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- रायपुर। अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए मदद की फरियाद लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंची श्रीमती शशि वर्मा को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनके बच्चे का बेहतर से बेहतर इलाज होगा। मुख्यमंत्री ने श्रीमती शशि वर्मा के आग्रह पर उन्हें उनके बीमार बच्चे के साथ रायपुर स्थिति कुनकुरी सदन पहुंचाने के निर्देश दिए।यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दूर-दराज के जरूरत मंद लोगों के इलाज और ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था के लिए रायपुर में कुनकुरी सदन शुरू किया गया है। इसकी जानकारी श्रीमती शशि वर्मा को मिली तो वह भी अपने बीमार बच्चे को लेकर जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। उन्होंने मुख्यमंत्री से कुनकुरी सदन में रूकने और बच्चे का इलाज कराए जाने का आग्रह किया। संवेदनशील मुख्यमंत्री ने श्रीमती वर्मा के आग्रह पर उनके ठहरने और बीमार बच्चे के समुचित इलाज की व्यवस्था कुनकुरी सदन के माध्यम से किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुनकुरी सदन इसलिए ही बनाया गया है, ताकि राजधानी में इलाज में किसी तरह की दिक्कत महसूस कर रहे लोगों की सहायता की जाए। वहां पर प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है। श्रीमती शशि वर्मा ने बताया कि कुनकुरी सदन के बारे में यह जानकारी मिली थी कि मुख्यमंत्री द्वारा यहां बीमारों के इलाज और मरीज के परिजन के रूकने की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। जनदर्शन में वह इसी उम्मीद से अपने बीमार बच्चे को लेकर पहुंची थीं, कि उसका रायपुर में बेहतर इलाज बिना किसी परेशानी के हो सके। मुख्यमंत्री ने उनकी न सिर्फ फरियाद सुनी, बल्कि बड़ी ही सहृदयता के साथ कुनकुरी सदन में रूकने और इलाज कराने का भी प्रबंध कर दिया है। बच्चे के इलाज का प्रबंध होने पर खुशी जताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद दिया।
- -मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीर आश्रम के लिए हर संभव सहायता करेंगेरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज कबीर ब्रह्मचारिणी आश्रम, पोटियाडीह धमतरी के सदस्यगण मिले। मुख्यमंत्री ने साहेब बंदगी कहकर अभिवादन किया। कबीर ब्रह्मचारिणी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री साय को आश्रम परिसर में विविध कार्यों के संबंध में अवगत् कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग कबीर दास जी के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। आपके माध्यम से संत कबीर के विचार नई पीढ़ी को प्रसारित हो रहे हैं। हम इसमें हर संभव आपकी मदद करेंगे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जनदर्शन कार्यक्रम में आज धमतरी जिला के मकेश्वर वार्ड नं 9 की निवासी श्रीमती वंदना प्रजापति और श्रीमती रीना सोनवानी पहुंची थी। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 5 वीं किश्त की राशि उनके खाते में आ गई है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दी। वंदना प्रजापति और रीना सोनवानी ने कहा कि महतारी वंदन की हर माह मिलने वाली राशि से पूजा सामग्री और तीज-त्यौहार के लिए सामग्री सहित नई साड़ी खरीदूंगी।वंदना और रीना ने बताया कि हर माह एक हजार की राशि मिलने से आर्थिक सहायता मिल रही है। वर्तमान में बच्चों का स्कूल चालू हो गया है। ऐसे में अपने बच्चों के कॉपी, किताब, पेन्सिल और स्कूल फीस के लिए राशि का उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बूंद-बूंद से घड़ा भरता है, उसी प्रकार प्रत्येक माह एक-एक हजार रुपए मिलने वाली राशि से घर की गृहस्थी के संचालन मंे सहायाता मिल रही है। वंदना ने बताया कि जुलाई और अगस्त का महीना महिलाओं के तीज-त्यौहार, व्रत, अनुष्ठान के लिए माना जाता हैै। ऐसे में महतारी वंदन की एक हजार रुपए प्रति माह मिलने वाली राशि से पूजा सामग्री, फल-फूल खरीदने और अन्य घरेलू सामान खरीदने में व्यय करेगी। जनदर्शन में वंदना और रीना ने मकान के लिए पट्टे की मांग को लेकर आवेदन किया, मुख्यमंत्री ने संबंधित आवेदन का निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए ।
- मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए दिए निर्देशरायपुर / जनदर्शन कार्यक्रम में आज धरसींवा ब्लॉक से आए सुशील कुमार बंजारे ने मुख्यमंत्री को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने के लिए आवेदन देते हुए बताया कि वर्ष 2022 में शिक्षक दिवस के ही दिन उनके शिक्षक पिता ने खारुन नदी में डूबते बच्चे को बचाने कोशिश करते हुए असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी मौत हो गई।सुशील ने अपनी अनुकंपा नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया। उनकी बात को संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए मुख्यमंत्री ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। file photo
- मुख्यमंत्री ने ‘‘नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना’’ में 13 विद्यार्थियों को वितरित किए दो-दो लाख रुपए की राशि के चेकरायपुर, / श्रमवीरों के परिवार के बच्चों के लिए अब डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह अब आसान हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपए के चेक प्रदान किए और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।श्रमवीर परिवारों के ऐसे मेधावी बच्चे जिन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में मेरिट प्रथम दस में स्थान बनाया है, उन्हें दो-दो लाख रूपए की राशि के मिलने से इन बच्चों को अपने सपनों को पूरा करने का रास्ता मिल गया है। मुख्यमंत्री के हाथों बच्चों को सम्मानित और उन्हें राशि मिलने से ये बच्चे उत्साहित हैं। उन्हें मिले सम्मान और सहायता राशि से उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है।कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सातवां स्थान प्राप्त करने वाली वेदिका निषाद ने बताया कि वह कृषि वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। उसने कृषि महाविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा दी है। वेदिका ने बताया कि उसके माता-पिता किसानी और मजदूरी करके परिवार की गुजर बसर करते हैं। आज मिली राशि से उनका वैज्ञानिक बनने का सपना साकार हो सकेगा इस राशि का उपयोग वे आगे की पढ़ाई के लिए करेंगी।बालोद जिले की जिज्ञासा ने बताया कि उन्हें दसवीं की परीक्षा में प्रदेश में पांचवा स्थान मिला है। उनके पिता मजदूरी करते हैं। वह डॉक्टर बनने का सपना संजोए हुए है। दसवीं की मेरिट में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली पद्मनी शांडिल्य सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हैं। इसी प्रकार मेरिट में आठवें स्थान में आने वाले खोमेंद्र इंजीनियर बनना चाहते हैं। दसवीं की बोर्ड परीक्षा में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली होनिशा के पिता मिस्त्री का काम करता हैं, होनिशा डिप्टी कलेक्टर बनना चाहती हैं।
- -नया राशन कार्ड मिलने पर आज महेश ने मुख्यमंत्री को 'जनदर्शन' में दिया धन्यवादरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के ‘जनदर्शन’ से जरुरतमंदों को तुरंत राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ‘जनदर्शन’ में पहुंचे लोगों से बड़े स्नेह से मिल रहे हैं और उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देशित कर रहे हैं। रायपुर जिले के ग्राम माठ के महेश भोभरे का मां के निधन के बाद पत्नी के नाम से राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। विगत 27 जून को पहले ‘जनदर्शन’ में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी इस समस्या की जानकारी दी। संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तुरंत ही खाद्य विभाग को उनका राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर महेश के मुख्यमंत्री निवास से निकलने के पहले ही राशन कॉर्ड बन जाने की सूचना उन्हें मिल गई।मुख्यमंत्री श्री साय की तत्परता से तुरंत राशन कार्ड बन जाने से खुश महेश आज मुख्यमंत्री से मिलने दोबारा ‘जनदर्शन’ में पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवार के लिए नया राशन कार्ड मिलने पर धन्यवाद दिया और अपने परिवार की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
- -बिटिया का कॉमनवेल्थ खेलों में हुआ सलेक्शन, मुख्यमंत्री से मदद का किया आग्रह, मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को दिए निर्देशरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में आज रायपुर, अमलीडीह निवासी तलवारबाजी खिलाड़ी रीवा बेनी की माँ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पास अपनी बिटिया का आवेदन लेकर पहुंची। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि मेरी बिटिया का सलेक्शन न्यूजीलैंड में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों के लिए हुआ है, इसमें लगभग चार लाख रुपए की लागत आने की संभावना है। बिटिया का वीजा भी क्लियर हो गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से किसी तरह की मदद मिलती है तो बिटिया के लिए बहुत अच्छा होगा।मुख्यमंत्री ने पूछा कि बिटिया का अब तक का क्या अचीवमेंट रहा है, इस पर श्रीमती बेनी ने बताया कि बिटिया अभी तक नेशनल में बहुत अच्छा परफॉर्म कर चुकी है। चेन्नई और गोवा में होने वाले नेशनल गेम्स में भी बिटिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अभी बिटिया पटियाला में साई स्थित केंद्र में तलवारबाजी का प्रशिक्षण ले रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने रीवा बेनी की मदद के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के लिए खेल विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल आप कलेक्टर रायपुर से मिल लीजिए, वे खेल विभाग के साथ आवश्यक समन्वय कर आपकी हर संभव मदद करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिटिया को मेरा पूरा आशीर्वाद है, तलवारबाजी में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करे, न केवल बिटिया कॉमनवेल्थ में अपितु ओलंपिक खेलों में भी अच्छे प्रदर्शन के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करे।
- -मुख्यमंत्री जनदर्शन: ट्रायसायकल मिलने पर दिव्यांग पति-पत्नी के चेहरे खिल उठेरायपुर /दिव्यांगता को कमजोरी नही मान कर हौसले से जीवन को सहज और सरल तरीके से जीने की कला कोई श्री भागवत से सीखे। जन्म से ही दोनों पैरों से विकलांग श्री भागवत आरंग विकासखंड के ग्राम केशला के रहने वाले है। शिक्षा समाप्ति के बाद बिजली विभाग में कॉल अटेंडर के रूप में कार्य करना शुरू किया। श्री भागवत की दिव्यांगता के चलते विवाह में दिक्कतें हुई। ऐसे में उन्होंने दिव्यांग लड़की से विवाह करने का फैसला लेकर दिव्यांग वीणा निषाद से विवाह किया। बिजली विभाग फोन अटेंडर के रूप में कार्य करने से होने वाली आय से घर परिवार चलाने में दिक्कते खड़ी होना प्रारम्भ हो गया। वैसे भी उन्हें कार्यस्थल तक आने जाने के लिए दूसरों की मदद लेनी होती थी। किसी पर आश्रित नही होने की महत्वाकांक्षा उसे अंदर ही अंदर खाये जा रही थी। कही भी आने जाने की सुविधा के लिए श्री भागवत ने निःशुल्क बैटरी चलित ट्रायसाइकल के लिए समाज कल्याण और सम्बन्धित विभागों में आवेदन देने के बाद भी पिछले 2 सालों से उन्हें सहायता नही मिल पा रहा था। ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा आमजनों की शिकायतों और मांगो को पूरा करने के लिए जनदर्शन के बारे में पता चला। श्री भागवत मुख्यमंत्री के सहृदयता के बारे में विभिन्न माध्यमो से अवगत थे। उन्हें पूरे विश्वास था कि जनदर्शन में जाने से निश्चित रूप से मदद मिलेगी।जनदर्शन कार्यक्रम में श्री भागवत अपनी दिव्यांग पत्नी के साथ उपस्थित होकर बैटरी चलित ट्रायसाइकल हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आवेदन प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने उनके आवेदन पर संवेदनशीलता से विचार कर दोनों को तत्काल बैटरी चलित ट्रायसाइकल प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अमल करते हुए दिव्यांग पति-पत्नी को बैटरी चलित ट्रायसाइकल प्रदान की गई। ट्रायसाइकल मिलने पर दिव्यांग पति पत्नी के खुशी का ठिकाना न रहा। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का दिल से आभार व्यक्त किया।
- रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 5 जुलाई को सवेरे 10 बजे जशपुर जिले के विकासखण्ड कांसाबेल के ग्राम बगिया में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वित्त मंत्री एवं जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी करेंगे। यह कार्यक्रम शासकीय हाईस्कूल बगिया में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय नवप्रवेशी विद्यार्थियों को तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर स्वागत करेंगे और पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश का विवरण करेंगे। इसके अलावा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में टॉपर्स एवं विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण भी करेंगे। साथ ही शालेय परिवार द्वारा उत्कृष्ट पालको का भी सम्मान किया जाएगा।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्रीमती शांति भगत, उपाध्यक्ष श्री उपेन्द्र यादव, जनपद पंचायत अध्यक्ष कांसाबेल श्री कमल साय भगत, जिला पंचायत सदस्य जशपुर श्री सालिक साय एवं ग्राम पंचायत बगिया सरपंच श्रीमती राजकुमारी देवी उपस्थित रहेंगे।
- - गलत इलाज से अपने 7 वर्षीय पुत्र दीपेश के दिव्यांग होने की सुनाई दास्तानरायपुर /मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम में आज तिल्दा नेवरा इलाके के ग्राम तुलसी निवासी श्री अनुज बंजारे अपनी पत्नी श्रीमती पूर्णिमा और बेटे दीपेश बंजारे के साथ पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वो तिल्दा के सब्जी मंडी में हमाल का काम करते हैं। 24 अगस्त 2023 को उनके पुत्र का बायां हाथ खेलते हुए फैक्चर हो गया। तुरंत उन्होंने स्थानीय चिकित्सक के क्लिनिक जाकर उसका इलाज करवाया, जहां डॉक्टर ने 1700 रुपए लेकर प्लास्टर किया। आराम ना मिलने पर बेटे को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां पता चला कि प्लास्टर गलत तरीके से किया गया है, जिसके कारण हाथ में मवाद और सूजन आ गया है। वहां से रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया। बेटे का इलाज के लिए एम्स रायपुर गए तो वहां के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का हाथ कभी ठीक नहीं होगा और अब उसका बायां हाथ काम करना बंद कर दिया है ।वापिस आकर ईलाज के लिए हम उसी डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने 3 माह तक फिजियोथैरिपी करवाने कहा। हमने फिजियोथैरिपी करवाया पर फ़िर भी हाथ में कोई सुधार नहीं हुआ और अब ईलाज से उसने मना कर दिया। मैने डॉक्टर के खिलाफ एफ आई आर कराया है, परंतु अब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में लगाया दहीमन का पौधा-एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत 70 लाख पौधों का रोपण-राज्य में वन एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए 3.95 करोड़ पौधों का हो रहा रोपणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में पर्यावरण संरक्षण एवं हरीतिमा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान का आज विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर अपने निवास कार्यालय परिसर रायपुर में दहीमन का पौधा लगाने के साथ ही प्रदेशवासियों से अपनी मां के नाम एक पेड़ लगाए जाने का आव्हान किया। इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्कूली बच्चे मौजूद थे। दहीमन का पौधा सरगुजा अंचल में बहुतायत रूप से मिलता है। औषधीय गुणों से भरपूर और यह कई बीमारियों के इलाज में यह उपयोगी है।यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाए जाने की अपील देशवासियों से की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपील का छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई को वन महोत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन होगा, जिसके अंतर्गत 70 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।राज्य में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में लोग अपनी मां के नाम पौधा लगाएंगे। पौध रोपण कार्यक्रम को सफल बनाने एवं पौध रोपण क्षेत्र के संरक्षण के लिए इसे जनप्रतिनिधियों द्वारा गोद भी लिया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत लोग अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुरूप देवी-देवताओं के नाम पर भी पौध रोपण कर सकेंगे। वन क्षेत्रों के अलावा सामान्य क्षेत्रों में सड़कों के किनारे भी पौध रोपण किए जाएंगे।छत्तीसगढ़ राज्य में वन एवं पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 3 करोड़ 95 लाख 85 हजार से अधिक पौधों के रोपण किया जा रहा है, जिसमें से 2 करोड़ 82 लाख 35 हजार पौधों का रोपण किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत हो रहा है। राज्य में अब तक सवा करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। जुलाई माह के अंत तक शत-प्रतिशत पौधों का रोपण पूरा करने का लक्ष्य है।
- -मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत दी गई सहायता राशिरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान अपने निवास कार्यालय में श्रम विभाग के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के मेधावी बच्चोें को दो-दो लाख रूपए की राशि का चेक प्रदान किया। इसमें मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि एक लाख रूपए तथा स्कूटी क्रय के लिए दी जाने वाली एक लाख रूपए का चेक मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन सहित मेधावी बच्चों के अभिभावक विशेष रूप से उपस्थित थे।श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 13 बच्चों को कुल दो-दो लाख रूपए के मान से 26 लाख रूपए का चेक प्रदान किया। इसमें एक लाख रूपए का चेक स्कूटी खरीदी के लिए मेधावी बच्चों को प्रदान किया गया।ज्ञात हो कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में निर्माण श्रमिक के 13 बच्चे टॉप-10 सूची में है। उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। इनमें कक्षा 10वीं में गरियाबंद जिले से कुमारी होनिशा, महासमुंद जिले से कुमारी डेनिसा, रायगढ़ जिले से कुमारी बबीता एवं उमा, सूरजपुर जिले से आयुष कुमार, बलरामपुर जिले से कुमारी अंशिका, जशपुर जिले से कुमारी मीना यादव, राजनांदगांव जिले से कुमारी वंशिका, बालोद जिले से तोषण कुमार, खोमेन्द्र, कुमारी पद्मनी, जिज्ञासा एवं कांकेर जिले से कक्षा 12वीं की छात्रा कुमारी वीदेका का नाम शामिल है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आरक्षक श्री भरत लाल बरेठ के किडनी प्रत्यारोपण के लंबित देयक के भुगतान के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही किए जाने के निर्देश चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए। आरक्षक श्री बरेठ ने जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर बताया कि वह किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था। उसके इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष से 3.05 लाख रूपए व्यय का भुगतान आपोलो हॉस्पिटल बिलासपुर को किया गया। किडनी प्रत्यारोपण के बाद एंटीबॉडी मेडिकेडेट रिएक्शन होने से दवाईयों एवं प्रत्यारोपित किडनी की बायोस्पी की गई जिसके कारण इलाज का कुल 7.59 लाख रूपए का खर्च आया है। आरक्षक श्री भरत लाल बरेठ ने अपनी शारीरिक एवं आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से किडनी प्रत्यारोपण एवं इलाज पर व्यय शेष राशि 4.55 लाख रूपए का भुगतान शासन की ओर से किए जाने का आग्रह किया। संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आरक्षक श्री बरेठ के चिकित्सा देयक की शेष राशि के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही का भरोसा दिलाया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आज यहां आयोजित सप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। जिसमें डॉक्टरों की टीम द्वारा प्रदेश के दूर-दूराज से आए लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया किया जा रहा है और उन्हें निःशुल्क दवाईयां दी जा रही है। साथ ही चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है। शिविर के दौरान मरीजों का खून जांच, बी.पी. शुगर एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधित जांच की व्यवस्था की गई है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में युग प्रवर्तक और युवाओं के प्ररेणास्रोत स्वामी विवेकानंद के पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन किया। श्री साय ने कहा है कि स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और आध्यात्म से पूरी दुनिया का परिचय कराया और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया। छत्तीसगढ़ ने स्वामी जी के उदार, व्यवहारिक और सुधारवादी सिद्धांतों को अपनाया है। स्वामी जी के बचपन का कुछ समय रायपुर में बीता, यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आज छत्तीसगढ़ स्वामी जी के दिखाए मार्ग और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है।गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी। वे महान संत श्री रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे।
- -स्कूल और कॉलेज जाने आने के लिए स्कूटी खरीद सकेंगे पुरस्कृत बच्चेरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम से पूर्व पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों के मेधावी बच्चों को नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 26 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान करने के साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन मौजूद थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में स्थान अर्जित करने वाले पंजीकृत श्रमिकों के 13 मेधावी बच्चों को नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के दो-दो लाख रुपए की सहायता राशि का चेक वितरित प्रदान किए। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मेधावी बच्चों को प्रदान किए गए दो-दो लाख रूपए की राशि में एक लाख रुपए प्रोत्साहन स्वरूप और एक लाख रूपए स्कूटी खरीदने के लिए दिए गए।यहां यह उल्लेखनीय है कि योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को, जो कक्षा 10वीं एवं 12वीं में शिक्षा सत्र 2023-24 में अध्ययनरत तथा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2023-24 में टॉप-10 सूची में है, उन्हें इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है।
- मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के दिए निर्देशरायपुर / ग्राम सुखरी, कुशभाठा नगेडा, छतवन के किसान धान की फसल को धान की फसल ओलावृष्टि से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति दिलाने की गुहार लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलने जनदर्शन पहुंचे। मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्या गंभीरतापूर्वक सुनीं और कलेक्टर बलौदाबाजार को इस प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री को बलौदाबाजार जिले के सोनाखान तहसील के इन किसानों ने बताया कि हमारे गांवों में 2023 में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लगी थी, धान पक चुकी थी कि मई माह में जोरदार ओलावृष्टि हुई जिससे धान की फसल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। ओलावृष्टि से नुकसान हुए फसल की क्षतिपूर्ति हेतु कलेक्टर को आवेदन दिया गया था।पटवारी द्वारा फसल का निरीक्षण कर प्रकरण बनाकर तहसील में जमा कर दिया गया है। लेकिन हमें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। जबकि उसी समय ओलावृष्टि हुए आस-पास के गावों कलमीदादर बानीखार, देवरी, नगेड़ी, सहित कुल 33 गांवों को मुआवजा मिल चुका है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित सप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र के कमार जनजाति परिवारों के आवेदन की सुनवाई की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को वर्षाें से बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 निवासरत कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा जारी नोटिस की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 में निवासरत कमार जनजाति के परिवार के लोग मुख्यमंत्री से बेदखली की कार्यवाही रोकने की फरियाद लेकर पहुंचे थे। श्री अलख राम कमार ने बताया कि उसके सहित 20 कमार परिवारों को उक्त वन क्षेत्र में निवास कर रहे हैं। कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए नोटिस जारी की गई है। उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार वन अधिकार अधिनियम 2006 के पूर्व से 20 कमार परिवार के लोग उक्त वन क्षेत्र में निवास कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। वर्ष 2008 में ग्राम पंचायत तमोरा द्वारा पेयजल व्यवस्था के लिए वहां बोर खनन कराया गया है। वन अधिकार समिति द्वारा 10 मई 2008 को काबिज परिवारों को पट्टा दिए जाने की भी अनुशंसा की गई है। पट्टा के नाम पर अधिकारियों द्वारा राशि की मांग किए जाने का विरोध करने पर आज पर्यन्त तक उन्हें वन अधिकार पट्टा नहीं दिया गया। कमार परिवारों को प्रताड़ित करने के लिए समय-समय पर बेदखल किए जाने की धमकी और नोटिस दी जाती है, जिससे कमार परिवार के लोग भयभीत है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
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रायपुर / प्रदेश के प्रतिभावान खिलाडी प्रशिक्षक को खेल पुरस्कार के लिए 10 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे। खेल एवं युवा कल्याण द्वारा वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के लिए विभिन्न श्रेणी के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसकी तिथि 30 जून थी। शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान एवं शहीद विनोद चौबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, इत्यादि के लिए कार्यालयीन समय में आवेदन कर सकते हैं।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री प्रवेश जोशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को प्रदान किये जाते हैं। राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग के ऐसे खिलाडियों को शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में या राष्ट्रीय खेलों में कोई पदक प्राप्त किया गया हो या अधिकृत अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व किया गया हो।
इसी प्रकार जूनियर वर्ग के उन खिलाडियों को शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है, जिनके द्वारा जूनियर वर्ग के राष्ट्रीय चौम्पियनशिप में कोई पदक प्राप्त किया गया हो। ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चौग्पियनशिप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला, पुरुष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान से सम्मानित किया जाता है। साथ ही प्रशिक्षको, निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार से अलंकृत किया जाता है। खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या संबधित ने ऐसी कोई उल्लेखनीय सेवा खेल के क्षेत्र में की हो, उन्हें शहीद विनोद चौवे सम्मान से अलंकृत किया जाता है। इसी प्रकार सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जाती है। पुरस्कार के नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं, नियमों के अंतर्गत पात्रता रखने वाले आवेदकों को पुरस्कार के लिए प्रावीण्यता के आधार पर चयन किया जाएगा।
शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार हेतु रूपये 03 लाख, शहीद कौशल यादव पुरस्कार हेतु रूपये 01 लाख 50 हजार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार हेतु रूपये 01 लाख 50 हजार, शहीद विनोद चौबे सम्मान एवं पंकज विकम राग्मान हेतु रूपये 25-25 हजार नगद पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे। इसी प्रकार सीनियर एवं जूनियर वर्ग के दलीय खेलों के लिए मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की जायेगी, जिसमें ऐसे समूह खेल जिसके सदस्यों की संख्या 04 है, उन्हें सीनियर वर्ग में रूपये 02 लाख एवं जूनियर वर्ग में रूपये 01 लाख का पुरस्कार दिया जायेगा तथा ऐसे दलीय खेल जिनमें सदस्यों की संख्या 04 से अधिक है, उन्हें सीनियर वर्ग में रूपये 05 लाख तथा जूनियर वर्ग में रूपये 03 लाख का पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। पुरस्कार के अतिरिक्त मानपत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर एवं टाई प्रदान की जावेगी।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहन नियम के तहत नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में (01 अप्रैल से 31 मार्च तक 02 वर्ष) जिन खिलाडियों ने सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया है, वे खिलाड़ी कार्यालय सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायपुर एवं संबंधित खेल संघ से आवेदन फार्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे।
इसी प्रकार खेलवृत्ति (डाईट मनी) के लिए जिन खिलाड़ियों ने अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया हो, खेलवृत्ति हेतु आवेदन कर सकेंगे। खेलवृत्ति हेतु अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। खेल संघों से प्रोत्साहन के लिए उनके द्वारा वर्ष 2021 एवं 2022 में (01 अप्रैल से 31 मार्च दो वर्ष के लिये) अर्जित की गई उपलब्धि के लिए प्रेरणा निधि के आवेदन कार्यालय सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायपुर या संचालनालय में निर्धारित तिथि तक जमा कर सकेंगे।
पुरस्कार, नगद राशि, खेलवृत्ति एवं प्रेरणा निधि हेतु आवेदन फॉर्म संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण या कार्यालय सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायपुर या राज्य खेल संघों से प्राप्त किये जा सकते हैं। शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संघों के माध्यम से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत् राज्य खेल संघों की अनुसंशा सहित प्राप्त किये जायेंगे। खेल संघ पृथक-पृथक वर्षवार दो पुरस्कारों (एक महिला, एक पुरूष खिलाड़ी) के लिये वरीयता के आधार पर 2-2 खिलाड़ियों के नाम की अनुशंसा कर सकेंगे। पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संचालनालय एवं कार्यालय सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायपुर में खिलाड़ियों से सीधे स्वीकार नहीं किये जायेंगे।
जिला कर्यालय सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायपुर / संचालनालय में राज्य खेल संघों से अनुसंशा सहित आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि जो पूर्व में 30 जून 2024 कार्यालयीन समय तक निर्धारित की गई थी अब 10 जुलाई तक खिलाड़ी को पृथक-पृथक वर्षों के लिए पृथक-पृथक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्रों का प्रारूप मे विज्ञापन विभाग की वेबसाईट http://sportsyw.cg.gov.in पर उपलब्ध है।
पुरस्कार नियम में प्रावधानों के अनुरूप जिन खिलाड़ियों की मान्यता प्राप्त संघ द्वारा पुरस्कार के लिए अनुसंशा नहीं की गई है और तुनलात्मक रूप से उनकी उपलब्धि अधिक है, तो ऐसे खिलाडी तत्सबंधी विवरण प्रस्तुत कर, निर्धारित प्रारूप में अपना व्यक्तिगत विवरण लेख करते हुए 10 जुलाई 2024 तक कार्यालयीन समय में संचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल अतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर या कार्यालय सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण जिला-रायपुर में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं। -
*पहले थे सिर्फ तीन कक्ष अब हो गए दस, अलग-अलग सेक्शनों में बैठकर हो रही पढ़ाई*
*जिले में 298 स्कूलों का हुआ निर्माणकार्य पूर्ण
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले मंे शाला भवनों का जीर्णोंधार का कार्य तेजी से हुआ है। जो शाला भवन जर्जर थे। उनमें सुधार कार्य किया गया है। साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्ष भी बनाए गए है। इन कक्षों में बच्चों की कक्षाए लग रही है और उन्हें पहले से अधिक सुविधाजनक है। कहीं पर लाईब्रेरी बनाए गए तो कहीं पर लैब तो कहीं पर शिक्षकों के बैठने के लिए कमरे।
जिले में स्कूल के 298 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और 76 कार्य प्रगति पर हैं। धरसींवा विकासखण्ड के संजय नगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में 25 कमरे हैं जिनमें सुबह प्राइमरी से मिडिल की कक्षाएं लगती है। पहले यह कक्षाएं जर्जर थी तो साथ ही कक्षाओं के आकार छोटे थे और कक्षाओं की संख्या भी कम थी। स्कूल प्रबंधन द्वारा आवश्यकता बताए जाने पर कक्षों का निर्माण किया गया। अब यहां 10 नए कक्ष निर्माण किए गए इनमें दो बडे हॉल शामिल है जिसमें एक हॉल में लाईब्रेरी बनाया गया है, जहां बच्चे अपने निर्धारित कालखंड में पुस्तक प्राप्त कर अध्ययन करेंगे, वहीं दूसरा हॉल सुंदर और सुसज्जित है, यह पूर्ण हो चुका है और इसका उपयोग इंडोर गेम जैसे कैरम, टेबल टेनिस इत्यादि के लिए किया जाएगा। इससे स्कूली बच्चों की प्रतिभा सामने आएगी और विभिन्न खेल प्रतिक्रियाओं में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।
परिसर के दुसरे स्तर में भूतल में तीन छोटे कमरे और एक जर्जर कक्ष था, कमरे छोटे होने से जीर्णोंधार होने से पांच नए-नए कक्ष बनाए गए और उनके उपर प्रथम तल पर पांच बडे कक्ष निर्मित किए है। इनमें कुछ कक्षाओं में स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी गई है। प्राचार्य श्रीमती सुधा तिवारी बताती है कि पहले कक्ष सीमित होने से हम सभी बच्चों को एक साथ बैठाना पड़ता था जिसमें असुविधा होती थी। जीर्णोधार के बाद दस नए कक्ष मिल गए जिसमें प्राइमरी से मिडिल कक्षाओं को सेक्शनों में विभाजित कर दिया गया है। बच्चे अलग-अलग क्लासरूम में बैठ कर अध्ययन कर रहे हैं। वहीं पुरानी कक्षाओं को स्टॉफ रूम के रूप में उपयोग किया जा रहा है जो महिला और पुरूष को अलग-अलग व्यवस्था कर दी गई है जहां पर शिक्षकों की बैठने की उत्तम व्यवस्था हो गई है। जल्द ही नए कक्ष में लाईब्रेरी भी प्रारंभ हो जाएगी। -
रायपुर/जिले के बेरोजगारों को खुद का व्यवसाय शुरू करनेे जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्या. रायपुर द्वारा आवेदन आमंत्रित किया गया है। जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग अंतर्गत बैंक प्रवर्तित अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत छोटे-छोटे व्यवसायियों को अंत्योदय स्वरोजगार योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षित बेरोजगारों को बैंक के माध्यम से ऋण प्रदाय कर उनकी आर्थिक स्थिति सुधार किया जा सकेगा।
आवेदक किसी भी प्रकार के व्यवसाय जैसे- बेकरी कार्य, भोजन बनाना, चाट की दुकान, कोचिंग क्लासेस एवं स्व-सहायता समूह का लेखा संधारण, हेयर कटिंग सेलून-ब्यूटी पार्लर, चाय केन्टीन एवं नास्ता केन्द्र, योग शिक्षा, बच्चों की देख-भाल (झूलाघर), लॉन्ड्री कार्य, घड़ी साज, विद्युत यंत्र सुधारक, सायकल मरम्मत, स्कूटर मोपेड, टू-व्हीलर रिपेयरिंग, घर की साज-सज्जा, बागवानी एवं नर्सरी पशुपालन एवं मछली पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, फुटकर विक्रेता, मशाला उद्योग, सॉफ्ट-टायज, कृत्रिम आभूषण निर्माण, दिव्यांगों एवं बुजुर्गाे की देखभाल, चाट निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, स्टेशनरी दुकान, सिलाई-कढ़ाई-बुनाई, स्वेटर बुनाई, मशरूम उत्पादन, ईट-खपरा निर्माण, डिटर्जेन्ट पाउडर निर्माण, लघु वनोपज वनौषधि निर्माण एवं व्यवसाय इलेक्ट्रीक मोटर पम्प मरम्मत व्यवसाय, खनिज आधारित व्यवसाय, कम्प्यूटर हार्डवेयर मरम्मत व्यवसाय, टाट-पट्टी दरी बुनाई व्यवसाय, रेडियो टी.वी. टेप रिपेयरिंग व्यवसाय, काष्ठकला फर्नीचर व्यवसाय, प्लास्टिक एवं बर्तन दुकान, किराना दुकान, फैन्सी (मनिहारी) व्यवसाय, स्टील फेब्रीकेशन, बर्मी कम्पोज मेकिंग, फॉस्ट फूड सेन्टर, एगरोल सेन्टर आदि व्यवसाय आदि विभिन्न छोटे-छोटे व्यवसाय संचालित करने हेतु अंत्योदय एवं आदिवासी योजनान्तर्गत ऋण हेतु आवेदन कर सकते है। इसके लिए आवेदक की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही आवेदक को आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन करना होगा।
जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजनान्तर्गत 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम दस हजार रूपये का अनुदान देय है। परन्तु ऋण राशि की अधिकतम सीमा बंधनकारी नही है। पात्र आवेदक कार्यालय कलेक्टर परिसर, जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, मर्या, रायपुर, कक्ष क्रमांक-34 से आवेदन पत्र प्राप्त व जमा कर सकते है। -
दुर्ग/ जिले में आजीविका गतिविधि करने वाले परिवार एवं ऐसे परिवार जिसे पहले से ही कृषि/गैर कृषि गतिविधि के अंतर्गत कवर किया गया हो तथा एसएचजी की सभी आर्थिक एवं सामाजिक श्रेणियों को समान अवसर देते हुए लखपति दीदी बनाने प्रशासनिक पहल की जाएगी। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में लखपति दीदियों की पहचान एवं कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि जिले में आजीविका गतिविधि से जुड़े हितग्राही महिलाओं को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाना है। इन महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में विभागों को अपनी सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी जनपद सी.ई.ओ. को जनपद की विभागीय बैठक में कार्ययोजना से अवगत कराने के निर्देश दिये। जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन ने प्रस्तावित कार्ययोजना से अवगत कराया कि संभावित लखपति दीदियों के लिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और एक्सपोजर विजिट के अवसरों की पहचान करना। एसएचजी परिवारों द्वारा नियोजित आजीविका गतिविधियों के प्रकार को एकत्रित करना और समर्थन के लिए वस्तु/उत्पाद/सेवा कलस्टर तैयार करने के लिए ब्लॉक का समर्थन करना। संपत्ति, कौशल, प्रशिक्षण, वित्त और बाजार पहुंच से संबंधित मांगों को प्रदाय करना। आजीविका गतिविधियों के चयन में एसएचजी दीदियों को सहायता प्रदान करना। उन्होंने बताया कि कार्ययोजना के तहत पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य विभाग की विभागीय योजनाओं सेे हितग्राही महिलाओं को जोड़कर एवं फाइनेंशियल विभाग की गतिविधियों सेे हितग्राहियों महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, सभी नगर निगमों के आयुक्त, सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। -
दुर्ग / जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम रबी वर्ष 2023-24 हेतु गेंहू सिंचित, गेंहू असिंचित, चना एवं राई सरसों फसले अधिसूचित की गई थी, जिसके तहत 42630.64 हेक्टेयर क्षेत्र के 32113 कृषकों का फसल बीमा आवरण किया गया है। जिले में रबी मौसम में स्थानीय मौसम आपदा, असामयिक वर्षा, ओलावृष्टि आदि के कारण फसलों यथा चना एवं गेंहू फसल को अत्याधिक क्षति हुई है। योजना अंतर्गत प्रावधानानुसार स्थानीय आपदा की जानकारी कृषकों के द्वारा 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नम्बर पर सूचना दी गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत बीमा कंपनी द्वारा सर्वे कार्य किया गया तथा व्यक्तिगत कृषकों के फसल क्षति का आंकलन कर दावा भुगतान एवं फसल कटाई प्रयोग व थ्रेस होल्ड उपज के आधार पर क्षति का आंकलन कर दावा भुगतान की राशि सीधे कृषकों के खाते में प्रदाय की गई।
उप संचालक कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में 20615 पात्र कृषकों को क्षतिपूर्ति राशि दावा गणना कर राशि 44 करोड़ 15 लाख 44 हजार 632 रूपए का भुगतान सीधे उनके खाते में किया गया है। वर्तमान में खरीफ वर्ष 2024 में अधिक से अधिक कृषकों को अधिसूचित फसलों के बीमा आवरण में लाये जाने हेतु विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे कृषकों को आर्थिक जोखिम की स्थिति में लाभ मिल सके। कृषि विभाग द्वारा जिले के समस्त कृषकों से अपील की जा रही है कि खरीफ मौसम 2024 में शत्-प्रतिशत् रकबे को बीमा आवरण में लाये, जिससे मौसम विपरीत परिस्थिति में आर्थिक जोखिम से बचा जा सकें। -
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई, डूमरडीह स्थित शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद का किया निरीक्षण
बच्चों में अक्षर एवं गणितीय ज्ञान को परखा
दुर्ग / कलेक्टर सु़श्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज नये शिक्षा सत्र प्रारंभ होने पर शालाओं में अध्ययन-अध्यापन, शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लेने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई, शासकीय प्राथमिक शाला डूमरडीह, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डूमरडीह एवं स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों के सभी कक्षाओं का अवलोकन किया।
*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई का किया निरीक्षण*
कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई की चौथी क्लास के बच्चों से अक्षर ज्ञान एवं गणितीय ज्ञान को परखा। कलेक्टर ने अक्षर ज्ञान को परखने के लिए बच्चों से हिन्दी पाठ्यपुस्तक से एक पैराग्राफ पढ़कर सुनाने को कहा। तत्पश्चात बच्चों को ब्लेक बोर्ड में अभिलाषा लिखने को कहा। उन्होंने सभी बच्चों को अपने-अपने नाम की स्पेलिंग हिन्दी और अंग्रेजी में लिखने को कहा। जिसे बच्चों ने अपनी कॉपी में लिखकर उन्हें दिखाया। कलेक्टर ने बच्चों से छत्तीसगढ़ की राजधानी और भारत की राजधानी से संबंधित प्रश्न पूछा। जिस पर सभी बच्चों ने सही-सही जवाब दिया। इस दौरान क्लास रूम मंे उपस्थित शिक्षिका को कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर उन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। बच्चों में अक्षर ज्ञान की समझ कम होने पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को सभी क्लास रूम में शिक्षण सहायता सामग्री पोस्टर एवं चार्ट लगवाने एवं स्कूलों में शिक्षक संदर्शिका उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयकों बीईओ, संकुल शैक्षिक समन्वयक को स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सतत् निरीक्षण करने को कहा। साथ ही स्कूल परिसर को साफ-सुथरा कराने के निर्देश भी दिए।
*डूमरडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का निरीक्षण*
कलेक्टर ने तीसरी क्लास के बच्चों में गणितीय ज्ञान को परखने के लिए बच्चों से पूछा कि आप में से कौन बच्चा एक से लेकर 30 तक गिनती सुनाएगा। आधे बच्चों ने हाथ उठाकर हामी भरी और एक छात्रा ने खड़े होकर 1-30 तक गिनती सुनाई। कलेक्टर ने इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। चौथी क्लास में हिन्दी पाठ्यपुस्तक का रिडिंग कर रहे बच्चों से ’गुण’ का अर्थ पूछा। साथ ही उन्होंने 51-60 तक गिनती पूछी। इसके बाद उन्होंने बच्चों से ब्लेक बोर्ड में ’वन (एक) की स्पेलिंग लिखने को कहा। जिस पर बहुत सारे बच्चों द्वारा गलत स्पेलिंग लिखे जाने पर उपस्थित शिक्षक को अंग्रेजी स्पेलिंग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही अभ्यास पुस्तिका बच्चों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रधान पाठक व रसोईयांे को मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए और कहा कि किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डूमरडीह स्कूल निरीक्षण
कलेक्टर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डूमरडीह स्कूल पहंुचकर आठवीं क्लास के बच्चों को अंग्रेजी का एक पैराग्राफ पढ़ने को कहा। साथ ही उन्होंने ब्लेक बोर्ड मंे ’छत्तीसगढ़’ को हिन्दी और अंग्रेजी में लिखने कहा। अधिकांश बच्चों कोे ’छत्तीसगढ़’ को अंग्रेजी में लिखने में दिक्कते आई। इसी प्रकार सातवीं के बच्चों को संस्कृत पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछा। उन्होंने वहां उपस्थित शिक्षक से अन्य पाठ्यक्रम हिन्दी और अंग्रेेजी की कक्षाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राचार्य को शौचालयों में टाईल्स लगाने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी को ’एक पेड़ मॉ के नाम’ इस थीम पर स्कूलांे में छात्र-छात्राओं के साथ पौधों का रोपण करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी एवं डीएफओ श्री चंद्रशेखर परदेशी ने स्कूल परिसर में 6वीं, 7वीं एवं 8वीं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्राओं के साथ आंवला, अशोक का पौधा लगाया।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सेलूद का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सुश्री चौधरी ने प्रोजेक्टर के द्वारा पढ़ाई कर रहे नौवीं क्लास के बच्चों से हिन्दी का पाठ पढ़ने को कहा। पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्नोत्तरी किए, अधिकांश बच्चों ने कलेक्टर के पूछे गए सवालों का सही सही जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने बारहवी के विज्ञान एवं गणित संकाय के विद्यार्थियों से भी प्रश्न पूछे। सभी विद्यार्थियों ने पूछे गए प्रश्न का सही उत्तर दिया। कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि कड़ी मेहनत लगन से पढ़ाई करें और अपनी मंजिल को हासिल करें। इस दौरान कलेक्टर ने स्कूल परिसर में वृक्षारोपण किया। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, समग्र शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र पाण्डेय सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। -
गांव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार प्राप्त शैक्षणिक संस्था
दुर्ग/ शासन के सहयोग एवं शिक्षकों के प्रयासों से जिले के शासकीय स्कूलों की दशा और शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ शिक्षा के स्तर को उंचा उठाने में कामयाबी मिली है। इतना ही नहीं गांव के शासकीय विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त करने में अग्रणी है। एक ऐसा ही विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पोटिया संकुल केंद्र टेमरी, विकासखण्ड धमधा जिला दुर्ग (छ.ग.) है। जो धमधा विकासखण्ड के अंतिम गांव पोटिया में संचालित है। जहां आज से 15 वर्ष पूर्व कच्ची पहुंच मार्ग थी और यहां पर दो कमरे की कच्ची भवन जिसमें प्राथमिक शाला संचालित हो रही थी। वर्ष 2008 में प्रोन्नत माध्यमिक शाला की स्थापना के साथ शिक्षकों की पदस्थापना एवं सभी शिक्षकों के प्रयासों के द्वारा विद्यालय को न केवल दुर्ग जिले अपितु छत्तीसगढ़ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय के रूप में पहचान दिलाई गई। आज पोटिया गांव को इस विद्यालय के नाम से ही जाना जाता है। समस्त ग्राम वासियों और शासन के सहयोग एवं मार्गदर्शन में विद्यालय नित नये आयाम स्थापित कर रहा है। शासन के सहयोग से ग्राम पोटिया के शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय माध्यमिक शाला सुसज्जित पक्की भवनों में संचालित हो रही है। इस स्वच्छ स्कूल में विद्यार्थियों के मन भी अध्ययन के लिए रम गये है। पीएम श्री योजना हेतु चयनित शासकीय प्राथमिक शाला पोटिया एवं परिसर में संचालित शासकीय माध्यमिक शाला पोटिया के शिक्षकों ने अपने स्वयं के उन्नत एवं नवाचारी प्रयासों व जन सहयोग से अतिरिक्त संसाधनों का प्रबंध करके शाला में कम्प्यूटर लैब, लाइब्रेरी, मिनी थियेटर, स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया है। साथ ही विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, जवाहर उत्कर्ष योजना, राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य परीक्षा आदि परीक्षाओं की तैयारियां कराई जाती है। इन प्रयासों से अब तक 109 विद्यार्थी राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य परीक्षा में उत्तीर्ण हो चुके है एवं 9 विद्यार्थी जवाहर नवोदय विद्यालय में चयनित हो चुके है। यह संस्था वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार भी प्राप्त कर चुका है। शासन की योजनाओं के अनुरूप शैक्षणिक गुणवत्ता के स्तर को ग्रामीण क्षेत्र में उंचा उठाने के लिए स्कूल में पदस्थ शिक्षक श्री पवन कुमार सिंह, श्रीमती रूक्मणी सोरी, कुमारी मनीषा डोंगरे, श्रीमती दीपा आर्य एवं श्रीमति सरिता नेताम के नेतृत्व में इस शासकीय विद्यालय ने प्राइवेट विद्यालयों को चुनौती देने में कामयाबी हासिल की है। चालू शिक्षा सत्र में शासकीय प्राथमिक शाला पोटिया में 73 विद्यार्थी और शास. माध्य. शाला पोटिया में 79 विद्यार्थी अध्ययनरत है।



























