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- दुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से श्री रोहित व्यास (भा.प्र.से.) आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई को अपने कार्यों के साथ-साथ अपर कलेक्टर के रूप में नोडल अधिकारी के दायित्वों के निर्वहन हेतु अरिक्त प्रभार सौंपा है। आदेशानुसार श्री व्यास को सौंपे गए कार्याें में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग दुर्ग, कोविड-19 के संक्रमण एवं रोकथाम एवं संपूर्ण प्रबंधन, सुपोषण अभियान, महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र दुर्ग, जिला दुर्ग के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का पर्यवेक्षण शामिल है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
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दुर्ग /कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर तैयार करने एवं भेजने हेतु श्री दीपक कुमार निकुंज संयुक्त कलेक्टर जिला कार्यालय दुर्ग को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। श्री दीपक कुमार निकुंज संयुक्त कलेक्टर जिला कार्यालय दुर्ग का मोबाईल नंबर 7646910755 एवं दूरभाष क्रं. 0788-2320118 है।
- - कलेक्टर ने बीएलओ, सुपरवाईजर और आरइओ को वीसी के माध्यम से दिए निर्देशदुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आज विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीएलओ, सुपरवाईजर और आरइओ द्वारा संपादित किए जा रहे निर्वाचन कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता का होता है, कार्य को गंभीरता से ले अधिकारी। बीएलओ, सुपरवाईजर स्तर के सभी कार्य मोबाईल एप से पूर्ण करना है घर-घर मतदाता सर्वे का कार्य 30 जुलाई तक पूर्ण किया जाना है। 2 अगस्त तक मतदाता सूची का प्रकाशन होना है। मतदाता सूची से नाम हटाने का कार्य अति सावधानी पूर्वक किया जाए वीआईपी श्रेणी के वोटरों का शत-प्रतिशत मार्किंग कर लिया जाए। वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगजनों का मतदाता सूची में नाम जोड़ने विशेष पहल किया जाए।विडियो काफ्रेंस के माध्यम से निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी द्वारा घर-घर सर्वे कार्य हेतु बीएलओं का प्रशिक्षण/बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। 02 अगस्त 2023 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन होगा एवं 02 अगस्त 2023 व 04 अक्टूबर 2023 को प्रत्येक मतदान केन्द्र में, विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर मतदाता सूची का वाचन किया जाएगा। इस दौरान ईआरओ कार्यालय तथा जिला स्तर पर स्वीप कार्ययोजना के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम आयोजित कर मतदाता सूची वाचन होगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्थिति में मतदान योग्य किसी भी मतदाता का नाम न छूटे। 10 जुलाई 2023 तक दैनिक रूप से ऐरोनेट के लंबित आवेदनों का निराकरण अनिवार्यतः किया जाएगा। नाम विलोपन की कार्यवाही फार्म 7 द्वारा की जाएगी। मृत्यु को छोड़कर अन्य कारणों से विलोपन पर नियमानुसार नोटिस जारी होगी एवं मृत्यु की स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र अथवा निकट संबंधी साक्ष्य लिया जाएगा। बीएलओ व बीएलओ सुपरवाईजर के पद रिक्त होने की स्थिति में 15 दिवस के भीतर नियुक्ति की जाएगी। दावा आपत्ति के दौरान प्रत्येक सप्ताह 9, 10, 11, 11ए, व 11बी सूची ईआरओ ऑफिस में चस्पा किया जाएगा। एवं विशेष शिविर दिवसों (12, 13, 19 व 20 अगस्त) का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अरविंद एक्का, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री गोकुल रावटे एवं सभी एसडीएम भी मौजूद थे।
- - त्वरित निराकरण के लिए अधिकारी ने आयोग को दिया धन्यवाददुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग मुख्यालय रायपुर में विचाराधीन जनशिकायतों का सुनवाई 04 जुलाई एवं 05 जुलाई 2023 को किया गया। दो दिनों में कुल 14 पिछड़ा वर्ग के लोगों द्वारा प्रस्तुत किए गए शिकायतों का सुनवाई किया गया एवं अधिकांश शिकायतों एवं विवादों का निराकरण पक्षकारों को समझा बुझाकर समझौता कराकर किया गया। एक प्रकरण डॉक्टर लोकेश कुमार वर्मा पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ कार्यालय पशु चिकित्सा कसडोल के द्वारा डॉक्टर एस पी सिंह उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बलौदाबाजार के विरुद्ध मांसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के संबंध में था एवम् आवेदक को माह सितंबर 2022 से अप्रैल 2023 तक वेतन भुगतान अनावेदक द्वारा नहीं किए जाने के संबंध में था दोनों अधिकारियों को उनके पदीय कर्तयो का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने का हिदायत दिया गया तदनुसार आवेदक का आठ माह का बकाया वेतन भुगतान करने का आदेश अनावेदक द्वारा आयोग के समक्ष दिया गया। आवेदक एवं अनावेदक दोनो के उनके विवाद का त्वरित निराकरण होने पर आयोग में उपस्थित होकर धन्यवाद ज्ञापित किए। एक अन्य प्रकरण नरेश कुमार धीवर ग्राम पलारी जिला बलौदाबाजार जो की पेटी कांट्रेक्टर का राकेश मीरी निवासी गुड़ियारी के खिलाफ निष्पादित निर्माण कार्य का भुगतान नहीं किए जाने के संबंध में था दोनो पक्षकारों को समझाकर आवेदक के मांग राशि को कुछ कम कर एवं अनावेदक द्वारा देयराशि को कुछ बड़ाकर मध्यबिंदु अपनाने का सलाह दिया गया जिससे दोनो पक्षकार सहमत हुए एवं प्रकरण का इस प्रकार निराकरण किया गया। एक अन्य प्रकरण अजय यादव, गेंदलाल निषाद, ललित देवांगन, आदित्य यादव जो प्रयास आवासी विद्यालय रायपुर के शिक्षक है जिनके द्वारा शैक्षणिक कार्य की राशि का भुगतान कोचिंग एकेडमी के संचालक द्वारा नहीं किए जाने के संबंध में था जिस पर सहायक संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग रायपुर एवं कलेक्टर रायपुर से जानकारी प्राप्त किया गया। बताया गया कि कोचिंग सेंटर को शिक्षकों के वेतन के लिए देयक पास कर दिया गया है जिस पर कोचिंग सेंटर के संचालक द्वारा 12 जुलाई 2023 तक आवेदकों के लंबित वेतन भुगतान का लिखित आश्वासन दिया गया। इसी प्रकार अन्य शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के लिए आयोग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया। दोनो दिनों की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष श्री थानेश्वर साहू, उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) श्री आर. एन. वर्मा , सदस्य श्री महेश चंद्रवंशी, श्रीमती किरण सिन्हा, आयोग के सचिव श्री बीरू कुमार साहू, अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अनिता डेकाटे उपस्थित रहे।
- दुर्ग /कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों के तहत वज्रपात और आकाशीय बिजली से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा तहसीलदार दुर्ग, धमधा, पाटन, बोरी, अहिवारा एवं भिलाई 03 को परिपत्र जारी किया है। वज्रपात और आकाशीय बिजली से बचाव के लिए जारी परामर्श में कहा गया है कि भारत में बिजली की चमक प्री-मानसून सीजन के दौरान और दक्षिण पश्चिम मानसून के दौरान तीव्र आंधी और बिजली के साथ शुरू होती है। बिजली आमतौर पर दिन के दूसरे पहर के दौरान विशेष रूप से देर दोपहर या शाम को गिरती है। जिसके आवश्यक प्रबंधन के लिए उचित उपाय करने की सलाह दी गई है।वज्रपात और आकाशीय बिजली से बचाव के तहत एक सुनियोजित संचार रणनीति के आधार पर जागरूकता अभियान चलाने तथा जिले और स्थानीय स्तर पर आईईसी गतिविधियों की योजना बनाने कहा गया है। स्थानीय अधिकारी, प्रभावित आबादी से अपनी निकटता के कारण संदेशों के अंतिम छोर तक पहुँच को सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में होते हैं। जिसके लिए अधिकारी दामिनी जैसे बिजली की पूर्व चेतावनी मोबाइल ऐप्स को बढ़ावा दें। समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों कृषि श्रमिकों, महिलाओं, बच्चों, गरीब बुजुर्गों और अलग-अलग दिव्यांगों के लिए सुरक्षा युक्तियों और क्या करें और क्या न करें की विशेष सूची बनाएं। पशु और पशुधन सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें की अलग सूची भी बनाएं। क्या करें और क्या न करें का स्थानीय भाषा में प्रचार-प्रसार करें। नियमित पारस्परिक संचार गतिविधियों का संचालन करें, संवेदनशील आबादी को उनकी स्थानीय भाषा में सुरक्षा युक्तियों का प्रदर्शन करें, बड़े पैमाने पर आईईसी उपकरणों और सामग्री फ्लायर्स, कैलेंडर, कॉमिक बुक का उपयोग करें। आरडब्ल्यूए, नगरीय निकायों, पंचायती राज संस्थानों, आंगनबाडिय़ों, स्थानीय समुदायों को मजबूत करें और शामिल करें। बैनर, पोस्टर, होर्डिंग आदि का उपयोग करके घर-घर अभियान चलाएं, दिव्यांगों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें, आकाशीय बिजली से पीड़ितों के लिए आवश्यक उपचार सामग्री की व्यवस्था करें और जरूरत पडऩे पर पीड़ितों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था करें।वज्रपात और आकाशीय बिजली: क्या करेंबाहर बिजली के संपर्क से बचने के लिए, सुरक्षा के लिए और जोखिम को कम करने कुछ आवश्यक सुझाव दिए गए है। जिसमें घर के बाहर की गतिविधियों में भाग लेने से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जांच करें। यदि आप गरज और बिजली देखते हैं, तो 30 मिनट के लिए घर के अंदर रहें। प्रतिकूल मौसम के दौरान विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में काम करने, मवेशियों को चराने, मछली पकड़ने और नाव चलाने या सामान्य यात्रा के लिए घर से बाहर न निकलें। गर्जना के समय सुरक्षित आश्रय के अंदर रहें। धातु की चादर के साथ धातु संरचनाएं और निर्माण से बचें। सुरक्षित आश्रयों में घर, कार्यालय, शॉपिंग सेंटर, और बंद खिड़कियों वाले हार्ड-टॉप वाहन शामिल हैं। यदि आप आस-पास कोई सुरक्षित आश्रय नहीं होने के कारण बाहर फंस गए हैं, तो तुरंत पहाडिय़ों, पहाड़ की चोटियों या चोटियों जैसे ऊंचे क्षेत्रों से दूर हो जाएं। यदि आप किसी खुले क्षेत्र में फंस गए हैं, तो अपने आप को खतरे से दूर करने के लिए शीघ्रता से कार्य करें। आदर्श रूप से, निचले इलाके में एक आश्रय खोजें और सुनिश्चित करें कि चुने गए स्थान में बाढ़ आने की संभावना नहीं है। झुनझुनी के साथ आपकी गर्दन के पीछे खड़े बाल संकेत कर सकते हैं कि बिजली आने वाली है। तालाबों, झीलों और अन्य जल निकायों से तुरंत बाहर निकलें और उनसे दूर रहें। पेड़ व पहाड़ी चोटियों एवं बिजली का संचालन करने वाली सभी उपयोगिता लाइनों और वस्तुओं टेलीफोन, बिजली, धातु की बाड़ी, ओवरहेड तार, रेल-सड़क की पटरियां, पवन चक्कियां से दूर रहें। रबर-सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली गिरने से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं। यदि आप तूफान के दौरान एक समूह में हैं, तो जोखिम कम करने के लिए पर्याप्त दूरी बनाए रखें। पेड़ की लकड़ी या किसी अन्य मलबे को हटा दें जो उड़ सकता है और दुर्घटना का कारण बन सकता है।वज्रपात और आकाशीय बिजली: क्या न करेंस्नान न करें बर्तन न धोएं या स्थिर या बहते पानी के साथ कोई अन्य संपर्क न करें। ऐसा इसलिए है क्योंकि बिजली किसी बिल्डिंग की प्लम्बिंग और धातु के पाइपों से गुजर सकती है। कॉडेड फोन व किसी धातु के तार सहित बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें। कॉडेंड फोन और अन्य बिजली के उपकरणों का उपयोग करने से बचें, जो बिजली का संचालन कर सकते हैं। हालांकि, तूफान के दौरान ताररहित फोन का उपयोग करना सुरक्षित है। कम्पेटिबल, मोटरसाइकिल और गोल्फ कार्ट जैसे खुले वाहनों से बचें। खुली संरचनाओं व स्थानों जैसे बरामदे, खेल के मैदान, गोल्फ कोर्स, पार्क और खेल के मैदान, तालाब, झील, स्विमिंग पूल और समुद्र तटों से बचें।यात्रा पर क्या करें और क्या न करेंबाहरी गतिविधियों से पहले मौसम के पूर्वानुमान की जांच करें। यदि तूफान का पूर्वानुमान या चेतावनी है, तो यात्रा या बाहरी गतिविधियों को स्थगित कर दें। गर्जना के दौरान, खुले वाहनों जैसे कन्वर्टिबल, मोटरसाइकिल और गोल्फ कार्ट से बचें। पोर्च, बेसबॉल डगआउट और स्पोर्ट्स एरेनास जैसी खुली संरचनाओं से बचना सुनिश्चित करें और खुली जगहों जैसे गोल्फ कोर्स, पार्क, खेल के मैदान, तालाब, झील, स्विमिंग पूल और समुद्र तटों से दूर रहें। आकाशीय बिजली को आकर्षित करने वाली साइकिल, मोटरसाइकिल या कृषि वाहनों से दूर रहें। अगर नौका विहार या तैराकी कर रहे हैं तो जितनी जल्दी हो सके जमीन पर उतर जाएं और सुरक्षित स्थान पर शरण लें। तूफान या गर्जना के दौरान, मदद आने तक या तूफान के गुजर जाने तक अपने वाहन में ही रहें। यदि आप धातु को अंदर नहीं छू रहे हैं तो धातु की छत सुरक्षा प्रदान करेगी। खिड़की बंद होनी चाहिए और वाहन को पेड़ों और बिजली की लाइनों से दूर पार्क करना चाहिए। जंगली क्षेत्र विशेष रूप से वन क्षेत्र से निकलकर खुले मैदान की ओर जाएं। बिजली गिरने से जंगल में आग लगने की संभावना होती है।आकाशीय बिजली: प्राथमिक उपचारबिजली गिरने से पीड़ितों को पेशेवर चिकित्सा की प्रतीक्षा करते समय प्राथमिक उपचार देकर उनकी जान बचाई जा सकती है। यह देखने के लिए जांचना आवश्यक है कि क्या पीड़ित सांस ले रहा है और उसके दिल की धड़कन चल रही है। नाड़ी की जांच करने के लिए सबसे अच्छी जगह कैरोटीड धमनी है जो आपकी गर्दन पर सीधे आपके जबड़े के नीचे पाई जाती है। यदि पीड़ित सांस नहीं ले रहा है, तो तुरंत मुंह से मुंह में पुनर्जीवन शुरू करें। यदि पीड़ित की नब्ज नहीं धड़कती है, तो कार्डियक कंप्रेशन (सीपीआर) भी शुरू करें। जांच किया जाए कि क्या बिजली गिरने से बचे व्यक्ति की हड्डियां टूट गई हैं। जिससे पक्षाघात या रक्तस्राव की बड़ी जटिलताएं हो सकती हैं। पीड़ित और बचाने वाले दोनों व्यक्तियों को लगातार हो रहे बिजली के खतरे से अवगत रहना चाहिए। यदि पीड़ित उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में स्थित है, तो पीड़ित को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। बिजली की चपेट में आने वाले लोगों को छुने से कोई बिजली का खतरा नहीं होता है और उन्हें सुरक्षित रूप से संभाला जा सकता है। टूटी हुई हड्डियों, सुनने और देखने की हानि की जाँच किया जाना चाहिए। बिजली गिरने के पीड़ित व्यक्ति को जलने, झटके और कभी-कभी कुंद आघात की अलग-अलग डिग्री हो सकती है। चोट की जाँच करें, यदि आवश्यक हो तो व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाएं। हेल्पलाइन नंबर 1078 पर कॉल करें और सटीक स्थान पर पहुंचने के लिए सही दिशा बताएं एवं पीड़ित की स्थिति के बारे में जानकारी दें। यदि संभव हो तो बिजली से पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं।क्या न करेंप्रतिकूल मौसम के दौरान विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में काम करने, मवेशी चराने, मछली पकडऩे और नाव चलाने के लिए बाहर न जाएं। यदि आप वन क्षेत्र में हैं, तो छोटे पेड़ों के नीचे शरण लें। बिजली या टेलीफोन के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। ये बिजली को आकर्षित करते हैं। धातु की वस्तुओं का उपयोग न करें और बाइक, बिजली या टेलीफोन के खंभे, तार की बाड़, मशीन आदि से दूर रहें। यदि आप एक खुले मैदान या आउटडोर में काम कर रहे हैं और आपके पास सुरक्षित स्थान पर आश्रय लेने के लिए पर्याप्त समय नहीं है, अपने सिर को टक करके गेंद जैसी स्थिति में झुके और जमीन से कम से कम संपर्क के साथ अपने कानों पर हाथ रखें और अपने आप को एक छोटा लक्ष्य बनाएं। बिजली चमकने के दौरान कभी भी मोबाईल फोन का इस्तेमाल न करें। लोहे की छड़ वाले छाते का प्रयोग न करें।घर पर या इनडोर हेतु भले ही बिजली के तूफान के दौरान आपके घरों, कार्यालयों, शॉपिंग सेंटर जैसे आश्रयों को सुरक्षित माना जाता है, फिर भी एक व्यक्ति जोखिम में हो सकता है। खुद को सुरक्षित रखने के लिए यहां कुछ टिप्स दिए गए हैं। संचार के विभिन्न माध्यमों द्वारा अपडेट और चेतावनी निर्देशों हेतु स्थानीय मीडिया की निगरानी करते रहें। घर के अंदर रहें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें। गरजना के दौरान दरवाजे, खिड़कियां, बरामदे और कंक्रीट के फर्श, फायरप्लेस, चूल्हा चिमनी, बाथटब या किसी भी अन्य बिजली के कंडक्टर से दूर रहें। कम्प्यूटर, लैपटॉप, गेम सिस्टम, वॉशर, ड्रायर, स्टोव, या बिजली के आउटलेट से जुड़ी किसी भी चीज जैसे इलेक्ट्रिकल उपकरणों को अनप्लग करें, क्योंकि मुख्य विद्युत आपूर्ति आकाशीय बिजली के तूफान के दौरान विद्युत लहर का संचालन कर सकती है। खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और अपने घर के बाहर वस्तुओं को सुरक्षित करें। सुनिश्चित करें कि बच्चे और पालतू जानवर अंदर रहें।

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