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- ग्राम खुझी की महिलाओं के सपने हुए साकाररायपुर/ ग्राम खुझी की महिलाओं के सपने हुए साकारमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के शासन में आम जनता के समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सुशासन तिहार संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के सुदूर ग्राम खुझी में ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांगों का समाधान हुआ है। इससे गाँव में उत्साह और खुशी का माहौल है।शौचालय निर्माण की स्वीकृति से मिली गरिमाग्राम खुझी की नवविवाहित बहू श्रीमती सबिता ने बताया कि उनके घर में शौचालय न होने से उन्हें काफी असुविधा होती थी। सुशासन तिहार में उन्होंने समाधान पेटी के माध्यम से अपनी समस्या को लेकर आवेदन किया। जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की वजह से महज 18 दिनों में सर्वे कराया गया और पात्र पाए जाने पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ द्वारा उन्हें शौचालय निर्माण के लिए पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सबिता ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार जताते हुए कहा, शासन की पहल ने महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य के लिए एक सशक्त कदम उठाया है।प्रधानमंत्री आवास योजना से सपना होगा साकारखुझी ग्राम की ही श्रीमती श्याम पति ने सुशासन तिहार के पहले चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। उनका कच्चा मकान बारिश में उनके परिवार के लिए असुरक्षित हो जाता था। उनके आवेदन पर त्वरित प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे और स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। जिससे अब उन्हें जल्द ही पक्का मकान मिलने जा रहा है। श्याम पति ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री जी की संवेदनशीलता और सुशासन तिहार ने हमारा सपना पूरा कर दिया।सुशासन तिहारः जनता और सरकार के बीच सेतुयह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम नागरिकों की बुनियादी समस्याओं के समाधान का माध्यम बन गया है। पारदर्शिता, सहभागिता और त्वरित समाधान की इस पहल से नागरिकों में विश्वास जागी है।
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*एक देश, एक चुनाव का प्रस्ताव बहुमत से पारित*
*जिला पंचायत के वर्ष 2025- 26 और लेबर बजट का अनुमोदन*
बिलासपुर/ जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक अध्यक्ष जिला पंचायत श्री राजेश सूर्यवंशी की अध्यक्षता में सभी सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल एवं जिला स्तर के सभी अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई। सर्व प्रथम सभी सदस्यों का स्वागत किया गया। बैठक में सर्व प्रथम एक राष्ट्र एक चुनाव भारत देश में लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ आयोजित करने के लिए बहुमत से प्रस्ताव पारित कर शासन को प्रस्ताव भेजे जाने का निर्णय लिया गया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समीक्षा में सभी सदस्यों के द्वारा वर्तमान में चल रही पानी की समस्या को देखते हुए अपने अपने क्षेत्र में हैण्ड पंप खोदने एवं बंद पंप का तत्काल मरम्मत कराये जाने को कहा गया तथा शासन स्तर से जारी 100 पंप के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए पत्र भेजे जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। विद्युत व्यवस्था हेतु नए ट्रासफार्मर एवं बंद एवं मरम्मत योग्य को तत्काल सुधार कराए जाने हेतु निर्देश दिए गए । स्वास्थ्य विभाग में चल रहे स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों को तत्काल प्रतिपूर्ति किए जाने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया। श्रीमती ललिता संतोष कश्यप उपाध्यक्ष के द्वारा तखतपुर में शिशुरोग विशेषज्ञ एवं अन्य पदों को तत्काल भरे जाने की मांग रखी गई। आरटीई के तहत् कुछ अशासकीय शालाओं द्वारा विद्यार्थियों को प्रवेश न दिए जाने का मुद्दा भी सदस्यों द्वारा उठाया गया है जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शालाओं के प्रमुखों को निर्देशित करने की बात कही गई। आंगनबाड़ी भवन विहिन गांवों में तत्काल भवन स्वीकृत करने का प्रस्ताव पारित किया गया।खरीफ सीजन की तैयारी को देखते हुए कृषि बीज भंडारण की जानकारी ली गई सभी सदस्यों के द्वारा पर्याप्त मात्रा में बीज भंडारण किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया एवं साथ ही साथ जिला पंचायत के लिए वर्ष 2025-26 का बजट एवं महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत् लेबर बजट का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप सहित श्रीमती अनुसुईया जागेन्द्र कश्यप सभापति, श्री गोविन्दराम यादव सभापति, श्रीमती भारती नीरज माली सभापति, श्रीमती अंबिका विनोद साहू सभापति,श्रीमती चन्द्र प्रकाश सूर्या सभापति,श्रीमती स्मृति त्रिलोक श्रीवास श्रीमती अनिता राजेन्द्र शुक्ला श्री शिवेन्द्र प्रताप कौशिक श्री राजेन्द्र धीवर श्री दामोदर कांत श्रीमती सतकली बावरे श्री रामखिलावन पटेल, श्री निरंजन सिंह पैकरा श्रीमती रजनी पिंटू मरकाम श्रीमती जयकुमारी प्रभु जगत सदस्यगण, श्रीमती वंदना गवेल परियोजना अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। -
सीएसआर मद से सिम्स के शिशुरोग विभाग को सौपे गये लगभग एक करोड़ का उपकरण*
*मरीजों से की मुलाकात, बेहतर इलाज करने दिए निर्देश*बिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज सवेरे सिम्स अस्पताल का औचक निरीक्षण किया । उन्होंने इस अवसर पर सीएसआर के तहत सीएमपीडी द्वारा सिम्स के शिशुरोग विभाग को लगभग एक करोड रुपए लागत के मेडिकल उपकरण सौंपे। जिसमें 07 नाग वेंटिलेटर मशीन, 06 फोटोथैरेपी मशीन, 03 स्ट्रेलाईजर, 03 ऑटोक्लेव मशीन, 02 बिलरूबीनोमीटर, 10 कील बैरो शामिल हैं। इस अवसर पर निगम आयुक्त अमितकुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर लखन सिंह, मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के नोडल डॉक्टर बीपी सिंह, सिम्स नोडल अधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र कश्यप उपस्थित थे।कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान सिम्स प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि मरीज हित में ओ.पी.डी. में आने वाले मरीजों की जानकारी के लिए एम.आर.डी. पास स्थित लोहे को दरवाजे के पास बोर्ड लगाने के लिए नगर निगम को दिशा निर्देश दिए। कैजुअल्टी ओ.पी.डी. में चिकित्सकों एवं मरीजों से चर्चा कर मरीजों को मिलने वाले सुविधाओं जैसे व्हील चेयर, ट्राली में मरीजों को वार्डों में पहुँचाने की जानकारी ली गई।एम.आर.डी. के ओ.पी.डी. और आई.पी.डी. पंजीयन कक्ष में आभा ऐप के माध्यम की जा रही पंजीयन की जानकारी एवं उचित दिशा निर्देश दिया गया। मरीजों को खडे न रहकर बैठक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए एवं प्रत्येक पंजीयन स्थल में आभा ऐप के बार कोड स्कैनर लगाने कहा गया। ट्रायज यूनिट की व्यवस्था का जायजा लेते हुए चिकित्सकों से जानकारी चाही गई कि एक्सीडेंटल केस किस क्षेत्र से ज्यादा संख्या में आते हैं । कैजुअल्टी वार्ड के मरीजों एवं परिजनों से चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली गई। इस दौरान बताया गया कि कैजुअल्टी वार्ड के एच डी यू यूनिट का कार्य सी.जी.एम.एस.सी. को जल्द कार्य पर्ण करने का निर्देश दिए गए। गायनिक वार्ड के निरीक्षण के दौरान परिजनों को बैठने के लिए और अधिक कुर्सियां लगाने एवं उनके समानों को रखने के लिए उचित व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिए। पीने के लिए पानी के जगह को साफ-सुथरा रखने एवं नए नल लगाने की दिशा निर्देश दिए।रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में सीटी स्कैन, एम.आर.आई. होने वाली संख्या के संबंध में जानकारी ली गई तथा रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट में डॉक्टरो की कमी को दूर करने के लिए उच्च स्तर पर शासन से बातचीत हेतु सहमति दी गई। निरीक्षण के दौरान व्यवस्था एवं साफ-सफाई से संतुष्ट हुए। -
भिलाई/ सुशासन तिहर 2025 के अंतर्गत नगर निगम भिलाई में कुल 1683 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें से मांग के संबंध में 1228, निराकृत हो गए हैं 1055, लंबित 173, इसी प्रकार शिकायत 455, निराकृत 343 लंबित 112 है। जो बच गया है उसका निराकरण किया जा रहा है। जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह सुशासन तिहार के संबंध में दुर्ग जिले के सभी नगर निगमों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई थी। इसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि निराकृत आवेदनों का औचक रूप से निरीक्षण भी किया जाए। इससे पब्लिक की संतुष्टि पता चल जाएगा। इसी तारतम में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन आयुक्त ऐसा लहरे के साथ जोन क्रमांक 2 में प्राप्त आवेदनों के निराकरण का सत्यापन करने के लिए वार्ड क्रमांक 15 पूर्णिमा गुप्ता के घर गए। उनकी समस्या थी कि उनका मकान नीचे हो जाने के कारण बारिश के समय उनके घर में पानी भरता है। जिससे उन सबको बहुत परेशानी होती है। इसके निराकरण के लिए प्रस्ताव बना करके प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किये। कहीं पर बैक लाइन सीवरेज की समस्या थी उसका भी निरीक्षण किये। शांति नगर पुलिस थाना सियान सदन के बगल में कुछ लोगों द्वारा नजूल जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया है। सभी को नोटिस देखकर कार्रवाई करने के लिए सहायक राजस्व प्रभारी सहायक शरद दुबे को निर्देशित किये। कुछ लोगों द्वारा लिखित शिकायत की गई थी कि वैशाली नगर में 20 दुकानों का आवंटन पूर्व साडा से हुआ है। उसमें कुछ लोग किराए पर अपनी दुकान चलवा रहे हैं। ऐसी शिकायत शिकायत मिली है। उसको भी जांच करने के लिए आदेशित किये। निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद संतोष मौर्या, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा अपने दल के साथ उपस्थित रहे।
- बकरी पालन से किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर कदमअफ्रीकन बोयर नस्ल से कृत्रिम गर्भाधान का नवाचाररायपुर/ किसानों को मिलेगा अतिरिक्त आर्थिक आय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और गरीब किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से बकरी पालन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशासन ने अभिनव पहल की है। अब जिले में जल्द ही अफ्रीकन नस्ल ’बोयर’ के बकरा-बकरी नजर आएंगे, जिनका वजन स्थानीय नस्ल की तुलना में तीन से चार गुना अधिक होगा है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम मिलेगा। बकरी पालन आर्थिक रूप से कमजोर और छोटे किसानों के लिए ’एटीएम’ की तरह कार्य करता है। इसे पालना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर बेचकर तत्काल नकद आय अर्जित की जा सकती है। स्थानीय नस्ल के बकरों का अधिकतम वजन 20 से 25 किलोग्राम तक होता है, लेकिन अब कृत्रिम गर्भाधान से अफ्रीकन बोयर जैसे भारी भरकम नस्ल के बकरा-बकरी पालने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिनका वजन 80 से 100 किलो तक होता है।प्रशासन की नवाचार पहल से मिलेगी आर्थिक मजबूतीकलेक्टर सरगुजा के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा 7800 सीमेन डोज मंगवाए गए हैं, जिनमें भारतीय नस्ल जमुनापारी, सिरोही, बारबरी के साथ पहली बार अफ्रीकन बोयर नस्ल के सीमेन भी शामिल हैं। ये सीमेन उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड, ऋषिकेश के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना में जिला पशु रोगी कल्याण समिति से भी आर्थिक सहयोग मिला है।वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि, यह पहली बार है जब अफ्रीकन बोयर नस्ल का सीमेन सरगुजा में उपलब्ध कराया गया है। सफेद रंग की इस नस्ल का गला और सिंग तक का भाग कत्थई रंग का होता है। वजन अधिक होने के कारण बकरी पालन से ग्रामीणों को लाभ भी अधिक मिलेगा।सफल नवाचार का सरगुजा जिले के हर ब्लॉक में होगा विस्तारछत्तीसगढ़ राज्य में सबसे पहले सूरजपुर और सरगुजा जिले में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की शुरुआत की गई थी। अब इस नवाचार को मिली सफलता के बाद सरगुजा जिले के सभी विकासखंडों में इसे लागू कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को बेहतर नस्ल की बकरी पालने और उससे अधिक आय प्राप्त होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।बकरी पालन से किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर कदमयह पहल न केवल ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्रदान करेंगे, जिससे बकरी पालक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे। प्रशासन और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयास से अब बकरी पालन सिर्फ आजीविका नहीं, बल्कि समृद्धि का जरिया बनता जा रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डंगनिया में भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ब्राम्हण समाज ने सदैव समाज को ज्ञान और संस्कार देने का कार्य किया है। उन्होंने भगवान परशुराम जन्मोत्सव की सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि भगवान परशुराम विष्णु के छठवें अवतार हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और प्रभु श्रीराम हमारे भाँचा हैं। रामलला मंदिर निर्माण छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव और आस्था का विषय है। ‘प्रभु श्रीराम दर्शन योजना’ के अंतर्गत अब तक 22,000 श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है, जिसमें श्रद्धालु सरकारी व्यय पर विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है और 44 प्रतिशत भूभाग वनों से आच्छादित है। नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। हमारी सरकार ने 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त कराने का संकल्प लिया है।उन्होंने बताया कि सरकार ने विकास के लिए एक सशक्त ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। डिजिटलीकरण के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, हम ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में ब्राम्हण समाज की भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने डेढ़ वर्ष के अल्पकाल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारा है। चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर देने की बात हो या किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाना—हमने हर वर्ग की भलाई के लिए काम किया है। बस्तर और सरगुजा में जनजातीय समाज के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रक्रियाओं, संस्थाओं और क्रियाओं के शुद्धिकरण का कार्य जारी है। राज्य निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। कौशल उन्नयन, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पीएससी में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच चल रही है, और कई दोषी जेल की सलाखों के पीछे हैं। उन्होंने कहा कि ब्राम्हण समाज एक प्रगतिशील समाज है, जिसने हमेशा विमर्श और विचारों का स्वागत किया है।इस अवसर पर महंत श्री वेदप्रकाशाचार्य, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री सुशांत शुक्ला, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, श्रीमती सुमन अशोक पांडेय, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील ब्राम्हण समाज अध्यक्ष श्री शिवांजल शिव गोविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -बिहार के बोधगया में 5 से 9 मई तक होंगी मल्लखंब की प्रतियोगिताएं-12 सदस्यीय दल में नारायणपुर के 9 युवा मल्लखंब खिलाड़ी शामिलरायपुर। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 बिहार के बोधगया में 4 से 15 मई तक आयोजित होगी। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 12 मल्लखंभ खिलाड़ी शामिल होंगे। इन खिलाड़ियों में नारायणपुर जिले के 9 मल्लखंब खिलाड़ी शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी अबूझमाड़ मल्लखंब और स्पोर्ट्स अकादमी से जुड़े हैं। मल्लखंब की प्रतियोगिताएं 5 से 9 मई तक आयोजित होंगी।खेल और युवा कल्याण अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार चयनित मल्लखंब खिलाड़ियों में 5 बालक और 4 बालिकाएं शामिल हैं। नारायणपुर जिले के चयनित खिलाड़ियों में ग्राम ओरछा की सरिता पोयाम, ग्राम मातला की मोनिका पोटाई, ग्राम कुंदला की दुर्गेश्वरी कुमेटी, ग्राम न्यानार की अनिता गोटा, ग्राम कुतुल के राकेश कुमार वढ़दा, ग्राम आसनार के मानू ध्रुव, ग्राम आसनार के राजेश कोर्राम, ग्राम पोकानार के मंगडू पोडियाम और ग्राम चिंगनार के मोनू नेताम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2 मई को खिलाड़ियों और कोच मनोज प्रसाद, महिला कोच पूनम प्रसाद और मैनेजर सौरव पाल खेलो इंडिया यूथ गेम्स में हिस्सा लेने बिहार रवाना हुए।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण व संसाधन उपलब्ध कराने हेतु विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ मल्लखंब और स्पोर्ट्स अकादमी में मल्लखंब खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सहित सभी आवश्यक सुविधाएं दी जा रही है। जिससे वे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सके।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की 59वीं जनरल काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में शिक्षा को बेहतर बनाने से संबंधित कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी उपस्थित थे।
- -अप्रैल 2025 में 4,135 करोड़ का संग्रहण-केरल, पंजाब और बिहार जैसे राज्यों को पछाड़ा- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किए गए सुधारों का असररायपुर । अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने 4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
- - भिलाई के उमरपोटी में आयोजित दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का दसवां दिनभिलाई। जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री श्रीश्वरी देवीजी के 13 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के दसवें दिन पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया।सुश्री श्रीश्वरी देवी जी ने बताया कि ईश्वर-प्राप्ति के केवल तीन उपाय अर्थात मार्ग हैं। आप कहेंगे, जब भौतिकवाद में अनेक उन्नतियाँ हो रही है तो ईश्वर-प्राप्ति में अनादिकाल से अब तक तीन ही मार्ग क्यों है? चौथे मार्ग की खोज आज तक किसी आध्यात्मिक वैज्ञानिक ने क्यों नहीं की ? पर शायद आप यह नहीं जानते की नेचर के विपरीत विज्ञान नही हुआ करता।आँख से अनादि काल से देखने का काम लिया जाता है । वह कार्य विज्ञान द्वारा भी कान नहीं कर सकता । उसी प्रकार इन तीनों का स्वभाविक विज्ञान है जिसे समझ लेने पर आपका यह भ्रम समाप्त हो जायेगा। वेदों, शास्त्रों, पुराणों आदि समस्त ग्रंथों में तीन हो मार्गों का प्रतिपादन किया गया है- प्रथम कर्म, द्वितीय ज्ञान एवं तृतीय भक्ति या उपासना। बस चौथा कोई मार्ग नहीं । यदि कहीं पढऩे, सुनने को मिलेगा तो वही इन्ही तीनों के अंतर्गत ही होगा ।इसका विज्ञान यह है कि ब्रम्हा की तीन स्वरूप शक्तियां हैं - सतब्रम्ह, चितब्रम्ह एवं आनंद ब्रम्ह। इसमें सत ब्रम्ह का स्वभाव कर्मवाला है, चितब्रम्ह का स्वभाव ज्ञान एवं आनंद ब्रम्ह का स्वभाव प्रेम का है । चौथा कोई स्वभाव ईश्वर का नहीं है और उसी का अनादि सनातन अंश होने के कारण प्रत्येक जीव का भी तीन प्रकार का स्वभाव हो सकता है - कर्म, ज्ञान और भक्ति का । जब चौथा स्वभाव है ही नहीं तो चौथा मार्ग कैसे बन सकता है ? अब एक-एक मार्ग पर गंभीर विचार करना है।गौरतलब है कि सुश्री श्रीश्वरी देवीजी द्वारा 13 दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक 22 से 5 मई तक शाम 6 से रात 8 बजे तक उमरपोटी श्रीजी पैलेस के सामने में किया जा रहा है।
- -सुशासन तिहार में शीघ्र ही श्रमिक कार्ड बनने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभारबालोद । सुशासन तिहार के तहत अपने आवेदनों के त्वरित निराकरण होने पर बालोद जिले के ग्राम करहीभदर की फगिनी बाई और डामिन बाई के चेहरे खिल उठे हैं। दोनो ही महिलाओं की जिंदगी मेहनत और उम्मीदों के इर्द-गिर्द घूमती थी। वे अपने गांव और आसपास के गांव में एक श्रमिक के रूप मे मजदूरी करती हैं। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए उनके पास जरूरी श्रमिक कार्ड नहीं था। उन्होंने पहले भी कोशिश की थी, लेकिन जानकारी की कमी से उनका यह काम अधूरा ही रह गया था। लेकिन इस बार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल ‘‘सुशासन तिहार 2025‘‘ ने उनकी इस समस्या का समाधान बड़ी ही आसानी से हो गया है। इस अभियान के तहत उनके श्रमिक कार्ड के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई हुई और अपने श्रमिक पंजीयन को देख, उनके चेहरों पर मुस्कान छा गई है।फगिनी बाई ने बताया कि वह भवन निर्माण तथा खेती कार्य में मजदूरी करती है। उसे प्रतिमाह महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिसका उपयोग वह अपने बच्चों की पढ़ाई में करती है। उसने बताया कि उसे श्रमिक कार्ड की जरूरत थी, ताकि वह श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ ले सकें। उसने सुशासन तिहार के शिविर में आवेदन किया, जिसके पश्चात श्रम विभाग के अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों की जॉच कर ऑनलाईन दर्ज किया और अब उन्हें श्रमिक कार्ड मिल गया है। कार्ड मिलते ही उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। उसने कहा कि, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे द्वारा दिए गए आवेदन पर इतनी जल्दी काम हो जाएगा। अब श्रमिक कार्ड मिलने से मुझे श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूॅ।इसी प्रकार डामिन बाई ने बताया कि श्रम विभाग ने उनके आवेदन को प्राथमिकता के साथ निराकरण किया और कुछ ही दिनों में श्रमिक कार्ड मिल गया। उसने अपना श्रमिक कार्ड थामते हुए कहा कि, “ये कार्ड मेरे लिए सिर्फ़ एक दस्तावेज़ नहीं है, यह मेरे परिवार के भविष्य के लिए जरूरी है। डामिन बाई ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “पहली बार लगा कि सरकार हमारी समस्याओं का हल तत्परता से कर रही है।” फगिनी बाई और डामिन बाई के चेहरों पर खिली मुस्कान इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सुशासन तिहार वास्तव में जनता की समस्याओं का समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस अभियान ने पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को नया आयाम दिया है। सुशासन तिहार सिर्फ़ एक अभियान नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच भरोसे का सेतु है।
- बिलासपुर /बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मोहदा, निपनिया, पिरैया, सरवानी एवं सिलपहरी में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायत, पंजीकृत महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, अन्य सहकारी समितियों, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम, वन सुरक्षा समितियों से कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी बिलासपुर द्वारा 16 मई 2025 तक आवेदन सीलबंद लिफाफे में मंगाए गए है।उचित मूल्य दुकान का संचालन ऐसे सकहारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूह को दिया जाएगा, जो आवेदन पत्र प्राप्त होने की तारीख से कम से कम तीन माह पूर्व पंजीकृत हो। पंजीयन प्रमाण पत्र में संबंधित पंचायत हेतु आवेदन स्वीकार किया जाएगा अन्य पंचायत का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूर्ण दस्तावेजों के अभाव में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन पत्र कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी बिलासपुर में सीलबंद बॉक्स में जमा करेंगे। बंद लिफाफे के ऊपर शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन हेतु आवेदन अनिवार्य रूप से लिखा होना है।आवेदन करने हेतु महिला स्व. सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का जीवित पंजीयन प्रमाण की छायाप्रति। बैंक खाता संचालन एवं तीन माह का बैंक स्टेटमेंट एवं कार्य अनुभव। शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालन हेतु समूह, समिति का सहमति सहित प्रस्ताव जिसमें समिति का कार्यक्षेत्र का भी उल्लेख। स्व. सहायता समूह एवं प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भण्डार का कार्यक्षेत्र संबंधी प्रमाणित प्रति जिसका उल्लेख पंजीयन प्रमाण-पत्र में पंजीयन प्रमाण-पत्र जारीकर्ता प्राधिकारी के प्रमाण-पत्र के साथ संलग्न, जिसमें पंचायत हेतु पंजीयन है। कार्यक्षेत्र का उल्लेख अनिवार्य रूप से हो। आवेदन पत्र एवं लिफाफे के ऊपरी भाग में जिस पंचायत के लिए आवेदन किया गया है, उस पंचायत का नाम का स्पष्ट उल्लेख किया जावें।
- बिलासपुर /अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के पदाधिकारियों द्वारा कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल का पुष्प गुछ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने पूर्व में जारी जिले के कर्मचारियों के समस्याओं के निराकरण हेतु जनदर्शन कार्यक्रम को प्रत्येक मंगलवार को आयोजित करने का आग्रह किया। जिस पर उन्होंने सहमति देते हुए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने कार्य को लगन के साथ करते हुए जिले में विकास कार्य को गति देने में योगदान देने कहा।इस अवसर पर संभाग प्रभारी श्री जी. आर. चंद्रा, जिला संयोजक डॉ. बी. पी. सोनी, महासचिव श्री किशोर शर्मा, जिला अध्यक्ष श्री रामकुमार यादव, श्री चंद्रशेखर पांडे, श्री अश्वनी तिवारी, श्री प्रमोद भारद्वाज, श्री डी. आर. श्रीवास, श्री राजेश्वर वस्त्रकार, श्री शिव यादव, श्री मनोज द्विवेदी, श्री उमेश कश्यप, श्री सी. के. जयसवाल, श्री अशोक आक्रेकर, शेफाली पांडे, नेहा ओगरे, मंजूलता पटेल, श्वेता गंधर्व, श्री विकास ठाकुर, श्री सोमेश प्रधान, श्री अशोक ब्रह्म भट्ट, श्री देवेंद्र केसरवानी, श्री विवेक गुप्ता, श्री शंकर श्रीवास उपस्थित थे।
- -प्रथम शिविर 5 मई को जयराम नगर एवं बरतोरी में-72 प्रतिशत आवेदनों का हो चुका निराकरणबिलासपुर, /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार के आवेदनों के निराकरण की ताजा प्रगति की जानकारी ली। अब तक 72 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। विभिन्न विभागों को मिले 2 लाख 8 हजार आवेदनों में से 1 लाख 49 हजार आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। शेष आवेदनों को बचे दो दिनों में निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सोमवार 5 मई से शुरू हो रहे समाधान शिविरों की तैयारी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी किसी भी शिविर में और कभी भी पहुंच सकते हैं। लिहाजा अधिकारी पूरी तैयारी के साथ तिहार की भावना के अनुरूप शिविरों में अपनी अनिवार्य उपस्थिति दिखाएं। आम जनता से संवेदनशीलता के साथ संवाद कर उनके दुख-दर्द को महसूस करते हुए सकारात्मक रूप से उनके आवेदनों का समाधान करें। समाधान शिविर की पहली कड़ी 5 मई को बरतोरी (बिल्हा) एवं जयराम नगर (मस्तूरी) में होगी।कलेक्टर ने कहा कि समस्या जिस विभाग से संबंधित है, उसी विभाग के पास पहुंच जाय, तभी उसका निदान संभव होगा। कुछ विभागों में आवेदन ट्रांसफर करने में हुए विलंब पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बैठक में सुशासन पोर्टल खोलकर निराकरण की गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने कुछ मिसाल देकर बताया कि समस्याओं का निपटारा कैसे किया जाये। श्री अग्रवाल ने कहा कि निराकरण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। यथासंभव प्रार्थी से चर्चा कर लिया जाये। जिनका काम किसी कारण से किया जाना संभव नहीं है, तो उन्हें जरूर बताएं। उन्हें नियम और प्रक्रिया संवेदनशीलता के साथ समझाएं। समाधान शिविरों में शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही निराकरण की स्थिति से भी अवगत कराया जायेगा। सामग्री वितरित भी की जायेगी। स्थानीय विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में समाधान शिविरों को आयोजन किया जायेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि शिविरों से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिला है। इसकी संक्षिप्त विवरण जनसम्पर्क विभाग को उपलब्ध कराएं ताकि इसका प्रचार प्रसार किया जा सके। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार, एडीएम आरए कुरूवंशी, शिवकुमार बनर्जी सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
- -सर्वश्रेष्ठ चावल प्रजनन वित्त पोषित केन्द्र का खिताब भी मिला-हैदराबाद में आयोजित धान परियोजना के हीरक जयंती समारोह में मिला पुरस्काररायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के ‘‘चावल समग्र अनुसंधान केन्द्र’’ को भारत में सर्वश्रेष्ठ केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को यह सम्मान भारतीय धान अनुसंधान केन्द्र, राजेन्द्रनगर, हैदराबाद में आयोजित धान की वार्षिक बैठक की हीरक जयंती समारोह में प्रदान प्रदान किया गया। इसके साथ ही अनुवांशिकी व पौध प्रजनन केंद्र रायपुर को सर्वश्रेष्ठ चावल प्रजनन वित्त पोषित केंद्र के रुप में भी पुरस्कृत किया गया। यह सम्मान कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. डी.के. यादव, उप महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक (एफ.एफ.सी.) डॉ. एस.के. प्रधान एवं कार्यक्रम के संयोजक एवं भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. आर.एम. सुंदरम की उपस्थिति में प्रदान किया गया। सम्मान समारोह भारतीय धान अनुसंधान केन्द्र, राजेन्द्रनगर, हैदराबाद, केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान, कटक, भारतीय धान अनुसंधान, नई दिल्ली एवं धान अनुसंधान एडवांसमेंट समिति द्वारा आयोजित किया गया। इस अवसर पर धान अनुसंधान के 60 से अधिक केंद्रों के 500 से ज्यादा धान वैज्ञानिक उपस्थित थे। इस उपलब्धि हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने परियोजना के समस्त वैज्ञानिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चन्देल के कुशल नेतृत्व में भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (धान) 2024-25 के दौरान अखिल भारतीय समन्वित परीक्षणों और चावल अनुसंधान गतिविधियों के संचालन हेतु उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के चावल अनुसंधान केन्द्र को अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (धान) के तहत सर्वश्रेष्ठ फसल सुधार केन्द्र के रूप में सम्मानित किया गया है। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में डॉ. आर.एच. रिछारिया द्वारा संग्रहित 23 हजार से अधिक धान जनन द्रव्यों का रखरखाव किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में स्थित धान जनन द्रव्य केंद्र एशिया महाद्वीप का सर्वश्रेष्ठ केंद्र धान जनन द्रव्य केन्द्र है। इन्ही जनन द्रव्यों के उपयोग द्वारा धान की बहुत सी विपुल उत्पादन देनी वाली किस्में, संकर किस्में, पोहा उत्पादक, पोषण तत्व, औषधीय गुण युक्त एवं कीट व रोग प्रतिरोधक किस्में विकसित की गई हैं, जिनमें महामाया, राजेश्वरी, छत्तीसगढ़ देवभोग, विक्रम टी.सी.आर., छत्तीसगढ़ धान 1919, छत्तीसगढ़ बारानी धान, छत्तीसगढ़ संकर धान, इंदिरा सोना, छत्तीसगढ़ ट्राम्बे, विष्णु भोग म्यूटेंट, भव्या धान, सी.जी. तेजस धान, जिंको राइस, प्रोटाजीन व मधुराज प्रमुख हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि में परियोजना के वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा, परियोजना समन्वयक डॉ. प्रदीप कुमार तिवारी, डॉ संजय शर्मा, डॉ अनिल वर्मा, डॉ सुनील नायर, डॉ. दीपक गौराहा, डॉं. अभिनव साव एवं डॉ. वी.बी. कुरुवंशी का उल्लेखनीय योगदान रहा है।
- दुर्ग, / जिले में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत विभागों को प्राप्त आवेदन और उसके निराकरण की समीक्षा के संबंध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला नोडल अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह ने विभागों को प्राप्त मांग/शिकायत आवेदन एवं निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवेदन निराकरण के पश्चात् की गई कार्यवाही भी अपलोड करने निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक निर्माण विभाग, पीएचई, मुख्य मंत्री सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, खाद्य, जिला रोजगार एवं मार्गदर्शन केन्द्र, अंत्यावसायी, श्रम, जिला परिवहन विभाग, उद्योग एवं व्यापार, शिक्षा, सर्व शिक्षा अभियान, आदिवासी विकास विभाग, आरईएस, जिला आबकारी, जिला एवं साख्यिकी विभाग, पशु पालन, मछली पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए। सभी विभाग के अधिकारियों के द्वारा विभाग में प्राप्त मांग एवं शिकायत के निराकरण की जानकारी से अवगत कराया गया। अपर कलेक्टर श्री सिंह द्वारा आंॅनलाईन निराकरण की समीक्षा में पाई गई कमियों को शाीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए गए।
- -खेल में शामिल होने पंजीयन की अंतिम तिथि 06 मईबालोद । खेलो इंडिया के तहत अस्मिता सिटी लीग की शुरूआत की गई है। जिसके अंतर्गत बालोद जिले में अस्मिता सिटी लीग वेटलिफ्टिंग अंडर-19 महिला वर्ग का आयोजन 07 मई 205 को खेलो इंडिया वेटलिफ्टिंग लघु केन्द्र दल्लीराजहरा में किया जाएगा। अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि इच्छुक महिला प्रतिभागी की आयु 01 अपै्रल 2025 की स्थिति में 19 वर्ष या इससे कम होना चाहिए। पात्र प्रतिभागी 06 मई 2025 को शाम 05 बजे तक आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज के साथ कार्यालय खेल अधिकारी, खेल एवं युवा कल्याण जिला बालोद, सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान अथवा मो.नं. 8305819579 में संपर्क कर व्हाटसएप्प के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अस्मिता सिटी लीग का उद्देश्य महिलाओं के बीच खेलो को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर महिलाओं को खेल के लिए प्रेरित करना और उभरती हुई प्रतिभाओं को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में अधिक जानकारी मो.नं. 8305819579 एवं मो.न. 6265319709 से संपर्क प्राप्त कर सकते हैं।
- -कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु नोडल अधिकारी नियुक्तबालोद । राज्य शासन के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सुशासन तिहार के प्रथम चरण के अंतर्गत आम जनता से प्राप्त आवेदनों के निराकरण संबंधी जानकारी आवेदकों एवं आम नागरिकों को देने हेतु सुशासन तिहार के तृतीय एवं अंतिम चरण के अंतर्गत बालोद जिले में 05 मई से समाधान शिविरों के आयोजनों का सिलसिला प्रारंभ हो जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देंशानुसार जिले के सभी विकासखण्डों के अलग-अलग स्थानों पर 05 मई से 31 मई तक आयोजित होने वाली समाधान शिविरों के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित कर ली गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार प्रत्येक समाधान शिविरों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर का आगाज 05 मई को बालोद विकासखण्ड के ग्राम लाटाबोड़ से किया जाएगा। जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार शासकीय हाई स्कूल मैदान लाटाबोड़ में 05 मई 2025 को ’समाधान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। ग्राम लाटाबोड में आयोजित समाधान शिविर में बालोद विकासखण्ड के ग्राम टेकापार, नेवारीकला, देवीनवागांव, अरौद, भोईनापार, खपरी, लोण्डी, बेलमाण्ड, पड़कीभाट, उमरादाह, हीरापुर, झलमला, सिवनी एवं बोरी के निवासी शामिल होंगे।इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के शाला मैदान खल्लारी में 06 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस समाधान शिविर में डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अड़जाल, दानीटोला, भैंसबोड़, सुवरबोड़, गुजरा, धोबिन अ, धोबिन ब, टेकाडोढ़ा के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह 07 मई 2025 को गुरुर विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान सनौद मंे समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरुर विकासखंड के ग्राम पिकरीपार, अरमरीकला, अरकार, हसदा, डोटोपार, भिरई, बोहारा, सांगली, ओझागहन, मोहारा, कोसागोंदी, जेवतरतला, डांडेसरा के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत भवन मोंहदीपाट में 08 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखंड के देवरी द, गोड़ेला, खुरसूनी, चीरचार, जेवरतला, बोड़ेना, सिब्दी, भरदाकला, मोंहदीपाट, बघेली, खुरसूल, गब्दी के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल मैदान नाहंदा में 9 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम महाराजुपर, गिधवा, पिनकापार, मुजगहन, चे.ब. नवागांव, जेवरतला, रानीतराई, भरदा, हरदी, औंरी, टटेंगा, नाहंदा, पीपरखार ना, संबलपुर क, खामतराई, देवरी, खपराभाठ, सुरसुली, कुआगांव, मार्री, बेहराभाठा, फुलसुन्दरी, रीवागहन के निवासी शामिल होंगे।इसी तरह नगर पंचायत चिखलाकसा में 10 मई 2025 को कार्यालय भवन नगर पंचायत चिखलाकसा में नगर पंचायत के समस्त वार्डों के लिए समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह बालोद विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल मैदान जुंगेरा में 10 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के ग्राम परसदा, सांकरा (ज), दरबारी नवागांव, जगन्नाथपुर, घुमका, कोहंगाटोला, तरौद, मनौद, खेरथाडीह, जुंगेरा, भोथली, ओरमा, बघमरा, डेंगरापार, खैरतराई के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान सुरेगांव में 13 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम बीजाभांठा, हथौद, डेंगरापार, रानीतराई (कि), किसना, सिंगारपुर, भालूकोन्हा हड़गहन, भुरकाभाट, मनकी (क), केवट नवागांव, सुरेगांव, झिटिया, परसाडीह (सु), फरदफोड़, भण्डेरा पसौद, परसुली, मुढ़िया, भेड़ी (सु) अहि. नवागांव के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय हाई स्कूल ओडारसकरी में 13 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम माहूद (अ), डुड़िया, मटिया (अ), देवगहन, ओड़ारसकरी, चीचा, भिलाई, तिलखैरी, गुरेदा, भरदाखुर्द, डंगनिया, नाहंदा, देवरी (ख) के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान गुदुम में 14 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम उकारी, अवारी, नर्रालगुड़ा, पुसावड़, गुदुम, बम्हनी, छिंदगांव, मरकाटोला के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के हायर सेकण्डरी स्कूल मैदान कनेरी में 14 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरूर विकासखण्ड के ग्राम कोलिहामार, बोरतरा, भूलनडबरी, ठेकवाडीह, बोहारडीह, कन्हारपुरी, कुलिया, कनेरी, मोखा, दरगहन, खर्रा, दुपचेरा, धनेली, बोड़रा, भोथली के निवासी शामिल होंगे।इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान खेरथाबाजार में 15 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के आसरा, घीना, कसहीकला, पापरा, बुन्देली, मुड़खुसरा, भीमकन्हार खेरथाबाजार, राघोनवागांव, गहिरा नयागांव, भरनाभाट, रानाखुज्जी, आतरगांव, मनकी (सा.) अछोली, गारका, आलीखुंटा, परसाडीह (ज), कापसी, संजारी, गंजईडीह, सोरली, कोटेरा, अण्डी के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पालिका परिषद बालोद अंतर्गत 15 मई 2025 को सरदार पटेल मैदान में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पालिका परिषद बालोद के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के जगभाठाा सिरसिदा में 16 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम ओटेबंद, डौकीडीह, खप्परवाड़ा, सिरसिदा, परसदा डंग, देवरी (क), अर्जुनी, गोरकापार, पांगरी, सुखरी, तमोरा, सिर्री, तिलोदा, साजा, भेण्डरा, कचान्दुर के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के हायर सेकण्डरी स्कूल मैदान पेण्डरवानी में 16 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पेंडरवानी, देवकोट, गंगोरीपार, बासीन, परसुली, डढारी, खुंदनी, पेरपार, अकलवारा, सरबदा, फागुन्दाह, दर्रा, कंवर के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भवन भाठागांव आर में 19 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भाठागांव आर, रनचिरई, जरवाय, जोरातराई, मुन्देरा, खलारी, खुटेरी भ, भटगांव, डोगीतराई, किलेपार, कसौन्दा, परसाही, मचौद, रूदा, तवेरा, राहूद, सकरौद के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान कोचवाही में 19 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धानापुरी, हितेकसा, सोनईडोंगरी, नारागांव, बड़भूम, कर्रेझर, पोंड़, कोचवाही के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान सुरडोंगर में 20 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम सुरडोंगर, लिमउडीह, चिहरो, आमाडूला, मथेना, काड़े, कुंवागोंदी, मरदेल के निवासी शामिल होंगे।इसी तरह नगर पंचायत गुरूर अंतर्गत 20 मई 2025 को कार्यालय नगर पंचायत गुरूर में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पंचायत गुरूर के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भवन अर्जुनी टिकरी में 21 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विकासखण्ड गुण्डरदेही के ग्राम चंदनबिरही, चिचलगोंदी, रौना, कान्दूल, अर्जुनी टिकरी, बोरगहन, अ. परसतराई, परना, रेहची, खर्रा, कोटगांव, सनौद के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान दुधली में 21 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संबलपुर (लो), सेम्हरडीह, बिजौरा, कोचेरा, कोबा, खैरा, खपरी, दुधली रेंगनी, खरथुली, चिल्हाटीकला, बड़गांव, भेडी (लो), धनगांव, कसही (लो), सिवनी, बटेरा, भरदा (लो), बैहाकुंआ, कोरगुड़ा, गैंजी के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पंचायत गुण्डरदेही में 22 मई 2025 को कार्यालय जनपद रोड सामुदायिक वार्ड 13 गुण्डरदेही में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पंचायत गुण्डरदेही के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के स्कूल मैदान कोटागांव में 22 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव, आडेझर, सल्हाईटोला, खैरवाही, कामता, कुमुड़कट्टा, नलकसा, कोपेडेरा, चिखली, साल्हे, धोतिमटोला, नर्राटोला के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा में 23 मई 2025 को बीएसपी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केन्द्र क्रमांक 02 में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह बालोद विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र के पास सांकरा क में 23 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के ग्राम मुजगहन, जगतरा, जामगांव बी. करहीभदर, कन्नेवाड़ा, परेंगुड़ा, सांकरा क. जमरूवा, देवारभाट, मटिया वी, मुल्लेगुड़ा, मालगांव, नर्रा, बरही, चिरईगोड़ी, हथौद के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र कुरदी में 24 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खेरूद, कोडे़वा, धनगांव, डुण्डेरा, नवागांव डु, बासीन, पिरीद, कुरदी, चौरेल, कोंगनी, कमरौद, सांकरी, खुटरी (खे.), पैरी, गोंगरी, सलौनी के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पंचायत डौण्डी में 24 मई 2025 को कार्यालय भवन डौण्डी में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पंचायत डौण्डी के समस्त वार्डवासी शामिल हो सकते हैं। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के बाजार स्थल पटेली में 26 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पटेली, पचेड़ा, पेण्ड्री, घोटिया, सिंघोला, बेलोदा, मंगलतराई, भर्रीटोला 36, ढोर्रीठेमा, कुंजकन्हार, ठेमाबुजुर्ग, सिंगनवाही, बोरगांव के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान मंगचुवा में 26 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम भीमपुरी, खैरकट्टा, चिलमगोटा, रेंगाडबरी, भीमाटोला, जुन्नापानी, मंगचुवा, तुरमुड़ा, करतुटोला, दल्ली, कर्रेंगांव, कमकापार, हितापठार, बड़ाजुंगेरा, कोड़ेकसा पीपरखार (ख) के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के हायर सेकण्डरी स्कूल भाठागांव बी में 27 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खुटेरी रंग, रेंगाकठेरा, सिकोसा, लिमोरा, ईरागुड़ा, सरेखा, दनिया, भाठागांव बी, बिरेतरा, माहूद बी, पसौद, मटिया ह, चिचबोड़, हल्दी, बेलौदी. सियनमरा के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में 27 मई 2025 को कार्यालय भवन डौण्डीलोहारा में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के स्कूल मैदान बोरिदकला में 28 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरूर विकासखण्ड के ग्राम मिर्रीटोला, आनंदपुर, बागतराई, चंदनबिरही, उसरवारा, कुम्हारखान, चिटौद, बोरिदकला, बालोदगहन, गुड़गहन, भेजामैदानी के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पंचायत अर्जुंदा में 28 मई 2025 को बाजार चौक वार्ड 14 नगर पंचायत अर्जुंदा में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पंचायत अर्जुंदा के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान खोलझर में 29 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम तुमड़ीकसा, चिखली, भंवरमरा, अरजपुरी, खोलझर, पिंगाल, किल्लेकोड़ा, झरनटोला, कोसमी, खड़बत्तर, बंजारी, जाटादाह बगईकोन्हा, मड़ियाकट्टा, सहगांव के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह बालोद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भवन पीपरछेड़ी में 29 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बालोद विकासखण्ड के ग्राम भेंगारी, पीपरछेडी, निपानी, तमोरा, अगोरा, लिमोरा, भेंड़िया नवागांव, बोड़की, पोण्डी, परसोदा, चिचबोड़, अंगारी, चारवाही, बिरेतरा के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला रजोजी में 30 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम चारभाठा, पेण्डरी, कलंगपुर, बोरगहन फु, बोदल, रजोली, मोखा, परसदा मो, कजराबांधा, बरबसपुर, खपरी ब, कुथरेल, अचौद, भूसरेंगा, सतमरा के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के हाई स्कूल मैदान कुसुमकसा में 30 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसुमकसा, गिधाली, भर्रीटोला 43, चिपरा, रजही, पथराटोला, अरमुरकसा, कारूटोला, धोबेदण्ड, बिटाल, खम्हारटोला, धुर्वाटोला के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह नगर पंचायत पलारी में 31 मई 2025 को नगर पंचायत भवन पलारी में समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें नगर पंचायत पलारी के समस्त वार्डवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के खेल मैदान धनोरा में 31 मई 2025 को समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें गुरूर विकासखण्ड के ग्राम सोरर, बगदई, सोंहपुर, अर्जुनी, रमतरा, सुर्रा, भानपुरी, छेड़िया, कपरमेटा, टेंगना बरपारा, भरदा, धनोरा, पेंवरो, घोघोपुरी, तार्री, धोबनपुरी के निवासी शामिल होंगे। समाधान शिविरों का आयोजन निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक किया जाएगा।
- -दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 06 मईबालोद,। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 व नियम 2020 के प्रावधानों व लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 39 के अधीन सपोर्ट पर्सन हेतु रूचि के अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई थी। उन्होंने बताया कि रूचि के अभिव्यक्ति के परीक्षण उपरांत जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा पात्र एवं अपात्र सूची जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग के सूचना पटल पर जारी कर दी गई है। उक्त संबंध में दावा आपत्ति 06 मई 2025 को शाम 05 बजे तक संयुक्त जिला कार्यालय के जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के कक्ष क्रमांक 82 में प्रस्तुत किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात् दावा आपत्ति स्वीकार नही की जाएगी।
- -राजस्व, पुलिस, जेल, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और शासकीय अभियोजक हुए बैठक में शामिलरायपुर । कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने नए कानून को लेकर बैठक ली। सभाकक्ष में राजस्व विभाग, पुलिस एवं जेल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम के अधिकारीगण और शासकीय अभियोजक उपस्थित रहे। उन्होंने सभी को नए कानून की जानकारी रखने और हर शासकीय कार्यालय में भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की किताबें रखने कहा।कलेक्टर डॉ. सिंह ने जिला अस्पताल और वहां के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम की जानकारी ली। उन्होंने पीएम रिपोर्ट जल्द जारी करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला अस्पताल, मेकाहारा, एम्स में पेंडिंग बेड हेड टिकटों की जानकारी ली। कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि जिस मामले में निर्धारित समय सीमा 60 या 90 दिन तय है, उनके चालान समय पर पेश किया जाएं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर निर्देश और सुझाव की समीक्षा के लिए बैठक ली जाएगी।एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने कहा कि बेड हेड टिकट का फार्मेट तैयार करें ताकि जल्द रिपोर्ट दी जा सके। उन्होंने मुलायजा रिपोर्ट की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द रिपोर्ट सौंपने कहा। रिपोर्ट की वजह से कोई केस लंबित हो तो तुरंत बताएं ताकि आगामी मीटिंग में उसका निराकरण किया जा सके। उन्होंने सीएमएचओ से कहा कि वे जल्द रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को सौंपने कहा। वहीं, तहसीलदार से थानों से आए रिपोर्ट बनाने कहा।एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने बैठक में प्रस्तुत हिट एंड रन रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी अपने कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम तैयार कर लें ताकि ऑनलाइन गवाही आसानी से हो सके। नए कानून का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें और आमजनों को जीरो एफआईआर और ई-साक्ष्य एवं नए कानून के प्रति जागरूक करने कहा।बैठक में रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, श्रीमती निधि साहू, एडीएम श्री देवेंद्र पटेल, एडिश्नल एसपी, एसडीएम एवं समस्त पुलिस अधिकारी, शासकीय अभियोजक, सीएमएचओ आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- - महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय पदक विजेता सभासद खिलाड़ी को देंगे प्रशिक्षण- कैंप के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ टीम से हैदराबाद में 23 से शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में खेलने का मिलेगा अवसररायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में शनिवार, तीन मई को सुबह 7:00 बजे से रिंग फाइट कैंप शुरू हो रहा है। इसमें कई राष्ट्रीय खेलों में पदक जीत चुके महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष व क्रीड़ा समिति की समन्वयक गीता दलाल, सह सचिव मालती मिश्रा, प्रवीण क्षीरसागर, ओपी कटारिया, वार्तिका शिवसागर जैसे अनेक दिग्गज खिलाड़ी कैंप में प्रतिभागियों को रिंग फाइट की बारीकियां सिखाकर प्रशिक्षण भी देंगे।छत्तीसगढ़ रिंग फाइट एसोसिएशन के अध्यक्ष चेतन दंडवते ने बताया कि 12 वर्ष से अधिक आयु के अनेक किशोर- किशोरियां शिविर में शामिल होंगे। अभी भी किसी को यह लगता है कि उसे रिंग फाइट में अपना भविष्य बनाना है, तो उसके लिए प्रॉपर ट्रेनिंग संत ज्ञानेश्वर स्कूल प्रांगण में सुबह 7:00 बजे कैंप में शामिल हो सकते हैं।महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष व खेल समिति की समन्वयक गीता दलाल के अनुसार कैंप में जो खिलाडी ट्रेनिंग लेंगे, उनमें से कैंप के समापन पर प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चयनित कर छत्तीसगढ़ की टीम बनाई जाएगी। यह टीम प्रथम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। इस प्रतियोगिता में बंगलादेश, श्रीलंका, नेपाल, इराक और भारत जैसे देशों की टीमें शामिल होंगी। गीता के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता हैदराबाद में 23 से 26 मई तक आयोजित की जा रही है।
- - शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण जनहित में हो- नवीन कानूनों का हो बेहतर क्रियान्वयन- राजस्व प्रकरणों के अंतिम निर्णय पर पीठासीन अधिकारी का नाम भी उल्लेखित हो- संभाग स्तरीय कलेक्टर्स कांफ्रेंस संपन्नदुर्ग / दुर्ग संभाग आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आज संभाग स्तरीय कलेक्टर्स कांफ्रेंस आयोजित की गई। संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर की अध्यक्षता में आयोजित इस कांफ्रेंस में राजनांदगांव के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, बेमेतरा के कलेक्टर श्री रणवीर शर्मा, कबीरधाम के कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, बालोद की कलेक्टर श्रीमती सुश्री दिव्या मिश्रा एवं दुर्ग के सहायक कलेक्टर श्री बबन अभिजीत पठारे तथा जिला पंचातय सीईओ क्रमशः सुश्री सुरूचि सिंह, श्री टेकचंद अग्रवाल, श्री अजय त्रिपाठी, श्री प्रेम पटेल, सुश्री भारती चन्द्राकर, श्री चन्द्रकांत कौशिक एवं श्री बजरंग दुबे सम्मिलित हुए।बैठक में एजेंडावार समीक्षा करते हुए संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने कहा कि प्रदेश स्तरीय सुशासन तिहार के अंतर्गत दुर्ग संभाग में तृतीय चरण मंे समाधान शिविरों का आयोजन बेहतर ढंग से सफलपूर्वक संपन्न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। आवेदनों का निराकरण गुणवत्तापूर्वक हो। शिकायते संबंधी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। उन्होंने जिलों के कलेक्टरों से आवेदन निराकरण के संबंध में जानकारी ली। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि सुशासन तिहार अंतर्गत दुर्ग संभाग में मांग एवं शिकायत संबंधी कुल 781195 आवेदन प्राप्त हुए है। जिसमें अब तक 528951 आवेदन निराकृत किये गये हैं। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। कलेक्टर, शालाओं के युक्तियुक्तकरण सावधानीपूर्वक जनहित में करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गर्मी के मौसम में जिलेवार बसाहटों में स्थापित हैण्डपम्प की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए पेयजल एवं निस्तारी की समुचित प्रबंध करने कहा। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय को अमल कराने पर जोर देते हुए संभाग के सभी जिलों में सड़क सुरक्षा एवं ध्वनि प्रदूषण पर कारगर पहल करने कलेक्टरों को निर्देशित किया। साथ ही आदेशों का कड़ाई से पालन कराने कहा। इसी प्रकार 01 जुलाई 2024 से प्रावधानित 03 नवीन कानूनों के क्रियान्वयन जिलों में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुलभ न्याय और त्वरित न्याय की दृष्टि से यह एक अच्छा कदम है। इन नवीन कानूनों का क्रियान्वयन ऐसा हो कि लोगों को न्यायालय तक आने की जरूरत न पड़े।संभाग आयुक्त श्री राठौर ने भारत माला परियोजना अंतर्गत भू-अर्जन के संबंध में निर्धारित बिन्दुओं के अनुसार संपूर्ण प्रक्रिया की जांच करने संबंधित कलेक्टरों को निर्देशित किया। गड़बड़ी पाये जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिलेवार लंबित राजस्व प्रकरणों के संबंध में कलेक्टरों को समय-सीमा प्रकरण में निराकृत कराने के निर्देश दिये। उन्होंनेेे कहा कि राजस्व प्रकरणों के फाइनल आर्डर में पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर के साथ उनका नाम भी उल्लेखित हो। संभाग आयुक्त ने कहा कि सभी कलेक्टर पांच वर्ष से अधिक वाले राजस्व प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता के साथ निराकृत करायें। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र में जिलों में वृहद पैमाने पर पौधरोपण के लिए अभी से जिलेवार कार्ययोजना बनायी जाए। कार्यालयीन अनुशासन पर विशेष ध्यान देवें। अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन समय पर ध्यान रखें और आम जनता से मधुर व्यवहार करें। बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुम लाल यादव, संयुक्त संचालक शिक्षा श्री आर.एल. ठाकुर एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -मेसर्स रैक बैंक के एआई डाटा सेंटर का होगा शिलान्यासरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 3 मई को नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग की नवाचार आधारित 10 नवीन सुविधाओं का शुभारंभ और मेसर्स रैक बैंक द्वारा प्रस्तावित अत्याधुनिक एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास भी करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य के डिजिटल बुनियादी ढ़ांचे को सुदृढ़ बनाने और आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल तथा तकनीकी सुलभ सेवाएं प्रदान करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम होगा।पंजीयन विभाग द्वारा आम नागरिकों की सुविधा, पारदर्शिता और दस्तावेजों की सुरक्षा के उद्देश्य से पंजीयन प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सरल बनाया गया है। इन सुविधाओं में आधार आधारित प्रमाणीकरण, ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, कैशलेस भुगतान, डिजीलॉकर, व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, घर बैठे रजिस्ट्री, डिजीडॉक्यूमेंट, स्वतः नामांतरण जैसी तकनीकी सेवाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं से रजिस्ट्री प्रक्रिया, पेपरलेस सुरक्षित और नागरिकों के लिए सहज हो सकेगी। अब आम नागरिक रजिस्ट्री से जुड़ी सेवाएं घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय, श्रम और धन की बचत होगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा जिस एआई डाटा सेंटर का शिलान्यास किया जाएगा, वह नवा रायपुर के सेक्टर 22 में विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। प्रथम चरण में 5 मेगावॉट क्षमता का यह केंद्र पर्यावरण संरक्षण मानकों का पालन करते हुए सौर ऊर्जा आधारित होगा तथा भविष्य में इसकी क्षमता 150 मेगावॉट तक विस्तार की जा सकेगी। लगभग 1000 करोड़ के निवेश वाली इस परियोजना से 500 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह इकाई राज्य की औद्योगिक नीति वर्ष 2024-30 के तहत एंकर यूनिट के रूप में विकसित होगी। इसके साथ ही राज्य में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेवाओं से जुड़े एक नए इको-सिस्टम के विकास की नींव रखी जाएगी।
- -शुरू हुआ एसडीएम लिंक कोर्ट-हर गुरुवार को होगी राजस्व मामलों की सुनवाई-लोगों को अब नहीं जाना होगा दूररायपुर / जनहित को सर्वाेपरि रखने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। सुशासन तिहार के दौरान आम नागरिकों की लंबे समय से मांग को देखते हुए, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा भटगांववासियों को बड़ी सौगात दी है। अब हर गुरुवार को भटगांव तहसील कार्यालय में एसडीएम लिंक कोर्ट लगेगा, जिससे लोगों को राजस्व मामलों के लिए अब बिलाईगढ़, सारंगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ डॉ. कन्नौजे द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलाईगढ़ का न्यायालय अब प्रत्येक गुरुवार को अस्थाई रूप से तहसील कार्यालय भटगांव में लगेगा। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। इस लिंक कोर्ट से सरसीवां और भटगांव तहसील से संबंधित राजस्व, दाण्डिक और समस्त न्यायालयीन प्रकरणों की सुनवाई और त्वरित निपटारा संभव हो सकेगा। इसके जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और न्याय के लिए आमजन की पहुंच आसान होगी।इस निर्णय से क्षेत्र के नागरिकों में हर्ष व्याप्त है। लंबे समय से राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए लोगों को बिलाईगढ़ या सारंगढ़ जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही न्यायिक कार्यवाही होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे न्याय व्यवस्था और राजस्व प्रशासन दोनों को सुदृढ़ता मिलेगी। यह लिंक कोर्ट सुशासन के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। भटगांव में एसडीएम लिंक कोर्ट की शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में ठोस बदलाव लाने का माध्यम बन चुका है।
- *व्यक्तिगत शिकायतों का निराकरण युद्धस्तर पर जारी* जंगलों तथा खेतों में सुधार दूसरे चरण मेें* मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा निरंतर निगरानीरायपुर । 1 मई की शाम अनायास तेज आंधी-तूफान के कारण रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव तथा जगदलपुर क्षेत्र में पेड़ गिरने तथा तेज हवा के कारण 1000 से अधिक बिजली के खम्भे टूटे। 1217 लाइनें क्षतिग्रस्त हुई जिससे ज्यादातर फीडरों से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा तेजी से सुधार तथा आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिये गये तथा किये जाने वाले कार्याें पर लगातार नजर रखी गई। ऊर्जा सचिव की निगरानी में मैदानी विद्युत अमले ने दिन-रात एक करके विद्युत प्रदाय सामान्य बनाने का कार्य युद्धस्तर पर किया। प्रबंध निदेशक, वितरण कंपनी श्री भीमसिंह कंवर ने बताया कि आज की स्थिति में आंधी-तूफान प्रभावित ज्यादातर आबादी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य हो गई हैं। आज भी रात भर कार्य किया जायेगा। वहीं खेतों तथा वन क्षेत्रों में दूसरे चरण में शीघ्र ही सुधार कार्य कर स्थिति को सामान्य बनाया जायेगा।वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विभिन्न जिलों में 01 मई 2025 को आये तेज आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों पर पेड़, फ्लेक्स, शेड, होर्डिंग्स तथा अन्य स्ट्रक्चरर्स गिरने के कारण 33 के.व्ही. एवं 11 के.व्ही. विद्युत नेटवर्क ट्रिप हुआ व आपूर्ति बाधित हुई। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सर्वप्रथम ग्राउंड पेट्रोलिंग करते हुए लाईनों पर गिरे हुए पेड़, फ्लेक्स, शेड, होर्डिंग्स को हटाने की त्वरित कार्यवाही की गई। अनेक स्थानों पर स्थानीय निकायों तथा जिला प्रशासन की मदद भी लाइन पर गिरी चीजें हटाने में ली गई।रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री संदीप वर्मा ने बताया कि रायपुर ग्रामीण बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद एवं गरियाबंद जिला में बड़े पैमाने पर पेड़ आदि के गिरने के कारण लाईनों के तार, क्रॉसआर्म, इन्सुलेटर तथा कई पोल क्षतिग्रस्त होकर टूट गए। 33 के.व्ही. लाइन में 03 नग पोल टूटने के कारण, 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र हथबंध की सप्लाई पूर्ण रूप से बाधित हो गई थी, जिसे 24 घंटो के अंदर पोल खड़े कर चालू कर दिया गया। इसी प्रकार 11 केवी तथा निम्नदाब लाइनों के 807 खम्भे भी क्षतिग्रस्त हुये हैं। 11 के.व्ही. के 27 नग फीडर की सप्लाई बाधित हुई है। 350 आबादी बस्तियों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई थी जिसमें से मात्र 45 बस्तियों में कार्य शेष हैं। शेष सभी में आपूर्ति नियमित कर दी गई हैं।संचारण-संधारण निकाय के अतिरिक्त लाईनों के संधारण एवं मॉनिटरिंग कार्य हेतु सतर्कता, एस.टी.एम., परियोजना संकाय के अधिकारी-कर्मचारी एवं ठेकेदारों की टीम गठित कर त्वरित सुधार कार्य में सम्पूर्ण विद्युत अमला लगा दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप शहरी क्षेत्रो में रात्रि में ही विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई है तथा ग्रामीण क्षेत्रो के बस्तियों में पेयजल आपूर्ति को देखते हुए प्राथमिकता के तौर पर टूटे पोल बदले जा रहे है, जिसे चालू करने का कार्य युद्धस्तर पर किया गया, इसके साथ ही कृषि कनेक्शनों की लाइनों का भी संधारण अतिशीघ्र पूर्ण कर सप्लाई पूर्ण रूप से सामान्य करने हेतु सार्थक प्रयास जारी हैं।रायपुर शहर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री एम.जामुलकर ने बताया कि रायपुर शहर अंतर्गत 33 तथा 11 केवी के 36 खम्भे टूटे थे। 126 लाइनें बाधित हुई थी। वहीं निम्न दाब की 430 लाइनें भी बाधित हुई थी। 93 उपकेन्द्रों विद्युत आपूर्ति बंद हो गई थी। रातभर तथा आज दिनभर सुधार का काम चला। हांलाकि रायपुर शहर में 1 मई की शाम 7 बजे से ही विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से प्रारंभ कर दी गई थी लेकिन जैसे-जैसे सुधार होता गया, आधी रात तक 33 केवी के सभी कार्य पूर्ण कर लिये गये। सुबह तक 11 केवी के 49 फीडर भी शुरू कर दिये गये। टीएमसी के 276 तथा एफओसी के 1344 प्रकरणों पर कार्य जारी हैं जो 2 मई की रात तक पूरा हो गया। इस तरह आज रायपुर शहर में शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है। व्यक्तिगत शिकायतों का निराकरण भी तेजी से किया जा रहा हैं।जगदलपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री एसके ठाकुर ने बताया कि तेज आंधी-तूफान से कांकेर में 15, भानुप्रतापपुर में 18, पखांजूर में 33, नारायणपुर में 23, कोन्डागांव में 6, बीजापुर में 6 खम्भें एवं सुकमा में 10 खम्भे क्षतिग्रस्त हुये थे जो 33 तथा 11 किलोवॉट के थे। इसी तरह कांकेर में 36, भानुप्रतापपुर में 56, पखांजूर में 99, नारायणपुर में 29, कोन्डागांव में 15,दंतेवाड़ा में 3, सुकमा में 13 एवं बीजापुर में 14 लाइनें क्षतिग्रस्त हुई थी। अधिकांश लाइनों में सुधार पूर्ण हो चुका हैं तथा विद्युत आपूर्ति सामान्य की गई हैं। वहीं शेष क्षेत्रों में आज रात को भी सुधार कार्य चालू रहेगा जिससे कल तक आपूर्ति सामान्य होने की संभावना हैं।राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि राजनांदगांव, खैरागढ़ तथा मानपुर-मोहला जिलों में 33 केवी के 2 तथा 11 केवी के 53 खम्भें क्षतिग्रस्त हुये थे, वहीं निम्नदाब के 74 लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई थी। पूरे क्षेत्र में आबादी इलाके में विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई हैं। खेतों तथा जंगलों में हुई क्षति का आंकलन अभी नहीं हो पाया है जिसे शीघ्र ही आकलित कर विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जायेगी।दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस. आर.बी.खण्डेलवाल ने बताया कि दुर्ग तथा भिलाई में 22 निम्नदाब लाइनों पर विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई थी जिन्हें सुधार कर चालू कर दिया गया हैं। ग्रामीण अंचलों में खेतों की लाइनों में हुई क्षति का आकलन किया जा रहा हैं। शीघ्र ही इसे भी सुधार लिया जायेगा।












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