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- -14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का भव्य समापनरायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य समापन शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में दुर्ग में संपन्न हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न राज्यों एवं केंद्रीय बलों से आए खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस जवान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उनके अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र की विशिष्ट पहचान रही है और राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही है। जशपुर में आर्चरी एकेडमी तथा नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा युवाओं के लिए कैरियर के नए अवसर भी बनते हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक पदक विजेताओं को आकर्षक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और अभिभावकों से बच्चों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और धनुर्विद्या की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छह टीमों सीआईएसएफ, राजस्थान, सीआरपीएफ, उत्तर प्रदेश, बीएसएफ एवं आईटीबीपी को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया तथा प्रतियोगिता के औपचारिक समापन की घोषणा की। इस अवसर पर अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय (महानदी भवन) में पदस्थ वरिष्ठ स्टॉफ ऑफिसर श्री दिनेश चन्द्र मिश्रा 28 फरवरी, 2026 को अपनी 43 वर्ष 08 माह की सुदीर्घ और बेदाग शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए हैं। श्री मिश्रा वर्तमान में श्री अंकित आनंद, सचिव, आवास एवं पर्यावरण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा पंजीयन विभाग में स्टॉफ ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। श्री अंकित आनंद ने श्री मिश्रा की शासकीय सेवा के रूप में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं का उल्लेख किया।श्री मिश्रा का करियर राज्य के शासकीय सेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने 16 जून, 1982 को बस्तर कलेक्टर कार्यालय में एक स्टेनोटाइपिस्ट (तृतीय वर्ग) के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। अपनी कार्यक्षमता, अटूट निष्ठा और समर्पण के बल पर वे क्रमशः स्टेनोग्राफर, निज सहायक, निज सचिव, स्टॉफ ऑफिसर और अंततः वरिष्ठ स्टॉफ ऑफिसर (प्रथम श्रेणी) के गरिमामय पद तक पहुँचे।बस्तर प्रवास- वर्ष 1982 से 1993 और फिर 1997-2000 के दौरान उन्होंने कलेक्टर एवं कमिश्नर कार्यालय, बस्तर में वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के साथ कार्य किया।भोपाल में सेवा- अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान वर्ष 1994 से 1996 तक उन्होंने वल्लभ भवन, भोपाल में माननीय मुख्यमंत्री के सचिव के अधीन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं।छत्तीसगढ़ मंत्रालय में योगदान- राज्य निर्माण के बाद वर्ष 2000 से लगातार वे छत्तीसगढ़ मंत्रालय में मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के शीर्ष अधिकारियों के साथ शासन के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों में सक्रिय रहे। आज श्री मिश्रा को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सभी सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके सभी स्वत्तों का भुगतान किया गया। साथ ही मंत्रालय की शाख समिति द्वारा भी चेक प्रदान किया गया।उनकी इस लंबी शासकीय सेवा को मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके लिए प्रेरणादायक बताया। विदाई समारोह के दौरान सहयोगियों ने उनके कर्तव्यपरायण स्वभाव और प्रशासनिक दक्षता की सराहना करते हुए उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की। अधिकारी-कर्मचारियों ने श्री मिश्रा को श्रीफल एवं शाल तथा मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
- -गीदम विकासखंड में प्रशिक्षण से शुरू हुई स्व-रोजगार की सराहनीय पहलरायपुर। बस्तर जैसे वन संपन्न क्षेत्र में अब महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। गीदम विकासखंड में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण से प्रेरित होकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार की दिशा में नए प्रयास शुरू किए हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है।गीदम की महिला उद्यमी रेणु पोटाम ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपनी टीम “महिला साहिता समूह” के साथ पत्तल एवं दोना निर्माण का कार्य शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षण लिया। इस योजना में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है। जिले में यह प्रशिक्षण चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा, उद्योग विभाग दंतेवाड़ा के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को व्यवसाय प्रबंधन, बाजार की जानकारी, लागत निर्धारण, ब्रांडिंग और शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण से प्रेरित होकर रेणु पोटाम ने साल और अन्य वन पत्तों से पर्यावरण अनुकूल पत्तल और दोना बनाने की शुरुआत की। बस्तर क्षेत्र में कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होने के कारण यह कार्य लाभकारी साबित हो रहा है। प्लास्टिक के विकल्प के रूप में इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। उनका लक्ष्य इन उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ पर्यटन गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके।रेणु पोटाम अब अपने उद्यम को औपचारिक रूप से पंजीकृत कर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण लेने की तैयारी कर रही हैं। ऋण से आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में वृद्धि होगी।लघु वनोपज और पारंपरिक उत्पादों को मिल रही पहचानइसी क्रम में लुनिता चिमनकर ने लघु वनोपज से पौष्टिक गोंद के लड्डू बनाने का व्यवसाय शुरू किया है। उनका उद्देश्य स्थानीय वन उत्पादों को मूल्य संवर्धन के साथ बाजार तक पहुंचाना है। प्रेमलता यादव ने प्रशिक्षण के माध्यम से व्यवसाय संचालन की जानकारी लेकर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मिठाइयों को व्यावसायिक पहचान देने का संकल्प लिया है।नगर पंचायत गीदम की सुचिता जैन ने केक, बिस्कुट और अन्य बेकरी उत्पादों का निर्माण शुरू कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनकी पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं।महिला सशक्तिकरण की नई मिसालउद्यमिता विकास कार्यक्रम के माध्यम से गीदम क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिखी जा रही है। वन संपदा, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण के समन्वय से यहां की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इन प्रयासों से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि वे पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं।
- रायपुर । प्रभावित डंपिंग ग्राउंड था, लेकिन अब यह एक सुंदर पर्यटन स्थल और स्वरोजगार का केंद्र बन गया है।इस परिवर्तन के पीछे वन विभाग की विशेष पहल और शासन की योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में इस क्षेत्र का व्यापक विकास किया गया। आरक्षित वनखंड कक्ष क्रमांक 1021 के इस क्षेत्र को साफ-सुथरा कर यहाँ लगभग 1700 मीटर लंबा नेचर ट्रेल बनाया गया है। साथ ही सुंदर तालाब और एक आकर्षक आइलैंड विकसित किया गया है। लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए योग चबूतरा, योग शेड और ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बैठने के लिए पाँच सुंदर पैगोड़ा और एक आकर्षक पुल भी बनाया गया है।इस वाटिका की खास बात इसकी समृद्ध वनस्पति है। यहाँ औषधीय पौधे, फलदार वृक्ष और बांस की विभिन्न प्रजातियाँ लगाई गई हैं। पूरी वाटिका को इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। यह परियोजना केवल पर्यावरण सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिला है। महिला स्व-सहायता समूह द्वारा यहाँ जंगल कैंटीन का संचालन किया जा रहा है, जहाँ पर्यटक स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेते हैं।डीएफओ श्री उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि इस पहल से 20 महिलाओं का समूह आत्मनिर्भर बना है। अब तक 10 हजार से अधिक पर्यटक यहाँ आ चुके हैं, जिससे महिला समूह को लगभग दो लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। आज यह स्थान शहरवासियों के लिए सुबह की सैर, योग और शांति का पसंदीदा स्थल बन गया है। ‘गार्बेज से गौरव’ तक का यह सफर बताता है कि सही योजना, मजबूत नेतृत्व और जनभागीदारी से किसी भी स्थान का कायाकल्प संभव है। यह सफलता कहानी पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक मिसाल है।
- रायपुर। कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के सब्जी विज्ञान विभाग में अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के अनुसूचित जनजाति उप योजना (कोंडागांव) एवं अनुसूचित जाति उप योजना (जांजगीर चांपा) के अंतर्गत लाभान्वित कृषकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं सब्जी बीज वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं, डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत करते हुए हुए अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के प्रमुख, डॉ. धनंजय शर्मा ने बताया कि जांजगीर-चांपा (एसएसपी) एवं कोण्डागांव (टीएसपी) क्षेत्र से आए हुए किसानों को पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति एवं आय वृद्धि के उद्देश्य से भिंडी, बैंगन, बरबटी सहित विभिन्न सब्जियों के उन्नत बीज वितरित किए जाएंगे तथा उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने किसानों से कहा कि हरी सब्जियों के नियमित सेवन से पोषण की कमी से होने वाले रोगों में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने गांवों में अन्य किसानों को भी प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव विकसित नहीं होंगे, तब तक राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।डॉ. एस.एस. टुटेजा ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से सब्जी उत्पादन अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. आरती गुहे अपने उद्बोधन में कहा कि सब्जियां पोषण से भरपूर होती हैं, परंतु गुणवत्तायुक्त बीज का चयन अत्यंत आवश्यक है। किसानों को अपनी पोषण बाड़ी विकसित करने तथा अतिरिक्त उत्पादन को बाजार में बेचकर आय बढ़ाने की सलाह दी गई।कार्यक्रम के दौरान किसानों को बीज किट वितरित किए गए, जिनमें कोकोपीट, नर्सरी ट्रे, वर्मी कम्पोस्ट एवं उन्नत किस्मों के बीज शामिल थे। साथ ही इनके उपयोग की विधि भी विस्तार से बताई गई। प्रशिक्षण में भूमि एवं मिट्टी परीक्षण के आधार पर किस्म चयन, टपक सिंचाई प्रणाली एवं उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने, गुणवत्तायुक्त बीज भंडार से प्रमाणित बीज खरीदने तथा आय वृद्धि हेतु आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।कार्यक्रम में कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक विस्तार सेवाएं, डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. आरती गुहे, विभागाध्यक्ष, सब्जी विज्ञान विभाग, डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. नरेंद्र लाखपाले, अखिल भारतीय समन्वित सब्जी अनुसंधान परियोजना के प्रमुख, डॉ. धनंजय शर्मा, सब्जी विज्ञान विभाग के अन्य प्राध्यापक गण तथा जांजगीर एवं कोण्डागांव जिले से बड़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त करने आए हुए किसान उपस्थित रहे। औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के पश्चात किसानों को विभागीय प्रयोगशाला एवं प्रायोगिक क्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया।
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रायपुर ।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विधानसभा में सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि साय सरकार का तीसरा बजट ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बाद ‘संकल्प’ की रणनीति पर आधारित है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अपने पहले बजट को ‘ज्ञान’ को समर्पित किया था। दूसरे बजट में ‘गति’ की रणनीति अपनाई गई, जिसमें गुड गवर्नेंस, एक्सीलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के माध्यम से तीव्र आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया। अब तीसरा बजट ‘संकल्प’ के माध्यम से समावेशी और समग्र विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का अंतिम लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का उत्थान है। यही ‘ज्ञान के उत्थान’ की मूल भावना है।2047 का विजन और दीर्घकालिक रणनीतिवित्त मंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘अमृतकाल’ में विकसित भारत की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने भी 2047 तक विकसित राज्य बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लोगों की सहभागिता से ‘छत्तीसगढ़ 2047 विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों की समन्वित रणनीति के साथ कार्य कर रही है। वर्तमान बजट एक वर्षीय लक्ष्य के साथ 2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य की कड़ी है।विकसित भारत जी रामजी योजना: 4000 करोड़ का प्रावधानवित्त मंत्री ने बताया कि विकसित भारत जी रामजी योजना के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो मनरेगा की तुलना में ऐतिहासिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि रोजगार के साथ-साथ ठोस परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि योजनाओं का दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो।कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूतीकृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये, किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपये तथा विद्युत पंपों पर बिजली बिल सब्सिडी हेतु 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।अधोसंरचना और औद्योगिक विकासराज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नगर उत्थान योजना के लिए 450 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य की 36 सड़कों को मुख्यमंत्री सड़क संपर्क योजना से जोड़ा जाएगा, जिनमें न्यूनतम दो लेन सड़क का प्रावधान रहेगा। सीजी वायु योजना के माध्यम से बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित अन्य क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 1947 से 2014 तक जितने एयरपोर्ट बने, उससे अधिक एयरपोर्ट पिछले दशक में बने हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में सहयोग कर रही है।शिक्षा, युवा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पहलछत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटेटिव एग्जाम योजना के तहत ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ घटकों के माध्यम से केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी। नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना तथा लैंड बैंक के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं ‘निपुण’ योजना के माध्यम से नई पीढ़ी को औद्योगिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।नक्सलवाद उन्मूलन और डबल इंजन सरकारवित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा प्रमाण नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि पहले हर सप्ताह शहादत की खबरें आती थीं, लेकिन अब स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूर्व नक्सली सदस्य भी शामिल हो रहे हैं।सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधनवित्त मंत्री ने कहा कि राज्य ने जीएसटी संग्रह में देश में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उधारी एफआरबीएम अधिनियम के प्रावधानों के तहत जीएसडीपी के 3 प्रतिशत की सीमा में ही ली जाएगी और कुल ऋण जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से नीचे रखा जाएगा। राज्य सरकार ने बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तहत पूर्व में दी गई 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की शासकीय गारंटी को घटाकर लगभग 18 हजार करोड़ रुपये तक लाया है। कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड और गारंटी रिडेम्प्शन फंड में भी प्रावधान सुनिश्चित किया गया है, जिससे वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी।बस्तर और सरगुजा के लिए विशेष प्रावधानबस्तर एवं सरगुजा अंचल के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण के लिए 75-75 करोड़ रुपये, बस्तर ओलंपिक्स के लिए 22 करोड़ रुपये तथा सरगुजा ओलंपिक्स के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इंद्रावती नदी पर मटनार एवं देउरगांव बैराज निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बस्तर नेट परियोजना हेतु 5 करोड़ रुपये तथा पशुपालन गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही 1,500 बस्तर फाइटर्स के पद सृजित किए जाएंगे।शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धिकुनकुरी, मनेंद्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। युवाओं के लिए दुर्ग, जशपुर, रायपुर, बलौदाबाजार और रायगढ़ के 5 शासकीय महाविद्यालयों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापना हेतु 15 करोड़ रुपये तथा 25 महाविद्यालय भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के अधोसंरचना उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विभिन्न योजनाओं के लिए 33 करोड़ रुपये रखे गए हैं।शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधासरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रारंभ की जाएगी, जिससे उन्हें अस्पताल में तत्काल भुगतान की परेशानी और प्रतिपूर्ति की जटिल प्रक्रिया से राहत मिलेगी।वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ‘संकल्प’ बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस रोडमैप है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट राज्य को नई विकास ऊंचाइयों तक ले जाएगा। - रायपुर ।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा दिनांक 15 अक्टूबर 2025 को जारी वार्षिक परीक्षा कैलेंडर के अंतर्गत वर्ष 2026 में आयोजित की जाने वाली विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए आरक्षित संभावित तिथियों के सम्बन्ध में विज्ञप्ति जारी की गई है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के नियंत्रक ने बताया कि मंडल द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक पद की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 तथा व्याख्याता पद की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को आयोजित किए जाने की संभावित तिथि निर्धारित की गई है। किसी भी संशोधन या अद्यतन जानकारी के लिए अभ्यर्थी मंडल की आधिकारिक वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें।
- -‘मोर माटी, मोर मान’ की थीम पर होगा छत्तीसगढ़िया आगाज-मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर हुई बैठकरायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष में प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनसंपर्क विभाग के सचिव श्री रोहित यादव और आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि रायपुर साहित्य महोत्सव की तरह ही नवा रायपुर में आगामी 27 और 28 मार्च को भव्य प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल भी तैयार किया गया है, इस पोर्टल के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है । सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा व संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कहा कि विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ वासियों को यहां के लोगों से जोड़ने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के आयोजन को राज्य और प्रवासियों दोनों के लिए एक बेहतर अवसर बताया ।मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि समिट में आने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ वासियों को उनकी आवश्यकतानुसार सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ।मुख्य सचिव ने सम्मेलन के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम में सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के ऐसे लोग जो अपने कार्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा रहे हैं उन्हें सम्मानित करने की भी बात कही।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में आने वाले विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ियों से यहां के युवाओं का मार्गदर्शन सत्र भी रखा जाये जिनसे उन्हें लाभ प्राप्त हो ।विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए प्रवासियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर यदि प्रवासी नागरिक किसी भी सेक्टर में निवेश अथवा कार्य करने की सहमति प्रदान करते हैं तो उनसे एमओयू भी किया जाएगा। प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी परोसा जाएगा।बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक , आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ,उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार,स्टेट कैपिटल रीजन के सीईओ श्री अंकित आनंद, , उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव गृह श्रीमती नेहा चंपावत, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री श्याम धावड़े, श्री चंदन कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग की सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। लोगों द्वारा विभिन्न माध्यमों से शिकायत दर्ज करायी जा सकेगी। इसमें दूरभाष, व्हाट्सएप, पोर्टल पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज करायी जा सकेगी। मुख्यमंत्री के जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों के आवेदनों निराकरण भी सीएम हेल्पलाईन से किया जा सकेगा एवं जिलों में कलेक्टर द्वारा जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों को भी सीएम हेल्पलाईन में दर्ज किया जाएगा। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत की अध्यक्षता में सीएम हेल्पलाईन योजना हेतु नामांकित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों एवं सहायक नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में तकनीकी सपोर्ट टीम द्वारा अधिकारियों को सीएम हेल्पलाईन के तहत कार्य करने का प्रेजेंटेशन के जरिये तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहूल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में जनसामान्य की शिकायतों का निराकरण शीघ्रता से हो, इसके लिए सीएम हेल्पलाईन एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से शिकायतों को पंजीकृत कर निर्धारित समय-सीमा मंे समस्याओं का निराकरण होगा। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी कि वे प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करें। राज्य शासन के विभागों के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों को पंजीकृत किया जाएगा। इसकी जानकारी विभाग के सचिव को होगी। विभागीय सचिव को यह जानकारी होगी की दर्ज शिकायत का निराकरण किस स्तर के अधिकारी द्वारा कर दिया गया है। यदि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में शिकायत का निवारण नहीं करते है तो उनकों उस शिकायत के निराकरण के संबंध में स्पष्ट हेल्पलाईन पर करना होगा। सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से एक प्लेटफार्म पर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग अपनी शिकायत कर सकेंगे। शिकायत पंजीकृत कर संबंधित शिकायतकर्ता को एक यूनिक आईडी प्रदान किया जाएगा। जिसके माध्यम से वह अपनी समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेगा। बैठक सह प्रशिक्षण के इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।
- -साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का सशक्त प्रदर्शनरायपुर। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराते हुए नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन 2026 में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की। 25 से 27 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा स्थापित भव्य पवेलियन आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ राज्य के प्राकृतिक वैभव, जनजातीय संस्कृति, आध्यात्मिक धरोहर, वन्यजीव पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों का प्रभावी प्रदर्शन किया गया।तीन दिवसीय इस आयोजन में पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत 36 स्टेकहोल्डर्स संस्थाओं ने संयुक्त रूप से भाग लेकर राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश के टूर ऑपरेटर्स, होटलियर्स और ट्रैवल विशेषज्ञों के समक्ष पेश किया। बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान, इको-टूरिज्म मॉडल, जलप्रपातों और घने वनों से आच्छादित प्राकृतिक स्थलों की प्रस्तुति ने विशेष सराहना प्राप्त की। पवेलियन पर लगातार विभिन्न राज्यों एवं श्रीलंका, नेपाल और भूटान सहित अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही, जिससे छत्तीसगढ़ के प्रति उत्सुकता और संभावित निवेश अवसरों को बल मिला।प्रदर्शनी के दौरान स्टेकहोल्डर्स को सकारात्मक व्यावसायिक प्रतिसाद प्राप्त हुआ तथा कई संभावित साझेदारियों पर प्रारंभिक चर्चा भी हुई। पर्यटन विशेषज्ञों ने छत्तीसगढ़ को ‘इमर्जिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में रेखांकित करते हुए इसकी अप्रयुक्त संभावनाओं की सराहना की। राज्य में हाल के वर्षों में विकसित हो रहे इको-रिसॉर्ट्स, हेरिटेज प्रॉपर्टीज, जनजातीय पर्यटन सर्किट और फिल्म पर्यटन गतिविधियों ने भी आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ की सशक्त उपस्थिति राज्य के पर्यटन भविष्य के लिए अत्यंत शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, प्राकृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाना हमारा संकल्प है। साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्जिबिशन जैसे मंच राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की पूरी टीम और सभी पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों से राज्य में पर्यटन निवेश, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, कनेक्टिविटी विस्तार, डिजिटल प्रमोशन और अंतरराष्ट्रीय रोड शो के माध्यम से छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति राज्य के लिए गौरव का विषय है। इस मंच के माध्यम से हम छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत, इको-टूरिज्म और अनछुए प्राकृतिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने में हम सफल हो रहे हैं। हमारे पंजीकृत स्टेकहोल्डर्स की सक्रिय सहभागिता से राज्य में पर्यटन निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।उल्लेखनीय है कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में ओडिशा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, केरल, असम, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और दिल्ली सहित अनेक राज्यों के पर्यटन विभागों ने भाग लिया। ऐसे प्रतिस्पर्धी वातावरण में छत्तीसगढ़ पवेलियन ने अपनी विशिष्ट प्रस्तुति और व्यवस्थित प्रबंधन से विशेष पहचान बनाई। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन महोत्सव, सांस्कृतिक उत्सव, हेरिटेज वॉक, फिल्म शूटिंग प्रोत्साहन, वेलनेस एवं आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट जैसी अनेक पहलें संचालित हो रही हैं, जिससे राज्य को निरंतर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर प्राप्त हो रहा है। पर्यटन मंडल की रणनीतिक ब्रांडिंग, डिजिटल कैंपेन और बीटूबी नेटवर्किंग प्रयासों ने राज्य को ‘अनछुए अनुभवों की धरती’ के रूप में नई पहचान दिलाई है।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल राज्य को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे बढ़ाकर वैश्विक पर्यटन परिदृश्य में स्थापित करने के अपने संकल्प पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। सकारात्मक दृष्टिकोण, मजबूत टीमवर्क और दूरदर्शी नेतृत्व के साथ छत्तीसगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी स्थायी पहचान बनाने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा चुका है।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर में वृहद किसान सम्मेलन में होंगे शामिलरायपुर ।अन्नदाताओं के लिए इस वर्ष की होली बेहद खास और खुशियों भरी होने जा रही है। आगामी 4 मार्च को मनाए जाने वाले होली के पावन पर्व से ठीक पहले प्रदेश सरकार कृषक उन्नति योजना के माध्यम से बस्तर जिले के किसानों की झोली खुशियों से भरने जा रही है। शनिवार 28 फरवरी को जगदलपुर के वीर सावरकर भवन में आयोजित होने वाले वृहद किसान सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं बस्तर के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में बस्तर जिले के 40,667 किसानों को 205.95 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का वितरण किया जाएगा। त्यौहार से ठीक पहले मिल रही इस बड़ी राशि से बस्तर के ग्रामीण अंचलों में होली का उत्साह अभी से दोगुना हो गया है।इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में समृद्धि की गुलाल बिखेरी जाएगी। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक श्री किरण देव, चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को मोटा धान पर 731 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों तक पहुँचाई जा रही है। त्यौहार के ठीक पहले मिलने वाली इस आर्थिक मजबूती से न केवल बाजारों में रौनक बढ़ेगी, बल्कि किसान अपने परिवार के साथ 4 मार्च की होली का जश्न पूरे उत्साह और उमंग के साथ मना सकेंगे।
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रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम लोगों के जीवन में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही है। इसी कड़ी में संभाग रायपुर के उप संभाग तिल्दा अंतर्गत ग्राम पंचायत तुलसी में योजना के पंजीयन एवं उपभोक्ता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर से प्रेरित होकर ग्राम तुलसी की निवासी श्रीमती मिनी वर्मा (पति श्री टिकेंद्र वर्मा), बिजली कॉलोनी तुलसी स्थित अपने आवास की छत पर 3 किलोवाट पीक (3 kWp) क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। इस हेतु उन्होंने Punjab National Bank से योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त किया।श्रीमती वर्मा ने बताया कि सोलर सिस्टम स्थापना में लगभग दो लाख रुपये का व्यय आया, जिसमें से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कुल 1,08,000 रुपये की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई। इससे उन्हें आर्थिक रूप से काफी राहत मिली।उन्होंने बताया कि नवंबर माह से सोलर पैनल चालू होने के बाद से बिजली बिल शून्य हो गया है, बल्कि माइनस फिगर में -86 रुपये एवं -83 रुपये तक का बिल आ रहा है। पूर्व में प्रति माह 1200 से 1500 रुपये तक का बिजली बिल आता था, जो अब पूरी तरह समाप्त हो गया है।श्रीमती वर्मा के अनुसार, सूर्य की किरणों से उत्पादित ऊर्जा न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि घरेलू बचत भी बढ़ा रही है। पहले जो राशि बिजली बिल भुगतान में खर्च होती थी, उसी से अब बैंक ऋण की ईएमआई का भुगतान आसानी से किया जा रहा है।उन्होंने ग्राम तुलसी के अन्य नागरिकों से भी सौर ऊर्जा अपनाने और योजना का लाभ लेने की अपील की है। - -कच्चे झोपड़े से पक्के मकान तक शासन की योजनाओं से मिला सम्मानपूर्ण जीवनरायपुर / शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला रही हैं। जिले की हितग्राही भुइरी बाई पति कांशीराम कभी कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं।सरगुजा जिला के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंवरपुर की हितग्राही भुइरी बाई पति कांशीराम बताती हैं कि पहले वे कच्चे घर में रहती थीं, जहां हर मौसम में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बारिश में पानी टपकता था, दीवारें कमजोर थीं और दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियां भी कठिन हो जाती थीं। ऐसे में पक्के घर का सपना उनके लिए बहुत बड़ा था, जो संसाधनों के अभाव में अधूरा ही लग रहा था। भुईरी बाई ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति काशीराम के नाम स्वीकृत हुआ था। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर पक्का घर बनाने का निर्णय लिया। लेकिन दुर्भाग्यवश, घर निर्माण के दौरान उनके पति का निधन हो गया, किंतु शासन की सहायता से बना यह पक्का आवास आज उनके जीवन का सहारा बना हुआ है। वे उसी घर में सुरक्षित रूप से निवास कर रही हैं।भुइरी बाई ने बताया कि यदि शासन की आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तो वे कभी भी पक्का मकान नहीं बना पातीं। आज उन्हें न केवल मजबूत और सुरक्षित आवास मिला है, बल्कि अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हो रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत उन्हें नियमित रूप से चावल, दाल एवं शक्कर मिल रही है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। वहीं उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस कनेक्शन मिलने से अब वे धुएं से मुक्त वातावरण में भोजन बनाती हैं, जिससे स्वास्थ्य और सुविधा दोनों में सुधार हुआ है।भुईरी बाई भावुक होकर बताती हैं कि अब उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं है। पक्के घर में आराम और सुरक्षित जीवन जीना संभव हो पाया है। उन्होंने ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन ने उनका पक्का मकान का सपना पूरा किया है और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया है।सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और प्राथमिकता के साथ पहुंचाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित आवास, खाद्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। जिससे समाज के हर वर्ग का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
- -श्री डेका ने कहा नई शिक्षा नीति से मिला हर आयु में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार-जीवन में ख़ुशी और आत्म संतुष्टि प्राप्त करने के लिए हमें अपना पैशन भी फॉलो करना चाहिए-राज्यपाल श्री रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल-दीक्षांत समारोह में 816 स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गएरायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल आजीविका प्राप्त करना नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर पूरे समाज का विकास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवर्तन जीवन का नियम है और शिक्षा हमारे जीवन में कई तरह के सकारात्मक बदलाव लेकर आती है। अगर हम अपनी शिक्षा के माध्यम से समाज में पीछे छूट रहे लोगों का जीवन सुधार पायें उनकी ज़िंदगी बेहतर बना पायें तो हमारा जीवन सफल होगा और इस अनमोल मनुष्य जीवन का सदुपयोग कर पाएंगे। दीक्षांत समारोह में 816 स्नातक, परास्नातक और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को उपाधियाँ और पदक प्रदान किए गए। शेल इंडिया की अध्यक्ष और शेल लुब्रिकेंट्स एशिया पैसिफिक की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंसी मदन त्रिपाठी को विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टर ऑफ फिलोसोफी (ऑनोरिस काउसा) से सम्मानित किया गया।राज्यपाल श्री रमेन डेका आज एमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के चौथे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा से ही विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया का सकता है। उन्होंने श्री कृष्ण द्वारा भगवत गीता में दिए ज्ञान का ज़िक्र करते हुए कहा कि हमें अपनी अंतर आत्मा से साक्षात्कार करते रहना चाहिए ताकि हम सही और ग़लत में अंतर समझ सकें। अंतरात्मा की सुनेंगे वो आपको कभी ग़लत काम करने नहीं देगी और इसी तरह आप ख़ुद को ईश्वर के नज़दीक पायेंगे और आपको आत्म संतुष्टि प्राप्त होगी। शिक्षा से हम ज्ञान और बुद्धिमत्ता प्राप्त कर सकते हैं। जीवन का एक उद्देश्य होना चाहिए और हमें शिक्षा में भी एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें हमें तकनीक का उपयोग करके जीवनशैली को बेहतर बनाना सिखाती है। लेकिन हमें अपने समाज, राष्ट्र और संस्थान के लिए भी अपना योगदान देना चाहिए।राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति का ज़िक्र करते हुए कहा अब आप किसी भी उम्र में अपने पसंद की डिग्री हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि करियर निर्माण की आपा धापी में हम अपना पैशन भूल जाते हैं, जीवन का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है , ख़ुशी और आत्म संतुष्टि प्राप्त करना भी है इसलिए हमें अपना पैशन फॉलो करना चाहिए।इस अवसर पर कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। आठ छात्रों को श्री बलजीत शास्त्री पुरस्कार, 31 छात्रों को डॉ. अशोक के. चौहान पुरस्कार, और 20 छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। सोनल धोमने (बी.टेक. सीएसई) को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए बेस्ट ऑल-राउंडर ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।डॉ. अशोक के. चौहान, संस्थापक अध्यक्ष, एमिटी विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से जीवन में एक उद्देश्य निर्धारित करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ने में योगदान देने का आह्वान किया। डॉ. असीम चौहान, अध्यक्ष, रितनंद बलवेद इंटरनेशनल एजुकेशन फाउंडेशन और चेयरमैन, अमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ ने कहा कि अमिटी ने छात्रों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मूल्य, दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल प्रदान किए हैं। इस दौरान रजिस्ट्रार, फैकल्टी मेंम्बर्स, डीन, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके परिजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज अपने गोद ग्राम बिजली, जिला गरियाबंद से आए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गांव में चल रहे विकास कार्यो की प्रगति के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उनके कार्यालय को अवगत कराएं।राज्यपाल के गोद ग्राम बिजली के ग्रामीण बहुत खुश नजर आए। उनकी आत्मीयता को देखकर ग्रामीण भावुक हो उठे और कहा कि राज्यपाल जी से उन्हें बहुत अपनत्व मिलता है। उनके गांव के विकास के लिए सभी ग्रामीणों ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। सरपंच श्रीमती पदमा निषाद ने बताया कि राज्यपाल जी के द्वारा उनके ग्राम पंचायत में टिन शैड, वॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पीट, नाडेप इत्यादि का काम करवाया जा रहा है। उनके गांव में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G-RAM-G) के तहत भी उनके गांव में काम हो रहा है। इसके अलावा स्कूल में स्मार्ट बोर्ड भी प्रदान किया गया है। जिससे बच्चों की शिक्षा में मदद मिल रही है। उप सरपंच श्री रोशन राम पटेल ने बताया कि राज्यपाल जी ने जब से उनके गांव को गोद लिया है उनके गांव को विकास की गति मिली है। जिसके लिए पूरे ग्रामीणों की ओर से राज्यपाल का धन्यवाद किया।बिजली ग्राम पंचायत से आए ग्रामीणों ने इस दौरान लोकभवन का भ्रमण किया और यहां के इतिहास के बारे में जानकारी ली। साथ ही लोकभवन के द्वारा उन्हें महंत घासीदास म्यूजियम का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुश्री निधि साहू उपस्थित थी।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ में संपत्ति के पंजीयन एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं व्यवहारिक बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से लागू नवीन गाइडलाइन दरों के संबंध में आवश्यकता अनुसार पुनरीक्षण हेतु जिला मूल्यांकन समितियों को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे। शासन के निर्देशों के अनुरूप दुर्ग एवं सरगुजा जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण किया गया। समग्र समीक्षा एवं चर्चा के उपरांत केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दुर्ग एवं सरगुजा जिलों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों को अनुमोदित कर दिया है।केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें दुर्ग एवं सरगुजा जिलों में दिनांक 2 मार्च 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की विस्तृत जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी 33 जिलों के लिए नवीन पुनरीक्षित गाइडलाइन दरें जारी कर दी गई हैं, जिससे पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं यथार्थपरक बनने की दिशा में मदद मिलेगी।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि व्यापम द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की संभावित तिथियां जारी कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, शिक्षक की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 तथा व्याख्याता की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को संभावित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के साथ किया गया प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि युवा प्रदेश के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बनाने में योगदान देंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिटी गैस अवसंरचना का किया शुभारंभ-हरित छत्तीसगढ़, स्मार्ट छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम-मेट्रो शहरों की तरह डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मिलेगी गैसरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएनजी युक्त वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रायपुर नगर निगम की पहली पाइपलाइन गैस उपभोक्ता श्रीमती पूनम चौबे से संवाद कर घरेलू उपयोग में पाइपलाइन गैस की सुविधा के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रजत जयंती वर्ष मना रहा है और इन वर्षों में प्रदेश ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। सिटी गैस अवसंरचना परियोजना इस विकास यात्रा में एक नई उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल नई सुविधा नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है।मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मेट्रो शहरों की तर्ज पर डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) के माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पाइपलाइन से गैस उपलब्ध होगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को रिफिलिंग की झंझट से मुक्ति मिलेगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सस्ती और सुलभ ऊर्जा मिलने से उद्योग क्षेत्र को भी गति मिलेगी तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाएं सशक्त होंगी।मुख्यमंत्री ने एचसीजी समूह को बधाई देते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि वे रायपुर सहित बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले में शीघ्र ही सीएनजी स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि वाहनों में सीएनजी के उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और आम नागरिकों के ईंधन खर्च में भी राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत राज्य बजट में अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रदेशवासियों को मेट्रो शहरों जैसी सुविधाओं का अनुभव हो। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलें, इस दिशा में सरकार ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वच्छ ईंधन अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनें और हरित, विकसित एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दें।उल्लेखनीय है कि सिटी गैस अवसंरचना परियोजना रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से घरेलू उपयोग तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों हेतु पाइपलाइन द्वारा पीएनजी की आपूर्ति की जाएगी तथा वाहनों के लिए सीएनजी भी उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में एचसीजी समूह के प्रबंध निदेशक श्री राहुल चोपड़ा, निदेशक श्री राजीव माथुर, अध्यक्ष श्री दीपक सावंत, श्री राकेश रंजन, गैल इंडिया के प्रतिनिधि एवं उद्योग जगत के लोग उपस्थित रहे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में ‘गुलाल’ होली विशेषांक का विमोचन किया। वरिष्ठ पत्रकार श्री जगजीत सिंह द्वारा प्रकाशित इस विशेषांक में होली पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक और साहित्यिक पक्षों को समाहित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और भारतीय परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकाशन हमारी लोकसंस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस रचनात्मक पहल के लिए प्रकाशक और उनकी टीम को बधाई दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, श्री दीपक विश्वकर्मा, श्री नदीम मेमन तथा श्रमजीवी गिल्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री आर.के. गांधी उपस्थित थे।
- -30.59 करोड़ की 9 सड़कों को मिली मंजूरी-आवागमन के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की नई रफ्तार देते हुए 9 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए कुल 30 करोड़ 59 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं से ग्रामीण अंचलों में आवागमन सुगम होगा, व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। दो वर्षों के भीतर मिली इस करोड़ों की सौगात से जिले की सड़क व्यवस्था का व्यापक कायाकल्प हो रहा है।क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया है। जिले के ढूंड़गजोर (सरसमार) से चिढ़रापारा पत्थलगांव तक 2 किमी 1 करोड़ 96 लाख, ग्राम ढोंगादरहा से अम्बाकछार मार्ग 3 किमी 4 करोड़ 84 लाख, ग्राम पंचायत मुड़ापारा (हड्डी गोदाम मेन रोड) से घिंचापानी होते हुए पंगसुवा मार्ग 4.85 किमी 4 करोड़ 26 लाख, ग्राम कोतबा से सरईकोना होते हुए पिकपारा मार्ग 4.60 किमी 4 करोड़ 59 लाख, कांसाबेल के बटाईकला प्रेमनगर से मारचाईढोढ़ी मार्ग 2.90 किमी, 2 करोड़ 79 लाख, कांसाबेल खूंटीटोली बस्ती से चेतबा हाई स्कूल मार्ग 2 किमी 2 करोड़ 4 लाख, कांसाबेल कोरंगा से नवाटोली से भागलपुर मार्ग 2 किमी 2 करोड़ 14 लाख, कुड़केल खजरी के पटेल पारा से बगई झरिया मार्ग 3.80 किमी 3 करोड़ 28 लाख, कोकिया खार से आमकानी मेन रोड तक 4 किमी 4 करोड़ 69 लाख रुपए की मंजूरी मिली है।इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात की सुविधा बेहतर होगी, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी तथा विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में लगातार विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे गांव-गांव में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। यह स्वीकृति जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- -होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि-मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रमरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।
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*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने प्रमुख अभियंता को राशि स्वीकृति के संबंध में जारी किया परिपत्र*
बिलासपुर / राज्य शासन ने बिलासपुर में पेण्ड्रीडीह चौक से नेहरू चौक मार्ग के लिए 40 करोड़ 79 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 15.38 किमी सड़क का मजबूतीकरण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। -
*मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल, कलेक्टर ने अंगदान संकल्प लेने वाले कर्मचारी को किया सम्मानित*
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत मानवता और जनसेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए बैरन बाजार स्थित जिला वेटनरी हॉस्पिटल में पदस्थ चिकित्सा कर्मचारी श्री राजेश पटेल ने अंगदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत उन्होंने अंगदान के लिए पंजीयन कर जन जागरूकता का संदेश दिया।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सम्मान पत्र प्रदान कर उनके इस पुनीत कार्य की सराहना की तथा कहा कि अंगदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।श्री पटेल ने अपने संकल्प के बारे में कहा कि "मुझे बड़ी खुशी है कि मैं इस पुनीत कार्य का हिस्सा बना, मेरा जाने के बाद कोई और भी स्वस्थ जीवन के सकेगा।" उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 88 से अधिक लोगों ने अंग एवं संपूर्ण शरीर दान का संकल्प लिया है, जिससे समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस पुनीत कार्य से जुड़कर अंगदान का संकल्प लें। अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु 9406049000 संपर्क नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, संयुक्त संचालक पशु स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शंकरलाल उइके तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
*आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदार*
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत ज्ञान दान की दिशा में जनसहभागिता लगातार बढ़ रही है।इसी क्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहायक संचालक श्री गौरव साहू ने अंग्रेजी, पंचायती राज, खेल, भूगोल सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीकलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की प्रशंसा करते हुए प्रमाण पत्र एवं प्रेरक पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत अब तक 7800 से अधिक पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान की जा चुकी हैं। जिनका लाभ जिले के अनेक विद्यार्थियों को मिल रहा है। यह अभियान केवल पुस्तक दान तक सीमित नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को संवारने और उनके भविष्य निर्माण का संकल्प है।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने हेतु इच्छुक नागरिक फोन के माध्यम से श्री प्रभात सक्सेना 94060 49000 एवं श्री केदार पटेल 94255 02970 पर संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर/कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज प्रार्थी श्रीमती आशा बाई नायर को 5000 रू. की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की। उल्लेखनीय है कि श्रीमती नायर बीमार हैं। उन्होंने आर्थिक सहायता हेतु आवेदन दिया था। कलेक्टर ने उनके आग्रह पर संवेदनशीलता से विचार कर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की।
















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