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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार कक्ष में 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए नियमित अधिकारी एवं कर्मचारियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में निगम मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उपायुक्त डी के कोसरिया एवं उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निगम के सम्मानित कर्मचारी वामन राव, शशिकांत साहू, ईमान सिंह कन्नौजे, मंत राम यादव सहित गणेश राम वर्मा अपना शासकीय सेवा अवधि पूर्ण कर सेवा निवृत हुए । सभी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यनिष्ठा, समर्पण और निगम के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की कामना की। आयुक्त ने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति में उसके कर्मचारियों की मेहनत और अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन किया है, जिसके लिए निगम परिवार सदैव उनका ऋणी रहेगा। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए निगम परिवार के सहयोग और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें कार्यालय अधीक्षक शालिनी गुरुव, श्रवण ठाकुर शशिभूषण मोहन्ती, राज सच्चर, सागर दुबे, हेमचंद बंजारे, गिरधर वर्मा, नलनीश मिश्रा सहित निगम के अन्य सम्मानित कर्मचारी गण उपस्थित रहे ।सभी ने सेवानिवृत्त साथियों को उनके जीवन के नए अध्याय के लिए शुभकामनाएं दीं।
- 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सीएम हेल्पलाईन के प्रभावी संचालन हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के अधिकारियों ने दी जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण0- प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों को विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राज्य में आम जनता को अपनी शिकायत दर्ज कराने सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा उनके शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने हेतु शीघ्र ही सीएम हेल्पलाईन की शुरूआत होने वाली है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों विशष्ेा प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं।इस मौके पर आज राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अशोक चैबे एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के निराकरण के संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाईन की शुरूआत को आम जनता के शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने हेतु एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा शुरू किए जा रहे अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।इस मौके पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अशोक चैबे ने सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने आॅनलाईन शिकायतों का पंजीयन, विभिन्न स्तर पर इसकी माॅनिटरिंग के साथ-साथ चरणबद्ध प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाईन का उद्देश्य आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना है। इसके साथ ही सीएम पोर्टल के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का निर्धारित समयावधि में लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। श्री चैबे ने बताया कि सीएम हेल्पलाईन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं 24 घण्टा संचालित रहेगा। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 एवं 18002333300 के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक माध्यमों में से किसी भी एक माध्यम से किसी भी समय आसानी से अपना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के साथ ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को उनके शिकायत से संबंधित विभाग, अधिकारी के पास लंबित होने की जानकारी तथा कार्यवाही की प्रक्रिया के अलावा समाधान में लगने वाले समय आदि से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाएगी।उन्होंने कहा कि इसी पूरी तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना बिल्कुल भी नहीं होगी। श्री चैबे ने कहा कि इसमें नागरिकों का फीडबैक की भी सुविधा होगी। इसके साथ ही आवेदकों के समस्याओं के समाधान होने के बाद संबंधित आवेदक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत यदि आवेदक समाधान से पूरी तरह से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वतः सक्रिय हो जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा। जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा सकेगा। इसके साथ ही श्री चैबे ने बताया कि जिले मे हर सप्ताह होने वाले जनदर्शनो मे प्राप्त आवेदनों को भी सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली मे शामिल किए जाएंगे।
- बिलासपुर. शासकीय आईटीआई पचपेड़ी (मस्तूरी) में सत्र अगस्त 2026 के लिए एनसीव्हीटी व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल, फिटर एवं विद्युतकार तथा एससीव्हीटी व्यवसाय सोलर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल) में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी 15 जून 2026 की रात्रि 11. 59 बजे तक वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने निकटतम शासकीय आईटीआई से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनचरा के आंगनबाड़ी केंद्र कोनचरा 01 में सहायिका के रिक्त पद के लिए 13 जून तक ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट http://aww.e-bhart.in/ में जाकर किये जा सकते है।
- 0- गनियारी जिला स्तरीय समाधान शिविर में जल संरक्षण, जैविक खेती और नशामुक्ति का दिया गया संदेशबिलासपुर. सुशासन तिहार के तहत आज तखतपुर विकासखंड के ग्राम गनियारी में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्री धर्मजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार, जिला पंचायत सभापति श्रीमती भारती माली, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह, एसडीएम श्री नितिन तिवारी, श्री संतोष कौशिक सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। आज शिविर में कुल 683 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्य अतिथि विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार शासन की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, विकास की गति उतनी ही तेज होगी। सुशासन तिहार ने शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा गांव के विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार ने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीणों को शासन से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है। इससे लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो रहा है और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सहभागिता निभाने की अपील की। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भारती माली ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीणों के सहयोग से ही विकास कार्यों को स्थायित्व मिलता है। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और किसानों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने तथा अपने गांव को स्वच्छ, समृद्ध और विकसित बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपने संबोधन में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गनियारी में इंजेक्शन वेल निर्मित किया जा रहा है, जो भू-जल संवर्धन की दिशा में एक अभिनव पहल है। उन्होंने ग्रामीणों से श्रमदान के माध्यम से सोखता गड्ढे बनाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। कलेक्टर ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के इस्तेमाल को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रत्येक परिवार से वर्षाकाल में पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी तथा कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी एवं बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें और किसी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।शिविर में 11 हितग्राहियों को राशनकार्ड, 9 को पेंशन स्वीकृति हेतु पात्र, 10 को मनरेगा जॉब कार्ड, 19 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 55 हितग्राहियों को लर्निंग ड्राईविंग लाइसेंस, 189 लोगों ने बी.पी. एवं शुगर जांच कराया। 89 लोगों ने सिकल सेल जांच एवं 389 ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसी प्रकार 15 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई। 7 समूहों को 22 लाख का चेक वितरण, 8 शिशुओ का अन्न प्रासन एवं 8 महिलाओं की गोद भराई रस्म संपन्न हुई। वहीं 2 हितग्राहियों को 40 हजार का चेक वितरण किया गया, 3 हितग्राहियों को केसीसी वितरण एवं अन्य हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।--
- 0- कलेक्टर रोज कर रहे समीक्षा, 114 सहकारी समितियों सहित निजी दुकानों से हो रहा खाद का उठावबिलासपुर. खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की 114 सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
- बिलासपुर. सामान्य प्रशासन विभाग नवा रायपुर द्वारा वर्ष 2027 हेतु पद्य विभूषण, पद्य भूषण एवं पद्य श्री पुरस्कार के लिए 15 जुलाई 2026 तक नामांकन प्रस्ताव मंगाये गये है। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों एवं सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। ऑनलाइन प्रक्रिया पोर्टल https://awards.gov.in पर बताई गई है एवं इन पुरस्कारों से संबंधित विधान और नियमावली वेबसाइट https://awards.gov.in पर उपलब्ध है।
- 0- नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेले का आयोजन0- स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला - अरुण सावबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मेहनतकश स्ट्रीट वेंडर्स के जीवन में बदलाव लाने 1 जून से 30 जून तक प्रदेशभर में स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला आयोजित किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के तहत यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सड़क किनारे रोजी-रोटी कमाने वाले परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बताया कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लोक कल्याण मेले लगाए जाएंगे, जबकि जिला मुख्यालयों में विशेष रूप से स्वनिधि महोत्सव आयोजित होगा। इन आयोजनों में बैंक प्रतिनिधि मौके पर उपस्थित रहेंगे, ताकि छोटे व्यापारियों को ऋण स्वीकृति, वितरण, यूपीआई (UPI) पंजीयन, क्यू-आर (QR) कोड सुविधा और डिजिटल भुगतान से संबंधित सेवाएं तत्काल मिल सकें। स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।संघर्ष से सम्मान तक का अभियानछत्तीसगढ़ के शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनकी आजीविका फुटपाथ, ठेले और छोटी दुकानों पर निर्भर हैं। कोरोना काल के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे इन परिवारों के लिए पीएम स्वनिधि योजना संजीवनी साबित हुई है। अब सरकार इस अभियान के माध्यम से उन लाभार्थियों तक भी पहुंचना चाहती है जो अब तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से बैंकों को लंबित ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के माध्यम से नए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन का मानना है कि जब एक रेहड़ी लगाने वाले व्यक्ति को समय पर पूंजी मिलती है, तो केवल उसका व्यवसाय ही नहीं बढ़ता, बल्कि उसके बच्चों की पढ़ाई, परिवार की सुरक्षा और जीवन की उम्मीद भी मजबूत होती है।डिजिटल भारत से जुड़ेंगे छोटे व्यापारीइस विशेष अभियान में डिजिटल सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. के निर्देश पर पेटीएम, फोनपे, भीम और भारतपे जैसी डिजिटल पेमेंट एजेंसियों के प्रतिनिधि मेले में मौजूद रहेंगे। व्यापारियों के यूपीआई और क्यू-आर कोड ऑन-बोर्डिंग का कार्य मौके पर ही किया जाएगा। साथ ही साइबर सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल भुगतान को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित होंगे, ताकि छोटे कारोबारी डिजिटल लेन-देन को बिना डर और आत्मविश्वास के साथ अपना सकें।महिलाओं और दिव्यांग व्यापारियों को मिलेगा विशेष सम्मानअभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों को मेले में सम्मानित किया जाएगा। विशेष रूप से महिला स्ट्रीट वेंडर्स और दिव्यांग व्यापारियों को मंच पर सम्मान देकर उनकी मेहनत और संघर्ष को पहचान दी जाएगी। इतना ही नहीं, व्यापारियों के बच्चों की शिक्षा, खेल और कला में उपलब्धियों को भी सम्मानित करने की तैयारी है।जनकल्याण योजनाओं से भी जोड़े जाएंगे हितग्राहीअभियान के दौरान पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, आयुष्मान भारत, सामाजिक सुरक्षा बीमा और श्रमिक पंजीयन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। शासन का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को केवल ऋण ही नहीं, सुरक्षा और सम्मान से भरा जीवन भी मिले।माहव्यापी स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला का आयोजन केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि उन मेहनतकश लोगों के सपनों को नई उड़ान देने की पहल है, जो हर दिन संघर्ष करते हैं, लेकिन हार नहीं मानते। यह अभियान हजारों परिवारों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख सकता है।नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 1 जून से 30 जून तक आयोजित स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला रेहड़ी-पटरी व्यावसायियों को आर्थिक सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ेगा। मेले में ऋण वितरण, यूपीआई-क्यूआर सुविधा, जनधन, आयुष्मान और बीमा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकार छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। हर पात्र हितग्राही तक योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रदेश का हर मेहनतकश नागरिक आत्मनिर्भर बने, यही सरकार की प्राथमिकता है। - श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री--
- बिलासपुर. कक्षा 5वीं एवं 8वीं केन्द्रीकृत वार्षिक परीक्षा सत्र 2025-26 की पूरक परीक्षाओं की समय सारणी जारी कर दी गई है। जारी समय सारणी के अनुसार कक्षा 5वीं की परीक्षाएं 6 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होंगी। इसमें 6 जून को हिन्दी, 8 जून को गणित, 10 जून को पर्यावरण तथा 12 जून को अंग्रेजी विषय की परीक्षा होगी। सभी परीक्षाएं प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक संचालित की जाएंगी। इसी प्रकार कक्षा 8वीं की पूरक परीक्षाएं 6 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होंगी। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 6 जून को हिन्दी, 8 जून को गणित, 9 जून को सामाजिक विज्ञान, 10 जून को अंग्रेजी, 11 जून को संस्कृत एवं उर्दू तथा 12 जून को विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। कक्षा 8वीं की परीक्षाएं प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक संपन्न होंगी।
- 0- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत खजुरी में ‘खेती बचाओ अभियान’ आयोजितबिलासपुर. राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत विकासखंड तखतपुर के ग्राम पंचायत खजुरी में "खेती बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि संयुक्त संचालक कृषि संभाग बिलासपुर श्री आर.के. राठौर ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा होती है। उन्होंने किसानों को नील हरित काई (बीजीए) उत्पादन एवं उपयोग का प्रशिक्षण दिया तथा 10 पैकेट निःशुल्क वितरित किए।कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा ने जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन एवं वाफसा जैसी तकनीकों की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक लाभ बताए। विषय वस्तु विशेषज्ञ श्रीमती एकता ताम्रकार ने नीमास्त्र निर्माण एवं उपयोग की विधि समझाई।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपसंचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि अभियान के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग तथा रासायनिक आदानों की खपत कम करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें प्राकृतिक खेती के विभिन्न मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही। संचालन श्री विनोद साहू ने किया।
- बिलासपुर. म.प्र. शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित बिलासपुर का निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार संचालक मंडल के सदस्यों के निर्वाचन हेतु 6 जून को नामांकन पत्रों की प्राप्ति एवं 13 जून को आमसभा आहूत कर मतदान एवं मतदान पश्चात मतगणना होगी। समिति के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन 20 जून को होगा।
- 0- निजी टैंकरों को पानी देने की बात से अधिकारियों का इंकारभिलाई नगर। जोन क्रमांक 04 अंतर्गत क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति में अनियमितता को लेकर सामने आए आरोपों पर जोन आयुक्त द्वारा कड़ा रुख अपनाया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा गया है। पेयजल अनियमितता के इस संवेदनशील मामले में जोन आयुक्त द्वारा कार्यपालन अभियंता संजय वर्मा और सहायक अभियंता चंद्रकांत साहू से विस्तृत जानकारी ली गई।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा किसी भी निजी टैंकर को पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है और न ही पेयजल वितरण में कोई जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है।अधिकारियों से प्रारंभिक जानकारी प्राप्त करने के बाद, मामले की तह तक जाने और स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए जोन आयुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। जोन आयुक्त द्वारा कार्यपालन अभियंता को इस पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जाँच करने हेतु निर्देशित किया गया है। "जनता को सुचारू पेयजल उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की पूरी रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।"नगर निगम प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से क्षेत्र में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- रायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लवनिया की उपस्थिति में जोन 2 क्षेत्र अंतर्गत बाजार क्षेत्र में गन्दगी फैलाने की जनशिकायतें औचक निरीक्षण में स्थल पर सही मिलने पर सम्बंधित 6 संस्थानों नयन ज्योति हॉस्पिटल से 5000 रूपये,शान्ति बाई से 1000 रूपये, बिर्ची बैग से 500 रूपये, नीतिन चौरसिया से 200 रूपये, सोनकर से 100 रूपये, होटल त्रिमूर्ति इन से 1000 रूपये कुल 6 भिन्न संस्थानों से कुल 7800 रूपये ई चालान सम्बंधितों को भविष्य के लिए कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए वसूला और गन्दगी से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायतों का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- 0- रायपुर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग ने वार्ड 61 में की कार्रवाई0- भाठागांव पहलवान वाटिका क्षेत्र में की कार्रवाई में अवैध रोड हटाया गयारायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उपअभियंता श्री सागर ठाकुर एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 61 अंतर्गत भाठागांव पहलवान वाटिका क्षेत्र में लगभग डेढ़ एकड़ भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग की जानकारी मिलते ही वहाँ पहुंचकर वहाँ निर्मित अवैध मुरूम रोड को तत्काल जेसीबी मशीन की सहायता से काटकर और आवागमन को बाधित कर स्थल पर कारगर रोक लगायी.
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- हितग्राहियों को मिला शासन की योजनाओं का लाभ
राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के ग्राम पंचायत पटपर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शासन की मंशानुरूप गांव-गांव, द्वार-द्वार पहुंचकर आमजन की समस्याओं के समाधान एवं शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली तथा विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर ही समस्याओं के समाधान की पहल की गई। डोंगरगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के क्लस्टर पटपर शिविर में ग्राम पंचायत मेंढा, अमलीडीह, टप्पा, कोलिहापुरी नवा, उरईडबरी, झंडातलाब, पिनकापार, मोतीपुर, धनडोंगरी, भोथली, मक्काटोला, रामाटोला एवं पटपर सहित 13 ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, बिहान समूह की महिलाएं, किसान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए। शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, उद्यानिकी, जल संसाधन, विद्युत, स्वास्थ्य, वन, खाद्य, मत्स्य, परिवहन, सहकारिता, पशुधन विकास, ग्रामोद्योग, शिक्षा एवं लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की तथा हितग्राहियों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए। शिविर में कुल 891 आवेदन प्राप्त हुए। विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्काल निराकरण योग्य आवेदनों का मौके पर ही समाधान किया गया।
शिविर के दौरान शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। शिविर में 7 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 किशोरियों को एचपीवी टीकाकरण प्रमाण-पत्र, 2 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा 2 वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 10 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई कार्यक्रम अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई तथा पोषण किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत डोंगरगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती लता अजय सिन्हा, जिला पंचायत सभापति श्री प्रशांत कोडापे, जनपद सदस्य श्री अशोक नेताम, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी, तहसीलदार डोंगरगढ़, सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगढ़, सरपंच श्री बोधिराम साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। - राजनांदगांव । केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में चलाए जा रहे धरती माता बचाओ खेत बचाओ अभियान के तहत छुरिया विकासखंड के ग्राम कुमरदा में किसानों एवं महिलाओं को जागरूक किया गया। किसानों को खेती की नई तकनीकी, खेती में जैविक विधि अपना कर खेत बचाओ एवं पानी बचाओ, उन्नत किस्म की खेती कर उन्नति की डीएसआर विधि का उपयोग कर खेती करने के संबंध में जानकारी दी गई।कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुदेश पटेल ने किसानों विभिन्न प्रकार की जैविक खेती करने के लाभ के बारे में बताया तथा जैविक विधि के माध्यम से खेती करने के सलाह दी। तकनीकी खेती अंतर्गत डायरेक्ट सी ड्रिल्स शोइंग एवं नील हरित का निर्माण कर नाइट्रोजन की बचत साथ हरी खाद की खेती कर खाद के रूप में उपयोग करने हेतु सलाह दी गई। कीटनाशक निर्माण हेतु जैविक कीटनाशक में 10 लीटर गोमूत्र, 1 किलो लहसुन, 1 किलो सीता पत्ता, 1 किलो का रंग पत्ता और 1 किलो नीम पट्टी सड़कर कीटनाशक निर्माण करने के बारे में बताया। इस दौरान एडीओ श्री गौरीशंकर, आरईओ श्री नितिन श्रीवास, श्रीमती शारदा जांबंधु, कृषि सखी, पशु सखी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम रेंगाकठेरा निवासी श्री दिनेश कुमार निषाद का पक्के घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ है। श्री दिनेश कुमार निषाद ने बताया कि उन्हें सुशासन तिहार के शिविर में नवनिर्मित आवास की चाबी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि वर्षों से कच्चे मकान में रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को बारिश, आंधी-तूफान तथा अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के मौसम में घर की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। उन्होंने बताया कि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले नया घर मिलना उनके लिए किसी सौगात से कम नहीं है। अब उन्हें बारिश, आंधी-तूफान, जीव-जन्तुओं तथा बंदरों से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी और पूरा परिवार सुरक्षित वातावरण में जीवनयापन कर सकेगा।
श्री दिनेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई खुशियां और सुरक्षा प्रदान की है। - -ग्रामीणों से योजनाओं का लिया फीडबैक-देवगुड़ी निर्माण के लिए 5 लाख देने की घोषणारायपुर। उप मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक श्री अरुण साव ने सोमवार को लोरमी के ग्राम जरहापारा में आम पेड़ के नीचे जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने इस दौरान गांव में हुए विकास कार्यों पर चर्चा कर जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने जरहापारा में देवगुड़ी निर्माण के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। श्री साव ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया। उन्होंने ग्रामीणों के आवेदनों के निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि डबल इंजन की सरकार वनांचलों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार जनमन योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से वन ग्रामों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है।
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- पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध
- किसान कमल नारायण, घनश्याम एवं ललिता ने पर्याप्त खाद मिलने पर संतोष जाहिर किया
राजनांदगांव । जिले में खरीफ सीजन में खेती-किसानी के लिए तैयारी जोरों पर है और किसानों में उत्साह है। किसान सहकारी समितियों में जाकर खाद एवं बीज की खरीदी कर रहे है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने खरीफ सीजन में खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद-बीज का वितरण कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज के लिए किसी भी तरह की परेशानी नहीं होना चाहिए। इस वर्ष खरीफ में धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद एवं नैनो यूरिया व डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सिंगदई के किसान श्री कमल नारायण साहू ढाबा सोसायटी में खाद लेने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 2 एकड़ 35 डिसमिल जमीन है। आज यहां 3 बोरी यूरिया, 3 बोरी डीएपी, 3 बोरा पोटाश खाद की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसान श्री कमल नारायण साहू ने बताया कि आज जरूरत के हिसाब से खाद मिल गया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों में खुशी है।
ग्राम फरहद के किसान श्री घनश्याम पटेल ने बताया कि उनके पास 1 एकड़ जमीन है और आज वे ढाबा सोसायटी से खाद एवं राखड़ लेकर जा रहे हैं। वे महामाया धान की फसल लेंगे। उन्होंने बताया कि 30 से 35 कट्टा धान का उत्पादन हो जाता है। जिसे वे कृषक उन्नति योजना के तहत बिक्री करेंगे। ग्राम सिंगदई की ललिता साहू ने बताया कि उनके पास साढ़े 4 एकड़ कृषि भूमि है। वह ढाबा सोयायटी खाद लेने पहुंची थी। उन्होंने सोसायटी से 5 बोरी यूरिया, 5 बोरी पोटाश एवं 5 बोरा डीएपी क्रय किया। उन्होंने कहा कि सोसायटी से समय पर खाद मिलने से खेती-किसानी का कार्य समय पर प्रारंभ हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत धान की बिक्री से बहुत लाभ मिल रहा है। किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। - - विप्र समाज ने श्रद्धांजलि अर्पित कीरायपुर। करहुल (नांदघाट) निवासी श्रीमती कस्तूरी द्विवेदी का 80 वर्ष की आयु में 27 मई को आकस्मिक निधन हो गया। वे सेवानिवृत्त प्रधानपाठक स्वर्गीय शंकर प्रसाद द्विवेदी की पत्नी, किदवई - दामाखेड़ा के शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ चंद्रशेखर द्विवेदी , स्वर्गीय श्रीमती अम्बिका पांडेय (टेमरी , मारो) , श्रीमती देव्यानी शर्मा (गुठियाखैरा - मारो- भाटापारा) , स्वर्गीय श्रीमती अनुसुईया शुक्ला, (पडरभटृठा , मुंगेली) और श्रीमती सरस्वती दीवान (नवागढ़ , बेमेतरा) की माता तथा टेकारी - करही निवासी स्वर्गीय मोती प्रसाद उपाध्याय - स्वर्गीय दुलारी उपाध्याय की पुत्री तथा ओंकार व नेहरू की बहन थीं।विप्र समाज ने श्रद्धांजलि अर्पितश्रीमती कस्तूरी द्विवेदी के निधन पर विप्र समाज के सदस्य भूपेन्द्र शर्मा (टेकारी वाले), प्रशांत शर्मा , संतोष उपाध्याय, (दुर्ग), नीलिमा शर्मा, नवीन- किरण उपाध्याय, प्रकाश उपाध्याय, (बालोद), वीणा मिश्रा, कल्पना (दुर्ग) , विजय शर्मा आदि ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।
- -बच्चों के सपनों को मिलेगा सरकार का संबल-महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री सायनारायणपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने अबूझमाड़ प्रवास के दौरान ओरछा विकासखंड के ग्राम गारपा पहुंचकर ग्रामीणों, महिलाओं एवं बच्चों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने गांव में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा हितग्राहियों से चर्चा कर योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने गांव के बच्चों से सहज एवं आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान दो बच्चों ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। बच्चों की लगन और आत्मविश्वास से प्रभावित मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य निर्धारित कर मन लगाकर पढ़ाई करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास रखते हैं। यह शिक्षा, संचार और विकास की बढ़ती पहुंच का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से भी चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता के उपयोग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि उन्हें मिलने वाली राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों एवं घरेलू खर्चों में कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने बताया कि वे इस राशि का उपयोग बचत एवं भविष्य की जरूरतों के लिए भी कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से योजना की राशि का उपयोग परिवार के विकास और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में करने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री के ग्राम गारपा आगमन से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। ग्रामीणों ने शासन की विभिन्न योजनाओं से प्राप्त लाभों की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ सहित प्रदेश के सभी दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल एवं रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
- -सुशासन तिहार शिविर में प्रतिभाओं का सम्मान, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को मिली मुख्यमंत्री की सराहना-वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।कार्यक्रम में पांच विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के पांच राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।हरिकोटा भ्रमण से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोणकार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब रहा जब पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव एवं विश्रामपुरी के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने हरिकोटा शैक्षणिक भ्रमण के अनुभव साझा किए।विद्यार्थियों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, हरिकोटा में देखी गई वैज्ञानिक गतिविधियों, रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रक्रियाओं तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रस्तुत की। बच्चों ने बताया कि इस भ्रमण ने उनके भीतर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया है।बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं शैक्षणिक भ्रमणमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों को देखने और समझने का अवसर मिले, ताकि वे अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, नवाचार और ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।
- -सुशासन तिहार में सामुदायिक पुलिसिंग को मिली नई मजबूती-युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए वितरित की गई वॉलीबॉल किटरायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों का अवलोकन किया तथा समाज में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में छह हितग्राहियों को हेलमेट वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वयं हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया और लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट केवल एक सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कवच है। यातायात नियमों का पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कोंडागांव पुलिस द्वारा तैयार की गई ‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। यह पुस्तिका सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता, पुनर्वास गतिविधियों तथा पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत बनाने में ऐसे नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वॉलीबॉल खेल किट का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। सामुदायिक पुलिसिंग की ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। सुशासन तिहार के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
- -वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है – मुख्यमंत्री श्री साय-विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है-मुख्यमंत्री ने गारपा क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े अनेक विकास कार्यों की दी सौगातरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल की ग्राम पंचायत गारपा में आयोजित जन चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया। जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य वर्षों तक बाधित रहे। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह भी अनेक बार बस्तर का दौरा कर क्षेत्र के विकास एवं शांति स्थापना के प्रयासों की लगातार समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। गारपा सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कृषि एवं आजीविका संबंधी विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पशुपालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने ग्रामीणों को रामलला दर्शन योजना, अटल डिजिटल सेवा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री बस सेवा, मनरेगा जॉब कार्ड, लखपति दीदी योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा आर्थिक गतिविधियों को और अधिक बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से नक्सलवाद में आई कमी और क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था, जिसमें कई दिन लग जाते थे। अब शासन की पहल से सुविधाएं गांवों के नजदीक पहुंच रही हैं और लोगों को बड़ी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी ली।जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत गारपा के सरपंच ने भूमि सुधार संबंधी त्रुटियों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तुमेराड़ी में दो पुलियों के निर्माण, गारपा में एक किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण, उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण, मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण तथा आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से गारपा में पुलिस थाना खोलने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखा गया तथा ग्रामीणों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उपेक्षित रहे वनांचल क्षेत्रों में आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण,मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव एवं जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।जन चौपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। अबूझमाड़ के गारपा में आयोजित यह जन चौपाल शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और विकास के नए अध्याय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।
- -’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा - प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर’-’उड़िया भाषा में लिखित पंजी, पुराण, पंचांग सहित कई महत्वपूर्ण ग्रंथ पीढ़ियों से परिवारों में सुरक्षित’रायपुर । छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण में जुटे परिवारों की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम निवासी श्री रामूराम यादव से मुलाकात कर उनके पास सुरक्षित रखी गई आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा तथा उनके इतिहास, उपयोग और संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुस्तकीय विरासत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की जीवंत पहचान हैं। इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री ने पीढ़ियों से इन पांडुलिपियों को सहेजकर रखने वाले परिवारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है। जिन परिवारों ने दशकों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है, वे वास्तव में हमारी ज्ञान-संपदा के संरक्षक हैं। इस अवसर पर बड़े कनेरा के श्री हरदू कश्यप, श्री परमेश्वर मानिकपुरी, अमरावती के श्री त्रिलोचन मानिकपुरी, श्री पुरसोती राम मौर्य तथा कोपरा ग्राम के श्री चमरू नाग ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये पांडुलिपियां उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में संरक्षित हैं और आज भी अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखी जाती हैं।संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन पांडुलिपियों में पंजीयार, पंजी, पुराण, पंचांग तथा चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनका उपयोग परंपरागत ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक व्यवस्थाओं तथा ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता रहा है। इन ग्रंथों में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विधानों और समय गणना की विशिष्ट प्रणालियों का भी उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पांडुलिपियों के अध्ययन की प्रक्रिया, उन्हें पढ़ने-समझने की पारंपरिक पद्धतियों तथा वर्तमान समय में उनके संरक्षण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्राचीन ज्ञान-संपदा के संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान भारत की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।



























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