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-महिला स्व-सहायता समूहों, FPO और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार-मंत्री टंक राम वर्मा
-धमतरी को मिली बड़ी सौगात: कृषि विज्ञान केंद्र में माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पणरायपुर / कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) किसानों, युवाओं और नए उद्यमियों को कम लागत पर आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग और कौशल प्रशिक्षण की साझा सुविधा प्रदान करते हैं। बिना बड़ी मशीनें खरीदे, उद्यमी यहाँ अपने कच्चे माल (जैसे फल, सब्जी, मसाले या मिलेट्स) से जूस, अचार, सॉस व अन्य उत्पाद बनाकर उनकी गुणवत्ता और बाजार का परीक्षण कर सकते हैं। धमतरी जिले में कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता को नई पहचान देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), धमतरी में नवनिर्मित ‘माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर’ का भव्य लोकार्पण राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उपजों का वैज्ञानिक विधि से प्रसंस्करण (Processing) करना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका अब सिर्फ तकनीक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन्हें ग्रामीण उद्यमिता के पावरहाउस के रूप में विकसित किया जा रहा है। 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' से ग्रामीण युवाओं, स्व-सहायता समूहों और एफपीओ (FPO) को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।मंत्री श्री वर्मा ने इन्क्यूबेशन सेंटर में स्थापित आधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक सिखाकर स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इसे जिले के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इस सेंटर से स्थानीय कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे धमतरी के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की नई राहें खुलेंगी। तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान किसानों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ गुणवत्ता नियंत्रण एवं स्वच्छता आधुनिक पैकेजिंग व लेबलिंग FSSAI के मानक एवं नियम,विपणन और ब्रांडिंग के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।इस कार्यक्रम में धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, पूर्व विधायक श्रीमती रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाए, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान और महिला समूहों की सदस्याएं उपस्थित थीं। - -धमतरी में जिला स्तरीय 'शाला प्रवेशोत्सव' आयोजित; नवप्रवेशी बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागतरायपुर / नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर धमतरी स्थित मराठा मंगल भवन में जिला स्तरीय 'शाला प्रवेशोत्सव' का आयोजन किया गया। समारोह में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा के साथ भावुक व आत्मीय स्वागत किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं शाला गणवेश प्रदान किए। सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया। दिव्यांग विद्यार्थियों को आवश्यक सहायक किट वितरित कर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया। इसी तरह शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। आज का विद्यार्थी ही कल का वैज्ञानिक, शिक्षक, चिकित्सक और राष्ट्र निर्माता बनेगा। विद्यार्थियों में उत्साह भरने के लिए उन्होंने संत और तीन मजदूरों की एक प्रेरक कथा साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक मजदूर की सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य ने साधारण से पत्थर तोड़ने के काम को 'बांध निर्माण' जैसे महान राष्ट्रसेवा के कार्य में बदल दिया। उन्होंने कहा कि काम केवल हाथों से नहीं, बल्कि उद्देश्य और सोच से बड़ा बनता है। मंत्री श्री वर्मा ने विद्यार्थियों से केवल अंक लाने तक सीमित न रहकर ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से समाज सेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।मंत्री श्री वर्मा ने नूतन विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर 'न्योता भोजन' किया, जिससे विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति अपनापन और उत्साह का संचार हुआ।जिले के प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में डिजिटल शिक्षा, मजबूत अधोसंरचना, छात्रवृत्ति और पारदर्शी योजनाओं के जरिए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक या सामाजिक कारणों से पढ़ाई से दूर न रहे। कार्यक्रम में कलेक्टर ने स्वागत भाषण देते हुए जिले में विकसित की जा रही शैक्षणिक अधोसंरचना, नवाचारों और समावेशी माहौल की जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष तथा महापौर ने भी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू,अन्यजनप्रतिनिधि,अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
- -जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत-कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान-50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का हुआ भूमिपूजन-पुसौर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सवरायपुर / रायगढ़ जिले के नगर पंचायत पुसौर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव-2026 उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि विद्यालय में पहला कदम किसी भी बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत होता है। शिक्षा केवल व्यक्ति का जीवन ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा बदलने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित जीवन और सतत मेहनत के बल पर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय किया। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का लक्ष्य अभी से निर्धारित करने और उसी दिशा में समर्पित होकर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह तय होना चाहिए कि जीवन में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के द्वार खुले हैं और ऐसे अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित होने वाले विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को आईएएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली भेज रही है, जहाँ उनके अध्ययन और आवास का संपूर्ण व्यय सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के मार्ग में आर्थिक अभाव कभी बाधा नहीं बन सकता।मंत्री श्री चौधरी ने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान जिन शिक्षकों के बच्चे शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, उनका मंच से सम्मान भी किया गया। उन्होंने प्राचार्यों और शिक्षकों का आह्वान किया कि वे ऐसे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय विकसित करें, जहाँ अभिभावक स्वयं अपने बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए उत्सुक हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पुसौर में नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि विद्यालय को बच्चों के लिए आनंददायक और प्रेरणादायी बनाना है। उन्होंने अभिभावकों से घर में बच्चों के अध्ययन के लिए एक अलग स्थान निर्धारित करने और प्रतिदिन उनसे विद्यालय में सीखी गई नई बातों पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मीयता विकसित होगी।कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पूर्ण दृष्टिबाधित छात्रा कामिनी यादव को 86 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया।इस अवसर पर छात्राओं को साइकिल तथा नवप्रवेशी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें, गणवेश एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में न्योता भोज का आयोजन भी किया गया। जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी सहभागिता ने शाला प्रवेशोत्सव को एक जनउत्सव का स्वरूप प्रदान किया।कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमलता चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी मोहित सतपथी, जिला पंचायत सदस्य श्री ब्रजेश गुप्ता, श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक एवं श्रीमती लक्ष्मी जीवन पटेल, नगर पंचायत पुसौर के उपाध्यक्ष श्री उमेश साव, जनपद पंचायत पुसौर की उपाध्यक्ष श्रीमती खीरमती चौहान, पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया भूमिपूजन, मरीजों को मिलेंगी निजी अस्पताल जैसी सुविधाएंरायपुर / स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने आज जिला चिकित्सालय दुर्ग परिसर में सर्जिकल विंग प्रथम तल (फेज-2) के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। लगभग 4 करोड़ 85 लाख 43 हजार रुपये की लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक सर्जिकल विंग में मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि नए सर्जिकल विंग में 7 आधुनिक पेइंग रूम बनाए जाएंगे, जहां मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन में दो विशाल वेटिंग हॉल, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग, टेलीविजन सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी, जिससे मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके परिजनों को भी बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। विशेष रूप से प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों को निजी अस्पतालों का विकल्प चुनना पड़ता था। अब डिलीवरी के बाद यदि कोई परिवार जच्चा-बच्चा को चिकित्सकों की निगरानी में सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में रखना चाहता है, तो उन्हें अलग पेइंग रूम की सुविधा उपलब्ध होगी।मंत्री श्री यादव ने बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व जिला अस्पताल में पेइंग वार्ड संचालित होता था, जहां शहर के अनेक परिवार अपने मरीजों एवं प्रसूताओं को भर्ती कराते थे। उस समय अलग किचन सहित कई विशेष सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन बाद में यह व्यवस्था समाप्त हो गई थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों तथा प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से पेइंग वार्ड की सुविधा पुनः प्रारंभ करने का आग्रह किया था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि नए पेइंग वार्ड में मरीजों को होटल जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे अस्पताल परिसर में ही चिकित्सकों की सतत निगरानी में सुरक्षित रह सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में जिला अस्पताल में अलग एमआरआई सेंटर तथा सीटी स्कैन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे जिलेवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री श्याम शर्मा, छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. आशिष मिंज, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए.के. भट्टाचार्य सहित स्वास्थ्य एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित थे।
- -बच्चों के सुरक्षित कल के लिए धमतरी में साझा हुए पेरेंटिंग के नए मंत्ररायपुर । बच्चों के सर्वांगीण विकास, उनके अधिकारों की सुरक्षा और एक संवेदनशील पारिवारिक माहौल तैयार करने के उद्देश्य से धमतरी में ‘समझदार पालक-सशक्त प्रदेश’ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर आयोजित इस कार्यशाला में समाज, जनप्रतिनिधियों और 40 से अधिक अभिभावकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के दो दिवसीय प्रवास के दौरान रूद्री रोड स्थित परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और व्यक्तित्व विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला में अभिभावकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी संवाद के गुर सिखाए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी और जिम्मेदारी उनके माता-पिता हैं। अपने बच्चों के लिए तो हर माँ 'देवकी' होती है, लेकिन समाज का दायित्व है कि राह से भटके और बेसहारा बच्चों के लिए 'यशोदा' बनकर भी मिसाल कायम करें।रायपुर की मनोवैज्ञानिक डॉ. गार्गी पांडे ने बताया कि माता-पिता का आचरण बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य की नींव रखता है। उन्होंने बच्चों के बदलते व्यवहार को समझकर उनके साथ दोस्ताना संवाद स्थापित करने के व्यावहारिक सुझाव दिए। बच्चों के कानूनी अधिकार की विशेषज्ञ सुश्री दिव्यांशी शर्मा ने बच्चों के चार मूलभूत अधिकारों और बाल संरक्षण आयोग की शक्तियों से अभिभावकों को अवगत कराया। नगर निगम महापौर ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम संस्कारित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अभिभावकों से बच्चों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, बाल कल्याण समिति के सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- रायपुर। नारायणपुर जिले में आयुष विभाग की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण साबित हो रही हैं। यहाँ यूनानी और आयुर्वेदिक औषधियों के साथ-साथ पंचकर्म और शिरोधारा जैसी प्राचीैन तकनीकों के सटीक समन्वय से ऐसे मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है, जो लंबे समय से दर्द और लाचारी का सामना कर रहे थे। यूनानी चिकित्सा अधिकारी के समर्पित प्रयासों से कई मरीज न केवल गंभीर बीमारियों से उबरे हैं, बल्कि अब सामान्य और आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं।नारायणपुर निवासी 45 वर्षीया श्रीमती इश्वरी यादव बीते लंबे समय से दोनों घुटनों के असहनीय दर्द, सूजन और गतिहीनता से बेहाल थीं। उठने-बैठने और चलने-फिरने से मजबूर इश्वरी जी को डॉक्टरों ने नी-रिप्लेसमेंट (घुटना प्रत्यारोपण) कराने की सलाह दे दी थी। सर्जरी के डर और अनिश्चितता के बीच वे आयुष विभाग पहुँचीं, जहाँ डॉ. ने यूनानी-आयुर्वेदिक औषधियों के साथ नियमित शिरोधारा चिकित्सा से उनका इलाज शुरू किया।इस समन्वित उपचार का असर ऐसा रहा कि धीरे-धीरे उनका दर्द और सूजन पूरी तरह खत्म हो गई। बिना किसी ऑपरेशन के स्वस्थ हुईं इश्वरी आज न केवल अपनी दिनचर्या आसानी से पूरी कर रही हैं, बल्कि नारायणपुर में अपना होटल भी सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। कुछ ऐसी ही राह 55 वर्षीय श्री प्रमोद पाण्डेय की भी रही, जो मधुमेह (शुगर) के कारण शरीर में अत्यधिक कमजोरी, नसों में झुनझुनी, पैरों के भारीपन और मानसिक तनाव से ग्रस्त थे। स्थिति यह हो गई थी कि वे 100 मीटर भी पैदल चलने में असमर्थ थे।आयुष विभाग में यूनानी और आयुर्वेदिक दवाओं के साथ शिरोधारा थेरेपी के माध्यम से उनके शरीर में नई ऊर्जा का संचार किया गया। इस इलाज से न केवल उनका तनाव और घबराहट दूर हुई, बल्कि उनके नर्वस सिस्टम और चलने-फिरने की क्षमता में भी अभूतपूर्व सुधार आया। 35 वर्षीया श्रीमती अर्पना नाग के लिए गर्भावस्था के दौरान शुरू हुआ दाहिने पैर का दर्द और झुनझुनी प्रसव (LSCS) के बाद भी पीछा नहीं छोड़ रहा था। अगले 7-8 महीनों तक उनका उठना-बैठना और चलना पूरी तरह प्रभावित रहा।जब वे आयुष केंद्र पहुँचीं, तो डॉ. साहू ने यूनानी-आयुर्वेद के साथ पंचकर्म थेरेपी का प्रयोग किया। इस इलाज का असर इतना त्वरित रहा कि मात्र एक सप्ताह के भीतर उन्हें 50 प्रतिशत से अधिक राहत मिल गई और लगातार दो महीने के उपचार के बाद वे पूरी तरह निरोग हो गईं। महिलाओं में होने वाली जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी आयुष चिकित्सा वरदान सिद्ध हो रही है। 50 वर्षीया श्रीमती कल्पना शर्मा पिछले एक वर्ष से मेनोरेजिया (अत्यधिक व अनियमित मासिक रक्तस्राव) से पीड़ित थीं। एक महीने से लगातार हो रही ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में तीव्र दर्द और कमजोरी ने उन्हें बेहद लाचार कर दिया था।आयुष विभाग द्वारा दी गई विशेष यूनानी और आयुर्वेदिक औषधियाँ शुरू होने के मात्र 10 दिनों के भीतर ही उनका रक्तस्राव पूरी तरह नियंत्रित हो गया और वे पेट दर्द व कमजोरी से मुक्त हो गईं।नारायणपुर में आयुष विभाग के ये परिणाम यह साबित करते हैं कि यदि पारंपरिक पद्धतियों का सही और समन्वित उपयोग किया जाए, तो बिना किसी जटिल सर्जरी के भी असाध्य रोगों का स्थायी समाधान संभव है। डॉ. साहू के मार्गदर्शन में मिल रहा यह सुरक्षित, प्रभावी और सुलभ इलाज नारायणपुर जिले में जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है।
- -खेल मैदानों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक, स्कूलों में '1098' हेल्पलाइन अंकित करना अनिवार्य-अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा-पॉक्सो मामलों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ड्रॉपआउट बच्चों की ट्रैकिंग पर विशेष जोर-स्कूलों में जर्जर शौचालयों की मरम्मत और बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के दिए निर्देशरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रदेश में बच्चों के समग्र विकास, सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। धमतरी जिला मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि खेल मैदानों का किसी भी स्थिति में व्यावसायिक उपयोग नहीं होना चाहिए। जिन मैदानों का अन्य प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल हो रहा है, उन्हें तत्काल मुक्त कराकर बच्चों के खेलकूद के लिए उपलब्ध कराया जाए।बैठक में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ सहित पुलिस, शिक्षा एवं बाल संरक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों की दीवारों और प्रमुख स्थलों पर चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा संबंधित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी का नाम व संपर्क विवरण अनिवार्य रूप से अंकित किया जाएगा। पिछले तीन वर्षों में स्कूल छोड़ने वाले (ड्रॉपआउट) बच्चों का घर-घर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी बच्चा बाल श्रम, बाल विवाह या मानव तस्करी का शिकार न हो। इसी तरह बुनियादी सुविधाओं पर जोर देते हुए उन्होंने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए पृथक स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल और बेहतर खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।पुलिस विभाग को पॉक्सो (POCSO) मामलों को लेकर समाज में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा प्रत्येक थाने में बाल कल्याण अधिकारी का विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और भयमुक्त वातावरण देना सरकार और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है। बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ज्ञात हो कि धमतरी जिला में खेल एवं युवा कल्याण द्वारा जिले के 81 मिनी स्टेडियमों में खेल गतिविधियां जारी हैं तथा 36 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए 1,160 खिलाड़ियों को कोचिंग दी जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा 1,076 स्कूलों में से जर्जर शौचालयों के स्थान पर 34 बालिका व 84 बालक शौचालयों के निर्माण का प्रस्ताव जिला पंचायत को भेजा गया है। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा जून 2026 में चलाए गए अभियान में 6 बालिकाओं और बाल श्रम में लगे 1 बालक का रेस्क्यू किया गया। पिछले तीन वर्षों में कुल 30 बच्चों का सफल पुनर्वास कराया जा चुका है।अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों के हितों से जुड़ी योजनाओं को संवेदनशीलता और पूरी जवाबदेही के साथ धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
- रायपुर । वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं जनजातीय प्रतिनिधियों को मिले सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा राष्ट्रपति भवन में बस्तर के जनजातीय प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत और सम्मान देश की समृद्ध आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का सशक्त संदेश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा स्वयं अतिथियों का स्वागत करना और उन्हें भोजन परोसकर सम्मानित करना भारतीय संस्कृति की आत्मीयता और जनजातीय समाज के प्रति आदर का अनुपम उदाहरण है।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा, ‘राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की पारंपरिक जनजातीय संस्कृति, वेशभूषा, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत का ऐसा भव्य स्वरूप देखने को मिला। यह केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।’उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करना बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत सम्मानजनक है। इससे प्रदेश की समृद्ध जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन पहुँचना और बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित कलाकृति राष्ट्रपति को भेंट करना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराएं और सामाजिक जीवन हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से प्रदेश के कलाकारों, जनजातीय समाज और युवाओं को नई प्रेरणा मिलेगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बस्तर पंडुम-2026 के सभी विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों तथा जनजातीय प्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
- -लोकसभा में विधेयक पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार, कहा- निष्पक्ष परीक्षा और पारदर्शी व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूतीरायपुर। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शी चयन प्रक्रिया की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है।श्री चौधरी ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन युवाओं के सपनों, उनकी मेहनत और उनकी योग्यता की रक्षा के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों-करोड़ों युवाओं के भविष्य का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा माफिया और अनुचित साधनों के माध्यम से होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए यह संशोधन अत्यंत आवश्यक था। इसके लागू होने से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी तथा ईमानदार एवं प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के सुरक्षित भविष्य और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए यह एक नया अध्याय है। यह संशोधन परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा तथा संगठित परीक्षा अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री चौधरी ने इस युगांतकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है। यह विधेयक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो योग्यता, ईमानदारी और पारदर्शिता पर आधारित परीक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।
- -मुख्यमंत्री श्री साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशों पर राहत और बचाव कार्य तेजरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार बारिश प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। इसी का परिणाम है कि बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई से गर्भवती महिला, नवजात शिशु और पर्यटकों को सुरक्षित बचा लिया गया।ग्राम डल्ला की एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए उफनती तालपेरु नदी पार कर सुरक्षित रूप से बासागुड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। वहां समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलने से सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सका। इसी तरह ग्राम बांडागुड़ा से प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु को भी सुरक्षित रूप से तालपेरु नदी पार कर बासागुड़ा अस्पताल लाया गया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।इसके अलावा ग्राम लंकापल्ली में फंसे सात पर्यटकों का प्रशासन ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाया।जिला प्रशासन ने बताया कि बारिश के मौसम में दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि शाम 4 बजे तक इंद्रावती नदी का जलस्तर पुल के खतरे के निशान से 3.10 मीटर ऊपर दर्ज किया गया। इसके बावजूद प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जनसेवा के संकल्प तथा प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के सतत मार्गदर्शन में बीजापुर जिले में राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे संकट की घड़ी में लोगों को समय पर सहायता मिल रही है।
- -अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुवा ने निगरानी व्यवस्था का लिया जायजा, हाथी मित्र दल के साथ की गश्तरायपुर। अपर मुख्य सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुवा ने आज कटघोरा वनमंडल के हाथी नियंत्रण केंद्र, चोटिया का निरीक्षण कर हाथियों की निगरानी व्यवस्था और मानव–हाथी द्वंद्व की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हाथी मित्र दल के सदस्यों के साथ क्षेत्र में गश्त की और हाथियों की वर्तमान गतिविधियों, उनके विचरण मार्गों तथा निगरानी प्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और हाथी मित्र दल के सदस्यों से चर्चा करते हुए कहा कि मानव–हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने के लिए हाथियों की लगातार निगरानी, त्वरित सूचना तंत्र और ग्रामीणों को समय पर सतर्क करना बेहद जरूरी है।श्री पिंगुवा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करें, ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने हाथी मित्र दल की सराहना करते हुए कहा कि वन विभाग और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय बनाने में इस दल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सदस्यों से पूरी सतर्कता, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य जारी रखने का आह्वान किया। रात्रिकालीन गश्त और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हाथी मित्र दल के सदस्यों को टॉर्च और पानी की बोतलों का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कटघोरा वनमंडल अधिकारी (डीएफओ) श्री कुमार निशांत सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- -जलापूर्ति योजनाओं के संचालन व रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री-पीएचई द्वारा यूनिसेफ और एसीई के सहयोग से हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए कार्यशाला का आयोजनरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए ग्रामीण पाइपलाइन जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित कार्यशाला में महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि जल आपूर्ति की योजनाओं के लंबे समय तक सुचारू संचालन के लिए बारिश के पानी का संचय और जल संरक्षण आवश्यक है। यह भूजल को रिचार्ज करने के साथ ही दीर्घ काल तक जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बनाए रखेगा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यशाला में सरपंचों से गांवों में हर घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने नल जल योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए पंचायतों द्वारा की गई व्यवस्था के बारे में पूछा। उन्होंने गांवों में जलस्रोतों, जल की गुणवत्ता के नियमित परीक्षण तथा रखरखाव शुल्क की भी जानकारी ली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) संस्था के सहयोग से इस एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 100 महिला सरपंच शामिल हुईं।कार्यशाला में हर घर जल प्रमाणित गांवों में नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण और मरम्मत पर व्यापक विचार-विमर्श और बेस्ट प्रेक्टिसेस पर गहन चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत अपनी-अपनी पंचायतों में जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा नल जल योजना के संचालन-संधारण के अनुभव साझा किए। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिला सरपंचों को नल जल योजनाओं के सफल, निर्बाध और दीर्घकालीन संचालन के गुर बताए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यशाला में कहा कि जल आपूर्ति के लिए उपयोग हो रहे जल स्रोतों की देखभाल और सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है। इसके टिकाऊपन (Sustainability) पर ही योजना की दीर्घकालीन सफलता निर्भर है। उन्होंने कहा कि नल जल योजनाओं के काम पूर्ण होने तथा पंचायतों को इसके हस्तांतरण के बाद इसका संचालन व संधारण ग्राम पंचायतों को करना है। जल जीवन मिशन हमारे घर और हमारे गांव के लिए योजना है। ग्राम पंचायतों को गांववालों के साथ मिलकर जल आपूर्ति की व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। श्री साव ने जल स्तर बनाए रखने तथा भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने स्टॉपडैम बनाने और बारिश के पानी को संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के अवरोधों व अतिक्रमणों को हटाकर तालाबों को अच्छे से भरने की व्यवस्था सभी गांवों को करना चाहिए।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की निदेशक सुश्री रूबी मुखर्जी और यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ सुश्री श्वेता पटनायक ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम और अधीक्षण अभियंता श्री समीर गौड़ भी कार्यशाला में मौजूद थे।
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बिलासपुर. बिलासपुर में केंद्रीय जेल में दोहरे हत्याकांड का सजायाफ्ता एक कैदी बायोमास आधारित गैसीफायर प्लांट की भट्ठी में कथित तौर पर कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि राहुल उर्फ विकेश कंवर की कथित आत्महत्या पिछले डेढ़ महीने के दौरान केंद्रीय जेल में किसी कैदी की मौत का पांचवां मामला है। जेल के एक अधिकारी ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह निवासी कंवर (46) 2016 से दोहरे हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम को जेल की रसोई से जुड़ा लकड़ी और बायोमास-आधारित गैसीफायर प्लांट चालू था, तभी कंवर अचानक उस जगह की ओर भागा और भट्टी में कूद गया। उन्होंने बताया कि जब तक जेलकर्मी और अन्य कैदी उसे बाहर निकाल पाते, तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था और उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बिलासपुर के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और जेल के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल केंद्रीय जेल पहुंचे। पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका सटीक पता लगाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस और जेल प्रशासन इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में बिलासपुर केंद्रीय जेल के भीतर किसी कैदी की मौत का यह पांचवां मामला है। अधिकारियों ने बताया कि 23 जून को एक सजायाफ्ता कैदी ने जेल के भीतर एक अन्य कैदी की हत्या कर दी थी। इसके बाद तीन अन्य कैदियों की अलग-अलग घटनाओं में बीमारी और दुर्घटनावश लगी चोटों के कारण मौत हो गई थी। - -बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, ग्रामीणों में खुशी की लहररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में ग्रामीण अधोसंरचना विकास को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जिले के बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 89 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल थी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण से वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा।नई सड़क बनने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। विशेष रूप से बारिश के मौसम में ग्रामीणों को होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी और गांवों की जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों तक पहुंच अधिक सुगम हो सकेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क संपर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत सड़क परियोजनाएं न केवल आवागमन को सुगम बना रही हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली सड़क निर्माण की यह स्वीकृति क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि वे शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में सक्रिय हों।
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, नदियां और नाले उफान पर हैं तथा कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि वर्षाजनित विभिन्न घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग वर्षा से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में कई सड़कें जलमग्न हैं और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए परामर्श जारी किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में बुधवार को 55 वर्षीय एक व्यक्ति सहसपुर गांव के पास उफनते सरगी नाले को पार करते समय बह गया। उन्होंने बताया कि उसका शव करीब पांच किलोमीटर दूर खुटेरी गांव के पास बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जिले में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रायपुर को पड़ोसी ओडिशा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-130 जलभराव के कारण बंद है। इसके अलावा गरियाबंद-महासमुंद, गरियाबंद-नगरी-धमतरी और कोचबाय-मालगांव-कसानाला मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं। गरियाबंद के जिलाधिकारी भगवान सिंह उइके ने कहा कि लगातार बारिश के कारण जिले की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सिकासार बांध के 21 में से 16 फाटक खोल दिए गए हैं और 58,000 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 44,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर पंतोरा स्थित शासकीय बालिका आवासीय विद्यालय की 50 से अधिक छात्राओं को सुरक्षित बारुका गांव भेजा गया है। साथ ही पैरी नदी के किनारे बसे गांवों में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उइके ने बताया कि गरियाबंद जिला अस्पताल परिसर में लगभग तीन फुट पानी भर गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में पुलिस और जिला प्रशासन के कर्मचारियों को तैनात किया गया है। पड़ोसी धमतरी जिले में जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर सोंढूर बांध के फाटक खोल दिए गए हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 26 जुलाई को लाट नाले के पुल को पार करते समय कार सहित बह गए दंपति के शव बुधवार को बरामद कर लिए गए। उनकी कार चिखली गांव के पास लगभग 150 मीटर नीचे मिली। एक अन्य घटना में, दोस्तों के साथ घूमने गए दुर्ग-भिलाई के 20 वर्षीय युवक का शव बुधवार को लगभग 24 घंटे चले बचाव अभियान के बाद सक्ती जिले के दमऊधारा जलप्रपात से बरामद किया गया। वह तेज बहाव में बह गया था। बीजापुर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। इससे बीजापुर-भैरमगढ़ और बीजापुर-गंगालूर मार्ग सहित कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सैकड़ों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। मंगलवार को बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हो गई थी। जिला प्रशासन ने लोगों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने तथा उफनती नदियों, नालों और जलमग्न पुलों को पार नहीं करने की सलाह दी है। रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश होने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के कुछ स्थानों पर भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है। -
- बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान
-राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी-बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु-राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की जनजातीय संस्कृति का ऐसा वैभव देखने को मिला : केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह-राष्ट्रपति ने स्वयं अतिथियों को भोजन परोसकर किया उनका सम्मान-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जताई बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पहुँचा 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रपति को भेंट की 300 वर्ष पुरानी 'झिटकू-मिटकी' की अनुपम कलाकृतिरायपुर । बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज राष्ट्रपति भवन में इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में अत्यंत दुर्लभ और आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस सहज आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया।प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित विभूतियाँ, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली तथा बस्तर पंडुम के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और उसका संरक्षण पूरे देश का दायित्व है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है। राष्ट्रपति ने भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा तथा बस्तर दशहरा की अद्वितीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बस्तर दशहरा से विशेष आत्मीय संबंध रहा है।राष्ट्रपति ने कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की सशक्त आधारशिला है।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बस्तर की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के कलाकार, शिल्पकार और युवा अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के परिणामस्वरूप बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में आया यह सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है।उन्होंने मांझी एवं चालकी की भूमिका की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वे अनेक अवसरों पर राष्ट्रपति भवन आए हैं, किंतु पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह आत्मीय भेंट पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मानित हुई हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है तथा स्थानीय कलाकारों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को नया मंच प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज और उसकी संस्कृति से गहरा आत्मीय जुड़ाव है। उनके अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी तथा जनजातीय समाज का उत्साह और बढ़ेगा।प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया तथा भारत की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा 'झिटकू-मिटकी' पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह कलाकृति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।लोकमान्यता के अनुसार कठिन अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान प्राप्त हुआ। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को 'खोड़िया राजा' तथा मिटकी को 'गप्पा देई' के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। - -रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित 'पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव' के अंतर्गत लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्डरायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित 'पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव' के अंतर्गत लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड ( जीवन पर्यंत पत्रकारिता सेवा सम्मान ) से सम्मानित किए गए वरिष्ठ पत्रकार ओ.पी. शर्मा एवं राजेश शर्मा अनिवार्य कारणों से मुख्य सम्मान समारोह में अन्यान्य कारणों से शामिल नहीं हो सके थे।इसी क्रम में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु एवं वरिष्ठ सदस्यों ने दोनों वरिष्ठ पत्रकारों के निवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, संदीप पुराणिक एवं राजेंद्र निगम भी उपस्थित रहे। सभी ने दोनों वरिष्ठ पत्रकारों के दीर्घकालीन योगदान को पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणादायी बताते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।रायपुर प्रेस क्लब ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान करना संस्था की गौरवशाली परंपरा है और भविष्य में भी यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
- रायपुर/ राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली की अनुशंसा पर राज्य शासन द्वारा मृतक संजय यादव (सेन), निवासी नंदी चौक, लालपुर, थाना टिकरापारा, रायपुर के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में 7 लाख 50 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि स्वीकृत की गई है।मृतक संजय यादव (सेन) एवं उनकी पत्नी दोनों के निधन हो जाने के कारण उनके वैधानिक वारिसों को सूचित किया गया है कि वे स्वयं को मृतक का वैध वारिस सिद्ध करने वाले आवश्यक प्रमाण-पत्रों सहित इस समाचार के जारी होने की तिथि से 15 दिवस के भीतर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि प्राप्त करें, अन्यथा स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि के संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा राहत कार्य शुरूरायपुर। अभनपुर विकासखंड के गोबरा नवापारा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई थी। सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया।प्रशासनिक अमले ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस दौरान तहसीलदार श्री शेखर मंडई एवं राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों के लिए राशन सामग्री की तत्काल व्यवस्था की गई। प्रशासन द्वारा सभी प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से ठहराने के साथ ही पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों के पास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें एवं बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
- 0- ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के तहत बालोद जिले में 2.50 लाख से अधिक पौधों का होगा वृहद वृक्षारोपणबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने संपूर्ण जिलेवासियों से गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने पौधरोपण के महत्व के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि भावी पीढ़ियों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जल संरक्षण अति आवश्यक है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जिला बालोद में पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए 2.50 लाख से अधिक पौधों का वृहद वृक्षारोपण किया जा रहा है। विश्वभर में गहराते जल संकट को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञों और पर्यावरण प्रेमियों ने जल संरक्षण को एक सामूहिक जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। पानी की हर एक बूंद का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग न केवल हमारी वर्तमान जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। जल संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और जलवायु परिवर्तन के कारण नदियों, तालाबों और भूजल के स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे में समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय अपनाना बेहद जरूरी हो गया है।यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अभियान में महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं, विकसित भारत जी राम जी के श्रमिक, ग्रामों के वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों, स्व-सहायता समूहों, महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए पौधरोपण कर हरित एवं स्वच्छ भविष्य के निर्माण का संदेश दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जन-जागरूकता ही सबसे बड़ा समाधान है। जल ही जीवन है, यह केवल एक पंक्ति नहीं बल्कि हमारे अस्तित्व का मूल आधार है। जब तक हर नागरिक जल बचत को अपने दैनिक व्यवहार में शामिल नहीं करेगा, तब तक जल संकट का स्थाई समाधान संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय ग्रामीण, गैर-सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की जा रही है कि वे अपने-अपने स्तर पर जल संरक्षण जागरूकता अभियानों और वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन करें। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित करें, ताकि ’मोर गाँव मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से बालोद जिला पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन की दिशा में एक आदर्श उदाहरण बन सके।
- 0- सरपंचों की बैठक लेकर ग्राम पंचायत एवं जिले के सर्वांगीण विकास में सहभागी बनने की अपील की0- गांव एवं ग्राम पंचायतों के विकास हेतु सदैव सहयोग करने का दिया आश्वासनबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि हमारे सरपंचगण अपने ग्राम पंचायत के प्रथम नागरिक एवं चुने हुए जनप्रतिनिधि होने के कारण सभी के लिए सम्मानीय है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन ग्राम एवं ग्राम पंचायत के विकास के लिए सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के सरपंचों की बैठक लेकर अपने गांव, ग्राम पंचायत एवं जिले के सर्वांगीण विकास में सहभागी बनने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने गांव एवं ग्राम पंचायत की विकास हेतु सदैव सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी एवं अन्य अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायतों के सरपंचगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि गांव के विकास से ही हमारे जिले तथा प्रदेश एवं देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि हमारे सरपंचगण गांव के विकास को अमलीजामा पहनाने वाले महत्वपूर्ण धुरी है। इसके लिए उनके कार्य एवं दायित्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने कहा कि गांव एवं ग्राम पंचायतों के विकास हेतु सरपंचों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी सरपंचों को पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ कार्य करते हुए अपने ग्राम पंचायत के विकास में नए प्रतिमान स्थापित करने को कहा। श्रीमती मिश्रा ने विकास कार्यों में गुणवत्ता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी सरपंचों को प्रत्येक कार्यों में शत प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहयोग करने को कहा।कलेक्टर ने कहा कि मैं पूरे समय सरपंचों एवं जिलेवासियों को मदद हेतु उपलब्ध हूँ। उन्होंने ग्राम पंचायतों के विकास हेतु नियमानुसार विकास कार्यों की स्वीकृति देने का भी आश्वासन दिया। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर कार्य स्वीकृत करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास हेतु आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों को पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के डीएमफ प्रभावित कुल 186 गांवों में विकास कार्यों को पूरा करने हेतु ग्राम वासियों की सहमति से विलेज एक्शन प्लान बनाए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह विलेज एक्शन प्लान आप लोगों की सहमति से ही तैयार की गई है। इसके आधार पर संबंधित ग्रामों में विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न निर्माण कार्य कराए जाने की भी जानकारी दी।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी सरपंचों को अपने सामाजिक उत्तरदायित्व कार्य के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान तथा जल संरक्षण के उपायों के अंतर्गत किसानों को रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल का उत्पादन प्रेरित करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी सरपंचों को जिला प्रशासन गुरूवार 30 जुलाई को जिले में आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने सभी सरपंचों को ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास हेतु आम नागरिकों को ’कर’ अदायगी के लिए भी प्रेरित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने सभी सरपंचों को पशुधन की सुरक्षा के उपाय एवं सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु मवेशियों की समस्या के निराकरण हेतु भी ठोस कार्य करने की अपील की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन हर संभव मदद उलपब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। इस मौके पर उन्होंने वीबी जीरामजी योजना के नये प्रावधानों के संबंध में भी जानकारी दी। बैठक में उपस्थित सरपंचों ने भी अपना आवश्यक सुझाव दिया।
- 0- आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के दिए निर्देश0- बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का किया जाएगा सम्मानबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बालोद विकासखंड के स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की मैपिंग कर आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर लाभ मुहैया कराने पर जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके सहित स्वास्थ्य के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद विकासखंड अंतर्गत संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, प्राथमिक, सामुदायिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने संस्थागत प्रसव के अलावा टीकाकरण अभियान, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, और कुष्ठ रोग नियंत्रण के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। श्रीमती ने स्वास्थ्य केेन्द्रवार संस्थागत प्रसव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी सभी बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु शत-प्रतिशत टीकाकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिसके अंतर्गत शिक्षक-पालक समिति की बैठकों में स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए पालकों को जागरूक करने को कहा गया।साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों एवं आम नागरिकों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य बीमारियों की नियमित स्क्रीनिंग व जांच की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि बिना किसी ठोस और वाजिब चिकित्सीय कारण के मरीजों को अन्य बड़े अस्पतालों के लिए बिल्कुल भी रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा से जुड़े कर्मचारी सीधे तौर पर आम जनजीवन से जुड़ा होने के कारण अत्यंत सम्मानीय एवं आदर्श है, इसलिए हर एक मरीज को बेहतर से बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक समीक्षा बैठक के अलावा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने बालोद जिले को टीबी मुक्त बनाने हेतु टीबी की दृष्टि से प्रत्येक संदेहास्पद व्यक्तियों का नियमित रूप से सैम्पल जांच करने के अलावा अन्य जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
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रायपुर -आज नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित *"सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ"* अभियान के अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर एवं नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल एवं जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गदर्शन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा की उपस्थिति में एवं नगर पालिक निगम जोन 7 क्षेत्र के अंतर्गत जोन 7 जोन अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा एवं जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ. तृप्ति पाणीग्राही के मार्गदर्शन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू की उपस्थिति में एवं नगर पालिक निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर एवं जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के मार्गदर्शन एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन की उपस्थिति में नगर निगम रायपुर के सम्बंधित जोन 5,7,8 के जोन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आमजनों के साथ मिलकर सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाते हुए विभिन्न सार्वजनिक स्थलों एवं प्रमुख मार्गो में स्वच्छता जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया.
इस अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजनों के साथ उत्साहपूर्वक सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाते हुए स्वच्छता का सकारात्मक संदेश जन - जन को दिया.जनजागरूकता रैली के माध्यम से नागरिकों को कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता, जलभराव की रोकथाम तथा वर्षा ऋतु में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक बनाया गया.जनजागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाना , स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना तथा जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छ रायपुर के संकल्प को साकार स्वरूप देना रहा.जनजागरूकता अभियान के दौरान समस्त उपस्थितजनों द्वारा अपने घर, मोहल्ले एवं आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाये रखने तथा अन्य नागरिकों को इस हेतु प्रेरित करने का सामूहिक स्वच्छता संकल्प लिया गया. - 0- जिनके पास वर्तमान में रायपुर नगर निगम का जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है उसके लिए भविष्य की जलप्रदाय योजना तैयार करेंगेरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम को 150 एम एल डी जल शुद्धिकरण संयंत्र हेतु स्वीकृति प्राप्त है । शहर में भविष्य की जलप्रदाय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण एवं जल आपूर्ति योजनाओं के प्रभावी नियोजन के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के ऐसे नागरिकों से नवीन जल कनेक्शन की संभावित मांग का विवरण आमंत्रित किया गया है, जिनके पास वर्तमान में रायपुर नगर पालिक निगम का जल कनेक्शन उपलब्ध नहीं है।इच्छुक नागरिक निर्धारित आवेदन प्रपत्र में आवश्यक जानकारी भरकर इस सर्वे मे भाग ले सकते हैँ । इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल भविष्य की जलापूर्ति योजना तैयार करने, मांग का आकलन (डिमांड असेसमेंट ) करने तथा आवश्यक अधोसंरचना के नियोजन हेतु जानकारी एकत्रित करना है।



























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