायकल के माध्यम से लोगों को फिटनेस और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दे रहे है। प्रदीप साहू छत्तीसगढ़ गाइड नामक लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का संचालन करते हैं और वे आई आईटी कानपुर के पूर्व छात्र भी हैं। उनके पेज पर छत्तीसगढ़ गाइड के माध्यम से प्रदेश की कला संस्कृति को प्रचारित किया जाता है। प्रदीप साहू ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, खेल एवं सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना है। आयोजकों द्वारा नागरिकों से प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
- -बड़ौदा आरसेटी में 31 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण का समापन-जनपद अध्यक्ष ने दिए प्रमाण पत्रमहासमुंद / बड़ौदा आरसेटी महासमुन्द में 28 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक आयोजित 31 दिवसीय निरूशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार हेतु कौशल विकास प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 27 युवतियों ने भाग लिया एवं प्रशिक्षण का लाभ लेते हुए सिलाई कार्य में दक्षता प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिलाई की आधुनिक तकनीक, मशीन संचालन, डिजाइनिंग तथा स्वरोजगार स्थापित करने से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान उपस्थित रही। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर तथा संस्थान के निदेशक श्री टूटू बेहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान ने कहा कि बडौदा आरसेटी महासमुन्द में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवतियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने युवाओं एवं युवतियों को प्रेरित किया तथा बिहान समूह से जुड़कर स्वावलंबी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारीगण, प्रशिक्षक एवं सभी प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
- महासमुंद / सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा अग्निवीरों के लिए जारी अधिसूचना भारतीय सेना की वेबसाईट joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि महासमुंद जिले के ऐसे अविवाहित पुरूष एवं महिला अभ्यर्थी जिनकी जन्मतिथि 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के मध्य है वे इस भर्ती ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 तक निर्धारित था, जिसे भारतीय सेना कार्यालय द्वारा तिथि में वृद्धि करते हुए अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 तक निर्धारित किया गया है। अग्निवीर भर्ती जनरल (महिला व पुरुष), अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर व अग्निवीर ट्रेडमेन ( 8वीं और 10वीं पास) के पदों के लिए जारी की गई है। इसके अतिरिक्त सिपाही (फार्मा) के पदो ंके लिए भी पुरुष आवेदकों से आवेदन मंगाए गए हैं जिनकी जन्मतिथि 01 जुलाई 2002 से 01 जनवरी 2008 के बीच होना अनिवार्य है।जो अभ्यर्थी थल सेना अग्निवीर भर्ती हेतु आवेदन कर चुके हैं लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु रोजगार विभाग के पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in/ में ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इस संबंध में अधिकारी जानकारी और समस्या के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 0771-2965212 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में होगी बैठकरायपुर ।आदिम जाति विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा 06 अप्रैल को सुबह 11 बजे से नया रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बैठक लेंगे।बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के मुख्य बजट में शामिल विभागीय योजनाओं, अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिला-वार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि का विवरण तथा शेष भुगतान की स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा। आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय एवं व्यय की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। बैठक में विभागीय भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति तथा उनकी प्रशासकीय स्वीकृतियों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नवीन व्यय मदों, विशेष रूप से राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा लिए गए ऋणों के भुगतान से संबंधित योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
- रायपुर । बस्तर की भौगोलिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियों के बीच विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। ककनार घाटी के नीचे बसे सुदूर गांव कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जो कभी वामपंथी आतंक के गढ़ माने जाते थे, आज मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। इन गांवों के निवासियों के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक ऐसा सपना था, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था, क्योंकि घाटी की दुर्गम ढलान और माओवाद के साये ने विकास के हर रास्ते को अवरुद्ध कर रखा था। लेकिन आज उन्हीं संकरी पगडंडियों और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर बनी नई सड़क में बस का दौड़ना बस्तर की बदलती तस्वीर का सबसे सशक्त प्रमाण है। ज्ञात हो कि बस्तर जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरूआत बीते 04 अक्टूबर 2025 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा की गई थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के माध्यम से जिले के चार चयनित मार्गों पर बस सेवा संचालित की जा रही है।मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत शुरू हुई यह बस सेवा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की एक कड़ी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार रायपुर द्वारा स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार यह बस प्रतिदिन कोण्डागांव जिले के मर्दापाल से अपनी यात्रा शुरू करती है और ककनार घाटी के नीचे बसे उन गांवों को जोड़ती है जहाँ कभी पैदल चलना भी जोखिम भरा था। घाटी के इन दुर्गम अंचलों से होते हुए बस धरमाबेड़ा और ककनार जैसे पड़ावों को पार कर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचती है। इससे उन लोगों का सफर अब सुगम हो गया है जिन्होंने दशकों तक केवल सड़क और बस का इंतजार किया था।वामपंथी समस्या के कमजोर पड़ने और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते अब इन संवेदनशील इलाकों में सड़कों का निर्माण संभव हो पाया है। पक्की सड़कों के इस जाल ने न केवल परिवहन को आसान बनाया है, बल्कि ककनार घाटी के नीचे बसे ग्रामीणों के मन से अलगाव का डर भी खत्म कर दिया है। अब शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ता। यह निरंतर बस सेवा इस बात का प्रतीक है कि बस्तर का वह हिस्सा जो कभी अंधेरे में खोया हुआ माना जाता था, अब पूरी रफ्तार के साथ प्रगति की राह पर अग्रसर है। घाटी की ऊंचाइयों से उतरकर यह बस आज हर ग्रामीण के घर तक शासन की योजनाओं और खुशहाली का संदेश पहुँचा रही है। इस बारे में चंदेला के सरपंच श्री तुलाराम नाग कहते हैं कि करीब दो साल पहले तक इस ईलाके में माओवादी समस्या के कारण विकास थम सी गई थी लेकिन आज सड़क बन जाने के साथ ही विकास को एक नई दिशा मिल चुकी है। इस ईलाके में स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र की सेवाओं के साथ ही उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी सामग्री सुलभ हो रही है वहीं समीपस्थ ग्राम ककनार में साप्ताहिक बाजार की रौनक देखते ही बनती है। क्षेत्र के ककनार सरपंच श्री बलीराम बघेल बताते हैं कि पहले उन्हे अपने तहसील मुख्यालय लोहण्डीगुड़ा और जिला मुख्यालय तक जाने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सड़क के बन जाने से बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल रही है।





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