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बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त बनाने के उपायों के संबंध में की गई विस्तृत चर्चा
बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक मंे श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को जिले को दुर्घटना मुक्त बनाने हेतु सभी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान अधिकारियों ने बालोद जिले को दुर्घटना मुक्त बनाने के उपायों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रकाश रावटे एवं अन्य अधिकारियों के अलावा जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यगण उपस्थित थे। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने कहा कि अतिवृष्टि एवं आंधी, तुफान के कारण मार्ग में पेड़ आदि गिरने से मार्ग बाधित होने पर संबंधित विभागों द्वारा आपसी समन्वय से तत्काल आवागमन बहाली हेतु समुचित कार्रवाई की जाए। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को सड़क में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों की समस्या की रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाने तथा मुख्य नगर पालिका एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को काऊ कैचर आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शराब पीकर तथा तेज गति से वाहन चलाना सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण है। उन्होंने शराब पीकर तथा तेज गति से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को सघन अभियान चलाने को कहा। कलेक्टर ने जिले में 06 जुलाई से शुरू हो रहे जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिले के स्कूल, काॅलेजों एवं हाट बाजार आदि स्थानों में यातायात सुरक्षा के संबंध में शिविर लगाने के निर्देश दिए। उन्हांेने अधिकारियों से जिले मंे सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के पश्चात् जिले में घटित सड़क दुर्घटना एवं जन-धन की क्षति के संबंध में भी जानकारी ली। अधिकारियों ने जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के फलस्वरूप प्रकरणों में निरंतर कमी आने की जानकारी दी।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने जिले के आम जनता को सड़क दुर्घटना की रोकथाम के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु यातायात रथ के माध्यम से समुचित प्रचार-प्रसार करने के भी जानकारी दी। बैठक मंे एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी ने वर्तमान में हिट एण्ड रन कानून के तहत सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर उनके परिजनों को 02 लाख रूपये तथा घायल होने पर 50 हजार रूपये की राशि प्रदान करने के भी जानकारी दी। जिला परिवहन अधिकारी श्री विकास रावटे ने जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जिले में ब्लेक स्पाॅट चिन्हित करने की जानकारी दी। -
ग्लोबल मार्केट फोर्सेज़ स्टडी सर्कल का आयोजन
जागृति मंडल में जुटे शहर के प्रबुद्धजन
रायपुर। वैश्विक बाजारवादी शक्तियों ने भारत के आर्थिक, सामाजिक, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य इत्यादि क्षेत्रों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है।ग्लोबलाइजेशन के बहाने विश्व के विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करने व संचालित करने करने के लिए कुछ मुठ्ठीभर देश सक्रिय हैं। वैश्विक संगठन, गैरसरकारी संगठन, मल्टी नेशनल कम्पनियां, बिग टेक इनके टूल बनते हैं।
ये बातें ग्लोबल मार्केट फोर्सेस के स्टडी सर्कल के आयोजन में सामने रखी गईं। आयोजन में कृषि, फार्मासूटिकल, रक्षा, बैंकिंग व फाइनेंस और ऑइल एंड गैस जैसे विषयों पर पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण तथ्य रखे गए।
कार्यक्रम में शोधार्थियों व विशेषज्ञों ने पीपीटी के माध्यम से स्टडी सर्कल के अब तक अध्ययन के बिंदु सामने रखे गए। साथ ही भविष्य की योजना पर प्रकाश डाला। इसमें बताया गया कि कैसे दुनिया के मुठ्ठीभर ताकतवर लोग, संगठन , सरकार व मल्टीनेशनल कम्पनियां अपने आर्थिक लाभ के लिए विश्व को एक बाजार बना रहे हैं। कार्यक्रम में विश्व मे समय प्रति समय होने वाले युद्धों के कारण पर भी प्रकाश डाला गया। रक्षा सौदों व विश्व के दवा बाज़ार में अमेरिका जैसे देशों के एकाधिकार पर भी चर्चा हुई।
आयोजन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मध्य क्षेत्र के प्रचार प्रमुख कैलाश जी ने भी मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर स्वामी महेशानंद सरस्वती जी, पवन जोशी, होटल व्यवसायी परमजीत खनूजा
छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेशाध्यक्ष व कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू, सच्चिदानंद उपासने, प्रवीन मैशेरी समेत व्यापार जगत, मीडिया, सामाजिक क्षेत्र, किसान, डॉक्टर्स, फार्मा विशेषज्ञ, रक्षा विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक अश्विनी कौशिक थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ मंजरी बक्षी व गौरव जिंदल ने किया। जगदीश पटेल ने उपस्थित प्रबुद्धजनों का व स्थान देने के लिए जागृति मंडल ट्रस्ट के आभार माना। - -कस्टम मिलिंग चावल जमा करने में लापरवाही पर कार्रवाई-स्टॉक से 230 क्विंटल अधिक धान पाए जाने पर धान जब्तबिलासपुर /खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के उठाव पश्चात् कस्टम मिलिंग चावल जमा हेतु जिले के समस्त राईस मिलरों की समीक्षा बैठक कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। समीक्षा बैठक में अनुबंधित सभी राईस मिलर्स को निर्धारित समय-सीमा में अनुपातिक चावल भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करने हेतु निर्देशित किया गया एवं ऐसे मिलर्स जिनके द्वारा कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने में लापरवाही बरती जा रही है, के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये थे। उपरोक्त निर्देश के परिपालन में आज जेठू बाबा इण्डस्ट्रीज, बहतराई, बिलासपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में खाद्य विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी अजय मौर्य, खाद्य निरीक्षक श्याम वस्त्रकार एवं धीरेन्द्र कश्यप के द्वारा किया गया। जांच में मिल संचालक द्वारा कस्टम मिलिंग चावल 'जमा करने में उदासीनता बरतना पाया गया। मिल परिसर का भौतिक सत्यापन करने पर धान की मात्रा में अनियमितता किया जाना पाया गया। जिसमें मिल में संधारित अभिलेख अनुसार 34545 क्विंटल धान उपलब्ध होना चाहिए था, जबकि जॉच में मौके पर 34775 क्विंटल धान उपलब्ध पाया गया। इस प्रकार मौके पर 230 क्विंटल धान अधिक होना पाया गया, जिसे मौके पर संचालक से जप्त करते हुए स्वयं संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया। इस प्रकार मिल संचालक द्वारा 713000 रूपये शासकीय मूल्य के धान के रख-रखाव में अनियमितता किया जाना प्रमाणित होता है। मिल संचालक का उपरोक्त कृत्य छ०ग० चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधान का उल्लंघन है एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत् दण्डनीय हैं। उपरोक्त गड़बड़ी के संबंध में प्रकरण निर्मित कर कलेक्टर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में चावल जमा नहीं करने वाले एवं सी०एम०आर० कार्य में लापरवाही बरतने वाले मिलर्स के विरूद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
- -जल संवर्धन और विकास कार्याें को गति देने के लिए हुई चर्चारायपुर । धरसींवा के बरबंदा गांव में विधायक अनुज शर्मा व कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने तालाब का अवलोकन किया। इस दौरान जल संवर्धन और विकास कार्याें को गति देने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद भी उपस्थित थे।
- -राजस्व प्रकरणों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: राजस्व मंत्री श्री वर्मा-राजस्व पखवाड़ा 5 से 20 जुलाई तकरायपुर / छत्तीसगढ़ में अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए 5 से 20 जुलाई 2024 तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राज्य के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री वर्मा आज जिला मुख्यालय सारंगढ़ में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि यह बात ध्यान में लायी गई है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। सभी राजस्व अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण हो। समीक्षा बैठक में कलेक्टर सारंगढ़ श्री धर्मेश साहू ने मंत्री श्री वर्मा को बताया कि जिले में पंचायत सचिव के माध्यम से गांव में ग्रामीणों के जितने राजस्व प्रकरण होंगे, उनके माध्यम से तहसीलदार कार्यालय में जमा होंगे, जिसका मॉनिटरिंग कलेक्टर स्तर पर किया जाएगा, जिससे जिले के राजस्व कार्यों के निपटारा शीघ्र होगा।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा जैसे अपराध पर सख्ती से कार्यवाही करते हुए नियंत्रित करें। उन्होंने मरम्मत योग्य सभी स्कूलों, छात्रावास भवनों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के जर्जर भवनों की जानकारी ली और मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया जैसे बुनियादी कार्यों को पूरा करने कहा। बैठक में नल जल योजना, महतारी वंदन, सौर सुजला योजना, पीएम विश्वकर्मा, मनरेगा, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्ज्वला योजना आदि की समीक्षा की गई।बैठक में श्री वर्मा ने स्कूलों तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का कार्य पीएम ग्रामीण सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क आदि के माध्यम से किया जाए ताकि पहुंच सुलभ हो। उन्होंने कहा पटवारी कार्यालय के लिए भवन निर्माण कराएं ताकि पटवारी वहां रहकर किसानों का कार्य करें। अवैध प्लाटिंग, बिक्री और नामांतरण पर शीघ्र रोक लगाएं।इस अवसर पर विधायक सारंगढ़ श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े, एसपी श्री पुष्कर शर्मा, परियोजना निदेशक श्री हरिशंकर चौहान, एसडीएम श्री अनिकेत साहू, डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल सहित जिले के अधिकारी उपस्थित थे।
- -लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में आयोजित की गई बैठकरायपुर / छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा की अध्यक्षता में आगामी 13 जुलाई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी तथा न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, सचिव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, न्यायाधीश, स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन, सीजेएम, लेबर जज बैठक में शामिल हुए।बैठक में मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने सभी न्यायाधीशों से आगामी नेशनल लोक अदालत में सिविल, आपराधिक एवं अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हांकित कर निराकृत किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने न्यायालयों में 5 वर्ष एवं 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित राजीनामा योग्यप्रकरणों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थाओं, विद्युत वितरण कंपनियों, बीएसएनएल, बीमा कंपनियों एवं अन्य के द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्री-लिटिगेशन आवेदनों के पक्षकारों की प्री-सिटिंग करा अधिक-से-अधिक प्री-लिटिगेशन मामलों के निराकरण की आवश्यकता बताई ताकि ऐसे मामले न्यायालय में संस्थित होने से पहले ही निराकृत हो जाये। उन्होंने कहा कि पक्षकारों की सहमति से एवं विधि अनुसार अधिक-से-अधिक राजीनामा योग्य मामलों का निराकरण करने के लिए लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी का यथोचित प्रयास अपेक्षित है।मुख्य न्यायाधिपति ने उच्चतम न्यायालय में 29 जुलाई 2024 से 03 अगस्त 2024 तक विशेष लोक अदालत के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल पर उच्चतम न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ राज्य से संबंधित चिन्हांकित प्रकरणों में राजीनामा की संभावनाओं पर राज्य के समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की समीक्षा की और समस्त प्रधान जिला न्यायाधीशों को निर्देशित किया कि विशेष रूचि लेकर पक्षकारों को नोटिस तामीली करा उनकी प्री-काउसिंलिंग इत्यादि हेतु समुचित कार्यवाही करें और सतत् निगरानी करें।इस वर्चुअल बैठक में न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी, न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वीडियो कान्फ्रेंस में शामिल जिलों के समस्त न्यायाधीशों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें लोक अदालतों में पूर्ण उत्साह और पूर्ण क्षमता से योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों से टीम वर्क के साथ कार्य करने को कहा साथ ही पिछली लोक अदालत में निराकरण हुए प्रकरणों की संख्या को बढ़ाने कहा।बैठक में न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति ने भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में मामलों को चिन्हांकित कर उन्हें विधि अनुसार निराकृत करने पर जोर दिया। ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 हेतु निर्धारित कैलेण्डर अनुसार आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 जुलाई 2024 को किया जा रहा है। यहां यह उल्लेखनीय होगा कि लोक अदालत उच्च न्यायालय से लेकर तहसील न्यायालयों के साथ साथ राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित किये जाते हैं।
- -स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने जारी किया परिपत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को स्कूलों के सघन निरक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस तारतम्य में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए है। जारी परिपत्र में कहा गया है कि 26 जून 2024 से नवीन शिक्षा सत्र 2024-25 प्रारंभ हो चुका है। शिक्षा सत्र प्रारंभ से पहले ही छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध करा दिया गया है। मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रथम दिन से ही प्रारंभ कर दिया गया है। स्कूूल शिक्षा विभाग स्कूलों के लिए वार्षिक शैक्षणिक कैलेण्डर जारी कर दिया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 01 जुलाई को 2024 को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान समस्त विद्यालयों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश है कि छात्र-छात्राओ को उच्च गुणवत्तायुक्त व परिणाम मूलक शिक्षा दी जाये एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से प्रदेश के स्कूलों में प्रभावी बनाया जाये। इसलिए यह अनिवार्य हो जाता है कि आप और आपके अधीनस्थ अधिकारियों के द्वारा स्कूलों का निरीक्षण नियमित रूप से किया जाये।निरीक्षण के संबंध में निम्नानुसार निर्देश दिए गए हैं-शाला निरीक्षण कलेण्डर जिला स्तर पर तैयार किया जाये, जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, संकुल समन्वयकों से नियमित रूप से शालाओं का निरीक्षण कर प्रतिवेदन संबंधित जिला कलेक्टर को उपलब्ध करायेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अलावा अन्य विभाग के अधिकारियों को भी निरीक्षण का दायित्व दिए जाएं, शाला निरीक्षण के दौरान अधिकारी छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करेंगे। निरीक्षण के दौरान अधिकारी चाहें तो किसी भी एक कक्षा में अध्यापन कर सकते हैं। जारी पत्र में कहा गया है कि निरीक्षण के दौरान दोषी पाये गये कर्मचारियों-अधिकारियों के विरूद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही करें एवं की गई कार्यवाही से अवगत कराने कहा गया।
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्याें को जल्द पूर्ण कराएं-राजमिस्त्रियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था कराएं-स्व सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए उपलब्ध होगा ऑनलाईन प्लेटफार्मरायपुर / छत्तीसगढ़ में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जिला मुख्यालयो में महिला पिंक थाने खुलेंगे। इस संबंध में विभागीय तैयारी की जा रही है। इसके लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय बैठक में महिला पिंक थाने शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह थाने महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किए जाएंगे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 258 सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। ये सड़कें पिछले 5-6 वर्षों से माओवादी गतिविधियों और सुरक्षा के अभाव में अपूर्ण थीं। उन्होंने इन सड़कों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्व सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म पर अपलोड करने और स्वयं का भी एप्लिकेशन बनाने कहा। उन्होंने रीपा में मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित समिति की जांच के बारे में जानकारी ली और स्व सहायता समूहों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को सीजीआईटी के अगले शिक्षण सत्र से प्रारंभ के लिए आवश्यक तैयारी शीघ्र पूरी करने और नोडल अधिकारी की नियुक्ति के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों को तेजी पूर्ण कराने के लिए राजमिस्त्रियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड को प्रशिक्षण में शामिल किया जाए। ऐसे आईटीआई जहां मेशन ट्रेनिंग के लिए पद नहीं है, ववहां मेहमान प्रवक्ता से प्रशिक्षण का कार्य करवाया जाए। उन्होंने शासकीय आदर्श आईटीआई कोनी बिलासपुर की मरम्मत पर भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बैठक में जनमन योजना के तहत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, मानव दिवस सृजन, प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर, महतारी सदन, और तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों में मास्टर प्लान बनाने, हमर छत्तीसगढ़ योजना को पुनः शुरू करने सहित विभिन्न कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण अनुदान योजना को पुनः शुरू करने और विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन मामलों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे कभी भी, कहीं से भी रोजगार सहायता हेतु पंजीयन, नवीनीकरण और अपडेशन का कार्य ऑनलाइन किया जा सके। इस ऐप के माध्यम से आवेदकों को भौतिक सत्यापन के लिए जिला रोजगार एवं रोजगार मार्गदर्शन केंद्र आने की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदक अपनी पंजीयन पत्र को ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे और विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ इस ऐप के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, रोजगार मेला और प्लेसमेंट कैंप की जानकारी भी इस ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
- -‘प्रधानमंत्री की परिकल्पना’ ‘सहकार से समृद्धि’ को साकार करने बेहतर कार्ययोजना बनाने के निर्देश-किसानों की मांग के अनुरूप खाद-बीज वितरण सुनिश्चित किया जाए-प्राइवेट बैंकों की तरह सहकारी बैंकों में भी किसानों के लिए होगी प्राथमिक सुविधाएं-सहकारी समितियों में अनियमितता बरतने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही-उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिए उपलब्ध होंगे माइक्रो एटीएम की व्यवस्थारायपुर, /सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित अपेक्स बैंक के सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में कहा कि प्रदेश के सभी सहकारी बैंकों को आदर्श बैंक के रूप में विकसित किया जाए। किसान धान विक्रय के बाद स्वयं का पैसा निकालने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगाकर खड़े रहते हैं। इससे शासन की छवि खराब होती है। उन्होंने अधिकारियों को सभी बैंकों में पैसा निकालने आने वाले किसानों के लिए प्राइवेट बैंक की तरह पंखे और छाया-पानी आदि की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप ‘सहकार से समृद्धि’ को साकार करने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाई जाए और इसका बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। मंत्री श्री कश्यप ने उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आने वाले किसानों को तत्कालिक रूप से राशि उपलब्ध कराने के लिए माइक्रो एटीएम सुविधा को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को तत्कालिक रूप से जरूरत के लिए उपार्जन केन्द्र में राशि मिल सके।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने खाद-बीज वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप खाद-बीज का वितरण किया जाए। सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद-बीज का भंडारण हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि खाद-बीज के संबंध में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में अनियमितता करने वालों के खिलाफ केवल राशि वसूली तक की कार्यवाही न हो, उन पर सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि धान उपार्जन वर्ष 2023-24 के समितियों में शेष धान का शीघ्र उठाव कर लिया जाए तथा लेखा मिलान भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 2 हजार 735 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से राज्य के 24.72 किसानों से 144.92 लाख मीटरिक टन धान का उपार्जन किया गया था, इसके एवज में किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 31 हजार 665 करोड़ 18 लाख रूपए तथा कृषक उन्नति योजना के तहत 13 हजार 260 करोड़ 55 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। कुल उपार्जित धान में से 141.92 लाख मीटरिक टन धान मिलर्स द्वारा उठाव कर लिया गया है तथा 2.48 लाख मीटरिक टन धान विपणन संघ के संग्रहण केन्द्रों में भेजा गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में 0.52 लाख मीटरिक टन धान शेष है, जिसका तेजी से उठाव किया जा रहा है। इसके साथ ही विपणन संघ एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मध्य लेखा मिलान का कार्य जारी है।अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों की मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध है। इस खरीफ वर्ष में किसानों की मांग के अनुरूप 9 लाख 13 हजार 310 मीटरिक टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरूद्ध 6 लाख 96 हजार मीटरिक टन खाद का भंडारण समितियों में किया गया है तथा 5 लाख 61 हजार 733 मीटरिक टन रासायनिक खाद का वितरण किया जा चुका है। गत वर्ष इसी अवधि में 4 लाख 58 हजार मीटरिक खाद का वितरण किसानों को किया गया था। ज्यादा से ज्यादा किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि रिकॉगनाईज्ड चार्टेडेड एकाउंटेड के माध्यम से जल्द सहकारी समितियों का ऑडिट कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने गड़बड़ी को उजागर करने और विभाग में पारदर्शिता लाने हेतु ऑडिट व्यवस्था को दुरूस्थ करने के सुझाव भी दिए और कहा कि सहकारी समितियों में शत-प्रतिशत कम्प्यूटीकरण का कार्य किया जाए। उन्होंने नवगठित प्राथमिक साख सहकारी समितियों में गोदाम सह-कार्यालय निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि जल्द निर्माण कार्यों को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने खेतों में रासायनिक दवाईयों के छिड़काव हेतु ड्रोन पद्धति को अपनाने पर भी बल दिया। मंत्री कश्यप ने शक्कर कारखानों की समीक्षा करते हुए कहा कि कारखानों को लाभकारी बनाने और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस मौके पर कम्प्यूटीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सहकारी समितियों और बैंकों को सम्मानित किया।इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री कुलदीप शर्मा, मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री रमेश शर्मा सहित अपेक्स बैंक के वरिष्ठ अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री रमेश बैस से राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल श्री बैस को पुष्पगुच्छ और शॉल भेंटकर उनका अभिवादन किया और उनसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे।
- -नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में लाएं बदलाव, परिणाममूलक कार्य करें’-उप मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की-स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश, कहा सर्वे में हर निकाय की रैंकिंग सुधरना चाहिए-अब हर महीने होगी सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षारायपुर. । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के सुनियोजित और संतुलित विकास के लिए काम करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में बदलाव लाते हुए परिणाममूलक कार्य करने के निर्देश दिए। श्री साव ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वे में हर निकाय की रैंकिंग में सुधार आना चाहिए। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा के लिए अब हर महीने बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक श्री कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में कहा कि किसी भी राज्य की प्रतिष्ठा शहरों के विकास पर निर्भर करती है। दूसरे प्रदेशों के लोग शहरों में आते हैं और स्थानीय शहरों को देखकर अपने मन में राज्य की छवि गढ़ते हैं। लिहाजा आप लोगों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों के विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। आप लोग इन संसाधनों का बेहतर से बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें। श्री साव ने नगरीय निकायों द्वारा किए जा रहे विकास और निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शहरों को विकसित करने और नागरिकों के लिए जन सुविधाएं बढ़ाने गंभीरता और सक्रियता से काम करने को कहा। उन्होंने काम में लापरवाही और लेट-लतीफी पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में शहरों में साफ-सफाई की स्थिति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नगरीय निकायों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, उनके पृथक्कीकरण, प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग और गीले कचरे से कंपोस्ट बनाने के काम में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में हर नगरीय निकाय की रैंकिंग में सुधार आना चाहिए। अच्छी स्वच्छता रैंकिंग राज्य का सम्मान है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाकर राज्य का सम्मान बढ़ाना नगरीय निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की राशि का उपयोग कर शहरों की सफाई व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। उन्होंने निकायों द्वारा राशि व्यय करने के दौरान शासन के सभी नियमों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, राजस्व वसूली की स्थिति, अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू करने तथा प्रगतिरत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत निर्मित मकानों में पात्र परिवारों का व्यवस्थापन जल्द से जल्द करने को कहा। श्री साव ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने मुख्यालय में ही निवास करने के निर्देश दिए। इससे कार्यों की निगरानी नियमित रूप से और सूक्ष्मता से हो सकेगी। उन्होंने बैठक में पर्याप्त तैयारी के साथ नहीं आने वाले अधिकारियों के प्रति नाखुशी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी से और अपने पद की गरिमा के अनुरूप काम करने को कहा।नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बैठक में राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बकायादारों को नोटिस जारी करने को कहा। उन्होंने राजस्व वसूली की नियमित समीक्षा करते हुए सप्ताह में एक दिन इसके लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व वसूली में रूचि नहीं लेने वाले आर.आई. और ए.आर.आई. पर कार्रवाई करने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने सभी नगरीय निकायों को 15वें वित्त आयोग की शेष राशि से किए जाने वाले कार्यों की योजना बनाकर शीघ्र संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों पर संबंधित निकायों को जल्द कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने संभागीय संयुक्त संचालकों और वहां पदस्थ कार्यपालन अभियंताओं को निर्माण कार्यों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय जांच के लंबित प्रकरणों का निराकरण भी तेजी से करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव के साथ मंत्रालय में समीक्षा बैठक में राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। वहीं नगर निगमों के आयुक्त, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, अभियंता तथा संभागीय संयुक्त संचालक अपने-अपने जिला मुख्यालयों से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए समीक्षा बैठक में जुड़े।
- -सिलेण्डर आपूर्ति कर्ता वाहन-ड्राइवर सहित पूरी जानकारी खाद्य अधिकारी को देनी होगी-100 किलो से अधिक गैस के इस्तेमाल वाले हॉटल-संस्थानों को लेना होगा विस्फोटक सुरक्षा संबंधी लाइसेंस-कलेक्टर के निर्देश पर शासकीय और निजी क्षेत्र की पेट्रोलियम वितरण कंपनियों के प्रतिनिधियों और वितरकों की बैठकरायपुर / घरेलू एवं व्यवसायिक गैस सिलेण्डरों के सुरक्षित उपयोग और भण्डारण के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर आज इस संबंध में जिले की शासकीय एवं निजी गैस वितरण कंपनियों के प्रतिनिधियों और वितरकों की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में हुई। जिला प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर ने बैठक की अध्यक्षता की और जरूरी निर्देश दिए। बैठक में गैस वितरण कंपनियों को सुरक्षा के निर्धारित सभी मानकों का पूरी तरह पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। इसी तरह कंपनियों को उपभोक्ताओं के अधिकार और उनकी सहुलियतों के लिए जरूरी सभी इंतजाम भी सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में अपर कलेक्टर ने घरेलू एवं व्यासायिक गैस उपभोक्ता को सिलेण्डर डिलीवरी करने पर उसकी रसीद भी अनिवार्यतः देने के निर्देश दिए ताकि रिकॉर्ड संधारित किया जा सके और विपरित परिस्थितियों में उसकी पहचान आसानी से की जा सके। इसके साथ ही अपर कलेक्टर ने जिले के सभी व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं को कंपनी द्वारा उपभोक्ता कार्ड भी अनिवार्यतः जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यावसायिक रूप से गैस की आपूर्ति करने पर कार्ड में रिकॉर्ड दर्ज किया जाए। कार्ड में रिकॉर्ड दर्ज नहीं करने पर गैस की आपूर्ति अवैध मानी जाकर संबंधित कंपनी के प्राधिकारी और वितरक के साथ-साथ उपयोग कर्ता के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी गैस वितरकों से पिछले चार महीनों में व्यावसायिक गैस सिलेण्डरों की डिलीवरी संबंधी लिखित जानकारी भी वितरकों से तलब की है। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों सहित रायपुर जिले में कार्यरत सरकारी गैस कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम कंपनी सहित समांतर निजी गैस कंपनी के प्रतिनिधि थे।एक सौ किलो एलपीजी रखने वाले हॉटल-संस्थानों को लेना होगा लाइसेंस- रायपुर जिले में एक सौ किलो या उससे अधिक एलपीजी गैस के सिलेण्डर एक साथ रखने वाले हॉटल-व्यावसायिक संस्थानों को अब सुरक्षा की दृष्टि से विस्फोटक सुरक्षा लाइसेंस लेना होगा। कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान राठौर ने आज पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों और वितरकों की बैठक में इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए।श्री राठौर ने कहा कि 100 किलो से अधिक द्रवीकृत गैस के सिलेण्डर एक साथ रखने वाले संस्थानों- होटलों के पास विस्फोटक सुरक्षा लाइसेंस अनिवार्य रूप से होना चाहिए। पेट्रोलियम कंपनी और वितरक दोनां संबंधित संस्था/होटल के विस्फोटक सुरक्षा लाइसेंस की एक प्रति भी अपने पास रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा इसकी आकस्मिक जांच कराई जाएगी। बिना लाइसेंस के एक सौ किलो या उससे अधिक एलपीजी एक साथ रखने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।गैस डिलीवरी करने वाले वाहन, ड्राइवर आदि की जानकारी खाद्य विभाग को देनी होगी- बैठक में अपर कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी गैस कंपनी-डीलर्स आगामी 15 दिनों में घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर आपूर्ति करने वाले वाहनों के नंबर, ड्राइवर का नाम, वाहन का इंश्योरेंस, वाहन में लगे अग्निशामक यंत्र की नाप तौल विभाग से स्टेंपिंग की जानकारी खाद्य विभाग को लिखित रूप से उपलब्ध कराएं। हर वाहन में वजन तौलने की मशीन अनिवार्य रूप से रहे। उपभोक्ता को देने से पहले सिलेण्डर की तौल कर देना सुनिश्चित करें। सभी गैस एजेंसी अपने गोडाउन का पता और कार्यरत कर्मचारी का नाम और नंबर भी अनिवार्य रूप से खाद्य अधिकारी को प्रदान करें। पेट्रोलियम कंपनी द्वारा रायपुर जिले में गैस डीलर की जांच नियमित समय पर की जाए और जांच रिपोर्ट की एक प्रति कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा को उपलब्ध कराएं।बैठक में निर्देश दिए गए कि गैस एजेंसी सभी गैस उपभोक्ता को अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी की सुविधा देंगे। जिन लोगां के पास सिंगल सिलेंडर है उनको डबल सिलेंडर रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। उपभोक्ता को बिल अनिवार्य रूप से दिया जाए। सारे कॉमर्शियल गैस उपभोक्ताओ से केवायसी भरवाया जाए। सभी गैस डीलर अपने पास जप्तशुदा गैस सिलेंडर, भरे और खाली की जानकारी भी खाद्य अधिकारी को दें। प्राइवेट गैस डीलर अपने रेटिंग सर्टिफिकेट खाद्य अधिकारी को उपलब्ध कराएं। बैठक में अपर कलेक्टर ने घरेलू सिलेण्डरों का अनाधिकृत रूप से होने वाले व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए सभी सहायक खाद्य अधिकारी-खाद्य निरीक्षकों को सार्वजनिक रूप से ठेले, गुमटी में एक महीने के भीतर कॉमर्शियल सिलेंडर लेने का शपथ पत्र भरवाने के भी निर्देश दिए।
- -कलेक्टर ने पूछा- इलाज और दवा मिल रहा, मरीज बोले-हां मिल रहा है-ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट होगा जल्द शुरू, कलेक्टर ने जल्द पूर्ण करने दिए निर्देश-गर्भवती महिलाओं को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के दिए निर्देशरायपुर । मां के साथ अस्पताल में पहुंचे नन्हें बच्चे को देखकर कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ठहर गए। कलेक्टर ने नन्हें बच्चे से नाम पूछा तो उसने अपना नाम गौरव बताया। इतने में कलेक्टर ने कहा कि हम दोनों एक नाम के है। कलेक्टर ने नन्हें गौरव से उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा। फिर बेहतर भविष्य की कामना करते हुए आगे की पढ़ाई जारी रखने की बात कहीं। यह वाक्या धरसींवा के सामुदायिक केंद्र में कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह द्वारा निरीक्षण के दौरान देखने को मिला। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कई मरीजों से बातचीत की और इलाज के बारे में जानकारी ली। सभी ने अस्पताल में बेहतर सुविधा और उपचार मिलने पर संतुष्टि जताई। कलेक्टर ने चिकित्सा कक्ष की व्यवस्थाओं को भी देखा। कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में तैयार हो रहे ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट के निर्माण कार्य को भी जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए और शुरू करने को कहा।कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कुरा के हमर क्लिनिक और ग्राम बरबंदा के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मरीजों से भी बातचीत की और सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि स्टाॅक दवाओं में एक्सपायरी डेट का ध्यान रखा जाए। किसी भी मरीज को एक्सपायरी डेट की दवा वितरित न की जाए। मरीजों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे उपस्थित थे।
- -रथ के माध्यम से ग्रामीणों को डायरिया के प्रति जागरूक एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगीरायपुर / सारंगढ-बिलईगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा और कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू ने कलेक्टोरेट परिसर सारंगढ़ से डायरिया नियंत्रण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रथ के माध्यम से ग्रामीणों को डायरिया की बीमारी के प्रति जागरूक कर उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सढ़े गले खाद्य पदार्थो के उपयोग से और बासी भोजन बचें।ज्ञातव्य है कि 01 जुलाई से डायरिया रोकथाम अभियान के अंतर्गत डायरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य, पंचायत, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन विभाग के समन्वय के साथ जिले में आयोजित की जा रही है। यह कार्यक्रम 1 जुलाई से 31 अगस्त 2024 के मध्य ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के माध्यम से 0 से 5 वर्ष के बच्चों वाले घरों में ओ आर एस पैकेट तथा जिंक टैबलेट वितरित किए जाएंगे तथा उल्टी-दस्त के दौरान बचाव के लिए पालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में डायरिया नियंत्रण के प्रभावी और कारगर कदम उठाने के लिए प्रचार रथ प्राथमिक उपचार दवाओं सहित प्रचार-प्रसार की सामग्री एवं ऑडियो सिस्टम से लैस है। यह रथ जिले में घूम-घूम कर लोगों को डायरिया से बचने के लिए जागरूक करने का कार्य करेगी। डायरिया के समय जिंक टैबलेट और ओआरएस के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को शौचालय के पश्चात हाथ धोने की तरीके से अवगत कराया जाएगा तथा लोगों को खाने से पहले और खाने के बाद हाथ धोने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया जाएगा।इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक उतरी गणपत जांगडे, एसपी पुष्पक शर्मा, परियोजना निर्देशक हरिशंकर चौहान, सीएमएचओ डॉ अवधेश पाणिग्राही,बीएमओ डॉ सिदार, ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक एन एल इजारदार एवं जिला प्रशासन के अधिकारी सहित सभी विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
- -हर पंचायतों में सप्ताह में एक दिन स्व सहायता समूहों के माध्यम से चलाएं स्वच्छता अभियान-जिला नोडल अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों, छात्रावासों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षणरायपुर,।गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने विभागवार योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा की है। उन्होंने खसरा पुनः क्रमांकन, व्यववर्तन, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, विवादित बटवारा, अविवादित बटवारा, विवादित नामांतरण, अविवादित नामंत्रण, सीमांकन, लोक सेवा गारंटी केंद्र से संबंधित सेवाओं की समीक्षा के दौरान प्रकरण लंबित पाए जाने पर सभी तहसीलदारों को निराकरण में प्रगति लाने के साथ ही कहा कि एक सप्ताह के भीतर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति नहीं लाने पर असंचयी प्रभाव से वेतन वृद्धि रोका जाएगा।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और अप्रारंभ कार्यों को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नवीन परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण, ग्राम सभा में ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम घोषित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य समूह की महिलाओं से कराने तथा सप्ताह में एक दिन हर ग्राम पंचायतों में स्व सहायता समूहों के माध्यम से स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में ऐसे लगभग 98 हजार लोग जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनका शतप्रतिशत कार्ड बनाने के लिए अभियान चलाने तथा स्कूलों में कैंप लगाकर स्कूली बच्चों का आयुष्मान कार्ड बनाने कहा। उन्होंने टीबी, सिकल सेल एनीमिया की जांच एवम उपचार तथा हाई रिस्क प्रेगनेंसी का समुचित देखरेख एवं संस्थागत प्रसव कराने के निर्देश दिए। उन्होनें पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत शेष रह गए 38 का कार्य पंजीकृत स्व सहायता समूह की महिलाओं को आवंटित करने कहा। साथ ही समग्र शिक्षा के प्रगति रत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने चेक लिस्ट के अनुसार दस्तावेज प्राप्त कर आवेदन पोर्टल में अपलोड कराने कहा।कलेक्टर ने सभी जिला नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों, छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करने और निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण प्रतिवेदन भेज ने कहा। उन्होंने पीडीएस दुकानों में खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण, किसानों द्वारा अधिक से अधिक खाद एवं बीज का उठाव कराने, सभी किसानों ई केवाईसी एवं आधार अपडेशन, पशुओं का टीकाकरण, आवारा पशुओं पर नियंत्रण एवम दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सड़कों पर बैठे से पशुओं को हटाने के निर्देश दिए।उन्होंने सड़कों की मरम्मत, जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन हेतु खोदे गए गड्ढों का समतलीकरण, निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की समुचित आपूर्ति, जल शक्ति अभियान कैच द रेन के तहत भूजल स्तर बढ़ाने वर्षा जल संचयन के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- रायपुर / राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा 03 जुलाई को बलौदाबाजार के संयुक्त जिला कार्यालय क़े सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में विभागवार एजेंडा अनुसार विस्तृत समीक्षा की जाएगी।बैठक क़े एजेंडा अनुसार राजस्व विभाग अंतर्गत जिले क़े राजस्व न्यायालयों में प्रकरण निराकरण की स्थिति, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं त्रुटि सुधार, शिकायतों का निराकरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत मनरेगा, श्रमिकों की संख्या, निर्माण कार्यों की स्थिति, स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, पंचायत सशक्तिकरण योजना, एनआरएलएम, बजट आबंटन, आरईएस अंतर्गत निर्माण कार्यों की स्थिति, स्कूल जतन योजना अंतर्गत निर्माण कार्य, पंचायतो में वाई फाई, स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत शाला प्रवेश उत्सव, माध्यन्ह भोजन, शिक्षक विहीन शाला, निर्माण कार्य की स्थिति, शाला भवनों की जर्जर स्थिति, आय, जाति निवास प्रमाण पत्र, समग्र शिक्षा योजना की समीक्षा की जाएगी।आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत वनाधिकार पत्र, आश्रम-छात्रावासो की स्थिति, पीएम आदर्श ग्राम योजना, उद्योग विभाग के अंतर्गत जिला व्यापार केंद्र, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमइजीपी, रोजगार सृजन कार्यक्रम, क़ृषि विभाग के अंतर्गत खाद बीज़ भंडारण एवं वितरण, बुआई की स्थिति, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना, किसानों की समस्या का निराकरण, पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशुपालन क़े लिए क़ेसीसी, अनुदानो की स्थिति, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत मौसमी बीमारियों क़े रोकथाम क़े उपाय, आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, जीवन दीप समिति, मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री पूरक पोषण आहार योजना, आंगनबाडी केंद्र, मातृत्व वंदन योजना, कुपोषण की स्थिति, पीएचई के अंतर्गत जल जीवन मिशन, जल गुणवत्ता की स्थिति, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बांधों में जल भराव की स्थिति, नहरों की सफाई, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत निर्माण कार्य, बजटीय स्वीकृति, सेतु निर्माण, भारतमाला परियोजना, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत राशन कार्ड नवीनीकरण, पीएम उज्ज्वला योजना, पीड़ीएस भंडारण, धान भंडारण एवं उठाव, नगरीय प्रशासन के अंतर्गत साफ सफाई, पेयजल, पीए आवास, शहरी आजीविका मिशन, वन विभाग के अंतर्गत तेंदुपत्ता वितरण, चरण पादुका योजना, वृक्षारोपण, समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत रामलला दर्शन योजना, दिव्यांगों क़े लिए आजीविका मूलक कार्य, उपकरण वितरण के साथ ही अन्य आवश्यक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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रायपुर। समता कॉलोनी निवासी श्रीमती चमेली शर्मा का सोमवार, 2 जुलाई को 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे स्व. डॉॅ. गिरधर शर्मा (सेमरावाले) की पत्नी, एसईसील, बिलासपुर के अवकाश प्राप्त चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरविंद शर्मा की माताजी और डॉ. आकांक्षा , डॉ. अंकिता और डॉ. अनुराग शर्मा की दादी थीं। उनकी अंतिम यात्रा कल तीन जुलाई को दोपहर 12 बजे उनके निवास स्थान से मारवाड़ी मुक्तिधाम के लिए निकलेगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के हाथरस हादसे पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि हाथरस में हुई दुर्घटना हृदय विदारक है। इस हादसे में दिवंगत हुए लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, दिवंगतों के परिजनों को प्रभु इस दुःख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
- रायपुर /स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम राखी के पंचायत प्रतिनिधि व छात्र-छात्राओं के साथ 150 से अधिक छायादार पौधों का रोपण किया। पौधारोपण से पहले सचिव ने सभी छात्र-छात्राओं एवं पालकों को शपथ दिलाया कि उनके द्वारा लगाये गये पौधे का वृक्ष बनते तक पालन-पोषण करेंगे तथा उनकी सुरक्षा भी करेंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर ’एक पेड़ माँ के नाम’ इस थीम पर पूरे राज्य के स्कूलों में पौधारोपण करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस आशय का पत्र कल ही राज्य शासन ने समस्त कलेक्टरों को भेजा है। ’एक पेड़ माँ के नाम’ पौधारोपण अभियान की शुरुवात जिला रायपुर, वि.खं. आरंग के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राखी से की गई।सचिव श्री परदेशी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए बताया कि पर्यावरण को संतुलित बनाये रखने में पेड़ पौधों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि अपने परिजन की स्मृति में पौध रोपण करें। पेड़ पौधों के कारण वातावरण का शुद्ध और तापमान नियंत्रित रहता है। पेड़ पौधों पर ही हमारे जीवन का भविष्य निर्भर रहता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे स्वयं तो पौधे लगायेंगे साथ ही अपने परिवार के सदस्यों एवं दोस्तों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने उपस्थित सरपंच श्रीमती गायत्री साहू, उपसरपंच श्री पोषण पटेल एवं ग्रामीणों से भी पौधा लगाने तथा उनकी सुरक्षा करने की अपील की गई।शिक्षा विभाग की संचालक श्रीमती दिव्या मिश्रा ने कहा कि हमें जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ आदि अवसरों को यादगार बनाने के लिए पौधे गिफ्ट करना चाहिए और पौधा लगाना चाहिए। आज राखी विद्यालय परिसर में नीम, गुलमोहर, अशोक, अर्जुन, आम, पीपल आदि के 150 से अधिक पौधे रोपे गये और उनकी सुरक्षा का दायित्व स्कूली छात्र-छात्राओं को सौंपा गया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी डॉ. पदम जैन, उप सचिव श्रीमती फरिहा आलम, अवर सचिव श्री आर.पी. वर्मा एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अपर संचालक श्री योगेश शिवहरे, संयुक्त संचालक श्री आशुतोष चावरे, उप संचालक श्री अशोक बंजारा, सर्वश्री करमन खटकर, महेश नायक, प्रवीण श्रीवास्तव, लव कुमार, आर. के. त्रिपाठी, संस्था की प्राचार्य श्रीमती चंचल परदेशी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह पहुंचे स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल, बच्चों से की बातचीत-आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए पके भोजन का कलेक्टर ने चखा स्वाद-जर्जर स्कूल बिल्डिंग को नष्ट करने के निर्देशरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह धरसींवा के ग्राम कुरा में स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पहुंचे। कलेक्टर ने स्कूल से निकलने वाले बच्चों को रूकवाया और उनके बैग को खोलकर स्वयं देखा और वितरित पुस्तकों की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्कूल की तरफ से पुस्तकें मिलने की बात पूछी। इस दौरान बच्चों ने कलेक्टर को बताया कि पुस्तकें मिल चुकी है और सुरक्षित करने कवर भी लगा दिए है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अच्छे से पढ़ाई कीजिए। कलेक्टर ने कुरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और स्कूल खुलने के टाइमिंग को भी पूछा। साथ ही स्कूल परिसर के जर्जर और पुराने भवन को नष्ट करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उस स्थान को उपयोगी बनाने के लिए कहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद और एसडीएम श्री नंदकुमार चैबे उपस्थित थे।कलेक्टर ने चखा मध्यान्ह भोजन का स्वादकलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने ग्राम कुरा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मध्यान्ह भोजन कीचन का अवलोकन किया। कलेक्टर ने जल्द ही कीचन शेड को सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर कुरा के आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचे और मध्यान्ह भोजन का स्वाद चखा। कलेक्टर ने वहां की व्यवस्थाओं को भी देखी। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बाहर पौधेरोपण करने के निर्देश दिए और फेंसिंग करने के लिए भी कहा। इसके अलावा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुरा के मध्यान्ह भोजन कीचन का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए।
- -लापरवाही बरतने के चलते पटवारी, पीएचई सब इंजीनियर को नोटिस एवं सचिव को किया गया निलंबितरायपुर। बलौदाबाजार विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत तुरमा में डायरिया के 82 मरीज मिले है। डायरिया के बढ़ते मामले को देखते हुए आज कलेक्टर दीपक सोनी ने तुरमा पहुंचकर गांव के विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। साथ ही मरीजों से मुलाकात कर स्वास्थ्य शिविर का भी जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1 जुलाई को 76 मरीज एवं 2 जुलाई 41 मरीजों का चिन्हांकन किया गया। जिसमें से वर्तमान में 82 एक्टिव मरीज है। उक्त मरीजों में 17 को जिला अस्पताल एवं 16 को सामुदायिक केन्द्र लवन में भर्ती किया गया है। जबकि अन्य मरीज गांव के हाट बाजार क्लीनिक भवन में स्वास्थ्य शिविर में इलाज कराने आ रहे हैं। ग्रामीणों का प्राथमिक इलाज करने के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया है।इस पूरे मामले में कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी जताते हुए ग्राम पटवारी तुलसीराम बर्मन,पीएचई सब इंजीनियर के.आर.पैकरा को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही ग्राम के सचिव राजपाल कोसले के अनुपस्थित रहने के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।साथ ही विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के प्रति भी नाराजगी जताते हुए उनके छुट्टी को निरस्त करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।तुरमा में जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर ने सबसे पहले हाट बाजार क्लीनिक में संचालित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे। भर्ती मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से बातचीत कर उचित दिशा-निर्देश दिया गया। इसके साथ ही कलेक्टर ने मरीजों एवं उनके परिजनों से भी मुलाकात की। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में जागरुकता के लिए काम करने को कहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिनों को डोर टू डोर जाकर जानकारी लेने के निर्देश दिए गए है। इस दौरान कलेक्टर स्वयं गांव के पानी टंकी पर चढ़कर सफाई संबंधित जायजा लिया।कलेक्टर श्री सोनी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी को पानी की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट जल्द देने एवं स्वच्छ पानी आमजनों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही उन्होंने गांव में डायरिया के एकाएक अधिक संख्या में मरीज मिलने के कारण को जांच कराने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए है। गांव में सर्वे कर जो व्यक्ति डायरिया बीमारी से प्रभावित हो रहे है, उन्हें तत्काल सुविधा देने कहा गया है। जागरूकता शिविर के माध्यम से आमजनों को मौसमी बीमारियों से बचाव एवं उपचार देने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए है। श्री सोनी ने पीएचई विभाग अधिकारियों को पूरे गांव में ब्लीचिंग पावडर के छिड़काव सहित सभी पेयजल स्त्रोतों के जांच करने के निर्देश दिए है।
- -प्रदेश के वृद्धाश्रमों एवं दिव्यांग बाल आश्रम की व्यवस्था दुरूस्त करने के दिए निर्देश-समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विभाग की ली समीक्षा बैठकरायपुर / समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि दिव्यांगजनों को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए सभी आवश्यक पहल की जाए। श्रीमती राजवाड़े आज मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रही थी।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बैठक में कहा कि सभी जिलो में दिव्यांग के पुनर्वास के साथ-साथ उन्हें रोजगार मूलक कार्यों में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को वृद्धाश्रमों एवं दिव्यांग बाल आश्रम तथा अन्य पुर्नवास केन्द्रों की व्यवस्था दुरूस्त करने भी कहा। बैठक में समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक सुश्री रोक्तिमा यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों से कहा कि बुजुर्गो, दिव्यांगों एवं निराश्रितों के कल्याण के लिए अपना शत-प्रतिशत दें तथा सेवाभाव के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम, दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित अनुदान प्राप्त संस्थाओं और पुनर्वास केन्द्रों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्था दुरूस्त करें। दिव्यांग बच्चों को हुनरमंद बनाकर स्व-रोजगार के साधन उपलब्ध कराएं। उनकी रूचि के अनुसार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना विभिन्न ट्रेडो में प्रशिक्षण दिलाया जाए।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर बेघर, बेसहारा, घुमंतू, दिव्यांग, बच्चों और महिलाएं मिलने पर उन्हें पुर्नवास केन्द्र में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। विभिन्न पेंशन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन करके पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता से पेंशन का लाभ दिलाए। विभाग के हेल्प लाइन नंबर का भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं।श्रीमती राजवाड़े ने तृतीय लिंग का भी पंजीयन कराने और राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड के साथ अन्य विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने और दिव्यांगजनों के लिए शिविर लगाकर यूडीआईडी पंजीयन कराने और मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग प्रमाण-पत्र बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चे, महिलाओं, युवा, बुजुर्ग जिनको फिजियोथेरिपी, कृत्रिम उपकरण, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ट्राईसायकल की जरूरत हो उन्हें ये उपकरण उपलब्ध कराए जाए।समीक्षा बैठक में कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण प्रदाय योजना, सामर्थ्य विकास योजना, निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय निःशक्तजन पुनर्वास कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
- रायपुर /महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर एवं आंगनबाड़ी में अध्यनरत बच्चों को आंगनबाड़ी में पांच फलदार वृक्ष लगाने की अपील की है। साथ ही उसकी देखभाल करने में सहयोग देने की बात कही। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मन की बात में देशवासियों से ’एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के आह्वान पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के लिए एक पेड़ अपनी मां के नाम लगाने की अपील की है।
- -’’अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विजन 2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने वर्किंग ग्रुप के अधिकारियों की बैठक संपन्न-’पर्यटन एवं इको पर्यटन तथा कला एवं संस्कृति’ विषय पर आधारित वर्किंग समिति ने लघु, मध्यम और दीर्घकालिक लक्ष्य पर विस्तार से की चर्चारायपुर /छत्तीसगढ़ को पूरे देश में पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने तथा राज्य की संस्कृति को संरक्षित करने आज राज्य नीति आयोग में गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार करने के लिए वर्किंग ग्रुप के सदस्यों ने अपने विचार रखे। अटल नगर, नया रायपुर स्थित राज्य नीति आयोग के सभाकक्ष में समिति के सदस्यों ने इस विषय पर लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्यों पर सुझाव दिए।बैठक में सदस्यों ने राज्य के पर्यटन स्थलों में अधोसंरचना विकास के लिए तथा पर्यटन की आवश्यकताओं के अनुसार नई योजना बनाने, नए पर्यटन सूचना केन्द्र स्थापित करने, ट्राइबल टूरिज्म सर्किट, ट्राइबल थीम को लेते हुए टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास करने पर विस्तृत चर्चा की। इसी प्रकार पर्यटन स्थलों में एडवेंचर गतिविधियों के विकास तथा निजी निवेशकों को आमंत्रित करने, बस्तर दशहरा, भोरमदेव महोत्सव, सिरपुर महोत्सव, लोक मड़ई मेलों के आयोजन सहित अन्य स्थानीय महोत्सवों को बढ़ावा देने विचार विमर्श किया गया।इसी तरह हस्तशिल्पियों को आकर्षक बाजार उपलब्ध कराने, संगीत और नृत्य के कलाकारों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करने, स्थानीय तीज-त्योहारों, स्थानीय साहित्य, लोक कथाओं और ज्ञान को संरक्षित करने पर गहन विचार किया गया। स्थानीय खान-पान और तकनीकों के संरक्षण तथा नवाचार के लिए प्रोत्साहन, रचनात्मकता और कला कौशल के विकास सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।गौरतलब है कि विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का उत्तरदायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। सितंबर 2024 तक विजन डॉक्यूमेंट का अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की अपेक्षा की गई है, इसके लिए अलग-अलग विषयों पर आठ वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य सदस्यों ने विभागों द्वारा बनाए गए लघु, मध्यम एवं दीर्घकालिक विजन एवं रणनीतियों पर सुझाव दिए।बैठक में सदस्य श्री के. सुब्रमण्यम ने छत्तीसगढ़ में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, पर्यटन से राज्य की जीडीपी में योगदान बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के विकास में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने, पर्यटन सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विकास तथा मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग अभियान को नीति दस्तावेज में शामिल करने सुझाव दिए।बैठक में राज्य की जनजातिय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने, राज्य में उपलब्ध वनस्पतियों और जीवों से युक्त विशाल वन क्षेत्र को पर्यावरण पर्यटन के रूप में विकसित करने, वैलनेस टूरिज्म, कृषि पर्यटन एवं मनोरंजन पार्क विकसित करने, टिकाऊ, समावेशी और जिम्मेदार पर्यटन, छत्तीसगढ़ को प्रमुख पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने, पर्यटन केन्द्रो को संचालित करने स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए रोजगार उपलब्ध कराने तथा छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित राज्य के रूप में प्रचार-प्रसार करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।बैठक में उद्योग विभाग, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, वन, पर्यटन, जनसंपर्क, राज्य नगरीय विकास प्राधिकरण, परिवहन एवं विमानन सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -फौत पंजी अपडेट नहीं होने पर जताई नाराजगी-नगर पंचायत कुंरा कार्यालय से जल्द से जल्द नए राशन कार्ड वितरण करने दिए निर्देश-रिकाॅर्ड दुरूस्त करने के दिए निर्देशरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने ग्राम पथरी और बरबंदा के पटवारी और ग्राम पंचायत कार्यालय में पहुंचे। कलेक्टर ने हल्का पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव से पंजी व अभिलेख के रिकाॅर्ड का अवलोकन किया। फौत प्रकरण के रिकाॅर्ड अपडेट नहीं होने पर नाराजगी जताई। कलेक्टर ने फौत पंजी अपडेट करने के निर्देश दिए है। इसके अलावा अन्य अभिलेखों के रिकाॅर्ड दुरूस्त करने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर जिला पंचायत श्री विश्वदीप, सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद व एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे उपस्थित थे।



























