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- बिलासपुर / आज रक्त दान दिवस के खास अवसर पर प्रधान डाकघर में अधीक्षक श्री विनय प्रसाद के नेतृत्व में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ अनिल गुप्ता , ब्लड बैंक हेड डॉक्टर अनुभव वर्मा के सहयोग से यह आयोजन हुआ। शिविर में डाकघर के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़ चढकर रक्तदान कर अपने मानवीय धर्म का पालन किया। उक्त जानकारी जनसंपर्क निरीक्षक सुनीता द्विवेदी द्वारा दी गई।
- -*कलेक्टर ने प्राचार्यों और अधिकारियों की बैठक लेकर की शाला प्रवेश उत्सव की तैयारियों की समीक्षा*-*स्वच्छ और सुंदर वातावरण में करें नव प्रवेशी बच्चों का स्वागत*-*स्वयं का बच्चा समझकर शिक्षक बच्चों को पढ़ाई में करें सहयोग*-*स्कूल परिसर से अतिक्रमण और गुटखा पाउच के दुकान हटाने दिए निर्देश*-*सामाजिक जिम्मेदारी उठाने के लिए बच्चों को तैयार करना शिक्षा का मुख्य लक्ष्य : कलेक्टर*-*बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षकों का होगा सम्मान*बिलासपुर / स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत और शाला प्रवेश उत्सव 16 जून को आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रार्थना सभा कक्ष में प्राचार्यों और स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने प्रवेश उत्सव पर स्कूलों की साफ - सफाई कर बच्चों के स्वागत के लिए स्वच्छ, सुन्दर और आकर्षक वातावरण बनाने को कहा है। आयोजन में ज्यादा से ज्यादा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर यथासंभव न्योता भोज भी आयोजित किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, डीईओ डॉ. अनिल तिवारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।गौरतलब हैं कि जिले में शासकीय और निजी मिलकर 2 हजार 530 स्कूलों में 4 लाख 12 हजार बच्चे पढ़ाई करते हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपना संपूर्ण योगदान देने के लिए शिक्षकों को मोटिवेट किया। उन्होंने कहा कि माता - पिता के बाद बच्चे अपना सबसे अधिक समय शिक्षकों के बीच गुजारते हैं। उन्हें वैसे ही जिम्मेदारी के साथ देख - रेख करें जैसे कि वे आपके अपने बच्चे हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों में लिखे ज्ञान को आत्मसात, करना भर नहीं बल्कि जीवन में सामाजिक जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित करना होना चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि बच्चों का मन कच्ची मिट्टी की तरह होता है। शिक्षक उनके लिए आदर्श होते हैं। इसलिए शिक्षक ऐसे काम ऩ करें कि बच्चों में उनके प्रति नकारात्मक भाव पैदा हो। शिक्षकों का सम्मान पहले की तुलना में आज कम क्यों हुआ, इसे कैसे सुधार सकते हैं। इस विषय को भी रेखांकित किया।कलेक्टर ने कहा कि हमारे लिए हर बच्चा महत्वपूर्ण है। सबकी अलग - अलग रुचि होती है। हम उनकी प्रतिभा को पहचान कर उसे बढ़ाने में मदद करना चाहिए। उन्होंने मिशन 90 योजना के अंतर्गत बोर्ड परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी पर प्रसन्नता प्रकट की। इनमें 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों ने कामयाबी की रणनीति भी शेयर किए। उन्होंने ऐसे सभी प्राचार्यों को सम्मानित करने के निर्देश भी डीईओ को दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक शिक्षक केवल नौकरी नहीं करता, वह देश के भविष्य के लिए अगली पीढ़ी तैयार करता है। शिक्षकों में बहुत ताकत है। समाज में बदलाव के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधा लगाने की तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे अपने मां-बाप के नाम पर स्कूल में पौधा लगाए और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी ले। उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले और शाला त्यागी बच्चों की परेशानियों को दूर कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा । उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना भी सुचारू रूप से चलना चाहिए। इससे बच्चों की उपस्थिति बढ़ती है। शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने जर्जर हो चुके स्कूल में बच्चों को नहीं बिठाने के निर्देश दिए ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। न्योता भोज अच्छी योजना है । समाज को साथ लेकर ज्यादा से ज्यादा न्योता भोज के कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। इस दौरान यह भी देखें की भोज के चलते पढ़ाई प्रभावित न हो।कलेक्टर ने चिरायु योजना के अंतर्गत हर बच्चे की स्वास्थ्य परीक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर बीमारी का पता चल जाने पर उसका तुरंत इलाज संभव हो जाता है । प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी है कि वह सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से कराएं। शाला प्रवेश के साथ ही हर बच्चे का जाति सर्टिफिकेट भी बनाया जाएगा। सभी प्राचार्य को इसके लिए आईडी दी जाएगी ताकि वे दस्तावेज अपलोड कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास अभिलेख नहीं है, तो ग्राम सभा के अनुमोदन से भी जाति प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व सरपंचों के सहयोग से स्मार्ट क्लास की व्यवस्था भी करने को कहा है ।कलेक्टर ने कहा की नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा पर भी फोकस करना है । यह ध्यान दिया जाए कि नवीं कक्षा से 12वीं तक यदि व्यावसायिक शिक्षा जारी रखें तो इतना हुनरमंद हो जाएंगे कि वह काफी आमदनी कम सकता है। बेरोजगार नहीं रहेगा। कलेक्टर ने स्कूल परिसरों में नशाखोरी के सामान विक्रय करने अथवा अनाधिकृत कब्जा की स्थिति को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं और जरूरत के हिसाब से स्कूल परिसर में भवन निर्माण होते हैं । निर्माण कार्य को अपना समझें और इसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। परिसर में यत्र तत्र कहीं पर भी निर्माण नहीं होना चाहिए । इसका ग्राउंड भी बचा रहे ताकि बच्चे खेलकूद कर सकें। कलेक्टर ने इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के बिल्हा के शिक्षकों द्वारा तैयार शाला प्रवेश उत्सव पर आधारित एक लघु फिल्म भी लॉन्च किया।जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी बैठक को संबोधित किया। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ अनिल तिवारी ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षक विहीन अथवा एक शिक्षकीय नहीं रहे। अब शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि मन लगाकर शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करते हुए पढ़ाई कराएं। उन्होंने बताया कि पाठयपुस्तकों को बिना स्कैनिंग किए नहीं बांटा जाए। संबंधित स्कूल का सील भी लगा होना चाहिए। पिछले साल की पुस्तकें नहीं बांटी जाएंगी। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री पी दासरथी सहित अधिकारी संदीप चोपड़े, आनंद पांडे, रामेश्वर जायसवाल तथा सभी ब्लॉक के बीइओ, बीआरसी, प्राचार्य उपस्थित थे।
- -समीक्षा बैठक में विविध मीडिया कोर्स में प्रवेश तिथि निर्धारितरायपुर। नये अकादमिक सत्र में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए बुनियादी आवश्यकता एवं सुविधाओं के लिए विभागाध्यक्षों की मासिक समीक्षा बैठक शनिवार 14 जून 2025 को आयोजित की गई। रायपुर के संभागायुक्त एवं कुलपति महादेव कावरे ने कहा कि मीडिया शिक्षा में असीम संभावनाएं हैं। छत्तीसगढ़ के शहरी एवं ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं को न्यूनतम शुल्क में पत्रकारिता की उत्कृष्ट शिक्षा की सुविधा कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर में है।कुलपति महादेव कावरे ने छात्रों के पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं कैरियर गाइडेंस के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने निर्देशित किया तथा मीडिया कोर्स के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। समीक्षा में प्रवेश समिति, पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क निर्धारण समिति तथा कक्षा व छात्रावास व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया।साथ ही विश्वविद्यालय में चल रहीं सेमेस्टर परीक्षाओं का निरीक्षण कुलपति महादेव कावरे ने किया।विश्वविद्यालय के अध्ययन संकाय एवं संबंद्ध महाविद्यालयों में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीजी डिप्लोमा के विविध मीडिया कोर्स में प्रवेश के लिए वेबसाईट www.ktujm.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन पत्र विद्यार्थी अपलोड कर सकते हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रमों में 40 सीटें हैं। महिलाओं, अन्य पिछड़ा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार प्रवेश में आरक्षण तथा पात्रता के आधार पर छात्रवृत्ति सुविधा मिलेगी। प्रवेश के लिए मेरिट लिस्ट 30 जून 2025 को जारी की जायेगी तथा प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 5 जुलाई 2025 होगी। रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए 12 जुलाई 2025 को सूची वेबसाइट एवं सूचना फलक पर जारी की जाएगी।अध्ययन संकाय के विभागाध्यक्ष पंकज नयन पाण्डेय, शैलेन्द्र खण्डेलवाल, डॉ. नृपेन्द्र कुमार शर्मा और डॉ. राजेन्द्र मोहंती ने अपने विभागीय एवं पाठ्यक्रम में प्रवेश संबंधित किए गए कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया। समीक्षा बैठक में कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा, उप कुलसचिव सौरभ शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. देवसिंह पाटिल, वित्त अधिकारी विनय राज ढीढ़ी सहित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -सभी अभ्यर्थी सुबह 10 बजे से पहले पहुंचें परीक्षा केंद्ररायपुर, / जिले में सहायक विकास विस्तार अधिकारी (ADEO) की परीक्षा 15 जून को आयोजित होगी। जिले में 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें कुल 38,660 परीक्षार्थी भाग लेंगे। परीक्षा एक पाली में सुबह 10:00 से दोपहर 12:15 तक होगी। नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर और सहायक नोडल अधिकारी श्री केदार पटेल नियुक्त किए गए हैं। सभी अभ्यर्थियों से आग्रह है कि वे सुबह 10:00 बजे से पहले केंद्र पर पहुंच जाएं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पं. श्री रविशंकर महाराज रावतपुरा सरकार जी ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री साय ने उन्हें कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से बने स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया।
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-एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में हुई 80 प्रतिशत की कमी
-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशारायपुर,। छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीति के चलते आज प्रदेश का प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं रह गया है। राज्य की एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।यह परिवर्तन युक्तियुक्तकरण के माध्यम से संभव हो सका है, जिसका उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग, शिक्षकों की तर्कसंगत पदस्थापना और शिक्षा के अधिकार अधिनियम व नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप शालाओं में आवश्यकता के अनुरुप शिक्षकों की पदस्थापना रहा है ।गौरतलब है कि युक्ति -युक्त करण से पर्व प्रदेश में 453 विद्यालय शिक्षक विहीन और 5936 विद्यालयों में मात्र एक ही शिक्षक पदस्थ था। विशेषकर सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में यह समस्या अधिक थी।इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की काउंसलिंग की प्रक्रिया चलाई। इसके परिणामस्वरूप, आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है और सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युक्ति- युक्तकरण के जरिये स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हमने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से हम न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत और समान शिक्षा प्रणाली की नींव भी रख रहे हैं। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, यह शिक्षा में न्याय की पुनर्स्थापना है।मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे।राज्य सरकार अब उन 1207 प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां अभी भी एक शिक्षक है। इसके समाधान हेतु प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति, शिक्षकों की पदस्थापना तथा भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है।राज्य में एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में 283, बीजापुर 250,सुकमा 186,मोहला -मानपुर - चौकी 124,कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इन शालाओं में जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास शिक्षा को समावेशी बनाने और हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक न्याय आधारित शिक्षा सुधार है, जिसके केंद्र में हर बच्चा, हर गांव, हर स्कूल है। - रायपुर -आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और अपर आयुक्त (स्वास्थ्य) श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर तृप्ति पाणीग्रही, जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे के निर्देश पर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 2 की स्वास्थ्य विभाग टीम द्वारा सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की सहायता से जोन 2 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया की उपस्थिति में जोन 2 क्षेत्र के अंतर्गत बाजार क्षेत्रों में विभिन्न दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया और 15 दुकानों में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक, गन्दगी मिलने,दुकानों में डस्टबिन नहीं मिलने पर कुल 6000 रूपये सम्बंधित दुकान संचालकों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए वसूलने की कार्यवाही की और इस सम्बन्ध में रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त पॉलीथिन, गन्दगी सम्बंधित जनशिकायत का त्वरित निदान किया.
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- कलेक्टर ने आगामी शैक्षणिक सत्र के दृष्टिगत सभी स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली
- टीम भावना के साथ कार्य करने पर मिलेंगे बेहतरीन परिणाम
- 16 जून से स्कूल प्रारंभ, शाला प्रवेशोत्सव का होगा आयोजन
- सफाई, मरम्मत, रंग-रोगन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- विनोबा एप के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की उपस्थिति की मानिटरिंग सिस्टम के लिए की गई व्यवस्था
- बच्चों के अभिभावकों के साथ संवाद रखना बेहद जरूरी
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर राजनांदगांव में आगामी शैक्षणिक सत्र के दृष्टिगत सभी स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देते हुए विशेष तौर पर कार्य करने की आवश्यकता है। बच्चों के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक अध्ययन के लिए जो मापदण्ड उपलब्ध हैं, उसके आधार पर कार्य करते हुए आगे बढ़े। शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा नवाचार किए गए है। जिले में भी बहुत से नवाचार किए गए है। उन्होंने कहा कि सभी प्रचार्य कैप्टन है और सभी शिक्षक खिलाड़ी की तरह है। सभी मिलकर टीम भावना के साथ सभी कार्य करेंगे, तो इसके बेहतरीन परिणाम प्राप्त होंगे। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अपनी टीम, विशेषज्ञों एवं फाउंडेशन का सहयोग लेते हुए अपना सर्वेश्रेष्ठ दें। उन्होंने कहा कि बच्चों के परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए रणनीति बनाएं एवं उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्य करें। बच्चों के पढ़ाई के स्तर का आंकलन करें तथा उसके अनुसार तैयारी कराएं। उन्होंने कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं में अध्ययनरत बच्चों पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा युक्तियुक्तकरण किए जाने के बाद ऐसे स्कूल जहां शिक्षकों की कमी है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। स्कूलों में मासिक टेस्ट एवं साप्ताहिक टेस्ट का आयोजन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे जब अभ्यास करते हैं, तो इससे समझ बढ़ती है एवं परिणामों में सुधार की गुंजाईश बढ़ती है। इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि विनोबा एप के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता एवं शिक्षकों की उपस्थिति की मानिटरिंग सिस्टम के लिए व्यवस्था की गई है। जिसमें शाला त्यागी अप्रवेशी बच्चों को स्कूल से जोडऩे, लर्निंग आऊटकम को बेहतर करने के टूल्स, विद्यार्थी विकास सूचकांक एवं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को बेहतर करने तथा विभिन्न छात्रवृत्ति परीक्षाओं में बच्चों को स्कूलों को सपोर्ट करने के प्रोग्राम्स भी शामिल है। कलेक्टर ने कहा कि 16 जून से स्कूल प्रारंभ हो रहे है। इसके पहले सभी प्राचार्य स्कूलों की साफ-सफाई, मरम्मत, रंग-रोगन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। 16 जून को शाला प्रवेशोत्सव सभी की सहभागिता होना चाहिए। बच्चों के अभिभावकों के साथ संवाद रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाला शैक्षणिक सत्र अच्छा होना चाहिए। बच्चों के अच्छे परिणाम के लिए सभी प्राचार्य एवं शिक्षक स्कूल प्रतिबद्धता एवं निष्ठापूर्वक कार्य करेंगे।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि विनोबा एप के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं के अच्छे परिणाम के लिए सभी को ज्यादा ध्यान देते हुए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की भाषा सीखने की योग्यता को बढ़ाना है। जिले में संपर्क डिवाईस के माध्यम से इसके लिए अच्छा कार्य किया जा रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि जिले में 16 जून को शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम वृहद रूप से मनाया जाएगा। अच्छे माहौल में अध्ययन-अध्यापन को प्रेरित करने के लिए यह उत्सव मनाया जा रहा है। सभी शिक्षक शाला प्रवेशोत्सव की पूरी तैयारी करें तथा समय सारणी तथा डेली डायरी बनाएं। इस अवसर पर डिविजनल मैनेजर विनोबा एप श्री जितेंद्र सिंह, प्रोग्राम मैनेजर गरियाबंद एवं राजनांदगांव श्री हेमंत सिंह प्रोग्राम मैनेजर ओपन लिंक फाउंडेशन रायपुर श्री राजेन्द्र विश्वकर्मा, जिला मिशन समन्वयक श्री सतीश ब्योहरे, सहायक संचालक शिक्षा श्री आदित्य खरे, सहायक संचालक शिक्षा श्रीमती संगीता राव, एपीसी समग्र शिक्षा श्री मनोज मरकाम सहित प्राचार्य, संकुल समन्वयक, विकासखंड के शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक, सहायक कार्यक्रम समन्वयक समग्र शिक्षा उपस्थित थे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण की योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगी हैं। इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं जशपुर जिले के गम्हरिया ग्राम की श्रीमती लालमती, जिन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभ लेकर आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से न सिर्फ स्वयं की पहचान बनाई, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।श्रीमती लालमती का जीवन एक साधारण मजदूर से सफल उद्यमी बनने की कहानी है। जब वे प्रजापति गौरी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तब उन्हें बिहान योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने उद्योग विभाग से लोन प्राप्त कर शटरिंग प्लेट का व्यवसाय प्रारंभ किया और बाद में जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया।आज श्रीमती लालमती के पास 200 से अधिक शटरिंग प्लेट हैं, जो वे निजी भवनों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की छत ढलाई हेतु किराये पर उपलब्ध कराती हैं। फरवरी 2025 से अब तक इस व्यवसाय से उन्हें लगभग 35,000 से 40,000 रुपये की आय हुई है। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गांव में कई मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है।श्रीमती लालमती ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि, यदि शासन की योजनाओं का साथ न होता, तो मैं आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाती। शासन ने हमें हौसला दिया, साधन उपलब्ध कराए और नई राह दिखाई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि ग्रामीण अंचलों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाएं। बिहान, मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से हम महिलाओं को न केवल वित्तीय सहयोग दे रहे हैं, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बाज़ार तक पहुँच भी प्रदान कर रहे हैं। श्रीमती लालमती जैसी महिलाएं छत्तीसगढ़ की नई सामाजिक-आर्थिक चेतना की प्रतीक हैं।छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, सम्मान के साथ जीवन जिए और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।
- -रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर विस्तार करने प्लान तैयार करने के दिए निर्देशरायपुर -गोकुल नगर नया सवेरा स्कूल के पास प्राकृतिक पानी बहाव को रोकने की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मोहल्लेवासियों के निवेदन पर प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने आज इस स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निगम एमआईसी सदस्य श्री दीपक जायसवाल, श्री भोलाराम साहू, अनुविभागीय अधिकारी रायपुर श्री नंद कुमार चौबे, तहसीलदार श्री प्रवीण परमार, जोन 7 जोन आयुक्त श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर टावरे भी उपस्थित थे।निरीक्षण के दौरान विशाल संख्या में उपस्थित मोहल्लेवासियों ने बताया कि वर्षों से यहाँ का निस्तारी प्रवाह नाले के रूप में प्रवाहित होता है, किन्तु पिछले कुछ माह से कुछ निजी व्यक्तियों द्वारा अवरोध उत्पन्न करने के कारण यहाँ पानी घरों में घुसने लगा है।स्थल निरीक्षण करते समय अनुविभागीय अधिकारी तथा तहसीलदार ने बताया कि प्राकृतिक पानी बहाव को अवरूद्ध नहीं किया जा सकता, चाहे वह सार्वजनिक भूमि से हो या निजी भूमि से। इस पर विधायक श्री राजेश मूणत ने बहाव अवरुद्ध करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने यहाँ हो रही अवैध प्लाटिंग पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर जोन 7 जोन आयुक्त ने मौके पर ही जे.सी.बी. बुलाकर रोड पर खुदाई कर मार्ग अवरूद्ध करा दिया तथा अवैध निर्माण पर प्रतिबंध भी लगाया।रायपुर पश्चिम विधायक ने कहा कि ये बिना ले-आऊट प्लॉन अनुमोदित कराए, बिना सड़क-नाली, पानी की व्यवस्था किए प्लॉट काट-काटकर बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। इसका बिल्डर तो राशि लेकर चला जाता है और निर्दोष नागरिक परेशान घुमते हैं और नगर निगम तथा शासन को दोष देते हैं, जबकि इसका असली दोषी बिना ले-आऊट प्लॉन अनुमोदित किए प्लॉट काट-काटकर बेचने वाला होता है।रायपुर पश्चिम विधायक ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े शब्दों में इस सिस्टम के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। पश्चिम विधायक ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग करके शहरवासियों को संकट में डालने वालों की सजा दूसरे नहीं भुगतेंगे, जिसका दोष है, वह सजा पायेगा।पश्चिम विधायक ने यह भी कहा कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों, प्राकृतिक बहाव को रोकने वालों के विरूद्ध नियमों के तहत जो भी कठोर से कठोर कार्रवाई हो सकती है, वह की जाए।श्री राजेश मूणत ने नया सवेरा विद्यालय गोकुल नगर के आसपास की पूरी भूमि का सीमांकन एक दल बनाकर करने के निर्देश दिए। इसके बाद श्री राजेश मूणत ने रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का भी निरीक्षण किया। यहाँ की व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर करते हुए उन्होंने इसके विस्तार के लिए प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉक्टर मिथलेश चौधरी एवं चिकित्सकगणों की उपस्थिति रही।पीछे नगर निगम के डंपिंग यार्ड से हो रही परेशानियों के मद्देनज़र इसे आसपास कहाँ शिफ्ट किया जा सकता है, इसकी संभावना भी तलाशने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
- महासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार गठित जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल द्वारा बिरकोनी स्थित ओरी प्लास्ट लिमिटेड एवं सिद्धार्थ पॉलीट्यूब प्रा.लि. औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया।संयुक्त टीम में शामिल सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा बलौदाबाजार श्री मनीष कुमार कुंजाम, श्रम पदाधिकारी श्री डी.एन. पात्र, विधिक माप विज्ञान विभाग के निरीक्षक श्री सिद्धार्थ दुबे एवं पर्यावरण विभाग से साइंटिस्ट श्री मानिक चंदेल उपस्थित रहे।निरीक्षण के दौरान औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा ओरी प्लास्ट लिमिटेड में सुरक्षा मानकों का पालन अधूरा पाया गया। अग्निशमन व्यवस्था भी मानक अनुरूप नहीं पाई गई, जिस पर संबंधित संस्था को नोटिस जारी किया गया। श्रम विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान तीन ठेकेदार कार्यरत पाए गए, जिन्होंने श्रम विभाग से आवश्यक अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं की थी। इस पर तीनों ठेकेदारों को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर लाइसेंस लेने के निर्देश दिए गए। विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा ओरी प्लास्ट लिमिटेड द्वारा जारी बिलों में अमानक माप इकाइयों का प्रयोग किया जाना पाया गया, जिस पर विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है। साथ ही सभी तौल-माप यंत्रों का नियमित सत्यापन एवं परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। इसी तरह पर्यावरण विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान जल एवं वायु प्रदूषण संबंधी कोई विशेष असामान्यता नहीं पाई गई, स्थिति सामान्य रही। कलेक्टर ने औद्योगिक इकाइयों में श्रम कानून, पर्यावरणीय मानकों व सुरक्षा निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समय-समय पर निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए है।
- रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 7 नगर निवेश विभाग द्वारा आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और एसडीएम रायपुर श्री नन्द कुमार चौबे, तहसीलदार श्री प्रवीण परमार, जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देशानुसार कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, उप अभियंता नगर निवेश सुश्री रुचिका मिश्रा की उपस्थिति में जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत गोकुल नगर नया सवेरा स्कूल के पास अवैध रोड को जेसीबी मशीन की सहायता से काटकर अवैध निर्माण पर तत्काल कारगर रोक लगायी गयी और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निराकरण किया गया.
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राजनांदगांव । प्रधानमंत्री जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान धरती आबा के तहत जिले में 15 से 30 जून 2025 तक कलस्टरवार विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में अभियान के तहत जनजातीय समुदाय को 25 प्रकार की गतिविधियां, 17 मंत्रालयों की सेवाएं विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजना से लाभान्वित करते हुए आत्मनिर्भर किया जाएगा। जिले के सभी विकासखंडों के 105 चयनित ग्रामों हेतु कलस्टरवार आयोजित शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, मुद्रा लोन, पेंशन योजना, मनरेगा, जनधन योजना सहित अन्य सेवाएं प्रदान की जाएगी।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में तहसील कार्यालयों में जनसामान्य के सुविधा की दृष्टिगत तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 14 जून को तहसील कार्यालय छुरिया में तहसील स्तरीय राजस्व शिविर का आयोजन किया गया है। नागरिक शिविर में शामिल होकर राजस्व संबंधित प्रकरणों का निराकरण करा सकते है।
कलेक्टर ने शिविर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार को उपस्थित रहकर राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए है। तहसील स्तरीय राजस्व शिविर में अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा, धारा 115 के तहत त्रुटि सुधार सीमांकन, डायवर्सन, आरबीसी 6-4, किसान किताब, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाये जाने से संबंधित आवेदन प्रमुख रूप से प्राप्त कर अतिशीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित किया जाएगा। जिन आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया जाना संभव हो, उसे तत्काल शिविर स्थल में ही निराकृत किया जाएगा। शिविर में संबंधित न्यायालय के रीडर, भुईयां ऑपरेटर द्वारा त्वरित किये जा सकने वाले न्यायालयीन संबंधी कार्य तत्काल पूर्ण किए जाएंगे। - - कलेक्टर ने राजस्व शिविर में आमजनों की सुनी समस्याएं, प्रकरणों का तत्परता एवं संवेदनशीलतापूर्वक निराकरण करने के दिए निर्देश- शिविर में किसानों को नि:शुल्क किसान किताब का किया गया वितरण- राजस्व अमला एक ही स्थान पर उपलब्ध होने पर जनसामान्य के राजस्व संबंधी प्रकरणों का हुआ त्वरित निराकरणराजनांदगांव । जनसामान्य की समस्याओं का निराकरण करने तथा उन्हें तत्काल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी तहसील कार्यालय में राजस्व शिविर का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को राजस्व से संबंधित समस्याओं के लिए परेशान न होना पड़े और उनके कार्य तत्काल आसानी से शीघ्र पूरा हो सके। इसी कड़ी में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कुमरदा तहसील कार्यालय में आयोजित राजस्व शिविर का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने नागरिकों की समस्याओं को सुनकर राजस्व अधिकारियों को प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनमानस के राजस्व संबंधी समस्याओं का समाधान संवेदनशीलतापूर्वक एवं तत्परता से करें। किसान एवं नागरिकों के नामांकन, सीमांकन, बटवारा, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र जैसी विभिन्न समस्याओं का समाधान प्रभावी तरीके से होना चाहिए और यह शिविर जनसामान्य के लिए परिणाममूलक होना चाहिए।तहसील स्तरीय राजस्व शिविर में किसानों एवं नागरिकों से 225 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 115 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया है। जिसमें नामांतरण के 26, बटवांरा के 10, सीमांकन के 30, त्रुटि सुधार 29, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र के 4, पट्टा के 12, ऋण पुस्तिका 24, अन्य 90 आवेदन शामिल है। शिविर में किसानों को नि:शुल्क किसान किताब वितरित किया गया। शिविर में राजस्व अमला एक ही स्थान पर उपलब्ध होने पर जनसामान्य के राजस्व संबंधी प्रकरणों का त्वरित निराकरण हुआ एवं मामले को समझाना भी आसान हो गया। शिविर में एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोराम, तहसीलदार आकांक्षा साहू, सहित राजस्व निरीक्षक, पटवारी, सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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- कलेक्टर ने पौधरोपण के संबंध में चेम्बर ऑफ कामर्स, स्वयं सेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं की बैठक ली
- जिले में एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत बारिश के मौसम में किया जाएगा सघन पौधरोपण
- शहर के गार्डन एवं तालाबों के किनारे करें पौधरोपण
- पौधरोपण करने के साथ ही पौधों का संरक्षण, संधारण एवं देखभाल जरूरी
- बारिश के मौसम में जल संरक्षण की दिशा में करें निरंतर प्रयास
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पौधरोपण के संबंध में चेम्बर ऑफ कामर्स, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं समाजसेवी संस्थाओं की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत बारिश के मौसम में सघन पौधरोपण किया जाना है। समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए हम सभी को पौधरोपण करना है। पौधरोपण का यह कार्य स्वैच्छिक है, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए इस कार्य में सभी की सहभागिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवी संस्थाएं पौधरोपण के लिए रोड के किनारे स्थान का चिंहाकन करे। शासकीय भूमि पर फेंसिंग कराते हुए पौधरोपण का कार्य करें। इस अभियान के तहत एक दुकान एक पेड़ या एक व्यक्ति एक पेड़ अभियान के अंतर्गत पौधे लगा सकते है। उन्होंने कहा कि शहर में 22 गार्डन एवं 53 तालाब है। यहां पौधरोपण करने से पौधों का संरक्षण, संधारण एवं देखभाल अच्छी तरह हो सकेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गौशाला एवं चारागाह में पौधरोपण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पौधों की सुरक्षा के लिए बाऊंड्रीवाल एवं फेंसिंग जरूरी है। पौधरोपण करते समय पौधों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है। कलेक्टर ने कहा कि बारिश के मौसम में जल संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास करना है। इसके लिए आधुनिक तरीकों का उपयोग करते हुए बोरवेल रिचार्ज साफ्टसैंट फिल्टर तथा पर्कोलेशन टैंक में इंजेक्शन वैल के निर्माण से भू-जल के स्तर में वृद्धि का उपयोग करना है। नये तकनीक को अपनाकर भू-जल रिचार्ज करने के कार्य में गति लाने की आवश्यकता है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर तरीके से पौधरोपण करना है। ऐसे क्षेत्रों में फलदार पौधों का रोपण किया जाना है। सार्वजनिक स्थानों पर भी पौधरोपण करना है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विगत वर्ष फलदार पौधरोपण किए जाने से ग्राम पंचायतों को आमदनी हो रही है। इस अवसर पर चेम्बर ऑफ कामर्स के श्री तरूण लहरवानी, उदयाचल से श्री अशोक मोदी, सृजन समाजिक संस्था, गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ, चक्रधर कल्याण केन्द्र, लोक शक्ति समाज सेवी संस्था डोंगरगांव, अभिलाषा संस्था राजनांदगांव, विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी, साईट सेल्र्स, साईट सेवर्स, द क्रिश्चयन फेलोशिप, जनकल्याण समाजिक संस्था, शिवेन्द्र सहयोग जनकल्याण संस्था, समता जनकल्याण समिति, माँ बम्लेश्वरी समिति, संस्कारधानी सेवा संस्थान सहित अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे। - -कर्मचारी संघों की मांग को संवेदनशीलता से निराकरण किया जाएगामहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ सहित विभिन्न विभागीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में कर्मचारियों ने अपनी-अपनी विभागीय समस्याएं एवं मांगें प्रस्तुत की, जिन पर कलेक्टर द्वारा गंभीरतापूर्वक विचार कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री एस आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष कर्मा एवं सीएमएचओ डॉ. पी. कुदेशिया जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरें मौजूद थे।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि हम सभी का दायित्व का है कि सेवा भाव से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण निष्ठा से कार्य करें। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पीएफ, ग्रेच्युटी एवं अन्य देयों के लंबित भुगतान एवं सत्यापन में विलंब की समस्या पर सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया कि सेवानिवृत्ति के 6 माह पूर्व सभी दस्तावेजीय औपचारिकताएं पूर्ण की जाएं। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति उपरांत यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी का पीएफ, ग्रेच्युटी या अन्य प्रकरण में धनराशि की मांग करता है तो उसके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।बैठक में कर्मचारी संघों द्वारा कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका का नियमित सत्यापन, शासकीय कार्य हेतु यात्रा भत्ता का समय पर भुगतान, व्यवस्था बदली कर पदस्थ कर्मचारियों को मूल संस्थाओं में वापस करने, सभी स्कूलों में स्वीपर की नियुक्ति, ऑनलाइन कार्यों की अधिकता को सीमित करने तथा डेटा और संसाधन भत्ता प्रदान करने, कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क जाति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना तथा शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त करने, विभागीय निर्देशों के लिए लिखित आदेश अनिवार्य करने एवं कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने पर चर्चा की गई। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका की एकमुश्त राशि भुगतान, स्थानांतरण, साज सज्जा एवं पोषण के संबंध में, राजस्व पटवारी संघ द्वारा वेतन विसंगति, मेडिकल अवकाश, दस्तावेज त्रुटि, गोपनीय प्रविष्टि जैसी समस्या तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।जिस पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने कर्मचारी संघ की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और कहा कि शासकीय कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में और पूरी पारदर्शिता के साथ पूर्ण की जाएं। कलेक्टर ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन कर्मचारियों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा वैधानिक और उचित मांगों पर शीघ्र और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।"कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया कि विभागीय स्तर पर परामर्शदात्री समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में तथा जिला स्तर पर बैठक प्रत्येक छह माह में नियमित रूप से आयोजित की जाए।बैठक में जिला अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के जिला संयोजक श्री टेकराम सेन, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री ओम नारायण शर्मा, छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री मुकेश कुमार साहू, राजस्व पटवारी संघ जिलाध्यक्ष श्री कमलेश डहरे, छत्तीसगढ़ सक्षम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ जिलाध्यक्ष सुधा रात्रे, छत्तीसगढ़ शासकीय वाहन चालक/यांत्रिक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री राजेश डउसेना, स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री दीपक तिवारी, छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री उमेश कुमार साहू, छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ सहित अन्य संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे।
- "शिक्षा की गुणवत्ता और नामांकन बढ़ाने में संकुल समन्वयकों की अहम भूमिका — कलेक्टर श्री लंगेहमहासमुंद /स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय महासमुंद के सभागार में सत्रारंभ की तैयारियों की समीक्षा हेतु जिले के समस्त संकुल समन्वयकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा, सहायक संचालक श्री नंदकुमार सिन्हा, एपीसी श्री डी.एन. जांगड़े, श्रीमती सम्पा बोस, श्रीमती विद्या साहू सहित सभी ब्लॉकों के एबीईओ एवं बीआरसीसी उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि शाला त्यागने वाले बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ना संकुल समन्वयकों की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए ताकि समुदाय की भागीदारी से शिक्षा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार हो सके। उन्होंने छात्र सुरक्षा, स्वास्थ्य और सभी शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति पर विशेष बल देते हुए नामांकन में वृद्धि और शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री लंगेह कहा कि विद्यालयों को प्रदत्त अनुदान राशि का त्वरित एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र निर्माण, पाठ्यपुस्तक वितरण की नियमित समीक्षा की जाए ताकि हर विद्यार्थी तक समय पर आवश्यक शैक्षिक संसाधन पहुँच सकें।सीईओ जिला पंचायत श्री एस. आलोक ने कहा कि हर बच्चे का विद्यालय से जुड़ाव बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने संकुल समन्वयकों को एकजुट होकर टीम भावना से कार्य करने की प्रेरणा दी, जिससे शैक्षिक प्रणाली अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बन सके।जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे ने संकुल समन्वयकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव विद्यालय स्तर पर ही रखी जाती है। उन्होंने सभी संकुल समन्वयकों से शत-प्रतिशत नामांकन, व्यवस्था सुधार (जैसे रंग-रोगन, विद्युत, पेयजल आदि) को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।डीएमसी श्री रेखराज शर्मा ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार छात्र-छात्राओं को पाठ्यपुस्तकों का वितरण स्कैनिंग प्रक्रिया के बाद ही किया जाना है, जिसकी जिम्मेदारी संकुल समन्वयकों को दी गई है। इसके लिए उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। उन्होंने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान सहित इको क्लब, यूथ क्लब गठन और जून से सितंबर तक चलने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रमों को प्राथमिकता से पूर्ण करने पर बल दिया।
- -कलेक्टर के निर्देश पर अवैध उत्खनन, परिवहन पर सतत कार्रवाई जारीमहासमुंद / माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के द्वारा पारित अंतरिम आदेश तथा छत्तीसगढ़ शासन, खनिज साधन विभाग के परिपत्र के परिपालन में खनिजों के अवैध उत्खनन / परिवहन / भण्डारण पर प्रभावी रोकथाम करने हेतु आदेशित किया गया है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार राजस्व एवं खनिज विभाग द्वारा ग्राम घोड़ारी में अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर संयुक्त रूप से शुक्रवार को ग्राम घोड़ारी पहनं. 33 रानिमं. तुमगांव तहसील महासमुंद स्थित खसरा नं. 06 रकबा 0.24 हेक्टेयर में क्षेत्र में श्रीमती सुभ्रदा यादव पति श्री रामाश्रय यादव के पक्ष में गौण खनिज फर्शीपत्थर हेतु स्वीकृत उत्खनिपट्टा का पंच गवाहो के समक्ष जांच किया गया। मौके पर स्वीकृत क्षेत्र को दर्शाने वाले कोआर्डीनेट के साथ सीमा स्तंभ लगे हुये पाया गया एवं तार फेसिंग होना पाया गया। खदान में उत्खनन कार्य स्थापित सीमा स्तंभ के एवं स्वीकृत नक्शे में चिन्हांकित भाग पर ही होना पाया गया।उपरोक्त के अलावा स्वीकृत खदान के पश्चिम दिशा में 15 मीटर की दूरी पर नदी क्षेत्र के शासकीय भूमि पर फर्शीपत्थर का अवैध उत्खनन लगभग लंबाई 35 मीटर, चौड़ाई 17 मीटर एवं उंचाई 01 मीटर कुल 595 घनमीटर क्षेत्र में किया जाना पाया गया। उक्त अवैध उत्खनन ग्रामवासियों के अनुसार श्री संतोष यादव पिता श्री रामाश्रय यादव ग्राम घोड़ारी जिला महासमुंद के विरूद्ध द्वारा किया जाना बताया गया ।अवैध फर्शीपत्थर उत्खनन में अवैध उत्खननकर्ता के विरूद्ध खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियमन 1957 की धारा 21 के 35 मीटर × 17 मीटर 01 मीटर = 595 घनमीटर में बाजार मूल्य एवं समझौता राशि सहित कुल 2,88,000.00 रूपये का अर्थदण्ड / समझौता राशि अधिरोपित किया जाना प्रस्तावित किया गया है।खनिज अधिकारी श्री योगेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध उत्खनन / परिवहनकर्ताओ के विरूद्ध इसी प्रकार कृत्य करने पर दण्डात्मक/एफआईआर की कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्री लंगेह के निर्देशानुसार जिले में अवैध उत्खनन / परिवहन/भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खनिज अमला द्वारा विशेष अभियान चलाकर निरंतर जांच किया जावेगा
- -विधायक राजेश मूणत के कोटा में नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देशरायपुर - रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम जोन 2 अंतर्गत दानवीर भामाशाह वार्ड में 3 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से बन रहे शाला भवन का आज प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने निरीक्षण किया. निरीक्षण में नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, अपर आयुक्त श्री विनोद पांडे, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे, कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।शाला भवन का कार्य बहुत सुव्यवस्थित एवं अच्छे रूप से किया जा रहा है इस पर पश्चिम विधायक ने प्रसन्नता व्यक्त की.पश्चिम विधायक ने शाला के भूतल प्रथम तल द्वितीय तल सभी का निरीक्षण किया।श्री राजेश मूणत ने कहा कि शाला कक्ष में दरवाजे मजबूत लगाए जाएँ।निरीक्षण के दौरान उपस्थित शाला प्राचार्य से भी रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने चर्चा की तथा उनसे पूछा कि उन्हें और क्या सुविधा शाला परिसर में चाहिए?इस दौरान शाला प्राचार्य ने पश्चिम विधायक को बताया कि समग्र शिक्षा से 200 बेंच टेबल शाला को मिल रहे हैँ. इसके अलावा उन्होंने प्रयोगशाला कार्य भी जल्दी कराने की मांग की.इस पर पश्चिम विधायक ने जोन 2 जोन कमिश्नर को निर्देशित किया। शाला के कार्यक्रमों के लिए भी जगह का प्लान करने के निर्देश पश्चिम विधायक ने दिए.प्रदेश के पूर्व केबिनेट मन्त्री रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत ने कोटा राम दरबार के पीछे बन रहे नवीन शासकीय महाविद्यालय के कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने अधिकारीगणों को निर्देशित किया कि इसका एक वर्क चार्ट बनाकर देवें, ताकि साप्ताहिक कार्य प्रगति की समीक्षा की जा सके।इस दौरान वार्ड पार्षद श्री अमन सिंह ठाकुर ने स्थल पर और शासकीय भूमि होने की बात बताकर यहां पर सीमांकन कराने की मांग की. इस पर पश्चिम विधायक ने इसे शीघ्र कराने पर सहमति जताई।रायपुर पश्चिम विधायक ने कॉलेज भवन की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए इसे शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश विधायक ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए।
- निर्माण श्रमिकों के खाते में 19.71 करोड़ रूपए की राशि की जाएगी अंतरितन्यू सर्किट हॉउस, रायपुर में 15 जून को होगा कार्यक्रमरायपुर / मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत बोर्ड परीक्षा में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉप 10 में आए पंजीकृत श्रमिकों के कुल 31 मेधावी छात्र छात्राओं को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 15 जून को न्यू सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में दो-दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस मौके पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे।श्रम मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि मंडल के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में 10वीं कक्षा के 26 और 12वीं कक्षा के 5 बच्चों सहित कुल 31 श्रमिक बच्चों को 2 लाख रूपए प्रति छात्र दिए जाएंगे. इसमें 1 लाख रूपए दोपहिया वाहन के लिए और 1 लाख रूपए नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में शामिल है। इसी तरह में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने राज्य के 38200 निर्माण श्रमिकों के लिए 19.71 करोड़ रूपए से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी की जायगी। यह राशि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रदान की जाएगी।योजनाओं और उनके लाभार्थियों की संख्या और राशि का विवरण इस प्रकार है -मिनीमाता महतारी जतन योजना 1,915 श्रमिकों को 3.83 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना 279 श्रमिकों को 10.33 लाख रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना 6,319 श्रमिकों को 2.19 करोड रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना 12 श्रमिकों को 94 हजार 800 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना 4,825 श्रमिकों को 96.17 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना 155 श्रमिकों को 37.63 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना 2 श्रमिकों को 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना 4,939 श्रमिकों को 74.08 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चे हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना 1 श्रमिक को 50 हजार रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना 7 श्रमिकों को 7 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 264 श्रमिकों को 2.64 करोड रूपए़, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना 2,486 श्रमिकों को 4.97 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना 372 श्रमिकों को 74.40 लाख रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना 15,066 श्रमिकों 2.00 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना 25 श्रमिकों को 25 लाख रूपए यह पहल राज्य के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण को गंभीरता से लेते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अंतर्गत किया गया है।माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च 2025 में आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के दौरान जिले में कलेक्टर द्वारा गठित उड़नदस्ता दल में श्री पटेल ने बिना अनुमोदन के बदलाव कर दिए थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी को धमकाने, अभद्र भाषा के प्रयोग और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसे कृत्य किए। उनके इस आचरण पर कलेक्टर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया।श्री पटेल का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय कार्यालय, संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर नियत किया है। जिला शिक्षा अधिकारी, रायगढ़ को सारंगढ़-बिलाईगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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राजस्व अमले ने महापौर मीनल चौबे को दिया धन्यवाद
*0महापौर ने खाली भूखण्डो में कडाई से कर वसूलने के दिये निर्देश, कहा निष्पक्ष होकर नियमानुसार वसूली करें, ताकि निगम को आत्मनिर्भर बना सकें0*कर वसूली पारदर्शिता के साथ करे सभापति सूर्यकांत राठौड़*0आयुक्त ने कर्मचारियों से प्रशिक्षण की जानकारी ली0*रायपुर/आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम रायपुर के इतिहास में पहली बार मुख्यालय एवं जोनो के राजस्व विभाग में पदस्थ राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशिक्षण नगर निगम मुख्यालय महात्मा गांधी सदन के चतुर्थ तल निगम सामान्य सभा सभाकक्ष में दिया गया एवं सभी राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को कर संग्रहण एवं छुटी हुई संपत्तियों के सर्वे के गुर विशेषज्ञो ने सिखलाएं। राजस्व अमले के कर्मचारियों ने प्रशिक्षण हेतु महापौर श्रीमती मीनल चौबे को धन्यवाद दिया। इससे अच्छी कर वसूली करने में राजस्व अमले के कर्मचारियों को काफी सहायता विशेषज्ञ टीप के कारण मिल सकेगी। जिससे वे दिये गये लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण करने सार्थक मेहनत कर सकेंगे। इस अवसर पर सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल, आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, डॉ. आर. के. डोंगरे, आईटी विशेषज्ञ श्री रंजीत रंजन, सभी जोन सहायक राजस्व अधिकारियों, राजस्व निरीक्षको, सहायक राजस्व निरीक्षको की उपस्थिति रही ।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजस्व अमले के कर्मचारियों को इस वर्ष नगर निगम रायपुर क्षेत्र के सभी खाली भूखण्डो से नियमानुसार कर वसूली कडाई के साथ करने के मंच से निर्देश दिये। महापौर ने कहा कि राजस्व वसूली के लिये सभी पर विश्वास करते हुए अच्छे से कार्य करने हेतु दिशा निर्देश उनके द्वारा दिये गये है। महापौर ने कहा कि उन्हें अपने राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों पर पूर्ण विश्वास है। निष्पक्ष होकर नियमानुसार वसूली करें ताकि कर वसूली पूर्ण रूप से करते हुए नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाया जा सके जिससे नगर निगम अपने खर्च स्वयं निकाल सके।सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ ने कहा कि जो भी टैक्स लिया जाये व पूर्ण पारदर्शिता के साथ लिया जाये। आमजनों को भी नियमो की जानकारी हो एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित शुल्क को लेकर आमजनो के मध्य कोई भ्रांतियां ना रहे। जो शुल्क निर्धारित है उसको लेकर आमजनो के मध्य विश्वास पैदा करने कार्य करें। आमजनता को दी जा रही सुविधा के लिये, लिये जा रहे शुल्क निर्धारित अनुसार सबकी सहमति से लिया जाये। शहर का विकास राजधानी शहर के अनुरूप करने विकास को आधार मानकर कर प्रणाली में सुधार किया जाये। सभापति ने कहा कि विकसित क्षेत्र व अन्य क्षेत्र के अंतर को स्पष्ट करते हुए इसका प्रस्ताव बनाकर नगर निगम रायपुर को आगे बढ़ाने की कार्यवाही करने की आवश्यकता है।आयुक्त श्री विश्वदीप ने प्रशिक्षण में पहुंचकर राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रशिक्षण की जानकारी ली एवं उनका उत्साहवर्धन किया।राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निगम हित में मांग की कि सीएसआईडीसी के उद्योगो का संपत्तिकर माफ किया गया है इसे नगर निगम द्वारा माफ नहीं किया जाये। उनसे 7 करोड से अधिक संपत्तिकर राजस्व वसूली नगर निगम रायपुर को हो सकती है।राजस्व विभाग कर्मचारियों ने महापौर से मांग की कि 500 वर्गफीट क्षेत्र से नीचे झुग्गी झोपडी में यूजर चार्ज जलकर आदि लेना है उनका सरचार्ज एक समय हेतु माफ किया जाये। ताकि नगर निगम को नियमानुसार राजस्व वसूली हो सके। राजस्व कर्मियों ने मलीन बस्तियों में लगभग 48 हजार मकानों पर बहुत अधिक राजस्व कर बकाया होने पर उन्हें नियमानुसार कर अदायगी हेतु नगर निगम द्वारा छुट देने की मांग महापौर से की है। ताकि इससे नगर निगम रायपुर को 10 से 15 करोड रू. का राजस्व कर प्राप्त होने का मार्ग शीघ्र प्रशस्त हो सकेगा। कार्यक्रम को राजस्व विभाग अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल ने भी संबोधन दिया। आयोजन में अपर आयुक्त श्री यूएस. अग्रवाल, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे, डॉ. आर.के. डोंगरे, आईटी विशेषज्ञ श्री रंजीत रंजन, विषय विशेषज्ञ डॉ. अशोक चंद्राकर ने भी अपने विचार रखकर आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव नगर निगम राजस्व अमले के कर्मचारियों को दिया। -
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से प्राप्त किया गया परिचय, अहमदाबाद में हुए विमान हादसे मंे दिवगंत हुए लोगों को दी गई श्रद्धांजलि
बालोद/त्रिस्तरीय आम निर्वाचन 2025 के अंतर्गत जिला पंचायत बालोद के नवीन कार्यकारिणी के गठन के उपरांत आज जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्रकार की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत के पहली सामान्य सभा की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। जिला पंचायत के सामान्य सभा की पहली बैठक के दौरान बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया गया। इस दौरान बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने गुरूवार 12 जून को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे मंे बड़ी संख्या में लोगों के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने विमान हादसे में दिवंगत हुए लोगों के सम्मान में दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक सहित विभिन्न समितियों के सभापति, जिला पंचायत सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। -
समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को दिए विस्तृत दिशा-निर्देश
नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत सभी शालाओं में कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देशबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि आगामी 16 जून से प्रारंभ होने वाले नए शिक्षा सत्र के दौरान जिले के सभी शालाओं के अलावा संकुल, विकासखण्ड एवं जिला स्तर पर भव्य एवं गरिमामय रूप से शाला प्रवेश उत्सव के आयोजन सुनिश्चित की जाए। जिससे कि प्रवेश उत्सव को हर्षोत्सव बनाते हुए हमारे देश व समाज के भावी भविष्य एवं नवनिहालों का उचित स्वागत, सत्कार व सम्मान करते हुए शाला में प्रवेश दिलाई जा सके। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में शिक्षा एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में सफलतापूर्वक शाला प्रवेश उत्सव के आयोजन के तैयारियों के संबंध में बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखने हेतु नए शिक्षा सत्र से सभी स्कूल, काॅलेजों में नशामुक्ति कार्यक्रमों के आयोजन तथा उनके शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित कार्य योजना की भी विस्तृत समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को विद्यार्थियों को नशापान के दुष्प्रभावों की जानकारी देने हेतु सभी स्कूल, काॅलेजों में नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत अनिवार्य रूप से कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री डीपी कोसरे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. महेश सूर्यवंशी, उप संचालक समाज कल्याण विभाग सहित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से नए शिक्षा सत्र 16 जून से प्रारंभ होने वाले शाला प्रवेश उत्सव के सफल आयोजन हेतु की जा रही तैयारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में प्रभारी मंत्री, स्थानीय विधायक, सांसद सहित अन्य जन प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने शाला, संकुल एवं विकासखण्ड स्तर में आयोजित होने वाले शाला प्रवेशोत्सव के दौरान अनिवार्य रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने प्रवेशोत्सव के अवसर पर न्योता भोज का भी आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्राविण्य सूची में स्थान अर्जित करने वाले विद्यार्थियों तथा उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत जिले के स्कूल, काॅलेजों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने हेतु की गई तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशा पान से दूर रखने हेतु बचपने से ही उनके मन मस्तिष्क में ही नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को शैक्षणिक परिसरों के 100 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कराने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को इस संबंध में की जा रही तैयारियांे के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने शैक्षणिक संस्थाओं में नशामुक्ति अभियान अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों और विद्यार्थियों को नशापान से दूर रहने शपथ भी दिलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने शाला के सूचना पटल में भी शपथ पत्र को प्रदर्शित कराने को कहा। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और उप संचालक समाज कल्याण विभाग को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के जाँच हेतु स्कूलवार मनोचिकित्सक की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के पश्चात् सभी शिक्षकों का समय पर स्कूल में उपस्थिति सुनिश्चित कराकर निर्धारित समयावधि तक शाला में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वे स्वयं तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से शालाओं का निरीक्षण कर शिक्षा विभाग के कार्यों का नियमित रूप से माॅनिटरिंग करेंगे।













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