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- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर के जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर ने जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन स्वच्छता निरीक्षक श्री राकेश बंजारे की उपस्थिति में जोन 8 अंतर्गत डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 अंतर्गत प्रीतम नगर में सफाई व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान आवासीय क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण की जनशिकायत सही मिलने और डेयरी के मवेशियों को सडक पर छोडने से सडक दुर्घटनाएं आए दिन होने की जानकारी पर स्थल पर समीक्षा कर तत्काल डेयरी संचालक पर जुर्माना करने के निर्देश दिये। जोन अध्यक्ष के निर्देश पर जोन 8 स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेयरी संचालक सुदामा दास पर तत्काल 5 हजार रू. का जुर्माना किया गया और शीघ्र स्वतः आवासीय क्षेत्र से डेयरी को नगर निगम सीमा क्षेत्र के बाहर शिफ्ट करने पुनः नोटिस जारी की अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी संबंधित डेयरी संचालक को दी गई।|
- नियमानुसार 1 दिन का लगभग 18 लाख कटौती के साथ अतिरिक्त 5 लाख का जुर्माना तत्काल करने के महापौर के सख्त निर्देश 0**अपर आयुक्त को सख़्त निर्देश..दोबारा होने पर अनुबंध पर पुनर्विचार करें.*अधिकारी काम से संतुष्ट होने पर ही भुगतान के फाइल को आगे बढ़ायें.रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र हेतु सफाई के लिए अनुबंधित एजेंसी रामकी कंपनी के वाहन चालको और हेल्परो द्वारा अचानक हड़ताल पर विगत दिवस चले जाने और उससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने को लेकर आज नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय के महापौर कक्ष में बुलवाकर रामकी कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी लोकल हेड श्री योगेश कुमार को गहन नाराजगी व्यक्त करते हुए जमकर फटकार लगायी। महापौर ने सख्त निर्देश दिये कि दोबारा रायपुर शहर में अचानक बेमुद्दत हड़ताल की स्थिति नहीं आने दिया जाना संबंधित रामकी कंपनी प्रबंधन सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में हड़ताल के कारण व्यवस्था सफाई को लेकर शहर में प्रभावित होने पर रामकी कंपनी नियमानुसार कड़ी कार्यवाही का सामना करने तैयार रहे।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा आज महापौर कक्ष में शहर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा के दौरान नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, सहायक अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री योगेश कड्डु, स्वच्छ भारत मिशन विषय विशेषज्ञ श्री प्रणीत चोपड़ा की रामकी कंपनी की लोकल हेड श्री योगेश कुमार की उपस्थिति रही।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने निगम अधिकारियों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार रामकी कंपनी पर एक दिन की हड़ताल एवं काम बंद के कारण व्यवस्था प्रभावित होने से नियमानुसार 18 लाख रू. रामकी कंपनी के देयक में कटौती किया जाना और रामकी कंपनी पर 5 लाख रू. का जुर्माना किया जाना तत्काल सुनिश्चित करने निर्देशित किया है।महापौर ने कहा कि रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा हीला हवाला कदापि सहन नहीं किया जायेगा एवं संबंधितों पर नियमानुसार कडी कार्यवाही व्यवस्था सफाई में शहर में प्रभावित होने पर की जायेगी। महापौर ने रामकी कंपनी के शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने विशेष ध्यान देने निर्देशित किया।
- भिलाई नगर। बीएलसी घटक का व्यापक स्तर पर जगह जगह होर्डिंग वॉलपेंटिंग और वार्डो में डोर टू डोर सर्वे कराया जा रहा है तथा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के ज़रिए कचरा संग्रहण वाहनों द्वारा हर वार्डो में मुनादी, जनप्रतिनिधियो के व्यक्तिगत प्रवचन तथा प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग, फ्लैक्स और बैनर पोस्टर लगाए गए हैं। तथा राष्ट्रीय स्तर पर "अंगीकार अभियान 2025 " चलाया गया, जो 4 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक विभिन्न स्थलों में शिविर, आवास ऋण मेला एवं संस्कृति कार्यक्रम तथा वार्डो में घर घर जाकर सर्वे कराया गया और अभी भी किया जा रहा है ।
- महासमुंद / निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संबंध में रोल ऑब्जर्वर श्री भीम सिंह द्वारा बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जिले में मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्तियों की सुनवाई के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय समाजवादी पार्टी व आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिगण, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी महासमुंद अक्षा गुप्ता मौजूद थे।बैठक में प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने बताया कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है, इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसके लिए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्तियों की सुनवाई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी और प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील किया कि अपने-अपने स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करें, पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जुड़वाने, अपात्र प्रविष्टियों को हटाने तथा आवश्यक संशोधन हेतु दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी रहेगी तथा सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने सुझाव एवं शंकाएं रखीं, जिनका प्रेक्षक एवं अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया।बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा ने दावा-आपत्ति प्राप्त करने, उनके निराकरण, समय-सीमा, प्रपत्रों की जानकारी तथा सुनवाई की कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों की जांच बीएलओ एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है और सुनवाई के पश्चात विधिसम्मत रूप से मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किया जाएगा।इसके अलावा बैठक में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने कहा। श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनवीएसपी का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए, ताकि मतदाता अपने पोलिंग बूथ, नाम और अन्य विवरणों में त्रुटियों को समय रहते सुधार सकें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे एनवीएसपी, वोटर हेल्पलाइन ऐप और ईसीआई की वेबसाइट के माध्यम से मतदाता आसानी से अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं।प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने दावा-आपत्तियों की सुनवाई प्रक्रिया का लिया जायजाबैठक के पश्चात प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने तहसील कार्यालय महासमुंद पहुंचकर मतदाता सूची से संबंधित दावा-आपत्तियों की सुनवाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रेक्षक ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपन एवं संशोधन से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई की प्रक्रिया का जायजा लिया तथा बीएलओ द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दस्तावेज़ सत्यापन, आवेदन पंजीयन, आवेदकों को दी जा रही जानकारी एवं समयबद्ध निराकरण की स्थिति का अवलोकन किया।प्रेक्षक श्री भीम सिंह ने बीएलओ को निर्देशित किया कि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आधार है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित तहसील एवं निर्वाचन शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -घुमंतु पशुओं के संरक्षण पर दिया गया जोरमहासमुंद / प्रदेश में निराश्रित, घुमंतु तथा कृषिक पशुओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विस्थापन हेतु शासन द्वारा गौधाम योजना स्वीकृत की गई है। इसी कड़ी में योजना के पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक बुधवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, जिला स्तरीय गौधाम समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य, अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू मौजूद थे।बैठक में गौधाम के संचालन, संबंधित संस्था के चयन तथा उनके दायित्वों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान जानकारी दी गई कि प्रत्येक विकासखण्ड में गौठानों का चयन कर गौधाम स्थापना हेतु प्राप्त आवेदनों को विकासखण्ड समिति की अनुशंसा के साथ जिला स्तरीय समिति एवं कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तरीय समिति एवं कलेक्टर की अनुशंसा के उपरांत प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग, रायपुर को प्रेषित किए जाएंगे। जिले में अब तक कुल 14 ग्रामों से गौधाम स्थापना हेतु आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग, रायपुर को भेजे जा चुके हैं।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि घुमंतु पशुओं को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों से हटाकर गौधामों में सुरक्षित रखा जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही गौधाम समिति के अध्यक्ष द्वारा गौधामों को रोजगार के केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस संबंध में संबंधित ग्राम पंचायतों से गौधाम प्रस्ताव हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में सहयोग करने की अपील की गई। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक, उप संचालक पंचायत, नगर पालिका महासमुंद के प्रतिनिधि, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं पशुपालन विभाग के स्थानीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तातापानी महोत्सव का किया भव्य शुभारंभ-तातापानी महोत्सव के लिए हर साल ₹25 लाख: आस्था, पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को मिला स्थायी संबल-667 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण-भूमिपूजनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुधवार को बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है और यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता तथा समृद्धि का सशक्त प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी एवं पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इस अवसर पर तातापानी महोत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में प्राचीन शिव चबूतरे पर पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला मुख्यालय बलरामपुर में शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, डाइट संचालन हेतु भवन, तथा जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने 655 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई सौगात दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए हर वादे को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रत्येक पात्र हितग्राही को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। अब किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिल रहा है। 70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। 5 लाख से अधिक भूमिहीन किसानों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की तीर्थ यात्रा कराई जा चुकी है।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तातापानी में 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और आत्मीय वातावरण में मनाया। इस भावपूर्ण दृश्य ने पर्व की सांस्कृतिक गरिमा के साथ-साथ बच्चों के चेहरे पर उल्लास और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को उनके नवदाम्पत्य जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ प्रदान कीं, तथा उनके जीवन में प्रेम, विश्वास और समृद्धि से भरे उज्ज्वल भविष्य की कामना की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करते हुए राजपुर विकासखंड के ग्राम आरा निवासी कुम्हार श्री शिवमंगल के साथ स्वयं चाक पर मिट्टी डालकर चाक चलाया, जिससे शिल्पकारों में नया उत्साह और आत्मविश्वास झलक उठा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम स्थल पर विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छत्तीसगढ़ की परंपरा और प्रगति के सुंदर संगम को करीब से महसूस किया। प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, सड़क सुरक्षा, साइबर जागरूकता तथा ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों से जुड़े स्टॉलों ने यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी भविष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री राम सेवक पैंकरा, विधायक श्री अनुज शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
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कोरबा. कोरबा जिले में पुल से नीचे गिरने के बाद एक कार में लगी आग में दो लोगों की झुलसकर मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के बांगो थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव के करीब बुधवार तड़के एक कार अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गई और उसमें आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर निवासी दो लोग कार में सवार होकर बलरामपुर जिले में आयोजित तातापानी महोत्सव में शामिल होने जा रहे थे और लगभग चार बजे मदनपुर गांव के करीब चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो गया और कार पुल से नीचे गिर गई। उन्होंने बताया कि पुल से नीचे गिरते ही कार में धमाका हुआ और उसमें आग लग गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्घटना में कार सवार गोपाल चंद्र डे (42) और अरुण सेन (36) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस दल मौके पर पहुंचा और आग बुझाने के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और मामले की जांच की जा रही है। - रायपुर। श्रम विभाग की गतिविधियों एवं उपलब्धियों के संबंध में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन द्वारा आज प्रेस वार्ता में जानकारी दी गई कि विभाग के अधीन मंडलों द्वारा विगत 02 वर्षो में 11.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया, जिसमें लगभग 9.4 लाख निर्माण श्रमिक, 1.39 लाख असंगठित श्रमिक एवं 98 हजार संगठित श्रमिक शामिल है।विभाग के अधीन मंडलों द्वारा संचालित कुल 71 योजनाओं में विगत 02 वर्षों में 29,55,254 श्रमिकों को 804.77 करोड़ राशि से लाभान्वित किया गया है, जिसमें से 28,49,167 निर्माण श्रमिकांे को लगभग रूपये 653.75 करोड़, 91,595 असंगठित श्रमिकों लगभग रूपये 143.77 करोड़, एवं 14,592 संगठित श्रमिकों को रूपये 7.24 करोड़ रूपये से लाभांवित किया गया है। विभाग द्वारा श्रमिकों को देय हितलाभ केन्द्रीयकृत डी0बी0 टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि अवगत कराया गया कि इज ऑफ डूईंग व्यवस्था के तहत कारखनों का निरीक्षण स्वचलित प्रणाली के द्वारा किया जा रहा है। विगत 02 वर्षों में प्रदेश के कारखानों का कारखाना अधिनियम अंतर्गत कुल 2218 निरीक्षण किये गये हैं। प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर कारखाना प्रबंधनों के विरूद्ध 666 अभियोजन माननीय श्रम न्यायालय में दायर किये गये हैं तथा कुल 05 करोड़ रूपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया है।उन्होंने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम अंतर्गत विगत 02 वर्षो में बीमित कामगारों की संख्या 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है। रायपुर, कोरबा, रायगढ़ तथा भिलाई में 100 बिस्तर-युक्त चिकित्सालय संचालित है तथा शीघ्र ही बिलासपुर में चिकित्सालय प्रारंभ करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी प्रकार राज्य में 43 औषधालय संचालित है और 04 नवीन औषधालय खोले जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विभाग द्वारा भारत सरकार के अनुशंसा एवं बिजनेस रिफार्मस के तहत निर्धारित सभी 17 रिफार्मस को राज्य के श्रमिकों तथा नियोजकों के हित में लागू किया जा चुका है। छोटे व्यापारियों को छूट प्रदाय करने हेतु छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 2017 सहपठित नियम, 2021 को 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजन वाले संस्थानों पर लागू किया गया है।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नयी श्रेणी ‘‘नियत कालिक नियोजन कर्मकार’’ का प्रावधान किया गया है, जिन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी। महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत रात्रिपाली में महिला कर्मकारों को सशर्त नियोजन का अधिकार दिया गया है। कारखाना लायसेंस की अवधि 10 से 15 वर्ष कर दी गई है।मंत्री द्वारा अवगत कराया गया कि भारत सरकार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 29 पुराने श्रम कानूनों के स्थान पर नये 04 श्रम संहिता लागू की गयी है, जिसके अंतर्गत राज्य में 04 नये नियम बनाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। नये कोड के परिणामस्वरूप श्रमिकों का हित संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। प्रत्येक श्रमिक को नियुक्ति पत्र, महिला श्रमिकों को सभी प्रकार के नियोजनों में काम करने का अधिकार, श्रमिकों को बेहतर न्यूनतम वेतन, नियोक्ता द्वारा श्रमिकों का वर्ष में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण करने, गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु ‘‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा मंडल’’ का गठन का प्रावधान इत्यादि लाभ सुनिश्चित होगा।श्रम मंत्री द्वारा विभाग की आगामी कार्ययोजना के संबंध में जानकारी दी गयी कि छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम को 20 या 20 से अधिक श्रमिक नियोजित करने वाले दुकान एवं स्थापनाओं में लागू करने हेतु राज्य विधानसभा में पुनः विधेयक पारित कर, माननीय राष्ट्रपति महोदय की स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है।कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें के अंतर्गत रायगढ़, कुम्हारी तथा बीरगांव औषधालय का उन्नयन कर इन्हे मॉडल औषधालय केे रूप में विकसित किया जायेगा।श्री देवांगन ने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक योजना प्रारंभ की जावेगी। तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के संतानों को उच्च शिक्षा हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नवीन योजना ’’अटल कैरियर निर्माण योजना’’ प्रारंभ की जावेगी।शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार समस्त जिलों में श्रम अन्न केन्द्र स्थापित कर किया जाएगा।शिकायत निवारण एवं जन जागरूकता प्रणाली का सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से मैसेजिंग सुविधा, मोबाईल नंबर सत्यापन, एजेंटी को ए.आई. की सुविधा प्रारंभ की जायेगी, जिससे शिकायतों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को घर बैठे प्राप्त हो सके। अंत में मंत्री श्री देवांगन द्वारा सभी मीडिया कर्मियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
- -सूखत और कीट-क्षति पर शासन की व्यवस्था से सुरक्षित हुई धान खरीदी प्रणालीरायपुर /धान खरीदी एवं भंडारण व्यवस्था में सूखत एवं चूहा आदि कीटों के द्वारा धान के नुकसान को लेकर कुछ स्थानों पर जो भ्रम फैलाया जा रहा है, वह तथ्यों से परे है। वस्तुस्थिति यह है कि धान भंडारण के दौरान नमी में कमी के कारण वजन में आंशिक गिरावट (सूखत) एक स्वाभाविक और तकनीकी प्रक्रिया है, जो वर्षों से चली आ रही है और देश के सभी धान उत्पादक राज्यों में देखी जाती है।सरकारी अभिलेखों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में 6.32 प्रतिशत और 2020-21 में 4.17 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सूखत कोई नई या अचानक उत्पन्न हुई स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली भौतिक-तकनीकी प्रक्रिया है।धान संग्रहण केंद्रों में नमी, तापमान, भंडारण अवधि, परिवहन और वातावरण के प्रभाव से धान में प्राकृतिक रूप से कुछ प्रतिशत वजन घटता है। इसे वैज्ञानिक रूप से “मॉइस्चर लॉस” या “ड्रायिंग लॉस” कहा जाता है। इस प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे नियंत्रित, मापा और पारदर्शी बनाया जा सकता है।खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में लगभग 3.49 प्रतिशत सूखत की संभावना व्यक्त की गई है, जो पूर्व वर्षों के औसत के अनुरूप है और असामान्य नहीं है।वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था में संग्रहण केंद्रों पर डिजिटल स्टॉक एंट्री, वजन सत्यापन, गुणवत्ता परीक्षण, गोदाम ट्रैकिंग, परिवहन एवं उठाव की निगरानी जैसी व्यवस्थाएँ लागू की गई हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता को तुरंत पहचाना जा सके। अब सूखत केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि डेटा-आधारित और ट्रैक-योग्य प्रक्रिया बन चुकी है। जहां यह प्राकृतिक सीमा में रहती है, उसे सामान्य माना जाता है, और जहां यह असामान्य रूप से अधिक पाई जाती है, वहां जांच और उत्तरदायित्व तय किया जाता है।धान खरीदी व्यवस्था का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनके धान का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिले, भंडारण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रणाली विश्वसनीय और पारदर्शी बनी रहे।आज प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली डिजिटल टोकन, ऑनलाइन भुगतान, स्टॉक ट्रैकिंग और शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं के माध्यम से देश की सबसे संगठित और निगरानी-आधारित व्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है। इससे किसानों का विश्वास मजबूत हुआ है और प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ी है।इसलिए यह स्पष्ट किया जाता है कि सूखत भंडारण की एक वैज्ञानिक वास्तविकता है — जिसे अब पहली बार पूरी पारदर्शिता, निगरानी और नियंत्रण के साथ संचालित किया जा रहा है।
- -दिशा की बैठक में केंद्रीय योजनाओं की गहन समीक्षा-केंद्रीय राज्यमंत्री की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्नबिलासपुर /जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री और सांसद श्री तोखन साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में फ्लैगशिप योजनाओं सहित जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 122 गांवों की विकास परियोजनाओं एवं अरपा भैंसाझार परियोजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में विधायक सर्व श्री धरम लाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित जनपद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सरकार की मंशानुरूप पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो। धरातल पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नजर आएं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं श्री तोखन साहू ने मनरेगा के लंबित कार्यों, मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण एवं आंगनबाड़ी भवनों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने आवास योजना में अनियमितताओं की शिकायतों पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। लेन-देन पर सख्त रोक लगाने, आवास मित्रों के मानदेय से जुड़े मामलों की जांच तथा गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली के निर्देश भी दिए गए। श्री शुक्ला ने मनरेगा कार्यों में जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने एम.आई. टैंक, वेटलैंड संरक्षण तथा शासकीय तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष फोकस करने की बात कही। गर्मी के मौसम में होने वाली पेयजल समस्या के निराकरण के लिए योजना बनाने पर भी चर्चा की गई।कलेक्टर ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए ठोस एवं गहन योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जा सकता है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 25-26 में जिले को 40 लाख मानव दिवस का लक्ष्य प्राप्त हुआ है तथा राज्य स्तर पर जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में 12,597 कार्य अपूर्ण हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। यह भी जानकारी दी गई कि दिसंबर माह तक श्रमिकों का भुगतान पूर्ण कर दिया गया है। बैठक में बिहान योजना की प्रगति, लक्ष्यों तथा ‘लखपति दीदी’ पहल की जानकारी दी गई। महिलाओं को रीपा के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में 79992 आवासों के लक्ष्य के विरूद्ध 71093 आवासों की स्वीकृति की गई है। लक्ष्य एवं आवासों की स्वीकृति में जिला राज्य स्तर में प्रथम स्थान पर है। पीएम जनमन योजना के तहत जिले में कोटा, मस्तुरी एवं तखतपुर ब्लॉक में कुल 959 पिछड़ी जनजाति के परिवारों को आवास प्रदान किये गये है। वर्तमान में 524 हितग्राहियों के आवास पूरे किये जा चुके है।बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए परियोजना की धीमी गति और गुणवत्ता विहीन कार्याें पर नाराजगी जताई। सांसद आदर्श ग्राम एवं विधायक आदर्श ग्राम योजनाओं के तहत कार्ययोजनाएं बनाकर निर्माण कार्य पूर्ण करने, ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत शासकीय निर्माण कार्यों के लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिए गए। शौचालय निर्माण व पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 32 में से 11 सड़कों के पूर्ण होने की जानकारी दी गई। पीएम जनमन योजना, सड़क व पुल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने रेत घाटों के कारण सड़कों के जर्जर होने की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। साथ ही समाज कल्याण, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल जीवन मिशन, जल संसाधन विकास, श्रम रोजगार, सड़क परिवहन राज्यमार्ग, खनिज, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के अंत में सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें, पारदर्शिता बनाए रखें तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करें।
- रायपुर। पारदर्शिता किसी मजबूत व्यवस्था की बुनियादी जरुरत होती है l मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने ई-सर्विस को अपनाया l इस डिजिटल पहल ने बॉटलिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बना दिया।आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-चालान, सिंगल विंडो लॉग इन सिस्टम, यूजर रजिस्ट्रेशन, रियल टाइम कैश कलेक्शन इनफार्मेशन, सेंट्रल विडियो, मोनिटरी सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है l इसी तरह एनओसी परमिट इशू सिस्टम, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, आधार इनेबल्ड बायो-मेट्रिक अटेंडेंस, और टोल-फ्री शिकायत सुविधा इन आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने आबकारी विभाग को नई दक्षता और विश्वसनीयता दी है lआधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयतापारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित व्यवस्था का परिणाम है कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि करना। इस चालू वित्तीय वर्ष में 12 हज़ार करोड़ रुपये के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, दिसंबर माह तक ही 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 7 हजार 851 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार के सुशासन के लक्ष्यों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग lमुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बैठकों व नीति-निर्णय के दृश्य, आधुनिक वीडियो कंट्रोल रूम, कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल डैशबोर्ड व लाइव डेटा का संग्रहण किया जाता है l इसी प्रकार QR कोड, मोबाइल स्कैनिंग, GPS आधारित ट्रक ट्रैकिंग, बोतलों पर यूनिक कोड, डिलीवरी की डिजिटल पुष्टि, आधुनिक आउटलेट, सुव्यवस्थित, तकनीक-आधारित कार्यप्रवाह के माध्यम से किया जा रहा है l
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बिलासपुर /मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम रिस्दा में राशन दुकान खोलने के लिए 22 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। इच्छुक आवेदक अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय मस्तुरी के खाद्य शाखा में उक्त तिथि तक बंद लिफाफे में शाम 5 बजे तक आवेदन दे सकते है। आवेदन के लिए ग्राम पंचायत, महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समितियां, लेम्प समितियां और वन सुरक्षा समितियां पात्रता रखते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के बालगृहों के लिए स्वीकृत संविदा पदों के लिए शासकीय बालगृह (बालिका) के 14 पद एवं विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण राजनांदगांव के 1 पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए 21 जनवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक आवेदन आमंत्रित की गई है। उक्त पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग राजनांदगांव में पंजीकृत डाक, स्पीड, पोस्ट, कोरियर के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी वेबसाईट www.cgwcd.gov.in, www.cgstate.gov.in तथा कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त कलेक्टोरेट कार्यालय प्रथम तल कक्ष क्रमांक 11 राजनांदगांव सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कीर्ति चक्र विजेता वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को वीर अमर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने वीर शहीद दीपक भारद्वाज के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और कर्तव्यनिष्ठा देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का कर्तव्य है।उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें सब-इंस्पेक्टर पुलिस दीपक भारद्वाज भी शामिल थे, जिन्होंने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।शहीद दीपक भारद्वाज के असाधारण पराक्रम और बलिदान को सम्मानित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। 9 मई 2023 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। वीर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा सक्ती जिले के शासकीय वेदराम महाविद्यालय, मालखरौदा (पिहरीद) के समक्ष स्थापित की गई है। इस अवसर पर शहीद श्री दीपक भारद्वाज के पिता श्री राधेलाल भारद्वाज, मालखरौदा जनपद अध्यक्ष श्री कवि वर्मा, श्री निर्मल सिन्हा, लालू गबेल, श्री जगदीश चंद्रा एवं प्रतिनिधिमंडल उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए सघन जांच अभियान के तहत राजस्व विभाग की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार लाल बहादुर नगर श्री अमीय श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम खुबाटोला में इमारती लकड़ी का अवैध रूप से बिना दस्तावेज के परिवहन किया जा रहा था। जिसे जप्त कर कार्रवाई के लिए वन विभाग को सुपुर्द किया गया।
- - छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, सीबीएसई अगले दौर में पहुंचीराजनांदगांव । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 11 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित किया जा रहा है, जिनमें देश के 27 राज्य एवं 9 शैक्षणिक संस्थान सहित कुल 36 बास्केटबॉल बालक-बालिका 17 वर्ष की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के तीसरे एवं चौथे दिन खेले गये प्री-क्वार्टर व क्वार्टर फायनल मैचों में मेजबान छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, सीबीएसई, दिल्ली, पंजाब, सीबीएससीडब्लूएसओ, तमिलनाडू, चण्डीगढ़ की टीमों ने अपने मैच जीतकर प्रवेश किया। छत्तीसगढ़ के बालक व बालिकाओं की टीम सेमीफायनल में जगह बना ली है।दिग्विजय स्टेडियम एवं अन्य खेल मैदानों में खेली जा रही प्रतियोगिता के तीसरे दिन संध्या में प्री-क्वार्टर फायनल मैच खेले गए जिसमें बालिका वर्ग में उत्तर प्रदेश ने केवीएस को 49-41 अंकों से, केरल ने पश्चिम बंगाल को 52-36 अंकों से, सीबीएसई ने झारखण्ड को 45-15 अंकों से, मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 55-46 अंकों से, महाराष्ट्र ने हरियाणा को 54-43 अंकों से तथा बालक वर्ग में तमिलनाडू ने तेलंगाना को 89-49 अंकों से, दिल्ली ने चण्डीगढ़ को 64-29 अंकों से, केवीएस ने गुजरात को 60-48 अंकों से, मध्यप्रदेश ने उत्तर प्रदेश को 42-14 अंकों से, सीबीएससीडब्लूएसओ ने राजस्थान को 47-38 अंकों से, महाराष्ट्र ने संघर्षपूर्ण व रोमांचक मुकाबलें में सीआईएसई को 47-46 अंकों से हराकर क्वार्टर फायनल में जगह बनाई थी।
प्रतियोगिता के क्वार्टर फायनल मैच 14 जनवरी को सुबह खेला गया। जिसमें बालिका वर्ग में सीबीएसई ने मध्यप्रदेश को 45-20 अंकों से, महाराष्ट्र ने केरल को 54-28 अंकों से, दिल्ली ने उत्तर प्रदेश को 55-31 अंकों से, मेजबान छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने चण्डीगढ़ को 74-60 अंकों से हराकर सेमीफायनल में जगह बनाई। वही बालक वर्ग के सेमीफायनल दिल्ली ने महाराष्ट्र को 64-29 अंकों से, पंजाब ने कड़े मुकाबले में तमिलनाडु को 69-66 अंकों से, मेजबान छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश को 35-19 अंकों से पराजित किया। प्रतियोगिता का फायनल मैच 15 जनवरी को सुबह 7:35 बजे से दिग्विजय स्टेडियम में खेला जायेगा।
- -जल जीवन मिशन से आसान हुई ग्रामीणों का जीवन, परिवारों को मिला सुकून और सुविधारायपुर ।भारत सरकार के जल जीवन मिशन से ग्रामीण इलाकों में लोगों का जीवन आसान हो गया है। हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत अब घर-घर नल से जल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को पीने के स्वच्छ पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। पहले गांवों में पानी लाने के लिए लोगों को काफी दूर जाना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह काम बहुत मुश्किल होता था। पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगते थे, जिससे घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते थे और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था।जल जीवन मिशन की शुरुआत इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए की गई। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण लोगों का जीवन आसान और सम्मानजनक बनाना है। आज इस योजना से जिले के हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है।कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत खाम्ही की निवासी सतो बैगा भी इस योजना से बहुत लाभान्वित हुई हैं। वे बताती हैं कि पहले उन्हें पानी लाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। उम्र बढ़ने के साथ यह काम और भी कठिन हो गया था।सतो बैगा ने बताया कि पहले खाना बनाना, साफ-सफाई रखना और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना एक बड़ी समस्या थी। गर्मी और बारिश के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती थी। लेकिन अब उनके घर में नल से जल के बाद ये सभी दिक्कतें खत्म हो गई हैं।अब उनके घर में हर समय साफ पानी उपलब्ध रहता है। उन्हें न तो दूर जाना पड़ता है और न ही किसी पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हुआ है। वे बताती हैं कि अब समय बचता है, जिसे वे अपने घर और आराम के लिए उपयोग कर पाती हैं। सतो बैगा का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उन्हें सिर्फ पानी नहीं दिया, बल्कि चौन और सम्मान भरी जिंदगी भी दी है। अब पानी को लेकर रोज की चिंता पूरी तरह खत्म हो गई है।
- -ग्रामीण महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया अवसररायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार बनकर उभर रही है। योजना के अंतर्गत विकसित जलस्रोत जहां भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक हैं, वहीं स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं को रोजगार और आय सृजन के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।सरगुजा संभाग के अंबिकापुर के ग्राम पंचायत बरगंवा में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत निर्मित तालाब इसका सफल उदाहरण है। तालाब का उपयोग सरस्वती महिला स्व सहायता समूह द्वारा मछली पालन के लिए किया जा रहा है, जिससे समूह की महिलाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हुआ है और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना बनी है।ग्राम पंचायत बरगंवा की सरपंच श्रीमती संजिता सिंह ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण से गांव के जल स्तर में सकारात्मक सुधार दर्ज हुआ है। आसपास के कुओं एवं अन्य जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल एवं सिंचाई में सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि तालाब का प्रबंधन महिला स्व सहायता समूह को सौंपने से आजीविका संवर्धन का एक सशक्त माध्यम तैयार हुआ है।समूह की महिलाओं द्वारा तालाब में लगभग 4,000 मछली बीज डाले गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप यह गतिविधि भविष्य में आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगी। मछली पालन के जरिए महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे स्वयं के श्रम, कौशल और सहभागिता से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।सरपंच श्रीमती सिंह ने कहा कि अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण, पर्यावरणीय संवर्धन और ग्रामीण आजीविका सृजन का प्रभावी मॉडल साबित हो रही है। इससे गांवों में नए रोजगार सृजित हो रहे हैं और स्थानीय महिलाओं की सहभागिता के कारण सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिल रही है।महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों ने भी शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाब निर्माण और मछली पालन ने उन्हें सम्मानजनक और दीर्घकालिक आजीविका का अवसर दिया है। योजना से गांव में समग्र विकास की नई दिशा स्थापित हो रही है और महिलाएं आत्मविश्वास व सशक्तिकरण के साथ आगे बढ़ रही हैं।
- -डिजिटल टोकन प्रणाली से किसानों को मिल रही बड़ी सहूलियतरायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह किसान हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग, सुव्यवस्थित प्रबंधन और समयबद्ध प्रक्रिया के परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज बेचने में महत्वपूर्ण सुविधा मिल रही है।सरगुजा जिले के ग्राम करजी के लघु सीमांत कृषक श्री सूरज राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सरल और पारदर्शी है। उनके 166 क्विंटल धान की खरीदी के लिए उन्होंने घर बैठे ही “किसान तुहंर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन सुविधा से समिति कार्यालय में अनावश्यक भीड़ समाप्त हुई है और किसानों का मूल्यवान समय बच रहा है।टोकन तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें शीघ्रता से गेट पास उपलब्ध कराया गया। वहां धान की नमी का परीक्षण, बारदाना उपलब्धता और तौल प्रक्रिया बिना विलंब के संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि नयी प्रणाली से धान विक्रय पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित हो गया है।श्री राजवाड़े ने उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की भी प्रशंसा की। किसानों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, छायादार बैठने की जगह और समिति कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार उन्हें संतोषजनक लगा।राज्य शासन द्वारा इस वर्ष धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। किसान के अनुसार इस निर्णय ने राज्य के कृषकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर मूल्य मिलने से खेती को लाभदायक बनाया जा सका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।कृषक श्री राजवाड़े ने पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी प्रणाली के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान प्रबंधन से किसानों में सुरक्षा, सम्मान और भरोसे की भावना बढ़ी है।
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-अतुल्य दंतेवाड़ा बना पर्यटकों का नया स्वर्ग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बारसूर और मुचनार क्षेत्र तेजी से रोमांचक एडवेंचर, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ अभियान के तहत विकसित ये स्थल पर्यटकों को जिपलाइन, नाइट कैंपिंग जैसे अनुभव प्रदान कर रहे हैं। सुरक्षित और सुगम सुविधाओं ने इन्हें बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़कर एक आदर्श पर्यटन गंतव्य बना दिया है।बारसूर-मुचनार में जिले की सबसे लंबी जिपलाइन पर्यटकों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी है। ऊंचाई से जंगल और घाटियों के बीच सरकते हुए मिलने वाला यह रोमांच साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। पर्यटक बताते हैं कि हवा की तेज रफ्तार और हरियाली का नजारा उन्हें अविस्मरणीय क्षण प्रदान करता है। इसके अलावा, नाइट कैंपिंग की सुविधा रात के जंगल को जीवंत बना रही है। तारों भरी आकाशमंडल के नीचे टेंट में ठहरना, जंगल की शीतल हवाओं और पक्षियों की चहचहाहट का आनंद लेना पर्यटकों को प्रकृति के करीब ला रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए हैं, जिसमें प्रशिक्षित गाइड और आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं।बारसूर अपने 10वीं-11वीं शताब्दी के भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है, जहां नागर शैली के ये स्थापित धरोहरें इतिहास और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम प्रस्तुत करती हैं। भगवान शिव, विष्णु और गणेश के ये मंदिर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते हैं। धार्मिक पर्यटक यहां पूजा-अर्चना के साथ इतिहास से रूबरू हो रहे हैं। वहीं, सातधार नदी का कल-कल बहता जल और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह रही है। नदी किनारे पिकनिक, फोटोग्राफी और ध्यान के लिए उपयुक्त यह स्थान शांति की तलाश में आने वालों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हाल के दिनों में सैलानियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ के तहत सड़क, पार्किंग, शौचालय और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। यह अभियान स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और वन विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। आने वाले समय में ट्रेकिंग और बोटिंग जैसी नई गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। बारसूर-मुचनार न केवल रोमांच और शांति चाहने वालों के लिए बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक यात्रा के इच्छुक पर्यटकों के लिए भी आदर्श बन रहा है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान दे रहा है। - रेखा ठाकुर ने स्वरोजगार को बनाया नियमित आय का साधनरायपुर/ छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित सक्षम योजना राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा एवं एकल महिलाओं के लिए संबल बनकर उभरी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को मजबूती से निभा सकें। इसी क्रम में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखण्ड के ग्राम धरदेई निवासी श्रीमती रेखा ठाकुर को सक्षम योजना का लाभ दिया गया। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी उनके लिए कठिन हो गया था, जिससे वे मानसिक रूप से भी परेशान रहती थीं।सक्षम योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। इस सहायता से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदा और इससे स्वरोजगार की शुरुआत की, जिससे नियमित आय का साधन विकसित हुआ। धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा और परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति सहज होने लगी। योजना से मिली मदद ने केवल आर्थिक सशक्तिकरण ही नहीं किया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना भी उत्पन्न की। आज वे अपने निर्णय स्वयं ले रही हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं। गांव और समाज में उनकी पहचान एक आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में बन गई है। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना वास्तव में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। यह योजना न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दे रही है।
- कोण्डागांव/ कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश के मार्गदर्शन में यूनिसेफ राज्य कार्यालय छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षक द्वारा जिला कोण्डागांव किशोर न्याय बोर्ड में बाल संरक्षण प्रणालियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक देखभाल को शामिल करने हेतु दो दिवसीय पायलट प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण 08 जनवरी 2026 से 09 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सेवा प्रदाताओं, देखभालकर्ताओं एवं बाल संरक्षण अधिकारियों की क्षमता का मूल्यांकन करना, मदद करने के कौशल में सुधार लाना तथा हानिकारक व्यवहार को कम करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान रोल प्ले एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना, उन्हें खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करना, सक्रिय एवं ध्यानपूर्वक सुनने की क्षमता विकसित करना, समानुभूति की समझ बढ़ाना, आत्महत्या के जोखिम का आकलन एवं प्रबंधन करना तथा बच्चों की ताकतों और कठिनाइयों से निपटने के तरीकों को पहचानने में सहायता करना रहा। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सामाजिक मनोविज्ञान, सुरक्षा एवं संरक्षण को बच्चों के समग्र विकास की नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया।इस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को सही समझ, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग कोण्डागांव के अंतर्गत जिला महिला सशक्तिकरण, मिशन वात्सल्य, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति तथा बाल देखरेख संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- कोंडागांव/ कोंडागांव में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकाय की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार को विशेष वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में कोंडागांव के सीएमओ दिनेश डे ने राजस्व वसूली टीम के साथ 14 जनवरी को वसूली अभियान की कमान संभाली।इस दौरान सीएमओ दिनेश डे डोर-टू-डोर अभियान के तहत घरों में समेकित कर, संपत्ति कर एवं जल शुल्क की वसूली तथा दुकानों से किराया व प्रीमियम की वसूली के लिए निकले। उन्होंने बताया कि बड़े बकायादारों एवं दुकानदारों की सूची तैयार कर उसी के अनुरूप वसूली अभियान चलाया जा रहा है। जिन दुकानों का किराया और प्रीमियम बकाया है, उनके विरुद्ध दुकान निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा रही है। सीएमओ ने नगरवासियों से अपील की कि वे समस्त करों का भुगतान परिषद कोष में समय पर जमा करें। साथ ही घरों एवं दुकानों से निकलने वाले कचरे को स्वच्छता दीदी को सौंपें और यूजर चार्ज का भुगतान भी सुनिश्चित करें। उन्होंने जानकारी दी कि कोंडागांव नगर की कुल डिमांड लगभग चार करोड़ रुपये है, जिसकी वसूली की जानी है। इसमें डोर टू डोर यूजर चार्ज एवं अन्य लेन-देन को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त सभी मकान मालिकों एवं दुकानदारों को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बिल भी वितरित कर दिया गया है।
- एमसीबी/प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के अंतर्गत निवासी छरछा तहसील केल्हारी़ फुलकुवंर की पानी में डूबने से हुई मृत्यु के पश्चात उनके पति चीनीलाल को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार निवासी पाराडोल तहसील मनेन्द्रगढ़ में मंदीप सिंह की मृत्यु जहरीले सर्प के काटने के कारण हो गया था जिससे मृतक के पिता महेन्द्र सिंह को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता राशि पीड़ित परिवार को आपदा की कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने हेतु शासन द्वारा प्रदत्त राहत उपायों के अंतर्गत दी गई है। स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 के मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा।
- महासमुन्द/ राजस्व पटवारी संघ तहसील बसना के पत्रानुसार पटवारी श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा अवैध धान परिवहन की रोकथाम के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार श्री देवांगन, तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 20 तहसील बसना द्वारा 21 दिसंबर 2025 की रात्रि में ग्राम उमरिया क्षेत्र में ओड़िशा के वाहन से 420 कट्टा धान का अवैध परिवहन कराया जाता हुआ पाया गया था। इस घटना का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्रों में भी हुआ, जिससे शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हुई।उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना द्वारा 8 जनवरी 2026 को संबंधित पटवारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई थी। प्राप्त जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर यह स्पष्ट हुआ कि श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई है। फलस्वरूप, उनके कदाचरण, अनुशासनहीनता एवं शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही को देखते हुए छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग-एक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के उपनियम (1)(क) के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना श्री हरीशंकर पैंकरा द्वारा श्री लालकृष्ण देवांगन, पटवारी (तत्कालीन प.ह.नं.-20, वर्तमान प.ह.नं.-42 तहसील बसना) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना नियत किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा।


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