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- भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बारात में दुल्हन के कोविड—19 से संक्रमित पाये जाने के बाद 35 बारातियों को पृथकवास कर दिया गया है। यह शादी शहर के जाटखेड़ी में 18 मई को हुई थी।मध्यप्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया, भोपाल के मिसरोद पुलिस थाना इलाके स्थित जाटखेड़ी में एक नया निरुद्ध क्षेत्र बन गया है। यहां सतलापुर गांव से एक बारात आई थी। इस विवाह में दुल्हन कोरोना वायरस संक्रमित पाई गई है। उन्होंने कहा कि इस शादी समारोह में शामिल करीब 35 लोगों को पृथकवास किया गया है।श्री मिश्रा ने बताया कि इस शादी में अनुमति से अधिक लोग शामिल हुए और वे एक बस से आये। इसलिए हमने अब फैसला लिया है कि शादी समारोह में बसों को अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि अनुमति से ज्यादा लोग शादी में शामिल होते हैं तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शादी में शामिल होने के लिए आज से केवल निजी वाहनों के जरिए ही आने की अनुमति होगी।इसी बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा, दिशा-निर्देश के नियम अनुसार संक्रमित क्षेत्रों के बाहर शादी में दोनों पक्षों से 25-25 अधिकतम 50 सदस्य शामिल होने की अनुमति दी गई है, परंतु विवाह समारोह नहीं किया जा सकता और न ही बारात निकाली जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, नियम तोडऩे पर प्राथमिकी दर्ज की जाए। इस बैठक में बताया गया कि भोपाल शहर के जाटखेड़ी में एक बारात आई जिसमें दुल्हन संक्रमित हुई तथा 35 बारातियों को पृथकवास किया गया है।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि विदेशों में फंसे भारतीयों को देश में वापस लाने का वंदे भारत मिशन का दूसरा चरण 13 जून तक जारी रहेगा और विस्तारित चरण के दायरे में 47 देश आयेंगे ।गौरतलब है कि वंदे भारत मिशन का दूसरा चरण पहले 22 मई को समाप्त होना था । हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि वंदे भारत मिशन का यह चरण 13 जून तक जारी रहेगा । भारत फ्रैंकफर्ट को इस मिशन का केंद्र बनाना चाहता है। बृहस्पतिवार के दोपहर तक इस मिशन के तहत 23 हजार 475 भारतीयों को देश में वापस लाया जा चुका है, जिसकी शुरूआत सात मई को हुई थी । श्री श्रीवास्तव ने कहा, हम 162 उड़ानों के माध्यम से 47 देशों से अपने नागरिकों को लाने के लिए आशान्वित हैं । इस चरण में इस्तांबुल, हो ची मिन्ह सिटी, लाओस जैसे स्थानों को शामिल किया गया है और अमेरिका और यूरोप से उड़ानों को बढ़ाया जायेगा । उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, पेरू, मंगोलिया जैसे देशों से भी हमारे नागरिकों ने लौटने का आग्रह किया है।---
- नई दिल्ली। एक विशिष्ट आउटरीच पहल के तहत केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर 22 मई को शाम सात बजे देश भर के सामुदायिक रेडियो से बातचीत करेंगे। यह बातचीत के देश भर के समस्त सामुदायिक रेडियो स्टेशनों पर एक साथ प्रसारित की जाएगी।बातचीत का प्रसारण दो खंडों - एक हिंदी और एक अंग्रेजी में किया जाएगा। श्रोता इस बातचीत को एफएफ गोल्ड (100.1 एमएचजेड) पर सांय 7:30 हिंदी और 9:10 बजे अंग्रेजी में सुन सकते हैं।यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब सरकार कोविड से संबंधित संचार के लिए देश में सभी वर्गों तक पहुंच बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। देश में लगभग 290 सामुदायिक रेडियो स्टेशन हैं और वे सभी मिलकर जनसाधारण तक पहुंच बनाने का एक विशाल मंच प्रदान करते हैं। इस बातचीत का लक्ष्य भारत के सुदूर कोनों में बसे लोगों तक पहुंच कायम करने के लिए उनकी शक्ति का उपयोग करना है।यह पहला अवसर है जब सूचना एवं प्रसारण मंत्री सभी सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के श्रोताओं को एक साथ संबोधित करेंगे। बातचीत के दौरान मंत्री सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के माध्यम से पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी देंगे।
- नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में शुक्रवार 22 मई को विपक्षी दलों की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एक बैठक होगी जिसमें कोरोना वायरस महामारी के बीच प्रवासी श्रमिकों की स्थिति और मौजूदा संकट से निपटने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों एवं आर्थिक पैकेज पर मुख्य रूप से चर्चा की जाएगी।सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक की अध्यक्षता करेंगी। करीब 17 राजनीतिक दलों ने इस बैठक में शामिल होने पर सहमति जताई है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अब तक बैठक में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।यह बैठक शुक्रवार 22 मई को तीन बजे बुलाई गई है। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए गत 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लगने के बाद बड़ी संख्या में श्रमिक बड़े शहरों से अपने घर जाने के लिए पैदल निकल गए हैं। कई जगहों पर हुई दुर्घटनाओं में कई मजदूरों की मौत भी हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर प्रवासी श्रमिकों से जुड़े इस संकट से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया है। बैठक में, कुछ प्रदेशों में श्रम कानूनों में किए गए हालिया बदलावों को लेकर भी चर्चा होगी। कुछ राज्यों में श्रम कानूनों में बदलाव करते हुए कामकाज के घंटों को बढ़ाया गया है।
- नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने जैसे ही 12 मई, को 15 एसी स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही शुरू की और एक जून से 100 जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, ई-टिकटों की दलाली के संबंध में शिकायतें मिलनी शुरू हो गई हैं जिसमें अनेक व्यक्तिगत आईडी का उपयोग किया जा रहा है और इन स्पेशल ट्रेनों में आरक्षित बर्थों पर अधिकार जमाया जा रहा है।यह भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि एक बार 100 जोड़ी ट्रेनों के लिए 21 मई को आरक्षण शुरू हो जाने के बाद, इन दलालों की गतिविधियां आम आदमी को कन्फर्म ट्रेन रिजर्वेशन उपलब्ध कराने पर प्रतिकूल असर डालेगी।उपरोक्त के मद्देनजर, आरपीएफ ने इन दलालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रव्यापी व्यापक प्रयास शुरू किए हैं। जमीनी खुफिया जानकारी के साथ जोड़कर प्रबल मॉड्यूल के जरिये पीआरएस डेटा का विश्लेषण किया गया जिसका इस्तेमाल उन्हें पहचानने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उपयोग किया जा रहा है।यह अभियान 20 मई को शुरू किया गया और देश के पूर्वी हिस्से में अम्फन तूफान के प्रभाव के बावजूद, आरपीएफ 8 आईआरसीटीसी एजेंटों सहित 14 दलालों को गिरफ्तार करने में सक्षम रहा और इनके पास से छह लाख छत्तीस हजार सात सौ सत्ताइस रुपये के टिकट बरामद किए गए जिसमें यात्रा की जानी बाकी थी।आईआरसीटीसी एजेंट टिकटों को अपने अधिकार में रखने के लिए व्यक्तिगत आईडी का उपयोग कर रहे थे और फिर उन्हें अनाधिकृत रूप से प्रीमियम पर बेचते थे। उन्हें ब्लैक लिस्टेड करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक दलाल सुपर तत्काल प्रो नाम के ऑटो फिल सॉफ्टवेयर का उपयोग करता पाया गया।------------
- नई दिल्ली। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि रेलगाड़ी के टिकटों की बुकिंग 22 मई से देशभर के लगभग 1 लाख 70 हजार सामान्य सेवा केंद्रों पर फिर शुरू होगी। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं जहां कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा कम उपलब्ध है या बिलकुल उपलब्ध नहीं है।उन्होंने कहा कि टिकटों की बुकिंग अगले दो-तीन दिन में कुछ विशेष रेलवे स्टेशनों के काउंटर पर भी फिर शुरू की जाएगी। इससे पहले रेलवे ने पहली जून से 200 रेलगाडिय़ां चलाने की घोषणा की थी। इनके लिए टिकटों की बुकिंग गुरुवार 21 मई की सुबह 10 बजे से शुरू हो गई। बुकिंग शुरू होने के बाद से अब तक पांच लाख 51 हजार से अधिक लोगों ने 101 विशेष रेलगाडिय़ों के लिए टिकट बुक कराए हैं।इस बीच भारतीय रेलवे रिजर्व टिकटों की बुकिंग के लिए रिजर्वेशन काउंटर चरणबद्ध तरीके से खोलने की तैयारी कर रही है। जोनल रेलवे को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय लोगों की जरूरतों और परिस्थितियों के मुताबिक रिजर्वेशन काउंटर खोलने का फैसला करे और उसे अधिसूचित करे। इन रिजर्वेशन काउंटरों को 22 मई से चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा, साथ ही इनकी जगह और समय के बारे में स्थानीय लोगों की जरूरतों और परिस्थितियों के मुताबिक जानकारी का प्रसार किया जाएगा।भारतीय रेलवे ने रिजर्वेशन टिकटों की बुकिंग कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) और टिकटिंग एजेंटों के जरिये करने की भी इजाजत दे दी है।----
- कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अम्फन तूफान के बाद पुनर्निर्माण कार्य के लिए एक हजार करोड रुपये का कोष गठित किया है। गुरुवार को कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि तूफान से जुडी घटनाओं में अब तक 72 लोगों की मृत्यु हुई है। इससे पहले सुश्री बनर्जी ने महा तूफान से होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चक्रवात अम्फन के कारण पैदा हालात का जायजा लेने के लिए आज 22 मई को पश्चिम बंगाल और ओडिशा का दौरा करेंगे।गुरुवार को एक ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चक्रवात अम्फन के चलते पैदा हालात का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा का दौरा करेंगे। वह हवाई सर्वेक्षण करेंगे और समीक्षा बैठकों में भाग लेंगे, जिसमें राहत और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जाएगा।-----
- नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय ने घरेलू उड़ाने फिर शुरू करने के लिए विमानन कंपनियों, हवाई अड्डों, यात्रियों और अन्य हितधारकों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।जिसके अनुसार केवल पुष्ट वैब चैक-इन यात्रियों को हवाई अड्डे में प्रवेश की अनुमति होगी। यात्रियों को केवल एक चेक-इन बैग की इजाजत होगी। विमान में भोजन नहीं परोसा जाएगा। विमानन कंपनियों को कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित किराए की सीमा का पालन करना होगा।मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों को उड़ान के निर्धारित समय के कम से कम दो घंटे पहले हवाई अड्डे पहुंचना होगा। विमान के उड़ान भरने से एक घंटा पहले यात्री विमान में चढऩा शुरू करेंगे और उड़ान भरने से बीस मिनट पहले विमान के दरवाजे बंद कर दिए जाएंगे। यात्रियों को मॉस्क जैसे सुरक्षात्मक उपाय करने होंगे।
- नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्लू) और गृह मंत्रालय (एमएचए) के परामर्श से रेल मंत्रालय (एमओआर) ने तय किया है कि 1 जून 2020 से भारतीय रेलवे की ट्रेन सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल किया जाएगा।भारतीय रेलवे अनुलग्नक (नीचे दिए गए) में सूचीबद्ध 200 यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू करेगी। ये ट्रेनें 1 जून से चलेंगी और इन सभी ट्रेनों की बुकिंग आज 21 मई को सुबह 10 बजे से शुरू हो गई हैं। ये विशेष सेवाएं 1 मई से चलाई जा रही मौजूदा श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और 12 मई से चल रही स्पेशल एसी ट्रेनों (30 ट्रेनें) के अतिरिक्त होंगी। अन्य नियमित यात्री सेवाएं, जिसमें सभी मेल/एक्सप्रेस, यात्री ट्रेनें शामिल हैं और उपनगरीय सेवाएं अगले निर्देश तक रद्द रहेंगी।- ये एसी और नॉन एसी दोनों श्रेणियों के साथ पूरी तरह से आरक्षित ट्रेनें होंगी। जनरल कोच (जीएस) में बैठने के लिए भी आरक्षित सीट होगी। ट्रेन में कोई भी अनारक्षित कोच नहीं होगा।- किराया सामान्य होगा और सामान्य कोचों (जीएस) के आरक्षित होने के कारण सेकेंड सीटिंग (2एस) का किराया लिया जाएगा और सभी यात्रियों को सीट उपलब्ध कराई जाएगी।- आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल एप के माध्यम से केवल ऑनलाइन ई-टिकट बुक कराए जा सकेंगे। किसी भी रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर कोई टिकट बुक नहीं होगा। एजेंटों (दोनों आईआरसीटीसी एजेंट और रेलवे एजेंट) के माध्यम से टिकटों की बुकिंग की अनुमति दी जाएगी।- एआरपी (अग्रिम आरक्षण की अवधि) अधिकतम 30 दिनों की होगी।-मौजूदा नियमों के अनुसार आरएसी और प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी। हालांकि प्रतीक्षा सूची के टिकटधारकों को ट्रेन में चढऩे की अनुमति नहीं दी जाएगी।- कोई भी अनारक्षित (यूटीएस) टिकट जारी नहीं किया जाएगा और यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को कोई टिकट जारी नहीं किया जाएगा।- इन ट्रेनों में कोई भी तत्काल और प्रीमियम तत्काल बुकिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।- ट्रेन के प्रस्थान करने से कम से कम 4 घंटे पहले पहला चार्ट तैयार किया जाएगा और दूसरा चार्ट निर्धारित प्रस्थान से कम से कम 2 घंटे (अभी के 30 मिनट के प्रावधान से अलग) तैयार किया जाएगा। पहले और दूसरे चार्ट बनने के बीच में केवल ऑनलाइन करंट बुकिंग की अनुमति होगी।- सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी और केवल लक्षण न दिखाई देने वाले यात्रियों को ही ट्रेन में प्रवेश/चढऩे की अनुमति होगी।- केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में प्रवेश करने की अनुमति होगी।- सभी यात्रियों को प्रवेश और यात्रा के दौरान फेस कवर/मास्क पहनना चाहिए।- स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग की सुविधा के लिए यात्रियों को कम से कम 90 मिनट पहले स्टेशन पर पहुंचना होगा।- इन विशेष ट्रेनों में नियमित ट्रेनों में स्वीकृत सभी कोटे की अनुमति दी जाएगी। इस उद्देश्य के लिए सीमित संख्या में आरक्षण काउंटर (पीआरएस) संचालित किए जाएंगे। हालांकि इन काउंटरों के माध्यम से सामान्य टिकट की बुकिंग नहीं की जा सकती है।- इन विशेष ट्रेनों में केवल चार श्रेणियों में दिव्यांगजन रियायत और 11 श्रेणियों में मरीज रियायतों की अनुमति है।रद्दीकरण और वापसी के नियम - रेलवे यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम, 2015 लागू होगा। इसके अलावा यात्री में कोरोना के लक्षण पता चलने पर यात्रा के योग्य नहीं पाए जाने की स्थिति में किराया वापसी के संबंध में पहले से जारी निम्नलिखित निर्देश लागू होंगे।ट्रेन के भीतर कोई लिनन, कंबल और पर्दे उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा के लिए अपना लिनन लेकर चलें। इस उद्देश्य के लिए एसी कोचों के भीतर का तापमान उपयुक्त रूप से नियंत्रित रखा जाएगा। गृह मंत्रालय के दिशानिर्देश के अनुसार यात्री (यात्रियों) और उन्हें रेलवे स्टेशन पहुंचाने और ले जाने के लिए गाड़ी के ड्राइवर की आवाजाही को कन्फम्र्ड ई-टिकट के आधार पर ही अनुमति दी जाएगी।
- नई दिल्ली। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने 25 मई से घरेलू उड़ानों का परिचालन फिर से शुरु करने के लिए बुधवार को हवाईअड्डा संचालकों के लिहाज से मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जिसमें कहा गया है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य नहीं है।एएआई की ओर से जारी एसओपी की प्रति पीटीआई को प्राप्त हुई है। एसओपी में कहा गया है, यात्रियों को हवाईअड्डा टर्मिनल इमारत में प्रवेश से पहले एक निश्चित स्थान पर थर्मल स्क्रीनिंग के लिए स्क्रीनिंग क्षेत्र से अनिवार्य रूप से गुजरना होगा।20 मई को जारी एसओपी के अनुसार विमानपत्तन संचालकों को यात्री के टर्मिनल की इमारत में प्रवेश से पहले उसके सामान के सैनिटाइजेशन के लिए उचित बंदोबस्त करने होंगे। एएआई देश में 100 से अधिक हवाईअड्डों का प्रबंधन देखता है। हालांकि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू और हैदराबाद जैसे बड़े हवाईअड्डों का संचालन निजी कंपनियां करती हैं।गौरतलब है कि नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को घोषणा की थी कि देश में घरेलू यात्री उड़ान सेवा 25 मई से बहाल की जाएगी।---
- नई दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित हर व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे नमूनों की जांच की गई जो संक्रमित नहीं पाए गए। उसने कहा कि पिछले दो महीने में हर दिन जांच की संख्या में एक हजार गुना वृद्धि हुई है।आईसीएमआर ने कहा कि 20 मई को सुबह नौ बजे तक कुल 25 लाख 12 हजार 338 नमूनों की जांच की गई और जांच की क्षमता बढ़ाकर हर दिन एक लाख तक की गई। आईसीएमआर ने एक बयान में कहा कि दो महीने पहले प्रति दिन 100 से कम कोविड-19 की जांच से शुरूआत करने के बाद शोध संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, जांच प्रयोगशालाओं, मंत्रालयों, एयरलाइनों और डाक सेवाओं के समर्पित दलों के एक साथ मिलकर काम करने से महज 60 दिनों में जांच की संख्या 1000 गुना तक बढ़ गई।शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था ने कहा कि जनवरी में भारत के पास कोविड-19 की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला थी। उसने कहा, आज देशभर में 555 प्रयोगशालाएं हैं। आईसीएमआर ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि हर संक्रमित व्यक्ति की जांच के लिए 20 से अधिक ऐसे लोगों की जांच की गई जो संक्रमित नहीं पाए गए।---
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने सेना के इस्तेमाल के लिए 26 कलपुर्जे और उपकरणों की घरेलू निर्माताओं से खरीद के लिए बुधवार को दिशानिर्देश जारी किये।कुछ दिन पहले ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तथा आयातित शस्त्रों एवं सैन्य प्लेटफॉर्म पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए कई सुधार उपायों की घोषणा की थी। घरेलू रक्षा निर्माताओं से खरीदने के लिए जिन वस्तुओं को चिह्नित किया गया है उनका इस्तेमाल जलपोत निर्माण में होता है। रक्षा मंत्रालय ने अब तक 127 वस्तुओं को अधिसूचित किया है जिसमें स्थानीय निर्माताओं को प्राथमिकता दी जानी है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से खरीद को और बढ़ावा देने के लिए पहले ही अधिसूचित 127 में से 26 सामग्रियों को सार्वजनिक खरीद आदेश 2017 के तहत अधिसूचित किया गया है।--
- नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज घोषणा की है कि घरेलू उड़ानें इस महीने की 25 तारीख से शुरू हो जाएंगी।एक ट्वीट में श्री पुरी ने कहा कि सभी हवाई अड्डों और हवाई कम्पनियों को सोमवार से हवाई संचालन के लिए तैयार रहने की सूचना दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की आवाजाही के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा मानक दिशा निर्देश अलग से जारी किए जा रहे हैं।
- नई दिल्ली। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने ओडिशा में कोणार्क सूर्य मंदिर और कोणार्क शहर के शत प्रतिशत सोलराइजेशन का दायित्व ग्रहण किया है। इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह ने बताया, भारत सरकार ने ऊर्जा के आधुनिक उपयोग तथा प्राचीन सूर्य मंदिर के बीच तालमेल के संदेश को प्रकट करने तथा सौर ऊर्जा के महत्व को प्रोत्साहन देने के लिए ओडिशा में ऐतिहासिक कोणार्क सूर्य मंदिर को सूर्य नगरी के रूप में विकसित करने के प्रधानमंत्री के विजन को आगे ले जाने के उद्देश्य के साथ इस योजना का शुभारंभ किया है।इस योजना में भारत सरकार की ओर से नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से लगभग 25 करोड़ रूपये की सहायता सहित 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) के साथ10 मेगावाट ग्रिड कनेक्टेड सौर परियोजना और सौर वृक्ष, सौर पेयजल कियोस्कजैसेविविध सौर ऑफ-ग्रिड अनुप्रयोगों, बैटरी स्टोरेज सहित ऑफ ग्रिड सौर संयंत्रों की स्थापना आदि की परिकल्पना की गई है। इस योजना का कार्यान्वयन ओडिशा नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (ओआरईडीए)द्वारा किया जाएगा। यह योजना सौर ऊर्जा के साथ कोणार्क शहर की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करेगी।
- नई दिल्ली। वर्तमान में जारी कोविड-19 महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी प्रतिबंधों के तीसरे चरण के बाद उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए आज संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। अनेक प्रतिबंधों के जारी रहने के मद्देनजर आयोग ने यह निर्णय लिया है कि मौजूदा समय में परीक्षाओं और साक्षात्कारों को शुरु करना संभव नहीं होगा।हालांकि केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा उत्तरोत्तर घोषित की जा रही छूट का संज्ञान लेते हुए आयोग ने चौथे लॉकडाउन की समाप्ति के बाद एक बार फिर से स्थिति की समीक्षा करने का फैसला लिया है। पिछले दो महीने की अवधि के दौरान स्थगित की गई विभिन्न परीक्षाओं और साक्षात्कारों के उम्मीदवारों को स्पष्ट जानकारी देने के उद्देश्?य से आयोग 5 जून 2020 को होने वाली अपनी अगली बैठक में परीक्षाओं की संशोधित सारिणी जारी करेगा। परीक्षा से संबंधित नए कार्यक्रम का विवरण आयोग की 5 जून 2020 की बैठक के बाद यूपीएससी की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
- नई दिल्ली। बड़ी संख्या में छात्रों के शैक्षणिक हितों को ध्यान में रखते हुए, यह फैसला किया गया है कि लॉकडाउन उपायों से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा कराने की छूट दे दी जाए। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया है।
चूंकि लॉकडाउन उपायों पर दिशा-निर्देशों के अंतर्गत स्कूलों को खोलने पर रोक लगा दी गई थी, राज्य शिक्षा बोर्ड / सीबीएसई / आईसीएसई आदि द्वारा कराई जाने वाली 10 वीं और 12 वीं कक्षा की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं निलंबित कर दी गई थी। बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए राज्य सरकारों और सीबीएसई से अनुरोध प्राप्त हुए थे। इन पर गौर करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सभी राज्यों / संघ शासित प्रदेशों को पत्र लिखा ताकि परीक्षाएं कराने के लिए शर्तों का पालन किया जा सके। य़े हैं नियम-- नियंत्रण वाले क्षेत्रों में, परीक्षा केन्द्र की इजाजत नहीं दी जाएगी।- अध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।- परीक्षा केन्द्र में थर्मल स्क्रीनिंग और सेनीटाइजर का प्रावधान होना चाहिए और सभी परीक्षा केन्द्रों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखनी होगी।- विभिन्न बोर्डों द्वारा कराई जा रही परीक्षा को ध्यान में रखते हुए, परीक्षा का समय अलग-अलग रखा जाए।- छात्रों को परीक्षा केन्द्रों में पहुंचाने के लिए राज्यों और संघ शासित प्रदेशों द्वारा विशेष बसों की व्यवस्था की जा सकती है। - भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चार महीने की एक बच्ची ने कोरोना वायरस को शिकस्त दी है। उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल से मंगलवार को पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। वह एम्स भोपाल में भर्ती सबसे कम उम्र की कोविड-19 संक्रमित मरीज थी।एम्स भोपाल के अपर चिकित्सा अधीक्षक एवं जनसंपर्क अधिकारी डा. लक्ष्मी प्रसाद ने बुधवार को बताया, मंगलवार को एम्स भोपाल के एक पुरुष नर्सिंग अधिकारी, उनकी चार महीने की बेटी एवं एक सात वर्षीय बालिका सहित तीन कोविड-19 रोगियों को सफल उपचार के बाद छुट्टी दी गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान एम्स भोपाल के निदेशक प्रोफेसर सरमन सिंह इन रोगियों एवं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए वहां उपस्थित रहे।श्री प्रसाद ने बताया कि सिंह ने शिशु रोग विभाग के चिकित्सकों एवं नर्सिंग अधिकारियों को उनकी इस सफलता पर हार्दिक बधाई दी जिससे समस्त स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। श्री प्रसाद ने बताया कि एम्स भोपाल में कोविड-19 के अब तक कुल 149 रोगियों को भर्ती किया गया है, जिनमें से 70 लोगों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे एम्स भोपाल में नौ मरीजों की मौत हुई है।----
- नर्ई दिल्ली। श्रम मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि कर्मचारी अगले तीन महीने तक अपने मूल वेतन की नई सीमा 10 प्रतिशत से अधिक भविष्य निधि में योगदान कर सकते हैं। हालांकि नियोक्ताओं को कर्मचारियों के बराबर उच्च दर से योगदान देने की आवश्यकता नहीं है।मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ईपीएफ योजना, 1952 के तहत किसी भी सदस्य के पास वैधानिक दर (10 प्रतिशत) से अधिक दर पर योगदान करने का विकल्प होता है। पर कर्मचारी के संबंध में नियोक्ता अपने योगदान को 10 प्रतिशत (वैधानिक दर) तक सीमित कर सकता है। बयान में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जून, जुलाई और अगस्त में मिलने वाला क्रमश: मई, जून और जुलाई के वेतन में नियोक्ताओं का सामाजिक सुरक्षा योजना में योगदान 10 प्रतिशत होगा।मंत्रालय ने सोमवार को भविष्य निधि में योगदान के 10 प्रतिशत निम्न दर से योगदान को अधिसूचित कर दिया। इस फैसले से संगठित क्षेत्र के 4.3 करोड़ कर्मचारी घर अधिक वेतन ले जा सकेंगे और कोरोना वायरस महामारी के चलते नकदी संकट से जूझ रहे नियोक्ताओं को भी कुछ राहत मिलेगी। पिछले सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन महीने के लिये भविष्य निधि में नियोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के योगदान को 12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने की घोषणा की थी। इसका मकसद नियोक्ताओं और कर्मचारियों के पास नकदी की मात्रा बढ़ाना है। योगदान की दर में की गई कटौती केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों अथवा केंद्र सरकार या राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी भी अन्य प्रतिष्ठान पर लागू नहीं है। ये प्रतिष्ठान मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 12 प्रतिशत का योगदान पूर्व की तरह करते रहेंगे। कम की गई दर पीएमजीकेवाई (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना)लाभार्थियों के लिए भी लागू नहीं है, क्योंकि पूरा कर्मचारी ईपीएफ योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत) और नियोक्ताओं का ईपीएफ और ईपीएस योगदान (वेतन का 12 प्रतिशत), मासिक वेतन का कुल 24 प्रतिशत का योगदान का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है।--
- नई दिल्ली। गोविंद राजुलू चिंतला को राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय दारा मंगलवार को जारी आदेश में यह कहा गया है।चिंतला वर्तमान में नाबार्ड में मुख्य महा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। वह चेयरमैन के पद पर 31 जुलाई 2022 तक अपनी सेवानिवृत्ति तक बने रहेंगे। आदेश के मुताबिक इसके साथ ही शाजी केवी और पीवीएस सूर्यकुमार को नाबार्ड में उप प्रबंध निदेशक बनाया गया है। शाजी इस समय केनरा बैंक में महा प्रबंधक हैं। जबकि सूयर्कुमार वर्तमान में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक हैं। वह 31 जुलाई 2023 तक अपनी सेवानिवृत्ति तक पद पर बने रहेंगे।
- मुंबई। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में प्रवासी मजदूरों को ले जा रही एक बस के मंगलवार तड़के सड़क पर खड़े एक ट्रक से टकराने पर तीन प्रवासी मजूदरों तथा बस चालक की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नूरुल हासन ने बताया कि घटना कोलवन गांव में तड़के साढ़े तीन बजे हुई, जब बस सोलापुर से नागुपर रेलवे स्टेशन जा रही थी। प्रवासी मजदूरों को स्टेशन से झारखंड जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेन पकडऩी थी। उन्होंने बताया कि बस चालक का वाहन पर से संतुलन खो गया और बस एक ट्रक से जा टकराई। ट्रक में सड़क निर्माण का सामान भरा था। अधिकारी ने बताया कि तीन प्रवासी मजदूर और बस चालक की हादसे में मौत हो गई। 22 अन्य घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है।---
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने राज्यों को भेजे पत्र में यह बात रेखांकित की है कि मुख्यत: कोविड-19 के संक्रमण के भय और आजीविका छिनने की आशंका की वजह से ही विभिन्न स्थानों पर फंसे श्रमिक अपने-अपने घरों की ओर अग्रसर होने के लिए व्याकुल हैं। प्रवासी श्रमिकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए इस पत्र में उन उपायों या कदमों पर विशेष जोर दिया गया है जिन्हें राज्य सरकारों को केंद्र के साथ सक्रियतापूर्वक समन्वय कर उठाना चाहिए। ये कदम निम्नलिखित हैं-- राज्यों एवं रेल मंत्रालय के बीच सक्रिय समन्वय सुनिश्चित कर कई और स्पेशल ट्रेनें चलाएं;- प्रवासियों की आवाजाही के लिए अधिक बसें चलाएं; प्रवासियों को ले जाने वाली बसों को अंतर-राज्य सीमा पर प्रवेश की अनुमति दें;- ट्रेनों/बसों के प्रस्थान के बारे में और भी अधिक स्पष्टता सुनिश्चित करें, क्योंकि अफवाहों और अस्पष्टता के कारण श्रमिकों का मन अशांत हो जाता है;- स्वच्छता, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम के साथ निर्दिष्ट विश्राम स्थलों की व्यवस्था उन मार्गों पर राज्यों द्वारा की जा सकती है जहां प्रवासियों के पैदल यात्रा करने की सूचना है;- जिला अधिकारी परिवहन की व्यवस्था करके पैदल चल रहे श्रमिकों का मार्गदर्शन कर उन्हें निर्दिष्ट स्थानों, पास के बस टर्मिनलों या रेलवे स्टेशनों पर ले जा सकते हैं;- प्रवासी श्रमिकों के बीच महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है;- विश्राम स्थलों पर दीर्घकालिक क्वारंटाइन की आशंका को दूर करने के लिए जिला प्राधिकरण विश्राम स्थलों, इत्यादि पर गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों की सेवाएं ले सकते हैं। श्रमिकों को उन्हीं स्थानों पर बने रहने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता है जहां अभी वे हैं;- प्रवासियों के पते और संपर्क नंबर एक सूची में नोट किए जा सकते हैं। यह उचित समय पर उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाने में सहायक हो सकता है।इस पत्र में यह बात दोहराई गई है कि जिला अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रवासी श्रमिक को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए विवश होकर सड़कों या रेलवे पटरियों पर चलने की जरूरत ही न पड़े। वे आवश्यकतानुसार रेलगाडिय़ों को चलाने के लिए रेल मंत्रालय से अनुरोध कर सकते हैं।***
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सभी कैंटीन और दुकानों में स्थानीय रूप से विनिर्मित उत्पादों की बिक्री को अनिवार्य कर दिया है। ये उत्पाद उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के जरिये ही खरीदनी होगी।केवीआईसी ने कहा, इस कदम से किसानों, बेरोजगार युवाओं और कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों से जुड़े लाखों लोगों को लाभ होगा। गृह मंत्रालय ने इस बारे में आदेश 15 मई 2020 को जारी किया। यह एक जून 2020 से प्रभाव में आएगा। आयोग ने कहा कि अब केवल भारतीय उत्पादों की बिक्री केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कैंटीन के जरिये की जाएगी। इन उत्पादों की खरीद केवीआईसी के जरिये होगी। इस निर्णय से केवीआईसी के उत्पादन और बिक्री पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आदेश में कहा गया है, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग 17 उत्पादों के साथ केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी) के साथ पंजीकृत है... अब गृह मंत्रालय ने यह निर्णय किया है कि एक जून 2020 से केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री केपीकेबी के जरिये होगी। इसको देखते हुए सभी मास्टर भंडार अपने आर्डर सीधे केवीआईसी को दे सकते हैं। इन सशस्त्र बलों के देश में 20 मास्टर भंडर हैं। इनका सालाना कारोबार 1,800 करोड़ रुपये से अधिक का है।
- नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति तथा राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज लोगों से नई जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया और कोरोना संक्रमण के अभी तक के अनुभवों से सीख लेते हुए, इस वायरस का सामना करने के लिए 12 सूत्रीय नव नॉर्मल प्रतिपादित किए। इन आशंकाओं के बीच कि हमें इस वायरस के साथ उम्मीद से अधिक समय तक रहना पड़ सकता है, उन्होंने जीवन और मानवता के प्रति नया दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया।लॉक डाउन 4.0 की घोषणा के बाद श्री नायडू ने, कोविड 19 संक्रमण द्वारा उठाए गए गभीर वैचारिक और नैतिक प्रश्नों पर एक विस्तृत फेसबुक पोस्ट लिखा जिसमें भावी जीवनशैली पर विमर्श किया गया है। लॉकडाउन 4.0 में पर्याप्त ढील दी गई है। श्री नायडू का विचार है कि जीवन को अलग थलग अकेले नहीं जिया जा सकता, इस संक्रमण ने हमारी आपसी निर्भरता को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि जो चीज कहीं किसी एक व्यक्ति को प्रभावित करती है वो सबको, सभी जगह प्रभावित करेगी, चाहे वह बीमारी हो या अर्थव्यवस्था ।कोरोना से पूर्व, मानव प्रवृत्ति की चर्चा करते हुए श्री नायडू ने लिखा कि भौतिक सुखों और उपभोग की अंधी दौड़ में मनुष्य अकेला बन गया था। परिवार और समाज उसके लिए बंधन मात्र थे। उसका आत्मविश्वास अभिमान की सीमा तक बढ़ गया था जिसने उसे यकीन दिला दिया था कि दूसरों के जीवन को नजरंदाज करके भी, वह अकेले सिर्फ अपने लिए ही जी सकता है। उन्होंने लिखा है पहले की महामारियों की तुलना में जीन एडिटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा आदि कहीं बेहतर तकनीकों से लैस आज का मानव भगवान बनने की कोशिश कर रहा था।कोरोना के बाद के जीवन पर टिप्पणी करते हुए श्री नायडू ने लिखा है कि खुद के लिए जीने वाले मानव की आत्मकेंद्रित जीवनशैली को इस वायरस ने हिला कर रख दिया है। प्रकृति और अखिल मानवता के साथ जीने की आवश्यकता को उजागर किया है। उन्होंने लिखा है कि इस अदृश्य जीवाणु ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जीवन बड़ी तेज़ी से बदल भी सकता है। उसने जीवन की अनिश्चितताओं को सामने ला खड़ा किया है।उपराष्ट्रपति का विचार है कि इस महामारी ने जीवन के अर्थ और उद्देश्य को ले कर सवाल उठाए हैं, सहचर जीव जंतुओं से हमारे रिश्ते कैसे हों, वर्तमान विकास नीति का प्राकृतिक परिवेश तथा समावेशी सामाजिक विकास की अवधारणा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इस विषय गंभीर नैतिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि इस वायरस ने समाज में विकास के साथ साथ पनपी गहरी आर्थिक विषमताओं को भी रेखांकित किया है। अनिश्चितताएं अभी भी मनुष्य को घेरे हैं। अनिश्चितता दुश्चिंताओं को जन्म देती है जो मनोवैज्ञानिक समस्याओं को जन्म देती है। इससे बचें कैसे? बचने के लिए शांत रहें, विश्वास रखें और समाज की नई सामान्यता, नए नॉर्मल को स्वीकार करें।उन्होंने लिखा है कि हर सभ्यता का उद्देश्य मानव जीवन के अवसरों, उसकी संभावनाओं का संरक्षण और संवर्धन करना होता है। श्री नायडू ने लिखा है कि कोरोना सिर्फ व्यक्ति के निजी जीवन के लिए ही नहीं बल्कि सभ्यता के लिए भी चुनौती है। वर्तमान सभ्यता को बचाने के लिए नए मूल्य और मानदंड अपनाने होंगे। श्री नायडू ने लिखा कि जीवन को अधिक समय तक बांधा नहीं जा सकता। उन्होंने गत रात्रि घोषित लॉक डाउन 4.0 में प्रस्तावित छूट का स्वागत किया। एचआईवी के विरुद्ध वैक्सीन के अभाव में भी, अपनी आदतों में सुधार ला कर लोगों द्वारा सामान्य जीवन जिए जाने का ज़िक्र करते हुए श्री नायडू ने इस वायरस के साथ जीवन जीने की स्थिति में, उसी प्रकार लोगों से अपनी जीवन शैली में बदलव लाने तथा प्रकृति और साथी नागरिकों के प्रति दृष्टिकोण बदलने का आग्रह किया।श्री नायडू ने कोरोना काल में 12 सूत्री नव नॉर्मल प्रस्तावित किए हैं जैसे - प्रकृति और साथी नागरिकों के साथ सद्भाव पूर्वक रहना, यह समझना कि हमारे जीवन की सुरक्षा परस्पर हम सब पर निर्भर है, हर कदम या गतिविधि का संक्रमण के प्रसार पर क्या प्रभाव पड़ेगा इसका विवेकपूर्ण आंकलन करना, किसी स्थिति का सामना भावावेश में आकर नहीं बल्कि यह विश्वास रख कर करना कि विज्ञान और तकनीकी इसका समाधान ढूंढ ही लेंगे,हमारे व्यवहार में आए अच्छे परिवर्तनों जैसे मास्क पहनना, निजी स्वच्छता, सामाजिक दूरी को बनाए रखना, संक्रमित लोगों को जांच उपचार के लिए प्रेरित करने के लिए उनके विरुद्ध पूर्वाग्रह से बचना, आपने साथी नागरिकों को संक्रमण के लिए दोषी मानने वाले भ्रामक प्रचार से बचना और उसे समाप्त करना, चारों ओर व्याप्त निराशा की जगह हमारी साझा नियति और परस्पर निर्भरता पर विश्वास करना।उपराष्ट्रपति ने हर वर्ग के मीडिया से भी आग्रह किया कि वे वायरस और बीमारी के बारे में सिर्फ प्रामाणिक और वैज्ञानिक सूचना का ही प्रसार करे। इसे किसी विप्लव या प्रलय के तौर पर न प्रचारित करें। श्री नायडू ने लोगों से बदली हुई जीवन शैली के साथ सुरक्षित रहने का आह्वान किया।***
- नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज नई दिल्ली में सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं कक्षा की शेष परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा की। ये परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच होंगी।श्री पोखरियाल ने बताया कि दसवीं कक्षा की परीक्षाएं केवल उत्तर पूर्वी दिल्ली के छात्रों के लिए आयोजित की जाएंगी, जबकि बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं उत्तर-पूर्वी दिल्ली सहित देश भर के छात्रों के लिए आयोजित की जाएंगी। सभी परीक्षाएं सुबह 10:30 से दोपहर 1: 30 बजे के बीच होंगी।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने उत्तर -पूर्वी दिल्ली की कक्षा दस की बोर्ड परीक्षा की पुनर्निर्धारित तिथियां भी घोषित कर दी हैं। सीबीएसई ने परीक्षा देने वाले सभी छात्रों के लिए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे सभी परीक्षा के दौरान व्यक्तिगत दूरी बनाए रखने के साथ ही मास्क पहनेंगे और अपने पास सेनेटाइजर रखेंगे।इस अवसर पर श्री पोखरियाल ने कहा कि परीक्षा की तारीखों की घोषणा करते समय मानव संसाधन विकास मंत्रालय इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध था कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिले और अब छात्र अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे । केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि इसके अलावा हमने सीबीएसई को यह भी निर्देश दिया है कि वह परीक्षा आयोजित करते समय सामाजिक दूरी का ध्यान रखें ताकि छात्रों और शिक्षकों का स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके। श्री पोखरियाल ने परीक्षा के लिए छात्रों को शुभकामनाएं भी दीं।सीबीएसई ने अभिभावकों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे इस बात का ध्यान रखें कि उनके बच्चे बीमार न हों। कक्षा दस की परीक्षाएं दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हिंसा के कारण स्थगित कर दी गई थीं और 12वीं की परीक्षाएं कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन को देखते हुए स्थगित कर दी गई थी। कक्षा दस की परीक्षाएं एक जुलाई से शुरू होंगी। सबसे पहले सामाजिक विज्ञान का पेपर होगा। दूसरे दिन विज्ञान की परीक्षा होगी। दस जुलाई को हिन्दी के दोनों पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं होगीं और पन्द्रह जुलाई को अंग्रेजी के दोनों कोर्सेस की परीक्षाएं होंगी।कक्षा 12वीं के लिए एक जुलाई को गृह विज्ञान की परीक्षा होगी और अगले दिन हिन्दी के दोनों पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा होगी। इसी प्रकार 12वीं कक्षा के लिए बिजनेस स्टडीज की परीक्षा नौ जुलाई को निर्धारित की गई है जिसके बाद दस जुलाई को बायो टैक्नॉलाजी की और ग्यारह जुलाई को ज्योग्रोफी की परीक्षा होगी।---






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