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- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर रायगढ़ मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सुविधाओं में किया गया विस्तार-आयुष्मान योजना कक्ष का विस्तार, आईपीडी मरीजों के लिए अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं, फीडबैक के लिए लगाई गयी सुझाव पेटीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर )में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है। वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक श्री ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है।मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कुमार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी। पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी , आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है। ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
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रायपुर. राजधानी रायपुर में पुलिस ने दो लोगों की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या करने के आरोप में दो नाबालिगों समेत छह लोगों को पकड़ा है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों बताया कि शहर के चंगोराभाटा इलाके में दो लोगों की हत्या के आरोप में पुलिस ने 4 लोगो को गिरफ्तार करने के साथ 16 और 17 साल के दो लड़कों को भी हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को कृष्णा यादव (27) और सचिन बडोले (29) की हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी और मृतक डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाटा इलाके के निवासी थे और वे एक-दूसरे को जानते थे। उन्होंने बताया कि घटना रात करीब एक बजे चंगोराभाटा इलाके के काला पुतला चौक मैदान में हुई, जब आरोपी अलाव ताप रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद यादव और बडोले शराब पी रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान उनके बीच बहस शुरू हो गई और गुस्से में आकर आरोपियों ने यादव और बडोले की हत्या कर दी। आरोपियों ने उनके सिर पत्थर से कुचल दिए। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद छह लोगों ने अपराध कबूल कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने यादव और बडोले की हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर जब्त कर लिया है।
- दुर्ग, / प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में संपन्न हुई। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के पोर्टल स्टेज-2 में लंबित कुल 11556 प्रकरणों का समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। जिसमें से 3397 प्रकरण स्टेज-02 (डीएम पोर्टल) में एवं 8159 प्रकरण कार्यालय नगर निगम दुर्ग द्वारा दर्जी एवं मेसन के प्रकरणों का भौतिक सत्यापन उपरांत प्राप्त प्रकरण है। स्टेज-2 में लंबित कुल 11556 प्रकरणों में डीएम पोर्टल के 3397 प्रकरण एवं कार्यालय नगर निगम दुर्ग से दर्जी एवं मेसन के भौतिक सत्यापन रिपोर्ट अनुसार प्राप्त 8159 प्रकरणों में से 7405 प्रकरण अनुमोदित एवं 754 प्रकरण निरस्त किया जाकर 10802 प्रकरण स्टेज-03 में अग्रेषित करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार मेसन एवं दर्जी के ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का विचार किया गया। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री सिमोन एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री पी.वी.आर.एस. प्रकाश राव, एमएसएमई कार्यालय रायपुर के सहायक संचालक श्री दामोदर बेहरा, श्रम विभाग के श्रम आयुक्त श्री बसंत वर्मा, शासकीय आई.टी.आई दुर्ग के प्रतिनिधि श्री ए.ए. मंसूरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत 102 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 74,967 किसानों से 3,53,310.20 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। 30 दिसम्बर तक 81,317.38 लाख रूपए का धान खरीदा जा चुका है।जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 31 जनवरी 2025 तक धान खरीदा जाएगा। अब तक 78,317.47 लाख रूपए का ऑनलाईन भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही किसानों से लिंकिंग की राशि 22,717.95 की वसूली की जा चुकी है। जिले में अब तक 8,379.72 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
- - 01 अन्य प्रकरण में आरोपी के कब्जे से जप्त किए गए मध्यप्रदेश निर्मित शराबदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार एवं प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में विगत 28 दिसम्बर 2024 की रात्रि में गश्त के दौरान आबकारी विभाग के धमधा वृत्त के अन्तर्गत ग्राम मुरमुंदा थाना नन्दिनी नगर में अवैध शराब के धारण की सूचना पर त्वरित एवं विधिवत् कार्यवाही कर आरोपी ज्ञानेश्वर भारती पिता चवलदास उम्र 40 वर्ष निवासी मुरमुंदा थाना नंदिनी नगर जिला दुर्ग के कब्जे से एक सफेद रंग के प्लास्टिक बोरी में 92 नग पाव देशी मदिरा मसाला एवं एक थैले में 68 नग पाव देशी मदिरा मसाला कुल 160 नग पाव (कुल मात्रा 28.800 बल्क लीटर) शराब जप्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आबकारी उप निरीक्षक भूपेन्द्र कुमार नेताम द्वारा आरोपी को जेल दाखिल किया गया।इसी प्रकार 31 दिसम्बर 2024 को प्रातः गश्त के दौरान आबकारी विभाग के वृत-दुर्ग दक्षिण के अन्तर्गत पाटन में अवैध शराब के विक्रय, धारण की सूचना पर त्वरित एवं विधिवत कार्यवाही करते हुए ग्राम गुढ़ियारी थाना उतई में 80 नग गोवा स्पेशल फॉर सेल इन मध्यप्रदेश ओनली मदिरा पाव, जिसकी कुल मात्रा 14.4 बल्कलीटर मदिरा जप्त किया गया। उक्त प्रकरण में आरोपी मुकेश साहू के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36,59(क)के तहत प्रकरण दर्ज कर आबकारी उप निरीक्षक अरविन्द साहू के द्वारा आरोपी को जेल दाखिल किया गया। उपरोक्त प्रकरणों में आबकारी उप निरीक्षक श्री हरीश पटेल, श्री प्रियंक ठाकुर मुख्य आरक्षक श्री पी.एस.राजपूत, संतोष दुबे, वाहन चालक नोहर साहू, धनराज का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- बिलासपुर /माननीय मुख्यमंत्री छतीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई किये जाने हेतु प्राप्त निर्देश के परिपालन में कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार जिले में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग के टास्क फोर्स की संयुक्त टीम द्वारा सतत निरीक्षण करते हुए माह दिसम्बर 2024 में खनिजों के अवैध खनन के 14 प्रकरण एवं अवैध परिवहन के 102 प्रकरण पर कार्यवाही करते हुए कुल 116 मामले दर्ज किए गए।संयुक्त टीम एवं खनिज अमला द्वारा अवैध खनिज परिवहन करते पाए जाने पर रेत के 84. चूनापत्थर के 10 मिटटी इंट/मुरूम के एक डोलोमाईट के 1 प्रकरण सहित कुल 102 प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से 64 प्रकरणों का निराकरण करते हुए अवैध परिवहनकर्ताओं से अर्थदण्ड राशि रु 14 लाख 46 हजार 860 रुपए जमा कराया गया है। शेष 28 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जाती है। अवैध खनिज उत्खनन करते पाए जाने पर रेत के 11 मुरूम के 02 एवं डोलोमाईट के 01 प्रकरण सहित कुल 14 प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसने से 6 प्रकरणों का निराकरण करते हुए अर्थदण्ड की राशि 17,70,912 रुपए जमा कराया गया है। शेष 08 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जा रही है।माह दिसम्बर 2024 में खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन एवं भण्डारण के कुल 116 प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से 70 प्रकरणों का निराकरण करते हुए अर्थदण्ड की राशि 32,17,772 रुपए जमा कराया गया है। शेष 46 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अप्रैल 2024 से दिसम्बर तक अवैध उत्खनन के 71 प्रकरण अवैध परिवहन के 506 प्रकरण तथा अवैध भण्डारण के 15 प्रकरण दर्ज करते हुए कुल 592 प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से 534 प्रकरणों का निराकारण करते हुए अर्थदण्ड की राशि 1,52,89,328 रुपए जमा कराया गया है। शेष 58 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही जारी है। वन विभाग के द्वारा भी वन क्षेत्र अंतर्गत अवैध खनिज उत्खनन/परिवहन के मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
- -लगभग 10 लाख मूल्य का 323 क्विंटल धान जब्तबिलासपुर /खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के दौरान कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देशानुसार जिले में अवैध रूप से धान खपाने के प्रयासों को रोकने लगातार कार्रवाई की जा रही है। आज राजस्व, खाद्य एवं मण्डी विभाग द्वारा अनाधिकृत रूप से धान के 7 ठिकानों पर छापा मारते हुए लगभग 10 लाख मूल्य का 323 क्विंटल जब्त धान पर दण्डात्मक कार्रवाई की गई।सीपत तहसील के ग्राम कुकदा में पिन्टू पटेल के यहां से 16.5 क्विंटल धान (78 कट्टी), ग्राम खम्हरिया में व्यापारी विकास अग्रवाल के यहां से 80 क्विंटल धान (200 कट्टी), व्यापारी सुरेश साहू के यहां से 42.6 क्विंटल धान (106 कट्टी), व्यापारी विनोद के यहां से 75 क्विंटल धान (300 क्विंटल) जब्त किया गया। इसी प्रकार मस्तूरी तहसील के ग्राम दर्रीघाट में राकेश अग्रवाल के दुकान से 8 क्विंटल (20 कट्टी) एवं ग्राम लिमतरा में राठौर किराना स्टोर से 83 क्विंटल (205 कट्टी), कोटा तहसील के ग्राम सल्का नवागांव में लक्ष्मी किराना स्टोर से 18 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। file photo
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बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज कर्मचारी जनदर्शन में पहुंचे अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं को इत्मीनान से सुना। इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर कलेक्टर के समक्ष रखी। कलेक्टर ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश दिए।
साप्ताहिक जनदर्शन में आज तिफरा के शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में रसोईया के पद पर कार्यरत कर्मचारी श्री देवेन्द्र कुमार बघेल ने श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दैनिक दर मजदूरी से वेतन दिलाने कलेक्टर को आवेदन दिया। कलेक्टर ने आवेदन संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग को भेजा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा जिला स्तरीय मांगों के संबंध में कलेक्टर को आवेदन दिया। फेडरेशन द्वारा पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग में मरम्मत, सुधार, साफ-सफाई सहित जिला स्तरीय परामर्शदात्रि समिति की बैठक कराने की भी मांग की गई। इस मामले को अपर कलेक्टर देखेंगे। विकासखंड मस्तूरी के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मुड़पार से सेवानिवृत्त प्रधान पाठक श्री प्रेमलाल शर्मा द्वारा सेवा निवृत्ति के 4 माह बाद सामान्य भविष्य निधि की राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत कलेक्टर से की। कलेक्टर ने आवेदन आवश्यक कार्रवाई के लिए डीईओ को भेजा। - भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के परिपालन में नगर पालिक निगम भिलाई के क्षेत्र में गठित दल द्वारा लगातार चाइनीज मांझा खरीदी एवं ब्रिकी करने वालो पर कार्यवाही कर रही है। प्रायः यह देखा जा रहा है कि दुकानदार अपने थोड़े से लाभ कमाने के लिए खतरनाक चाइनीज मांझा का चोरी-छिपे विक्रय कर रहे है। चाइनीज मांझा के उपयोग से स्वयं, राहगीर, पक्षी आदि दुर्घटना के शिकार हो जाते है। कभी भी पतंग के धागे से घटनाएं होने की पूरी संभावना बनी रहती है।नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने अधिकारियो को निर्देशित किये है, कि जो भी दुकानदार चाइनीज मांझा का बिक्री करते या कोई नागरिक इसे खरीदते दिखे तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करें एवं उनसे अर्थदण्ड की वसूली की जाए। संबंधित के पास से चाइनीज मांझा पाये जाने पर उसे तत्काल जप्त की जावे। साथ ही उन्हे समझाइस दी जाए की आपके द्वारा शासन के आदेशो का उल्लंघन करने पर 5 साल की जेल के साथ 1 लाख रूपये तक का जुर्माना या फिर दोना सजा हो सकती है। छत्तीसगढ़ के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने चीनी धागों की खरीदी और ब्रिकी को मददेनजर रखते हुए अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर इसे दण्डनीय अपराध करार दिया है।जोन क्रमांक-4 क्षेत्रांतर्गत प्रतिबंधित मांझा बेचने पर 900 रूपये की चालानी कार्यवाही की गई एवं मांझा धागा जप्त किया गया। समझाइस दिया गया कि नायलोन एवं चाइनीज मांझा/धागा पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके साथ की इण्ड्रस्टिज यूज धागा का उपयोग भी न करे। यह अंतिम समझाइस है, नहीं मानने वाले दुकानदारो का गुमशता लाईसेंस निरस्त एवं दुकान को सील बंद की कार्यवाही की जावेगी।
- बिलासपुर, /एकीकृत बाल विकास परियोजना तखतपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत गुनसरी एवं करनकापा के आंगनबाड़ी केन्द्रों में सहायिका के रिक्त पदों पर भरती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदनों का मूल्यांकन कर अंतिम मूल्यांकन सूची एकीकृत बाल विकास परियोजना तखतपुर, जनपद पंचायत तखतपुर, आंगनबाड़ी केन्द्र गुनसरी एवं आंगनबाड़ी केन्द्र करनकापा 2 में चस्पा किया गया है। इस संबंध में 3 जनवरी 2025 तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय तखतपुर में कार्यालयीन समय में दावा-आपत्ति प्रस्तुत किया जा सकता है। निर्धारित तिथि पश्चात दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- -धारा-40 के तहत एसडीएम ने की कार्रवाई-छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी लगाई रोक-रासुका के तहत कलेक्टर ने की है जिलाबदर की कार्रवाई-आबादी भूमि पर कब्जा करवाने सहित कई अपराधों में रहा है संलिप्तबिलासपुर /विकासखंड मस्तुरी के ग्राम पाराघाट के सरपंच को बर्खास्त कर दिया गया है। शासकीय भूमि और आबादी पर कब्जा कराने, शासकीय भूमि पर निर्माण एवं गुंडागर्दी के आरोपो की जांच के बाद शिकायत की पुष्टि होने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। एसडीएम मस्तूरी द्वारा यह कार्रवाई की गई है। सरपंच के पद पर श्री प्रदीप सोनी कार्यरत थे। धारा 40 के तहत एसडीएम ने कार्रवाई की है। 6 साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई गई है। रासुका के तहत कलेक्टर जिलाबदर की कार्रवाई कर चुके हैं। शासकीय और आबादी भूमि पर कब्जा करवाने सहित कई अपराधों में संलिप्त था।एसडीएम मस्तुरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत पाराघाट के सरपंच प्रदीप सोनी के द्वारा मौजा पाराघाट, पटवारी हल्का न0 22 के शासकीय मद की भूमि खसरा न0 525/1 एवं अन्य शासकीय भूमि मे से लगभग 30-35 एकड़ भूमि को फ्लाई एश से पटाई कर दिया गया है जिससे चारागाह की भूमि समाप्त हो गई है। सरपंच ग्राम पंचायत पाराघाट द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के बनाए प्रावधानों का उल्लंघन कर इस अधिनियम के विरूद्ध कार्य कर रहा है। पूरे प्रकरण की जांच तहसीलदार मस्तूरी से कराई गई। संयुक्त जांच टीम द्वारा ग्रामवासियों एवं शिकयतकर्ता की मौजूदगी में मौका निरीक्षण किया गया। ग्रामवासियों तथा शासकीय भूमि 525/1 पर अवैध कब्जाधारियों द्वारा बताया गया कि सरपंच प्रदीप सोनी द्वारा 525/1 शासकीय भूमि को आबादी भूमि खसरा न0 525/3 बताकर लोगों को आबादी पट्टा वितरण किया गया है तथा घास भूमि खसरा न0 525/1 पर ही निर्माण कार्य हेतु भूमि को चिन्हांकित कर उसी भूमि पर निर्माण हेतु कहा गया।शिकायतकर्ता छहोरन वस्त्रकार ने बताया कि 45 वर्ष पुराने मेरे कब्जा जमीन को गोचर जमीन कहते हुए उन्हें कब्जे से हटा दिया। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि आबादी घोषित भूमि के अलावा शासकीय भूमि पर भी बेजा कब्जा करा दिया गया। इसमें उनके द्वारा निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। सरपंच को ग्राम में बेजा कब्जा हटवाना चाहिए किन्तु उनके द्वारा आबादी के साथ शासकीय जमीन को बेजा कब्जा खुद ही कराया जा रहा है। न्यायालय जिला दण्डाधिकारी द्वारा पारित आदेश में सरपंच श्री प्रदीप सोनी को पिछले दस वर्षाे से आपराधिक कृत्यों से जुड़ा होना बताया। आपराधिक पृष्ठभूमि में रहने के कारण पूर्व में ही अपराध में संलिप्त रहा है। सरपंच ने वर्ष 2015 से अपने साथियों के साथ मिलकर मार-पीट, जान से मारने की धमकी देने, गाली-गलौच, गुंडागर्दी जैसे गंभीर अपराध घटित कर आम जन को आतंकित करने एवं उनके मध्य भय उत्पन्न करने में संलिप्त है। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1992 की धारा (5) (क) (ख) के प्रावधानों के तहत सरपंच प्रदीप सोनी को 6 माह की अवधि के लिए जिलाबदर करने का आदेश पारित किया है।प्रकरण में आए उपरोक्त तथ्यों, नायब तहसीलदार मस्तुरी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, शिकायतकर्तागण का शपथपूर्वक कथन, जिला दण्डाधिकारी बिलासपुर द्वारा की गई जिला बदर की कार्रवाई से यह तथ्य प्रकट होता है कि सरपंच प्रदीप सोनी जनप्रतिनिधि होते हुए भी विधिविरूद्ध क्रियाकलापों में संलिप्त रहकर समाज विरोधी तथ्यों को बढ़ावा देने जैसे गंभीर अपराध घटित कर आम जनों को आतंकित करने एवं उनके मध्य भय उत्पन्न करने में संलिप्त है। पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत वे अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार के दोषी हैं जिसके फलस्वरूप उनको उनके पद पर बना रहना लोकहित में अवांछनीय है। अतः धारा 40 की उपधारा (1)(क)(ख) का उल्लंघन सिद्ध होने पर पाराघाट के सरपंच प्रदीप सोनी को मस्तूरी के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा सरपंच पद से पृथक करते हुए 6 वर्ष की कालावधि के लिए छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 (2) के अधीन निर्वाचन के लिए निर्हरित किया गया है।
- -आवास का मस्टर रोल जारी करने में विलम्ब करने पर तकनीकी सहायक को कारण बताओं नोटिसदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग कुमार दुबे की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभा कक्ष में प्रधानमंत्री आवास एवं मनरेगा के निर्माण कार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारी को प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण अंर्तगत स्वीकृत सभी निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ करने एवं हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने कहा, ताकि वे निर्माण कार्य को समय-सीमा पर पूर्ण कर सके। उन्होंने सभी आवास योजना से सम्बंधित कर्मचारियों को नियमित रूप से कार्यों का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया।बैठक के दौरान पाया गया कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण कार्य में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत मस्टर रोल जारी करने में विलम्ब हो रहा है जिस पर जिला पंचायत सीईओ श्री दुबे ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य का मस्टर रोल विलम्ब से जारी करने हेतु पोषण कुमार सिंह, जयंत कुमार कंवर तकनीकी सहायक धमधा को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्री दुबे ने कहा विशेष ध्यान देते हुये प्रत्येक हितग्राहियों के मस्टर रोल नियमित रूप से मेंटेन किया जाए। बैठक में सीईओ श्री दुबे ने तकनीकी सहायक एवं विकासखण्ड समन्वयक को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) के हितग्राहियों से तत्काल संपर्क कर निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाए। साथ ही निर्माण कार्य के आधार पर नियमानुसार किस्त की राशि डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में नियमित रूप से जारी हो रहा है यह भी ध्यान रखा जाए। महात्मा गंाधी नरेगा अंतर्गत अमृत सरोवर एवं तालाब के निर्माण कार्य को भी यथा शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया। साथ ही जिले में लखपति दीदी हेतु मनरेगा के तहत स्वीकृत मवेशी शेड निर्माण कार्य को यथा शीघ्र प्रारंभ करने एवं स्कूल में किचन शेड एवं स्कूल बाउन्ड्रवॉल निर्माण कार्य प्रारंभ करने कहा गया। इस अवसर पर सभी जनपद पंचायत सीईओ, पीएम आवास एवं मनरेगा तकनीकी सहायक एवं विकासखण्ड समन्वयक तथा सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यता में आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में ई-अपशिष्ठ प्रबंधन पर जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल भिलाई के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, प्रधान पीठ नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम 2016 के अनुरूप ई-अपशिष्ट का प्रबंधन किया जाना है। ई-अपशिष्ट के अनाधिकृत रूप से संग्रहण, विनिष्टिकरण, रिसायकलिंग एवं आगजनी को रोकना इसका उद्देश्य है। इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण, बिक्री, खरीदी और प्रसंस्करण के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट ही ई-अपशिष्ट है। एनजीटी द्वारा जारी नियम सभी उत्पादकों, निर्माताओं, उपभोक्ताओं/थोक उपभोक्ताओं, डीलरों, नवीनीकरणकर्ताओं और ई-खुर्दा विक्रेताओं को लागू होगा। समिति द्वारा ई-अपशिष्ट उत्पादन की सूची तैयार करने ऐसे उत्पादकों की पहचान जिन्होंने ईपीआर प्राधिकरण प्राप्त नहीं किया है। उत्पादकों द्वारा एकत्रित ई-अपशिष्ट की मात्रा का सत्यापन एवं अपशिष्ट संग्रहण के लिए उपलब्ध कराई गई प्रणाली का सत्यापन ई-अपशिष्ट के अनाधिकृत ट्रेडिंग, डिस्मेल्टिंग एवं रिसायकलिंग की जांच तथा ई-अपशिष्ट के संग्रहण एवं निपटान को सुगम बनाने पर रायसुमारी की गई। बैठक में एडीएम श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत सीईओ श्री बीके दुबे, पर्यावरण अधिकारी श्रीमती अनिता सावंत, नगरीय निकायों के आयुक्त, सभी एसडीएम और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित अधिकारियों की बैठक में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के आयोजन से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा जारी गाइड-लाईन के अनुरूप जिला मुख्यालय दुर्ग में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी की संपूर्ण तैयारियां करा ली जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य समारोह स्थल पर ध्वजारोहण पश्चात् अन्य गतिविधियां होंगी। जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह में ही परेड आयोजित की जाएगी। परेड में पुलिस, नगर सेना के अलावा सीआईएसएफ, बीएसएफ की टुकड़ियाँ भी भाग लेंगी। यह ध्यान रखा जाए कि समारोह में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम गरिमामय एवं रुचिपूर्ण हो। जिला स्तर पर विभिन्न विभागों व योजनाओं की चलित झाँकियों का प्रदर्शन किया जाये एवं समारोह स्थल पर यथा समय रंगीन गुब्बारे उड़ाये जाये। गणतंत्र दिवस पर जिले के सभी विभाग/कार्यालय प्रमुख द्वारा उनके कार्यालय में ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा ध्वजारोहण के पश्चात् सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान (जन-गण-मन) गाया जाए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने ’’स्कूली बच्चों का कार्यक्रम’’ तथा ’’अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम’’ का आयोजन कर सभी शासकीय/सार्वजनिक भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाना सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2025 की रात्रि में जिले के सभी शासकीय/सार्वजनिक भवनों/राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी की जाए। जिस पर होने वाला व्यय संबंधित प्रशासकीय विभाग अपने विभागीय बजट से वहन करेंगे। बैठक में एडीएम श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत सीईओ श्री बीके दुबे, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, सभी नगर निगम आयुक्त, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -बंद योजनाओं की राशि शासन को होगी वापस-वाहन दुर्घटनाएं रोकने रोड़ सेफ्टी अंतर्गत हो कारगर पहल-सोमवार और शुक्रवार को अधिकारी कार्यालय में जनता की समस्याएं निपटायें-किसानों से रकबा समर्पण पर जोर देवें अधिकारी-कलेक्टर ने की समय सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक में समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा के साथ विभागीय गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधिकारी विभागीय स्थापना से संबंधित देनदारियां, विभागीय भत्ते, वेतन आदि जो लंबित है तथा स्वीकृत निर्माण कार्यों की देनदारियां जो आबंटन के अभाव में लंबित हो एवं अन्य लंबित देनदारियां के संबंध में जानकारियां उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने उक्त जानकारियां 3 जनवरी 2025 तक कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बंद योजनाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि बंद योजनाओं की खाते में जमा राशि शासन को वापस होगी। उन्होंने अधिकारियों को खाते में जमा राशि शासन के पक्ष में जमा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले में सड़क दुर्घनाओं के रोकथाम पर जोर देते हुए रोड़ सेफ्टी अंतर्गत दुर्घटनाएं रोकने अधिकारियों को कारगर पहल करने कहा। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने एमएसटीसी अंतर्गत वाहन पंजीयन और वाहन नीलामी के ऑक्शन की गतिविधियों में प्रगति लाने जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने सर्वविभाग प्रमुख अधिकारियों को सप्ताह के सोमवार एवं शुक्रवार को कार्यालय में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों के साथ आम जनता को भी समय देकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विभागों में पदरिक्त होने की स्थिति में अनुकंपा नियुक्ति पर जोर देते हुए रिक्त पद की जानकारी से आवेदक को अवगत कराने और इस पद के विरूद्ध आवेदक की स्वीकृति लेकर नियुक्ति सुनिश्चित करे।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अधिकारियों को शासन के आदेश से अवगत कराते हुए बताया कि डीएमएफ से विभागों में उपलब्ध कराए गए मानव संसाधन को बंद किया जाना है। यदि डीएमएफ से विभाग द्वारा मानव संसाधन की सेवाएं ली जा रही हो तो तत्काल बंद कराना सुश्चित करे। कलेक्टर ने क्रेडा द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी ली। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को योजना में प्रगति लाने शासकीय सेवकों के निजि आवासों में सौर सिस्टम लगाने की पहल करने कहा। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया धीमी होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए नगरीय निकायों और जनपद सीईओ को निर्धारित लक्ष्य के मुबातिक प्रक्रिया में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में धान खरीदी और रकबा समर्पण की जानकारी ली। साथ ही उपार्जन केंद्रों से धान उठाव हेतु काटे गए डीओ/टीओ के आधार पर मिलर्स से उठाव कराने डीएमओ को आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान ब्रिकी कर चुके किसानों से रकबा समर्पण कराने पर जोर देते हुए राजस्व/सहकारिता/खाद्य और कृषि विभाग के संयुक्त टीम गठित कर समिति वार जांच कराने सभी एसडीएम को निर्देशित किया। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले में पंचायत एवं नगरीय निकाय से संबंधित चुनाव गतिविधियों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों/कर्मचारी की डाटा एंट्री, विभागों के शासकीय वाहनों की जानकारी, मतदान केंद्र सत्यापन, रूटचार्ट, स्टाम रूम, नए मतदान केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था, निर्वाचन नामावली प्रकाशन, मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण आदि समय पूर्व करा लेने उप जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री अन्य पत्र, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन वेब द्वारा एवं पोस्ट द्वारा प्राप्त आवेदन, सार्थ-ई पोर्टल और पीजी पोर्टल के लंबित आवेदनों और समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को समयावधि के भीतर आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों को कार्य स्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिशेध और प्रेतिशेध अधिनियम 2013 की धारा 4 के तहत) कार्यालय/अधीनस्त कार्यालयों में गठित आंतरिक शिकायत समिति के आदेश की छायाप्रति उपलब्ध कराने कहा गया। बैठक में एडीएम श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत सीईओ श्री बीके दुबे, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, सभी नगर निगम आयुक्त, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल शुरू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। इस पहल के द्वारा पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के व्यापक मूल्य को मापकर छत्तीसगढ़ के सतत विकास में रेखांकित किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विज़न और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप विज़न डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है, जिसमें वन विभाग द्वारा संचालित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की अवधारणा सम्मिलित की गई है। यह समग्र दृष्टिकोण राज्य में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित हो सके। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन न केवल बजटीय योजना को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को दिशा प्रदान करेगा, धन आवंटन को अधिक प्रभावी बनाएगा और वानिकी विकास के प्रयासों को सशक्त करेगा। यह प्रक्रिया सतत विकास और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य मे संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम ने स्थानीय समुदायों को और अधिक सशक्त बनाया है। गुरु घासीदास, कांगेर घाटी और इंद्रावती जैसे राष्ट्रीय उद्यानों के साथ, छत्तीसगढ़ में प्रकृति आधारित पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं हैं। स्थानीय निवासियों को जंगल सफारी, नेचर ट्रेल्स और इको-कैंपिंग जैसी सुविधाओं के प्रबंधन में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है, जिससे न केवल सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी सशक्त किया गया है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार हैं और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये वन विभिन्न प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले अन्य महत्वपूर्ण अमूर्त लाभ अक्सर उपेक्षित रहते हैं और उनका उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता। इनमें जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए कार्बन अवशोषण, कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परागण, पोषक तत्वों का चक्रण, मृदा उर्वरता में सुधार और जैव विविधता संरक्षण जैसी सेवाएं शामिल हैं। वनों का बाढ़ और रोग नियंत्रण, जल प्रवाह का प्रबंधन और वेक्टर जनित रोगों के जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका है।इसके अतिरिक्त, वनों से जल पुनर्भरण और शुद्धिकरण होता है, शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर वायु गुणवत्ता में सुधार होता है, और सुंदर प्राकृतिक दृश्य तथा जैव विविधता-समृद्ध क्षेत्रों के माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ भावनात्मक संतुष्टि भी प्रदान होती है। इन वनों का गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि पवित्र स्थलों और देवगुड़ी जैसे क्षेत्रों के माध्यम से ये आदिवासी विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखते हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के वन अनेक नदियों का उद्गम स्थल हैं, जो सतत जल प्रवाह, जलग्रहण क्षेत्र संरक्षण और कृषि तथा आजीविका के लिए आवश्यक जैविक पदार्थ से मृदा को समृद्ध करने में सहायक हैं। इन प्रत्यक्ष लाभों का राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ता है। ये सभी लाभ ग्रामीण उद्योगों और आजीविका को प्रोत्साहित करते हैं और राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।
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दुर्ग / जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा उपरांत जल जीवन मिशन के कार्य में रूचि न लेने एवं समानुपातिक प्रगति न दे पाने वाले 20 एजेन्सियों को अंतिम चेतावनी दी गई है। दो एजेन्सी (मेसर्स श्री राम ट्रेडर्स एंड इन्वेस्टर्स दुर्ग, मेसर्स गगन ट्रेडर्स, बेमेतरा) का अनुबंध निरस्त किया गया। दोनांे एजेन्सियों को ब्लैक लिस्ट कर भविष्य में जल जीवन मिशन के कार्यों में भाग लेने हेतु प्रतिबंधित किया गया है। कार्यपालन यंत्री श्री उत्कर्ष पाण्डेय से मिली जानकारी अनुसार समूह जल प्रदाय योजना के कार्यों में रूचि न लेने वाले 05 एजेन्सियों को नोटिस जारी किया गया है तथा उनके आगामी समयावृद्धि प्रकरण में अर्थदण्ड लगाये जाने का निर्णय लिया गया है।
- भिलाईनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना मोर मकान-मोर आस घटक अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत निर्मित आवासों के आबंटन हेतु किरायेदारी के रूप में निवासरत परिवारों एवं वरिष्ठ नागरिकजनन/दिव्यांगजनों से विभिन्न परियोजना स्थल वार्ड क्रमांक-01 एनार स्टेट खम्हरिया, सूर्याविहार के पीछे खम्हरिया, माईल स्टोन स्कूल के पीछे खम्हरिया, स्वप्निल बिल्र्डस कुरूद, कृष्णा इंजिनियरिंग कालेज के पीछे खम्हरिया, आम्रपाली हाउसिंग बोर्ड, अविनाश मेट्रोपालिश कोहका, ग्रीनवेली खम्हरिया अंतर्गत निर्मित/निर्माणाधीन आवासों के आबंटन हेतु किरायेदारो से आवेदन आमंत्रित किये गये है।उक्त आकर्षक स्थल के लिए आवास आबंटन के लिए कुल 1018 आवेदन प्राप्त हुए हैं आवेदनों की सूची अपूर्ण एवं पूर्ण दस्तावेज संलग्न कर आवेदन जमा किये आवेदकों की सूची दावा आपत्ति हेतु मुख्य कार्यालय एवं जोन कार्यालयों के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी आवेदको से आग्रह किया है कि नगर पालिक निगम भिलाई सभी आवेदकों को आमंत्रित करता है कि 1 जनवरी नववर्ष के अवसर पर 10 प्रतिशत राशि जमा करें, 10 जनवरी को लाटरी से आबंटन होगा सभी चयनित हितग्राहियो को नववर्ष में नया सुसज्जित मकान नियमानुसार मिल जाएगा।
- बिलासपुर / जिला कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती के लिए जारी प्रक्रिया अंतर्गत छुटे हुए उम्मीदवार 9 जनवरी 2025 को अपने दस्तावेजों का सत्यापन करा सकते हैं। गौरतलब है किजिला प्रशासन राजस्व स्थापना के तहत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती हेतु जारी विज्ञापन दिनांक 1-6-2023 के अनुक्रम में चतुर्थ श्रेणी (चपरासी/ चौकीदार / फर्रास / अर्दली/प्रोसेस सर्वर) पद हेतु प्रकाशित मेरिट सूची में अंकित अभ्यर्थियों को मेरिट सूची अनुसार पदवार, आरक्षणवार दस्तावेज सत्यापन हेतु सूचना पत्र के माध्यम से दिनांक 26 एवं 27 दिसम्बर, 2024 को सूचित किया गया था। किन्हीं कारणों से अनुपस्थित अभ्यर्थियों को पुनः दस्तावेज सत्यापन में उपस्थित होने हेतु दिनांक 09' जनवरी, 2025 की तिथि नियत की गई है। उपरोक्त तिथि को सूचना पत्र के माध्यम से सूचित अभ्यर्थी अपने समस्त शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाणपत्रों की मूल प्रति, स्व प्रमाणित छायाप्रति के साथ आधार कार्ड साथ लेकर कलेक्टर कार्यालय बिलासपुर के कक्ष क्रमांक-43 में कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से सायं 5.30 बजे तक उपस्थित होवें। दस्तावेज सत्यापन में उपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियो के मेरिट क्रम अनुसार विज्ञापन में जारी आरक्षण नियमों के अनुसार भर्ती हेतु चयन सूची का प्रकाशन किया जाएगा। दस्तावेज सत्यापान में अनुपस्थित अभ्यर्थियों का नाम मेरिट सूची से विलोपित किया जायेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज मुख्यालय में आयोजित समारोह में कार्यपालक निदेशक (सिविल) श्री देवेंद्र कुमार तुली सहित 8 अधिकारियों तथा कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के अवसर पर विदाई दी गई। अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव द्वारा श्री तुली के योगदान की प्रशंसा करते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की गई। वहीं एक अन्य कार्यक्रम में एमडी (ट्रांसमिशन कंपनी) श्री राजेश कुमार शुक्ला के मुख्य आतिथ्य के आयोजित कार्यक्रम में 7 अधिकारियों तथा कर्मचारियों को विदाई दी गई।मुख्य समारोह का आयोजन अध्यक्ष डाॅ. रोहित यादव के मुख्य आतिथ्य में सेवाभवन में किया गया था। जिसमें निवृत्तमान ईडी श्री तुली के साथ उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। इस अवसर पर पाॅवर ट्रांस्को के एमडी श्री राजेश शुक्ला एवं डिस्टीब्यूशन कंपनी (डिस्काॅम) के एमडी श्री भीमसिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। सभी ने श्री तुली की कर्मठता और चार दशक की सेवा की सराहना की तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर अध्यक्ष डाॅ. यादव ने कहा कि श्री तुली ने जल विद्युत परियोजनाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं। किसी भी संस्था की मजबूत नींव बनाने का कार्य सिविल विभाग के द्वारा किया जाता हैं। समारोह में सेवानिवृत्त ईडी श्री तुली ने अपने कार्य अनुभव बताते हुए अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क को दिया तथा सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।इसी प्रकार लोड डिस्पैच सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में अति. मुख्य अभियंता (सिविल) श्री दिनेश कुमार देवांगन, वरिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री भूषण प्रसाद चंद्राकर, कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री कौशल प्रसाद यादव, कनिष्ठ पर्यवेक्षक (परीक्षण) श्री रमेश कुमार स्वर्णकार, कार्यालय सहायक श्रेणी-एक श्री कमलकांत शुक्ला, लाईन सहायक श्रेणी-दो श्री राम लखन देवांगन एवं मुख्य सुरक्षा सैनिक श्री समय लाल वर्मा के योगदान का उल्लेख किया गया तथा सेवानिवृत्ति उपरांत देय हितलाभों के साथ उनका अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री के.एस.मनोठिया, श्री वी.के.साय, श्री संजय पटेल, श्री आर.सी.अग्रवाल एवं श्री जी.आनंद राव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र एवं प्रकाशन अधिकारी श्री गोविंद सिंह पटेल द्वारा किया गया।
- - वित्तीय प्रबंधन प्रणाली के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के रिफॉर्म की केंद्र सरकार ने की सराहनारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साथ के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए आईटी आधारित वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को लागू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार ने इस डिजिटल सुधार की सराहना करते हुए राज्य को 250 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के रूप में प्रदान की है।छत्तीसगढ़ राज्य ने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन के लिए "जस्ट इन टाइम" (जेआईटी) मॉडल और एसएनए स्पर्श प्रणाली को अपनाया है। यह प्रणाली वित्तीय प्रवाह को कुशल बनाते हुए निधियों के वितरण, ट्रैकिंग और भुगतान को आसान बनाती है। इसके तहत राज्य सरकार ने केंद्र की निधि को आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क और राज्य की निधि को वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली (एफएमआईएस) के माध्यम से समेकित किया है। इस पहल से निधि के सही समय पर उपयोग और वास्तविक समय में व्यय की रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित हुई है।इस सुधार के तहत स्मार्ट भुगतान एल्गोरिथम का उपयोग किया गया है, जिससे भुगतान ट्रिगर नियमों के आधार पर वास्तविक समय में किया जाता है। इससे सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के परिणाम बेहतर हुए हैं। साथ ही, राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म और पोर्टल्स का निर्माण कर आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है।छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल इंडिया और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को बढ़ावा देने के लिए अपने तकनीक आधारित सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक बनाया है। राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को इस प्रोत्साहन राशि से और अधिक मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि तकनीक आधारित सुधार और सुशासन ही छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास का मूलमंत्र है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है, बल्कि जनता के प्रति हमारी सरकार के सुशासन के संकल्प का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास न केवल राज्य को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने आईटी के प्रयोग को बढ़ावा दे रही है, इसी के तहत् केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए राशि जारी करने, वितरित करने एवं निधियों की ट्रैकिंग करने तथा बेहतर नकद प्रबंधन के लिए राज्य शासन द्वारा एसएनए स्पर्श के अंतर्गत जेआईटी (जस्ट इन टाईम) मॉडल को अपनाया गया है। इसके माध्यम से केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए नवीन सिस्टम के माध्यम से कार्य किया जा रहा है जिसका उद्देश्य केन्द्र और राज्य की समेकित निधि से राशि को उचित समय पर प्राप्त कर कुशल भुगतान प्रसंस्करण पर ध्यान केन्द्रित करते हुए निधि के उपयोग को अनुकूलित करना एवं व्यय की वास्तविक समय रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करना है। इसमें केन्द्र प्रवर्तित योजना के राज्य की हिस्से की राशि एफएमआईएस (वित्तीय प्रबंधन एवं सूचना प्रणाली) तथा केन्द्र के हिस्से की राशि आरबीआई के ई-कुबेर नेटवर्क के माध्यम से जारी की जाती है, जिससे रियल टाईम फण्ड यूटिलाईजेशन किया जा रहा है।केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए कुशल निधि प्रवाह प्रणाली के साथ भुगतान सह लेखा नेटवर्क की स्थापना कर सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली की सुविधा प्रदान करने के लिए जस्ट इन टाईम के माध्यम से "सही समय पर" राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनायी गई है। इसमें स्मार्ट भुगतान के तहत एल्गोरिदम के माध्यम से ट्रिगर नियमों पर आधारित वास्तविक समय में कुशल भुगतान किया जा रहा है जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में वित्तीय प्रबंधन परिणामों को बेहतर बनाने में मदद मिली है।छत्तीसगढ़ शासन केन्द्र सरकार के डिजिटल इण्डिया पहल को मजबूत करने हेतु प्रतिबद्ध है। बेहतर नकद प्रबंधन एवं सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के लिए जस्ट इन टाईम मॉडल डिजिटल इण्डिया एवं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) को सहयोग प्रदान करता है। "तकनीक आधारित रिफॉर्म और सुशासन तीव्र आर्थिक विकास" वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट वक्तव्य में शामिल स्ट्रैटेजिक स्तंभों में से एक है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन प्रणाली अपनाने हेतु किये गये इस रिफॉर्म के लिए भारत सरकार द्वारा भी पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। इस रिफॉर्म के लिए राज्य को भारत सरकार से 250 करोड़ प्रोत्साहन राशि पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) के लिए प्रदान की है। इसके अतिरिक्त 250 करोड़ प्रोत्साहन राशि प्राप्त होना संभावित है। इस राशि का उपयोग राज्य के अधोसंरचना निर्माण परियोजनाओं में इन्फ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम को मजबूत बनाने हेतु किया जा रहा है।
- -उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की-अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूर्ण करने के दिए निर्देश-आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने कहा-अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और उत्कृष्ट निर्माण के निर्देशरायपुर / उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रियाएं 10 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के लिए प्रदेशभर के नगरीय निकायों में 353 नए पद मंजूर किए गए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को रोजाना वार्डों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों में बन रहे अटल परिसरों और नालंदा परिसरों के काम में तेजी लाने और इनके उत्कृष्ट निर्माण के निर्देश दिए। श्री साव ने अधिकारियों को गंभीरता और सक्रियता से काम करते हुए राज्य के शहरों को साफ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., विशेष सचिव श्री आर. एक्का और संचालक श्री कुंदन कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर के निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए अच्छी गुणवत्ता की उत्कृष्ट मूर्ति स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अटल परिसर का इस तरह निर्माण करें कि शहर में इसकी विशेष पहचान और दर्शनीय स्थल बनें। उन्होंने प्रदेश के 12 शहरों में बनाए जा रहे नालंदा परिसर के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र काम प्रारंभ करने को कहा। श्री साव ने अधिकारियों से कहा कि नालंदा परिसर का शानदार और आइकॉनिक निर्माण होना चाहिए। नालंदा परिसर और अटल परिसर का निर्माण सरकार के महत्वाकांक्षी कार्य हैं। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को खुद इनकी मॉनिटरिंग करने और प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधोसंरचना मद और 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत कार्यों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन 2.0, एसटीपी निर्माण और आकांक्षी शौचालयों के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को रोजाना प्रातः भ्रमण कर निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने 01 जनवरी से ही इसकी शुरूआत कर शहरों में प्रकाश और सफाई की व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा। श्री साव ने इसमें किसी भी तरह की कोताही न बरतते हुए गंभीरता और सक्रियता से प्रतिदिन कार्यों की मॉनिटरिंग करने को कहा। इसमें किसी तरह का हीला-हवाला पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।श्री साव ने समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के निर्माणाधीन आवासों को आगामी मार्च महीने तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गरीबों का आशियाना तैयार करने का काम संवेदनशीलता से करते हुए इनका निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने किफायती आवास परियोजनाओं के तहत निर्मित आवासों का आबंटन हितग्राहियों को तत्काल करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान अनिराकृत प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर इन्हें जल्द से जल्द निराकृत करने को कहा।श्री साव ने नगरीय निकायों में नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ऊर्जा की अनावश्यक खपत पर रोक लगाते हुए विद्युत देयकों का भुगतान समय पर करने के निर्देश दिए। लंबित भुगतान के कारण विद्युत देयकों पर सरचार्ज लगने की स्थिति नहीं बननी चाहिए। श्री साव ने नगरीय निकायों में सेट-अप के पुनरीक्षण के लिए आवश्यक जानकारी संचालनालय को भेजने को कहा। उन्होंने आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सभी कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य सहित सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक एवं नगरीय निकायों के अभियंता भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय कवि और प्रसिद्ध कथावाचक संत पवन दीवान की 1 जनवरी को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संत दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि संत पवन दीवान ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । उन्होंने कहा कि पवन दीवान जी की बातों में माटी की सोंधी महक थी, जिससे आम जनता सहज ही जुड़ जाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीवान जी की यादें छत्तीसगढ़ के जनमानस में हमेशा बनी रहेंगी।
- -17.50 लाख किसानों को 19 हजार 415 करोड़ रूपए का भुगतान-अब तक 58.35 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी-32.57 लाख मीट्रिक टन धान का हो चुका है उठावरायपुर /राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुई धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। प्रदेश में अब तक लगभग 86.42 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 17.50 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 19 हजार 415 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। धान उठाव के लिए 58.35 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 32.57 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 31 दिसम्बर को 63,831 किसानों से 2.87 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 84 हजार 702 से अधिक टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 74 हजार 761 टोकन जारी किए गए हैं।
- -रबी फसल के लिए किसानों को मिला 239 करोड़ रूपए का कृषि ऋणरायपुर /छत्तीसगढ़ में 14.13 लाख हेक्टयर क्षेत्रों में चना, गेहू, मटर, अलसी, सरसों, मक्का, रागी सहित विभिन्न रबी फसलों की बोनी हो चुकी है, जो कुल बोनी का 73 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर खरीफ सीजन की तरह रबी सीजन के लिए भी अल्पकालीन कृषि ऋण का भी प्रावधान किया गया है। अब तक किसानों को रबी फसल के लिए किसानों को 239 करोड़ रूपए की ऋण राशि प्रदाय किया जा चुका है। रबी फसल के लिए इस वर्ष 2.89 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 1.60 लाख क्विंटल बीज का भण्डारण कर 1.31 लाख क्विंटल बीज वितरित किया गया है, जो भण्डारण का 82 प्रतिशत है।इसी प्रकार रबी फसल के लिए राज्य में 4.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण करने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भण्डारण कर 1.61 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है, जो कुल भण्डारण का 33 प्रतिशत है।







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