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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मदुरै में विकास कार्यों का उद्घाटन और आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन तमिलनाडु के विकास के सफर में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4400 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी हैं, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं संपर्क व्यवस्था में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को गति देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाएंगी। किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए सुगम यात्रा और व्यवसायों के लिए तेज परिवहन की सुविधा उपलब्ध होगी। पिछले 12 वर्षों में, भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है। 2014 से अब तक यहां 4000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण हो चुका है। आज, मुझे दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय रेलवे में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है। 2009 से 2014 तक, रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपए था। 2026-27 में, यह आवंटन बढ़कर 7600 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले वर्ष मैंने तमिलनाडु में नए पंबन पुल का उद्घाटन किया था। यह भारत का पहला ऊर्ध्वाधर लिफ्ट समुद्री पुल है, जो इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रतीक है। यह पुल स्वयं तमिलनाडु में एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में, नौ वंदे भारत और नौ अमृत भारत ट्रेनें तमिलनाडु के लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में हो रहा है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि ‘मेक इन इंडिया’ की हमारी परिकल्पना आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रही है।पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में अवसंरचना के लिए आवंटित धनराशि पिछले दशक की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है। 2026 का बजट भी इस प्रवृत्ति को जारी रखते हुए तमिलनाडु पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। इस बजट में हमने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। ये कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। बजट में तमिलनाडु को ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ के हिस्से के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान और तकनीकी विकास को बढ़ावा देंगे।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास और विरासत है। आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे पहले पीएम मोदी ने थिरुप्परनकुंद्रम में अरुलमिगु सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना भी की। - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, औद्योगिक प्रगति, शिक्षा, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल ग्रोथ को गति देने वाली परियोजनाएं शामिल हैं।पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुडुचेरी में होना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह सिद्ध संतों, कवियों और स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि है। यहीं पर महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने राष्ट्रवाद की लौ जलाई थी। यहां से श्री अरबिंदो और माता ने पूरी दुनिया को एक नया आध्यात्मिक विजन दिया।उन्होंने कहा, “जब मैं पहले यहां आया था, तो मैंने ‘बीईएसटी पुडुचेरी’ का मंत्र दिया था। ‘बीईएसटी’ का मतलब है ‘बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म’। पिछले साढ़े चार साल में यह विजन रंग लाया है और पुडुचेरी में अच्छा शासन और विकास हुआ है। जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश एक ही विजन और लगन से काम करते हैं, तो नतीजे तेजी से और बेहतर होते हैं।”पीएम मोदी ने कहा कि पुडुचेरी ने प्रति व्यक्ति आय में शानदार बढ़ोतरी दिखाई है। इसने देश में सबसे ज्यादा सामाजिक प्रगति सूचकांक स्कोर भी हासिल किया है। अब, डबल इंजन वाली एनडीए सरकार पुडुचेरी के विकास को और गति देगी। आज 2700 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया जा रहा है।अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पूरे भारत में उच्च-गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इस साल के बजट में हमने इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए रिकॉर्ड 12 लाख करोड़ रुपए अलग रखे हैं। इससे पुडुचेरी के लोगों को भी फायदा होगा। हमने पुडुचेरी को पूंजी निवेश योजना के लिए राज्यों को विशेष सहायता के तहत शामिल किया, जो पहले सिर्फ राज्यों के लिए खुली थी। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा फंडिंग का मतलब है बेहतर सड़कें, पानी की सप्लाई, कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कूल, अस्पताल और ऐसे कई प्रोजेक्ट।पीएम मोदी ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कराईकल के एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और गंगा हॉस्टल, जेआईपीएमईआर में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण व पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नए भवनों और छात्रावासों का लोकार्पण किया। उन्होंने 750 एकड़ में फैले करासूर-सेदरापेट औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके अलावा, पुडुचेरी क्षेत्र के निवासियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने व जल आपूर्ति प्रणालियों में सुधार के उद्देश्य से अलग-अलग जल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 41 ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुडुचेरी में हेरिटेज टाउन (विरासत शहर) के विकास और मिष्टी (मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटैट्स एंड टैंजिबल इनकम) योजना के अंतर्गत मैंग्रोव संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया गया
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी पश्चिम एशिया सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच सोमवार को व्यापार, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत-कनाडा संबंधों को गहरा करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच एक 'ठोस एजेंडा' के तहत व्यापक वार्ता होगी। यह वार्ता दोनों पक्षों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों के अंतर्गत होगी, जिसमें 2023 में एक खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद गतिरोध पैदा हो गया था। कार्नी मुंबई में दो दिन बिताने के बाद रविवार को नयी पहुंचे। मुंबई में उन्होंने कई उद्योगपतियों से मुलाकात की। मोदी और कार्नी की मुलाकात इजराइल तथा अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की पृष्ठभूमि में हो रही है, इसलिए दोनों नेताओं से पश्चिम एशिया की समग्र स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि भारत और कनाडा के बीच असैन्य परमाणु सहयोग की दिशा में कुछ प्रगति हो सकती है। भारत प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक है, जिससे उसे कनाडा से यूरेनियम आयात करने की अनुमति मिल सकेगी।
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नवी मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मोदी ने नवी मुंबई के खारघर में गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित 'हिंद-दी-चादर' स्मृति कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।'' उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता सरकार द्वारा 1984 के (सिख विरोधी) दंगों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किए जाने से दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने कहा, "1984 के दंगों से संबंधित कई मामले बंद कर दिए गए थे। हमने इसे दोबारा खोला, और सरकार ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की भी घोषणा की। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को अधिक सक्रिय भूमिका सौंपी गई।" उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान में सिख परिवारों की सुरक्षा और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र प्रतियों से संबंधित मुद्दे उठे, तो सरकार ने मिशन मोड में कार्रवाई की। मोदी ने कहा, ''हम मिशन मोड में काम कर रहे हैं। हमारी सरकार अफगानिस्तान से 'सरूप' (श्री गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियां) सुरक्षित वापस लेकर आई। हमने अफगानिस्तान से सिखों और हिंदुओं को नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त किया। सीएए के माध्यम से हमने उत्पीड़ित सिखों को राहत प्रदान की।'' उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के सिख परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज लागू किए गए, जबकि ओसीआई और वीजा नियमों को सरल बनाया गया और सिखों के हजारों ब्लैकलिस्टेड नामों को हटा दिया गया। मोदी ने कहा कि हिंद-दी-चादर जैसी घटनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि इतिहास महज एक स्मृति बनकर न रह जाए, बल्कि "भविष्य का मार्ग" बने। अपने डिजिटल संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "साहस और सत्य के साथ खड़े रहना आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना गुरु तेग बहादुर के समय में था। जब नई पीढ़ी इन मूल्यों से जुड़ती है, तो परंपरा केवल स्मृति बनकर नहीं रह जाती बल्कि भविष्य का मार्ग बन जाती है। इस बैठक का यही उद्देश्य है। हम न केवल इतिहास को याद करते हैं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास शौर्य, समन्वय और सहयोग से भरा हुआ था और गुरुओं के सर्वोच्च बलिदान ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। मोदी ने कहा कि समाज के हर वर्ग ने उनसे प्रेरणा ली, जिससे समाज को सत्य और संस्कृति के मार्ग पर दृढ़ रहने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब देश को सामाजिक एकता की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब यह आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि हमारे गुरुओं और संतों का आशीर्वाद हमारे साथ है। इस यात्रा की शुरुआत पिछले वर्ष नागपुर से हुई थी, फिर इसे नांदेड़ में आयोजित किया गया। आज नवी मुंबई की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर गुरु तेग बहादुर से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, "सिख समुदाय की आस्था का सम्मान करना और उसकी प्रगति के अवसर पैदा करना सरकार का दायित्व और सम्मान है।"
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मदुरै/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र का "सामूहिक लक्ष्य" एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है, और उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सक्षम बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यहां 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "हमारा सामूहिक लक्ष्य एक विकसित भारत के लिए एक विकसित तमिलनाडु है। प्रत्येक भारतीय 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रेरित है। तमिलनाडु राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।" उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार समावेशी विकास और राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास है और आदिचनल्लूर जैसे ऐतिहासिक स्थलों को वैश्विक धरोहर स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "पुलिकट झील और पोधिगई मलाई के आसपास की पर्यावरण पर्यटन पहल प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।" उन्होंने कहा, "पवित्र और ऐतिहासिक नगर मदुरै में आकर मैं स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं मीनाक्षी अम्मन और भगवान सुंदरेश्वर को नमन करता हूं। आज का यह आयोजन तमिलनाडु की विकास यात्रा में एक गौरवपूर्ण अध्याय का प्रतीक है। हमने 4,400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी है, उनका उद्घाटन किया है और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया है।" उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी में बदलाव लाएंगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगी, रोजगार सृजित करेंगी और लाखों लोगों के जीवन को बदल देंगी। उन्होंने याद दिलाया कि भारत सरकार ने तमिलनाडु के राजमार्ग नेटवर्क में भारी निवेश किया है और 2014 से राज्य में 4,000 किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण किया गया है। आज समर्पित रेलवे परियोजनाओं पर मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे ने पिछले दशक में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का अनुभव किया है और यह एक आधुनिक, कुशल और जन-केंद्रित परिवहन प्रणाली के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, "यह परिवर्तन विशेष रूप से तमिलनाडु में दिखाई देता है। हमारी सरकार के सत्ता में आने (2014) के बाद से तमिलनाडु के लिए रेलवे बजट आवंटन में लगभग नौ गुना वृद्धि हुई है।" आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2009 से 2014 के दौरान रेलवे के लिए औसत वार्षिक आवंटन 880 करोड़ रुपये था। उन्होंने आगे कहा कि 2026-27 में यह बढ़कर 7,600 करोड़ रुपये हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 'वंदे भारत' ट्रेन और 9 'अमृत भारत' ट्रेन से तमिलनाडु के लोगों को लाभ हुआ है और इनके डिब्बों का निर्माण चेन्नई स्थित आईसीएफ में किया गया था। तमिलनाडु के बुनियादी ढांचे के लिए वित्त पोषण पिछले दशक की तुलना में तीन गुना होने पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने कहा, "2026 का बजट तमिलनाडु पर विशेष ध्यान देने के साथ इस प्रवृत्ति को जारी रखता है।" इस बजट में केंद्र सरकार ने बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, "इससे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।" प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों के मरकन्नम–पुदुचेरी खंड तथा परमाकुड़ी–रमणाथपुरम खंड को चार लेन बनाने की आधारशिला रखी। उन्होंने तमिलनाडु में आठ पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया और चेन्नई बीच–चेन्नई एग्मोर चौथी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने तमिलनाडु में प्रसारण सेवाओं को और मजबूत करने और क्षेत्रीय कवरेज का विस्तार करने, निर्बाध एफएम प्रसारण सुनिश्चित करने और राज्य के कई जिलों में सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए कुंभकोणम, येरकौड और वेल्लोर में तीन नए आकाशवाणी एफएम रिले ट्रांसमीटरों का उद्घाटन किया। बाद में, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोदी ने पास के तिरुप्परनकुंद्रम में स्थित प्रसिद्ध अरुलमिगु सुब्रह्मण्य स्वामी मंदिर का दौरा किया। शाम करीब 4.15 बजे पहुंचे प्रधानमंत्री को मंदिर प्रशासन द्वारा "पूर्ण-कुंभ" सम्मान से नवाजा गया।
धोती, कुर्ता और शॉल ओढ़े प्रधानमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा की और बाद में मुख्य देवता की पूजा-अर्चना की। मोदी के साथ राज्यपाल आर.एन. रवि, केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन और भाजपा के राज्य प्रमुख नैनार नागेंद्रन भी थे। मोदी का इस तीर्थस्थल का दौरा पिछले साल पहाड़ी की चोटी पर स्थित "दीपाथून" (स्तंभ) पर दीपक जलाने की मांग को लेकर हुए विवाद के बाद हुआ है, जिसका मामला अदालत तक पहुंच गया था। -
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बरसाना और नन्दगांव की लट्ठमार होली के बाद भी ब्रज में होली का उल्लास कुछ कम नहीं हुआ है। प्राचीन परंपरा के अनुसार रविवार को गोकुल की ग्वालिनों ने कान्हा स्वरूप हुरियारों पर प्रेमपगी छड़ियां बरसाईं। जिला प्रशासन के सूत्रों ने यहां बताया कि छड़ीमार होली की शुरुआत सुबह 10 बजे नंद भवन नन्दकिला से ठाकुरजी का डोला (शोभायात्रा) निकालने से हुई जिसके बाद यह डोला नन्द चौक से होकर मुरलीधर घाट पर पहुंचा। उन्होंने बताया कि मंदिर के सेवायत पुजारी मथुरा दास ने ठाकुरजी की आरती उतारी और गोकुल वासियों ने गली-गली में डोले का फूलों की बारिश कर स्वागत किया।
सूत्रों ने बताया कि डोले के साथ गोकुलवासी मस्त होकर नाचते-गाते चल रहे थे और गोकुल की ग्वालिनें भी छड़ी लेकर डोले के साथ-साथ चल रहीं थीं। उन्होंने बताया कि इस बीच, ग्वाल-बालों ने ग्वालिनों से हंसी ठिठोली शुरु की तो पहले तो ग्वालिनों ने उन्हें समझाया, और जब वे नहीं माने तो मुरलीधर घाट पहुंचते-पहुंचते छड़ियों की मार की बरसात शुरू कर दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह वही जगह थी जहां कभी (द्वापर युग में) भगवान श्रीकृष्ण ने भी अपने सखाओं के साथ मिलकर ग्वालिनों से होली खेली थी। सूत्रों ने बताया कि छड़ीमार होली के दौरान हर तरफ अबीर और गुलाल की बरसात होती रही तथा हुरियार ही नहीं, श्रद्धालु भी टेसू के फूलों से बने रंग से तरबतर हो आनन्द लेते रहे। सूत्रों ने बताया कि इस 'प्यार भरी मार' की होली को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोकुल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। -
नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर जिले में विस्फोटक पदार्थ बनाने वाले एक कारखाने में रविवार सुबह हुए धमाके में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह विस्फोट कटोल तहसील के राउलगांव स्थित खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए विस्फोटक पदार्थ बनाने वाली कंपनी 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' के कारखाने में हुआ। पुलिस ने बताया कि विस्फोट में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गयी और 18 अन्य घायल हो गए।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर पहुंची। एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह घटना कंपनी की डेटोनेटर पैकिंग इकाई में सुबह सात बजे से सवा सात बजे के बीच हुई। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान जारी है और वे जल्द ही एक बयान जारी करेंगे।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद घायलों को नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला कलेक्टर विपिन इटांकर और पुलिस अधीक्षक हर्ष पोदार घटनास्थल पर मौजूद थे। यह घटना आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में एक पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट के एक दिन बाद हुई है, जिसमें 21 लोगों की जान चली गई थी। -
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आते ही जम्मू-कश्मीर में हड़कंप मच गया। बारामूला और श्रीनगर के कई हिस्सों में लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे।
बारामूला पुलिस ने मौजूदा हालात को देखते हुए सभी मीडिया हाउस, पत्रकारों, सोशल मीडिया यूजर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि रिपोर्टिंग और जानकारी साझा करते समय पूरी जिम्मेदारी बरती जाए। पुलिस ने सभी से आग्रह किया है कि कोई भी खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले इसे ऑफिशियल और भरोसेमंद स्रोत से वेरिफाई कर लिया जाए। अफवाहें या बिना सत्यापित जानकारी फैलाने से बेवजह पैनिक और सार्वजनिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो लोग गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति और भाईचारे को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रिपोर्टिंग और सूचनाओं का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस दिशा में सकारात्मक योगदान दें।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी के बहकावे में न आएं, लोग शहर में शांति बनाए रखें, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों पर नजर रख रही हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।श्रीनगर में भी सुबह से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थानीय लोगों ने खामेनेई मौत की खबर के बाद नारे लगाते हुए अमेरिका व इजरायल विरोधी प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने के कारण शहर के कई हिस्सों में पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। पुलिस ने कहा कि फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण है, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से संयम और सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह या झूठी खबर पर ध्यान न देने और केवल भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि नागरिकों की सहयोगात्मक भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।खामेनेई की मौत की खबर के बाद जम्मू-कश्मीर में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और पुलिस तथा प्रशासन सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जगह-जगह सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है। - नयी दिल्ली/मुंबई। भारतीय विमानन कंपनियों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण उत्पन्न परिचालन बाधाओं के चलते रविवार को 350 अंतरराष्ट्रीय उड़ान रद्द कर दीं। पश्चिम एशिया में कई देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण एअर इंडिया तथा इंडिगो ने भी इन हवाई क्षेत्रों में उड़ान रद्द कर दीं। नागर विमानन मंत्रालय ने रविवार को अपराह्न चार बजकर 34 मिनट पर 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम के कारण लागू वायु क्षेत्र प्रतिबंधों को देखते हुए एक मार्च को भारतीय घरेलू विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 350 उड़ान रद्द की गई हैं।" रविवार तड़के 1 बजकर 25 मिनट पर मंत्रालय ने एक अन्य पोस्ट में बताया था कि ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों के ऊपर हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ान रद्द होने की आशंका है। मंत्रालय ने शनिवार को कहा था कि घरेलू विमानन कंपनियों की 410 उड़ान रद्द की गई हैं।स्पाइसजेट ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के लिए आने-जाने वाली उसकी 33 उड़ान रद्द की गई हैं।एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात आने-जाने वाली उड़ानों का निलंबन दो मार्च को रात 11 बजकर 59 मिनट (भारतीय समयानुसार) तक बढ़ा दिया है। इंडिगो ने भी पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अस्थायी निलंबन को दो मार्च रात 11 बजकर 59 मिनट तक बढ़ाने की घोषणा की है। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह एयरलाइनों, हवाईअड्डा संचालकों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है ताकि स्थिति पर निकटता से नजर रखी जा सके और यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। विमानन कंपनियों ने उड़ानों के पुनर्निर्धारण और रद्द होने पर शुल्क में छूट की भी घोषणा की है।एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि 28 फरवरी तक की गई पांच मार्च तक निर्धारित उड़ानों की बुकिंग के लिए यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी उड़ान पुनर्निर्धारित कर सकते हैं या पूर्ण धन वापसी का अनुरोध कर सकते हैं। यह सुविधा पश्चिम एशिया से आने-जाने वाली यात्राओं पर लागू होगी। रविवार को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (दिल्ली) और छत्रपति शिवाजी महाराज हवाईअड्डे (मुंबई) पर कम से कम 225 उड़ानें (आगमन और प्रस्थान सहित) रद्द की गईं।
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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को विदेशी नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। ताजा हालात की वजह से यात्रा योजनाओं में रुकावट से प्रभावित लोगों से वीजा एक्सटेंशन या रेगुलराइजेशन के लिए नजदीकी फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) से संपर्क करने के लिए कहा गया। एडवाइजरी में कहा गया, “भारत में सभी विदेशी नागरिक, जिन्हें वेस्ट एशिया इलाके में चल रही घटनाओं की वजह से अपने ट्रैवल प्लान बदलने पड़े हैं और जिन्हें अपने वीजा को बढ़ाने या अपने स्टे को रेगुलर करने में मदद चाहिए, उनसे रिक्वेस्ट है कि वे सबसे पास के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) से संपर्क करें। संबंधित एफआरआरओ जरूरी औपचारिकताओं में मदद करेगा।”
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब हाल के सैन्य स्ट्राइक और बढ़ते तनाव के बाद मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक स्थिति अस्थिर बनी हुई है, जिससे कई विजिटर्स और निवासियों के लिए इंटरनेशनल ट्रैवल और वीजा अरेंजमेंट्स पर असर पड़ा है।भारत भी इस इलाके में अपने नागरिकों के लिए अलग से सेफ्टी और ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर रहा है। ईरान पर यूएस-इजरायल के स्ट्राइक के जवाब में, तेल अवीव में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों से बहुत सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने, तय शेल्टर के पास रहने और इलाके की सुरक्षा स्थिति के बदलने पर स्थानीय न्यूज और आधिकारिक चैनलों से जानकारी लेते रहने की अपील की है।दूतावास ने इमरजेंसी मदद के लिए 24/7 हेल्पलाइन भी जारी की है। ईरान में भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जहां तक हो सके घर के अंदर रहें और गैर-जरूरी मूवमेंट से बचें।वहीं अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी में लिखा, “इलाके के मौजूदा हालात को देखते हुए, यूनाइटेड अरब अमीरात में सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें, पूरा ध्यान रखें, सतर्क रहें और यूएई अधिकारियों और दूतावास द्वारा जारी किए जाने वाले सुरक्षा गाइडलाइंस और एडवाइजरी का पालन करें।”भारतीय दूतावास ने लिखा, “अबू धाबी में भारतीय दूतावास और दुबई में कॉन्सुलेट जनरल सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करेंगे। किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए, यूएई में भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं, टोल फ्री नंबर 800-46342 और व्हाट्सएप नंबर +971543090571।”सीरिया में भारतीय दूतावास ने लिखा कि किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए, सीरिया में भारतीय नागरिक इस नंबर +963-993385973 पर संपर्क कर सकते हैं।इराक में भारतीय दूतावास ने लिखा कि बगदाद में भारतीय दूतावास और एरबिल में भारत का कॉन्सुलेट जनरल सामान्य तरीके से काम कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी करेगा। किसी भी इमरजेंसी सवाल के लिए बगदाद में भारतीय नागरिक इन नंबरों, +964 771 651 1185 (इंग्लिश और हिंदी) और +964 770444 4899 (अरबी), पर संपर्क कर सकते हैं।कतर में भारतीय दूतावास ने कहा कि हमारी एम्बेसी पहले की तरह काम कर रही है। एम्बेसी का 24×7 हेल्पलाइन नंबर 00974-55647502 है और किसी भी सवाल के लिए ईमेल सीओएनएसडॉटएटदीरेटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन है।फिलिस्तीन में भारतीय दूतावास ने कहा कि इमरजेंसी में, कृपया हमसे +970592916418 या आरईपीओएफएफआईसीएटदरेटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन पर संपर्क करें। हम आगे किसी भी मार्गदर्शन के लिए आपकी मदद के लिए तैयार हैं।सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर साझा किया गया है। रियाद में भारतीय एम्बेसी के इमरजेंसी संपर्क 24×7 हेल्पलाइन नंबर 00-966-11-4884697, 00-966-542126748 (सिर्फ व्हाट्सएप), 800 247 1234 (टोल-फ्री) और ईमेल: लीडब्ल्यूडॉटरियादएटदरेटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन पर संपर्क करने के लिए कहा है। -
काकिनाडा. आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगालापुडी अनीता ने कहा कि शनिवार को काकिनाडा जिले में एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए विस्फोट में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। गृह मंत्री ने आशंका जताई कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि कई लोगों को गंभीर स्थिति में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अनीता ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर दुख व्यक्त किया।
नायडू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''काकिनाडा जिले के वेत्लापलेम गांव में पटाखा निर्माण इकाई में विस्फोट की घटना में कई लोगों की मौत बेहद दुखद है।" नायडू ने कहा कि उन्होंने दुर्घटना के संबंध में अधिकारियों से बात की और उन्हें पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ''हम बचाव प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों की सहायता करेंगे।''
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विस्फोट के समय पटाखा बनाने वाली इकाई में लगभग 20 लोग काम कर रहे थे। नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों को दुर्घटनास्थल का दौरा करने का निर्देश दिया। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(पीएमजीकेएवाई) तथा भारत सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत चावल के फोर्टिफिकेशन के क्रियान्वयन की समीक्षा की है। इस समीक्षा के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि लाभार्थियों तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए कोई दूसरा तरीका मिलने तक पीएमजीकेएवाई और संबद्ध योजनाओं के तहत चावल के फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
दरअसल, सरकार ने आईआईटी खड़गपुर को देश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में वास्तविक भंडारण परिस्थितियों के तहत फोर्टिफाइड राइस कर्नेल(एफआरके) और फोर्टिफाइड राइस(एफआर) की शेल्फ लाइफ का आकलन करने हेतु एक अध्ययन सौंपा गया था।रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि नमी की मात्रा, भंडारण की परिस्थितियां, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता तथा पैकेजिंग सामग्री जैसे कारक एफआरके और एफआर की स्थिरता एवं शेल्फ लाइफ को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक भंडारण और नियमित हैंडलिंग के दौरान इनमें सूक्ष्म पोषक तत्वों में कमी आने तथा शेल्फ लाइफ घटने की आशंका रहती है। यह कमी अपेक्षित शेल्फ लाइफ को वास्तविकता में कम कर रही है और परिणामस्वरूप निर्धारित पोषण संबंधी लक्ष्यों की प्राप्ति सीमित हो रही है। खरीद की मात्रा और वार्षिक उठान को देखते हुए, चावल सामान्यतः दो से तीन वर्ष तक भंडारण में रहता है।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना(पीएमजीकेएवाई) तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 372 एलएमटी के वार्षिक आवंटन के मुकाबले, केंद्रीय पूल में कुल उपलब्धता 674 एलएमटी रहने का अनुमान है, जिसमें केएमएस 2025–26 से प्राप्त होने वाली मात्रा भी शामिल है।इन निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि जब तक पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए कोई अधिक सुदृढ़ और प्रभावी तंत्र विकसित कर उसे क्रियान्वित नहीं किया जाता, तब तक चावल के फोर्टिफिकेशन को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा।आपको बता दें, फोर्टिफिकेशन प्रक्रिया को अस्थायी रूप से बंद करने के इस निर्णय से खाद्यान्न की पात्रता में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी और इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली(पीडीएस), एकीकृत बाल विकास सेवाएं(आईसीडीएस) या मिड-डे मील योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।केएमएस 2025–26(खरीफ फसल) तथा केएमएस 2024–25 से लंबित प्राप्तियों के लिए, एक संक्रमणकालीन व्यवस्था के रूप में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परिचालन और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, अपने विवेक से फोर्टिफाइड चावल या गैर-फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करने की फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान की गई है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेशनल साइंस डे पर कहा कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है तो संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है, तो जब ज्ञान और विज्ञान से हमारा परिचय होता है, तो संसार की सभी समस्याओं और संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है। उन्होंने कहा कि समाधान का, विकास का और नवाचार का आधार विज्ञान ही है।
प्रधानमंत्री मोदी एक्स पोस्ट आगे लिखा कि नेशनल साइंस डे पर हम रिसर्च, इनोवेशन और साइंटिफिक जिज्ञासा की भावना का जश्न मनाते हैं जो हमारे देश को आगे बढ़ाती है। यह दिन सर सीवी रमन की रमन इफ़ेक्ट की अहम खोज की याद में मनाया जाता है। इस खोज ने भारतीय रिसर्च को दुनिया भर में मजबूती से जगह दिलाई। हम अपने युवाओं को मजबूत बनाने, रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने और देश के विकास और दुनिया की भलाई के लिए साइंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का अपना इरादा दोहराते हैं।वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पोस्ट में लिखा, “राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की ऐतिहासिक खोज ने भारत को वैज्ञानिक गौरव की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। डॉ. सी. वी. रमन की यह उपलब्धि भारतीय प्रतिभा, शोध और नवाचार की वैश्विक पहचान बनी।”आज भारत अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर हरित ऊर्जा, जैव-प्रौद्योगिकी और डिजिटल नवाचार तक विश्व समुदाय में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। चंद्रयान और गगनयान जैसे अभियानों से लेकर सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं तक, भारतीय विज्ञान वैश्विक समाधान प्रस्तुत कर रहा है। विज्ञान हमारे आत्मनिर्भर भारत का प्रेरक बल है। यह दिवस हमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान और नवाचार को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश देता है। राष्ट्र निर्माण में समर्पित सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को साधुवाद, जिनकी प्रतिभा और परिश्रम भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।”विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर, हमारे साइंटिस्ट और इनोवेटर्स को बधाई, जिनकी लगन और मेहनत ज्ञान की सीमाओं को लगातार बढ़ा रही है। एआई, स्पेस, डिफेंस और आईटी से लेकर हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और रिन्यूएबल एनर्जी तक, आपकी कामयाबियां भारत के युवाओं को प्रेरित कर रही हैं, हमारी इकॉनमी को मजबूत कर रही हैं, नेशनल सिक्योरिटी को बढ़ा रही हैं और ज़िंदगी को बेहतर बना रही हैं। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को राजस्थान के अजमेर से सर्विकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 5 लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीका लगाया गया। इस अभियान का लक्ष्य हर साल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 14 साल की लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को टीका लगाना है। टीका तय सरकारी हेल्थ सेंटर पर मुफ्त में दी जाएगी।
एचपीवी टीकाकरण के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है। इसी कड़ी में अजमेर से राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत के साथ कई परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास और युवाओं को नियुक्ति पत्रों के वितरण का सौभाग्य मिला है।”उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।पीएम मोदी ने कहा, “हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से भाजपा सरकार में महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।”प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा और अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थी, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थी, इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। उन्होंने कहा, “हमारे लिए ये बहन-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए इनका मिशन मोड़ पर समाधान किया।”उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई। मां को पोषक आहार मिले, इसके 5 हजार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरू की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा कि ये नहीं चलेगा और इसलिए उज्ज्वला गैस योजना बनी। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार सत्ताभाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है। ( -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार, 28 फरवरी 2026 को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी की नई सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम दोपहर करीब 3:45 बजे शुरू होगा, जहां पीएम मोदी उद्घाटन के बाद मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे।
यह उद्घाटन भारत की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यात्रा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। साणंद ATMP फैसिलिटी से पहली बार मेड-इन-इंडिया सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल का कमर्शियल प्रोडक्शन और शिपमेंट शुरू हो जाएगा। इससे ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत की स्थिति और मजबूत होगी।प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:–प्रोजेक्ट का शिलान्यास सितंबर 2023 में हुआ था।–यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत मंजूर पहला प्रस्ताव था।–कुल निवेश: ₹22,500 करोड़ से अधिक।–प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ, जो सरकार की –स्ट्रेटेजिक सेमीकंडक्टर निवेश को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।फैसिलिटी की खासियतें:–पूरी तरह तैयार होने पर लगभग 5 लाख स्कवायर फीट का क्लीनरूम स्पेस होगा।–दुनिया के सबसे बड़े रेज्ड-फ्लोर क्लीनरूम में से एक होगा।–फैसिलिटी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग और –बढ़ती मेमोरी/स्टोरेज डिमांड को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है।–यह माइक्रोन के ग्लोबल नेटवर्क से एडवांस्ड डायनामिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (DRAM) और NAND सेमीकंडक्टर वेफर्स को तैयार मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट्स में कन्वर्ट करेगी, जो पूरी दुनिया के ग्राहकों को सप्लाई की जाएंगी। यह फैसिलिटी भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के विजन से पूरी तरह मेल खाता है। उद्घाटन के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी, जिसमें मसौदा सूची के सभी 7.08 करोड़ नाम शामिल होंगे, लेकिन उन्हें तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इन श्रेणियों में अनुमोदित, हटाए गए और विचाराधीन/निर्णय के अधीन नाम शामिल होंगे।
अधिकारी ने बताया कि उच्चतम न्यायलय के निर्देशों के अनुपालन में प्रकाशित की जा रही मतदाता सूची अंतिम सूची नहीं होगी, क्योंकि तार्किक विसंगति के मामलों की जांच और निपटारे की प्रक्रिया जारी रहने के साथ-साथ पूरक सूचियां चरणबद्ध तरीके से जारी की जाती रहेंगी। सूत्रों के अनुसार, सूचियों में एसआईआर के तहत किए गए बदलाव देखे जा सकेंगे।आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम "निर्णय प्रक्रियाधीन" के रूप में चिह्नित हैं, उन्हें तब तक मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक उनके मामलों का निपटारा नहीं हो जाता और उन्हें औपचारिक रूप से अनुमोदित नहीं कर दिया जाता। निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा कि मंजूरी मिलने और बाद की पूरक सूची में शामिल किए जाने के बाद ही उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त होगा। -
कोरापुट. ओडिशा के कोरापुट जिले के एक जंगल में बृहस्पतिवार को करीब 225 करोड़ रुपये मूल्य का हशीश तेल बरामद किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित वर्मा के नेतृत्व में एक टीम ने आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे झोलापुट जंगल में एक विनिर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। पुलिस उपमहानिरीक्षक (दक्षिण-पश्चिमी रेंज) कंवर विशाल सिंह ने बताया, ''छापेमारी के दौरान, गांजे से निकाला गया 1,800 लीटर से अधिक हशीश तेल बरामद किया गया। जब्त किए गए प्रतिबंधित तेल का बाजार मूल्य करीब 225 करोड़ रुपये है।'' उन्होंने कहा कि आरोपी वहां से भाग गए और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि गांजे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण तस्करों ने अपने तौर-तरीके बदल दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांजा भारी होता है और परिवहन के दौरान आसानी से पकड़ा जा सकता है, इसलिए तस्कर इसे हशीश तेल में बदल रहे हैं, जिसे कम मात्रा में ले जाया जा सकता है और इसमें अधिक मुनाफा मिलता है। पुलिस ने बताया कि एक अलग अभियान में, नंदपुर पुलिस थाना क्षेत्र में दो वाहनों से करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य का 1,143 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। -
नयी दिल्ली. विमान यात्री अब बुकिंग के 48 घंटों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के हवाई टिकट रद्द या उसमें बदलाव करा सकते हैं। हालांकि, यह कुछ शर्तों पर निर्भर करेगा। नागर विमानन नियामक डीजीसीए ने इसको लेकर टिकट किराया वापसी नियमों में संशोधन किया है। हालांकि, यह सुविधा उन घरेलू उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं होगी जिनकी प्रस्थान तिथि बुकिंग की तारीख से सात दिन से कम और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में 15 दिन से कम है। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने नियमों में संशोधन करते हुए यह भी कहा कि यदि यात्री, बुकिंग के 24 घंटों के भीतर नाम में किसी प्रकार की गलती को बताता है और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के माध्यम से बुक किया गया है, तो एयरलाइन कंपनियों को उसी व्यक्ति के नाम पर सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए। संशोधित नियम 26 मार्च से प्रभावी होंगे।
डीजीसीए ने कहा, ''ट्रैवल एजेंट/पोर्टल के माध्यम से टिकट खरीदने की स्थिति में, पैसे वापसी की जिम्मेदारी एयरलाइन कंपनियों की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पैसे वापस करने की प्रक्रिया 14 कार्य दिवसों के भीतर पूरी हो जाए।'' इसके अलावा, चिकित्सा आपात स्थिति के कारण यात्रियों के टिकट रद्द करने के नियमों में भी बदलाव किये गये हैं। समय पर रिफंड न मिलने की यात्रियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए हवाई टिकट वापसी के लिए नागर विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) में संशोधन किये गये हैं। दिसंबर, 2025 में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के दौरान भी टिकट वापसी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उस समय नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर रिफंड करने का निर्देश दिया था। संशोधित नियम 24 फरवरी को जारी किए गए थे।
अब एयरलाइन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों को टिकट बुक करने के बाद 48 घंटे की अवधि के लिए 'लुक इन' यानी उसे अद्यतन करने का विकल्प प्रदान करें। नियामक ने कहा, ''इस अवधि के दौरान यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या संशोधित करा सकते हैं। लेकिन जिस संशोधित उड़ान के लिए टिकट लेना चाहते हैं, उसके लिए जो भी किराया बनता है यानी किराये में जो अंतर है, वह देना होगा। नियामक ने कहा, ''जब टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के माध्यम से बुक किया जाता है, यह सुविधा उन उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं होगी जिनकी प्रस्थान तिथि घरेलू उड़ानों के मामलों में बुकिंग की तारीख से सात दिन से कम और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 15 दिन से कम है।'' बुकिंग समय के 48 घंटे बाद, यह विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और यात्री को संशोधन के लिए टिकट रद्द कराने को लेकर संबंधित शुल्क का भुगतान करना होगा। डीजीसीए ने यह भी कहा है कि यदि यात्री द्वारा टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर नाम में किसी तरह की गलती बताई जाती है और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया जाता है, तो उसी व्यक्ति के नाम में सुधार के लिए एयरलाइन को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए। नियामक के अनुसार, चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद्द होने की स्थिति में एयरलाइन कंपनी पैसा वापस कर सकती है या 'क्रेडिट' विकल्प प्रदान कर सकती हैं। इसके तहत यदि यात्री या उसी पीएनआर में सूचीबद्ध परिवार का कोई सदस्य यात्रा के दौरान अस्पताल में भर्ती होता है, तो यह नियम लागू होगा। डीजीसीए ने कहा, ''अन्य सभी परिस्थितियों में, यात्री की यात्रा के लिए 'फिटनेस' को लेकर एयरलाइन के एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ/डीजीसीए के पैनल में शामिल एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ से प्राप्त होने के बाद पैसे वापस किये जाएंगे। डीजीसीए ने पिछले साल अक्टूबर में टिकट किराया रिफंड से संबंधित संशोधित सीएआर के मसौदे पर संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे थे। अनुसूचित विमानन कंपनियों को दिसंबर, 2025 में यात्रियों से संबंधित कुल 29,212 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7.5 प्रतिशत 'रिफंड' से संबंधित थीं। -
मथुरा (उप्र). फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण के चलते ब्रज में होली पूजन एवं होलिका दहन का पर्व तीन मार्च के स्थान पर दो मार्च को ही मनाया जाएगा। लेकिन धूलेंड़ी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (चार मार्च) के अवसर पर ही मनाई जाएगी। देशभर में इस वर्ष होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस है। लेकिन ब्रज में कमोबेश सभी प्रमुख मनीषियों एवं ज्योतिषियों द्वारा यह तय हो चुका है कि तीन मार्च को चंद्रग्रहण लगने के कारण दो मार्च को ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है। उनका कहना है कि चूंकि पूर्णिमा पर तो मुहूर्त के समय प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, इसलिए तब होलिका दहन शुभ नहीं होगा। मथुरा की प्रमुख होलिकोत्सव आयोजन समिति के संस्थापक एवं महामंत्री मदन मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि उनके यहां होलिका पूजन करने वाले श्री कार्ष्णि उदासीन आश्रम, रमण रेती, महावन के महामण्डलेश्वर कार्ष्णि गुरुशरणानन्द स्वामी के मुताबिक तीन मार्च को शाम 6.47 बजे तक ग्रहण रहेगा और इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया है कि चूंकि होलिका दहन प्रतिपदा में नहीं हो सकता, इसलिए दो मार्च को ही किया जाएगा तथा रंगों की होली चार मार्च को खेली जाएगी। पहले ऐसा माना जा रहा था कि आम वर्षों की भांति होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा (तीन मार्च) को ही किया जाएगा। दूसरी ओर, ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार भी चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन का शुभ समय दो मार्च को शाम 7.30 बजे बन रहा है, जबकि तीन मार्च को ग्रहण समाप्त होते-होते पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी और प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी, ऐसे में शास्त्र अनुसार प्रतिपदा में होलिका दहन नहीं होता है।
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नयी दिल्ली. भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच अगले सप्ताह होने वाली वार्ता दोनों देशों के बीच भविष्योन्मुखी साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। कार्नी शुक्रवार से भारत की चार दिवसीय पर आएंगे, जो प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भारत की पहली यात्रा होगी। इस यात्रा का उद्देश्य मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को नयी गति प्रदान करना है। वर्ष 2023 में कनाडा में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या को लेकर हुए राजनयिक विवाद के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गंभीर तनाव आ गया था। कनाडा के प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव मुंबई होगा, जहां वह विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे और शीर्ष भारतीय एवं कनाडाई कॉरपोरेट नेताओं, वित्तीय विशेषज्ञों और नवोन्मेषकों के साथ बातचीत करेंगे। कार्नी रविवार को नयी दिल्ली पहुंचेंगे और दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच सोमवार को व्यापक वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हासिल की गई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जो पिछले साल जून में कनानास्किस और पिछले साल नवंबर में जोहानिसबर्ग में हुई उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी। मंत्रालय ने कहा, ''यह दौरा सामान्य होते भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण चरण पर हो रहा है।'' विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ''दोनों देशों के प्रधानमंत्री पहले ही एक रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त कर चुके हैं, जो एक-दूसरे की चिंताओं और संवेदनशील मुद्दों पर पारस्परिक सम्मान, मजबूत जन-संबंधों और बढ़ती आर्थिक परस्पर पूरकता पर आधारित होगी।'' बयान के अनुसार, ''दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली यह आगामी बैठक भारत तथा कनाडा के मध्य एक दूरदर्शी साझेदारी के निर्माण में सकारात्मक प्रगति तथा साझा दृष्टिकोण की पुष्टि करने का अवसर प्रदान करेगी।''
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही वे इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले नेता बन गए हैं।
2014 में इंस्टाग्राम से जुड़ने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एक दशक में अपने अकाउंट को दुनिया के नेताओं के बीच सबसे अधिक सक्रिय और सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले प्लेटफॉर्म में शामिल किया है। उनकी डिजिटल मौजूदगी लगातार बढ़ी है, जो भारत और विदेश दोनों जगह लोगों से जुड़ने की उनकी रणनीति को दर्शाती है। इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स के मामले में पीएम मोदी अन्य वैश्विक नेताओं से काफी आगे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो के 15 मिलियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के 14.4 मिलियन, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के 11.6 मिलियन और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के 6.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी के 106.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जबकि फेसबुक पर उनके 54 मिलियन फॉलोअर्स हैं। ये आंकड़े उनकी व्यापक वैश्विक पहुंच और मजबूत जनसंपर्क को दर्शाते हैं।भारत में इंस्टाग्राम पर अन्य नेताओं की तुलना में प्रधानमंत्री मोदी काफी आगे हैं। दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जिनके लगभग 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लगभग 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं।दिसंबर 2025 तक वैश्विक नेताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे अधिक अप्रूवल रेटिंग हासिल की। स्टेटिस्टा के अनुसार उनकी अप्रूवल रेटिंग 70% रही। अमेरिकी बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म Morning Consult के 2 से 8 फरवरी के बीच जुटाए गए आंकड़ों में भी वे 67% अप्रूवल रेटिंग के साथ शीर्ष पर रहे। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को जमशेदपुर के कदमा (मरीन ड्राइव) में प्रस्तावित श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया। उन्होंने इस अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा, ”भगवान जगन्नाथ की कृपा पूरी मानवता पर बिना किसी भेदभाव के समान रूप से बरसती है।”
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष से की और कहा कि महाप्रभु का दरबार भेदभाव से परे है। यहां जाति, वर्ग या ऊंच-नीच का कोई स्थान नहीं। उन्होंने लोक प्रचलित उक्ति ‘जगन्नाथ के भात, जगत पसारे हाथ’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा साझा जीवन-मूल्यों और सामूहिकता की प्रतीक है, जहां सभी एक साथ महाप्रसाद ग्रहण कर समरसता का अनुभव करते हैं। मंदिर निर्माण के भूमिपूजन के समय को उन्होंने ईश्वरीय संयोग बताया।उन्होंने कहा कि जैसे रथयात्रा में प्रभु अपनी इच्छा से नंदीघोष रथ पर विराजमान होते हैं, उसी प्रकार इस शिलान्यास का भी यही उचित समय था। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र सामाजिक जागरण का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब नीलांचल के प्रभु का आशीर्वाद जमशेदपुर की धरती पर भी स्थायी रूप से स्थापित होगा।झारखंड की पूर्व राज्यपाल रहीं राष्ट्रपति ने जगन्नाथ संस्कृति को जनजातीय और गैर-जनजातीय परंपराओं के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बताया। सबर जनजाति के राजा विश्वावसु और ब्राह्मण विद्यापति की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने सामाजिक एकात्मता की विरासत को रेखांकित किया।उन्होंने कहा कि लकड़ी के देवता के रूप में भगवान जगन्नाथ प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण-सम्मत जीवन शैली का संदेश देते हैं, जो आदिवासी समाज की मूल चेतना से जुड़ा है। मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।ट्रस्ट अध्यक्ष एस.के. बेहरा के अनुसार, करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से ढाई एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में मुख्य मंदिर डेढ़ एकड़ और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र एक एकड़ में बनाया जाएगा। मंदिर की वास्तु-शैली श्री जगन्नाथ मंदिर पुरी से प्रेरित होगी। 4 वर्षों में मंदिर और दो वर्षों में आध्यात्मिक केंद्र पूरा करने का लक्ष्य है। यहां गीता, भागवत जैसे ग्रंथों के अध्ययन के माध्यम से युवाओं में नैतिकता, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करने की योजना है।( - नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 27 फरवरी को प्रातः लगभग 11:30 बजे “विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त” विषय पर आयोजित बजट पश्चात वेबिनार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे। इस वेबिनार में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने, अवसंरचना विकास, बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, वित्तीय क्षेत्र की संरचना को सुदृढ़ करने, पूंजी बाजारों को मजबूत बनाने तथा कर सुधारों के माध्यम से नागरिकों के जीवनयापन को अधिक सरल और सुगम बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।यह वेबिनार केंद्रीय बजट 2026-27 से उभरने वाले प्रमुख विषयों पर आयोजित किये जा रहे बजट पश्चात वेबिनारों की श्रृंखला में पहला है। इन वेबिनारों का उद्देश्य पिछले अनुभवों से सीख लेना और प्रतिभागियों से संरचित प्रतिक्रिया प्राप्त करना है ताकि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट घोषणाओं के परिणामोन्मुखी कार्यान्वयन को सुदृढ़ और सुनिश्चित किया जा सके, जिसमें विभिन्न हितधारकों के व्यावहारिक अनुभव और अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया जा सके। इनमें उद्योग, वित्तीय संस्थानों, बाजार प्रतिभागियों, सरकार, उद्योग नियामकों और शिक्षा जगत के हितधारकों को एक साथ लाया जाएगा ताकि प्रमुख बजट घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन मार्गों पर विचार-विमर्श किया जा सके।
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नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यदि बंगाल विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होते हैं, तो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की लगभग 2500 कंपनियों की आवश्यकता होगी। एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कोलकाता स्थित कार्यालय से नई दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय को भेजा गया है, हालांकि सीईओ ने यह कहा था कि इस मामले में अंतिम निर्णय आयोग की ओर से लिया जाएगा।
आयोग के एक सूत्र ने बताया, “एकल चरण के चुनाव की सिफारिश के आधार पर, आयोग ने उस स्थिति में सीएपीएफ की आवश्यकता का प्रारंभिक आकलन किया था और अनुमान लगाया था कि एकल चरण में 2,500 कंपनियों की आवश्यकता होगी। अब, आयोग केंद्रीय गृह मंत्री से इस मामले पर चर्चा कर सकता है कि क्या सीएपीएफ की उन 2,500 कंपनियों की व्यवस्था की जा सकती है या नहीं और परिणाम के आधार पर चरणों की संख्या तय की जाएगी।”हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि यदि एक चरण का चुनाव संभव नहीं भी है, तो इस बार चरणों की संख्या पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ चुनावों की तुलना में काफी कम होगी। 2024 के लोकसभा चुनाव, जो राज्य में आखिरी बड़ा चुनाव था। उस दौरान सीएपीएफ की 1,099 कंपनियों को तैनात किया गया था। 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी दो चरणों में मतदान हुआ था और उस दौरान सीएपीएफ की 725 कंपनियों को तैनात किया गया था। पश्चिम बंगाल में आखिरी बार एक चरण में मतदान 2001 के राज्य विधानसभा चुनावों में हुआ था। पश्चिम बंगाल में एक ही चरण में चुनाव होने की संभावना के अपने फायदे और नुकसान दोनों होंगे। सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने कहा, “इसका फायदा यह है कि राजनीतिक दल अपने समर्थकों को एक इलाके से दूसरे इलाके में जुटाने में सक्षम नहीं होंगे और इस तरह मतदान के दिन या उससे एक दिन पहले बाहरी लोगों को जुटाने की पारंपरिक शिकायत का समाधान नहीं कर पाएंगे, जिससे मतदाताओं को डराया जा सके।” -
नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “इंसानियत को कभी भी लड़ाई की वजह से तकलीफ नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने ग्लोबल स्टेबिलिटी की जरूरत पर जोर दिया। PM मोदी ने गाजा शांति पहल के लिए भारत का सपोर्ट भी जताया और इसे इलाके में पक्की और सही शांति की तरफ एक कदम बताया।
PM मोदी ने गाजा में चल रहे हालात पर भारत के रुख़ के बारे में डिटेल में बताया, और कहा कि “गाज़ा पीस प्लान के जरिए शांति का रास्ता बनाया गया है” और ऐसी डिप्लोमैटिक कोशिशों के लिए भारत के कमिटमेंट को फिर से पक्का किया। PM मोदी ने कहा, “भारत का विज़न साफ़ है कि इंसानियत को कभी भी लड़ाई का शिकार नहीं बनना चाहिए। गाज़ा पीस प्लान ने शांति का रास्ता खोला है। भारत ने ऐसी कोशिशों का सपोर्ट किया है। भविष्य में भी, भारत सभी देशों के साथ कोऑपरेट करता रहेगा और बातचीत करता रहेगा।”पीएम ने ग्लोबल सिक्योरिटी चुनौतियों का सामना करने में नई दिल्ली और यरुशलम के बीच साझा इरादे पर भी ज़ोर दिया और कहा कि दोनों देश कट्टरपंथ के खतरे के खिलाफ एकजुट हैं। PM मोदी ने कहा, “भारत और इजरायल इस बात पर साफ हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। आतंकवाद को किसी भी रूप में मंज़ूर नहीं किया जा सकता। हम आतंकवाद और उसके सपोर्टर्स के खिलाफ लड़ते रहेंगे।”US के नेतृत्व वाले गाजा पीस इनिशिएटिव के लिए अपना सपोर्ट दोहराते हुए, PM मोदी ने बुधवार को नेसेट में अपने भाषण को याद किया, जहां उन्होंने इस प्रस्ताव को मिडिल ईस्ट के लिए “न्यायसंगत और टिकाऊ शांति” की ओर एक “रास्ता” बताया था।“गाज़ा पीस इनिशिएटिव, जिसे UN सिक्योरिटी काउंसिल ने मंज़ूरी दी थी, एक रास्ता देता है। भारत ने इस इनिशिएटिव के लिए अपना पक्का सपोर्ट जताया है। हमारा मानना है कि इसमें इस इलाके के सभी लोगों के लिए न्यायसंगत और टिकाऊ शांति का वादा है, जिसमें फ़िलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है… हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है,” PM मोदी ने कहा। 2017 में अपनी ऐतिहासिक पहली यात्रा के बाद, यह PM मोदी का अपने कार्यकाल में इजराइल का दूसरा दौरा है।









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