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- -पूना मारगेम से बदली जिंदगीरायपुर । बस्तर अंचल में शांति और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 5 माओवादियों ने मंगलवार को समाज की मुख्यधारा में वापसी कर ली। इनमें 4 महिला माओवादी शामिल हैं। सभी पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था।पुलिस लाइन कारली में आयोजित आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान इन कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने का संकल्प लिया। यह पहल जिले में संचालित पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के तहत की गई, जो अब नक्सल प्रभावित युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन के एसीएम सोमे कड़ती सहित पार्टी सदस्य लखमा ओयाम, सरिता पोडियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम शामिल हैं। ये सभी भैरमगढ़ और गंगालूर एरिया कमेटियों से जुड़े हुए थे।आत्मसमर्पण के बाद कैडरों से मिली अहम सूचनाओं के आधार पर सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। इनमें 8 एसएलआर रायफल, 3 इंसास रायफल, 1 कार्बाइन, 1 .303 रायफल और 5 बीजीएल लॉन्चर सहित कुल 40 घातक हथियार शामिल हैं। इसे नक्सल विरोधी अभियानों में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे माओवादी संगठन की सैन्य क्षमता को गंभीर आघात पहुंचा है।पूना मारगेम से बदल रही तस्वीरदंतेवाड़ा जिले में वर्ष 2024 से अब तक 607 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि पुनर्वास नीति और भरोसेमंद माहौल के चलते नक्सल प्रभावित युवा अब हिंसा छोड़कर विकास की राह अपना रहे हैं। वहीं संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियानों में अब तक 92 माओवादियों की गिरफ्तारी और 54 माओवादियों के मुठभेड़ में न्यूट्रलाइज किए जाने की कार्रवाई भी की गई है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा जैसे सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि पूना मारगेम पहल का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है। यह अभियान न केवल आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि बस्तर में स्थायी शांति, विकास और विश्वास का वातावरण भी मजबूत कर रहा है। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें समाज में पुनर्स्थापित करने का भरोसा दिलाया।
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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026
रायपुर/ खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के तहत आज सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में पिछले चार दिनों से जारी कुश्ती स्पर्धा का शानदार समापन आज हुआ। प्रथम ऐतिहासिक संस्करण में कर्नाटक की बेटी मनीषा जोंस सिद्दी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए कुश्ती के 76 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया है। अभावों के बीच पली-बढ़ी मनीषा की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनके वर्षों के कठिन परिश्रम और अटूट संकल्प की विजय है।
पिता के निधन के बाद माँ बनीं संबल
मनीषा का खेल जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। उन्होंने बताया कि जब वह पाँचवीं कक्षा में थीं, तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। इसके बावजूद, उनकी माँ ने हार नहीं मानी और अकेले दिन-रात मेहनत करके मनीषा के सपनों को पंख दिए। पूर्व में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीत चुकीं मनीषा के करियर का यह पहला गोल्ड मेडल है।
स्पोर्ट्स हॉस्टल और परिवार का मिला साथ
अपनी सफलता को साझा करते हुए मनीषा ने कर्नाटक के डिवाइस स्पोर्ट्स हॉस्टल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, हॉस्टल के कोच और साथी खिलाड़ियों ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। मेरा बड़ा भाई मेरा मार्गदर्शक रहा है, वहीं छोटा भाई, जो खुद एक राज्य स्तरीय एथलीट है, वह मेरी सबसे बड़ी हिम्मत है।
ट्राइबल गेम्स- एक नई पहचान का मंच
मनीषा ने केंद्र सरकार और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच से जनजातीय समुदाय के बच्चों को अपनी विशेष पहचान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिला है। उन्होंने यहाँ की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा मैच के दौरान सुरक्षा, भोजन और यातायात की व्यवस्था बेहतरीन थी। छत्तीसगढ़ के लोगों का व्यवहार और यहाँ का माहौल खिलाड़ियों के लिए अत्यंत सुखद है।
लक्ष्य-अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराना
स्वर्ण पदक की चमक के साथ मनीषा की निगाहें अब भविष्य की बड़ी चुनौतियों पर हैं। छत्तीसगढ़ की धरती पर मिली इस सफलता से उत्साहित मनीषा अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में जुटी हैं। उनका अंतिम लक्ष्य विश्व पटल पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाना है। -
बस्तर में विश्वास की जीत : दण्डकारण्य में 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी
रायपुर/छत्तीसगढ़ में आज 31 मार्च 2026 का दिन वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो रहा है। दण्डकारण्य क्षेत्र में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना नक्सल आतंक के समापन की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस उपलब्धि के रूप में सामने आई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब वर्षों से चली आ रही हिंसा और भय की विचारधारा ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन 25 माओवादी कैडरों पर कुल ₹1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का प्रमाण है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की पुनर्वास नीति पर मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप माओवादी तंत्र निर्णायक रूप से कमजोर हुआ है। इसी क्रम में 93 घातक हथियारों के साथ ₹14.06 करोड़ की बड़ी बरामदगी भी हुई है, जो नक्सली नेटवर्क की कमजोर होती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी है। दण्डकारण्य क्षेत्र आज शांति, स्थिरता और सामान्य जीवन की ओर लौटने के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 का यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तिथि के रूप में याद किया जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आया और प्रदेश ने एक नए युग की दहलीज पर कदम रखा है। -
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति लेकर आए। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।
उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। -
धरसींवा में आधुनिक तहसील कार्यालय का लोकार्पण
66.20 लाख की लागत से बना सर्वसुविधायुक्त भवन, राजस्व सेवाओं में आएगी तेजी और पारदर्शिता
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिले के धरसींवा में नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण किया। यह पहल प्रशासनिक सेवाओं को आमजन के और अधिक निकट, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य यही है कि नागरिकों को उनकी जरूरत की सेवाएं समय पर, सरल और पारदर्शी तरीके से मिलें। धरसींवा का यह नया तहसील कार्यालय इसी संकल्प को साकार करता है। उन्होंने कहा कि इस भवन के शुरू होने से क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में अब अधिक सुविधा और तेजी मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर नागरिक को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध हो।
नवनिर्मित तहसील कार्यालय में नायब नाजिर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, माल जमार, नकल शाखा, कानूनगो कक्ष, भुइयां एवं भू-अभिलेख शाखा जैसी आवश्यक इकाइयों के साथ-साथ लोक सेवा केंद्र और आधार केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल सहित अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक तहसील कार्यालय का निर्माण 66.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जो क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।
इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। -
बिलासपुर/मल्हार महोत्सव 2026 के दूसरे अंतिम दिन नितिन दुबे सुपरस्टार नाइट में छत्तीसगढ़ के मेलोडी किंग और सीजी रत्न नितिन दुबे ने अपनी अद्भुत लाइव प्रस्तुति से पूरे स्टेज को मंत्रमुग्ध कर दिया l मल्हार के ऐतिहासिक मेला मैदान में हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष दर्शक रात 12 बजे तक नितिन दुबे को सुनने के लिए इन्तेज़ार करते रहे। जैसे ही नितिन दुबे ने माइक संभाले, पूरा माहौल जसगीत और छत्तीसगढ़ी धुनों से गूंज उठा। उनके सुपरहिट गीत — रायगढ़ वाले राजा, गोंदा तोला रे, चंदा रे, नील परी एवं अन्य लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी नगमों पर दर्शक पूरी तरह मंत्रमुग्ध होकर थिरकने लगे।
स्टेज पर उनकी आवाज की मिठास और परफॉर्मेंस की ऊर्जा देखकर लोग अंतिम तक और एक बार की मांग करते रहे। नितिन दुबे की इस शानदार प्रस्तुति को देखकर सभी कह रहे हैं ये तो असली सुपरस्टार नाइट थी l यह मल्हार महोत्सव 2026 का सबसे यादगार और मंत्रमुग्ध करने वाला पल बन गया। इस अवसर पर मल्हार महोत्सव के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसदश्री तोखन साहू ने श्री दुबे को शानदार प्रस्तुति देने के लिए बधाई दी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया l नितिन दुबे ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को आधुनिक टच के साथ खूबसूरती से पेश किया। उनकी मीठी आवाज ने हर किसी के दिल को छू लिया। पूरा कार्यक्रम यू ट्यूब पर नितिन दुबे सुपर स्टार नाइट एवं मल्हार महोत्सव 2026 चैनल पर लाइव प्रसारित हुआ -
भिलाई/नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत पूर्व अपोलो वर्तमान हाई टेक अस्पताल का पार्ट पेमेंट राशि 612751 रु का चेक प्राप्त कर जमा कराया गया।
सूर्या मॉल से सम्पत्ति कर राशि 44,05,315 रु का चेक प्राप्त कर जमा कराया गया। -
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग और संचालक, कोष एवं लेखा के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में बिलासपुर जिले में ई कोष पोर्टल के अंतर्गत ओटीसी ई चालान प्रणाली कल 01 अप्रैल 2026 से लागू की जा रही है।
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, बिलासपुर बसंत गुलेरी ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा राजस्व प्राप्तियों की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं पूर्णतः डिजिटल बनाने के उद्देश्य से भौतिक चालान प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है। अब सभी प्रकार के चालान ई कोष के ई चालान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जनरेट किए जाएंगे। इसके अंतर्गत जमाकर्ता ऑनलाइन चालान तैयार कर संबंधित बैंक में जाकर राशि जमा कर सकेंगे, जिससे चालान की जानकारी स्वतः ऑनलाइन कोषालय प्रणाली में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक चालान पर रेफरेंस नंबर (TRN) जनरेट होगा, जिससे चालान की ट्रैकिंग एवं सत्यापन सरल हो जाएगा। चालान जनरेट होने के पश्चात 7 दिवस के भीतर राशि जमा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा चालान स्वतः निरस्त हो जाएगा। एक चालान में अधिकतम 5 हेड तक राशि दर्शाई जा सकती है। जमाकर्ताओं को ई चालान पोर्टल पर पंजीयन कर आवश्यक विवरण जैसे हेड ऑफ अकाउंट, राशि आदि भरकर ओटीसी विकल्प का चयन करना होगा एवं चालान जनरेट करना होगा। चालान का प्रिंट लेकर संबंधित बैंक शाखा में राशि जमा की जा सकेगी। इस संबंध में जिला कोषालय कार्यालय एवं बैंकों में विस्तृत प्रक्रिया से संबंधित बैनर/सूचनाएं प्रदर्शित की गई हैं, जिससे आम नागरिकों एवं जमाकर्ताओं को प्रक्रिया की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। साथ ही, यदि किसी भी प्रकार की समस्या या तकनीकी कठिनाई आती है, तो संबंधित व्यक्ति जिला कोषालय कार्यालय, बिलासपुर से कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने से राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी, मैन्युअल त्रुटियों में कमी आएगी तथा कोषालय को रियल-टाइम डेटा उपलब्ध हो सकेगा। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों, डीडीओ तथा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस नई डिजिटल व्यवस्था का अधिकतम उपयोग करें एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करें। -
*13.4 किमी सड़क का होगा उन्नयन, 60 मीटर लंबा पुल भी बनेगा*
*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्रशासकीय स्वीकृति का पत्र जारी*बिलासपुर/ राज्य शासन ने रायगढ़ जिले में दनौट कया-कमतरा मार्ग के उन्नयन के लिए 18 करोड़ 71 लाख 96 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 13.4 किमी सड़क के उन्नयन के साथ ही 60 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। -
रायपुर। गर्मी बढ़ने के साथ - साथ ग्रामीण इलाकों में निस्तारी पानी का संकट गहराने लगा है । तालाब सूख चले हैं और भूगर्भीय जल स्त्रोत गिरने से ट्यूबवेलों /
हेडपंपो ने पेयजल की भी समस्या खड़ी करना शुरू कर दिया है । इसके परिपेक्ष्य में महानदी मुख्य नहर पर चल रहे रेलवे क्रासिंग निर्माण कार्य को रूकवा गंगरेल का पट खोल प्राथमिकता के आधार पर तालाबों को भरने पानी देने की मांग मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व मुख्य सचिव विकासशील को मेल से ज्ञापन भेज की गयी है । साथ ही क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल को भी ज्ञापन की प्रति भेज संसदीय क्षेत्र के ग्रामों में निस्तारी पानी की समस्या के मद्देनजर इस संबंध में अविलंब आवश्यक पहल का आग्रह किया गया है ।रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा ने प्रेषित ज्ञापन में जानकारी दी है कि बैशाख व जेठ मास में भीषण गर्मी पड़ती है और बैशाख माह शुरू होने में महज 02 दिन बाकी है । गहराते निस्तारी पानी व भूगर्भीय जल स्त्रोत के नीचे चले जाने की वजह से बढ़ रहे पेयजल की संकट के मद्देनजर अविलंब गंगरेल का पट खुलवा तालाबों को भरवाने का आग्रह किया गया है ताकि निस्तारी पानी की समस्या दूर होने के साथ - साथ भूगर्भीय जल स्त्रोत बढ़ने से पेयजल की समस्या भी कमतर हो सके । ज्ञापन में महानदी मुख्य नहर पर चल रहे रेलवे क्रासिंग निर्माण कार्य को फिलहाल रूकवा प्राथमिकता के आधार पर निस्तारी पानी दिलवाने का आग्रह किया गया है । बंगोली सिंचाई उपसंभाग के अधीन आने वाले सिंचाई पंचायतों के अध्यक्ष रहे थानसिंह साहू , गोविंद चंद्राकर , चिंताराम वर्मा , प्रहलाद चंद्राकर , मनमोहन गुप्ता , भारतेन्दु साहू , धनीराम साहू , हिरेश चंद्राकर , तुलाराम चन्द्राकार आदि ने भी तालाबों को भरने अविलंब गंगरेल से पानी देने की मांग की है । - -कुश्ती शुरू करने के कुछ समय बाद ही पूनम का कंधा उतर गया था और फिर उन्हें एक साल तक मैट से दूर रहना पड़ा-गेम्स शुरू होने से ठीक पहले उनके कंधे में फिर से परेशानी होने लगी थी, लेकिन इस बार उन्होंने दर्द को मात देकर गोल्ड मेडल जीतारायपुर / कुश्ती जैसे खेल में जहां फिटनेस और ताकत सबसे बड़ी जरूरत होती है, वहां चोटिल कंधे के साथ मैट पर उतरना अपने आप में बड़ा जोखिम है। लेकिन झारखंड की 19 वर्षीय पहलवान पूनम ऑरन ने इस जोखिम को चुनौती में बदला और दर्द के बावजूद मुकाबले दर मुकाबले जीत हासिल करते हुए पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।फाइनल में भी पूनम बाएं कंधे पर पट्टी बांधकर उतरीं। हर मूव के साथ दर्द साफ नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अंत तक लड़ते हुए मुकाबला अपने पक्ष में किया। पूनम ने महिलाओं की 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में तेलंगाना की के. गीता को हराकर स्वर्ण पदक जीता।अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूनम ने साई मीडिया से कहा, “हार कैसे मान लेती सर? जब नौ साल से हार नहीं मानी, तो अब कैसे मान लेती। मेरी यह चोट बहुत पुरानी है। छह साल पहले मेरा कंधा उतर गया था। बीच में ठीक हुआ, लेकिन फिर ट्रेनिंग के दौरान दोबारा चोट लग गई। इसके बावजूद मैंने वापसी की और अब मैंने यहां पर गोल्ड जीता है।" उन्होंने कहा,''अपने करियर की शुरुआत से ही मैं चोटों से जूझ रही हूँ, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। गोल्ड मेडल जीतना किसी सपने के सच होने जैसा लगता है। नौ साल तक गोल्ड न जीत पाने के दर्द के मुकाबले यह चोट कुछ भी नहीं है।'झारखंड के चतरा जिले के सुइयाबार गांव की रहने वाली पूनम के लिए यह जीत किसी सपने के सच होने जैसी है। साल 2017 में जब उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी, उसी दौरान एक गंभीर चोट ने उन्हें करीब एक साल तक मैट से दूर कर दिया। वापसी के बाद उन्होंने 2018 और 2019 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) में कांस्य पदक जीते, लेकिन इसके बाद पदक जीतने का इंतजार लंबा चला।पूनम बताती हैं कि इस प्रतियोगिता में उतरने से पहले भी वह पूरी तरह फिट नहीं थीं। उन्होंने कहा, '' घर वाले मना कर रहे थे, लेकिन कोच और सपोर्ट स्टाफ को मुझ पर भरोसा था। उनके सपोर्ट से ही मैं खेल पाई और गोल्ड जीत सकी। छह साल बाद कोई पदक जीतना मेरे लिए बहुत खास है और इसके पीछे मेरी दृढ़ इच्छाशक्ति है।'' वह पिछले करीब एक दशक से रांची के हॉस्टल में रहकर अभ्यास कर रहीं हैं।ऑरन समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पूनम के लिए यह स्वर्ण पदक खास मायने रखता है। वह कहती हैं, '' इसके मुझे काफी लंबा इंतजार करना पड़ा है। करियर की शुरुआत से ही मैं चोट से जूझ रही हूं, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इसके बाद कोई स्वर्ण पदक जीतना, मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है।'' कुश्ती के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बनाए रखते हुए, पूनम अभी रांची यूनिवर्सिटी से बीए (पॉलिटिकल साइंस) की पढ़ाई भी कर रही है। अब वह जूनियर नेशनल्स के लिए झारखंड टीम में जगह बनाने पर ध्यान दे रही हैं।पूनम ने कहा,” मेरा अगला लक्ष्य जूनियर नेशनल ट्रायल्स के लिए क्वालीफाई करना है और मैं इस स्वर्णिम सफलता को आगे भी जारी रखना चाहती हूं।”
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा अंतर्गत वार्ड क्रमांक 43 के आंगनबाड़ी केंद्र देवरीखुर्द 04 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की पदपूर्ति पदोन्नति प्रक्रिया के तहत की जानी है। पदपूर्ति हेतु अंनतिम मूल्यांकन पत्र जारी किया गया है। दावा आपत्ति 4 अप्रैल तक सप्रमाण कार्यालय एकीकृत बाल विकास परियोजना सरकण्डा में प्रस्तुत किये जा सकते है।
- बिलासपुर. टीबी मुक्त भारत अभियान 100 दिवसीय अंतर्गत जीवनदीप समिति के तहत एक्स-रे टेक्नीशियन की भर्ती की जानी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से 7 दिवस के भीतर आवेदन मंगाए गए हैं। आवेदन सभी आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेजों की छायाप्रति के साथ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकिशोर नगर में जमा किए जा सकते हैं।
- 0- सड़क सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजितबिलासपुर. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर द्वारा सड़क सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, ब्लैक-स्पॉट्स की पहचान, उनके उपचार एवं रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।तकनीकी सत्र के दौरान रोड सेफ्टी विशेषज्ञ श्री विवेक सिंह ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक-स्पॉट्स की पहचान और उनके समाधान से जुड़ी विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से ब्लैक-स्पॉट्स विश्लेषण और समयबद्ध सुधार कार्य सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं।कार्यशाला में एनएचएआई के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए रोड साइनेज, स्पीड मैनेजमेंट, उचित लेन मार्किंग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। एनएचएआई हाईवे सुरक्षा को बेहतर बनाने, दुर्घटनाओं में कमी लाने और ब्लैक-स्पॉट्स सुधार कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री जे.पी. तिग्गा, कार्यपालन अभियंता श्री रविंद्र खांबरा और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यपालन अभियंता श्री रामवीर यादव सहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की विभिन्न परियोजना इकाइयों के परियोजना निदेशक श्री मुकेश कुमार (बिलासपुर) एवं श्री डी.डी. पार्लावार (कोरबा) भी मौजूद थे।
- 0- रेलवे परिसर में दिल्ली से आई खेप को लेकर फैली खबरों पर प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरणबिलासपुर. जिले के शासकीय कुक्कुट फार्म कोनी में 24 मार्च को बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और एहतियात के तौर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मुर्गी एवं उससे संबंधित सामग्री की लगातार जांच की जा रही है। यह कार्रवाई विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा की जा रही है।इसी बीच कुछ स्थानीय मीडिया में प्रकाशित खबर “रेलवे परिसर में दिल्ली से आई मुर्गी चूजों की खेप” को लेकर पशु चिकित्सा विभाग ने तथ्य स्पष्ट किए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित विभाग द्वारा रेलवे अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी प्राप्त की गई। रेलवे मंडल वाणिज्य प्रबंधक के 30 मार्च 2026 के पत्र के अनुसार, दिल्ली से गाड़ी क्रमांक 12442 राजधानी एक्सप्रेस के माध्यम से कुल 17 डिब्बों में चूजे बिलासपुर लाए गए थे, जिन्हें यहां से श्री आकाश नायक द्वारा प्राप्त कर जिला रायगढ़ भेजा गया। प्रशासन द्वारा संबंधित व्यक्ति से फोन पर चर्चा में यह स्पष्ट हुआ कि चूजों को सुरक्षित रूप से रायगढ़ ले जाया गया तथा उनमें किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग के लक्षण नहीं पाए गए। प्रशासन ने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर भविष्य में इस प्रकार की खेपों की पूर्व सूचना संबंधित विभाग को देने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि सतर्कता और निगरानी बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
- 0- 10 अप्रैल को क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी दुर्ग में होगा आयोजनदुर्ग. जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग एवं क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में 10 अप्रैल 2026 को क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी कैलाश नगर भिलाई में जिला स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस हेतु नियोजकों से रिक्तियों की जानकारी आमंत्रित है तथा निजी क्षेत्र के लगभग 3000 तकनीकी एवं गैर तकनीकी रिक्त पद अपेक्षित है। जिला रोजगार कार्यालय के उपसंचालक ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को आयोजित इस जिला स्तरीय रोजगार मेला हेतु वर्तमान में कुल 9 नियोजकों से 1027 तकनीकी एवं गैर तकनीकी पद प्राप्त है, जिसकी जानकारी रोजगार विभाग के वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार एप पर उपलब्ध है तथा उपलब्ध पदों के लिए इच्छुक आवेदकों द्वारा जानकारी प्राप्त कर ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल पर उपलब्ध रिक्तियों हेतु आवेदन करने के लिए आवेदक को रोजगार पंजीयन करवाना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, दुर्ग में संपर्क कर सकतें है।
- 0- ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 अप्रैलदुर्ग. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रयास आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु ऑनलाईन आवेदन भरने की अंतिम तिथि 17 अप्रैल 2026 तक निर्धारित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, सीए, सीएस, सीएमए, क्लैट एवं एनडीए की तैयारी कराना है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।आवेदन प्रक्रिया 24 मार्च 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 अप्रैल 2026 रात्रि 12 बजे तक निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार की सुविधा 18 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक रात्रि 12 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 22 से 28 अप्रैल 2026 तक जिला स्तर पर दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। प्रवेश पत्र 01 से 09 मई 2026 के बीच डाउनलोड किए जा सकेंगे। प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया जाएगा।ऑनलाईन आवेदन https://eklavya.cg.nic.in/PRSMS/Student-Admission-Detail के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आवेदन पत्र एवं अन्य जानकारी विभागीय वेबसाइट तथा सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर. विधानसभा निर्वाचन-2023, लोकसभा निर्वाचन-2024 एवं उप विधानसभा निर्वाचन-2024 के दौरान रायपुर जिले के अंतर्गत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में निर्वाचन कार्य हेतु अधिग्रहित वाहनों के किराया भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है।विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 45 तिल्दा, 47 धरसीवा, 48 रायपुर ग्रामीण, 49 रायपुर नगर पश्चिम, 50 रायपुर नगर उत्तर, 51 रायपुर नगर दक्षिण, 52 आरंग एवं 53 अभनपुर में निर्वाचन कार्य सम्पन्न करने हेतु अधिगृहित की गई स्कूल बसें, विश्वविद्यालय की बस तथा छोटी वाहन (स्कार्पियो, इनोवा एवं अन्य) के स्वामियों/चालकों को किराया राशि प्राप्त करने हेतु पूर्व में 30 मार्च 2026 तक का समय निर्धारित किया गया था।अब उक्त अवधि में वृद्धि करते हुए अंतिम तिथि 8 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। जिन वाहन चालकों को अभी तक भुगतान राशि प्राप्त नहीं हुई है, वे कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय रायपुर के कक्ष क्रमांक 9 में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें।आवश्यक दस्तावेजों में वाहन का आरसी बुक, वाहन अधिग्रहण आदेश, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी नंबर तथा किराया भुगतान हेतु कैंसल चेक शामिल हैं। संबंधितों को निर्वाचन पर्यवेक्षक के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।--
- 0- शासन से 8 करोड़ 96 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृतिदुर्ग। साइंस कॉलेज कैम्पस में रुके हुए ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पुनः शुरू हो गया है। शहर विधायक एवं केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल से कॉलेज को साउंड प्रूफ एवं आधुनिक ऑडिटोरियम की सौगात मिल जाएगी जिससे जिले भर से पढ़ने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। अधूरे कार्य को पूरा करने मंत्री गजेन्द्र यादव की मांग को प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने स्वीकारते हुए शासन से पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति 8 करोड़ 96 लाख की राशि स्वीकृत कराये है। पूर्व की सरकार द्वारा ऑडीटोरियम को फंड की कमी बताते हुए रोक दिये थे। अब पुनः निर्माण शुरू हो चुका है, जो जल्द ही आगामी कुछ माह में पूर्ण हो जाएगा।पुनः निर्माण प्रारंभ होने पर आज मंत्री गजेन्द्र यादव ने साइंस कॉलेज स्थित ऑडीटोरियम का पीडब्लूडी के इंजीनियर और कॉलेज प्रबंधक के साथ निरिक्षण किये और आगामी जून तक कार्य पूर्ण करने दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा की प्रदेश में सुशासन की सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर ठोस एवं सार्थक कदम उठा रही है। यह ऑडिटोरियम न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि विद्यार्थियों को अपने कौशल एवं प्रतिभा को मंच प्रदान करने का अवसर भी देगा।गौरतलब है की शा. विश्वनाथ यादव तमास्कर स्नातकोत्तर कॉलेज कैंपस में दुर्ग शहर के अलावा जिलेभर से विद्यार्थी विभिन्न संकाय में पढ़ने आते है। कॉलेज प्रबंधन की मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सरकार ने ऑडिटोरियम निर्माण हेतु राशि बजट में स्वीकृति दिए थे और निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया था लेकिन 2018 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही कांग्रेस सरकार द्वारा राशि को रोक दिए जाने से ऑडिटोरियम निर्माण बीते पांच साल से रुका हुआ था। प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार आने पर कॉलेज प्रबंधन ने केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलकर जानकारी दिए जिस पर उन्होंने तत्काल इस संबंध में पीडब्लूडी के अधिकारियो का रिपोर्ट लेकर मांग पत्र तैयार कराये और प्रदेश के वित्तमंत्री ओपी चौधरी को मांग पत्र सौंपकर जिले के विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए ऑडिटोरियम निर्माण पुनः शरू कराने राशि स्वीकृति दिलाने की मांग किये। वित मंत्री ओपी चौधरी ने श्री यादव के मांग पर ऑडीटोरियम के अधूरे निर्माण को पूरा करने पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति 8 करोड़ 96 लाख की राशि स्वीकृत कराये है। जिसके बाद अब पुनः निर्माण प्रारंभ हो गया है।ये सुविधा होगी ऑडिटोरियम में -शा. विश्वनाथ यादव तमास्कर स्नातकोत्तर कॉलेज कैंपस में बनने वाले 750 सीटर ऑडिटोरियम पुरी तरह से साउंड प्रूफ होगा। 6722 स्क्वेयर मीटर क्षेत्रफल में निर्माण होगा जिसमें 225 स्क्वेयर मीटर स्टेज, 860 स्क्वेयर मीटर का हॉल, बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम हेतु चेंजिंग रूम, वेटिंग एरिया, डबल हाईट में लॉबी, अति विशिष्ट अतिथियों के आगमन हेतु वीआईपी एरिया, विद्यार्थियों के ट्रेनिंग हेतु मीटिंग हॉल, एलईडी प्रोजेक्टर, वायरलेस साउंड सिस्टम, पार्किंग एरिया व प्रवेश द्वार होगा।जल्द पूरा होगा निर्माण-पूर्व की सरकार द्वारा फंड नहीं देने से साइंस कॉलेज के ऑडिटोरियम निर्माण अधूरा था जिसे पूरा करने हेतु हमारी मांग पर वित्तमंत्री से पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है अब जल्द ही ऑडिटोरियम का अधूरा काम पूरा होगा। इसके लिए मान. मुख्यमंत्री, एवं वित्तमंत्री जी का आभार करता हूँ। - गजेन्द्र यादव शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज मेडिकल ऑफिसर श्रीमती राजश्री देओधर ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 ग्राम कनकी तिल्दा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- रायपुर। भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता सप्ताह एवं ‘प्रोजेक्ट पाई-पाई’ के अंतर्गत आज शहीद स्मारक हाई स्कूल फाफाडीह में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, बचत की आदत, बैंकिंग सेवाओं तथा डिजिटल लेन-देन के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर आरबीआई के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना एवं कार्यप्रणाली, बैंक नोट एवं सिक्कों की जानकारी, बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया तथा केवाईसी (KYC) के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।इसके साथ ही विद्यार्थियों को नियमित बचत की आदत विकसित करने, एटीएम/डेबिट कार्ड के सुरक्षित उपयोग, यूपीआई एवं अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों के उपयोग के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया तथा छोटी-छोटी बचत के महत्व को समझाते हुए भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक एवं बैंक प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक सत्येंद्र राठौर, प्रबंधक दिग्विजय राउत, अग्रणी जिला प्रबंधक मोहम्मद मोफीज, विद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।--
- 0- वाल्मिकी रामकथा के दूसरे दिन लव-कुश प्रसंग पर व्याख्यानरायपुर। सनातन संस्कृति में शुभ मुहूर्त का बड़ा महत्व है। आज हम आधुनिकता में इतने घिर चुके हैं कि हम अपनी सुविधा के अनुसार मुहूर्त तय करने की कोशिश करते हैं। फिर बात शादी की हो, या बच्चे के जन्म की। आजकल बच्चे के जन्म का दिन व समय हम स्वयं तय कर रहे हैं। वहीं शादी का मुहूर्त भी हम यह देखकर तय करते है कि बच्चों के पेपर तो नहीं, कौन सा रिश्तेदार आ पाएगा कौन नहीं आ पाएगा। नतीजा यह कि आजकल बड़े पैमाने की शादियों में शुरुआती दिनों से ही समस्याएं आने लगतीं हैं। शादी तो हो जाती है लेकिन बच्चे नहीं, परिवार नहीं। यही वजह है कि सनातन संस्कृति को मानने वालों को शुभ मूहूर्त पर ही वैदिक कार्य करने चाहिए। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में चल रही वाल्मिकी रामायण कथा के दूसरे दिन पुणे से पहुंचे कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने कहीं।आचार्य अय्यर ने कहा कि पूजा- पाठ में मंत्रोच्चार व श्लोक का बड़ा महत्व है। इससे कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। मंत्रोच्चार कभी भी लय में या संगीतबद्ध तरीके से गाना या बोलना नहीं चाहिए। यह पाप है। मंत्रोच्चार चाहे वो गायत्री मंत्र हो, शनि मंत्र या कोई भी... सभी में यही बात लागू होती है। राम कथा के प्रसंग पर कथावाचक ने कहा कि सज्जन व्यक्ति को दूसरों के आनंद से आनंद होता है और दुर्जन को दूसरों से आनंद से दु:ख। हमें दूसरों के सुख और सफलता से खुश होना आना चाहिए।आचार्य रामनाथ रामचंद्र ने कहा कि मंगल कार्य के लिए जब तक आपके घर में आकर आमंत्रण न मिले, तो नहीं जाना चाहिए। इसी तरह अमंगल कार्य के लिए यदि कोई घर में आकर आमंत्रित करे, तो भी कभी नहीं जाना चाहिए। अमंगल कार्य यानी मांसाहार, नशाखोरी, अपराध करने अथवा जुआ खेलने जैसी वृत्ति होती है। उन्होंने कहा कि इसी तरह सत्संग अथवा प्रवचन के लिए बिना बुलाए भी जाना चाहिए क्योंकि ऐसे अवसर जीवन में कम ही मिलते हैं और इसका लाभ लेकर पुण्य अर्जित करना चाहिए। कथा के बाद कथावाचक अय्यर के साथ आज के यजमान प्रशांत देशपांडे ने सपत्नीक महाआरती की। तत्पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया गया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में रामकथा से पहले बाल नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ के मंचन ने बटोरी तालियांरायपुर। डायलॉग डिलीवरी अभिनय का वह हुनर है, जिसके जरिए रंगमंच का कलाकार अपनी भावनाओं और आवाज़ को उतार-चढ़ाव के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत करता है। ऐसी ही रोचक संवाद अदायगी अगर बच्चे अपने नाटक ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ पर करने लगे, तो तालियां तो बजनी ही है। ऐसा ही नजारा रविवार की शाम महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में देखने को मिला। जब मंडल में चल रहे वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान बाल कलाकारों ने अपर्णा कालेले के निर्देशन में ‘उत्तर रामायण प्रसंग’ का मंचन किया गया।नाट्य अभिनय के दौरान गुप्तचर की सूचना पर राम की प्रतिक्रिया, हनुमान की स्वामी भक्ति, राम से प्रश्न पूछने के लिए लव- कुश की जीजीविशा, माता सीता का दुखी भाव, उत्साह और जिज्ञासा बच्चों के चेहरे में देखने को मिली। उत्तर रामायण के इस प्रसंग में बाल कलाकारों ने यह संदेश प्रभावशाली तरीके से दिया कि हर बात को जानने का एक सही समय होता है। जिस तरह लव- कुश को अपनी सच्चाई उचित समय पर ही गुरु वाल्मिकी ने बताई और एक अनर्थ अपने आप ही टल गया।नाटक में तनीष डोनगांवकर, तन्वी डोनगांवकर, प्रणीश डोनगांवकर, अनय पंडित, अक्षत पंडित, प्रथमेश पुराणिक, कियान महाजन, विहान कालेले, मायरा गुप्ते सहित अन्य बाल कलाकारों ने अपने सादगीभरे अभिनय से प्रभावित किया। नाटक में तकनीकी पक्ष परितोष डोनगांवकर और प्रवीण क्षीरसागर ने संभाला था। वेशभूषा अपर्णा कालेले और अजय पोतदार ने सेट डिजाइन बखूबी किया। पात्रों का परिचय प्रसन्न निमोणकर ने दिया।
- 0- 91 साल के गौरवशाली इतिहास में पहली बार जारी सुरबद्ध अधिकृत गान को मंडल के आयोजनों में बजाना होगा अनिवार्यरायपुर। महाराष्ट्र मंडल ने अपने 91 साल के गौरवशाली इतिहास में पहली बार मंडल गान ‘धन्य धन्य धन्य आहे हा आपला संस्थान’ को रिलीज किया। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल के वरिष्ठ सदस्य विवेक रहाटगांवकर द्वारा लिखित इस गीत को आज सुप्रसिद्ध गायिका साधना राहटगांवकर ने संगीतबद्ध और स्वरबद्ध किया है। अब महाराष्ट्र मंडल के सभी आयोजनों की शुरुआत अनिवार्य रूप से इस गीत से होगी।गीतकार विवेक रहाटगांवकर ने बताया कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस गीत के लेखन के माध्यम से महाराष्ट्र मंडल की सेवा का अवसर मिला। यह उनके और पूरे परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। लगभग साढ़े चार मिनट के इस गीत को मराठी में लिखा और संगीतबद्ध किया गया है।विवेक के अनुसार इसमें मंडल के सभी प्रकल्पों का उल्लेख है। वहीं महाराष्ट्र की संस्कृति को छत्तीसगढ़ में आत्मसात करने की बात है। गीत में हमारे पूर्वजों की मंशा, मेहनत और संकल्प का स्मरण भी किया गया है। इसमें नई पीढ़ी के लिए समाजसेवा सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति के संरक्षण का भी संदेश है। विवेक ने बताया कि गीत को संगीतबद्ध करने के लिए भिलाई के कलाकारों की टीम यहां आई थी। इसमें यश यदु ने कीपेड, आशुतोष लांजेवार ने गिटार, मनोज नायक ने पेड और राजेश कुमार ने समुद्र ढोलक पर संगत दिया। आज इस गीत की लांचिंग के साथ रिकार्डिग भी की गई।राम कथा स्थल यानी छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में महाराष्ट्र मंडल के इस गीत को पहली बार सुनने के बाद सभासदों ने इसकी खूब तारीफ की। गाने में महाराष्ट्र मंडल का पूरी समग्रता के साथ वर्णन करने से लेकर सुर व संगीत ने भी सभी को प्रभावित किया। बड़ी बात यह रही पुणे से पधारे कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने भी मंडल के गाने का उल्लेखन अपने प्रवचन में किया और काफी प्रशंसा की।



























