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- महासमुंद / शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत माह अप्रैल से जून 2026 तक चावल के भंडारण एवं एकमुश्त वितरण के लिए जिले में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में अप्रैल, मई एवं जून माह के लिए खाद्यान्न का भंडारण किया जा रहा है।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने खाद्यान्न भंडारण एवं समयबद्ध वितरण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रत्येक विकासखंड के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनके सहयोग के लिए विभिन्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।जिले के सभी विकासखंडों में तहसीलदार को सहायक नोडल अधिकारी तथा सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक एवं नान प्रदाय केंद्र प्रभारी को सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने प्रभार क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न भंडारण की प्रतिदिन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और आबंटन के अनुसार शीघ्र भंडारण पूर्ण कराएं। साथ ही प्रत्येक दिवस, अवकाश दिवस सहित, भंडारण की अद्यतन स्थिति से अवगत कराना भी अनिवार्य होगा।उल्लेखनीय है कि 07 अप्रैल को राशन दुकानो में चावल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
- -वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने लंबी कूद में 7 मीटर की दूरी तय की-लक्षद्वीप में कोई सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक नहीं है, इसलिए अब्दुल मिट्टी के गड्ढों में अपनी लंबी कूद का अभ्यास करते हैंरायपुर / अब्दुल फताह ज़्यादातर रातों को समुद्र में होते हैं, जहां वे मछुआरे बनकर अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में मदद करते हैं। जैसे ही सुबह होती है, वे सीधे ट्रेनिंग ग्राउंड की ओर निकल पड़ते हैं और एक एक अलग सपने का पीछा करते हुए लक्षद्वीप को 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' 2026 में पहला मेडल दिलाया।कवरत्ती और कदमत द्वीपों के बीच स्थित, दूरदराज के अमीनी द्वीप जो लगभग 2.7 किमी लंबा और 1.2 किमी चौड़ा है, और जिसका कुल भू-क्षेत्रफल 2.60 वर्ग किमी है के 18 वर्षीय लॉन्ग जम्पर ने जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर मैदान में 7.03 मीटर की अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। यह इस छोटे से केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। केंद्र शासित प्रदेश के खेल अधिकारी अहमद जावेद हसन ने मुस्कुराते हुए कहा, वह लक्षद्वीप के पहले ऐसे एथलीट हैं जिन्होंने 7 मीटर की दूरी पार की है और यह वाकई एक खास बात है।''मछुआरे परिवार में जन्मे फताह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं और घर की बड़ी ज़िम्मेदारी संभालते हैं। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही रोकनी पड़ी। इसके बजाय, उन्होंने अपने पिता के पारिवारिक व्यवसाय में हाथ बँटाने और खेल को अपने जुनून के तौर पर अपनाने का फ़ैसला किया।फताह ने कहा, '' कोई और चारा नहीं है, आपको चीज़ों में संतुलन बनाना ही पड़ता है। जब मैं स्कूल में था, तभी से मैं अपने पिता की मछली पकड़ने के काम में मदद करता आ रहा हूँ। यही हमारी आमदनी का एकमात्र ज़रिया है। हमारे परिवार में छह लोग हैं। सुबह मैं अपनी ट्रेनिंग के लिए जाता हूँ; मेरे परिवार को इस बारे में पता है, भले ही वे इस खेल के बारे में बहुत कम समझते हों।''दिलचस्प बात यह है कि एथलेटिक्स उनका पहला प्यार नहीं था। फताह शुरू में फुटबॉल खेलते थे, जैसा कि द्वीप के कई दूसरे युवा करते थे। हालांकि, कुछ साल पहले एक स्थानीय इंटर-आइलैंड प्रतियोगिता के दौरान उनकी यात्रा में एक अहम मोड़ आया। कोच मोहम्मद कासिम ने इस युवा की दौड़ने की ज़बरदस्त काबिलियत को पहचाना और उन्हें एथलेटिक्स में आने का सुझाव दिया। तब से, फताह ने लॉन्ग जंप और 100-मीटर स्प्रिंट में ट्रेनिंग शुरू कर दी। लगभग उसी समय, अमिनी एथलेटिक्स एसोसिएशन का गठन होने लगा, जिससे इस क्षेत्र में खेलों के विकास को एक सही ढाँचा मिला।फताह और कई अन्य युवा एथलीटों को धीरे-धीरे कोचिंग की मदद दी गई, जिससे उन्हें ज़्यादा व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग करने में मदद मिली। सिर्फ़ दो सालों में, एसोसिएशन ने लगभग 384 एथलीटों को तैयार किया। इस समूह में से, 17 एथलीटों को गेम्स में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया। जगदलपुर में फत्ताह की 7.03 मीटर की गोल्ड-विनिंग जंप, वहां के हालात को देखते हुए, खास तौर पर संतोषजनक थी। ट्रेनिंग के दौरान, उन्होंने बताया था कि उनकी जंप आमतौर पर 6.5 से 6.7 मीटर के आस-पास रहती है। उन्होंने कहा. '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में आने से पहले, मैंने अपने लिए 7.15 मीटर तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया था। मुझे खुशी है कि मैं सात मीटर का आँकड़ा पार कर पाया, और यह गोल्ड मेडल मुझे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा,”लक्षद्वीप धीरे-धीरे भारत के एथलेटिक्स के नक्शे पर अपनी जगह बना रहा है। इस केंद्र शासित प्रदेश की सबसे जानी-मानी एथलीटों में से एक हैं मुबस्सिना मोहम्मद, जो 19 साल की लॉन्ग जंपर और हेप्टाथलीट हैं। कुवैत में हुए 2022 एशियन U18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में सिल्वर मेडल जीतकर वह लक्षद्वीप की पहली इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनीं। उन्होंने महिलाओं की लॉन्ग जंप में 6.30 मीटर के अपने पर्सनल बेस्ट के साथ जूनियर नेशनल टाइटल भी जीता।मुबस्सिना की तरह, फताह भी बिना किसी आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा के ट्रेनिंग करते हैं। लक्षद्वीप, जो सिर्फ़ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और जिसकी आबादी 70,000 से भी कम है, वहां अभी तक कोई ठीक-ठाक सिंथेटिक ट्रैक या एथलेटिक्स स्टेडियम नहीं है। नतीजतन, कई एथलीट मिट्टी के ट्रैक पर प्रैक्टिस करते हैं, जबकि फत्ताह अक्सर अपने स्प्रिंट इवेंट्स की ट्रेनिंग के लिए पास के एक फुटबॉल मैदान का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आगे कहा, '' खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और दूसरे नेशनल लेवल के मुकाबलों में हमारी सफलता को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि हमारे लिए हालात बदलेंगे। हो सकता है कि हमें कुछ नौकरियाँ और ट्रेनिंग की सुविधाएँ मिल जाएं.''
- फाइनल में कड़े मुकाबले में पश्चिम बंगाल से 0-1 से मिली हाररायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत आज रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम, कोटा में खेले गए पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के बीच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। इस बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में छत्तीसगढ़ को पराजय का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।फाइनल मैच में दोनों टीमों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार तालमेल, तेज आक्रमण और मजबूत रक्षा का परिचय दिया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए हर पल मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।हॉफ टाइम तक पश्चिम बंगाल की टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए थी। छत्तीसगढ़ की टीम ने लगातार आक्रमण कर गोल उतारने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, विभिन्न विभागों तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी और खेलप्रेमी बड़ी संख्या में फाइनल मैच देखने के लिए मैदान में पहुंचे थे।
- रायपुर। स्वदेशी अपनाने और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पीजी कॉलेज कवर्धा में आयोजित स्वदेशी मेले का समापन समारोह उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाना केवल आर्थिक मजबूती का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद एवं स्थानीय उद्यमों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की और भविष्य में और बेहतर प्रयासों के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।स्वदेशी मेले के माध्यम से लोगों को अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला। यह आयोजन न केवल स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी।कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए स्वदेशी जागरण मंच के सभी सदस्यों एवं आयोजकों को मंत्री श्री अग्रवाल ने बधाई देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
- -बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी होंगे शामिल-उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव करेंगे समापन समारोह की अध्यक्षतारायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 3 अप्रैल को शाम 5 बजे इसका आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य के तीन शहरों रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में विगत 25 मार्च से खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इसमें देश के 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2000 जनजातीय खिलाड़ियों एवं अधिकारियों ने हिस्सेदारी की।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राज्य शासन के सभी मंत्रीगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष भी विशिष्ट अतिथि के रूप में समापन समारोह में शामिल होंगे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से गुरुवार को शाम यहां उनके निवास कार्यालय में उत्तरप्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जलशक्ति विभाग श्री रामकेश निषाद ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए श्री निषाद का राज्य में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह और बस्तर पंडुम की पुस्तिका भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय को श्री निषाद ने छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के सफल आयोजन पर हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने श्री निषाद से छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
- -कथा वाचक पंंडित संतोष तिवारी व परायणकर्ता पंडित कमलनारायण तिवारी होंगेआरंग। रायपुर जिले के ग्राम टेकारी (कुंडा) में शुक्रवार 3 अप्रैल से श्रीमद् भागवत कथा पुराण का आयोजन किया जा रहा है जिसका समापन 11 अप्रैल शनिवार को पूर्णाहुति के साथ होगा। माधव कुंज में आयोजित इस आयोजन के कथा वाचक पंंडित संतोष तिवारी व परायणकर्ता पंडित कमलनारायण तिवारी होंगे । कथा समय अपराह्न 1 बजे से सायंकाल 5 बजे निर्धारित है ।
- -राज्य निर्माण के बाद से एक वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा राशि और कार्यों को मिली मंजूरी-2025-26 में विभाग ने 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ से अधिक की दी स्वीकृति-सड़क नेटवर्क का सशक्त जाल बिछाने पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे – उप मुख्यमंत्री अरुण सावबिलासपुर ।लोक निर्माण विभाग के लिए विगत 31 मार्च को समाप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 ऐतिहासिक रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग ने राज्य के निर्माण के बाद से अब तक सबसे ज्यादा कार्यों और राशि के प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी किए हैं। विगत वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा कुल 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। यह राशि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद से किसी एक वर्ष में स्वीकृत सर्वाधिक राशि के दोगुने से भी ज्यादा है। वर्ष 2025-26 में मंजूर की गई राशि 2024-25 में स्वीकृत 2589 करोड़ 89 लाख रुपए की तुलना में तिगुने से भी ज्यादा है, जबकि कार्यों की संख्या दोगुने से भी अधिक है।हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में लोक निर्माण विभाग ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की मांगों, जरूरतों और जन आकांक्षाओं को देखते हुए उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर 1925 नए कार्यों को शामिल करते हुए इनके लिए 2287 करोड़ रुपए के प्रावधान किए थे। पिछले वर्ष के बजट में राज्य निर्माण के बाद से सर्वाधिक संख्या में नए कार्यों के प्रस्ताव शामिल किए गए थे। बजट में शामिल नए कार्यों को प्राथमिकता में रखते हुए बड़ी संख्या में इनकी मंजूरी के आदेश जारी किए गए हैं।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेशभर में सड़कों और पुलों के कार्यों को गति देने प्रस्तावित कार्यों के जल्द से जल्द डीपीआर तैयार कर ज्यादा से ज्यादा कार्यों की स्वीकृति के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर विभाग ने सक्रियता और तत्परता से अमल करते हुए बीते वित्तीय वर्ष में अब तक के सर्वाधिक 993 कार्यों के लिए 9129 करोड़ की राशि को मंजूरी दी है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस तत्परता के लिए सभी विभागीय अधिकारियों और अमले की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सरकार राज्य की अधोसंरचना को मजबूत करने अभूतपूर्व गति से कार्य कर रही है। रिकॉर्ड संख्या में सड़कों और पुलों को स्वीकृति देकर शहरों, गांवों और वनांचलों को जोड़ने का अभियान तेज किया गया है। हमारी प्राथमिकता हर पहुंचविहीन क्षेत्र तक बेहतर सड़क सुविधा पहुंचाना है, जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार सड़क नेटवर्क का सशक्त जाल बिछाने पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।लोक निर्माण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 में 141 सड़कों और पुलों के लिए 2013 करोड़ रुपए, 2017-18 में 300 कार्यों के लिए 2311 करोड़ रुपए, 2018-19 में 154 कार्यों के लिए 4544 करोड़ रुपए, 2019-20 में 312 कार्यों के लिए 2402 करोड़ रुपए और 2020-21 में 345 कार्यों के लिए 3797 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी। विभाग ने वर्ष 2021-22 में 531 कार्यों के लिए 4482 करोड़ रुपए, 2022-23 में 466 कार्यों के लिए 2656 करोड़ रुपए, 2023-24 में 355 कार्यों के लिए 3753 करोड़ रुपए तथा 2024-25 में 436 कार्यों के लिए 2590 करोड़ रुपए के कार्यों को प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की थी।
- -लंबित राजस्व मामलों का होगा निराकरणबिलासपुर /राजस्व मामलों के निराकरण के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 3 अप्रैल 2026 को बेलतरा तहसील के ग्राम सेमरा एवं करमा में शिविर लगाकर राजस्व मामलों से संबंधित समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। शिविर में तहसीलदार श्रीमती मनीषा झा एवं नायब तहसीलदार श्री सहोरिक यादव उपस्थित रहेंगे। राजस्व पखवाड़ा का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, द्वितीय चरण 04 मई से 18 मई तथा तृतीय चरण 01 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इन शिविरों में राजस्व अमला गांव स्तर पर पहुंचकर विभिन्न लंबित प्रकरणों का निराकरण करेगा। अभियान के तहत अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, नक्शा बंटांकन, व्यपवर्तन एवं वृक्ष कटाई से संबंधित समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा। साथ ही फौती नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख त्रुटि सुधार के प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन, नोटिस जारी कर सुनवाई एवं निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया जाएगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे शिविर में ज्यादा से ज्यादा उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठाएं।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा अंतर्गत करगीकला के ग्राम पंचायत मनपहरी के आंगनबाड़ी केंद्र मनपहरी 01 में कार्यकर्ता के 1 रिक्त पद के लिए ऑनलाईन आवेदन वेबसाइट https://aww.e-bharti.in/ में जाकर किये जा सकते है। ऑनलाईन आवेदन विभागीय वेबसाईट के माध्यम से कर सकते है।
- -कलेक्टर ने की युवाओं से आवेदन करने की अपीलबिलासपुर /भारतीय थल सेना (अग्निवीर) में भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र युवाओं से 10 अप्रैल 2026 तक ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये है। पुरूष अभ्यर्थी जनरल, तकनीकी, लिपिक, स्टोरकीपर, ट्रेडमैन एवं महिला अभ्यर्थी सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट और सिपाही फार्मा के लिए आवेदन कर सकती हैं। आयु सीमा 17.5 से 22 वर्ष एवं आवेदन शुल्क 250 रूपए निर्धारित किया गया है। आवेदन वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर किये जा सकते है। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) 1 जून से 10 जून 2026 तक होने की संभावना है। विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 2965214 एवं जिला रोजगार कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। कलेक्टर ने जिले के युवाओं से अग्निवीर भर्ती में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
- -फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया जाएगा संदेशबिलासपुर/फिटनेस, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए ईंधन बचत के लिए साइक्लिंग संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “अरपा सायक्लोथॉन बिलासपुर 2026” का आयोजन आगामी 5 अप्रैल को किया जाएगा। सुबह 5.30 मिनट पर शुरू होने वाली 25 किलोमीटर लंबी इस सायक्लोथॉन रेस का शुभारंभ मुंगेली नाका ग्राउंड, बिलासपुर से होगा। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने नागरिकों से आयोजन में भागीदारी की अपील की है।प्रतियोगिता में पुरुष (गियर एवं बिना गियर सायकल) तथा महिला वर्ग की अलग-अलग रेस आयोजित की जाएंगी। विजेताओं के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। पुरुष वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः ₹10,000, ₹7,000 एवं ₹5,000 की राशि प्रदान की जाएगी, वहीं महिला वर्ग में ₹5,000, ₹3,000 एवं ₹2,000 के पुरस्कार निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त शीर्ष 10 पुरुष एवं शीर्ष 6 महिला प्रतिभागियों को विशेष नकद सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने आयोजन को वर्तमान समय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, सायकल से न केवल ईंधन की बचत होती है बल्कि यह स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए भी एक महत्वपूर्ण साधन है दोनों अधिकारियों ने आयोजकों को शुभकामनाएं दी और नागरिकों से आयोजन में भागीदारी की अपील की।आयोजन में सभी प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट एवं फिनिशर सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। साथ ही, बिलासपुर के बाहर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए रात्रि विश्राम एवं भोजन की विशेष व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस आयोजन में शहर के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा सहयोग किया जा रहा है। प्रतियोगिता के लिए पंजीयन ऑनलाइन QR कोड के माध्यम से किया जा सकता है। पंजीयन शुल्क पुरुष वर्ग के लिए ₹299 तथा महिला वर्ग के लिए ₹149 निर्धारित किया गया है। इस आयोजन के प्रमुख आयोजक संतोष गुप्ता, प्रदीप साहू और छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया सोसाइटी हैं। उल्लेखनीय है कि संतोष गुप्ता एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक हैं, जिन्होंने गोल्डन क्वाड्रिलेटरल को मात्र 24 दिनों में पूरा कर देशभर में विशेष पहचान बनाई है वे सायकल के माध्यम से लोगों को फिटनेस और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दे रहे है। प्रदीप साहू छत्तीसगढ़ गाइड नामक लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का संचालन करते हैं और वे आई आईटी कानपुर के पूर्व छात्र भी हैं। उनके पेज पर छत्तीसगढ़ गाइड के माध्यम से प्रदेश की कला संस्कृति को प्रचारित किया जाता है। प्रदीप साहू ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को फिटनेस, खेल एवं सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना है। आयोजकों द्वारा नागरिकों से प्रतियोगिता में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की गई है।
- -बड़ौदा आरसेटी में 31 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण का समापन-जनपद अध्यक्ष ने दिए प्रमाण पत्रमहासमुंद / बड़ौदा आरसेटी महासमुन्द में 28 फरवरी से 30 मार्च 2026 तक आयोजित 31 दिवसीय निरूशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार हेतु कौशल विकास प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 27 युवतियों ने भाग लिया एवं प्रशिक्षण का लाभ लेते हुए सिलाई कार्य में दक्षता प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिलाई की आधुनिक तकनीक, मशीन संचालन, डिजाइनिंग तथा स्वरोजगार स्थापित करने से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान उपस्थित रही। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद सदस्य योगेश्वर चंद्राकर तथा संस्थान के निदेशक श्री टूटू बेहरा उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान ने कहा कि बडौदा आरसेटी महासमुन्द में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवतियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने युवाओं एवं युवतियों को प्रेरित किया तथा बिहान समूह से जुड़कर स्वावलंबी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारीगण, प्रशिक्षक एवं सभी प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
- महासमुंद / सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा अग्निवीरों के लिए जारी अधिसूचना भारतीय सेना की वेबसाईट joinindianarmy.nic.in पर उपलब्ध है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि महासमुंद जिले के ऐसे अविवाहित पुरूष एवं महिला अभ्यर्थी जिनकी जन्मतिथि 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के मध्य है वे इस भर्ती ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। पूर्व में ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 तक निर्धारित था, जिसे भारतीय सेना कार्यालय द्वारा तिथि में वृद्धि करते हुए अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 तक निर्धारित किया गया है। अग्निवीर भर्ती जनरल (महिला व पुरुष), अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर व अग्निवीर ट्रेडमेन ( 8वीं और 10वीं पास) के पदों के लिए जारी की गई है। इसके अतिरिक्त सिपाही (फार्मा) के पदो ंके लिए भी पुरुष आवेदकों से आवेदन मंगाए गए हैं जिनकी जन्मतिथि 01 जुलाई 2002 से 01 जनवरी 2008 के बीच होना अनिवार्य है।जो अभ्यर्थी थल सेना अग्निवीर भर्ती हेतु आवेदन कर चुके हैं लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु रोजगार विभाग के पोर्टल https://erojgar.cg.gov.in/ में ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इस संबंध में अधिकारी जानकारी और समस्या के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 0771-2965212 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में होगी बैठकरायपुर ।आदिम जाति विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा 06 अप्रैल को सुबह 11 बजे से नया रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बैठक लेंगे।बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के मुख्य बजट में शामिल विभागीय योजनाओं, अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिला-वार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि का विवरण तथा शेष भुगतान की स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा। आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय एवं व्यय की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। बैठक में विभागीय भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति तथा उनकी प्रशासकीय स्वीकृतियों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नवीन व्यय मदों, विशेष रूप से राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा लिए गए ऋणों के भुगतान से संबंधित योजनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
- रायपुर । बस्तर की भौगोलिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियों के बीच विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। ककनार घाटी के नीचे बसे सुदूर गांव कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जो कभी वामपंथी आतंक के गढ़ माने जाते थे, आज मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। इन गांवों के निवासियों के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक ऐसा सपना था, जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था, क्योंकि घाटी की दुर्गम ढलान और माओवाद के साये ने विकास के हर रास्ते को अवरुद्ध कर रखा था। लेकिन आज उन्हीं संकरी पगडंडियों और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर बनी नई सड़क में बस का दौड़ना बस्तर की बदलती तस्वीर का सबसे सशक्त प्रमाण है। ज्ञात हो कि बस्तर जिले में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना की शुरूआत बीते 04 अक्टूबर 2025 को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा की गई थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के माध्यम से जिले के चार चयनित मार्गों पर बस सेवा संचालित की जा रही है।मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के तहत शुरू हुई यह बस सेवा केवल एक वाहन नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की एक कड़ी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार रायपुर द्वारा स्वीकृत समय-सारणी के अनुसार यह बस प्रतिदिन कोण्डागांव जिले के मर्दापाल से अपनी यात्रा शुरू करती है और ककनार घाटी के नीचे बसे उन गांवों को जोड़ती है जहाँ कभी पैदल चलना भी जोखिम भरा था। घाटी के इन दुर्गम अंचलों से होते हुए बस धरमाबेड़ा और ककनार जैसे पड़ावों को पार कर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचती है। इससे उन लोगों का सफर अब सुगम हो गया है जिन्होंने दशकों तक केवल सड़क और बस का इंतजार किया था।वामपंथी समस्या के कमजोर पड़ने और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते अब इन संवेदनशील इलाकों में सड़कों का निर्माण संभव हो पाया है। पक्की सड़कों के इस जाल ने न केवल परिवहन को आसान बनाया है, बल्कि ककनार घाटी के नीचे बसे ग्रामीणों के मन से अलगाव का डर भी खत्म कर दिया है। अब शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ता। यह निरंतर बस सेवा इस बात का प्रतीक है कि बस्तर का वह हिस्सा जो कभी अंधेरे में खोया हुआ माना जाता था, अब पूरी रफ्तार के साथ प्रगति की राह पर अग्रसर है। घाटी की ऊंचाइयों से उतरकर यह बस आज हर ग्रामीण के घर तक शासन की योजनाओं और खुशहाली का संदेश पहुँचा रही है। इस बारे में चंदेला के सरपंच श्री तुलाराम नाग कहते हैं कि करीब दो साल पहले तक इस ईलाके में माओवादी समस्या के कारण विकास थम सी गई थी लेकिन आज सड़क बन जाने के साथ ही विकास को एक नई दिशा मिल चुकी है। इस ईलाके में स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र की सेवाओं के साथ ही उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न एवं अन्य जरूरी सामग्री सुलभ हो रही है वहीं समीपस्थ ग्राम ककनार में साप्ताहिक बाजार की रौनक देखते ही बनती है। क्षेत्र के ककनार सरपंच श्री बलीराम बघेल बताते हैं कि पहले उन्हे अपने तहसील मुख्यालय लोहण्डीगुड़ा और जिला मुख्यालय तक जाने मे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब सड़क के बन जाने से बारहमासी आवागमन की सुविधा मिल रही है।
- -सरहुल महोत्सव में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवालरायपुर ।प्रकृति उपासना और जनजातीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक सरहुल पूजा महोत्सव आज अम्बिकापुर के कला केन्द्र मैदान में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं को नमन किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने अपने उद्बोधन की शुरुआत “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” से करते हुए कहा कि जनजातीय समाज केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ आत्मीय सह-अस्तित्व की एक अनूठी जीवन पद्धति है, जो हमें संतुलन, संरक्षण और कृतज्ञता का संदेश देती है। उन्होंने सरहुल पर्व को प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन अवसर बताते हुए चराचर जगत के कल्याण तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामनाएं कीं।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है, जिन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अम्बिकापुर की देवतुल्य जनता से प्राप्त अपार स्नेह और आशीष के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के लोगों का निस्वार्थ अपनापन उनके जीवन की अमूल्य संचित पूंजी है, जो उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान जनजातीय समाज के लोगों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य और गीतों की मनोहारी प्रस्तुति दी, जिससे पूरा कला केन्द्र मैदान ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्यों की गूंज से सराबोर हो उठा। सरहुल महोत्सव, जो साल वृक्ष के फूलों के खिलने के साथ प्रकृति के नवजीवन का उत्सव है, सामाजिक एकता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक अस्मिता का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम का समापन “जय जोहार” के गूंजते उद्घोष के साथ हुआ, जिसने जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक चेतना को और अधिक सुदृढ़ किया।
- रायपुर ।खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच रोमांचक और कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने मजबूत खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों के खिलाड़ियों ने शानदार रक्षा और आक्रमण का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले को बेहद रोमांचक बनाए रखा।दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक खेल दिखाते हुए छत्तीसगढ़ की कप्तान किरण पिस्दा ने एक महत्वपूर्ण गोल किया और 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने अपनी इस बढ़त को अंत तक बनाए रखा। अंततः छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से हराकर महिला फुटबॉल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार खेल कौशल और टीमवर्क का परिचय दिया। यह मुकाबला पूरे समय दर्शकों के लिए रोमांच से भरपूर रहा और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती तनुजा सलाम, खेल विभाग के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में खिलाड़ी तथा खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
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- भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को मिला आर्थिक सुरक्षा
- भूमिहीन परिवारों का बढ़ा आत्मविश्वासराजनांदगांव । राज्य सरकार द्वारा भूमिहीन श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान हेतु चलाई जा रही दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना आज ग्रामीण अंचलों में परिवर्तन की पहचान बन चुकी है। प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता ने भूमिहीन परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी जरूरतों को पूरा कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम जंगलेसर निवासी श्रीमती कविता चन्द्राकर के लिए यह योजना बड़ी मददगार साबित हुई है। अस्थायी आय के चलते बच्चों की पढ़ाई और परिवार के स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई होती थी। योजना से मिली सहायता से उन्होंने बच्चों की किताबें-कॉपी खरीदीं और इलाज पर होने वाला खर्च भी पूरा किया। श्रीमती चन्द्राकर ने बताया कि यह योजना हमारे जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष भी बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य को संवारने में करेंगी।इसी तरह ग्राम जंगलेसर के दैनिक मजदूर श्री डोरी लाल निषाद ने बताया कि वे बीमारी के चलते लंबे समय तक काम नहीं कर सकते हैं, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया। ऐसे कठिन समय में योजना की 10 हजार रूपए की सहायता उनके लिए संजीवनी साबित हुई। उन्होंने पिछले वर्ष प्राप्त राशि से घर की मरम्मत कराई और इस वर्ष राशि का उपयोग स्वास्थ्य व अन्य जरूरी कार्यों में करेंगे। ई-रिक्शा चालक श्री जयप्रकाश साहू ने बताया कि इस योजना की राशि से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ई-रिक्शा मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्होंने अपना घर भी बनवाया। इस वर्ष प्राप्त राशि से वे घर में बिजली और रोशनी की बेहतर व्यवस्था करने जा रहे हैं।ग्राम जंगलेसर की श्रीमती कली बाई यादव ने बताया कि वे छोटा किराना दुकान चलाती हैं, योजना द्वारा मिली राशि का उपयोग दुकान विस्तार में कर रही हैं। कुछ राशि दुकान के सामान खरीदने में और शेष घरेलू एवं स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में लगाया। उन्होंने बताया कि वे इस राशि से अपने छोटे व्यवसाय को बड़े सपनों की ओर ले जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि ग्रामीण भूमिहीन परिवारों के लिए सुरक्षा, स्थिरता और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आजीविका के क्षेत्र में इसके सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। हितग्राहियों ने संवेदनशील और प्रभावी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। - -रबी फसल के लिए किसानों को मिला 1026 करोड़ रूपए का कृषि ऋणरायपुर । छत्तीसगढ़ में 18.60 लाख हेक्टयर क्षेत्रों में चना, गेहू, मटर, अलसी, सरसों, मक्का, रागी सहित विभिन्न रबी फसलों की बोनी हो चुकी है, जो कुल बोनी का 97 प्रतिशत है। खरीफ सीजन की तरह रबी सीजन के लिए भी राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण का भी प्रावधान किया गया है। अब तक किसानों को रबी फसल के लिए लगभग 1026 करोड़ रूपए की ऋण राशि प्रदाय किया जा चुका है। रबी फसल के लिए इस वर्ष एक लाख 29 हजार 717 क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध अब तक एक लाख 18 हजार 592 क्विंटल बीज का भण्डारण कर एक लाख 11 हजार 827 क्विंटल बीज वितरित किया गया है, जो भण्डारण का 94 प्रतिशत है।इसी प्रकार रबी फसल के लिए राज्य में 5.68 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण करने का लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 12.11 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण कर 4.63 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया गया है, जो कुल भण्डारण का 38 प्रतिशत है।
- -खेड़ापति हनुमान मंदिर में शांति के नए दौर हेतु की गई प्रार्थना, श्रद्धालुओं ने भंडारे में निभाई सहभागिता-सुरक्षा बलों के साहस को समर्पित इस आयोजन में पुलिस प्रशासन की रही सहभागितारायपुर। सशस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति के ऐतिहासिक संकल्प की पूर्ति के उपलक्ष्य में कबीरधाम जिले के सिद्ध श्री खेड़ापति हनुमान महाराज मंदिर प्रांगण में श्रद्धा, आस्था एवं उल्लास के साथ हनुमंत भंडारा का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित होकर भगवान श्री खेड़ापति हनुमान जी महाराज के दर्शन-पूजन कर प्रदेश में शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की तथा भंडारा प्रसाद ग्रहण किया।भंडारा आयोजन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती रश्मि शर्मा एवं उनके पुत्र श्री अभिनव शर्मा द्वारा स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर कबीरधाम पुलिस अधीक्षक श्री धमेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल, डीएसपी श्री भूपत सिंह, श्रीमती अंजु कुमारी, श्री कृष्णा चंद्राकर, श्री आशीष शुक्ला तथा कोतवाली थाना प्रभारी श्री योगेश कश्यप सहित अन्य अधिकारियों ने भी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर सहभागिता निभाई एवं प्रसाद ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि 31 मार्च 2026 की निर्धारित समय-सीमा तक बस्तर सहित छत्तीसगढ़ से सशस्त्र नक्सलवाद के पूर्णतः समाप्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में स्थापित शांति, सुरक्षा एवं विकास के नए युग का अभिनंदन करते हुए ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की गई।विदित हो कि विगत चार दशकों से अधिक समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल, नक्सलवाद की गंभीर चुनौती से जूझता रहा। इस दौरान अनेक निर्दोष नागरिकों एवं सुरक्षा बलों के जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया तथा क्षेत्रीय विकास प्रभावित रहा। कबीरधाम जिला भी इस समस्या से अछूता नहीं रहा। किंतु केंद्र एवं राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प, प्रभावी रणनीति तथा सुरक्षा बलों के साहस, पराक्रम एवं समर्पण के फलस्वरूप आज यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हो सकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए गए सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि संभव हुई है। साथ ही उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री था कवर्धा के स्थानीय विधायक श्री विजय शर्मा की सक्रिय भूमिका भी इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय द्वारा सुरक्षा बलों के वीर जवानों के अदम्य साहस एवं बलिदान को नमन करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में भगवान श्री खेड़ापति हनुमान जी महाराज का विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेश में स्थायी शांति, सुरक्षा, समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की गई। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। भंडारा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई, जिससे सामाजिक एकता, सौहार्द एवं जन-समरसता का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा आज नवा रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में जिला विपणन अधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के विपणन अधिकारी उपस्थित रहे, जहां धान खरीदी, भंडारण एवं उठाव से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वर्ष 2024-25 के धान निराकरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी ने शेष धान के शीघ्र निराकरण के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।प्राधिकृत अधिकारी मार्कफेड में संग्रहण केंद्रों से धान उठाव के लिए जारी टी.ओ. तथा वर्ष 2025-26 के लिए जारी डी.ओ. के विरुद्ध वास्तविक उठाव की जिलेवार प्रगति का मूल्यांकन किया गया। उन्होंने 30 मार्च 2026 की स्थिति में उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध शेष धान की जानकारी लेते हुए उसके सुरक्षित संधारण एवं त्वरित उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके अलावा, जिलों में अनुपयोगी बारदानों के प्रबंधन तथा स्वयं के एवं किराए के गोदामों से संबंधित लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर भी विशेष जोर दिया।बैठक में पिछली समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी गहन समीक्षा की गई। प्राधिकृत अधिकारी ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी एवं उठाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है और सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करनी होगी। इस अवसर पर मार्कफेड मुख्यालय के अपर प्रबंध संचालक, मुख्य लेखाधिकारी सह वित्तीय नियंत्रक, समस्त महाप्रबंधक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की बैठक सम्पन्नरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग के ऐसे विस्थापित परिवार जो किन्ही कारणों बस्तर संभाग के सीमावर्ती तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश में प्रवासित है, ऐसे परिवारों के पुनर्वास की कार्ययोजना बनायी जा रही है। मंत्रालय महानदी भवन में आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में पुनर्वास हेतु गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के संबंध में कार्ययोजना तैयार करने विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।बैठक में बताया गया कि जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के लोग तेलंगाना एवं आन्ध्रप्रदेश राज्य में प्रवासित हो गए है। इसके लिए प्रवासित परिवारों की ओर से राष्ट्रीय जनजातीय आयोग में याचिका दायर किया गया है। इसके तहत माननीय आयोग द्वारा एक माह के भीतर सर्वे कर प्रवासित परिवारों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके परिपालन में बस्तर संभाग के संभागायुक्त द्वारा एक समयबद्ध कार्यक्रम के तहत कलेक्टर दंतेवाड़ा, सुकमा एवं जिला बीजापुर को प्रवासित परिवारों के सर्वे किया जाकर 15 दिन के भीतर प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सर्वे अनुसार जिला दंतेवाड़ा से तेलंगाना प्रदेश के 60 ग्राम में 618 परिवार के 2654 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से तेलंगाना प्रदेश के 293 ग्राम में 2733 परिवार के 12026 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से तेलंगाना प्रदेश के 114 ग्राम में 994 परिवार के 5029 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से तेलंगाना राज्य के 467 ग्राम में 4345 परिवार के 19709 व्यक्ति प्रवासित है।इसी तरह जिला दंतेवाड़ा से आंध्रप्रदेश के 25 ग्राम में 125 परिवार के 568 व्यक्ति एवं जिला सुकमा से आंध्रप्रदेश के 155 ग्राम में 2462 परिवार के 10787 व्यक्ति तथा जिला बीजापुर से आंध्रप्रदेश के 04 ग्राम में 07 परिवार के 34 व्यक्ति प्रवासित है। इस तरह से छत्तीसगढ़ राज्य के उक्त तीनो जिला से आंध्रप्रदेश राज्य के 184 ग्राम में 2594 परिवार के 11389 व्यक्ति प्रवासित है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य के जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के 667 ग्राम से तेलंगाना एवं आंध्रप्रदेश राज्य के 651 ग्राम में 6939 परिवार के 31098 व्यक्ति प्रवासित है। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह एवं पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज से चर्चा कर अन्य प्रांतों में प्रवासित परिवारों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए एक बार और सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर लें। इसी तरह से श्री पिंगुआ ने कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा से कहा है कि वे अपने-अपने जिलों से अन्य प्रांतों में प्रवासित लोगों के बारे में उनके मूल ग्राम एवं निवास स्थान से आवश्यक जानकारी तैयार कर लें। जिससे पुनर्वास योजना बनाने आसानी होगी। इसी तरह से पुनर्वास योजना बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देशित दिए गए है कि वे शीघ्र ही अपने-अपने विभागों के नोडल अधिकारी नियुक्त कर दें, जिससे शीघ्र पुनर्वास योजना बनाने में आसानी होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, आईजी बस्तर श्री सुन्दरराज, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह सहित कलेक्टर दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा शामिल हुए। इसी तरह से बैठक में सामान्य प्रशासन, वित्त विभाग, राजस्व, स्कूल शिक्षा, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, वाणिज्य एवं उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर प्रदेश के सर्वाेच्च संवैधानिक कार्यालय ‘‘लोकभवन‘‘ की कार्यप्रणाली से अवगत कराने और यहां की कार्यालयीन गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में आज डी.पी.एस. स्कूल के विद्यार्थियों ने आज लोकभवन का भ्रमण किया और राज्यपाल श्री रमेन डेका से आत्मीय मुलाकात की। श्री डेका ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें जरूरी मार्गदर्शन प्रदान किए।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थी जीवन बहुत सुंदर होता है। इसका सदुपयोग करें तभी सफलता मिलेगी। जीवन के सभी निर्णयों को सोच-समझकर ठंडे दिमाग से लेना चाहिए। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। हर विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर नहीं बन सकता बल्कि अनेक क्षेत्र हैं जहां अपना कैरियर बना सकते है।डी.पी.एस. स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 51 छात्र और 25 छात्राओं की टोली ने अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ लोकभवन का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिक व कार्यालयीन महत्ता को जाना और समझा। उन्हें लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी, सचिवालय की विभिन्न शाखाओं और हरे-भरे उद्यान का भ्रमण कराया गया और इन स्थानों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। भ्रमण एवं अवलोकन के बाद विद्यार्थियों ने बताया कि लोकभवन में आकर उन्हें नया अनुभव हो रहा है। पहली बार वे राज्यपाल से मिले हैं साथ ही यहां की संरचना, हरियाली देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई है।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर नर्मदा कुंड हनुमान मंदिर स्टेशन चौक एवं सर्व धर्म हनुमान मंदिर रेल्वे स्टेशन कैम्पस रायपुर में विधिवत पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना कर आशीर्वाद लिया।

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