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- -30 जून तक किए जा सकते है आवेदनदंतेवाड़ा, । एकीकृत बाल विकास परियोजना गीदम से प्राप्त जानकारी अनुसार एकीकृत बाल विकास परियोजना गीदम अन्तर्गत के नगर पंचायत गीदम के वार्ड क्रमांक-05 हरिजनपारा में सहायिका पद, तथा ग्राम पंचायत हाउरनार के आंगनबाड़ी केन्द्र हाउरनार बजंरगपारा, तथा ग्राम पंचायत मोफलनार के आंगनबाड़ी केन्द्र मोफलनार समरथपारा, ग्राम पंचायत छोटेतुमनार के आंगनबाड़ी केन्द्र छोटे तुमनार मुण्डाटिकरापारा, ग्राम पंचायत हिरानार के आंगनबाड़ी केन्द्र हिरानार सरपंचपारा में आंगनबाड़ी सहायिका एवं कार्यकर्ता के रिक्त पदों हेतु संबंधित पंचायत से इच्छुक सभी आवेदनकर्ताओं से 16 जून से 30 जून 2025 तक कार्यालयीन समय 10 बजे से संध्या 5.30 बजे तक कार्यालय में सीधे अथवा डाक द्वारा आवेदन निश्चित प्रारूप में आमंत्रित किये गए है। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी एवं आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त किये जाने हेतु सभी इच्छुक आवेदनकर्ता कार्यालयीन दिवसों में कार्यालयीन समय पर एकीकृत बाल विकास परियोजना गीदम में सम्पर्क कर सकते है।
- दंतेवाड़ा, । जिला परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज कारली, दंतेवाड़ा में 20 जून 2025 को प्रातः 11 बजे से शाम 03 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। प्लेसमेंट कैम्प हेतु इंस्टाकार्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड दंतेवाड़ा में डिलीवरी पुरुष 12, महिला 8, एएस चौहान कंपनी दन्तेवाड़ा में ऑडिट असिस्टेंट की 4 पद, अकाउंटेंट की 02 पद, रिसेप्शनिस्ट की 01 पद, ड्रायवर की 01 पद, एलआईसी ऑफ इंडिया ब्रांच दंतेवाड़ा बीमा सखी की 50 पद, ग्रामीण वृत्तीय अभिकर्ता 10 पद, ओसवाल प्रिन्टर्स दंतेवाड़ा में कम्प्यूटर ऑपरेटर की 05 पद पर रिक्तियां प्राप्त हुई है। इस संबंध में इच्छुक आवेदक, आवेदिका निर्धारित स्थल पर अपनी समस्त शैक्षणिक दस्तावेजों की मूल प्रतियां, एक सेट छायाप्रतियां, एक पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ सहित, उपस्थित होकर अवसर का लाभ ले सकते है। यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क है।
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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में लंबे समय से सक्रिय नक्सली दंपत्ति ने मंगलवार को पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। ये दोनों वामपंथी उग्रवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) में पिछले 25 वर्षों से सक्रिय थे और संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे। आत्मसमर्पण करने वालों में 45 वर्षीय जीवन तुलावी उर्फ राम तुलावी शामिल हैं, जो परवीडीह गांव (थाना मोहला) के निवासी हैं। वह वर्तमान में माओवादी संगठन के माड़ डिवीजन में डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) और शिक्षा इकाई के कमांडर के रूप में कार्यरत थे। उन पर राज्य सरकार द्वारा 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। जीवन 2008 में संगठन से जुड़े थे और शुरुआत में पीएलजीए की सैन्य इकाई में काम करते थे। 2012-13 के बाद उन्होंने माओवादियों की विचारधारा सिखाने के लिए माड़ डिवीजन की मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल (MOPOS) में शिक्षक की भूमिका निभाई। वे मोबाइल अकादमिक स्कूल (MAS) के जरिए अबूझमाड़ के विभिन्न गांवों में जाकर उग्रवादी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे।
उनकी पत्नी अगाशा उर्फ आरती कोर्राम (उम्र 35), तेलीटोला गांव (थाना मोहला) की निवासी हैं और माओवादी संगठन की प्रेस टीम में काम कर रही थीं। वह चेतना नाट्य मंडली (CNM) की कमांडर भी थीं। अगाशा एक प्रशिक्षित गायिका, नर्तकी, कवियित्री, वक्ता और गीतकार रही हैं, जो माओवादी विचारधारा को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती थीं। साथ ही वह संगठन के लिए प्रेस विज्ञप्तियां तैयार करने और कंप्यूटर संचालन का कार्य भी करती थीं। वे एरिया कमेटी सदस्य (ACM) के पद पर थीं।इन दोनों ने राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य, एसपी वाईपी सिंह, 27वीं बटालियन आईटीबीपी के कमांडेंट विवेक कुमार पांडे और 44वीं बटालियन आईटीबीपी के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। पुलिस और आईटीबीपी के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में इस क्षेत्र में लगातार किए जा रहे सुरक्षा अभियानों से वामपंथी उग्रवादियों की गतिविधियों को बड़ा नुकसान हुआ है। बीते तीन महीनों में मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के पांच वरिष्ठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे माओवादी संगठन को गंभीर झटका लगा है। यह इलाका छत्तीसगढ़ के कांकेर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जैसे अत्यधिक प्रभावित नक्सल क्षेत्रों से सटा हुआ है। - -डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव एवं बालोद विकासखण्ड के दरबारी नवागांव में आयोजित शिविरों में जनजातीय परिवार के लोगों को मिली विभिन्न सौगात-शासकीय योजनाओं का लाभ लेने बड़ी संख्या में शिविर में उपस्थित हो रहे है जनजातीय हितग्राही, प्रचार रथ के माध्यम से योजनाओं की दी जा रही जानकारीबालोद,। धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत बालोद जिले के सभी विकासखण्डों के अलग-अलग स्थानों में लाभ संतृप्ति शिविरों के आयोजन का क्रम निरंतर जारी है। इसके अंतर्गत बुधवार को जिले के डौंडी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव एवं बालोद विकासखण्ड के दरबारी नवागांव में लाभ संतृप्ति शिविर का आयोजन किया गया। आज जिले के दोनों ग्राम पंचायत मुख्यालयों में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविरों में जनजातीय परिवार के हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करते हुए उन्हें विभिन्न सेवाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। आज जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम दरबारी नवागांव के शिविर में 07 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं 14 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड प्रदान किया गया। इसी तरह 01 हितग्राही को वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी तरह शिविर में 15 हितग्राहियों को पशु पालन विभाग के विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में उपस्थित जनजातीय समाज के लोगों के द्वारा शासन के विभिन्न योजनाओं से लाभ लेने हेतु कुल 72 आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षण के उपरांत सभी आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया गया है। ग्राम दरबारी नवागांव मंे आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में उपस्थित चिकित्सकों के द्वारा कुल 34 ग्रामीणों का सिकलसेल एवं एनीमिया जाँच भी किया गया। उल्लेखनीय है कि दरबारी नवागांव में आयोजित शिविर में दरबारी नवागांव सहित ग्राम परसदा एवं ग्राम धौराभांठा के ग्रामीण शामिल हुए। जिले दोनों ग्रामों में आयोजित शिविर में प्रचार रथ के माध्यम से जनजातीय समाज के लोगों को उनके लिए संचालित शासन के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के साथ ही उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं की लाभ लेने की अपील भी की गई।इसी तरह आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम कोटागांव में आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत 38 हितग्राहियों का आयुष्मान कार्ड, 02 हितग्राहियों का आधार कार्ड, 01 हितग्राही किसान क्रेडिट कार्ड बनाया गया। इसी तरह प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से 01, प्रधानमंत्री जनधन योजना से 03, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना से 02, पीएम विश्वकर्मा योजना से 01 हितग्राही को लाभान्वित किया गया। इसी तरह शिविर में 01-01 व्यक्तियों का जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने के साथ ही 05 हितग्राहियों का मनरेगा जाॅब कार्ड भी बनाया गया। इसी तरह 02 हितग्राहियों को वन धन योजना तथा 07 हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन से लाभान्वित किया गया। उल्लेखनीय है कि कोटागांव मंे आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में कोटागांव सहित आड़ेझर, नलकसा, कोपेडेरा, कुमुकड़कट्टा, कामता, सरईटोला, बोरगांव, नर्राटोला, चिखली एवं साल्हे के बड़ी संख्या के जनजातीय समाज के लोगों के अलावा ग्रामीण जन शामिल हुए। जिले के दोनों स्थानों पर आयोजित लाभ संतुष्टि शिविर के माध्यम से जनजातीय समाज के लोगों के विभिन्न मांगों एवं समस्याओं के निराकरण होने पर उनके चेहरे पर संतुष्टि का भाव साफ नजर आ रहा था। शिविर में उपस्थित जनजातीय समाज के लोगों के द्वारा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु आयोजित की गई इस लाभ संतृप्ति शिविर की भूरी-भूरी सराहना की। ग्राम कोटागांव में आज आयोजित लाभ संतृप्ति शिविर में जनपद सदस्य श्री शिवगिरी चुरेन्द्र, श्री कुलदीप साहू, ग्राम पंचायत कोटागांव की सरपंच श्रीमती अर्चना मरकाम सहित वंदना ठाकुर, माधुरी ठाकुर एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग एवं ग्रामीण जन शामिल हुए।
- - नए शिक्षा सत्र में नव प्रवेश के लिए बच्चों के अभिभावकों में बढ़ी उत्सुकतारायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में बच्चों को उत्साहित करने के लिए धूमधाम से शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया। शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए शाला के प्रथम दिन बच्चों का तिलक लगाकर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल लौटे बच्चे काफी खुश थे।स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि शाला प्रवेशोत्सव को लेकर बच्चों के साथ शिक्षकों में भी उत्साह था। बच्चों को स्कूल के माहौल में ढालने के लिए पहले दिन बच्चों से डिफरेंट एक्टिविटी कराई गई। नर्सरी में आए बच्चों का आज स्कूल में पहला दिन था, इसलिए शुरू में बच्चे गमगीन हुए, कुछ तो रोए भी। फिर कुछ देर के बाद अन्य बच्चों और शिक्षिकाओं के साथ घुल-मिल भी गए।बाकी कक्षाओं के छात्र- छात्राओं में शाला शुरू होने को लेकर भी उत्साह देखा जा रहा है। पिछले शिक्षा सत्र में दो छात्राएं पूर्वी साहू और वर्षा परिडा सीजी दसवीं बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में आई थीं, तो रुचिका साहू ने सीजी बारहवीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट लिस्ट में सातवें नंबर पर स्थान बनाया था। बाकी विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम भी उल्लेखनीय रहे। इसी तरह खेलों में भी संत ज्ञानेश्वर स्कूल का प्रदर्शन नगर स्तर पर औसत से काफी ऊपर रहा। इसे लेकर भी छात्र- छात्राओं और अभिभावकों में भारी उत्साह व उत्सुकता है। यही वजह है कि नए शिक्षा सत्र में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। साथ ही बड़ी संख्या में समीपस्थ रहवासी अभिभावक भी अपने बच्चों को यहां प्रवेश दिलाने के लिए सतत् पूछताछ कर रहे हैं।
- भिलाईनगर। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन क्रमांक 03 मदर टेरेसा नगर में विभिन्न निर्माण कार्य एवं साफ-सफाई का बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे। जोन कार्यालय के समीप रखे सी एंड डी वेस्ट हटाने का निर्देश दिया गया । वार्ड क्रं. 37 नंदनी रोड में वेडिंग जोन निर्माण स्थल को व्यवस्थित करने कहा गया। वार्ड क्रं. 33 करूणा अस्पताल के सामने तेल्हा नाला का सफाई कार्य किया जा रहा है, जिसे बारिश से पूर्व कराने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को निर्देशित किये। वार्ड क्रं. 34 पार्षद जालंधर सिंह के साथ मिलन चौंक के आस-पास सफाई व्यवस्था एवं निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का निरीक्षण कर भवन निर्माण की गुणवत्ता में विशेष ध्यान देने उपअभियंता को निर्देशित किये।डोम शेड निर्माण स्थल का दस्तावेज और न्यायालयीन प्रक्रिया के संबंध में परीक्षण करने निर्देशित किया गया। शिकायत प्राप्त हुई कि चंद्रा मोर्या टाकिज के समीप अंडर ब्रिज में पानी भर रहा है। तत्काल निरीक्षण करने पहुंचे, वहां संमवेल सही पाया गया। जोन 01 अंतर्गत राधिका नगर एस.एल.आर.एम. सेंटर के समीप विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है जिसमें नियमानुसार कार्यवाही कर कब्जा हटाने कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। समीपस्थ एस.एल.आर.एम. सेंटर में सफाई व्यवस्था का अवलोकन कर कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर का जांच किया गया। कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए कटौती हेतु निर्देशित किया गया।निरीक्षण कै दौरान सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता शंकर सुवन मरकाम, जोन सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, जोन स्वच्छता निरीक्षक, पीआईयू अभिनव ठोकने, पीडब्लूडी के सुपरवाईजर, जोनल आदि उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में अपनी सेवाएं दे चुके राज्य शासन स्तर पर मुख्य अभियंता से सेवानिवृत्त हुए तथा अन्य अधिकारियों ने निगम सभागार में निगम के आय में वृद्वि को लेकर बैठक में अनेक सुझाव दिए है। सभी ने एकमतेन कहा कि संपूर्ण नगर निगम क्षेत्र के आवासों का डाटा बेस जानकारी एकत्र किया जाना चाहिए। ताकि स्व-विवरणी के आधार पर यह सुनिश्चित किया जा सके, कि वास्तव में निर्मित क्षेत्रफल के आधार पर टेक्स का भुगतान किया जा रहा है कि नहीं। साथ ही विभागो में भी मितव्ययिता बरतने के सुझाव दिए।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने नगर निगम भिलाई की आय को बढ़ाने निगम सभागार में बैठक बुलाई। बैठक में नगर निगम भिलाई के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त पाण्डेय के अनुसार गोकुल नगर में आबंटित भूमि स्वामियों द्वारा लीज डीट के शर्तो के आधार पर प्रिमियम की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे 57 लोगो को नोटिस जारी किया जा रहा है, गुरूवार से नोटिस वितरण प्रारंभ किया जाएगा। सभी विभागों में अनावश्यक खर्चो में रोक लगाने के लिए मितव्ययिता बरतने के निर्देश दिये गए साथ ही न्यायालीन प्रक्रिया में कटौती करना होगा। विशेष कार्यक्रमो के लिए सामुदायिक भवनों का दर निर्धारण किया जाना होगा। पूर्व से निर्मित प्रगति मार्केट वर्तमान मदर्स मार्केट पावर हाउस में व्यय की गई एक लंबी राशि की वसूली के लिए खुली निलामी के माध्यम से दुकानों का विक्रय किया जाएगा। निगम क्षेत्र के तालाबों में मछली पालन कर आय बढ़या जा सकता है।सेवानिवृत्त अधिकारी एल.के. पाणिग्रही के अनुसार भूमि दस्तावेजीकरण, संपत्तिकर, समेकित कर, जीआईएस बेस्ड भूमि रिकार्ड एवं टेक्स वसूली को प्राथमिकता दी जाये। आनलाईन सिस्टम हाईटेक करना होगा, जिससे कि सभी जगह के अचल संपत्ति का रिकार्ड अविलम्ब देखा जा सके। सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी संजीव व्यवहार के अनुसार शासन को प्रस्ताव भेजने के पश्चात शासन स्तर में पहल करना अति आवश्यक होता है। साथ ही पूर्व निर्मित भवन एवं खुर्सीपार स्टेडियम की दुकानों का किराया निर्धारित करना। अशोक पहाड़िया के अनुसार कामर्शियल सह आवासीय मकानों में छूट संबंधी नियमावली में सुधार किया जाए, ताकि निगम की आय में वृद्वि हो। अवैध गुमटी संचालन कर अवैध किराया वसूली को रोका जाना चाहिए। सभी राजस्व करों की वसूली हेतु निगम के नियमित एवं प्लेसमेंट कर्मचारी को रखा जाना उचित होगा। जिससे अधिकृत वसूली एजेंसी को दिए जाने वाले कमिशन की राशि की बचत से निगम के आय में वृद्वि की जा सकती है।निगम की आय को किस प्रकार से बढ़ाया जाए इस विषय पर सभी ने अपने सुझाव दिए। बीएसपी एवं अन्य बड़े बकायादारों से संपत्तिकर की वसूली को प्राथमिकता दी जानी है। कुछ स्थलों पर 2 नल कनेक्शन है, जिसका विच्छेद करना और अवैध कलेक्शनों का कटौती करना होगा। भवन/भूमि स्वामियों से सही संपत्तिकर विवरणी को भरा जाना, गलत भरने पर 10 प्रतिशत से ज्यादा का अंतर आने पर 5 गुणा अधिभार शुल्क अधिरोपित करना। ढिल्लन काम्पलेक्स से कर वसूली करना, लीज नवीनीकरण में वृद्वि करना। निगम की छवि को सुधार करने की आवश्यकता है, आय-कर की तरह निगम कर देने के लिए लोगो को खुद से प्रोत्साहित होना चाहिए। जिससे नगर निगम की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होते रहे। निगम के अच्छे कार्यो का प्रचार-प्रसार किया जाना उचित होगा। राजस्व विभाग को आय में वृद्वि हेतु चैकन्ना रहते हुए कार्य करना होगा। बैठक में इस प्रकार से सभी ने अपनी-अपनी सलाह एवं सुझाव रखें। आय बढ़ाने के लिए ऐसा साधन अपनाए जिससे नागरिको को किसी प्रकार की परेशानी न हो और नगर पालिक निगम अधिनियम को ध्यान में रखते हुए कार्य करें। ताकि आम नागरिको को सुविधा हो।बैठक में सेवानिवृत्त अधिकारी ए. के. प्रियदर्शी, एस.सी. श्रीवास्तव, उपायुक्त नरेन्द्र कुमार बंजारे, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी, डी. के. वर्मा, अजीत तिग्गा, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, लेखाधिकारी चंद्रभूषण साहू, स्थापना अधीक्षक सुनीता जैन, तपन अग्रवाल, लक्ष्मण उपाध्याय, हेमंत चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, रिचर्ड वर्गिस एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजनांदगांव । गैर संचारी रोग कार्यक्रम अंतर्गत बालको मेडिकल सेंटर के सहयोग से कैंसर स्क्रीनिंग कैम्प का आयोजन 20 जून 2025 को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में किया गया है। कैम्प में बालको मेडिकल सेंटर से कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि राय उपस्थित रहेंगी। कैंसर स्क्रीनिंग कैम्प में ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर का परीक्षण किया जाएगा। कैंसर स्क्रीनिंग कैम्प का मुख्य उद्देश्य कैंसर के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करना एवं कैंसर का जल्द पता लगाना है।
कैंसर स्क्रीनिंग परीक्षण से कैंसर के लक्षणों की जांच करते हैं। स्क्रीनिंग से स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को कुछ कैंसरों की शुरूआती चरण में पता लगाने में मदद मिलती है। जिससे कैंसर का इलाज करना आसान होता है। कभी-कभी स्क्रीनिंग से कैंसर शुरू होने से पहले शरीर में कैंसर से पहले के बदलावों का पता चल जाता है। जब ऐसा होता है, तो स्क्रीनिंग से कैंसर की रोकथाम होती है। कैंसर स्क्रीनिंग से शरीर में होने वाले उन बदलावों की जांच करते हैं, जो कैंसर का संकेत हो सकते हैं। टेस्ट का नतीजा कैंसर का निदान या संकेत नहीं है कि व्यक्ति कैंसर-मुक्त हैं। कभी-कभी कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट असामान्य परिणाम दिखाते हैं, इस स्थिति में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता अधिक टेस्ट की सलाह दे सकते है। शुरूआती स्क्रीनिंग टेस्ट की तरह, सिर्फ एक अतिरिक्त टेस्ट करवाने कैंसर का संकेत नहीं है। - -मत्स्य बीज उत्पादन और निर्यात के मामले में कांकेर राज्य का अग्रणी जिला-हैचरी क्रांति ने राज्य को बनाया आत्मनिर्भर, देशभर में मांगरायपुर /छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। कांकेर न केवल मत्स्य बीज उत्पादन में, बल्कि देश के कई राज्यों में मत्स्य बीज की आपूर्ति के मामले में राज्य के अग्रणी जिले के रूप में अपनी पहचान कायम की है। मत्स्य बीज उत्पादन और निर्यात सेे जिले की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिला है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि कांकेर जिले की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक मजबूत कदम है। पखांजूर क्षेत्र के मत्स्य कृषकों ने नीली- क्रांति को वास्तव में धरातल पर उतारा है। यह सफलता हमारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन, स्थानीय सहभागिता और मेहनतकश मछुआरों की लगन का परिणाम है। राज्य सरकार मत्स्य पालन को और अधिक प्रोत्साहन देने हेतु हरसंभव सहयोग देती रहेगी।गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व तक कांकेर जिले को मत्स्य बीज के लिए पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज कोयलीबेडा विकासखंड के पखांजूर क्षेत्र में बडी संख्या में मत्स्यबीज के पिकअप वाहन, मत्स्य कृषक और क्रियाशील हैचरियां जगह-जगह दिखाई देती हैं। यह बदलाव नीली क्रांति योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की मदद से संभव हुआ, जिसके तहत मत्स्य बीज हैचरियों और तालाबों का निर्माण कराया गया। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पखांजूर में मत्स्य बीज का सरप्लस उत्पादन होने लगा है।अब स्थिति यह है कि कांकेर में उत्पादित उच्च गुणवत्ता और किफायती मूल्य पर उपलब्ध मत्स्य बीज का न केवल छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों को, बल्कि अन्य राज्यों जैसे आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, गुजरात और बिहार में भी निर्यात किया जा रहा है। पखांजूर का बीज इसलिए भी खास है क्योंकि यह उच्च गुणवत्ता युक्त, अन्य राज्यों से सस्ता, और अप्रैल-मई जैसे प्रारंभिक महीनों में ही उपलब्ध हो जाता है, जिससे किसानों को समय रहते मत्स्य पालन में मदद मिलती है।मत्स्य पालन विभाग के सहायक संचालक के अनुसार, कांकेर जिले में कुल 34 मत्स्य बीज उत्पादन हैचरी संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 337 करोड़ स्पॉन और 128 करोड़ 35 लाख स्टैंडर्ड फ्राय उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक जिले में 192 करोड़ स्पॉन और 7 करोड़ 42 लाख स्टैंडर्ड फ्राय का उत्पादन हो चुका है। यहां की हैचरियों में मेजर कार्प के साथ-साथ पंगेसियस मछली का भी बीज तैयार किया जा रहा है। मत्स्य कृषक श्री विश्वजीत अधिकारी और मृणाल बराई बताते हैं कि क्षेत्र से प्रतिदिन 10-15 पिकअप वाहन मत्स्य बीज लेकर अन्य जिलों एवं प्रदेशों में जाते हैं।पखांजूर क्षेत्र की मत्स्य बीज उत्पादन की इस सफलता ने करीब 550 स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान किया है। मत्स्य बीज उत्पादन, परिवहन, विक्रय और संबंधित गतिविधियों से जुड़े ग्रामीण अब स्थायी आय प्राप्त कर रहे हैं। कांकेर जिला आज छत्तीसगढ़ की मत्स्य संपन्नता का प्रतीक बन गया है। यहां की हैचरी क्रांति ने राज्य को बाहरी निर्भरता से मुक्त किया और गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज के लिए देशभर की पहली पसंद बन गया है।
- -लखना एवं नकटी कुम्हारीटैंक स्कूलों में विद्यार्थियों को अब पढ़ाई मे होगी सुविधारायपुर / छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया है। जिससे रायपुर जिले में शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में नए शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे विद्याथियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। जिले के जिन स्कूलों में एकल शिक्षक के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था, वहां अब नए शिक्षकों की पदस्थापना की गई है । शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के 2 मिडिल स्कूलों में एकल शिक्षक होने से वहां के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। साथ ही उनके पालक अपने बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए चिंतित थे। लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लाई गई। इसके तहत जिले के अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग के माध्यम से एकल शिक्षकीय स्कूलों में पदस्थापना की गई। जिले में सफलतापूर्वक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पूर्ण होने से जिले के तिल्दा ब्लॉक के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लखना और नकटी कुम्हारीटैंक में एकल शिक्षक स्कूलों में शिक्षकों की पूर्ति हो गई है। इन स्कूलों मंे नए विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। वर्षों पुरानी शिक्षकों की कमी की समस्या से निजात मिलने से ग्रामीणों ने भी खुशी जताते हुए सरकार के युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया पर संतुष्टि जताई है। नए शिक्षकों की पदस्थापना से न केवल स्कूल में पढ़ाई के स्तर में सुधार होगा, बल्कि इससे स्कूली विद्यार्थियों, पालकों, ग्रामीणों और स्कूल समिति के सदस्यों में भी खुशी व्याप्त हो गई है।
- रायपुर / जिले में 19 जून को समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सिकल सेल दिवस एवं योग जागरूकता दिवस का आयोजन कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश चौधरी ने बताया कि यह आयोजन राज्य शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा हैं। यह आयोजन आरोग्य मेला के साथ थीम आधारित कार्यकम के रूप में किया जाएगा। कार्यकम का मुख्य उद्देश्य आमजनो को सिकल सेल एवं योग के लिए जागरूक करना और पीड़ितों को समूचित चिकित्सीय सहायता प्रदान करना है। सिकल सेल जिला नोडल अधिकारी डॉ श्वेता सोनवानी ने बताया कि सिकल सेल एक आनुवंशिक रक्त विकार है। इस दिन जिले के सभी आयुष्मान केंद्रों में सिकल सेल संबंधी निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श, 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग की स्क्रीनिंग, जैनेटिक कार्ड वितरण एवं रोगियों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग आम जनता से अपील करती हैं कि उक्त सिकल सेल दिवस में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच कर स्वास्थ्य लाभ उठाएं।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार अवैध रेत भंडारण पर राजस्व और माइनिंग टीम की संयुक्त कार्रवाई की गई। टीम ने आरंग में तहसीलदार श्रीमती सीता शुक्ला की उपस्थिति में समोदा से 600 घन मीटर तथा ग्राम कुटेला में नायाब तहसीलदार श्री जी एन सिदार की उपस्थिति में 3900 घन मीटर 650 और वहीं अन्य स्थान पर 1500 घन मीटर से अधिक रेत जब्त किया। इसी प्रकार ग्ग्राम नकटा में तहसीलदार श्री विनोद साहू की उपस्थिति में अवैध रेत भंडारण का 10000 घन मीटर वहीं 5200 घन मीटर जब्त किया गया।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने ग्राम बडगांव में गौण खनिज साधारण रेत हेतु स्वीकृत अस्थाई भंडारण के जांच के पश्चात श्री कुशल साहू के अनुज्ञा को निरस्त कर दिया है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार खनिज अधिकारी योगेन्द्र सिंह द्वारा आज ग्राम बड़गांव के खसरा नं. 3791/3. 3791/4, 3791/5 कुल रकबा 0.18 हे. क्षेत्र में श्री कुशल साहू के पक्ष में गौण खनिज साधारण रेत हेतु स्वीकृत अस्थाई भंडारण अनुज्ञा का जांच किया गया। जांच में अनुज्ञप्तिधारी द्वारा छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम 2009 के नियम 14 (दो-क), (नौ) (एक), (नौ) सात (ग) (सोलह) एवं नियम 4 (तीन) का उल्लंघन किया जाना पाया गया ।छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम 2009 में निहित शर्तों का उल्लंघन किये जाने के कारण कलेक्टर श्री लंगेह द्वारा श्री कुशल साहू के पक्ष में ग्राम बड़गांव के खसरा नं. 3791/3, 3791/4, 3791/5 कुल रकबा 0.18 हे. क्षेत्र में स्वीकृत अस्थाई भण्डारण को निरस्त किया गया है।
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राजनांदगांव । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 17 से 21 जून 2025 तक पांच दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। योग शिविर के माध्यम से योग आधारित सामूहिक कार्यक्रमों का आयोजन कर जनसामान्य को योग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। योग शिविर में पारंपरिक योग अभ्यासों को सिखाया जा रहा है। शिविर में नागरिकों को योग के प्रति सजग, जागरूक एवं प्रेरित कर उनकी दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिविर में जीवन शैली से होने वाले रोगों एवं आहार विहार, प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग की जानकारी प्रदान की जा रही है। शिविर में अंकुरित चना और स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदिक काढ़ा दिया जा रहा है।
- रायपुर। बीजापुर जिला आगमन पर राज्यपाल श्री रमेन डेका का रेडक्रॉस सोसायटी के वालिंटियर्स ने आत्मीय स्वागत किया।जिला कार्यालय परिसर में विहान दीदीयों द्वारा आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई थी जिसका अवलोकन कर श्री डेका उनके आर्थिक गतिविधियों की जानकारी ली।इस दौरान टीबी के 10 मरीजों को राज्यपाल ने प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना के तहत पोषण आहार किट प्रदाय किया और उनको अपने सेहत का ध्यान रखने दवाईयों का समय पर सेवन करने की समझाइश दी गई।
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राजनांदगांव । संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने बुधवार को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, डीन मेडिकल कालेज डॉ. पीएम लुका उपस्थित रहे। इस दौरान संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने क्रिटिकल केयर, आईसीयू की निर्माणाधीन संरचना, फिजियोथैरेपी यूनिट, आईसीयू केजुएल्टी, नये सीटी स्कैन मशीन के स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के लैब एवं अतिथि कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने लैक्चर हॉल में एसी बढ़ाने के निर्देश दिए, वहां बड़ा इंटरएक्टिव पैनल लगाने के लिए कहा। इस दौरान संभागायुक्त ने नर्सिंग कालेज का भी जायजा लिया। इस अवसर पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सभी चिकित्सक, अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने गुरूद्वारा चौक स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी में जर्जर छतों एवं दीवालों का निरीक्षण कर कार्यालय को अस्थायी तौर पर महिला प्रशिक्षण केन्द्र गौरव पथ में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यालय की साफ-सफाई एवं फाईलों के रख-रखाव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों के आधार बेस उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इस दौरान आयुक्त नगर पालिक निगम श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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- जनसहभागिता से व्यापक पैमाने पर किया जाएगा पौधरोपण
- एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत शासकीय कार्यालयों में 20 जून से किया जाएगा पौधरोपण
- कलेक्टर ने पौधरोपण के दृष्टिगत समाज प्रमुखों, निजी स्कूलों, स्वयं सेवी संस्थाओं, चेम्बर ऑफ कामर्स एवं विभिन्न संस्थाओं की बैठक ली
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पौधरोपण के दृष्टिगत समाज प्रमुखों, निजी स्कूलों, स्वयं सेवी संस्थाओं, चेम्बर ऑफ कामर्स एवं विभिन्न संस्थाओं की बैठक ली। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि बारिश को ध्यान में रखते हुए शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण का कार्य प्राथमिकता से करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाएं तथा निजी स्कूल के प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आवश्यक पहल करें। उन्होंने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत शासकीय कार्यालयों में 20 जून से पौधरोपण प्रारंभ करेंगे तथा 10 जुलाई तक समापन करेंगे। उन्होंने कहा कि शहर में विभिन्न उद्योगों द्वारा भी पौधरोपण किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में सघन पौधरोपण करने की आवश्यकता है और जनसहभागिता से यह कार्य करना है। उन्होंने कहा कि शहर में आने वाले वर्षों में विभिन्न तरह के निर्माण संबंधी अधोसंरचना को ध्यान में रखते हुए विविधतापूर्ण विकास के दृष्टिकोण से विभिन्न स्थानों में पौधरोपण करना है, जिससे शहर हराभरा रहे। सभी स्कूल कैंपस, गार्डन एवं अपने घरों में पौधरोपण करें। एक दुकान एक पेड़ के नाम से पौधरोपण कर सकते है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के साथ ही पौधों को संरक्षित करने की भी जरूरत है। उन्होंने 21 जून को विश्व योग दिवस के अवसर पर दिग्विजय स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम शहर की पहचान है, अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहा।
महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण की यह पहल कारगर होगा। जिला प्रशासन की ओर से पौधों की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। जनसहयोग से पौधरोपण कार्यक्रम को सफल बनाना है। स्वयं सेवी संस्थाएं एवं उद्योग पौधों की देख-रेख करेंगे। उन्होंने सभी से कहा कि नगरीय क्षेत्रों में वाटर रिचार्ज के लिए सिस्टम लगाएं तथा जल संरक्षण की दिशा में सभी को कार्य करना है।
जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि भीषण गर्मी एवं बढ़ता हुआ तापमान चिंता का विषय है। हम सभी को स्थायी रूप से पौधरोपण करने की आवश्यकता है, ताकि हम पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए स्थायी तौर पर कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण के लिए स्थानों का चिन्हांकन कर लिया गया है। सभी समन्वित तरीके से पौधरोपण का कार्य करेंगे। बैठक में पौधरोपण के लिए सभी ने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित समाज प्रमुख, निजी स्कूल, स्वयं सेवी संस्था, चेम्बर ऑफ कामर्स एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
- कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत परिवहन एवं उत्खनन पर की जा रही लगातार कार्रवाई
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में अवैध रेत परिवहन एवं उत्खनन पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई लगातार की जा रही है। राजस्व टीम द्वारा आकस्मिक निरीक्षण कर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुरगी और धीरी तथा डोंगरगांव विकासखंड के बरगांव नदी घाट में अवैध रेत एवं मुरूम परिवहन पर 5 वाहनों पर जप्ती की कार्रवाई की गई। एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा ने ग्राम सुरगी में रेत और मुरूम के अवैध परिवहन करने पर जप्ती की कार्रवाई की। ग्राम सुरगी में रेत से भरी हाईवा सीजी 08 बीसी 7415 तथा मुरूम से भरी हाईवा सीजी 04 एचएम 8461 की जप्ती की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही जेसीबी सीजी 08 पी 5746 डी तथा ट्रेक्टर सीजी 08 एआर 7810 को जप्त कर कार्रवाई की गई। इसी तरह एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोर्राम द्वारा डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बरगांव नदी घाट से अवैध रूप से रेत भरा हुआ टे्रक्टर जप्त किया गया। - - कोर्ट के सभी रिकार्ड एवं अन्य फाईल स्कैन कर डिजिटल फार्म में किए जाएंगे संधारित- समय की होगी बचत, मिलेगी सुविधाराजनांदगांव । उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने बुधवार को वर्चुअल मोड में जिला एवं सत्र न्यायालय राजनांदगांव में डिजिटाईजेशन एवं स्कैनिंग सेंटर का शुभांरभ किया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती सुषमा सावंत, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि जिले में आज डिजिटाईजेशन एवं स्कैनिंग सेंटर का शुभांरभ किया गया है। इसके साथ ही तीन अन्य जिलों बालोद, कबीरधाम, मुंगेली में यह सुविधा प्रारंभ की गई है। प्रदेश में 19 जिलों में यह सुविधा उपलब्ध है। इस सेंटर में कोर्ट के सभी रिकार्ड एवं अन्य फाईल स्कैन कर डिजिटल फार्म में संधारित किए जाएंगे। जिसका लाभ यह होगा कि प्रकरणों के अपील कोर्ट में जाने पर न्यायालय को सहज एवं सरल रूप में डिजिटल फाईल उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे कोर्ट के समय की बचत होगी एवं सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर जिला मुख्यालय में पदस्थ अन्य अधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
- -बीजापुर जैसे माओवाद प्रभावित क्षेत्र के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्य सराहनीय है - राज्यपालरायपुर । बीजापुर जिले में प्रथम बार राज्यपाल का आगमन हुआ। श्री रमेन डेका पहले राज्यपाल हैं जो बीजापुर जिले के प्रवास पर आए। उन्होंने विकास कार्यों का अवलोकन किया और जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।विभागवार समीक्षा करते हुऐ राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बीजापुर में व्याप्त कठिनाईयों के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा जनहित के कार्याे तथा केद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन पर जिला प्रशासन की सराहना की।बिहान समूह की महिलाओं के आजिविका गतिविधियों को जानकर खुशी जाहिर की। महिलाओं ने अपनी आर्थिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया। श्री डेका ने बीजापुर जैसे माओवाद प्रभावित क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास के साथ-साथ लोगों को समुचित रूप से योजनाओं से लाभान्वित कर उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने पर जोर दिया। गारमेंट फैक्ट्री में नक्सल पीड़ित परिवारों को रोजगार देने की योजना की सराहना करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित करें।राज्यपाल ने जल संचयन हेतु चेकडेम, स्टाप डेम, अमृत सरोवर जैसे स्ट्रक्चर से जल स्तर पर व्यापक सुधार लाने हेतु कार्य योजना बनाकर काम करने को कहा एवं जिले के जल स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि के लिए जनजागरूकता लाने लोगों के बीच जाएं और उन्हें आमदनी बढ़ाने के लिए प्रेरित करें।श्री डेका ने टी.बी. की रोकथाम, निक्षय मित्र बनकर पोषण किट प्रदाय कराने, टीबी के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता लाकर जिले को टीबी मुक्त बनाने, बच्चों के शारीरिक मानसिक, विकास के लिए कार्य करने, जिले में बाल विवाह के प्रति स्थानीय स्तर पर जागरूकता लाने, बाल विवाह के दुष्परिणाम से लोगो को अवगत कराने तथा टीकाकरण की प्रगति के संबंध में चर्चा की।श्री डेका ने जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल को कारगर बताते हुए कहा कि शिक्षा का महत्व हर पालक समझे इसके लिए जमीनी स्तर पर कार्य करना आवश्यक है ताकि हर बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके। जिले में विकास कार्याे में आने वाली बाधाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुऐ शासन के योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।आकांक्षी जिला के रूप में बीजापुर जिले की उपलब्धि एवं विभिन्न पैरामीटर में किए गए कार्याे की जानकारी लेते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए अपना शतप्रतिशत दें, विभागीय अमला आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन करें ताकि बीजापुर जिले का समग्र विकास हो सके।बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और साहित्यिक चेतना को विकसित करने में सप्रे जी का अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्रीरायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता के जनक और साहित्यकार पंडित माधवराव सप्रे की 19 जून को जयंती पर उन्हें नमन किया है। सप्रे जी का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सप्रे जी द्वारा रखी गई नींव पर ही आज छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता समृद्ध हो रही है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और साहित्यिक चेतना को विकसित करने में भी सप्रे जी का अमूल्य योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी लेखनी ने राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा दी। सप्रे जी के रचनात्मक और मूल्यपरक लेखन ने छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता को एक नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सप्रे जी का व्यक्तित्व और कृतित्व साहित्यकारों और पत्रकारों सहित आम जनता के लिए भी प्रेरणादायक है।
- -जशपुर जिले के तपकरा से होगी शुरूआत-तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को वितरित होगी चरण पादुका-छत्तीसगढ़ सरकार का एक और वादा होगा पूरा-संग्राहक परिवारों को किया जा रहा है 745 करोड़ रूपये का पारश्रमिक भुगतानरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 जून को जशपुर जिले के तपकरा में आयोजित वृहद एवं भव्य कार्यक्रम में चरण पादुका वितरण योजना प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री इस मौके पर तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को चरण पादुका प्रदान करेंगे। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार का राज्य के तंेदूपत्ता संग्राहकों से किया गया एक और वादा पूरा होगा।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में चरण पादुका योजना को फिर से शुरू किये जाने का वादा किया था, जिसे पूर्ववर्ती सरकार ने बंद कर दिया था। छत्तीसगढ़ की संवेदनशील सरकार द्वारा पुनः शुरू की जा रही यह योजना राज्य के तंेदूपत्ता संग्राहक परिवारों की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 40 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। यह योजना सीधे-सीधे राज्य के 12 लाख 40 हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिलाओं को लाभ पहुंचाएगी, जिन्हें चरण पादुका का निःशुल्क वितरण किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता हमेशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय और सुविधा पहुंचाना है। तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था और वनोपज आधारित आजीविका में अमूल्य योगदान है। चरण पादुका योजना हमारे संकल्प पत्र का वादा था, जिसे हम पूरा करने जा रहे है। यह सिर्फ चरण पादुका का वितरण नहीं, बल्कि संग्राहक परिवार के स्वाभिमान और सुरक्षा का प्रतीक है।चरण पादुका वितरण योजना की शुरूआत इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार तंेदूपत्ता संग्राहक परिवारों की आवश्यकता, सम्मान और गरिमा का ध्यान रख रही है। इस योजना का उद्देश्य न सिर्फ तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार की महिलाओं को सम्मान देना है, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने वाली संग्राहक महिलाओं की सुविधा सुनिश्चित करना भी है।745 करोड़ रुपये की तेंदूपत्ता खरीदीछत्तीसगढ़ राज्य में इस साल तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य बीते अप्रैल के तृतीय सप्ताह से शुरू हुआ था, जो अब सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। राज्य की 902 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से 10,631 फड़ों में संग्रहण का कार्य किया गया। हालांकि इस वर्ष असमय वर्षा, तूफान और ओलावृष्टि के कारण फसल प्रभावित हुई, परंतु इसके बावजूद 11.40 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों ने अपनी लगन और मेहनत से 13.54 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण और फड़ों में विक्रय किया, जिसका कुल क्रय मूल्य 745 करोड़ रूपये है। इस राशि का भुगतान संग्राहकों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। अब तक 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सीधे संग्राहकों के खाते में अंतरित की जा चुकी है, शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
- रायपुर। हर किसी का सपना होता है एक पक्का घर और जब यह सपना साकार होता है तो ज़िंदगी में नई उम्मीदें और सुकून भर जाता है। कुछ ऐसा ही हुआ है जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पण्ड्रापाठ के बुचू राम का जिनका वर्षों पुराना सपना प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से अब हकीकत बन चुका है।बुचू राम पहले अपने पुराने, कच्चे और जर्जर मकान में पत्नी और बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे थे। बरसात के मौसम में टपकती छत, चारों ओर पानी और असहज माहौल ने उनका जीवन कठिन बना रखा था। सीमित आय और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वह खुद का पक्का मकान बनाने की कल्पना भी नहीं कर पा रहे थे।लेकिन साल 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उन्हें मकान निर्माण के लिए स्वीकृति मिली। ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक ने उनके दस्तावेज जुटाकर ऑनलाइन पंजीयन कराया और कुछ ही समय बाद उनके खाते में पहली किस्त की राशि पहुंच गई। बुचू राम ने बताया कि शुरुआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बैंक जाकर जब खाते में राशि देखी तो आंखों में खुशी के आंसू आ गए।सरकारी सहायता और मनरेगा की मजदूरी मिलाकर उन्होंने अपना पक्का मकान तैयार किया। अब वे अपने परिवार के साथ न केवल सुरक्षित और मजबूत छत के नीचे रह रहे हैं, बल्कि बरसात के मौसम में भी बिना किसी चिंता के चैन की नींद ले पा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लाभ दूरस्थ अंचलों के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंच रहा है। इस योजना ने बुचू राम जैसे अनेक लोगों को सम्मान से जीवन जीने का अवसर दिया है। बुचू राम ने मुख्यमंत्री और भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, जिस घर की उम्मीद मैंने छोड़ दी थी, वह आज मेरे सामने खड़ा है। सरकार ने मेरी अंधेरी जिंदगी में उजाला ला दिया है।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत कलेक्टोरेट परिसर में वृक्षारोपण किया।श्री डेका ने सभी अधिकारियों को कम से कम एक पेड़ लगाने एवं उसकी समुचित देख-रेख करने करने के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने कहा।








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