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- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- -कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश-एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं-अवैध संग्रहण पर सख्त कार्रवाई और शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देशरायगढ़ ।राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों की नियमित उपलब्धता और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सतर्क है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है।कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि ऑयल कंपनियों के पास इन पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उनकी नियमित आपूर्ति जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस संबंध में आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग या पेट्रोल-डीजल के अनावश्यक संग्रहण जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि ऑयल कंपनियों और जिलों में उपलब्ध एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की दैनिक जानकारी खाद्य विभाग के मॉड्यूल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके आधार पर प्रतिदिन जिले में प्राप्त स्टॉक, विक्रय मात्रा तथा शेष उपलब्धता की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनी रहे।कलेक्टर ने खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के अवैध संग्रहण तथा दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध स्थलों की पहचान कर नियमित जांच एवं आवश्यकतानुसार छापेमारी की कार्रवाई करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही आम उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम पदार्थों की प्राप्ति में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 और 1967 के अलावा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 0771-2511975 पर संपर्क किया जा सकता है। जिलों में भी जिला स्तरीय कंट्रोल रूम गठित कर उनके नंबर आम जनता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।कलेक्टर ने कहा कि विभागीय कॉल सेंटर में दर्ज शिकायतों का निराकरण संबंधित खाद्य नियंत्रक, खाद्य अधिकारी तथा ऑयल कंपनियों के जिला समन्वयक द्वारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी विभागीय डैशबोर्ड में तत्काल दर्ज की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों द्वारा समय-समय पर जारी एलपीजी बुकिंग, वितरण और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों को सभी एलपीजी वितरकों, उचित मूल्य दुकानों तथा अन्य आवश्यक स्थानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा इसकी जानकारी शीघ्र विभाग को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और आवश्यकतानुसार ही पेट्रोलियम पदार्थों का उपयोग करें, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे।
- रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास जताया है कि राज्य नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरआईटी) परिसर में आयोजित दो दिवसीय 'आदि परब' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। साय ने कहा, ''हमारी सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से अब हम बस्तर क्षेत्र में खुशहाली और शांति बहाल करने में कामयाब हो रहे हैं। बस्तर पिछले लगभग 40 वर्षों से विकास से अछूता रहा और लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव से प्रभावित था, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।'' उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन के साथ-साथ खुशहाली और समृद्धि का नया दौर आएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 'आदि परब' का विषय 'परंपरा से पहचान तक' रखा गया है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को साझा मंच देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 विभिन्न जनजातियों के लोग एक मंच पर एकत्रित हुए, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए विभाग की पूरी टीम को बधाई दी तथा 'आदि परब' चित्रकला और परिधान को मिले 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' पुरस्कार के लिए भी शुभकामनाएं दी। अधिकारियों ने बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा और शोध के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टीआरटीआई परिसर में पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 सीटों की क्षमता वाले छात्रावास का लोकार्पण भी किया।
- कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय का प्रथम एल्यूमिनी मीट प्रारंभछात्र संघ के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गईरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित स्वामी विवेकानंद अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय एल्युमिनाई मीट ”एग्री टेक मिलन 2026“ में महाविद्यालय के सैकड़ों पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस एल्युमिनाई मीट में छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी कई पूर्व छात्रों ने शिरकत की। कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार आयोजित इस एल्युमिनाई मीट में विगत 28 वर्षों में महाविद्यालय से उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस अवसर पर दो दिवसीय प्रौद्योगिकी प्रदर्शन मेला भी आयोजित किया गया जिसमें कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किसानोपयोगी नवीन प्रौद्यौगिकियां प्रदर्शित की गई। एग्री टेक मिलन 2026 का शुभारंभ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने किया। समारोह की अध्यक्षता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र संघ 2026 के पदाधिकारियों को पद एवं गोपनियता की शपथ भी दिलाई गई।एल्युमिनाई मीट का शुभारंभ करते हुए कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि आज यह एक ऐतिहासिक अवसर है जब स्वामी विवेकानंद प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में पहली बार भूतपूर्व छात्र-छात्राओं का मिलन समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि इस मिलन समारोह में विविध क्षेत्रों में सफल हो चुके पूर्व विद्यार्थियों को देख कर प्रसन्न्ता हो रही है विशेषकर उन छात्रों से जिन्होंने उद्योग एवं व्यवसाय के क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित कर अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि अभियांत्रिकी कृषि की रीढ़ है। उन्नत एवं नवाचारी कृषि में कृषि यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी विकसित भारत /2047 विजन डाक्यूमेंट में विकसित भारत के निर्माण हेतु कृषि अभियांत्रिकी को तीसरा सबसे महत्वपूर्ण साधन बताया गया है। डॉ. चंदेल ने आव्हान किया कि कृषि में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने महाविद्यालय में वर्तमान में अध्यनरत छात्रों से कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों में सफल पूर्व छात्रों से मिलकर उनके ज्ञान एवं अनुभव का लाभ प्राप्त करें।समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि महाविद्यालय में पहली बार एल्युमिनाई मीट का आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विगत 28 वर्षों में कृषि अभियांत्रिकी की पढ़ाई कर चुके भूतपूर्व विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। इन पूर्व विद्यार्थियों में से अनेक विद्यार्थी संघ लोक सेवा आयोग तथा राज्य लोक सेवा आयोगों के माध्यम से भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर आसीन हैं। इसके अलावा कुछ भूतपूर्व छात्र प्रतिष्ठित औद्योगिक तथा व्यवसायिक संस्थानों में निदेशक अथवा वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अनेक विद्यार्थियों ने स्टार्टअप स्थापित कर अन्य लोगों को रोजगार प्रदान किया है। इसके अलावा लगभग 100 भूतपूर्व विद्यार्थी विभिन्न विश्वविद्यालयो में निदेशक, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं वैज्ञानिक के रूप में योगदान दे रहे हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 1997 में कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की गई थी जिसके अंतर्गत एम. टेक पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये थे। वर्ष 2008 में शोध पाठ्यक्रम शुरू किए गए। वर्ष 2014 में स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की स्थापना के साथ कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में विभिन्न स्नातक पाठय्क्रम प्रारंभ किये गए। डॉ. वर्मा ने बताया कि कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय द्वारा अब तक 97 नवीन प्रौद्योगिकी विकसित की गई है तथा 32 डिजाईन पेटेंट प्राप्त किये गए हैं।एग्री टेक मिलन 2026 समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में सफल भूतपूर्व छात्र-छात्राएं शामिल हुए जिनमें श्री अतुल पाठक, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग उत्तराखण्ड, श्री प्रितेश राजपूत डिप्टी कलेक्टर जिला सक्ति छत्तीसगढ़, श्रीमति वंदना चुरेन्द्र, निदेशक कोयतुर फिश फार्मिंग, श्री प्रशांत सुब्रमण्यम, निदेशक कैप्स आईसक्रीम रायपुर तथा सुश्री श्रेया जैन एशोसिएट मैनेजर बालको कोरबा प्रमुख हैं। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए. के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी. के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस. एस. टूटेजा, अपर संचालक कृषि अभियांत्रिकी विभाग श्री जी. के. पीढ़िया, प्रगतिशील कृषक श्री बिसेश्वर साहू एवं डॉ. एम. पी. त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापक डॉ. आर. के. नायक ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया।
- ईति समददार बन रही हैं परिवार का मजबूत सहारा*बुटीक चलाकर घर की जिम्मेदारियों में निभा रही हैं अहम भूमिका*रायपुर। प्रदेश सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। माना कैम्प की निवासी श्रीमती ईति समददार इस योजना से लाभ पाकर अपने परिवार के लिए एक मजबूत सहारा बनती जा रही हैं।श्रीमती ईति समददार बताती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना उनके जैसे कई परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही है। इस योजना के तहत उन्हें हर महीने 1000 ₹ की राशि सीधे उनके बैंक खाते में मिल रही है, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा मिला है।वे बताती हैं कि इस राशि का उपयोग वे अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने के साथ-साथ घर के रोजमर्रा के खर्चों में भी कर रही हैं। इसके अलावा वे एक छोटी सी बुटीक चलाती हैं और इस राशि से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।श्रीमती ईति समददार का कहना है कि इस योजना से उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी मिला है। अब वे परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा पा रही हैं और भविष्य के लिए नई योजनाएं भी बना रही हैं।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में अभनपुर में 05, धरसीवां में 01 कुल 06 महिला प्रसुताओं को 30 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखूता है।
- – “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ*रायपुर/ जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज सहायक शिक्षक सुश्री अंजलि नेताम ने शासकीय प्राथमिक शाला भाटापारा बेलर अभनपुर, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री वैभव शर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्र एवं शासकीय प्राथमिक शाला धरमपुरा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 3 किलोवाट सोलर रूफटॉप प्लांट से बिजली बिल हुआ शून्य, गांव के लोगों को कर रही प्रेरितरायपुर/ खैरागढ़, छुईखदान गंडई जिले के ग्राम टेकापार कला की निवासी श्रीमती निशि श्रीवास ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त किया है। सोलर प्लांट लगवाने से पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग ₹500 प्रतिमाह आता था, जिससे घरेलू खर्चों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था।योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब उनकी स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन होने के कारण उनका बिजली बिल अब शून्य (₹0) हो गया है। हाल ही में उनके सोलर प्लांट से कुल 282 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जिस पर उन्हें ₹474 का सोलर रिबेट भी प्राप्त हुआ। श्रीमती निशि श्रीवास का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिल में राहत मिली है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। अब वे अपने गांव तथा आसपास के लोगों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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- बलौदाबाजार को मिली विकास की नई सौगात :
-3 करोड़ 40 लाख रुपए से बनाने वाले सब्जी बाजार का हुआ भूमिपूजनरायपुर। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने शनिवार को नगर पालिका बलौदाबाजार के वार्ड क्रमांक 13 में नव-निर्मित हाट बाजार का लोकार्पण तथा वार्ड क्रमांक 10 में बनने वाले सब्जी बाजार का भूमिपूजन किया। हाट बाजार में लगभग 32 पक्के छत वाले चबूतरे 32 लाख रुपए की लागत से बनाए गए हैं। वहीं आधुनिक सुविधाओं से युक्त सब्जी बाजार का निर्माण करीब 3 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि आज बलौदाबाजार शहर के विकास में एक नई कड़ी जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि अब शहर में बदलाव साफ दिखाई देने लगा है और आने वाले दो वर्षों में शहर का कायाकल्प होकर यह और अधिक सुंदर व व्यवस्थित बनेगा।उन्होंने कहा कि केवल शासकीय योजनाओं और निर्माण कार्यों से ही शहर सुंदर नहीं बनता, बल्कि इसके लिए नागरिकों की जागरूकता भी आवश्यक है। नगरवासियों को शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी स्वयं लेनी होगी। उन्होंने अपील की कि कचरा इधर-उधर न फेंककर कूड़ेदान या डस्टबिन में डालने की आदत विकसित करनी चाहिए और सभी को इसके लिए संकल्प लेना होगा।इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक लक्ष्मी बघेल, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, नगर पालिका उपाध्यक्ष जीतेन्द्र महले सहित पार्षदगण और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। - -दान-पेटी में रखे रकम को भी पार कर दिया-सी सी टी वी फुटेज में नकाब पहन चोरी करते दो व्यक्ति कैदरायपुर । मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिवनी ( गोढ़ी ) स्थित प्रसिद्ध चंडी मंदिर व इससे लगे राम मंदिर से बीते 12 - 13 मार्च के दरम्यानी रात लगभग 3 लाख रुपये के सोने की गहनों की चोरी हो गयी है । जानकारी मिलते ही थाना अमला ने मौका मुआयना करने के बाद पतासाजी शुरू कर दी है । राम मंदिर के सी सी टी वी फुटेज में नकाब पहन चोरी करते दो व्यक्ति कैद हो गये हैं ।ग्राम सिवनी में खेतों के बीच क्षेत्र का प्रसिद्ध चंडी मंदिर स्थित है जहां दोनों नवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं द्वारा ज्योति कलश प्रज्वलित कराया जाता है और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रहती है । इसी से कुछ दूरी पर राम मंदिर स्थित है । चैत्र नवरात्र पर्व शुरू होने के 7 दिन पहले बीते गुरुवार - शुक्रवार के दरम्यानी रात को 2 चोरों ने चंडी मंदिर का दरवाजा तोड़ने के बाद अलमारी का ताला तोड़ उसमें रखे होने व चांदी के गहने चोरी कर ली वहीं राम मंदिर से मूर्तियों को पहनाये गये सोने के जवाहरात उतार ले गये। साथ ही दान-पेटी में रखे रकम को भी पार कर दिया । बतलाया जाता है कि चंडी मंदिर का ही सी टी वी बंद पड़ा है पर इससे कुछ ही दूरी पर स्थित राम मंदिर के सी सी टी वी में नकाबपोश चोरी करते कैद हो गये हैं । बीते शुक्रवार की सुबह ही जानकारी मिलते ही मंदिर समिति के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने इसकी सूचना थाना प्रभारी आशीष यादव को दी। सूचना मिलते ही सक्रिय हुये पुलिस अमला ने मौका मुआयना किया व सी सी टी वी फुटेज को भी देखा । मंदिर आने - जाने के संभावित सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी पुलिस अमला खंगालने के साथ - साथ मुखबिरों के माध्यम से पतासाजी में लगे अमला को अभी तक सफलता नहीं मिली है । इधर दोनों मंदिर से चोरी होने से सिवनी सहित आसपास के ग्रामों में आक्रोश है और वे जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग पुलिस प्रशासन से कर रहे हैं ।
- रायपुर | रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों को तनावमुक्त और फिट रखने के उद्देश्य से क्लब द्वारा एक विशेष जुंबा टीम का गठन किया गया है। यह टीम क्लब के सदस्यों के लिए नियमित जुंबा अभ्यास सत्र का संचालन करेगी।प्रशिक्षण टीम और शुभारंभ:इस विशेष जुंबा टीम में संतोष कुमार साहू, अनीता कन्नौजिया और यास्मीन बांधे को शामिल किया गया है, जो अपनी विशेषज्ञता से पत्रकारों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे। इस प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ 15 मार्च, रविवार सुबह 6:00 बजे से किया जाएगा।वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति:शुभारंभ अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब की पूरी कार्यकारिणी मौजूद रहेगी, जिनमें मुख्य रूप से:* अध्यक्ष: मोहन तिवारी* महासचिव: गौरव शर्मा 'भारतीय'* उपाध्यक्ष: दिलीप साहू* कोषाध्यक्ष: दिनेश यदु* संयुक्त सचिव: निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़ेप्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी एवं महासचिव गौरव शर्मा ने बताया कि पत्रकारिता की भागदौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक फिटनेस अत्यंत आवश्यक है। जुंबा न केवल शरीर को सक्रिय रखता है बल्कि मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक है। उन्होंने क्लब के सभी सदस्यों से इस सत्र का लाभ उठाने की अपील की है।
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- महिला दिवस समारोह में खुलकर हुई नारी शक्ति पर चर्चा- तात्कालिक भाषण में प्रखर वक्ता की भूमिका में नजर आई महिलाएंरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के महिला दिवस समारोह में नर्सों की सेवा को नमन करते हुए उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। वहीं तात्कालिक भाषण में महिलाएं अपने-अपने विषय पर प्रखर वक्ता की तरह धारा प्रवाह बोलतीं नजर आईं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।इस मौके पर मुख्य अतिथि ईएनटी विशेषज्ञ डा. अनुपमा आनंद जोशी ने कहा कि नारी अबला नहीं है। नारी अनपढ़ ही क्यों न हो, वह अपनी इच्छाशक्ति से सब कुछ कर सकती है। नारी की शक्ति ही परिवार को जोड़ती है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सिर्फ एक दिन है, नारियों का सम्मान तो हर दिन होना चाहिए।कार्यक्रम के विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार गोविंद ठाकरे ने कहा कि नारी देह के आगे दिव्य है। जब हम नारी को देह से आगे देखते हैं, तो उनमें हमें मां, बहन, बेटी दिखाई देती है। नारी के आगे कोई कुछ भी नहीं। ठाकरे ने कहा कि वे काफी अरसे से महाराष्ट्र मंडल आते रहे हैं। यहां संगठन और कार्यक्रमों में महिलाओं को जो महत्व दिया जाता है, सम्मान किया जाता है, वह प्रेरक व प्रशंसनीय है।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि दो चोटी बनाकर घर से निकलने वाली महिलाएं आज सफलता की चोटी पर है। सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपना लोहा मनवा लिया है। हमारे यहां विभिन्न प्रकल्पों के 150 से अधिक पदाधिकारियों में 80 फीसद महिलाएं हैं। इसी तरह यहां कार्य करने वाले 120 कर्मचारियों में भी 80 फीसदी महिलाएं ही हैं।कार्यक्रम में पिछले समारोह के आयोजक केंद्रों की संयोजिकाओं व सह संयाजिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया गया। हमारे गौरवशाली इतिहास की महानतम महिलाओं में छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजा बाई के वेश में पल्लवी मुकादम, सिंधुताई सपकाल के वेश में संध्या खंगन, महिलाओं में शिक्षा की ज्योत जलाने वाली ज्योतिबा फुले की भूमिका में विराज भालेराव, महारानी अहिल्या बाई के रोल में सौदामिनी बर्वे नजर आईंं।कार्यक्रम के अंतिम चरण में महिलाओं ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया। चौबे कॉलोनी, रोहिणीपुरम, डंगनिया और सुंदर नगर केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले का विशेष मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम का संचालन संगीता निमोणकर और चित्रा जावलेकर ने किया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच तात्कालिक भाषण स्पर्धा में 12 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें महिलाओं ने स्वावलंबन, डिजिटल क्रांति, सकारात्मक सोच, महिला उद्यमी जैसे कई विषयों पर अपने विचार रखे। डा. वृंदा काले ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनका आत्मविश्वास प्रबल होता है।अदिति देशपांडे ने मजबूत कुटुंब और डा. विनया मास्कर ने आत्मबल पर जोर दिया। - रायपुर। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पश्चिम बंगाल जनसभा का लाइव टेलिकास्ट सुना गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर के ऑडिटोरियम में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और बंगाली समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।बंगाल में खिलेगा कमल : अखिलेश सोनीभाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बेनर्जी की तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भाजपा कार्यकर्ता चुनावी रण में उतर चुके हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार कमल खिलेगा और पूर्ण बहुमत से वहां पर भाजपा की सरकार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम में आए बंगाली समाज के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए उन्हें भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।भाजपा कार्यकर्ता एवं बंगाल का जनमानस तानाशाह सरकार की करेगा बिदाई : मीनल चौबेरायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने ममता बेनर्जी की अराजक सरकार को उखाड़ फेंकने एवं भाजपा की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं एवं बांग्ला समुदाय के अपील करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एक अराजक सरकार है जो लगातार बंगाल के विकास में बाधा बन कर खड़ी हुई है। लेकिन अब जनता समझ चुकी है और वह पश्चिम बंगाल में विकास चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता एवं बंगाल का जनमानस तानाशाह ममता सरकार की जल्द बिदाई करने वाला है।कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक केदार गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा का लाइव प्रसारण देशभर में देखा गया। इसमें बड़ी संख्या में बंगाली समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए ताकि वे अपने परिजनों और परिचितों से संपर्क कर भाजपा के समर्थन में मतदान के लिए प्रेरित कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और सुशासन का नया दौर शुरू हुआ है और इसी विश्वास के साथ कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए जुटे हैं। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित बड़ी संख्या में बन्ग समाज के प्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
- -जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा नल कनेक्शनों की स्थिति पर हुई चर्चा-केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों के पीएचई और ग्रामीण विकास मंत्री हुए शामिल, जल जीवन मिशन 2.0 की दी गई जानकारीरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शनों की समीक्षा के साथ ही जल जीवन मिशन 2.0 की जानकारी दी गई।नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित बैठक में केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना तथा विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री भी मौजूद थे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी भी उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के साथ उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति, उसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा हर घर तक नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। घरेलू नल जल कनेक्शनों की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति, पेयजल योजनाओं के संचालन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधानों पर भी इस दौरान चर्चा की गई। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 की केंद्रीय कैबिनेट से अनुमोदन एवं उसकी शर्तों के बारे में सभी राज्यों को अवगत कराया गया। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में जल जीवन मिशन की समयावधि को दिसम्बर-2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ द्वारा जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए राज्यांश के रूप में 3426 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि जारी की गई है। उन्होंने इसके समतुल्य केंद्रांश की राशि प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध किया। भारत सरकार द्वारा एकल ग्राम योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का निर्णय लिया गया है। श्री साव ने इसमें आंशिक संशोधन करते हुए मल्टी-विलेज योजनाओं (MVS) के लिए भी प्राथमिकता के आधार पर राशि जारी करने का आग्रह केंद्र सरकार से किया।केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत सभी राज्यों को भारत सरकार के साथ एमओयू करना होगा। भारत सरकार द्वारा सुझाए गये बिन्दुओं को समाहित कर संशोधित ओएंडएम नीति (O&M Policy) लागू करनी होगी। इसके बाद ही भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत राशि जारी की जाएगी। साथ ही मिशन के अंतर्गत स्वीकृत सभी योजनाओं की डिजिटल एसेट रजिस्ट्री सुजलम भारत मोबाइल एप के माध्यम से सुजल गांव आईडी जनरेट किया जाना होगा तथा योजनाओं का फाइनेंशियल रिकॉन्सिलिएशन भी किए जाने की अनिवार्यता होगी। इन प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद ही भारत सरकार द्वारा मिशन के तहत योजनावार राशि जारी की जाएगी।
- -सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी और फसलों का नुकसान से होगा बचाव-किसानों ने जनहितकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभारबिलासपुर /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौवंश के संरक्षण, आवारा पशुओं की समस्या के समाधान और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई गोधाम योजना को किसानों और पशुपालकों ने एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल बताया है। किसानों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां एक ओर गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी तथा किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी। किसानों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत आज प्रदेश के 11 जिलों में 29 गोधाम का शुभारम्भ किया गया। प्रदेश के सभी विकासखंडों में भी गोधाम स्थापित करने की योजना है जहां आवारा और निराश्रित गौवंश के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित आश्रय की व्यवस्था की जाएगी। इससे सड़कों और खेतों में भटकने वाले पशुओं को एक सुरक्षित स्थान मिल सकेगा। ग्राम पोड़ी के किसान ईश्वर प्रसाद का कहना है कि अक्सर राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य सड़कों पर पशुओं के अचानक आ जाने से गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो जाती हैं, जिससे कई बार जनहानि भी हो जाती है। गोधाम के निर्माण से इस समस्या का समाधान होगा।तखतपुर के किसान अलख राम और भरनी के किसान ज्वाला प्रसाद कौशिक ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर अक्सर आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। यदि इन पशुओं को गोधाम में सुरक्षित रखा जाएगा तो निश्चित रूप से दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा हो सकेगी।किसानों ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं के कारण खेतों में खड़ी फसलों को अक्सर भारी नुकसान होता है। रात के समय पशु खेतों में घुसकर धान, सब्जी और अन्य फसलों को नष्ट कर देते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ती है। गोधाम योजना लागू होने से इस समस्या से निजात मिलेगी जिससे किसानों की मेहनत और उनकी फसल दोनों सुरक्षित रह सकेंगी। किसानों का मानना है कि इस योजना से गौवंश को भी सम्मानजनक संरक्षण मिलेगा। लंबे समय से आवारा पशुओं की समस्या ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिंता का विषय बनी हुई थी। गोधाम बनने से पशुओं को सुरक्षित आश्रय, भोजन और देखभाल की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।इसके साथ ही ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी मिल सकेंगे, क्योंकि यहां पशुपालन, हरा चारा उत्पादन और गोबर से उपयोगी उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण देकर स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाएगा।किसानों और ग्रामीणों ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना राज्य में पशु संरक्षण, सड़क सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है। किसानों ने कहा कि गोधाम योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और किसानों को लंबे समय से हो रही समस्याओं से राहत मिलेगी।
- - अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने दिया राज्य पुलिस अकादमी में व्याख्यानरायपुर । अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने सुभाषचन्द्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चन्द्रखुरी रायपुर में आयोजित कार्यशाला में व्याख्यान देते हुए कहा विज्ञान की शिक्षा, एवं प्रौद्योगिकी के कारण देश में वैज्ञानिक उपलब्धियां बढ़ रही हैं शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक का प्रभाव बढ़ है ,पर उसके बाद भी देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है जिनमे डायन /टोनही के संदेह में प्रताड़ित महिलाओं की संख्या अधिक है.जादू टोना ,टोनही जैसे अंधविश्वास से जिससे बचाव ,राहत के लिए आम जन में जागरूकता के साथ लिए शिकायतों पर संज्ञान लेकर तुरंत कार्यवाही आवश्यक हैं. प्रदेश में सन 2005 से राज्य टोनही प्रताड़ना निरोधक कानून बना हुआ है, जिसकेअभी भी गांव गांव में प्रचार,प्रसार तथा और शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही से पीड़ितों को राहत मिलेगी।.डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा सामाजिक अंधविश्वासों पर चर्चा, तर्क और विश्लेषण जारी रहना समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए जरूरी है.वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सम्बंध तर्कशीलता से है, वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारे अंदर अन्वेषण की प्रवृत्ति विकसित करता है,तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करता है, इस लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हमारे संविधान का महत्वपूर्ण अंश हैकिसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध सभी को एकजुट होकर आगे आना चाहिए।डॉ. मिश्र ने कहा विभिन्न प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। कोरोना जैसी महामारी का हल व उपचार वैक्सीन बनाने एवं उसे लोगों तक उपलब्ध कराने में चिकित्सा विज्ञान की बड़ी भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए।डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि आज भी बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से डराया व भ्रमित किया जाता है. जबकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा — देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन (टोनही )के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड में 7000 ,बिहार में 1679 छत्तीसगढ़ में 1357,ओडिशा 388 में ,राजस्थान 95 में,आसाम में 102 मामलों की प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं ।डॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं का वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे।डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। इस अधिनियम के आधार पर भी संज्ञान लिया जाए.।डॉ मिश्र ने कहा लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को स्वयं आगे आना चाहिए.।
- -मुख्यमंत्री का स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा हौसला बढ़ाता है : आकांक्षा सत्यवंशी-छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने बढ़ाया प्रदेश का मान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को टाटा सिएरा कार उपहार स्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीमती आकांक्षा को बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियों ने विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने महिला क्रिकेट टीम के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए टाटा मोटर्स द्वारा कार उपहार देने की इस पहल की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना के निरंतर विकास से प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रदेश के सुदूर अंचलों के युवा भी खेलों से जुड़ रहे हैं। वहीं नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी प्रदेश को मिलने से भी राज्य में खेलों के लिए सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला क्रिकेट टीम की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली मुलाकात के दौरान भी आकांक्षा का आत्मविश्वास और ऊर्जा बेहद प्रेरणादायक थी और आज भी उनमें वही उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यही जज्बा भविष्य में होने वाले विश्व कप में भी टीम को सफलता दिलाएगा।भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा कि विश्व कप जीतकर लौटने के बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया और प्रदेश की बेटी के नाते उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री का यह स्नेह और प्रोत्साहन हमेशा उनका मनोबल बढ़ाता है।श्रीमती आकांक्षा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री से यह सम्मान प्राप्त कर उनका दिन यादगार बन गया है और यह पल उनके जीवन में हमेशा विशेष रहेगा। उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में टीम में अपनी भूमिका तथा विश्व कप जीत की यात्रा से जुड़े अनुभव भी साझा किए।इस अवसर पर भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, श्रीमती आकांक्षा के परिजन तथा टाटा मोटर्स के प्रतिनिधि उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम को आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में टाटा मोटर्स द्वारा टाटा सिएरा एसयूवी कार उपहार स्वरूप प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की निवासी और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट श्रीमती आकांक्षा सत्यवंशी को भी आज टाटा सिएरा कार भेंट की गई।भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले वर्ष अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के सम्मान में टाटा मोटर्स ने टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को सिएरा एसयूवी के टॉप-एंड मॉडल भेंट करने की घोषणा की थी।
- -राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजनरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
- -श्री साव ने 55 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन, 21.40 करोड़ के नए कार्यों की घोषणा-बीरगांव को हमने नगर निगम बनाया और हम ही संकल्प के साथ संवार रहे : श्री अरुण सावरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज बीरगांव नगर निगम में 55 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने बीरगांव में आयोजित कार्यक्रम में 21 करोड़ 40 लाख रुपए के नए कार्यों की घोषणा भी की। श्री साव ने नागरिक सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने आज बीरगांव नगर निगम के व्हाट्स-एप चैटबॉट सेवा का शुभारंभ किया। इसमें नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे तथा आवश्यक सेवाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश योजना के तहत चेक सौंपकर उन्हें नए घर की बधाई दी। उन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को भी चेक प्रदान किए। कार्यक्रम में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान के लिए स्वच्छता दीदियों को सम्मानित भी किया गया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू और महापौर श्री नंदलाल देवांगन भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीरगांव नगर निगम को आज 55 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात मिली है। जनप्रतिनिधियों की जागरूकता और सरकार की प्रतिबद्धता से ही विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि बंजारी मंदिर चौक से बस स्टैंड होते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 7 करोड़ 40 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। जल्दी ही यह कार्य शुरू होगा। श्री साव ने उरकुरा में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए 5 करोड़ रुपए, सड़क और नाली निर्माण के लिए 2-2 करोड़ रुपए तथा बीरगांव में अन्य विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।श्री साव ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 2500 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन के साथ तेजी से विकास के कार्य हो रहे हैं। हमने ही बीरगांव को नगर निगम बनाया है और हम ही इसे संवारने का काम भी कर रहे है। बीरगांव नगर निगम के सभापति श्री कृपा राम निषाद, नेता प्रतिपक्ष श्री ओमप्रकाश साहू, श्री योगेश साहू और श्री भागीरथी साहू के साथ एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -“विजन 2030” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजितरायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “विजन 2030 दृ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए उच्च विकास व्यवसाय मॉडल का निर्माण” विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अरण्य भवन सभागार, नया रायपुर में किया गया।कार्यक्रम के दौरान अपने उद्बोधन में वन मंत्री श्री कश्यप ने निगम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राज्य की वन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वन संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत प्रबंधन, वनोपज का मूल्य संवर्धन तथा उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से निगम की गतिविधियों का विस्तार किया जाना आवश्यक है।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समय की आवश्यकता हैं। इनके माध्यम से विभिन्न राज्यों के अनुभव साझा करने का मौका मिलता है, उद्योग जगत की अपेक्षाएं और विशेषज्ञों के सुझाव एक मंच पर प्राप्त होते हैं, जिससे भविष्य के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलती है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए वन विकास निगम के अधिकारियों को बधाई दी और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझावों के आधार पर निगम के लिए सुदृढ़ और उच्च विकास क्षमता वाला रोडमैप तैयार किया जाएगा।कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यशाला के उद्देश्य तथा विजन 2030 के अंतर्गत निगम के दीर्घकालिक लक्ष्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निगम वन संसाधनों के सतत उपयोग, मूल्य संवर्धन तथा नए अवसरों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वन विकास निगम लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और वनवासियों को आजीविका के अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़ श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।उल्लेखनीय है कि इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि इसमें देश के पांच राज्यों के वन विकास निगमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया स उन्होंने अपने-अपने राज्यों में संचालित गतिविधियों, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों तथा सफलता की कहानियों को साझा किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता करते हुए उद्योगों की आवश्यकताओं और निगम के साथ संभावित सहयोग के अवसरों पर अपने विचार व्यक्त किए।इस एक दिवसीय कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में सार्थक चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के अनुभवों, उद्योग जगत के सुझावों और विशेषज्ञों के विचारों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के लिए विजन 2030 के अंतर्गत उच्च विकास क्षमता वाले मॉडल के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के विचार-विमर्श भविष्य की रणनीति तय करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
- -गोधन संरक्षण को नई पहचान : अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलाएंगे “सुरभि गौधाम”-ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी गौधाम योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला बिलासपुर के तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने गौधाम में आश्रय प्राप्त बेसहारा एवं आवारा पशुओं की देखरेख, चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम लाखासार में लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है, जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर पशुओं के लिए हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और बेसहारा मवेशियों की देखभाल के लिए गौधाम योजना को राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है, जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन, मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिए 25 लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिए प्रेरित किया।तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुँमुखी विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जो भी वादा करते हैं, उसे अवश्य पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा तखतपुर क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा अनेक कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में विकास को नई गति मिली है।छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा बेसहारा और निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय काठाकोनी लाखासार पहुंचे। हेलीपैड पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम भी मुख्यमंत्री जी के साथ आए। श्री साय लाखा सार में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गोधाम योजना का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरम लाल कौशिक,बिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, कमिश्नर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जी का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
- - जिले में उमरपोटी गौ-धाम में वर्चुअल शुभारंभ का आयोजनदुर्ग/ प्रदेश में गौ-धाम योजना का शुभारंभ शनिवार, 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के कोनी से होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मार्च 2026 को गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय कोनी, जिला बिलासपुर में गौ-धाम योजना का शुभारंभ करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के अन्य गौ-धाम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय अपरान्ह 1.30 बजे वर्चुअल जुड़कर राज्य के समस्त जिले में गौ-धाम योजना का शुभारंभ करेंगे। दुर्ग जिले में पंजीकृत 04 गौ-धाम क्रमशः उमरपोटी, बासीन, चंदखुरी (सभी दुर्ग विकासखण्ड) और नारधा (विकासखण्ड धमधा) है। दुर्ग जिले में वर्चुअल मोड में शुभारंभ कार्यक्रम ग्राम उपरपोटी गौ-धाम में किया जाएगा। इस दौरान कोनी (बिलासपुर) में आयोजित मुख्य कार्यक्रम सीधा प्रसारण किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने उक्त कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु जिला पंचायत के सीईओ श्री बजरंग दुबे को नोडल अधिकारी और पशुचिकित्सा सेवाएं दुर्ग के उप संचालक श्री डॉ. वसीम शम्स को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर कार्य दायित्व सौपे गये हैं। इसके अलावा जिला सूचना अधिकारी (एनआईसी) एवं ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर चिप्स और सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग को भी कार्यक्रम की सफलता हेतु कार्य सौंपे गये हैं।
- भिलाईनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना ’’मोर मकान-मोर आस’’ घटक में नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत निर्मित आवासों के आबंटन हेतु किरायेदारी के रूप में निवासरत परिवारों से परियोजना स्थलों और दावा आपत्ति में पूर्ण आवेदन को आवासों के आबंटन हेतु किरायेदारों से आवेदन आमंत्रित किये गये है। उक्त स्थलों पर आवास आबंटन हेतु कुल 391 आवेदन प्राप्त हुए है एवं पूर्ण आवेदनों की संख्या 382 है तथा अपूर्ण दस्तावेज जमा आवेदकों की संख्या 09 है। आवेदनों की सूची अपूर्ण दस्तावेज एवं पूर्ण दस्तावेज संलग्न कर आवेदन जमा किये आवेदकों की सूची दावा आपत्ति हेतु मुख्यालय एवं जोन कार्यालयों के सूचना पटल पर चस्पा की गई है एवं निगम भिलाई के पोर्टल में आवेदकों की सूची को अपलोड किया गया है। जिसकी 15 दिवस समाप्ति पश्चात अंतिम तिथि 18.03.2026 निर्धारित की गयी है। निर्धारित तिथि के पश्चात कोई भी दावा आपत्ति मान्य नहीं होगा। आवेदक निर्धारित तिथि तक दावा आपत्ति कर सकते है।
- भिलाई नगर। निगम आयुक्त के आदेशानुसार नालंदा विद्यालय से एसीसी चौक तक सफ़ाई अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य उद्देश्य तालाबों में पानी की आपूर्ति और भूजल स्तर में सुधार होगा । नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-2 अंतर्गत वैशाली नगर क्षेत्र में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य नहर की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। यह मैन्युअल सफाई अभियान नालंदा विद्यालय के सामने से लेकर एसीसी चौक तक चलाया जा रहा है।इससे तालाबों को जीवनदान मिलेगा, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस महत्वपूर्ण नहर की सफाई का सीधा लाभ क्षेत्र के तालाबों को मिलेगा। नहर में जमा कचरे और मलबे के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा था। सफाई होने से ग्रीष्म ऋतु में न केवल तालाबों में पानी की आपूर्ति नियमित होगी, बल्कि आसपास के भूजल स्रोतों के स्तर में भी सुधार आएगा, जिससे ग्रीष्मकाल में होने वाले जल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।निगम के सफाई कर्मी और मजदूर हाथों से (मैन्युअल) मिट्टी, झिल्ली, पन्नी और अन्य कचरा हटा रहे हैं। जल संचयन को सुचारू बनाना और प्राकृतिक जल निकायों को रिचार्ज करना है।नगर निगम भिलाई ने आम नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे नहर और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में कचरा, प्लास्टिक या अन्य अपशिष्ट पदार्थ न फेंकें। निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नहर की स्वच्छता बनाए रखने में जन-भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सफाई कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्रीष्म ऋतु में यह नहर क्षेत्र के जल प्रबंधन के लिए एक लाइफलाइन के रूप में कार्य करेगी।


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