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- रायगढ़ । जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कौशल आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मेहमान प्रवक्ताओं की भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्राचार्य/नोडल अधिकारी, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायगढ़ द्वारा जारी सूचना के अनुसार विभिन्न ट्रेडों में कुल रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं।शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था रायगढ़ में व्यवसाय बेसिक कॉस्मेटोलॉजी के 02 पद तथा सर्फेस ऑर्नामेंटेशन टेक्नीक्स (एंब्रॉयडरी) के 02 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था धरमजयगढ़ में वर्कशॉप कैलकुलेशन एवं इंजीनियरिंग ड्राइंग के 01 पद तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था तमनार में वर्कशॉप कैलकुलेशन एवं इंजीनियरिंग ड्राइंग के 01 पद रिक्त हैं। इन पदों पर नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी एवं मेहमान प्रवक्ता के रूप में की जाएगी। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 सायं 5 बजे तक निर्धारित की गई है।अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य होगा। पदों से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, नियम एवं शर्तों की जानकारी संबंधित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध है, जहां से अभ्यर्थी अवलोकन कर सकते हैं।
- -ऑटो रिक्शा और किराना व्यवसाय से सूरजपति बनीं आर्थिक सशक्तिकरण की मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से प्रदेशभर में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रही हैं।इसी कड़ी में सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम तारागी की निवासी श्रीमती सूरजपति की कहानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सूरजपति आज वर्षिक लगभग 1.80 लाख रुपये की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।श्रीमती सूरजपति बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। वर्ष 2020 में ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत हुई। स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जिसने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाया।समूह के माध्यम से प्राप्त 60 हजार रुपये के ऋण का उपयोग उन्होंने सोच-समझकर किया और ऑटो रिक्शा संचालन के साथ-साथ किराना दुकान का व्यवसाय शुरू किया। उनके इस निर्णय ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान की।वर्तमान में सूरजपति अपने दोनों व्यवसायों से प्रतिदिन लगभग 500 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। किराना दुकान से लगभग 200 रुपये तथा ऑटो रिक्शा से लगभग 300 रुपये प्रतिदिन की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी वार्षिक आय लगभग 1.80 लाख रुपये तक पहुंच गई है।आज सूरजपति न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण बेहतर ढंग से कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उनके जीवन स्तर में सुधार और बढ़े आत्मविश्वास ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं ‘बिहान’ जैसी योजनाएं प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।
- - पक्की छत के नीचे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन, विशेष पिछड़ी जनजातियों को भी मिला आशियानारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले में हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब लोग पक्की छत के नीचे सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रहे हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना से जशपुर में बदली हजारों परिवारों की जिंदगीजशपुर जिले में अब तक 28 हजार से अधिक परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे वर्षों से कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पहले जहां बारिश के मौसम में घरों में पानी भर जाता था और परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब पक्के मकान ने उन्हें सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया है।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024-25 में जिले में 50 हजार 797 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 28 हजार 915 आवास पूर्ण हो चुके हैं। इन घरों में रहने वाले परिवार अब बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी के साथ बेहतर जीवन जी रहे हैं। वहीं पीएम जनमन योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 से 2025 के बीच जिले में 2,040 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 1,233 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। यह योजना विशेष रूप से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है, जिसमें आवास के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क और संचार जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।राज्य शासन द्वारा आवास प्लस 2.0 सर्वे के तहत छूटे हुए परिवारों को भी चिन्हित किया जा रहा है। जिले में 1 लाख 02 हजार 371 परिवारों का पुनः सर्वेक्षण किया गया है, ताकि पात्रता के आधार पर उन्हें भी योजनाओं का लाभ दिया जा सके।छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील और समावेशी सोच का ही परिणाम है कि आज जशपुर जिले में हजारों परिवारों को सुरक्षित आवास के साथ बेहतर जीवन का आधार मिला है। ये पहल न केवल लोगों के जीवन स्तर को सुधार रही है, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है।
- रायपुर ।सुभद्रा पहले गरीबी से जूझ रही थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह जुड़कर एवं ऋण लेकर उन्होंने खीरा की खेती शुरू की l खीरा की खेती से प्राप्त आय से आज वह 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं lबिलासपुर जिला के कोटा के ग्राम करका की सुभद्रा ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, समूह की शक्ति और मेहनत साथ हो, तो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है। सुभद्रा समूह से जुड़कर खीरा की खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अब लखपति दीदी बन चुकी हैl सुभद्रा मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकारी योजना ने उनका जीवन बदल दिया है।आदिवासी बहुल गांव करका की सुभद्रा आर्मी ने आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत मां सरस्वती समूह से जुड़कर खीरा की खेती को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया। शुरुआत में समूह को 15 हजार रुपये रिवाल्विंग फण्ड, 60 हजार रुपये सी आई एफ तथा 3 लाख रुपये बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग ने महिलाओं को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में बड़ी मदद दी। समूह की महिलाओं ने मेहनत, लगन और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाते हुए खीरा की खेती शुरू की। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि आज वे 2 एकड़ में खेती कर लगभग 10 क्विंटल खीरा की बिक्री हर दूसरे दिन कर रही हैं। इससे उन्हें लगभग 7 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।इस अतिरिक्त आय से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं l बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दे रही हैं और भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं। सुभद्रा बताती हैं कि इस सफलता के पीछे समूह की बीमा सखी हबीबुन निशा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने समय-समय पर महिलाओं को बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता प्रदान कर ऋण सबंधी प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता की साथ ही खेती की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुभद्रा आर्मी की मेहनत लगन और सरकारी योजनाओं की मदद से अब वह लखपति दीदी” बनने का गौरव हासिल कर चुकी है।
- रायपुर । ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल लोगों को सुरक्षित आवास मिल रहा है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान भी बढ़ रहा है। इसी परिवर्तन की एक मिसाल है ग्राम पंचायत गिरारी के निवासी श्री मदन।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गिरारी गांव में रहने वाले मदन पूर्व में अपने परिवार सहित कच्चे मकान में निवास करते थे। बरसात के मौसम में उनके घर की छत से पानी टपकता था, जिससे परिवार को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। हर वर्ष वर्षा ऋतु उनके लिए चिंता और असुरक्षा का कारण बन जाती थी।वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मदन को पक्का आवास स्वीकृत हुआ। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता तथा स्वयं के श्रम के समन्वय से उन्होंने अपने सपनों के घर का निर्माण पूर्ण किया। आज उनका परिवार एक मजबूत, सुरक्षित और व्यवस्थित पक्के घर में निवास कर रहा है।मदन बताते हैं कि पहले बरसात के समय घर में पानी भर जाता था और परिवार को भय बना रहता था, लेकिन अब इस समस्या से पूरी तरह राहत मिल गई है। उनका कहना है कि इस योजना ने उनके जीवन में नया आत्मविश्वास और सुख-शांति का संचार किया है।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) इस प्रकार ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ ही उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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*'महिला आरक्षण बिल राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम, आएगा महिलाओं में नया उत्साह'*
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक सुश्री लता उसेण्डी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 अप्रैल को लोकसभा के पटल में महिला आरक्षण बिल लेकर आ रहे हैं जो महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम है और इससे महिलाओं के जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल प्रतिनिधित्व का विषय नहीं है, यह हमारे लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, अधिक संतुलित और अधिक उत्तरदायी बनाने का प्रयास है।भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री उसेण्डी ने कहा कि सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वन्दन अधिनियम पारित किया गया। 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों के साथ कराए जाने की योजना इस बिल के माध्यम से लागू की जाएगी। इस बिल के पारित होते ही महिलाओं को जनप्रतिनिधि के तौर पर 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि प्रदेश में 2003 में डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी और तब से लेकर आज तक प्रदेश में भाजपा सरकार ने महिला सशक्तीकरण की मिसाल प्रस्तुत की है। भाजपा की सरकार ने सर्वप्रथम महिलाओं को राशन कार्ड के माध्यम से घर की मुखिया के रूप में महत्वपूर्ण स्थान दिया। छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव में 50 प्रतिशत महिलाओं को स्थान दिया गया है। प्रदेश की मौजूदा भाजपा सरकार महतारी वन्दन योजना के जरिए मोदी की गारंटी के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए देकर उनको आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है। प्रदेश में महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ केन्द्र एवं राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है। सुश्री उसेण्डी ने कहा कि विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना अहम कदम है। आने वाला समय देश की मातृशक्ति के जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। - 0- आपदा प्रभावित परिवार को मिली आर्थिक राहत, जिला प्रशासन की पहलरायपुर। जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट राहत" के अंतर्गत राजस्व पुस्तक परिपत्र आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के तहत हितग्राहियों के परिजनों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की जाती है। यह पहल प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।इसी क्रम में ग्राम बोईरझिट्टी ब्लाक तिल्दा-नेवरा के निवासी मृतक स्व. अर्जुन लाल वर्मा के परिजन श्रीमती शैल वर्मा को 4 लाख रुपए का सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।जिला प्रशासन रायपुर द्वारा प्रोजेक्ट राहत के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की दिशा में सतत प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत मिल सके।
- 0- गूगल और जिला प्रशासन के मध्य हुआ एलओआई0- रायपुर प्रदेश का पहला जिला, जहां शिक्षकों को एआई टूल्स की मिल रही ट्रेनिंग0- आने वाला समय होगा एजीआई का समय, शिक्षक बेहतर कंटेंट बनाएंगे: संजय जैन0- शिक्षक प्रशिक्षित होकर बच्चों को एआई टूल्स के दुष्प्रभाव से सचेत करेंगे: श्री राकेश रंजन0- बदलते युग में शिक्षक मॉडर्न टेक्नोलॉजी से हों अपडेट: कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर। अब रायपुर जिले के शिक्षक हाईटेक होने जा रहे हैं। शिक्षक एआई टूल्स जैसे तकनीक से अपने टीचिंग को अपडेट करेंगे। इसके लिए जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एआई सक्षम शिक्षक अभियान” की शुरुआत की गई है। न्यू सर्किट हाउस में हुए इस कार्यशाला में 200 से अधिक मास्टर ट्रेनर बने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से शिक्षण को प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की उपस्थिति में जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती और गूगल एजुकेशन ऑफ इंडिया के हेड श्री संजय जैन एवं गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी हेड श्री राजेश रंजन के मध्य एलओआई हुआ। जिससे आने वाले समय में जिले के करीब 10 हजार शिक्षकों को निःशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। गूगल के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर जिले के साथ साथ प्रदेश के शिक्षकों को भी एआई टूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा।इस अवसर पर गूगल एजुकेशन ऑफ इंडिया के हेड श्री संजय जैन ने बताया कि एआई के माध्यम से बच्चे बिना किसी झिझक के सवाल पूछ सकते हैं, जिससे उनकी जिज्ञासा और सीखने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि एआई टूल्स की मदद से आसानी से वीडियो कंटेंट तैयार किया जा सकता है, जो बच्चों को विषयों को बेहतर तरीके से समझने में सहायक होगा। श्री जैन ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग के बारे में बताते हुए कहा कि यह way of talk to AI है जिससे हम एआई का अधिक बेहतर तरीके से उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आने वाला समय एआई से भी आगे एजीआई (AGI) का दौर होगा जिसमें गूगल काम कर रहा है, जो ह्यूमन इंटेलीजेेंस की तरह होगा। उन्होंने बताया कि Google ने शिक्षकों के लिएGenerative AI for Educators with Gemini नामक एक कोर्स भी शुरू किया है, जो उन्हें एआई के माध्यम से शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षित करता है।श्री रंजन ने एआई के बार में जानकारी देते हुए कहा कि एआई की मदद से कोई शिक्षक अपनी शैक्षणिक क्षमता को बढ़ा सकता है। हर विद्यार्थी की समझने की क्षमता अलग-अलग होती है जैसे कोई ऑडियो रूप में या वीडियो के रूप में। आज के सीमित समय में इन सभी माध्यम में एक साथ काम करना मुश्किल है लेकिन अब एआई को कमाण्ड देकर किसी भी क्लास के लिए वीडियो या अन्य शैक्षणिक सामग्री बना सकते हैं। इस अभियान के तहत शिक्षक एआई टूल्स का उपयोग बेहतर तरीके से कर सकते हैं और उसके दुष्परिणाम के बारे में बच्चों को सचेत भी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि Google AI, Chat GPT और NotebookLM जैसे टूल्स के माध्यम से शिक्षक अपने छात्रों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा प्रदान कर सकते हैं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि अब हर कक्षा में नवाचार की बात होगी और गूगल के साथ मिलकर सीखने की नई शुरुआत की जा रही है। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब शिक्षक तकनीक से सशक्त होंगे, तभी विकसित भारत की नींव गांवों में मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि एआई विद्यार्थियों के लिए रिविजन और लर्निंग का प्रभावी माध्यम बनेगा तथा शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। आज का समय तकनीक का युग है। इस बदलते युग में आप जितने अपडेट होंगे उतनी कार्यक्षमता बढ़ेगी। एआई जैसे टूल्स का उपयोग बच्चे भी करने लगे हैं तो यह शिक्षकों के लिए यह कार्यशाला सर्थक सिद्ध होगी। इस कार्यशाला को पूरा करने पर शिक्षकों को गूगल का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें गूगल के कई कोर्सेस करने की सुविधा मिल सकती है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि एआई आज शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और विद्यार्थी भी इसका उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के लिए गूगल से विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिले को इस अभियान की शुरुआत का पहला अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों ने एआई के विभिन्न आयामों को समझा है, जिसे वे विद्यालयों में विद्यार्थियों तक पहुंचाएंगे।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, डीएमसी श्री अरुण कुमार शर्मा, मेट्री एआई के फाउंडर श्री रोहित कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार सार्वजनिक स्वास्थ्य संरक्षण एवं तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से नगर पालिक निगम बीरगांव द्वारा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) 2003 के तहत सघन जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की गई। जिला कलेक्टर की टी.एल. बैठक एवं एन-कार्ड बैठक में प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में तथा निगम आयुक्त युगल किशोर उर्वशा के नेतृत्व में निगम की टीम द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में निरीक्षण किया गया। इस दौरान वार्ड क्रमांक 39, 37, 31, 21, 32 एवं 25 में जांच की गई।निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर 13 दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 1300 रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही, स्कूल एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में संचालित दुकानों को तत्काल हटाने की सख्त चेतावनी दी गई।जांच अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को बढ़ावा देने वाली सामग्री रखना, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान कराना, निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र का निर्माण नहीं करना, शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करना तथा अनिवार्य चेतावनी बोर्ड प्रदर्शित नहीं करना जैसे उल्लंघनों पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई। इन प्रकरणों में संबंधित दुकानदारों पर प्रति प्रकरण 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया।निगम आयुक्त श्री युगल किशोर उर्वशा ने कहा कि कलेक्टर के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी दुकानदारों एवं नागरिकों से कोटपा अधिनियम के नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि उल्लंघन की स्थिति में भविष्य में और सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी कमल नारायण जंघेल, स्वच्छता निरीक्षक राजेश सिंह क्षत्रिय सहित निगम के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर. विधानसभा निर्वाचन-2023, लोकसभा निर्वाचन-2024 एवं उप विधानसभा निर्वाचन-2024 के दौरान रायपुर जिले के अंतर्गत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन कार्य हेतु अधिग्रहित वाहनों के किराया भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है।विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 45 तिल्दा, 47 धरसीवा, 48 रायपुर ग्रामीण, 49 रायपुर नगर पश्चिम, 50 रायपुर नगर उत्तर, 51 रायपुर नगर दक्षिण, 52 आरंग एवं 53 अभनपुर में निर्वाचन कार्य सम्पन्न करने हेतु अधिगृहित की गई स्कूल बसें, विश्वविद्यालय की बस तथा छोटी वाहन (स्कार्पियो, इनोवा एवं अन्य) के स्वामियों/चालकों को किराया राशि प्राप्त करने हेतु पूर्व में 08 अप्रैल 2026 तक का समय निर्धारित किया गया था।अब उक्त अवधि में वृद्धि करते हुए अंतिम तिथि 16 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। जिन वाहन चालकों को अभी तक भुगतान राशि प्राप्त नहीं हुई है, वे कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय रायपुर के कक्ष क्रमांक 9 में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।आवश्यक दस्तावेजों में वाहन का आरसी बुक, वाहन अधिग्रहण आदेश, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर तथा किराया भुगतान हेतु कैंसल चेक शामिल हैं। संबंधितों को निर्वाचन पर्यवेक्षक के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय अवधि में आवश्यक दस्तावेज के साथ उपस्थित नहीं होने पर राशि शासन को वापस जमा कर दी जावेगी।
- रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 पछेड़ा में 119 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 परसदा में 102 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 3 एवं 4 धनेली में 114 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1, 2 जोता एवं 4 तंडवा में 110 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 2 कोटा में 130 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र भाठागांव में 87 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 9 एवं 10 रावाभाठा में 143 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 805 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- 0- शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने सीखा प्राथमिक उपचार और सीपीआररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर एवं रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के संयुक्त प्रयास से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट सुरक्षा” कार्यक्रम के अंतर्गत आज 67 शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों को प्राथमिक उपचार किट के उपयोग और सीपीआर तकनीक का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा रायपुर के सहायक प्रबंधक श्री देवप्रकाश कुर्रे ने प्रशिक्षण का संचालन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक तकनीकों की महत्ता को समझाया। उन्होंने सीपीआर की विस्तृत विधि का व्यवहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही यह बताया कि कैसे सांस रुकने या हृदय गति बंद होने जैसी गंभीर स्थितियों में समय रहते सही तरीके से दी गई सहायता किसी व्यक्ति की जान बचा सकती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार संचालित प्रोजेक्ट सुरक्षा के तहत 16 जुलाई 2025 से अब तक 17,500 लोगों को 155 बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है ।
- बिलासपुर. जिले के किसानों के लिए राहतभरी खबर है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पी.एम. आशा योजना) के तहत रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए चना, मसूर और सरसों की फसल बेचने हेतु पंजीयन की अंतिम तिथि अब 20 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दी गई है। जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पी.एम. आशा योजना) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम में किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल पर किया जा रहा है। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी, जिसे किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए शासन ने बढ़ाकर अब 20 अप्रैल 2026 कर दिया है।इस योजना के तहत रबी विपणन वर्ष 2026-27 में चना, मसूर और सरसों की खेती करने वाले किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आवेदन पत्र के साथ ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा करनी होगी। साथ ही किसान Kisan.cg.nic.in या ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से भी पंजीयन करवा सकते हैं।शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पंजीकृत किसानों की उपज का उपार्जन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जाएगा। यह कार्य भारत सरकार की नामित केंद्रीय एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) के माध्यम से किया जाएगा। इस वर्ष घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार चना 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों 6500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।जिले में उपार्जन और भंडारण के लिए विभिन्न विकासखंडों में केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें बिल्हा (बिल्हा, सेंदरी), मस्तुरी (जयरामनगर), तखतपुर (तखतपुर) और कोटा (कोटा) की सेवा सहकारी समितियां शामिल हैं, जहां संबंधित भंडारण केंद्र भी अधिसूचित किए गए हैं। फसलों की खरीदी सप्ताह में 5 दिन (सोमवार से शुक्रवार) की जाएगी।योजना के तहत प्रति एकड़ अधिकतम खरीदी सीमा भी तय की गई है, जिसमें चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल (संभावित त्रुटि सुधार अनुसार) और सरसों 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खरीदी की जाएगी। किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे समय-सीमा के भीतर अपने नजदीकी सेवा सहकारी समिति में पंजीयन कराकर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ उठाएं और अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करें।--
- बिलासपुर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला बिलासपुर के स्काउटस, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स और शिक्षकों द्वारा कलेक्टर कार्यालय के पास लगातार प्याऊ घर का संचालन कर राहगीरों को जल पिलाने का पुनीत कार्य किया जा रहा है। इस पुनीत कार्य में आज भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य राज्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव शामिल हुए। डॉ. सोमनाथ यादव आज अपने जन्मदिन के अवसर पर राहगीरों को मिष्ठान खिलाकर तथा जल पिला कर इस पुनीत कार्य में सहभागी बने। डॉ. सोमनाथ यादव ने कहा कि जल पिलाना बहुत ही पुनीत कार्य है। भीषण गर्मी के इस मौसम में स्काउट्स एवं गाइड्स का यह एक माह का जल सेवा अभियान समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। अनौपचारिक कार्यक्रम में श्री चंद्रप्रकाश बाजपेई जिला मुख्य आयुक्त, डीओसी गाईड श्रीमती पूनम सिंह, डीओसी स्काउट श्री महेंद्र बाबू टंडन, सूर्यकांत खूंटे के साथ स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स की उपस्थिति रही।--
- 0- बिलासपुर में बर्ड फ्लू पर काबू, 3 माह तक सख्ती बरकरारबिलासपुर. जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू (H5N1) संक्रमण की पुष्टि के बाद की गई व्यापक कार्रवाई और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के लिए सैनिटाइजेशन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। हालांकि, संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आगामी तीन माह तक सख्त निगरानी और प्रतिबंध जारी रहेंगे। संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉक्टर जीएसएस तंवर द्वारा ने बताया कि कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में निशाद भोपाल द्वारा पक्षियों की जांच के बाद बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके पश्चात संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायपुर के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए पोल्ट्री फार्म को पूर्णतः खाली कराया गया।संक्रमित क्षेत्र में मौजूद पक्षियों, अंडों, दाना एवं अन्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में 4 प्रतिशत फॉर्मेलिन एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट से व्यापक सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन कार्य किया गया, जिससे संक्रमण के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके।निर्धारित मानकों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। अब क्षेत्र में पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (POSP) के तहत लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक 15 दिनों में नमूना परीक्षण किया जाएगा और चार चरणों तक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित माना जाएगा।डॉक्टर तंवर ने स्पष्ट किया है कि सर्विलांस जोन के भीतर और 10 किलोमीटर की परिधि में पक्षियों एवं उनके उत्पादों के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। वहीं, संक्रमित केंद्र (0-1 किमी क्षेत्र) में कम से कम तीन माह तक पोल्ट्री पालन और विक्रय पर पूर्ण रोक लागू रहेगी। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी कुक्कुट पालकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी का कड़ाई से पालन करें तथा पक्षियों की असामान्य मृत्यु की सूचना तत्काल विभाग को दें। प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां एक ओर संक्रमण पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सतर्कता बरती जा रही है।---
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए पाटन विधानसभा अंतर्गत जनहित के विभिन्न कार्यों के लिए 40 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित इन कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पाटन द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत राशि से पाटन क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें ग्राम पंचायत कानाकोट में जैतखाम के पास शेड निर्माण कार्य हेतु 10.00 लाख रूपए तथा ग्राम पंचायत अमलीडीह के खेल मैदान में अहाता निर्माण कार्य हेतु 18.00 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार, ग्राम पंचायत तरीघाट में तोरण यादव के घर से बाजार चौक तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 12.00 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- दुर्ग. वन विभाग और पुलिस प्रशासन दुर्ग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव अपराध के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम दनिया (बोरी), धमधा में दो लंगूरों के शिकार के मामले में बड़ी कार्यवाही की है। विभाग ने एयर गन से वन्य प्राणी का शिकार करने वाले मुख्य अभियुक्त अजय पटेल, पिता लुमन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 07 अप्रैल 2026 को वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए ग्राम दनिया में दबिश दी थी। यहाँ अभियुक्त द्वारा दो लंगूरों (सेम्नोपिथेकस एंटेलस) का एयर गन से अवैध शिकार किया गया था। उल्लेखनीय है कि लंगूर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 02 के अनुक्रमांक 24 के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है। इस गंभीर कृत्य पर त्वरित संज्ञान लेते हुए वन विभाग दुर्ग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 09, 39 एवं 51 के उल्लंघन के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 6983/17 पंजीबद्ध किया है। इस मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस और वन विभाग की टीम ने अभियुक्त अजय पटेल को आज माननीय न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे 21 अप्रैल 2026 तक की न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीवों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।
- दुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग तथा क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में 10 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन कैलाश नगर, भिलाई स्थित क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी के परिसर में संपन्न होगा।जिला रोजगार कार्यालय के उप संचालक से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रोजगार मेले के माध्यम से निजी क्षेत्र के कुल 20 नियोजकों द्वारा 5900 तकनीकी एवं गैर तकनीकी रिक्तियों पर भर्ती की जाएगी। मेले में 10वीं, 12वीं, स्नातक, आई.टी.आई., डिप्लोमा और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न योग्यताधारी आवेदक सम्मिलित हो सकते हैं। रिक्तियों से संबंधित विस्तृत जानकारी और पदों का विवरण रोजगार विभाग की वेबसाइट www.erojgar.cg.gov.in अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप पर उपलब्ध है। इच्छुक आवेदकों को सूचित किया गया है कि ई-रोजगार पोर्टल पर उपलब्ध पदों हेतु आवेदन करने के लिए रोजगार पंजीयन होना अनिवार्य है। आवेदक ऑनलाइन माध्यम से जानकारी प्राप्त कर आवेदन कर सकते हैं तथा 10 अप्रैल को अपने समस्त शैक्षणिक एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थल पर उपस्थित हो सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए मालवीय नगर चौक स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दुर्ग में संपर्क किया जा सकता है।
- 0- साइंस कॉलेज दुर्ग के ’राधाकृष्णन हॉल’ में पूर्वान्ह 11.00 बजे से होगा आयोजनदुर्ग. विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना (एमएलएएलएडीएस) की संपूर्ण प्रक्रिया को 01 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने हेतु दुर्ग संभाग के सभी जिलों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार यह प्रशिक्षण 10 अप्रैल 2026 को पूर्वान्ह 11.00 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नाकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय (साइंस कॉलेज), दुर्ग के ’राधाकृष्णन हॉल’ में आयोजित होगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त जिलों-दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान एवं मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के प्रतिभागी सम्मिलित होंगे। प्रशिक्षण के सुचारू संचालन हेतु जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय की उपसंचालक श्रीमती कविता एंथोनी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से विधायकों के निज सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों जैसे नगर पालिक निगम, जनपद पंचायत, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी व उनके डाटा एंट्री ऑपरेटर शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के उपसंचालक, सहायक सांख्यिकी अधिकारी और विधायक निधि शाखा के कर्मचारी भी इस सत्र में भाग लेंगे। कलेक्टर श्री सिंह ने संबंधित जिला प्रमुखों को प्रशिक्षण में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि ऑनलाइन प्रणाली का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जा सके।
- दुर्ग. जिले के विकासखण्ड धमधा के अंतर्गत ग्राम मुड़पार में स्थित श्री पी.ओ. जॉय सूकर फार्म में अफ्रीकी सूअर बुखार (।तिपबंद ैूपदम थ्मअमत) की जांच के बाद प्रभावित क्षेत्र को इन्फेक्टेड और सर्विलांस जोन घोषित कर दिया है। ग्राम मुड़पार के 01 किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड जोन एवं 1 से 10 किलोमीटर तक का क्षेत्र सर्विलांस जोन होगा। यह आदेश 6 माह या आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। 01 से 10 किलोमीटर की परिधि में नारधा, मोहंदी, ओखरा, चेटूवा, खेरधी, ढौर, रिगंनी, मुरमुदा, कंडरका, सेमरिया, नंदौरी, हिगंनाडीह, गोढी, ढाबा, अछोटी, दादर यू, बोरसी, लिमतरा, मुर्रा, खेदामारा, जामूल एवं सूरडूंग (वार्ड क्रमांक 01 से वार्ड क्रमांक 05 तक) को इन्फेक्टेड जोन घोषित किया गया है।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा जारी आदेशानुसार इन्फेक्टेड जोन से सूकर प्रोडक्ट की आवाजाही पूर्णत प्रतिबंधित रहेगी एवं सर्विलेंस जोन में सूकर आदि के मार्केट एवं दुकाने पूर्णतः बंद रखी जाएगी एवं इनके द्वारा की जाने वाली डोर-टे-डोर डिलीवरी भी बंद रहेगी। जिले में किसी भी नागरिक द्वारा किसी प्रकार की अफवाह किसी भी माध्यम से नही फैलायी जायेगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा उपर्युक्त प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर उनके विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता, पशुओं में संक्रामक और सांसर्गिक रोगों का निवारण और नियंत्रण अधिनियम 2009 एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। आपात कालिन स्थिति हेतु जिला कंट्रोल रूम दुर्ग में उपसंचालक डॉ. वसीम शम्स मो.न-9406033990 एवं डॉ.एम.सी.देशमुख मो.न. 9407781663 से सम्पर्क कर सकते है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होगा।
- दुर्ग.महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला-दुर्ग द्वारा 'मिशन शक्ति' के तहत संचालित महिला सशक्तिकरण केंद्र हब में जेंडर विशेषज्ञ के रिक्त पद की पूर्ति हेतु चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। विभाग द्वारा आवेदकों से प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात अब मेरिट सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गयी है। इस सूची का अवलोकन जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.durg.gov.in पर किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग (दुर्ग) के सूचना पटल पर भी सूची देख सकते हैं। विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मेरिट सूची में स्थान पाने वाले पात्र अभ्यर्थियों के लिए अगली कड़ी में कौशल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। कौशल परीक्षा की तिथि, समय और स्थान के संबंध में विस्तृत जानकारी विभाग द्वारा पृथक से साझा की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से जिले की वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंग के निर्देशानुसार व मार्गदर्शन में जनपद पंचायत के सभागार में ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक आयोजित की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह रोकथाम के लिए आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजकुमार जाम्बुलकर और परियोजना समन्वयक श्री चन्द्रप्रकाश पटेल ने सचिवों को बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है। सचिवों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कहीं भी बाल विवाह न हो और यदि किसी सूचना के माध्यम से बाल विवाह की जानकारी प्राप्त होती है तो उसे तत्काल रोका जाए एवं विधिवत कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह पंजी का संधारण अनिवार्य है। सचिवों को प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए कहा गया कि उनके ग्राम पंचायत में विगत 2 वर्षों (2023-24 एवं 2024-25) में कोई बाल विवाह नहीं हुआ है। यह प्रमाण पत्र जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा ताकि जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सके। साथ ही सचिवों को निर्देश दिया गया कि ग्राम पंचायत / ग्राम सभा से अनुमोदित प्रस्ताव बाल विवाह न होने संबंधी तत्काल भेजे जाएं, और उपरोक्त कार्यवाही की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को भी उपलब्ध कराई जाए। बैठक में यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि जनपद पंचायत पाटन, जनपद पंचायत धमधा और नगरीय निकायों में भी विवाह पंजी का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाए और प्रमाण पत्र शीघ्र प्रदान किया जाए।
- दुर्ग. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी एवं जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के मार्गदर्शन में वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए में पीलिया के मरीजों की जानकारी होने पर 09 अप्रैल 2026 को प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई डॉ. पियाम सिंग व जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट श्रीमती रितीका सोनवानी, सुपरवाईजर श्री विजय सेजुले, बीईटीओ श्री हितेन्द्र कोसरे एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया है।प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा 95 घरों का भ्रमण किया गया जिसमें 04 पीलिया से ग्रसित मरीज मिले। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है। आम जनता के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया जिसमें जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, दुर्ग आम जनता से अपील करता है। पीलिया हेतु पीलिया प्रदूषित जल व भोजन से फैलने वाला संक्रामक रोग है जो विषाणुओं के संक्रमण से होता है। विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण प्रगट होते है। पीलिया के प्रमुख लक्षण भुख न लगना, पीले रंग की पेशाब होना, भोजन का स्वाद न आना, उल्टी लगना या होना, सिर में दर्द होना एवं कमजोरी तथा थकावट का अनुभव करना, पेट के दाहिने तरफ उपर की ओर दर्द होना, आंखे व त्वचा का रंग पीला होना।क्या करें - तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु जावे। पीने के पानी को 20 मिनट तक उबालकर ठंडा कर पीयें। 20 लीटर पीने के पानी में एक क्लोरिन गोली पीस कर डाले, एवं 30 मिनट पश्चात उपयोग करे। शौच के पश्चात एवं भोजन के पहले हाथ साबुन से धोवें। खुली में रखी, बासी व सड़ी गली खाद्य सामग्री का सेवन न करें।क्या ना करें - चिकित्सक से परामर्श किये बिना हर्बल दवाईयों से बचें। धुम्रपान व शराब के सेवन से बचे। बिना उबाले दुध व पानी का सेवन न करे। फलो व सब्जियों के रस से बचें। कच्चे व अधपके मांस मटन, अण्डे व मछली का सेवन न करे।--
- दुर्ग. जिला पंचायत दुर्ग के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत जनपद पंचायत स्तर हेतु विकासखंड परियोजना प्रबंधक के 02 पद एवं क्षेत्रीय समन्वयक के 01 पद कुल 03 पद हेतु जारी विज्ञापन के द्वारा समाचार पत्रों के माध्यम से एवं जिला-दुर्ग के वेबसाईट के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। विज्ञापन हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 09 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई थी। आवेदन स्पीड पोस्ट एवं रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से जिला पंचायत दुर्ग में प्राप्त किया जाना है।जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे से मिली जानकारी अनुसार पात्र-अपात्र की सूची स्कूटनी उपरांत विहित समयावधि में जारी की जायेगी उसके उपरांत निर्धारित समयावधि में दावा आपत्ति हेतु प्रेस विज्ञप्ति पुनः जारी किया जायेगा। संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देश के आधार पर की जा रही है। इस विज्ञापन के भर्ती के संबंध में अपील है कि व्यर्थ प्रलोभन में न आयें। कोई भी आर्थिक लेन-देन न करें इस संबंध में होने वाले किसी भी क्षति या धोखाधड़ी के संबंध में संपूर्ण जवाबदेही संबंधित की होगी एवं उक्त के विरूद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत आवेदक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग, कार्यालय जिला पंचायत दुर्ग में या जिला पंचायत दुर्ग के मेल आईडी [email protected] पर की जा सकती है।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा आगामी मानसून को देखते हुए शहर के बड़े नालों और जल निकासी प्रणालियों की सफाई का अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में आज जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत केम्प-1, वार्ड 26 स्थित मुख्य नाले की साफ-सफाई कार्य का निरीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। निगम के सफाई कर्मियों द्वारा नाले के भीतर जमी जलकुंभी, झिल्ली-पन्नी, प्लास्टिक कचरा एवं गाद (सिल्ट) निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जल मार्ग की बाधाओं को दूर करना है ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव निर्बाध रूप से हो सके और जलभराव की स्थिति निर्मित न हो।क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और निकासी व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए नाले के दोनों ओर रिटर्निंग वॉल (सुरक्षा दीवार) बनाने की योजना है, कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। बारिश के दौरान पानी को ओवरफ्लो होकर गलियों में घुसने से रोकना मुख्य उद्देश्य है। भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित दुर्घटना को टालना है।निरीक्षण में उपस्थित अधिकारीसफाई कार्यों की गुणवत्ता और गति का जायजा लेने के लिए मौके पर कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेमा वर्मा, उप अभियंता अशोक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी प्रशन्न तिवारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर सहानी एवं स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। निर्देशित किया गया है कि मानसून की पहली बारिश से पहले सभी आवश्यक तकनीकी कार्य और सफाई पूरी कर ली जाए, ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



























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