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- रायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से यह व्यवस्था प्रभावी हुई है।संशोधित जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्म लेने वाले सभी बच्चों के लिए जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। इससे पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं में स्पष्टता और एकरूपता आई है। अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में पूर्व की तरह अन्य वैकल्पिक दस्तावेज भी मान्य रहेंगे। साथ ही, पहले जारी किए गए ऑफलाइन प्रमाण पत्रों को भी अब पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा सकता है।राज्य में अक्टूबर 2023 के बाद से सभी जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। प्रारंभिक चरण में आई तकनीकी चुनौतियों का समाधान समयबद्ध तरीके से किया गया, जिससे वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह सुचारु और तकनीकी रूप से सक्षम हो गया है। भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय द्वारा समय-समय पर आवश्यक तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।इस व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य के सभी रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को पोर्टल संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर भी नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।राज्य सरकार ने आधार कार्ड निर्माण से संबंधित प्रक्रियाओं में भी एकरूपता लाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। इससे नागरिकों को समय पर और सही दस्तावेज उपलब्ध हो सकेंगे।यह पहल राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आमजन को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।
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बिलासपुर/जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी द्वारा 22 दिसंबर को प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट कैम्प सवेरे 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी में आयोजित होगा। प्लेसमेंट कैम्प में 3 निजी नियोजक कंपनियों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें फील्ड स्टाफ, टेली कॉलर, एकाउंटेंट, मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर, सेल्स एग्जीक्यूटिव सहित कुल 39 पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। कैम्प में 10वीं, 12वीं, स्नातक (किसी भी विषय) उत्तीर्ण एवं रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, समस्त शैक्षणिक योग्यता संबंधी अंकसूची एवं प्रमाण पत्रों की मूल प्रति एवं छायाप्रति अनिवार्य रूप से लानी होगी। साथ ही अभ्यर्थियों को रोजगार पंजीयन प्रमाण पत्र लाना आवश्यक है।
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल (erojgar.cg.gov.in) अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र कोनी, बिलासपुर से प्राप्त कर सकते है। -
दुर्ग/ मिशन शक्ति अंतर्गत महिला सशक्तिकरण केन्द्र हब, सखी निवास एवं शक्ति सदन में संविदा स्वीकृत रिक्त पदों की भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। मिशन शक्ति अंतर्गत सखी निवास एवं शक्ति सदन के रिक्त पदों के लिए पहले 15 दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसकी तिथि भी बढ़ाकर 22 दिसंबर 2025 कर दी गई है। जारी विज्ञापन में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, भर्ती प्रक्रिया से संबंधित संपूर्ण जानकारी तथा आवेदन पत्र का प्रारूप पूर्ववत है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी दुर्ग जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.durg.gov.in पर जाकर विस्तृत विज्ञापन डाउनलोड कर सकते हैं।
- -रिकॉर्ड वृक्षारोपण से मनमोहक हुआ सफरसुरक्षित और निर्बाध सफर के लिए एनएचएआई द्वारा किए जा रहे कई कामरायपुर। राजधानी रायपुर को न्यायधानी बिलासपुर से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त राजमार्गों में से एक है। यह राजमार्ग राज्य की वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों की प्रमुख धुरी है। यात्रियों की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा इसके रखरखाव के लिए नियमित और योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।एनएचएआई द्वारा बीते वर्षों में रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर लगातार रखरखाव एवं सुधार के कार्य किए गए हैं। भारी यातायात के बावजूद सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने नियमित रूप से पैचवर्क, ड्रेनेज की सफाई तथा रोड मार्किंग का कार्य कराया जा रहा है। इन कार्यों से सड़क की सतह बेहतर बनी रहती है और यात्री सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव करते हैं। एनएचएआई द्वारा समय-समय पर स्वयं की कंसल्टेंट जांच टीम के माध्यम से सड़कों का तकनीकी सर्वे भी कराया जाता है। जांच टीम के सुझावों के आधार पर आवश्यक रखरखाव के कार्य किए जाते हैं। वर्ष 2024-25 में कंसल्टेंट टीम द्वारा 2136 जगहों पर पैनल रिप्लेसमेंट का सुझाव दिया गया था, जिसे समय पर पूरा कर लिया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी 3616 जगहों पर लगभग 1520 पैनल का रिप्लेसमेंट किया गया है। अन्य पैनल के रिप्लेसमेंट का कार्य भी प्रगति पर है। सड़क के बेहतर रखरखाव के लिए ‘रिस्क एंड कॉस्ट’ शर्तों पर नया टेंडर भी जारी किया गया है।रायपुर-बिलासपुर हाइवे पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्य किए जा रहे हैं। मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने 20 स्थानों को चिन्हित कर सुधार के कार्य किए जा रहे हैं। सड़क पर मवेशियों के प्रवेश को रोकने चिन्हांकित स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए गए हैं। इनके साथ ही हाइवे पर सोलर लाइटिंग, सोलर ब्लिंकर, ट्रांसफर बार मार्किंग और चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एनएचएआई निरंतर कार्यरत है।रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे में 11 ब्लैक स्पॉट्स (अत्यधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिन्हित किए गए हैं। इन जगहों पर सुरक्षित यातायात और निर्बाध सफर के लिए अंडरपास और सर्विस रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।रायपुर-बिलासपुर हाइवे को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस सड़क पर इस साल अब तक 19 हजार 286 पौधे रोपित किए जा चुके हैं। मीडियन प्लांटेशन के अंतर्गत तिकोमा, बोगनवेलिया और गुलमोहर जैसे पौधे लगाए गए हैं, जो राजमार्ग की सुंदरता को बढ़ाते हैं। वहीं सड़क किनारे नीम, कचनार, अमलताश, पीपल और बरगद जैसे छायादार वृक्ष लगाए गए हैं।सड़क उपयोगकर्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई द्वारा समय-समय पर जन-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है। टोल प्लाजा पर ड्राइवरों और यात्रियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं, जहां निःशुल्क नेत्र जांच और रक्तचाप जांच के साथ ही सामान्य स्वास्थ्य परामर्श जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
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- आवासीय क्वार्टरों का वर्चुअल भूमिपूजन, पुस्तक विमोचन एवं न्याय मित्र ऐप का शुभारंभ
दुर्ग/ जिला दुर्ग में न्यायिक अवसंरचना एवं वैकल्पिक विवाद समाधान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत आज वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग तथा प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग के आवासीय क्वार्टर के निर्माण हेतु वर्चुअल माध्यम से भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। साथ ही, इस गरिमामय कार्यक्रम में समाधान और सद्भाव की यात्रा (90 दिवसीय मीडिएशन ड्राइव - मीडिएशन फार द नेशन) विषयक पुस्तक का विमोचन तथा न्यायिक सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल एवं सुलभ रूप से पहुँचाने हेतु न्याय मित्र मोबाइल एप्लिकेशन का वर्चुअल शुभारंभ भी किया गया।उक्त कार्यक्रम माननीय श्री न्यायाधिपति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर द्वारा वर्चुअल माध्यम से संपन्न किया गया। कार्यक्रम की गरिमा माननीय श्री न्यायाधिपति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर तथा माननीय श्री न्यायाधिपति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर एवं पोर्टफोलियो जज, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ की गरिमामयी वर्चुअल उपस्थिति से और अधिक बढ़ी।माननीय श्री न्यायाधिपति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि न्यायिक अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण किसी भी प्रभावी एवं उत्तरदायी न्याय प्रणाली की आधारशिला है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग के लिए आवासीय क्वार्टरों का निर्माण न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक समर्पण एवं दक्षता के साथ कर सकेंगे। वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली, विशेषकर मीडिएशन, भारत के मुख्य न्यायाधिपति का विजन एवं आज के समय की आवश्यकता है। मीडिएशन फार द नेशन के अंतर्गत संचालित 90 दिवसीय मेडिएशन ड्राइव समाज में संवाद, समाधान एवं सद्भाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस अभियान पर आधारित पुस्तक समाधान और सद्भाव की यात्रा न केवल इस प्रयासों का दस्तावेज है, बल्कि भविष्य में मीडिएशन के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शक भी सिद्ध होगी। उन्होंने न्याय मित्र मोबाइल एप्लिकेशन के शुभारंभ को आम नागरिकों के लिए न्याय तक सरल, त्वरित एवं सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह एप्लिकेशन विधिक जानकारी, सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान कर डिजिटल माध्यम से न्यायिक सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में सहायक होगा।अंत में माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने सभी संबंधित विभागों, न्यायिक अधिकारियों, विधिक सेवा प्राधिकरण एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों को इस सफल एवं बहुआयामी कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहलें छत्तीसगढ़ की न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी बनाएंगी। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारीगण, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्तागण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, लोक निर्माण विभाग के अधिकारीगण, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि एवं मीडिया के प्रतिनिधिगण से उपस्थित रहे। संपूर्ण समारोह गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। -
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों में वर्ष 2026 में संचालित किये जाने वाले कार्यक्रमों, गतिविधियों एवं कृषक प्रक्षेत्र प्रदर्शनों की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने हेतु निदेशालय विस्तार सेवाएं के सभा कक्ष में आज दो दिवसीय कार्यशाला का शुभांरभ किया गया। इस कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सभी 27 कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा कामधेनु पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, अंजोरा, दुर्ग के एकमात्र कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा विषयवस्तु विशेषज्ञ शामिल हुए। शुभांरभ सत्र के मुख्य अतिथि संचालक अनुसांन सेवाएं डॉ. वी.के. त्रिपाठी थे एवं अध्यक्षता निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा ने की। कार्यशाला के प्रथम दिवस विभिन्न कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा आगामी वर्ष में संबंधित कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा कृषकों के खेतों पर आयोजित होने वाले प्रक्षेत्र प्रदर्शनों की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला में आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर के वैज्ञानिक भी शामिल हुए।
- लापरवाही नहीं, जागरूकता और समय पर इलाज ही जीवन की गारंटीशासन की प्रतिबद्धता है कि रेबीज़ से होने वाली हर एक मृत्यु को रोका जाए- श्याम बिहारी जायसवालरायपुर। रेबीज़ कोई सामान्य रोग नहीं, बल्कि लापरवाही की स्थिति में निश्चित मृत्यु का कारण बनने वाली गंभीर बीमारी है। पशु काटने या खरोंचने जैसी घटनाओं को प्रायः मामूली समझ लिया जाता है, जबकि यही चूक कई बार जानलेवा साबित होती है। यह तथ्य जितना डराने वाला है, उतना ही आश्वस्त करने वाला यह भी है कि समय पर उपचार और टीकाकरण से रेबीज़ को पूरी तरह रोका जा सकता है। इसी बुनियादी सच्चाई को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने रेबीज़ नियंत्रण को सार्वजनिक स्वास्थ्य की प्राथमिकता बनाया है।प्रदेश के शासकीय स्वास्थ्य तंत्र ने इस दिशा में ठोस तैयारी की है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की निःशुल्क एवं सतत उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी नागरिक को उपचार के लिए भटकना न पड़े। इसका परिणाम यह है कि पशु काटने की घटनाओं के बाद बड़ी संख्या में लोग समय पर स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँच रहे हैं और गंभीर एवं जानलेवा स्थिति से बचाए जा रहे हैं। यह स्पष्ट करता है कि जब व्यवस्था सजग और सक्रिय होती है, तो जनहानि को रोका जा सकता है।रेबीज़ नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों में आवारा पशुओं एवं कुत्तों के परिवेक्षण हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच प्रदेश में 1 लाख 60 हजार 540 डॉग/एनिमल बाइट प्रकरणों का उपचार किया गया। इनमें 86 हजार 849 लोगों को इंट्रा-मस्कुलर (IM) तथा 73 हजार 691 को इंट्रा-डर्मल (ID) पद्धति से एंटी-रेबीज़ वैक्सीन लगाया गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप से रेबीज़ जैसी घातक बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।बिना देरी नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचना ही एकमात्र वैज्ञानिक और सुरक्षित उपायफिर भी, केवल सरकारी व्यवस्था ही पर्याप्त नहीं है। समाज की जागरूकता इस लड़ाई की सबसे अहम कड़ी है। आज भी कई मामलों में लोग झाड़-फूँक, घरेलू नुस्खों या अप्रमाणित उपायों पर भरोसा कर लेते हैं, जो जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। किसी भी पशु के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 10–15 मिनट तक धोना और बिना देरी नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचना ही एकमात्र वैज्ञानिक और सुरक्षित उपाय है। यह संदेश हर घर तक पहुँचना आवश्यक है।स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि रेबीज़ को कभी भी हल्के में न लें। यदि किसी व्यक्ति को किसी भी जानवर द्वारा काटा या खरोंचा जाए, तो तुरंत घाव को बहते साफ पानी और साबुन से कम से कम 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएँ और बिना देरी के नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सक की सलाह अनुसार एंटी-रेबीज़ टीकाकरण अवश्य कराएँ। झाड़-फूँक, घरेलू नुस्खों, मिट्टी, मिर्च, तेल, हल्दी अथवा अन्य अप्रमाणित उपायों से पूर्णतः बचें।सभी नागरिक अपने पालतू जानवरों—विशेषकर कुत्तों एवं बिल्लियों—का नियमित रूप से रेबीज़ टीकाकरण कराएँ, जिससे न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि शासन की प्रतिबद्धता है कि रेबीज़ से होने वाली हर एक मृत्यु को रोका जाए और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अंततः, रेबीज़ से एक भी मृत्यु स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसका समाधान हमारे पास है। सतर्कता, सही जानकारी और समय पर उपचार—यही तीन सूत्र रेबीज़ के विरुद्ध हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं।
- -उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जल जीवन मिशन और सड़कों की मरम्मत से जुड़े सवालों के दिए जवाब-प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम द्रुत गति से जारी, अधिकारियों को सभी काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के दिए गए हैं निर्देशरायपुर,। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन और सड़कों की मरम्मत से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने विधायक श्री धरमलाल कौशिक द्वारा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत कराए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति पर पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि 25 नवम्बर 2025 की स्थिति में बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 199 ग्रामों में कुल 211 कार्य जल जीवन मिशन के तहत लक्षित हैं। इनमें से 92 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 119 कार्य अभी अपूर्ण हैं। क्षेत्र में कोई भी कार्य अप्रारंभ नहीं है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के लिए अब तक कुल 113 करोड़ 15 लाख 34 हजार रुपए का भुगतान किया जा चुका है, जबकि तीन करोड़ 16 लाख 94 हजार रुपए का भुगतान शेष है।उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री साव ने श्री कौशिक द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि ठेकेदारों द्वारा जितना काम किया गया है और अधिकारियों द्वारा जितने काम का मूल्यांकन किया गया है, उतनी ही राशि का भुगतान किया जाता है। किसी भी अपूर्ण काम के लिए संपूर्ण भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने सदन में बताया कि विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि जब तक काम पूर्ण न हो, किसी को भी 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान नहीं करना है।श्री साव ने श्री कौशिक के एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि राज्य में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 12 समूह जल प्रदाय योजनाओं के काम ज्वाइंट वेंचर बनाकर आबंटित किए गए हैं। फर्म मेसर्स विजय वी. सालुंखे के अनुभव प्रमाण पत्र के फर्जी होने की शिकायत प्राप्त होते ही विभाग द्वारा प्रमाण पत्र जारी करने वाले महाराष्ट्र के कराड नगर पालिका से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पाया गया है अनुभव प्रमाण पत्र वहां से जारी नहीं हुआ है जिसके बाद आगे की कार्यवाहियां प्रारंभ की गईं। श्री साव ने बताया कि इस मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली अपेक्स कमेटी की अनुशंसा पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामला अभी विवेचनाधीन है। जांच के बाद जिनकी-जिनकी संलिप्तता पाई जाएगी पुलिस सब कर कार्यवाही कर सकती है।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विधायक श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल द्वारा डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बताया कि क्षेत्र में 48 सड़कें मरम्मत के योग्य हैं। इसके लिए सात करोड़ 75 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि चार सड़कों की मरम्मत का काम पूर्ण हो गया है तथा 39 सड़कों की मरम्मत का काम प्रगतिरत है। निविदा प्रक्रियाधीन होने के कारण पांच सड़कों के काम अप्रारंभ हैं। विभागीय अधिकारियों को दिसम्बर तक मरम्मत के सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेशभर में सड़कों की मरम्मत का काम द्रुत गति से जारी है। श्री साव ने श्रीमती बघेल द्वारा भू-अर्जन के लंबित मुआवजे के संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री साव ने कहा कि मुआवजा का प्रकरण अनुविभागीय अधिकारी के यहां प्रक्रियाधीन है।
- -छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर। बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। बीजापुर जिले में ₹84 लाख के इनामी 34 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए भारतीय संविधान में आस्था जताई है और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के अनुरूप छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में चल रहे सतत और ठोस प्रयासों का परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम’ नीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि संवाद, संवेदनशीलता और विकास, हिंसा से कहीं अधिक प्रभावी समाधान हैं। यह आत्मसमर्पण केवल हथियार छोड़ने की घटना नहीं है, बल्कि भय और भ्रम से मुक्त होकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटने का निर्णय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले सभी व्यक्तियों के पुनर्वास, सुरक्षा, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्समावेशन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें।मुख्यमंत्री ने आज भी भटके हुए युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का मार्ग त्यागें, लोकतंत्र और विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें तथा प्रदेश और देश के निर्माण में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को शांति, विश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रदेश बनाना राज्य सरकार का अटल संकल्प है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी रहेंगे।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम में प्राप्त नाला में गोबर डाले जाने से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री उमेश नामदेव और श्री बारोन बंजारे, स्वछता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में किये गए औचक निरीक्षण में स्थल पर जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत दलदल सिवनी मुख्य मार्ग में नाला में गौपालक श्री गौरी शंकर यादव द्वारा गोबर डाले जाने की प्राप्त जनशिकायत सही मिली, जिस पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए गौपालक श्री गौरीशंकर यादव पर स्थल पर 2000 रूपये का जुर्माना किया और प्राप्त जन शिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- बिलासपुर/राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विश्व एड्स दिवस के अवसर पर मनाए जा रहे जागरूकता पखवाड़े के अंतर्गत 2nd बटालियन सकरी में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला नोडल अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी ने उपस्थित कैडेटों को एड्स जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक कर, इसके प्रभावी बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।जिला नोडल अधिकारी डॉ. गायत्री बांधी ने कैडेटों को संबोधित करते हुए एड्स रोग की प्रकृति, इसके फैलने के कारण, प्रारंभिक लक्षण, जांच की प्रक्रिया तथा उपलब्ध उपचार के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एचआईवी/एड्स एक संक्रामक रोग है, लेकिन सही जानकारी, सुरक्षित व्यवहार और समय पर जांच एवं उपचार के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई का उपयोग एवं संक्रमित रक्त के माध्यम से संक्रमण फैलने के खतरों पर प्रकाश डाला तथा इससे बचाव के उपायों को विस्तार से समझाया। डॉ. बांधी ने यह भी कहा कि एड्स के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करना आवश्यक है। उन्होंने कैडेटों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने आसपास के लोगों को भी सही जानकारी देकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाएं।कार्यक्रम में बटालियन इंचार्ज डॉ. नीरज शर्मा, एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के समन्वयक आशीष सिंह, इंचार्ज सहित बटालियन के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
- - ध्वज पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए जिले के प्रभारी मंत्री श्री शर्मादुर्ग / इस्पात नगरी भिलाई में जयंती स्टेडियम के समीप ग्राउण्ड में 25 से 29 दिसम्बर तक दिव्य हनुमंत कथा का आयोजन होने जा रहा हैं। उक्त आयोजन हेतु आज ध्वज पूजन किया गया। सेवा समर्पण समिति द्वारा आयोजित दिव्य हनुमंत कथा के इस ध्वज पूजन कार्यक्रम में प्रदेश के गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल हुए। जगदलपुर के विधायक श्री किरण सिंह देव की मौजूदगी में कार्यक्रम स्थल पर विधि-विधान पूर्वक हनुमंत एवं ध्वज पूजन कर ध्वज फहराया गया। ध्वज पूजा उपरान्त सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष और सेवा समर्पण समिति के संयोजक श्री राकेश पाण्डेय, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू एवं अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
- - मूकबधिर एवं मंदबुद्धि विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारीदुर्ग/ शासन के निर्देशानुसार रजत जयंती महोत्सव के तहत आज साईन लेग्वेज डे के अवसर पर ब्राइट मूकबधिर एवं मंदबुद्धि विद्यालय, जवाहर नगर में अध्ययनरत 100 छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रंगोली, कुर्सी दौड़, दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रतीक चिन्ह और संतवाना पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर नगर पालिक निगम दुर्ग के लोक कर्म विभाग प्रभारी एवं पार्षद, उपसंचालक समाज कल्याण विभाग, विद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग, / राज्य शासन के कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए उद्यानिकी फसलों में मौसम आधारित फसल बीमा की समय सीमा 31 दिसंबर 2025 तक निर्धारित की गई है। यह योजना किसानों को कम/अधिक तापमान, कीट एवं रोग, ओला वृष्टि, लगातार अवर्षा जैसी विपरीत परिस्थितियों से होने वाले नुकसान से बचाने हेतु लागू की गई है।बीमा राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत या वास्तविक प्रीमियम (जो भी कम हो) कृषक अंश के रूप में जमा करेंगे। ऋणी और अऋणी दोनों प्रकार के कृषक बीमा करा सकते हैं। अऋणी कृषक को स्वघोषित प्रमाण पत्र, नक्शा/खसरा, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छाया प्रति जमा करनी होगी।ऋणी कृषक योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उन्हें भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्र आवेदन की अंतिम तिथि से सात दिन पूर्व संबंधित बैंक में जमा करना होगा। समय पर प्रपत्र न जमा करने पर बैंक द्वारा स्वीकृत अल्पकालीन कृषि ऋण अनिवार्य रूप से बीमाकृत किया जाएगा। भारतीय कृषि बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि, लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति, विकासखण्ड में स्थापित शासकीय उद्यान रोपणी बीमा कराने हेतु अधिकृत होंगे। इस मामले में बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की चूक/त्रुटि होने पर संबंधित बैंक किसानों के स्वीकार्य दावों के भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।उप संचालक उद्यान से मिली जानकारी अनुसार मुख्य कवरेज (कुछ प्रमुख फसलें)- टमाटर- बीमित राशि 88000, किसान देय प्रीमियम 4400; अतिरिक्त/एड-ऑन कवरेज 32000, किसान देय प्रीमियम 1600। बैगन- बीमित राशि 57000, किसान प्रीमियम 2850, अतिरिक्त/एड-ऑन कवरेज 20000, किसान देय प्रीमियम 1000। फुलगोभी- बीमित राशि 54000, किसान देय प्रीमियम 2700, अतिरिक्त/एड-ऑन कवरेज 16000, किसान देय प्रीमियम 800। पत्तागोभी- बीमित राशि 54000, किसान देय प्रीमियम 2700, अतिरिक्त/एड-ऑन कवरेज 16000, किसान देय प्रीमियम 800। प्लाज- बीमित राशि 55000, किसान देय प्रीमियम 2750, अतिरिक्त/एड-ऑन कवरेज 25000, किसान देय प्रीमियम 1250। आलू-बीमित राशि 96000, किसान देय प्रीमियम 4800, अतिरिक्त/एड-ऑन कवरेज 24000, किसान देय प्रीमियम 1200।इसके अलावा ओलावृष्टि/चक्रवाति हवाएं हेतु जोखिम फसलों के लिए निर्धारित तिथि-रबी फसल-टमाटर और आलू के लिए जोखिम अवधि ओलावृष्टि के लिए 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026, रबी फसल-बैंगन व प्याज के लिए जोखिम अवधि ओलावृष्टि 01 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026, रबी फसल -फलगोभी एवं पत्तागोभी के लिए जोखिम अवधि ओलावृष्टि 01 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 है।
- रायपुर - रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित 6 ई-टॉयलेट (इलेक्ट्रानिक क्वाइन आपरेटेड) को नगर निगम को बंद अवस्था में हस्तांतरित किया गया था। उपरोक्त 6 स्थानों के ई-टॉयलेट को मेन्युअली ऑपरेटेड हेतु मरम्मत व संधारण संचालन कार्य हेतु ईओआई के माध्यम से संस्था नियुक्त कर मरम्मत कार्य कराया गया तथा 2 वर्ष के संधारण व संचालन कार्य हेतु संस्था सुलभ इंटरनेशन सोशल सर्विस को प्रदाय किया गया है। 6 स्थानों में से 2 स्थान मेकाहारा हास्पिटल के पास एवं आनंद नगर ढलान के पास स्थित ई-टॉयलेट का संबंधित जोन के माध्यम से विद्युत एनओसी अप्राप्त होने की स्थिति पर उक्त 2 स्थानों के टॉयलेट का संचालन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है तथा शेष 4 स्थानों पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक केयर टेकर नियुक्त कर आम नागरिकों के उपयोग हेतु निःशुल्क कर संधारण संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में आर डी तिवारी स्कूल के पास स्थित ई-टॉयलेट में बोरवेल नहीं है तथा उक्त शौचालय में पानी की व्यवस्था स्कूल में स्थित टंकी के माध्यम से किया जा रहा है एवं संस्था द्वारा सभी दरवाजे में कुण्डी की व्यवस्था की गई है। सरस्वती नगर थाना के पास स्थित ई-टॉयलेट में पुनः नल लगाया गया तथा सभी दरवाजों में उचित मरम्मत करायी गयी। कटोरा तालाब के पास स्थित ई-टॉयलेट के केयर टेकर का आकस्मिक निधन होने के कारण उक्त टॉयलेट की चाबी गुम हो गई है। वर्तमान में उक्त ई-टॉयलेट में नया केयर टेकर नियुक्त कर संचालन संधारण का कार्य कराया जावेगा। संबंधित जोन के जोन स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा नियमित रूप से सभी ई-टॉयलेट का निरीक्षण व मॉनिटरिंग की जाती है।उपरोक्त ई-टॉयलेट में किसी प्रकार की शिकायत अथवा उचित व्यवस्था नहीं होने पर निदान 1100, स्वच्छता एप, चैट बॉट इत्यादि के माध्यम शिकायत दर्ज करा सकते हैँ। प्राप्त शिकायत पर उचित कार्यवाही कर त्वरित निराकरण किया जाता है।इस प्रकार सभी ई- टॉयलेट का संधारण संचालन कार्य किया जा रहा है।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग के आदेशानुसार नगर पालिक निगम, भिलाई सीमा अंतर्गत संचालित पशुवध गृह एवं समस्त मांस विक्रय की दुकानें 18 दिसम्बर गुरूवार को गुरू घांसीदास जयंती के अवसर पर बंद रखी जाएगी।
- दुर्ग / अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की पारंपरिक लोक कला यथा लोकगीत/ लोकगायन नृत्य जैसे- पंथी नृत्य, पांडवानी, भरथरी तथा अनुसूचित जाति वर्ग के पारंपरिक लोक वाद्य आदि में कलाकारों की प्रतिभा की पहचान करने एवं उन्हें पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करने हेतु जिला स्तरीय पंथी प्रतियोगिता 21 दिसम्बर 2025 समय 11 बजे सतनामी आश्रम दुर्ग में आयोजित की जाएगी। उक्त प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक दल प्रविष्टियां 19 दिसम्बर 2025 सायं 4 बजे तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग में प्रस्तुत कर सकते है।दल अपनी प्रविष्टियां में अनुसूचित जाति लोक कला दल का सम्पूर्ण विवरण। अनुसूचित जाति वर्ग में अपनी पारंपरिक कला के माध्यम से चेतना जागृत करने तथा सामाजिक उत्थान के लिए कार्य किए है तो इसका विवरण। यदि कोई अन्य पुरस्कार मिला हो तो उसका विवरण। सामाजिक चेतना जागृत करने तथा सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके कार्य के संबंध में कोई ख्यात व्यक्ति अथवा पत्र पत्रिकाओं द्वारा टिप्पणी की गई हो तो उसकी प्रति। अन्य जानकारी जो प्रविष्टिकर्ता देना चाहे शामिल कर सकते हैं। प्रविष्टिकर्ता दल को जिला स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए आने जाने एवं अन्य व्यय स्वयं वहन करना पड़ेगा। जिले से चयनित सर्वश्रेष्ठ दो दलों को राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए आने जाने एवं ठहरने तथा भोजन की व्यवस्था विभाग द्वारा की जाएगी। प्राप्त प्रविष्टियों में से राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धा में शामिल करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा प्रविष्ठियों का परीक्षण कर अथवा जिला स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित कराकर दो प्रविष्टि का चयन किया जाएगा।
- -रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामले में कार्रवाईरायपुर। जांजगीर-चांपा जिले में जिला स्तरीय खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 1 चैन माउंटेन मशीन एवं 6 हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है। इसके साथ ही अवैध रेत भंडारण के 2 प्रकरण दर्ज किए गए हैं तथा बम्हनीडीह क्षेत्र में रेत की 2 अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्तियां निरस्त की गई हैं।खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के नवापारा, केवा, पीपरदा, पुछेली, खपरीडीह एवं बम्हनीडीह क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम केवा में खनिज रेत के अवैध उत्खनन में संलिप्त 1 चैन माउंटेन मशीन पाई गई, जिसे मौके पर सील कर अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।खनिज अधिकारी ने बताया कि ग्राम पीपरदा में 6 हाईवा वाहनों द्वारा खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर वाहनों को मौके पर सील कर नोटिस चस्पा किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम पीपरदा में ही खनिज रेत के अवैध भंडारण के 2 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें एक प्रकरण शासकीय भूमि पर लगभग 200 घन मीटर रेत तथा दूसरा प्रकरण में लगभग 240 घन मीटर रेत के अवैध भंडारण का पाया गया, जिसे श्री तेरस पिता समधीन, निवासी पीपरदा द्वारा किया था। दोनों प्रकरणों में अवैध रूप से भंडारित रेत को जब्त कर ग्राम पंचायत की सुपुर्दगी में दिया गया है।इसके अतिरिक्त बम्हनीडीह क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमोदी में मेसर्स आर.बी. कंस्ट्रक्शन के पक्ष में स्वीकृत गौण खनिज रेत की अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति तथा ग्राम बम्हनीडीह में मेसर्स बाबा सिद्धेश्वर कंस्ट्रक्शन के पक्ष में स्वीकृत खनिज रेत की अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति को नियमों के बार-बार उल्लंघन एवं अनियमितताओं के चलते निरस्त कर दिया गया है।गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर के कलेक्टर के मार्गदर्शन में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा निरंतर जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
- - खाद्य व्यापारियों को प्रतिष्ठानों में सुरक्षित एवं सही गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ विक्रय, भंडारण, प्रदर्शन एवं विनिर्माण करने के दिए गए निर्देशराजनांदगांव । खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा जिले के औद्योगिक क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फूटे चना एवं अन्य खाद्य में सिंथेटिक केमिकल औरामिन की उपस्थिति की जांच की गई। टीम द्वारा फर्म प्रकाशचंद, नेमीचंद एण्ड संस, अवधराम नमकीन, देवांगन जी नमकीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर फूटे चना, रंगीन मटर खाद्य सामग्री के कुल 8 नमूने जांच हेतु संकलित किए गए। संकलित सभी खाद्य सामग्री नमूने में औरामिन नामक केमिकल का पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा अधिसूचित प्रयोगशाला में प्रेषित किया गया है।अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि नमूनों में औरमिन पाये जाने पर संबंधित फर्म पर खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- - 191 प्रकरणों में 66738 बोरा अवैध धान एवं 20 वाहन जप्तराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा सोमवार को कुल 2 प्रकरणों में 15 लाख 89 हजार 680 रूपए मूल्य के 512.80 क्विंटल (1282 बोरा) अवैध धान एवं एक वाहन जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 191 प्रकरणों में 8 करोड़ 27 लाख 55 हजार 306 रूपए मूल्य के 26695.26 क्विंटल (66738 बोरा) अवैध धान एवं 20 वाहन जप्त किया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार सोमवार को डोंगरगांव अनुविभाग अंतर्गत 2 प्रकरणों में 15 लाख 89 हजार 680 रूपए मूल्य के 512.80 क्विंटल (1282 बोरा) अवैध धान एवं एक वाहन जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 83 प्रकरणों में 4 करोड़ 79 लाख 53 हजार 280 रूपए मूल्य के 15468.80 क्विंटल (38672 बोरा) अवैध धान व 7 वाहन, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 53 प्रकरण में 1 करोड़ 60 लाख 52 हजार 606 रूपए मूल्य के 5178.26 क्विंटल (12946 बोरा) अवैध धान व 2 वाहन तथा डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 55 प्रकरणों में 1 करोड़ 87 लाख 49 हजार 420 रूपए मूल्य के 6048.20 क्विंटल (15121 बोरा) अवैध धान एवं 11 वाहन जप्त किया गया है।जिले में कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
- - शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगाए जाएंगे विशेष शिविरराजनांदगांव । जिले में सुशासन सप्ताह प्रशासन गांव की ओर 2025 अंतर्गत 19 दिसम्बर से 25 दिसम्बर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग से सुशासन को बढ़ावा देना एवं शासकीय योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए नगर स्तर पर ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों के कलस्टर में विशेष शिविरों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं को जनसामान्य तक सुगमता से पहुंचाने एवं सार्वजनिक शिकायतों का विशेष शिविरों में निराकरण किया जाएगा। क्षेत्रीय ग्राम पंचायतों एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को आमंत्रित करते हुए नियुक्त नोडल अधिकारी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों की शिकायत एवं मांग के आवेदनों को एकत्रित कर तत्काल संबंधित विभागों को वितरित करेंगे तथ
- बलौदाबाजार। धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण हेतु बलौदाबाजार जिले में राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं मंडी बोर्ड की संयुक्त टीम द्वारा लगातार जांच पड़ताल और कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त टीम ने बिचौलिए द्वारा अवैधानिक तरीके से धान खपाने की नीयत से रखे गए 233 बोरी अवैध धान जब्त किया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि विकासखंड पलारी के ग्राम साराडीह में नीलेश ट्रेडर्स दुकान के सामने दूसरे खाते के जरिए धान खपाने की नीयत से धान रखा गया है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर 233 बोरी धान को जब्त किया गया। इसी प्रकार तहसील लवन अंतर्गत राजस्व एवं मंडी टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए ग्राम डमरू में फुटकर व्यापारी संजय साहू से 55 बोरी, गिरीश साहू से 26 बोरी तथा हनी जायसवाल से 30 बोरी धान जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त तहसील बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम कोलियारी में हेमिन मंडावी की किराना दुकान से 55 कट्टा धान जब्त किया गया। जिला प्रशासन ने कहा है कि धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
- कवर्धा। कबीरधाम जिले में धान खरीदी से किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से पहले की तुलना में बेहतर और सुगम खरीदी व्यवस्था के कारण किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान उपार्जन कर पा रहे हैं। पंजीयन से लेकर तौल और भुगतान तक की प्रक्रिया सरल होने से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। यही व्यवस्था ग्राम खैरवार के किसान श्री फिरतू पात्रे के लिए सहारा बन गया है। पिता के स्वर्गवास के बाद श्री फिरतू पात्रे ने स्वयं खेती की जिम्मेदारी संभाली। उनके पास कुल 5.50 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे धान के साथ-साथ कुछ क्षेत्र में गन्ने की खेती भी करते हैं। इस वर्ष उन्होंने अपनी खेती से कुल 84.80 क्विंटल धान का विक्रय किया है।श्री फिरतू बताते हैं कि उनके पिता का निधन लगभग एक माह पूर्व हुआ था। अंतिम संस्कार और दशगात्र जैसे सामाजिक संस्कारों में काफी खर्च आया, जिसके लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा। भावुक होते हुए वे बताते हैं कि पिता के साथ ही वे वर्षों से खेती का कार्य करते थे और उनकी स्मृतियाँ हमेशा उनके साथ रहेंगी। उन्होंने अपने पिता का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और परंपरा के साथ किया। वे आगे कहते हैं कि पिता द्वारा दी गई जमीन और शासन द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का उचित मूल्य आज उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बना है। धान विक्रय से प्राप्त राशि से अब उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक चिंता नहीं है और लिया गया कर्ज भी चुकाया जा रहा है।श्री फिरतू पात्रे का पंजीयन धान खरीदी केंद्र ग्राम कोको में है, जहाँ बिना किसी परेशानी के उनका पूरा 84.80 क्विंटल धान खरीदा गया। खरीदी केंद्र में पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को सहज वातावरण में अपनी फसल बेचने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित में निरंतर बेहतर कार्य कर रही है। खरीदी व्यवस्था से लेकर भुगतान प्रणाली तक में बड़ा सुधार हुआ है। धान विक्रय के बाद राशि शीघ्रता से सीधे बैंक खाते में पहुँच जाती है, जिससे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है।
- -नदारद सचिवों के विरूद्ध कार्यवाही की अनुशंसाबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल के निर्देश पर जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ श्री सत्यव्रत तिवारी ने सोमवार को जनपद पंचायत तखतपुर की चार ग्राम पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई पंचायत कार्यालय बंद मिले और सचिव नदारद रहे। सीईओ द्वारा कार्यालयीन समय में अनुपस्थित सचिवों के विरूद्ध कार्यवाही की अनुशंसा की गई है।ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के कामकाज पर निगरानी और आमलोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनपद सीईओ द्वारा ग्राम पंचायत परसदा, भरनी, चोरभट्टीकला एवं चोरभट्टीखुर्द का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत परसदा के सचिव ब्रजेश साहू बिना पूर्व सूचना के कार्यालय में अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार ग्राम पंचायत भरनी का पंचायत कार्यालय बंद मिला व सचिव विरेंद्र ध्रुव अनुपस्थित मिले। ग्राम पंचायत चोरभट्टीकला का पंचायत कार्यालय भी कार्यालयीन समय में बंद पाया गया, जहां सचिव कु. मनीता कश्यप कार्यालय में मौजूद नहीं थी। इसी तरह ग्राम पंचायत चोरभट्टीखुर्द में भी पंचायत कार्यालय बंद पाया गया और सचिव श्रीमती प्रीति ध्रुव अनुपस्थित रहीं। जनपद सीईओ द्वारा सभी नदारद सचिवों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए प्रकरण सीईओ जिला पंचायत को भेजा गया है।
- - मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में अधोसंरचना विकास को मिली रफ्तार, समय-सीमा में पूर्णता के दिए सख्त निर्देश- निर्माण कार्य जनहित से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण, गुणवत्ता में समझौता स्वीकार्य नहींमोहला । नवीन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में अधोसंरचना विकास कार्य अब तेजी से गति पकड़ने लगे हैं। शासन के मंशानुरूप जिले के जनसामान्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्य एवं घोषणाएं धरातल पर मूर्त रूप ले रही हैं। इन कार्यों से न केवल जिले के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी मजबूती प्राप्त होगी।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के कुशल निर्देशन में जिले में संचालित निर्माण कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। इसी का परिणाम है कि जिले के सभी विकास कार्य एवं स्वीकृत घोषणाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने सोमवार को जिले में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, प्रयुक्त सामग्री, कार्य की वर्तमान स्थिति तथा प्रगति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली।कलेक्टर ने निर्माणाधीन संयुक्त जिला कार्यालय, न्यू सर्किट हाउस, कन्या कॉलेज, पीडब्ल्यूडी क्वार्टर, पीडब्ल्यूडी कार्यालय, पशुपालन कार्यालय, लाइवलीहुड कॉलेज, वीवीपैट, आईटीआई, ट्रांजिट हॉस्टल, आवासीय सह-विद्यालय सहित अन्य प्रमुख निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने अधिकारियों एवं इंजीनियरों को निर्देशित किया कि लंबित निर्माण कार्यों की नियमित एवं दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर विलंब न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के ये सभी निर्माण कार्य जनहित से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट हैं, इसलिए गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी एजेंसियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करते हुए जन उपयोगिता को प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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