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- रायपुर /स्वतंत्रता दिवस के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की घोषणा की है। इस बार छत्तीसगढ़ पुलिस के 152 अधिकारी और जवान अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित होंगे। इनमें 141 को वीरता पदक, 10 को सराहनीय सेवा पदक और 1 अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक दिया जाएगा।स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 141 वीरता पदकों की घोषणा की है, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। डीआईजी एमएल कोटवानी को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक मिलेगा, जबकि गायत्री सिंह, दीपमाला कश्यप, अर्चना झा, डीएसपी सविता परिहार, सहित 10 अधिकारियों को राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है इन सभी अधिकारियों को 26 जनवरी 2027 को पदक मिलेगा। सूची संलग्न हैः-
- -मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन - श्री शर्मा-बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति के बाद जन मन के भय और भ्रम को दूर करने के लिए 3 दिन की तिरंगा यात्रा पर निकले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा-कर्रेगुट्टा पर विजय के प्रतीक के रूप में तिरंगा लहराकर यात्रा का हुआ समापन-यात्रा के अंतिम दिन यात्रा बीजापुर से निकल पहुंची आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टारायपुर / बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप एक बार फिर उसी जोश के साथ शुरुआत की। बीजापुर से निकल कर आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए अपनी 600 किमी की यात्रा का समापन कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर झंडा फहराकर किया। मंत्री द्वय ने 3 दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर इन 5 जिलों में लगभग 600 किमी की तिरंगा यात्रा बाइक से पूर्ण की।यात्रा के अंतिम दिन करेगुट्टा की पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में वृक्षारोपण किया उसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में ध्वजारोहण किया । आज वह सपना पूरा हुआ जो हमने देखा था। आज बस्तर की जनता जीत गई, यहां के लोग जीत गए, एर्राबोर की कट्टम ज्योति जीत गई शहीद जवानों का अदम्य पराक्रम जीत गया और नक्सली हार गए। बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प साकार हो रहा है। यह उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर झंडा फहराकर यह बातें जवानों से कही।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा की यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है मैं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ रहे स्थान में आप के सानिध्य में झंडा फहरा रहा हु। लोग कहते है मंत्री जी सैनिकों का मनोबल बढ़ाने कैम्प जाते है। वास्तविकता यह है कि मै तो आप से ऊर्जा प्राप्त करने आता हूं। उन्होंने कहा कि जवानों किं हिम्मत को सम्मानित करते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ठ सेवा व सरहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया है।बस्तर के लोगों के मन में भय पहले ही खत्म हो गया था बचा हुआ बस्तर तिरंगा यात्रा ने खत्म कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या में आज देश के कोने कोने में तिरंगा फहर रहा है। तिरंगे के साथ बाबा साहब द्वारा लिखा संविधान भी बस्तर के हर कोने में लागू हो रहा है। बस्तर में अभी बहुत से काम करने बचे हैं, बस्तर का विकास कर आ है पर यह होगा बस्तर की लय पर, बस्तर आगे बढ़े यही हमारी कामना है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को सबसे समृद्ध स्थान बनाएंगे।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा की हमने कभी सोचा नहीं था कि कभी हम ऐसे इस कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर आ सकेंगे, पर आज पहाड़ी में बिना किसी डर के खड़े हैं, यह हमारा सौभाग्य है। बस्तर तिरंगा यात्रा जिस मार्ग से होकर गुजरी है उस मार्ग पर दिन में लोग आने से डरते थे आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन से ही संभव हो पाया है।सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगे का संदेश लेकर सुकमा में 600 किमी की यात्रा करना अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है। आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है। तिरंगा शांति, बलिदान, हरियाली के साथ पराक्रम का भी संदेश देता है।मंत्री द्वय एवं सांसद ने आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला, कर्रेगुट्टा पहाड़ी सभी जगह हुई घटनाओं में शहीदों की याद में पौधारोपण किया और शहीदों के शहादत की मिट्टी को संग्रहीत किया। शहीदों के परिजनों एवं ग्रामीणों से मुलाकात की। कर्रेगुट्टा के रास्ते में सभी बड़े से लेकर बच्चों ने सभी ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया, बच्चों ने भारत माता की जय, तिरंगे की जय के गगनचुंबी नारों से पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति से ओत प्रोत कर दिया।इस अवसर पर चैतराम अटामी और पूर्व विधायक श्री महेश गागड़ा एवं बड़ी संख्या में युवा भी उपस्थित रहेदेर रात मंत्री पहुंचे टेकलगुडेमयात्रा के दूसरे दिन देर शाम 9 बजे उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा और वन मंत्री श्री कश्यप कभी घोर नक्सल पीड़ित इलाके माने जाने वाले टेकलगुडेम पहुंचे थे, जहां आश्चर्य यह था कि वहां कुख्यात नक्सलवादी रहे हिड़मा के ग्राम पूवर्ती से भी लोग उनका स्वागत करने पहुंचे थे। सभी का प्यार देखकर वे बहुत खुश हुए। सभी ने तिरंगा हाथ में लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा का अभिवादन किया। इसी तरह भारी बारिश के बाद भी सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम, जगरगुंडा के ग्रामीण देर शाम तक उनके स्वागत के लिए मार्ग में पहुंच रहे थे। इन सुदूर क्षेत्रों में उप मुख्यमंत्री, वन मंत्री एवं सांसद को देखने कर लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा था, पूरी यात्रा सभी से मिलते हुए शुक्रवार रात में वापस बीजापुर पहुंचे।
- रायपुर । शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायपुर, सड्डू जिला-रायपुर में संचालित व्यवसाय-कोपा, स्टेनो हिंदी, इंटीरियर डिज़ाइनर एंड डेकोरेशन में रिक्त सीटों तथा राज्य के अन्य शासकीय आईटीआई में उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 18 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी cgiti.admissions.nic.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का छत्तीसगढ़ राज्य का मूलनिवासी होना आवश्यक है। साथ ही प्रवेश के लिए अर्हता सम्बन्धी जानकारी विभाग की उक्त वेबसाइट पर उपलब्ध ‘प्रशिक्षण विवरणिका’ में देखी जा सकती है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे प्रदर्शनी का शुभारंभरायपुर / जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी ‘आजादी का गौरव - विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 15 अगस्त पूर्वान्ह 11 बजे प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन, संघर्ष और योगदान को छायाचित्रों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका, विभिन्न आंदोलनों तथा जननायकों के योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा।प्रदर्शनी में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों के साथ प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों को भी छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। प्रदर्शनी का प्रमुख उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और प्रदेश की विकास यात्रा से परिचित कराना है।विशेष रूप से युवाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति एवं उपलब्धियों पर आधारित क्विज प्रतियोगिता सहित विभिन्न आकर्षण रखे गए हैं। जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन प्रातः 10.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी।
- -स्वतंत्रता दिवस पर सभी जिला कार्यालयों में ध्वजारोहण सुनिश्चित करेंः कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह-योजनाओं और लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देशरायपुर /कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने फॉलोअप टीएल बैठक में सभी अधिकारीयों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि कल स्वतंत्रता दिवस है, जब पूरा देश आज़ादी का पर्व मनाएगा।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिला कार्यालयों में ध्वजारोहण किया जाए, जिसमें सभी अधिकारी-कर्मचारी शामिल हों।कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में बकेट क्लेम, नागरिक पट्टों, पी.ओ. पोर्टल, आर.आर.सी., पीएम किसान निधि सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने स्कूलों में फिजिकल ग्राउंड एवं जाति, निवास प्रमाण-पत्र बनाने की स्थिति, अविवादित नामांतरण, बंटवारा प्रकरणों तथा विभागों से संबंधित एन.ओ.सी. की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मेडिकल चेकअप संबंधी जानकारी, डेंगू जांच की स्थिति तथा स्वच्छता से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को देयकों के भुगतान की स्थिति की जानकारी लेते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में ई-ऑफिस, प्रोजेक्ट पुनर्जीवन, नागरिक निकायों में पेंशन प्रकरणों तथा पी.एम. श्री योजना की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सेवा से हटने वाले कर्मचारियों के प्रकरणों में नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि माई के अंतिम सप्ताह में उपस्थित होने से संबंधित बैठकों एवं कार्यालयीन कार्यों में समय का विशेष ध्यान रखा जाए तथा अनुपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमानुसार प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। पी.एम. सूर्य घर योजना की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीएल बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए आगामी बैठक से पहले प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -आर्द्रभूमि संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर । जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट ‘चहचहाट’ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मांढर में हरेली पक्षी महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। महोत्सव का उद्देश्य आर्द्रभूमि एवं पक्षी संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में Bird Walk एवं Bird Count का आयोजन किया गया। इसमें कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के साथ ग्रामीणों, बच्चों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने तालाब एवं आसपास के क्षेत्र में पक्षियों का अवलोकन कर उनकी पहचान एवं उपस्थिति दर्ज की।डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा आर्द्रभूमि एवं पक्षी संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि तालाब, आर्द्रभूमि, पेड़-पौधों और पक्षियों का संरक्षण केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने का कार्य है।उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कलश स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित फूड कार्ट आजीविका की नई पहल का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण के साथ स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिला समूहों के लिए आजीविका के अवसर तैयार होना परियोजना ‘चहचहाट’ की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।कलेक्टर ने बच्चों से बातचीत कर उनके द्वारा बनाए गए चित्रों एवं मॉडलों का अवलोकन किया और उन्हें प्रकृति संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि गांव के तालाब, आर्द्रभूमि और पक्षी स्थानीय प्राकृतिक संपदा हैं। सामुदायिक भागीदारी से ही संरक्षण के प्रयासों को स्थायित्व दिया जा सकता है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ आजीविका के अवसर विकसित करने से संरक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर चित्र और कृत्रिम घोंसले बनाए। कुछ बच्चों ने छत्तीसगढ़ महतारी की वेशभूषा में सहभागिता की। हरेली की परंपरा को जोड़ते हुए गेड़ी दौड़ एवं फुगड़ी जैसे पारंपरिक खेल आयोजित किए गए। फूड कोर्ट एवं ई-रिक्शा सेवा का उद्घाटन किया गया। महिला समूहों ने नाश्ते की व्यवस्था की। उद्यानिकी विभाग द्वारा पौधों का वितरण भी हुआ। समग्र शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यानिकी, बिहान एवं शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली पर्व को पक्षियों, जैव-विविधता, आर्द्रभूमि संरक्षण और नागरिक विज्ञान (Citizen Science) से जोड़ा गया। Bird Walk एवं Bird Count से नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को पक्षी विविधता को समझने और संरक्षण में भागीदारी का अवसर मिला।प्रोजेक्ट ‘चहचहाट’ का उद्देश्य सामुदायिक प्रयास से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, स्थानीय आजीविका का विकास और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक विरासत सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता चंद्राकर, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती बबीता, सरपंच कुमारी आदिल, जनपद पंचायत सीईओ श्री आशीष केशरवानी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री सुमित येरपुडे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जिला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता दौड़ आयोजित-जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया देश की एकता और अखंडता को सशक्त बनाने का संकल्परायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व 14 अगस्त को जिला प्रशासन रायपुर द्वारा आयोजित ‘स्वतंत्रता दौड़’ में शहर देशभक्ति के रंग में रंग उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहे।दौड़ शहीद भगत सिंह चौक, शंकर नगर से प्रारंभ होकर खजाना चौक, कलेक्ट्रेट होते हुए पुनः शंकर नगर में संपन्न हुई। तिरंगे और देशभक्ति के नारों के साथ दौड़ते रायपुरवासियों ने एकता और राष्ट्रभावना का संदेश दिया।मुख्य अतिथि श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए महापर्व है। इस भारत भूमि को आजाद कराने के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानी दी। कल हमारे स्वतंत्र भारत को 80 वर्ष पूरे हो जाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन से आज भारत डिजिटल भारत के रूप में विश्व पटल पर पहचान बना चुका है। 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए हर नागरिक की सकारात्मक भूमिका जरूरी है। इस स्वतंत्रता दौड़ में हम यही संकल्प लेकर चलें।विशिष्ट अतिथि रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि यह दौड़ युवाओं और प्रदेशवासियों को प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम विकसित भारत 2047 पर काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भी आगे बढ़ रहा है। रायपुर सहित देशभर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मैं नमन करता हूं। आइए, एकजुटता और देशभक्ति का संदेश दें।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों, युवाओं सहित आमजनों ने इस दौड़ के माध्यम से एक नया इतिहास रचा है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका को नमन करते हुए मैं सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि 80 साल पहले अंग्रेजों के विरुद्ध प्रभात फेरी, वंदे मातरम और स्वतंत्रता दौड़ जैसी गतिविधियों से जन-जन एकजुट हुआ और हमें आजादी मिली। इस दौड़ का उद्देश्य नई पीढ़ी को यह समझाना है कि 80 साल पहले का पराधीन भारत कैसा था और आज का स्वतंत्र भारत कैसा है। स्वतंत्रता के महत्व को पहचानने के लिए ही यह आयोजन किया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, संचालक आयुष श्री राजेंद्र कुमार कटारा, निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर *देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभावना को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
- - दो नुक्कड़ नाटकों ‘समय नहीं हैं’ और ‘योग सबके लिए’ के माध्यम से हर उम्र के लोगों को बताया जाएगा सेहतमंद रहने का राजरायपुर। 40 की उम्र पार करते ही लगभग हर कोई किसी ने किसी शारीरिक परेशानी से जूझ रहा है। किसी को पैरों में दर्द, तो कोई अपने मोटापे से परेशान। किसो को शुगर ने, तो किसी को बीपी ने तकलीफ दे रखी है। ऐसे में योग एक ऐसा माध्यम से है, जो हमें सेहतमंद रखने के साथ ही हमारी शारीरिक परेशानियों को दूर करने में सहायक होता है। योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र मंडल की योग समिति नुक्कड़ नाटक का आयोजन करने जा रही है। नुक्कड़ नाटक स्वतंत्रता दिवस पर शनिवार, 15 अगस्त को सुबह 09:15 बजे समता काॅलोनी स्थित सियान गुड़ी परिसर में ध्वजारोहण के बाद किया जाएगा।स्वास्थ्य, आध्यात्म व योग प्रभारी आस्था काले ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल परिसर में हुई योग समिति की बैठक में इस संबंध में चर्चा की गई। बैठक में योग के प्रचार-प्रसार के लिए रूपरेखा तैयार की गई। अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को सियान गुड़ी परिसर में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से की जाएगी। योग समिति की प्रमुख साक्षी टोले ने बताया कि नुक्कड़ नाटक ‘दवा या योग’ के जरिए लोगों को यह बताया जाएगा कि डॉक्टर कहते हैं कि दवा बेहद जरूरी है। वहीं योग शिक्षक बताएंगे की योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्चा आपको कितनी राहत देगी।साक्षी के अनुसार नाटक ‘समय नहीं हैं’ के माध्यम से उन लोगों को जागरूक किया जाएगा, जो कहते हैं कि उनके पास योग करने के लिए समय नहीं है। वहीं एक अन्य नाटक ‘योग सबके लिए’ के अंतर्गत लोगों को यह समझाया जाएगा कि योग न उम्र देखता है न पेशा। यह सबसे लिए हितकारी है। यदि आप अपने लिए ही 24 घंटे में से योग- व्यायाम के लिए एक घंटा भी नहीं निकाल पाते, तो निश्चित ही आपको अपनी सेहत को लेकर गंभीरता से चिंतन करने की जरूरत है।
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“प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ
रायपुर / जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में सहायक संचालक सुश्री कलावती भगत ने शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला गंजपारा एवं सहायक शिक्षक श्री हरित कुमार वर्मा ने शासकीय प्राथमिक शाला राखी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया। - रायपुर / संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा आयोजित सिविल सर्विस मेन्स परीक्षा 2026 का आयोजन 21 अगस्त 2026, 22 अगस्त 2026, 23 अगस्त 2026, 29 अगस्त 2026 एवं 30 अगस्त 2026 को किया जाएगा। परीक्षा जे. आर. दानी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, कालीबाड़ी चौक में आयोजित होगी। जिसकी प्रथम पाली सुबह 9 बजे से 12 बजे एवं द्वितीय पाली दोपहर 2ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा में कुल 185 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्वाधीनता दिवस की 79वीं वर्षगाँठ पर दी प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएँरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों और राष्ट्र-निर्माताओं के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को कृतज्ञतापूर्वक नमन करने का दिन है। देश के 80वें स्वाधीनता दिवस के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए श्री देव ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' और 'तिरंगा यात्रा' से प्रदेश के कोने-कोने में राष्ट्रभक्ति का स्वर गुंजायमान हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ‘तिरंगा यात्रा’ एवं ‘हर घर तिरंगा अभियान’ ने जन-जन को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोया है। राज्य के युवाओं, माताओं, बहनों और वरिष्ठ नागरिकों ने हाथों में तिरंगा थामकर देश के गौरव और स्वाभिमान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने संदेश में राज्य की प्रगति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के ध्येय वाक्य के साथ आगे बढ़ रही है। कृषक उन्नति योजना, बकाया धान बोनस का भुगतान और महतारी वन्दन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्बल दिया है। राज्य में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पारदर्शी एवं जवाबदेह सुशासन स्थापित किया गया है। इसी तरह बस्तर में नियद नेल्लानार योजना और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा पहुँच रही है और आम जनता का लोकतंत्र में विश्वास सुदृढ़ हुआ है। प्रदेशवासियों से लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रीय संकल्पों की सिद्धि में सक्रिय योगदान देने का आह्वान करते हुए श्री देव ने कहा कि इस 80वें स्वाधीनता दिवस पर हम सभी मिलकर छत्तीसगढ़ को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लें ताकि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में हमारा राज्य अग्रणी भूमिका निभा सके।
- -कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल, विभाजन के समय प्राण गंवाने वाले लाखों भारतवासियों को दी श्रद्धांजलि-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने 'विभाजन विभीषिका' और 'वंदे मातरम्' पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का किया अवलोकनदुर्ग / स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर 14 अगस्त 2026 को नगर निगम दुर्ग के भव्य सभागार में ’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को याद करना और विभाजन में अपने प्राण गंवाने वाले लाखों भारतवासियों को श्रद्धांजलि देना था। राष्ट्रीय महत्व के इस संवेदनशील कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ सभागार में जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई 'विभाजन विभीषिका' तथा 'वंदे मातरम्' गीत के गौरवशाली इतिहास पर आधारित विशेष छायाचित्र (फोटो) प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। जिसमें छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन के समय देशवासियों द्वारा सहे गए असीम दर्द, संघर्ष और विस्थापन की त्रासदी के साथ-साथ 'वंदे मातरम्' की उस अमर चेतना को दर्शाया गया था, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पूरे राष्ट्र में देशभक्ति का अलख जगाया था।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भारत की महान सांस्कृतिक परंपरा और उसके ऐतिहासिक दर्द को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसकी नींव ’वसुधैव कुटुंबकम्’ और ’सर्वधर्म समभाव’ के कालजयी विचारों पर टिकी है। हमारी यह पावन भूमि अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रही है, जिसका वर्णन वेदों और पुराणों में भी मिलता है। इतिहास गवाह है कि मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक कई विदेशी आक्रांताओं ने इस भूमि पर शासन किया, लेकिन वे हमारी सनातन संस्कृति, महान परंपराओं और एकता की भावना को कभी मिटा नहीं सके। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने विभाजन के कड़वे सच पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आखिर इतनी मजबूत संस्कृति वाले देश में विभाजन की नौबत क्यों आई। उन्होंने विभाजन के मूल कारणों को स्मरण करते हुए बताया कि किस प्रकार अंग्रेजों ने भारत पर लंबे समय तक राज करने के लिए ’फूट डालो और शासन करो’ का षड्यंत्र रचा। जिसके तहत भारतीय नागरिकों के बीच वैमनस्यता का बीज बोया गया और देश के अनेक बुद्धिजीवियों और प्रबुद्धजनों द्वारा विभाजन को रोकने के हर संभव प्रयास किए जाने के बावजूद इस त्रासदी को टाला न जा सका। विभाजन की भयानक पीड़ा और दुष्परिणामों को याद दिलाते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक भूल के कारण कई निर्दाेष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पंक्तियों को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि ’भारत केवल भूमि का कोई बेजान टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह एक जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है।’ जब ऐसे राष्ट्रपुरुष का विभाजन हुआ, तो देश के जन-मन ने जो वेदना और संताप सहा, वह अकथनीय है। उन्होंने कहा कि आज के दिन इस त्रासदी को याद करने का उद्देश्य किसी पुरानी कड़वाहट को बढ़ाना नहीं, बल्कि उस असीम पीड़ा से सीख लेते हुए देश की एकता व अखंडता की रक्षा का संकल्प लेना है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्ग ग्रामीण विधायक व छ.ग.राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को भारत एक स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ, किंतु स्वतंत्रता की इस प्राप्ति के ठीक एक दिन पूर्व का इतिहास अत्यंत कारुणिक रहा है। इसी कड़वे सच और बलिदानों को रेखांकित करने के लिए वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष 14 अगस्त को ’विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस के आयोजन का मूल ध्येय यह है कि समस्त देशवासी और युवा पीढ़ी यह भली-भांति जान सके कि आज हम जिस स्वतंत्रता की पावन हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लाखों परिवारों का असीम त्याग, बेघर होने का दर्द और अमूल्य बलिदान छिपा हुआ है। अपने संबोधन के दौरान विधायक श्री चंद्राकर ने वर्तमान में संचालित ’हर घर तिरंगा’ अभियान का उल्लेख करते हुए नागरिकों व छात्र-छात्राओं से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति आदर बनाए रखने की अपील की।इसी क्रम में, महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और बच्चों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज 14 अगस्त का यह दिन इतिहास के एक अत्यंत दर्दनाक दौर की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, इसलिए उस समय की भयावहता और संघर्ष का अंदाज़ा लगाना हमारे लिए आसान नहीं है। किताबों में भले ही हम इसे पढ़ते हैं, लेकिन इसे प्रत्यक्ष भोगने वाले सिंधी समाज के भाई-बहनों का अनुभव ही इस त्रासदी की असल सच्चाई बयान करता है। महापौर श्रीमती बाघमार ने कहा कि आज युवाओं को समझना होगा कि सच्ची स्वतंत्रता का अर्थ मनमानी या उच्छृंखलता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति ज़िम्मेदारी है। अपने राष्ट्र और परिवेश का सम्मान करना ही हमारा पहला धर्म है, इसलिए स्वतंत्र नागरिक होने के नाते सड़कों या नालियों में कचरा न फेंककर स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है।सभागार में कार्यक्रम के दौरान विभाजन की त्रासदी पर आधारित एक मर्मस्पर्शी लघु चित्र (डॉक्यूमेंट्री/शॉर्ट फिल्म) का भी प्रदर्शन किया गया। इस लघु चित्र के माध्यम से विभाजन के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले मतुआ समुदाय की पीड़ादायी स्थिति और उनके ऐतिहासिक संघर्ष को सजीव रूप में दर्शाया गया। मतुआ समुदाय, जो मुख्य रूप से बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसा हुआ था, उन्होंने विभाजन के समय अमानवीय यातनाएं और विस्थापन का भीषण दंश झेला। लघु चित्र में यह प्रेरणादायक गाथा दिखाई गई कि इतने गहरे आघात और उत्पीड़न के बावजूद मतुआ समुदाय ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों (जैसे सितार आदि) की मधुर तानों को पुनः जीवित किया, अपनी लुप्त होती लोक-संस्कृति, विशिष्ट पारंपरिक व्यंजनों, धरोहरों व सांस्कृतिक प्रतीकों को सहेजकर पुनः स्थापित किया। शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए उन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पठन-पाठन की परंपरा को जीवित रखा। लघु चित्र द्वारा बताया गया कि विभाजन भले ही हमारी सभ्यता पर एक आघात था, किंतु हमारी सांस्कृतिक जीवंतता ने उस दमन के विरुद्ध विजय प्राप्त की और अपनी समृद्ध परंपराओं को पुनः संजोया। इस दौरान विभाजन से पीड़ित व आहात होने वाले नागरिकों को स्मरण किया गया तथा अपने प्राण गंवाने वाले लाखों भारतवासियों को श्रद्धांजलि देने हेतु मौन भी रखा गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, श्री सुरेंद्र कौशिक, श्री जितेंद्र वर्मा, श्री दिलीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, धमधा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्वेता अग्रवाल, नगर के गणमान्य नागरिक तथा शासन-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश व जिला कार्यालय में कल 80वें स्वाधीनता दिवस के पावन अवसर पर हर्षोल्लास के साथ ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में सुबह 8 बजे भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे। इसके उपरांत एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में सुबह 9 बजे प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ध्वजारोहण करेंगे। इसमें भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता सम्मिलित होंगे।
- -भाजपा ने हमेशा नक्सलियों की कड़ी भर्त्सना की, कांग्रेस शहीदों के नाम पर न करे राजनीति : केदार कश्यप-पांच साल सरकार में रही कांग्रेस, झीरम के कथित साक्ष्य आखिर कहां गए : केदार कश्यपरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने झीरम घाटी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कभी वीर सपूतों और शहीदों का अपमान नहीं किया। झीरम घाटी की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण थी और भाजपा सरकार एवं संगठन ने हमेशा नक्सलियों की कड़ी भर्त्सना की है।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि दीपक बैज भाजपा पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी के नेताओं के बयानों का जवाब दें। राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह अथवा छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं की ओर से नक्सलवाद को लेकर विवादित बयान सामने आते हैं या हिड़मा को ‘रोल मॉडल’ बताने जैसी बातें कही जाती हैं, तब कांग्रेस नेतृत्व चुप्पी क्यों साध लेता है? यही कांग्रेस की दोहरी मानसिकता और दोहरी नीति को उजागर करता है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ओर शहीदों के नाम पर राजनीति करती है, वहीं दूसरी ओर नक्सलियों के प्रति सहानुभूति वाले बयानों पर मौन रहती है। दीपक बैज को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि ऐसे बयानों का वे खुलकर विरोध क्यों नहीं करते?श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री लगातार दावा करते रहे कि उनके पास झीरम घटना से जुड़े पूरे साक्ष्य मौजूद हैं। प्रदेश में पांच वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही, फिर वे साक्ष्य सामने क्यों नहीं आए? यदि कांग्रेस के पास साक्ष्य थे तो उन्हें सार्वजनिक करने और उचित कार्रवाई करने से किसने रोका?मंत्री श्री कश्यप ने कहा, “झीरम के शहीदों के नाम पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना बंद करें। शहीदों का सम्मान हमारे लिए राजनीति का विषय नहीं, बल्कि सर्वोपरि है। देश अपने वीर सपूतों का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
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*-महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर में हुआ 26वां वसुंधरा प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन*
*-पत्रकार/संस्कृतिकर्मी श्री राजेश गनोदवाले को 26वें वसुंधरा सम्मान से किया गया सम्मानित**-समारोह में कृति ‘बहुमत’ एवं कृति ‘वसुंधरा’ के विशेषांक का विमोचन भी किया गया*दुर्ग/ लोकजागरण की संस्था वसुंधरा और श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन आज भिलाई के महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर में किया गया। स्व.देवी प्रसाद चौबे की 50वीं पुण्य स्मृति में आयोजित इस 26वें प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्वर्गीय देवी प्रसाद चौबे के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शास्त्रीय संगीत, लोककला, लोकसंस्कृति एवं रंगमंच जैसी सांस्कृतिक विधाओं पर निरंतर लेखन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाने में योगदान देने वाले श्री राजेश गनोदवाले को 26वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में कृति ‘बहुमत’ एवं कृति ‘वसुंधरा’ के विशेषांक का विमोचन भी किया गया। कृति ‘वसुंधरा’ का यह विशेषांक प्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय तीजन बाई के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित है।26वें वसुंधरा सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने कहा कि स्व.देवी प्रसाद चौबे दैनिक समाचार पत्र से जुड़े ग्रामीण संवाददाता रहे तथा रायपुर के दैनिक समाचार से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही देवी प्रसाद चौबे ने युवाओं और किसानों को संगठित करने तथा स्वतंत्रता की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया था। इसी दौर में उनका संपर्क छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के जनक स्व.ठाकुर प्यारेलाल सिंह से हुआ। वे उनके साथ गांव-गांव घूमे और राष्ट्र निर्माण के लिए लोगों को जागरूक किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी के बाद छत्तीसगढ़ में जिन महापुरुषों से स्व.देवी प्रसाद चौबे सर्वाधिक प्रभावित रहे, उनमें ठाकुर प्यारेलाल सिंह प्रमुख थे। उनका जुड़ाव केवल व्यक्तिगत प्रभाव तक सीमित नहीं था, बल्कि वे उनके विचारों और सामाजिक दृष्टिकोण से भी गहराई से जुड़े थे। गांव, श्रमिक, युवा और आम आदमी को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में रखने की यही सोच आगे चलकर वसुंधरा सम्मान की मूल प्रेरणा बनी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने कहा कि पिछले वर्षों में वसुंधरा सम्मान के माध्यम से ऐसे अनेक प्रतिष्ठित पत्रकारों, संपादकों और साहित्यकारों को सम्मानित किया गया, जिनका योगदान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने आयोजन समिति को इस परंपरा को लगातार समृद्ध करने के लिए बधाई दी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह पूर्व में सम्मानित विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारों एवं संपादकों को सम्मानित किया जाना इस आयोजन की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। 2026 के वसुंधरा सम्मान से सम्मानित पत्रकार को बधाई देते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्होंने लगभग 30 वर्षों तक राष्ट्रीय पत्रिका में छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकसंगीत और शास्त्रीय विधाओं पर निरंतर लेखन किया। उनके लेखन ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 26 वर्षों तक इस आयोजन को निरंतर आगे बढ़ाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सिंह ने पत्रकारिता और समाज के लिए किए गए इस विशिष्ट योगदान को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा कि भारतीय संस्कृति, पुरानी परंपराओं और समाज के लिए योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक संस्थानों और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने भोपाल के भारत भवन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह भारत भवन ने कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई है, उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी ऐसा कोई स्थायी संस्थान विकसित किया जाना चाहिए, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करे।इस अवसर पर ख्यातिलब्ध विचारक, लेखक एवं संपादक श्री शशांक शर्मा ने ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में संस्कृति, इतिहास एवं पत्रकारिता’ विषय पर आयोजित वैचारिक संगोष्ठी में विस्तारपूर्वक अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति, इतिहास एवं पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं 26वें वसुंधरा सम्मान से सम्मानित श्री राजेश गनोदवाले ने अपनी पत्रकारिता यात्रा एवं अनुभवों को संक्षेप में साझा किया। इस अवसर पर वैशाली नगर विधानसभा विधायक श्री रिकेश सेन, पूर्व मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, श्री प्रदीप चौबे, संयोजक श्री विनोद मिश्र, सचिव निर्णायक समिति श्वेता उपाध्याय, श्री सतीश जायसवाल, श्री ई.वी.मुरली सहित बड़ी संख्या में पत्रकारिता एवं साहित्य से जुड़े प्रबुद्धजन उपस्थित थे।: -
जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित विशाल तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक
आला अधिकारियों, कर्मचारियों, बच्चे, युवा सहित सभी वर्गों के लोगों ने उत्साह के साथ लिया भागबालोद/प्रदेश के स्कूली शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व आज बालोद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विशाल तिरंगा रैली में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ शामिल हुए। जिला मुख्यालय बालोद के नगर पालिका कार्यालय परिसर से प्रारंभ हुए इस तिरंगा रैली में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख सहित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण, वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्री चंद्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा छात्र-छात्राएं, बच्चे, युवा, स्वच्छता दीदियों एवं आम नागरिकों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ इस तिरंगा रैली में भाग लिया। इस विशाल तिरंगा रैली में समाज के सभी वर्गों के लोगों के सक्रिय सहभागिता से आज संपूर्ण बालोद शहर देशभक्ति के रंग से सराबोर हो गया था।उल्लेखनीय है कि तिरंगा रैली नगर पालिका कार्यालय परिसर से प्रारंभ होकर घड़ी चौक, अंबेडकर चौक होते हुए जय स्तंभ चौक में समाप्त हुआ। इस अवसर पर तिरंगा रैली में विभाजन के विभीषिका से पीड़ित लोगों की स्मृति में कैण्डल मार्च का भी आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव एवं अतिथियों के द्वारा घड़ी चैके में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं अंबेडकर चौक में स्थित संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर तथा जय स्तंभ चौक में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, श्री राकेश यादव छोटू एवं जनप्रतिनिधियों के अलावा डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकगण इस तिरंगा रैली में अपनी सहभागिता सुनिश्चित किया। -
रायपुर - स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त 2026 शनिवार को प्रातः 8 बजे रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के प्रांगण में ध्वजारोहण करेंगी। इस अवसर पर नगर निगम सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़, आयुक्त श्री संबित मिश्रा, एमआईसी सदस्यगण, जोन अध्यक्षगण, पार्षदगण, एल्डरमेनगण, नगर निगम अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहेंगे।
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रायपुर - विगत दिवस रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर पालिक निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश्वर रामटेके, उपअभियंता श्री टिकेन्द्र चंद्राकर की उपस्थिति में नगर निगम जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत भाठागांव विनायक सिटी मार्ग में आवास सहित दुकान का निर्माण किये जाने फ्रंट एमओएस के भाग में निर्मित दुकानों को सम्बंधित स्थल पर थ्रीडी मशीन की सहायता से अभियान चलाकर तोड़ने की कार्रवाई की गयी.
विगत दिवस की गयी उक्त कार्रवाई में हुए समस्त व्यय का भुगतान किये जाने हेतु सम्बंधित निर्माणकर्ता को नगर निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन 5 जोन कमिश्नर के निर्देश पर डिमांड पत्र प्रेषित किया गया है. -
राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का किया गया सामूहिक गायन एवं जल संरक्षण और नशापान से दूर रहने की दिलाई शपथ
बालोद/स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व 14 अगस्त को जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय बालोद के सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दौड़ में समाज के सभी वर्ग के लोगों ने देश की एकता और अखण्डता को अक्षुण्ण बनाए रखने हेतु राष्ट्र के लिए दौड़ लगाई। इसके साथ वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों, छात्र छात्राओं एवं आधिकारी-कर्मचारियों ने एक साथ सस्वर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम एवं राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया। इस अवसर पर जिला पंचातय अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, एडिशनल एसपी श्री चंद्रकांत गवर्ना, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, अधिकारी-कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं सहित सभी वर्ग के लोगों ने एक साथ दौड़ लगाकर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। स्वतंत्रता दौड़ सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से शुरू होकर घड़ी चैक, संजारी क्लब, विश्राम भवन की ओर होते हुए वापस सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में स्वतंत्रता दौड़ का समापन किया गया। दौड़ में शामिल सभी लोगों ने भारत माता की जय, स्वतंत्रता दिवस अमर रहे जैसे नारे लगाकर आज के इस स्वतंत्रता दौड़ के आयोजन को बहुत ही संुदर एवं अविस्मरणीय बनाया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने युवाओं को राष्ट्र की ऊर्जा बताते हुए अपनी शक्ति का उपयोग राष्ट्र के नवनिर्माण में करने को कहा। समारोह में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जल संरक्षण एवं एसपी श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति अभियान के तहत नशापान से दूर रहने की शपथ भी दिलाई। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि युवाओं की शक्ति का समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसलिए यह जरूरी है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नशामुक्त भारत अभियान से जुड़े। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को नशामुक्त भारत अभियान के तहत न केवल समाज, परिवार, मित्र बल्कि स्वयं भी नशा से मुक्त होकर बदलाव की शुरूआत स्वयं से करने की शपथ दिलाई। आज आयोजित स्वतंत्रता दौड़ के अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्कूल छात्र-छात्राएं, मीडिया प्रतिनिधियों के अलाव आम नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो ने किया। -
दुर्ग/एकीकृत बाल विकास परियोजना अहिवारा के अंतर्गत स्वीकृत पदों की पूर्ति हेतु 26 अगस्त 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ पर आंगनबाड़ी केन्द्र कैलाश नगर 02 कुम्हारी वार्ड में आंगनबाड़ी सहायिका के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना अहिवारा में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
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दुर्ग/ जिला खेल एंव युवा कल्याण विभाग दुर्ग द्वारा आज प्रातः 7.30 बजे से स्वतंत्रता दौड़ आयोजित की गई। स्वतंत्रता दौड़ को रविशंकर स्टेडियम दुर्ग के मुख्य गेट से कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक व छ.ग.राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर द्वारा हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ किया गया। इस दौरान संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम दुर्ग श्री महेश सिंह राजपूत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दौड़ रविशंकर स्टेडियम के मुख्य गेट से आरम्भ होकर आदर्श कन्या शाला, गांधी चौक, पटेल चौक, पुराना दुर्ग थाना इंदिरा मार्केट, फरिश्ता कॉम्पलेक्स चौक, पचरीपारा, नया बस स्टैंड रोड होकर चर्च रोड़ से होते हुए पुनः रविशंकर स्टेडियम पहुँचकर समाप्त हुई। दौड़ में लगभग 600 छात्र-छात्राएं, अध्यापक, खिलाड़ी, एनसीसी कैडेट, स्काउट गाइड, गणमान्य नागरिक, समस्त शासकीय/अशासकीय अधिकारी/कर्मचारी के साथ-साथ जिला प्रशासन के सभी अधिकारी सम्मिलित हुए। दौड़ के मार्ग में यातायात पुलिस द्वारा सुचारु यातायात व्यवस्था एवं नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा पेयजल व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सक एवं एम्बुलेंस व्यवस्था की गई। शिक्षा विभाग द्वारा व्यायाम शिक्षकों की सेवाएं उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम का संचालन श्री विलियम लकड़ा सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया गया। - -स्वतंत्रता दौड़ में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, युवा और बच्चों ने लिया हिस्सा-नशामुक्त भारत और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्परायपुर। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व जशपुर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओतप्रोत स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया गया। जशपुर जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दौड़ में स्कूली बच्चों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों के ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से जशपुर शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया।स्वतंत्रता दौड़ का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जयस्तंभ चौक स्थित जिला अस्पताल परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया। सुबह 8 बजे प्रारंभ हुई दौड़ बस स्टैंड चौक होते हुए रणजीता स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई।स्वतंत्रता दौड़ में शामिल बच्चों और युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त देश की आजादी की खुशी के साथ भारत विभाजन की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर भी है। उन्होंने विभाजन के दौरान अपने प्रियजनों से बिछड़े लोगों और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में नागरिकों को शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हैं। सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कारों पर ध्यान देना चाहिए तथा युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान ‘नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी लिया।स्वतंत्रता दौड़ ने जशपुर में देशभक्ति, सामाजिक एकता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देते हुए स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को नई ऊर्जा प्रदान की। बच्चों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में नई पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डीएफओ श्री शशि कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, विद्यार्थी, युवा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और नागरिक शामिल हुए। एनसीसी, स्काउट एवं गाइड, राष्ट्रीय सेवा योजना, रेडक्रॉस, पुलिस बल, वन विभाग, विभिन्न खेल संघों तथा मीडिया प्रतिनिधियों ने भी स्वतंत्रता दौड़ में सहभागिता की।
- -2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में दें योगदान-15 अगस्त के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री ने नागरिकों से की हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के मान-सम्मान की रक्षा करने की अपीलरायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर जिले के तिल्दा में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा और देश के गौरवशाली इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमारे तिरंगे का हरा रंग देश की शांति, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि इसके मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें बिना रुके निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह ध्वज हमारी एकता और अखंडता का वह अनुपम प्रतीक है, जिसके मान-सम्मान की रक्षा के लिए देश के लाखों वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी है।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपने-अपने घरों में पूरे स्वाभिमान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। इसके साथ ही उन्होंने ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहारूष्उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। सड़क, गली या किसी भी अनुचित स्थान पर तिरंगा गिरा हुआ न दिखाई दे, इस बात का ध्यान रखना हम सभी का परम नैतिक कर्तव्य है।देश के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा रखते हुए श्री वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक एक सशक्त, समर्थ व विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का जो दूरदर्शी विजन रखा गया है, उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती चंद्रकला वर्मा, उपाध्यक्ष श्री पलक सुखमणि, पूर्व अध्यक्ष श्री महेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा बारिश के मौसम में होने वाली मौसमी बीमारियों, विशेषकर डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय किया गया है। निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमा पानी की जांच की जा रही है। जहां भी पानी जमा पाया जा रहा है, उसे खाली कराने के साथ ही लार्वा नियंत्रण के लिए आवश्यक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
निगम की स्वास्थ्य टीमों द्वारा नागरिकों के घरों के आसपास रखे कूलर, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों तथा नालियों का निरीक्षण किया जा रहा है। इन स्थानों पर जमा पानी में मच्छरों के लार्वा पनपने की संभावना को देखते हुए टेमीफास एवं जला हुआ ऑयल का छिड़काव किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे स्थानों की नियमित निगरानी भी की जा रही है, जहां बारिश के कारण पानी जमा होने की संभावना रहती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम नागरिकों को भी जागरूक कर रही है कि वे अपने घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से खाली कर उसकी सफाई करें, गमलों एवं पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें तथा पानी की टंकियों को ढंककर रखें। छोटी-सी सावधानी अपनाकर मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सकता है।निगम प्रशासन द्वारा बारिश के दौरान डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए वार्ड स्तर पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को जलजमाव वाले संभावित स्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का उद्देश्य समय रहते मच्छरों के लार्वा को नष्ट कर संक्रमण की संभावना को कम करना तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों एवं आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें और स्वास्थ्य विभाग की टीमों के निरीक्षण एवं दवा छिड़काव में सहयोग करें। सामूहिक प्रयास से ही डेंगू एवं मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। - -प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कंटेनर में खाली बोतल डालकर लोगों को किया जागरूकरायपुर। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग ने नवा रायपुर स्थित ’’जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई)’’ परिसर में आज प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की नई शुरुआत की है। विभाग ने ’’बिसलेरी कंपनी’’ के साथ प्लास्टिक बोतलों एवं अन्य प्लास्टिक कचरे के संग्रहण और पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के लिए समझौता किया है।इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव ’’श्री सोनमणि बोरा’’ एवं टीआरटीआई की संचालक ’’श्रीमती हीना अनिमेष नेताम’’ ने परिसर में स्थापित विशेष प्लास्टिक कलेक्शन कंटेनर का शुभारंभ किया। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने स्वयं पानी की खाली बोतल को निर्धारित कंटेनर में डालकर अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आगंतुकों से अपील की कि वे उपयोग के बाद प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर न फेंकें, बल्कि निर्धारित कंटेनर में ही डालें। उन्होंने कहा कि ’’स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त परिसर का निर्माण जनभागीदारी से ही संभव है’’ तथा प्रत्येक व्यक्ति का छोटा प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान बन सकता है।समझौते के तहत कंटेनर में एकत्रित प्लास्टिक कचरे का संग्रहण एवं निष्पादन ’’बिसलेरी कंपनी’’ द्वारा किया जाएगा। इस प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर विभिन्न उपयोगी प्लास्टिक उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इस पूरी प्रक्रिया में विभाग को किसी प्रकार का आर्थिक व्यय नहीं करना पड़ेगा। यह पहल न केवल प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का भी प्रभावी संदेश देगी।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्लास्टिक कचरे के उचित निस्तारण का संकल्प ले, तो स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल समाज का निर्माण सहज रूप से किया जा सकता है। इस अवसर पर टीआरटीआई की संयुक्त संचालक ’’श्रीमती गायत्री नेताम’’ सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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