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गडचिरोली . महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में मंगलवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन नक्सलियों पर 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने बताया कि पुलिस को सोमवार दोपहर को सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के बीच विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के मकसद से प्राणहिता नदी पार कर पड़ोसी तेलंगाना से गडचिरोली में आए हैं। गडचिरोली पुलिस की विशेष लड़ाकू इकाई ‘सी-60' के कई दलों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के त्वरित कार्रवाई दल को इलाके में तलाशी के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब ‘सी-60' इकाई का एक दल रेपनपल्ली के समीप कोलामार्का पहाड़ी क्षेत्र में मंगलवार सुबह तलाशी अभियान चला रहा था तो नक्सलियों ने उस पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद इलाके की तलाशी ली गयी और चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि इन चारों नक्सलियों पर 36 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी ने बताया कि उनके पास से एक एके-47 बंदूक, एक कार्बाइन, दो देसी पिस्तौल, नक्सली साहित्य तथा अन्य सामान भी बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि मृतक नक्सलियों की पहचान वर्गीज, मागतू, कुरसांग राजू और कुदिमेत्ता वेंकटेश के रूप में की गयी है। -
नयी दिल्ली. बिहार का बेगूसराय दुनिया का सबसे प्रदूषित महानगर क्षेत्र बन गया है जबकि दिल्ली को सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाले राजधानी शहर के रूप में दर्ज किया गया है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। स्विट्जरलैंड के संगठन ‘आईक्यूएयर' की विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2023 के अनुसार, औसतन वार्षिक 54.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा। उससे पहले बांग्लादेश (79.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और पाकिस्तान (73.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) रहे। भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था। पीएम2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर' कहा जाता है। ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले श्वसन तंत्र तक पहुंच जाते हैं। बेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था। दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है। पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं।
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नयी दिल्ली. देश में 1951 में हुए पहले लोकसभा चुनाव से लेकर गत आम चुनाव तक 71 हजार से ज्यादा प्रत्याशी कुल पड़े मतों का कम से कम छठा हिस्सा भी हासिल नहीं करने की वजह से अपनी ज़मानत जब्त करवा चुके हैं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के विश्लेषण से यह जानकारी मिली है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में 86 प्रतिशत उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हो गई थी।
निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत, जो उम्मीदवार कुल पड़े वैध मतों का छठा हिस्सा हासिल करने में विफल रहते हैं, उनकी ज़मानत राशि को जब्त कर लिया जाता है और राजकोष में जमा करा दिया जाता है। पहले लोकसभा चुनाव से लेकर 2019 के आम चुनाव तक 91,160 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आज़माई थी जिनमें से 71,246 प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हो गई थी। यह आंकड़ा कुल उम्मीदवारों का 75 प्रतिशत है। साल 1951 में ज़मानत राशि सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपये और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एससी) उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये थी जो सामान्य श्रेणी और एससी/एसटी वर्ग के प्रत्याशियों के लिए अब बढ़कर क्रमश: 25 हजार और 12,500 रुपये हो गई है। राजनीतिक विश्लेषक का मानना है कि ज़मानत बचा लेना उम्मीदवारों के लिए गर्व की बात होती है, जबकि ज़मानत जब्त होने को अक्सर अपमानजनक माना जाता है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हुई थी। बसपा ने 383 सीट पर प्रत्याशी उतारे थे जिनमें से 345 की ज़मानत जब्त हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस आती है जिसने 421 सीट पर चुनाव लड़ा था और 148 सीट पर उसके उम्मीदवार अपनी ज़मानत गंवा बैठे थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 51 उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हो गई थी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के 49 में से 41 उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हुई थी। साल 1951-52 में हुआ प्रथम लोकसभा चुनाव लड़ने वाले करीब 40 फीसदी उम्मीदवार अपनी ज़मानत राशि गंवा बैठे थे। वह चुनाव 1874 प्रत्याशियों ने लड़ा था जिनमें से 745 की ज़मानत जब्त हो गई थी। इसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में ज़मानत जब्त कराने वाले उम्मीदवारों की संख्या में इज़ाफा देखने को मिला। 11वीं लोकसभा के लिए 1996 में हुए चुनाव में किस्मत आज़माने वाले 91 प्रतिशत यानी 13,952 में से 12,688 उम्मीदवार अपनी ज़मानत गंवा बैठे थे। इस चुनाव में सबसे अधिक संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। साल 1991-92 के लोकसभा चुनाव में 8749 में से 7539 प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हो गई थी जो 86 फीसदी था। साल 2009 के चुनाव में, 8070 में से 6829 यानी 85 प्रतिशत प्रत्याशियों की ज़मानत जब्त हुई थी। वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में 8251 उम्मीदवारों में से सात हजार की ज़मानत जब्त हो गई थी। यह बताता है कि ज़मानत जब्त होना लोगों की लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा पर प्रतिकूल असर नहीं डालता है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के संस्थापक सदस्य और ट्रस्टी जगदीप एस छोकर ने कहा कि समाज के कुछ वर्गों के लिए अब पैसा कोई अहमियत नहीं रखता है और अमीर तथा गरीब के बीच इतना विभाजन है कि बहुत से लोग बिना किसी ठोस आधार के चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ ज़मानत राशि के जब्त होने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा चुनाव लड़ने का कारण यह है कि लोग इसे वहन कर सकते हैं और ज़मानत गंवाना कोई बड़ी बात नहीं है।” ऐतिहासिक रूप से, राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों ने अपनी ज़मानत राशि बचाने में अच्छा प्रदर्शन किया है। 1951-52 में पहले लोकसभा चुनावों में, राष्ट्रीय दलों के 1,217 उम्मीदवारों में से 28 प्रतिशत या 344 की ज़मानत जब्त हो गई। साल 1957 में हुए अगले चुनावों में इसमें सुधार हुआ जब 919 उम्मीदवारों में से सिर्फ 130 या 14 प्रतिशत उम्मीदवारों की ज़मानत जब्त हुई। वर्ष 1977 के चुनावों में राष्ट्रीय दलों का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला क्योंकि इन दलों के 1,060 उम्मीदवारों में से सिर्फ100 (नौ प्रतिशत) की ज़मानत जब्त हुई थी। साल 2009 का आम चुनाव राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियों के लिए अच्छा नहीं रहा और इन दलों के करीब करीब हर दूसरे उम्मीदवार की ज़मानत जब्त हो गई। उस साल हुए चुनाव में राष्ट्रीय दलों के 1623 में से 779 उम्मीदवार अपनी ज़मानत राशि गंवा बैठे। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध जीसस एंड मैरी कॉलेज के राजनीतिक विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर सुशीला रामास्वामी ने कहा कि भारत में लोगों को राजनीतिक मुद्दों में खासी रूचि रहती है, इसलिए वे चुनावों में अपनी किस्मत आज़माते हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन कई मामलों में देखा गया है कि यह अन्य उम्मीदवारों के वोट काटने के लिए होता है। वे छद्म, निर्दलीय उम्मीदवार होते हैं जिनका समर्थन अन्य दल करते हैं ताकि जीत के अंतर को कम किया जा सके। -
पालक्कड़ (केरल) .लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा केरल पर विशेष ध्यान दिए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के अपने उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए मंगलवार को यहां एक विशाल रोडशो किया।
फूलों से सजे, खुली छत वाले वाहन में खड़े मोदी ने कोट्टामैदान अंचुविलाक्कु से सुबह करीब 10 बजकर 45 मिनट पर रोड शो शुरू किया और उनका काफिला शहर में हेड पोस्ट ऑफिस की ओर बढ़ा। प्रधामनंत्री तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक हेलीकॉप्टर से यहां पहुंचे थे।
खुली छत वाले वाहन में मोदी के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और राजग उम्मीदवार सी. कृष्णकुमार तथा निवेदिता सुब्रमण्यम भी मौजूद थे। कृष्णकुमार पालक्कड़ निर्वाचन क्षेत्र और निवेदिता पोन्नानी सीट से भाजपा के उम्मीदवार हैं।
गर्मी के बावजूद भाजपा समर्थकों समेत हजारों लोग फूल, माला, पार्टी के झंडे, मोदी के पोस्टर और पार्टी की टोपियां पहने एक किलोमीटर के रोड शो में मार्ग के दोनों ओर कतारबद्ध खड़े रहे। रोड शो के इस मार्ग से गुजरने पर सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों को ‘मोदी', ‘भारत माता की जय', ‘मोदीजी स्वागतम' और ‘मोदी की जय' के नारे लगाते हुए सुना गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर पुष्प वर्षा भी की। इस दौरान मोदी भगवा रंग की टोपी पहने हुए दिखायी दिए। भीड़ में मौजूद सभी आयु वर्ग के लोग प्रधानमंत्री के आगमन से कई घंटे पहले ही एकत्रित हो गए थे और उन्होंने रोड शो के मार्ग पर उत्सव जैसा माहौल बना दिया। अपने परिवारों के साथ यहां आए कई लोगों ने टीवी चैनलों को बताया कि वे प्रधानमंत्री मोदी को देखे बगैर नहीं जाएंगे। करीब आधे घंटे चले रोडशो में एक किलोमीटर का सफर तय किया गया जिसके बाद प्रधानमंत्री तुरंत हेलीपेड लौट गए। पालक्कड़ में रोड शो से पहले मोदी ने 15 मार्च को पत्तनमथिट्टा शहर में एक जनसभा की थी जहां उन्होंने दक्षिण केरल के निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रहे राजग के उम्मीदवारों के लिए समर्थन जुटाया था। पत्तनमथिट्टा में लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव में ‘‘केरल में कमल खिलेगा।'' उन्होंने सत्तारूढ़ वामपंथी दल और विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ पर भी निशाना साधा था। पालक्कड़ में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का मत प्रतिशत बढ़ा था। उस समय उसके उम्मीदवार कृष्णकुमार सी को इस सीट पर पड़े कुल मतों के 21.24 प्रतिशत मत मिले थे। यह तीन महीनों में मोदी का केरल का पांचवां दौरा है। वह जनवरी में दो बार, फरवरी में एक बार और फिर 15 मार्च को राज्य के दौरे पर आए थे। -
मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में राधारानी के गांव बरसाना में सोमवार को नंदगांव के हुरियारों और बरसाना की हुरियारिनों ने जमकर लठमार होली खेली और परंपराओं को जीवंत कर दिया। शाम को पांच बजे से दिन छिपने तक करीब एक घंटे चले इस होली युद्ध की समाप्ति तब हुई जब नंदगांव के हुरियार थक कर चूर हो गए और उन्होंने बरसाना की हुरियारिनों की जीत कबूल कर ली। तब हुरियारिनें अगले बरस फिर आने का न्यौता दे यह गाती हुई लौट चलीं कि ‘लला, फिर आइयो खेलन होरी। इसी के साथ वे राधा रानी को जीत की सूचना देने मंदिर की ओर बढ़ चलीं। ज़िलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक मथुरा जिले में राधारानी के गांव बरसाना में सोमवार को द्वापर युग का वह दृश्य पैदा हो गया, जो हजारों वर्ष पूर्व कृष्ण काल में कभी राधा और उनकी सखियों के साथ कन्हैया और उनके ग्वाल—बालों द्वारा होली खेलते समय देखने को मिला होगा। यह मौका था बरसाना में परंपरागत लठमार होली के आयोजन का। सोमवार की दोपहर बरसाना के गोस्वामी समाज के न्यौते पर नंदगांव के हुरियार धोती-कुर्ता पहने और सिर पर साफा बांधे, कमर में फेंटा कसे, हाथों में ढाल और पिचकारियां लिए पूरी तैयारी के साथ बरसाना की पीली पोखर पहुंचे जहां उनका मिष्ठान्न एवं भांग-ठण्डाई के साथ जोरदार स्वागत किया गया। कुछ समय के विश्राम के पश्चात हुरियारों का यह काफिला ‘दरशन दै निकस अटा में ते दरशन दे, श्री राधे वृषभानु दुलारी' पद गाते हुए बरसाना के लाडिलीजी (राधारानी) मंदिर पहुंचा, जहां उन्होंने राधा रानी को नमन कर उनसे होली खेलने की अनुमति मांगी। मंदिर में बरसाना और नंदगांव के हुरियारों ने मिलकर ‘गिरधर के अनुराग सौं रंग बरस रहौ बरसानौं जूं' पद गाते हुए बरसाना के हुरियारों ने पिचकारियों से टेसू के फूलों से निर्मित रंग बरसाना शुरू कर दिया। जिससे नंदगांव के हुरियारे तर—बतर हो गए। मंदिर से होली खेलकर नन्दगांव के हुरियारे रंगीली गली पहुंचे तो वहां उनकी प्रतिक्षा में खड़ी बरसाने की हुरियारिनों ने प्यार भरी गालियां सुनाना प्रारंभ कर दिया। यहां हंसी—ठिठौली के बीच उड़ते रंगों पर प्रेम भरी लाठियां बरसीं। इन लाठियों से नंदगांव के हुरियारे अपनी ढालों की ओट में बचते हुए नजर आए। कुछ ढालों पर गोपियों की लाठियों के वार सहते हुए उछल कूद करते नजर आए। रंगीली गली, फुल गली, सुदामा मार्ग, राधाबाग मार्ग, थाना गली, मुख्य बाजार, बाग मोहल्ला में ढालों पर लाठियों से निकली तड़ातड़ की आवाजें गूंज रहीं थीं। कुल मिलाकर लट्ठमार होली में नारी सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल दिखाई दे रही थी। देश विदेश से आए विभिन्न टीवी चैनल एवं समाचार पत्रों के फोटोग्राफर ही नहीं, आम श्रद्धालु भी इस अनोखे नजारे को अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद करने के लिए बेचैन दिख रहे थे। मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा नंदगांव में देखने को मिलेगा, लेकिन वहां नंदगांव के बजाए बरसाना के हुरियार होंगे, और हुरियारिनें नन्दगांव की होंगी।
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नई दिल्ली। दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी शहर की लिस्ट में देश की कैपिटल सिटी दिल्ली ने एक बार फिर टॉप किया है। यह लगातार चौथी बार है जब प्रदूषण का ताज फिर से दिल्ली के सर पर सजा है। हालांकि, बिहार भी बहुत पीछे नहीं है और राज्य का बेगूसराय दुनिया का सबसे प्रदूषित महानगर क्षेत्र बन गया है। केवल इतना ही नहीं बल्कि दिल्ली ने सबसे खराब वायु क्वालिटी वाले राजधानी शहर के रूप में बाजी मारी है और यह लिस्ट में प्रथम स्थान पर है। एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
134 देशों की लिस्ट में भारत तीसरे नंबर परस्विट्जरलैंड के संगठन ‘आईक्यूएयर’ की वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2023 के अनुसार, एवरेज सालाना 54.4 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की पीएम 2.5 सांद्रता के साथ भारत 2023 में 134 देशों में से तीसरा सबसे खराब वायु गुणवत्ता वाला देश रहा। उससे पहले बांग्लादेश (79.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) और पाकिस्तान (73.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर) रहे।भारत 2022 में औसतन 53.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ आठवां सबसे प्रदूषित देश रहा था। पीएम2.5 को ‘फाइन पार्टिकुलेट मैटर’ कहा जाता है। ये कण 2.5 माइक्रोन या छोटे आकार के होते हैं और ये सांस लेने के दौरान निचले रेस्पिरेटरी सिस्टम तक पहुंच जाते हैं।बेगूसराय वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगरबेगूसराय औसतन 118.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की पीएम2.5 सांद्रता के साथ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रदूषित महानगर दर्ज किया गया है जबकि 2022 की रैंकिंग में इस शहर का नाम भी नहीं था।दिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहरदिल्ली 2018 के बाद से चौथी बार दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी शहर चिह्नित किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा अनुमान है कि भारत में 1.36 अरब लोगों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक की पीएम2.5 सांद्रता का सामना करना पड़ा।डब्ल्यूएचओ के अनुसार, दुनियाभर में हर साल तकरीबन 70 लाख लोगों की वायु प्रदूषण के कारण समय पूर्व मौत हो जाती है। पीएम2.5 वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, कैंसर, आघात और फेफड़ों की बीमारी समेत अनेक बीमारियां हो सकती हैं। -
कोलकाता. निर्वाचन आयोग (ईसी) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल पुलिस से उन लोगों की सूची बनाने को कहा, जिनके खिलाफ पिछले चुनावों के दौरान बूथ कब्जा कर लेने और गलत तरीके से मतदान करने की शिकायतें दर्ज की गई थीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ईसी के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य राज्य में हिंसा मुक्त लोकसभा चुनाव सुनिश्चित करना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताब ने सोमवार को जिलाधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और चुनाव अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने को कहा। एक अधिकारी ने बताया, ''सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई बैठक में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और आदर्श आचार संहिता को लागू किये जाने पर चर्चा हुई। जिन लोगों पर पिछले चुनावों के दौरान कानून तोड़ने के आरोप लगे हैं उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर आयोग अगले 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट चाहता है।'' उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य प्रशासन को अवैध हथियार बरामद करने के लिए अभियान जारी रखने का भी निर्देश दिया। पश्चिम बंगाल में 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। -
नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को आईएएस अधिकारियों से एक दक्ष और डिजिटल प्रशासन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा एनालिटिक्स जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने का आह्वान किया। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी) में 125वें प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले राज्य सिविल सेवा अधिकारियों ने राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात की। आईएएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे ऐसी स्थिति में हैं जहां वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। मुर्मू ने कहा, ‘‘आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी के रूप में, आपको प्रशासनिक कामकाज और सरकार की नीतियों व कार्यक्रमों पर एक अखिल भारतीय दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता है।'' उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल प्रशासन की बदलती दुनिया को अपनाने और उसके अनुसार अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भी कहा। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘आपको एक कुशल और डिजिटल प्रशासन के लिए एआई (कृत्रिम मेधा), ब्लॉकचेन और डेटा एनालिटिक्स जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग करना चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘कम समय में वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए संगठनात्मक, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग आवश्यक है। इसी तरह, समृद्ध और विविध अनुभवों के साथ नए विचारों और नई प्रौद्योगिकियों को आत्मसात करना ऐसे प्रभावशाली परिवर्तन ला सकता है जिसकी किसी ने कल्पना भी न की हो।'' राष्ट्रपति ने कहा कि देश 2047 तक ‘विकसित भारत' के सपने को साकार करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। मुर्मू ने कहा, ‘‘आपकी कार्यशैली और आपके द्वारा लिए गए निर्णय देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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अयोध्या. अयोध्या की पुलिस लाइन में आठ मंजिला इमारत से गिरकर एक यातायात पुलिसकर्मी की मौत हो गयी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसके अनुसार रविवार देर रात अयोध्या की पुलिस लाइन में आठ मंजिला इमारत से गिरकर एक यातायात सिपाही की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक इस पुलिसकर्मी की पहचान यातायात सिपाही और आगरा निवासी देवेन्द्र पाल (38) के रूप में हुई है जिन्हें विशेष ड्यूटी पर अयोध्या में तैनात किया गया था । उनकी मूल तैनाती फिरोजाबाद जिले में थी। अयोध्या शहर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि पुलिस इस घटना के सिलसिले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या देवेंद्र दुर्घटनावश गिरे या आत्महत्या करने के लिए वह कूद गये या किसी ने उन्हें मारने के लिए धक्का दे दिया। उन्होंने बताया कि चूंकि इमारत में कोई सीसीटीवी नहीं लगा है, इसलिए इस इमारत में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। पुलिस के मुताबिक आरक्षी देवेंद्र को 22 जनवरी को राम मंदिर के अभिषेक समारोह के दौरान अयोध्या में ड्यूटी पर तैनात किया गया था और वह रिजर्व पुलिस लाइन में बनी इमारत की आठवीं मंजिल पर रहते थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात परिजन देवेंद्र के मोबाइल पर फोन कर रहे थे, लेकिन फोन नहीं उठा। जब देवेन्द्र के फोन पर बार-बार कॉल करने पर भी जवाब नहीं मिला तो उनके परिजनों ने पुलिस लाइन के अधिकारी को फोन किया। इसके बाद देवेन्द्र की तलाश शुरू हुई। एसओजी टीम ने पुलिस लाइन से लेकर सिविल लाइन तक सभी मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन सिपाही का कोई पता नहीं चला। तलाशी के दौरान रात करीब 11.45 बजे पुलिसकर्मियों ने बिल्डिंग के पास देवेंद्र का शव देखा तो इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई। पुलिस ने अंदेशा जताया है कि सिपाही की मौत आठवीं मंजिल से गिरकर हुई है। घटना की जानकारी परिजनों को फोन पर दे दी गयी।
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नयी दिल्ली. प्रख्यात साहित्यकार प्रभा वर्मा को उनकी मलयाली काव्यकृति ‘रौद्र सात्विकम्' के लिए 2023 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मान प्रदान करने वाली संस्था के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने सोमवार को यह जानकारी दी। फाउंडेशन ने एक विज्ञप्ति में बताया कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए.के. सीकरी की अध्यक्षता वाली 13 सदस्यीय चयन परिषद ने इस सम्मान के लिए ‘रौद्र सात्विकम्' का चयन किया। फाउंडेशन के अनुसार, यह सम्मान प्रतिवर्ष किसी भारतीय नागरिक की ऐसी उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को दिया जाता है, जो भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित किसी भी भारतीय भाषा में सम्मान वर्ष से ठीक पहले की 10 वर्ष की अवधि में प्रकाशित हुई हो। सम्मान के तहत 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ एक प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किया जाता है। फाउंडेशन ने बताया कि पांच क्षेत्रीय भाषा समितियों ने चयन परिषद को पांच साहित्यिक कृतियों के नाम भेजे थे, जिनमें सैयद मोहम्मद अशरफ का उर्दू उपन्यास ‘ आखिरी सवारियां', नगेन साइकिया की असमिया कविता ‘मित भास समग्र', गंगाधर हांसदा का संथाली उपन्यास ‘पोसरा', प्रभा वर्मा की मलयाली काव्यकृति ‘रौद्र सात्विकम्' और हरीश मीनाश्रु की गुजराती कविता ‘बनारस डायरी' शामिल थी। चयन परिषद ने इनमें से ‘रौद्र सात्विकम्' का चयन किया। इस काव्यकृति में राजनीति और सत्ता, व्यक्ति और राज्य, कला और शक्ति के संबंधों में व्याप्त अंतर्विरोधों का एक विशिष्ट शैली में विश्लेषण किया गया है। वर्ष 1991 से दिया जा रहा सरस्वती सम्मान सबसे पहले प्रख्यात साहित्यकार डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन को उनकी कृति ‘दशद्वार से सोपान तक' के लिए दिया गया था। अभी तक यह पुरस्कार जिन प्रमुख भारतीय साहित्यकारों को मिल चुका है, उनमें रमाकांत रथ, विजय तेंदुलकर, शंघघोष, दिलीप कौर टिवाणा, सुनील गंगोपाध्याय, गोविंद मिश्र, पद्मा सचदेव, एम वीरप्पा मोइली, रामदरश मिश्र प्रमुख हैं। प्रभा वर्मा का जन्म 1959 में केरल के तिरुवल नामक कस्बे में हुआ था। इससे पहले उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान समेत विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। वह अंग्रेजी और मलयाली भाषाओं में रचनाएं लिखते हैं। वर्तमान में वह केरल के मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव के रूप में कार्यरत हैं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सरस्वती सम्मान मिलने पर वर्मा को बधाई दी।
खान ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘2023 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान प्राप्त करने के लिए प्रख्यात मलयाली कवि श्री प्रभा वर्मा को हार्दिक शुभकामनाएं। इस पुरस्कार ने कविता के प्रति उनके समर्पण को मान्यता दी है और इससे मलयालय साहित्य को काफी गौरव मिला है। उनका उदात्त कविता कर्म मलयालम एवं भारतीय साहित्य को समृद्ध करता रहे। -
जमशेदपुर. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में सोमवार शाम एक वाहन के पलट जाने से चार लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कार जमशेदपुर से रांची जा रही थी, तभी यहां से करीब 13 किलोमीटर दूर चांडिल पुलिस थाने के अंतर्गत कांदरबेड़ा के पास यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने बताया कि चालक समेत कार में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जांच के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है।
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कोयंबटूर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां रोड शो किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगातार ‘मोदी, मोदी' के नारे लगाए और पारंपरिक संगीत की धुन बजाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने यहां 1998 के सिलसिलेवार बम विस्फोट में मारे गए 58 लोगों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा कार्यक्रम को अनुमति दिए जाने के कुछ दिनों बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच यह रोड शो हुआ। शुरुआत में पुलिस ने क्षेत्र की ‘‘सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील प्रकृति'' एवं जारी परीक्षा सहित अन्य कारणों का हवाला देते हुए रोड शो के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जैसे ही मोदी ने एक खुले वाहन में अपना रोड शो शुरू किया, सड़क के दोनों ओर जमा हुए लोगों ने उन पर फूल बरसाए और उनके समर्थन में नारे लगाए। रोड शो के दौरान कुछ लोग उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री ने कोयंबटूर में रोड शो किया है।
रोड शो के दौरान भाजपा समर्थकों ने ‘‘एक बार फिर मोदी, हम मोदी को चाहते हैं'' जैसे नारे लगाए। सड़कों पर कतार में खड़े कई लोगों ने मोदी के स्वागत के लिए हाथों में कमल के फूल लिए हुए थे और उन्होंने ‘‘भारत माता की जय'' के नारे लगाए। कोयंबटूर शहर के साईबाबा कॉलोनी से आरएस पुरम तक लगभग 2.5 किलोमीटर लंबे रास्ते में मोदी का वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा और इस दौरान उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। रोड शो के अंत में, प्रधानमंत्री मोदी ने 1998 में इस शहर को दहलाने वाले बम विस्फोट में मारे गए लोगों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह धमाके 14 फरवरी 1998 को भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की एक चुनावी सभा आयोजित होने से कुछ घंटे पहले हुए थे। इस घटना में 58 लोग मारे गए थे जबकि 100 से अधिक घायल हुए।
भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई, कोयंबटूर दक्षिण से विधायक एवं भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन और केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन मोदी के साथ थे। -
नई दिल्ली। विपक्ष के कुछ सांसदों ने निर्वाचन आयोग से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस पत्र को लोगों को व्हाइट्एस अप पर भेजे जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की है जिसमें जनता से ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए समर्थन मांगा गया है। उनका कहना है कि यह चुनाव आचार संहिता घोर उल्लंघन है।
कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने विदेश में रह रहे लोगों को प्रधानमंत्री का पत्र भेजे जाने पर गोपनीयता का मुद्दा उठाने वाले एक व्यक्ति की पोस्ट को ‘एक्स’ पर टैग किया।उन्होंने कहा, ‘‘क्या निर्वाचन आयोग सत्तारूढ़ दल के पक्षपातपूर्ण राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए सरकारी मशीनरी और सरकारी डेटा के इस तरह के ज़बरदस्त दुरुपयोग पर ध्यान देगा?’’कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी ‘एक्स’ पर वह व्हाट्सएप संदेश पोस्ट किया जिसमें वह पत्र संलग्न था, जो उन्हें उनके फोन पर प्राप्त हुआ था। तिवारी ने कहा, ‘‘यह अनचाहा व्हाट्सएप संदेश कल देर रात 12.09 बजे आया। ऐसा लगता है कि यह इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय से आया है।क्या यह आदर्श आचार संहिता और निजता के अधिकार दोनों का खुला उल्लंघन नहीं है।?’’ उन्होंने यह सवाल किया, ‘‘मंत्रालय को मेरा मोबाइल नंबर कहां से मिला? वे अनधिकृत रूप से किस डेटाबेस तक पहुंच रहे हैं?” उसने कहा।तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों में न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से आए लोगों को मोदी और भाजपा को बढ़ावा देने वाला यह ‘विकसित भारत’ व्हाट्सएप संदेश भेजा गया है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। - नयी दिल्ली. भारतीय नौसेना ने एक अभियान में सोमालिया के 35 समुद्री डाकुओं को पकड़ने और उनके द्वारा बंधक बनाए गए 17 बंधकों को मुक्त कराने के एक दिन बाद रविवार को कहा कि यह कार्रवाई हिंद महासागर में शांति और स्थिरता को मजबूत करने और क्षेत्र में समुद्री डकैती के फिर से सिर उठाने को विफल करने के उसके संकल्प को दर्शाती है। नौसेना ने शनिवार को एक सुव्यवस्थित अभियान के तहत भारतीय तट से लगभग 2,600 किलोमीटर दूर पूर्व में माल्टा के ध्वजांकित व्यापारिक जहाज (एमवी) रुएन को अपने कब्जे में ले लिया। इस अभियान के बारे में विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले लगभग सात वर्ष में सोमालिया के समुद्री डाकुओं से किसी जहाज को इस तरह से छुड़ाने का यह पहला सफल अभियान है। नौसेना ने करीब 40 घंटे के अभियान के दौरान आईएनएस कोलकाता और आईएनएस सुभद्रा और सी गार्जियन ड्रोन को तैनात किया। अभियान के लिए सी-17 विमान से विशिष्ट मार्कोस कमांडो को उतारा गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'एक्स' पर कहा, ''मैं भारतीय नौसेना और मार्कोस सहित जहाजों और विमानों पर सवार बहादुर चालक दल को उनके दृढ़ और निर्णायक कार्यों के लिए बधाई देता हूं।'' बुल्गारिया की विदेश मंत्री मारिया गेब्रियल ने अपहृत जहाज और उनके देश के सात नागरिकों सहित चालक दल के सदस्यों को बचाने के सफल अभियान के लिए भारतीय नौसेना का आभार व्यक्त किया। गेब्रियल की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 'एक्स' पर कहा, ''दोस्त इसी के लिए होते हैं।'' नौसेना ने बताया कि एमवी रुएन का सोमालिया के जलदस्युओं ने 14 दिसंबर को अपहरण कर लिया था।एक बयान में, नौसेना ने कहा कि एमवी रुएन की समुद्री यात्रा की क्षमता का आकलन किया जा रहा है और पोत पर लगभग 37,800 टन माल लदा है जिसकी कीमत करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर है। इसे सुरक्षित भारत लाया जाएगा। बयान में कहा गया है कि दक्षिणी हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डाकुओं द्वारा अपहृत जहाज रुएन से जुड़ा समुद्री डकैती विरोधी अभियान शांति और स्थिरता को मजबूत करने और क्षेत्र में समुद्री डकैती के फिर से सिर उठाने की कोशिश को विफल करने की दिशा में भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर बढ़ते हमलों के बाद रणनीतिक जलमार्गों पर निगरानी रखने के लिए नौसेना ने 10 से अधिक युद्धपोत तैनात किए हैं। नौसेना ने बताया कि आईएनएस कोलकाता ने बुधवार सुबह रुएन को रोका और ड्रोन के जरिए सशस्त्र समुद्री डाकुओं की मौजूदगी की उस पर पुष्टि हुई। उसने बताया कि डाकुओं ने ड्रोन को मार गिराया और भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर गोलीबारी की। आईएनएस कोलकाता ने जहाज के स्टीयरिंग सिस्टम और नेविगेशनल सहायता को अक्षम कर दिया, जिससे उसे नौकायन बंद करना पड़ा। इसके बाद सी-17 विमान से मार्कोस कमांडो उतारे गए जिन्होंने जहाज को जब्त कर लिया, समुद्री डाकुओं को पकड़ लिया और रुएन के चालक दल के 17 सदस्यों को रिहा करा लिया। बयान में कहा गया है कि पिछले 40 घंटों में भारतीय नौसेना के लगातार दबाव और सुनियोजित कार्रवाई के कारण सोमालिया के सभी 35 समुद्री डाकुओं ने आत्मसमर्पण कर दिया।
- सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में रविवार को दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। चुरहट थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र मिश्रा ने बताया कि पहली घटना चंदनिया चौराहे के निकट हुई। उन्होंने बताया कि एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे अभिषेक पांडे, आशीष तिवारी और सुमित जयसवाल घायल हो गए। अधिकारी ने बताया, ''तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने अभिषेक और आशीष को मृत घोषित कर दिया जबकि सुमित का उपचार किया जा रहा है।'' वहीं दूसरी दुर्घटना में एक जीप चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और बाइक सवार मुन्नी सिंह, आरती सिंह और रामकृपाल कुशवाहा को टक्कर मार दी। निरीक्षक रोशनी ठाकुर ने बताया, ''शाम साढ़े सात बजे मंझौली में हुई इस दुर्घटना में तीनों लोगों की मौत हो गई। जीप के पलटने से पहले दो अन्य लोग भी उसकी चपेट में आकर घायल हो गए।'' पुलिस ने बताया कि दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में मुकदमे दर्ज कर लिये गये हैं।
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नयी दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर में आयोजित 20वीं ‘के.के. लूथरा मेमोरियल मूट कोर्ट' प्रतियोगिता में देश और विदेश के 155 विधि संस्थानों की 72 टीम ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश विक्रम नाथ बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। यह प्रतियोगिता रविवार को संपन्न हुई। न्यायमूर्ति नाथ ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ‘मूट कोर्ट' प्रतियोगिता ने छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और तर्कों को धार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शीर्ष अदालत के न्यायाधीश ने कहा कि कानून का अभ्यास करना एक शाश्वत प्रक्रिया है और व्यक्ति को अपने करियर के अंत तक सीखना जारी रखना चाहिए। दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश रेखा पल्ली, न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन बतौर सम्मानित अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। न्यायमूर्ति पल्ली ने छात्रों को सलाह दी कि एक वकील को अदालत में आधी-अधूरी तैयारी के साथ नहीं आना चाहिए और जब कोई न्यायाधीश सीधा सवाल पूछता है तो उसे आत्मविश्वास के साथ जवाब देना चाहिए। इससे पहले शुक्रवार को उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश हिमा कोहली ने कहा कि उन्हें 1980 के दशक में भी कानूनी पेशे में आने से कोई परहेज नहीं था, जबकि तब इस क्षेत्र में बहुत कम महिलाएं थीं।
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कोलकाता. वर्ष 1774 में बंगाल के तत्कालीन गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा स्थापित कोलकाता जीपीओ को भारत का पहला सामान्य डाकघर होने का गौरव प्राप्त है। अपने 250 साल के इतिहास में, इसने देश में डाक सेवाओं के विकास के लिए एक प्रमाण के रूप में कार्य किया है। भारत के डाक परिदृश्य को आकार देने में कोलकाता जीपीओ की महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न इस महीने मनाया जा रहा है। पश्चिम बंगाल सर्किल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल नीरज कुमार ने कहा कि कोलकाता जीपीओ पूरे देश में व्यापक डाक सेवाओं की आधारशिला रहा है। कुमार ने कहा कि कोलकाता जीपीओ की 250वीं वर्षगांठ का जश्न ‘‘लोगों की सेवा के लिए इसकी स्थायी विरासत और अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो लगातार बदलती दुनिया में इसकी कालातीत प्रासंगिकता को दर्शाता है।'' शहर के डलहौजी स्क्वायर क्षेत्र में हुगली नदी, 'लालदीघी' जल निकाय और ब्रिटिश काल की कई इमारतों के बीच स्थित जीपीओ कोलकाता की सफेद इमारत को वर्षगांठ समारोह के दौरान रोशनी से जगमग किया गया है। पुराने जीपीओ को 1774 से 1868 तक कई बार विभिन्न स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था, और वर्तमान जीपीओ भवन 2 अक्टूबर 1868 को जनता के लिए खोल दिया गया था। 250वीं वर्षगांठ पर एक विशेष डाक टिकट कवर जारी करके जीपीओ को सम्मानित किया गया। कुमार ने कहा, “जीपीओ कोलकाता एक ऐसी संस्था है जो साम्राज्यों और सरकारों से लेकर शासन व्यवस्था व अर्थव्यवस्था तक विभिन्न क्षेत्रों में बदलावों के बावजूद दो शताब्दियों से भी अधिक समय से मजबूती के साथ खड़ा है। डाक सेवाएं और कोलकाता जीपीओ समय के साथ बदलते हुए परिवहन, प्रौद्योगिकियों और विविधीकरण के नए तरीकों को अपना रहे हैं।
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नयी दिल्ली. असम के गुवाहाटी में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-गुवाहाटी) के अनुसंधानकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के साथ मिलकर ब्रह्मांड में पदार्थ-प्रतिपदार्थ (मैटर-एंटीमैटर) असंतुलन को समझाने के लिए एक विशेष परिदृश्य पेश किया है। अनुसंधानकर्ताओं का अध्ययन ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र में ‘डार्क मैटर' और ब्रह्मांड की बेरियोन एसिमेट्री (बीएयू) को लेकर लंबे समय से चले आ रहे रहस्यों में से एक पर प्रकाश डालता है। विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा वित्त पोषित अनुसंधान को ‘फिजिकल रिव्यू डी' में प्रकाशित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मांड का केवल पांच प्रतिशत हिस्सा तारे और आकाशगंगा जैसे दिखने वाले या बेरियोनिक ‘मैटर' से बने हैं। शेष इस दृश्य ‘मैटर' का लगभग पांच गुना ‘डार्क मैटर' से बना है, एक ऐसा पदार्थ जो प्रकाश उत्सर्जित नहीं करता है। उन्होंने बताया कि ‘डार्क मैटर' की उत्पत्ति रहस्यमयी बनी हुई है, दिखाई देने वाले मैटर बेरियोन (मैटर) और न्यूनतम मात्रा में एंटीबेरियोन (एंटीमैटर) के बने होते हैं। आईआईटी, गुवाहाटी में भौतिकशास्त्र विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर देबाशीष बोरा ने बताया, ‘‘ शुरुआत में ब्रह्मांड में मैटर और एंटीमैटर के समान मात्रा में होने की उम्मीद की जाती थी। किसी भी प्रारंभिक असंतुलन को तीव्र विस्तार चरण के दौरान ठीक किया जाना चाहिए था। लेकिन आज हम अधिशेष मैटर देखते हैं। यह रहस्य है, जिसे ब्रह्मांड के बेरियोन एसिमेट्री (बीएयू) के रूप में जाना जाता है। यह हमारी भविष्यवाणियों का खंडन करता है और अनसुलझा बना हुआ है, जो प्रारंभिक ब्रह्मांड की हमारी समझ को चुनौती देता है।'' अनुसंधान का नेतृत्व करने वाले बोरा ने बताया कि न तो डार्क मैटर का रहस्य और न ही बीएयू पहेली को कण भौतिकी के मानक मॉडल का उपयोग करके हल किया जा सकता है जिसने अनुसंधानकर्ताओं को मानक मॉडल से आगे जाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक ऐसा परिदृश्य प्रस्तावित किया है जहां डार्क मैटर के क्षय से बेरियोन विषमता उत्पन्न होती है, जो एक सामान्य उत्पत्ति का संकेत देती है। जबकि डार्क मैटर को पारंपरिक रूप से ब्रह्मांड संबंधी समय के पैमाने पर स्थिर माना जाता है। हम इसके द्रव्यमान में विशिष्ट तापमान-प्रेरित सुधारों के कारण प्रारंभिक ब्रह्मांड में इसके क्षय की संभावना का प्रस्ताव कर रहे हैं, जिससे इसका क्षय ऊर्जावान रूप से व्यवहार्य होगा।'' अंतरराष्ट्रीय अनुसंधानकर्ताओं में अमेरिका स्थित पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय के अर्नब दासगुप्ता, विलियम एंड मैरी विश्वविद्यालय में ‘हाई एनर्जी थ्योरी ग्रुप' के मैथ्यू नोज और दक्षिण कोरिया में क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी के रिशव रोशन शामिल हैं। बोरा ने कहा, ‘‘ हमारे मॉडल के अनुसार प्रारंभिक ब्रह्मांड में, तापमान के प्रभाव के कारण डार्क मैटर नियमित मैटर में बदल जाता है, जिससे मैटर और एंटीमैटर के बीच असंतुलन पैदा होता है। हम पहले एक अद्वितीय प्रकार के डार्क मैटर का प्रस्ताव करते हैं, जो एक अदिश क्षेत्र से प्रभावित होता है। संबद्ध अदिश क्षेत्र ब्रह्मांड के प्रारंभिक विस्तार के दौरान फुलाव के रूप में कार्य कर सकता है या एक मजबूत प्रथम क्रम चरण के परितर्वन का कारण बन सकता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ प्रारंभिक ब्रह्मांड में ऊर्जावान रूप से व्यवहार्य क्षय के कारण, डार्क मैटर आंशिक रूप से क्षय के कारण साधारण मैटर बनकर बीएयू बनाता है। जैसे ही ब्रह्मांड ठंडा होता है, डार्क मैटर स्थिर हो जाता है, जिससे आज डार्क मैटर के अवशेष के रूप देखा जाता है। यह प्रक्रिया न केवल डार्क मैटर की व्याख्या करती है बल्कि दिखने वाले मैटर के निर्माण में भी योगदान देती है, जो मैटर- एंटीमैटर असममित (एसेमेट्री)को प्रभावित करती है।
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नयी दिल्ली. देश में दुनिया के सबसे बड़े चुनावी उत्सव की तैयारियां शुरू होने के साथ ही राजनीतिक दल मतदाताओं के मनोविज्ञान पर असर डालने के लिए व्हाट्सऐप जैसे ‘मैसेजिंग' मंच और सोशल मीडिया ‘इन्फ्लूएंसर्स' का सहारा ले रहे हैं। विज्ञापन गुरुओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने यह जानकारी दी। राजनीतिक दल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने तथा मतदाताओं से समर्थन मांगने के लिए व्यापक पैमाने पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व्हाट्सऐप पर ‘‘प्रधानमंत्री की ओर से पत्र'' भेजकर मतदाताओं से जुड़ने का प्रयास कर रही है और नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मतदाताओं से ‘फीडबैक' ले रही है। व्हाट्सऐप के भारत में हर महीने 50 करोड़ से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता होते हैं।
भाजपा ने ‘माय फर्स्ट वोट फॉर मोदी' वेबसाइट शुरू की है जिसमें मतदाता मोदी के लिए वोट करने का संकल्प ले सकते हैं और अपनी पसंद की वजह बताते हुए एक वीडियो अपलोड कर सकते हैं। वेबसाइट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में किए गए विकास कार्यों को दिखाते कई लघु वीडियो भी हैं। वहीं, कांग्रेस ‘राहुल गांधी व्हाट्सऐप समूह' चलाती है जिसमें राहुल लोगों से संवाद करते हैं और उनके सवालों का जवाब देते हैं। व्हाट्सऐप पर सूचनाओं के प्रसार की निगरानी जिला स्तर पर की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह जनता तक पहुंचे और पार्टी के मतदाता आधार को मजबूत करे। चुनावी विश्लेषक और समीक्षक अमिताभ तिवारी ने कहा, ‘‘जिस भी राजनीतिक दल के अधिक व्हाट्सऐप समूह हैं, वह मतदाताओं से तेजी से और बेहतर तरीके से संवाद कर सकता है। इससे उन्हें तेजी से अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने और मतदाताओं को प्रभावित करने में मदद मिलती है।'' तिवारी के अनुसार, एक समय सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए सबसे पसंदीदा मंच रहा फेसबुक अब राजनीतिक पेज पर विज्ञापनों संबंधी कई पाबंदियों के कारण राजनीतिक दलों को पसंद नहीं रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टियां ऐसे सोशल मीडिया मंच को चुनती है जो उन्हें बगैर ज्यादा पाबंदियों के और बड़े उपयोगकर्ता आधार के साथ तेजी से जनता से जोड़ने में मदद करते हैं। इंस्टाग्राम और ट्विटर (अब एक्स) जैसे कई अन्य मंच हैं जो जनता के एक खास वर्ग की आवश्यकताओं को पूरी करते हैं और उनके अलग-अलग प्रारूप हैं।'' निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मीडिया विज्ञापनों (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक, ‘बल्क' एसएमएस, केबल वेबसाइट, टीवी चैनल आदि) पर 325 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि कांग्रेस ने 356 करोड़ रुपये खर्च किए। ‘पॉलिटिक एडवाइजर' के संस्थापक और आम आदमी पार्टी (आप) के आईटी प्रकोष्ठ के पूर्व प्रमुख अंकित लाल ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद सूचना के एक माध्यम के रूप में सोशल मीडिया के प्रति दृष्टिकोण में काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा, ‘‘कई राजनीतिक दल मतदाताओं से जुड़ने के लिए अपने चुनाव प्रचार अभियान में पहले डिजिटल माध्यम को चुनते हैं क्योंकि मतदाता सूचना पाने के लिए काफी हद तक सोशल मीडिया पर निर्भर हैं। सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स एक और महत्वपूर्ण माध्यम बन गए हैं जिनके जरिए पार्टियां उन लोगों का प्रभावित करने की कोशिश करती हैं जो वोट नहीं करते लेकिन धारणा बनाने में भूमिका निभाते हैं।'' पिछले कुछ महीनों में कई नेता युवा दर्शकों से जुड़ने के लिए मशहूर सोशल मीडिया ‘इन्फ्लूएंसर्स' (सोशल मीडिया पर लोगों पर प्रभाव डालने वाले लोग) के यूट्यूब चैनलों पर दिखायी दिए हैं। एस. जयशंकर, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल और राजीव चंद्रशेखर जैसे भाजपा नेताओं ने पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को साक्षात्कार दिए हैं जिनके यूट्यूब पर 70 लाख से अधिक फॉलोअर हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी यात्रा और भोजन के वीडियो पॉडकास्ट ‘कर्ली टेल्स' की संस्थापक कामिया जानी से भोजन पर बातचीत की थी। चुनावी नतीजों पर सोशल मीडिया प्रचार की महत्ता बताते हुए लाल ने कहा, ‘‘औसतन दो लाख की आबादी वाले किसी विधानसभा क्षेत्र में 40 फीसदी तक इंटरनेट पहुंच के साथ डिजिटल माध्यमों के जरिए 75,000 से 80,000 लोगों को प्रभावित करना संभव है। किसी भी विधानसभा चुनाव में 5,000 वोटों का अंतर भी किसी भी जीत-हार का अच्छा अंतर होता है।'' इस बीच, राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रचार को विनियमित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को प्रौद्योगिकी कंपनियों से चुनावी निकाय के नियमों का उल्लंघन करने वाले पोस्ट हटाने के लिए उनके तंत्र को मजबूत करने पर बात करनी चाहिए।
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नयी दिल्ली. दिल्ली में कथित तौर पर अपनी भाभी की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में शनिवार को 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि बाहरी दिल्ली के अलीपुर में शुक्रवार शाम आरोपी पूरन का किसी मुद्दे पर अपनी पत्नी मोनी से झगड़ा हो गया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी पूरन ने मोनी पर चाकू से हमला किया, लेकिन उसकी भाभी रितु बीच में आ गई, जिससे उसकी गर्दन पर चाकू लग गया। पुलिस ने कहा कि रितु को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, एक फैक्टरी में काम करने वाले आरोपी पूरन को शनिवार सुबह गिरफ्तार किया गया।
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गाजियाबाद . उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बाइक सवार दो हमलावरों ने शनिवार को एक महिला पर उस समय तेजाब फेंक दिया जब वह अपने घर वापस जा रही थी। पुलिस ने यह जानकारी दी। नंदग्राम के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रवि कुमार सिंह ने बताया कि नंदग्राम थाना इलाके में रहने वाली सुमन (40) पर बाइक सवार दो हमलावरों ने उस समय तेजाब फेंक दिया जब वह नंदग्राम इलाके में स्थित अपने घर वापस जा रही थी। अधिकारी ने बताया कि महिला दोपहर में पंचवटी से राशन लेकर घर लौट रही थी और जैसे ही वह एक गैस एजेंसी के पास पहुंची कि तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उस पर तेजाब फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। उन्होंने बताया कि महिला को इलाज के लिए तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पीड़िता के पुत्र शिवम की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
प्राथमिकी के मुताबिक, शिवम का आरोप है कि तीन मई 2022 को कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में बदमाशों ने उसके पिता अखिलेश कुमार की हत्या कर दी। प्राथमिकी में बताया गया कि मामले की सुनवाई जिला न्यायालय में जारी है और कुछ लोग उसकी मां पर मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने एक नामजद आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। -
नयी दिल्ली. निर्वाचन आयोग इस लोकसभा चुनाव में ‘बाहुबल, धनबल, भ्रामक सूचना के प्रसार और आचार संहिता के उल्लंघन' से सख्ती से निपटने की तैयारी में जुट गया है। आयोग ने सीमाओं पर ड्रोन आधारित जांच, गैर-चार्टर्ड उड़ानों द्वारा निगरानी, भ्रामक विज्ञापनों और फर्जी खबरों को लेकर कार्रवाई और चुनावी हिंसा के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। आम चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में कठिन चुनौती चार तरह की हैं- बाहुबल, धनबल, भ्रामक सूचना और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन। चुनाव आयोग इनसे निपटने के लिए प्रतिबद्ध है तथा उसने उपाय किए हैं।'' बाहुबल से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने कुछ दिशानिर्देश और नियम जारी किए हैं ताकि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों। सीईसी ने कहा, ‘‘हमने समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त, सीएपीएफ (अर्धसैनिक बल) को पर्याप्त संख्या में तैनात किया जाएगा और प्रत्येक जिले में एकीकृत नियंत्रण कक्ष द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। सीमाओं पर ड्रोन आधारित जांच भी होगी।
उनका कहना था कि चुनाव में हिंसा अस्वीकार्य है और अगर चुनाव के दौरान कोई हिंसा होती है तो चुनाव आयोग कठोर कार्रवाई करेगा। कुमार ने कहा, ‘‘2022-23 के चुनावी साल में 11 राज्यों में पांच साल पहले की तुलना में नकदी की जब्ती 800 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 3,400 करोड़ रुपये हो गई। (कानून) प्रवर्तन एजेंसियों को अवैध धन, शराब, ड्रग्स और मुफ्त वस्तुओं पर नकेल कसने और सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘सूर्यास्त के बाद बैंक वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी और गैर-अनुसूचित चार्टर्ड उड़ानों द्वारा निगरानी और निरीक्षण किया जाएगा। अवैध ऑनलाइन नकद हस्तांतरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।'' मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘‘मैं पार्टियों से आग्रह करता हूं कि वे व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा से बचें...भाषणों में गरिमा बनाये रखने के लिए लक्ष्मण रेखा को परिभाषित किया गया है। आइए अपनी प्रतिद्वंद्विता में सीमाओं को पार न करें। -
नयी दिल्ली. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़े तमाम सवालों एवं दावों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि वोटिंग मशीनें शत प्रतिशत सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की अदालतों ने 40 बार ईवीएम को लेकर दी गई चुनौतियों को खारिज किया है और अब तो अदालतें जुर्माना भी लगाने लगी हैं। सीईसी के अनुसार, ‘‘40 बार इस देश की संवैधानिक अदालतों ने ईवीएम से जुड़ी चुनौतियों को देखा है...कहा गया था कि ईवीएम हैक हो सकती है, चोरी हो जाती है, खराब हो सकती हैं, नतीजे बदल सकते हैं...हर बार संवैधानिक अदालतों ने इसे खारिज कर दिया।'' उन्होंने कहा, ‘‘अदालतों ने कहा कि इसमें वायरस नहीं हो सकता, छेड़छाड़ नहीं हो सकती...अब तो अदालत ने जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।'' कुमार ने एक किताब दिखाते हुए कहा, ‘‘थोड़ा पढ़ने की कोशिश करिये। हमारी वेबसाइट पर है...कोई भी विशेषज्ञ बन जाता है।'' उन्होंने कहा कि ईवीएम के युग में कई छोटे राजनीतिक दल अस्तित्व में आए, जबकि मतपत्रों के दौर में ऐसा नहीं था। कुमार का कहना था कि उम्मीदवारों के सामने ‘मॉक पोल' होता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, अधूरी हसरतों का इल्जाम हर बार हम पर लगाना ठीक नहीं, वफा खुद से नहीं होती खता ईवीएम की कहते हो। बाद में गोया परिणाम आता है तो उस पर कायम नहीं रहते।'' मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, ‘‘यह मैं नहीं, ईवीएम कह रही है।''
उन्होंने कहा, ‘‘ईवीएम 100 प्रतिशत सुरक्षित हैं। हमने बहुत सारे सुधार किए हैं। एक-एक ईवीएम का नंबर उम्मीदवारों को दिया जाएगा।'' मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कई ईवीएम को जोड़ने और बूथ-वार ‘वोटिंग पैटर्न' को छिपाने की एक तकनीक भारतीय चुनाव आयोग के पास तैयार है, लेकिन इस पर अमल करने का समय अभी नहीं आया है। कुमार ने यह भी उल्लेख किया कि आयोग ‘ब्लॉकचेन' जैसी रिमोट वोटिंग तकनीक पर काम कर रहा है। कई इवीएम को जोड़ने और परिणामों को संयोजित करने वाली तकनीक ‘टोटलाइज़र' है।
कुमार ने कहा, ‘‘लेकिन, यहां लोगों को एक मशीन के नतीजे पर भरोसा नहीं है।'' उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक व्यवस्था को खुद परिपक्व होने दीजिए, जरूरत समग्रता लाने की है। हम तैयार हैं, तकनीक तैयार है लेकिन पूरे परिदृश्य में काम करना होगा। इसे और परिपक्व होने दीजिए।'' इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में वोटों की गिनती मतदान केंद्रों के अनुसार की जाती है, जिससे ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं जिनमें विभिन्न इलाकों या इलाकों में मतदान के पैटर्न का पता चल जाता है। इस मुद्दे को हल करने के लिए, सरकारी उपक्रम ‘इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' और ‘भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड' ने ‘टोटलाइज़र' तकनीक विकसित की, जिसका उपयोग विभिन्न ईवीएम में अलग-अलग मतों को उजागर किए बिना 14 ईवीएम के समूह के परिणाम एकसाथ हासिल करने के लिए किया जा सकता है। -
नयी दिल्ली. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार द्वारा लोकसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही शनिवार को देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। कुमार ने चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए राजनीतिक दलों से प्रचार के दौरान मर्यादा बनाकर रखने का अनुरोध किया। देश में 543 लोकसभा सीटों के लिए 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में मतदान होगा। मतगणना चार जून को होगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पार्टियों से व्यक्तिगत हमलों और अभद्र भाषा से परहेज करने का आग्रह करता हूं। भाषणों में किन सीमाओं का ध्यान रखना है यह परिभाषित है। आइए हम अपनी प्रतिद्वंद्विता में सीमाएं न लांघें। हमने राजनीतिक दलों के लिए एक परामर्श जारी किया है, उन्हें ऐसे राजनीतिक विमर्श को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो विभाजन करने के बजाय प्रेरित करता हो।'' पिछले चुनावों में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से निपटने में पक्षपात के आरोपों पर एक सवाल के जवाब में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘‘किसी के भी खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का यदि कोई मामला होगा, भले ही कोई प्रख्यात राजनेता हो, हम चुप नहीं बैठेंगे। हम कार्रवाई करेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘पहले हम निंदा करते थे लेकिन अब हम कार्रवाई करेंगे।''
आचार संहिता का उद्देश्य चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना प्रक्रिया को व्यवस्थित, स्वच्छ और शांतिपूर्ण बनाए रखना और सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा राज्य मशीनरी और वित्त के किसी भी दुरुपयोग को रोकना है। निर्वाचन आयोग को आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन की जांच करने और सजा सुनाने समेत कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। -
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जेल में बंद आतंकवाद के आरोपी यासीन मलिक के नेतृत्व वाले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स लीग (जेकेपीएल) के चार गुटों पर केंद्र शासित प्रदेश में आतंक व अलगाववाद को बढ़ावा देने के आरोप में प्रतिबंध लगा दिया है।
फैसलों की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को कठोर कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।एक अलग अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जेके पीपुल्स लीग के चार गुटों – जेकेपीएल (मुख्तार अहमद वाजा), जेकेपीएल (बशीर अहमद तोता), जेकेपीएल (गुलाम मोहम्मद खान) और याकूब शेख के नेतृत्व वाली जेकेपीएल (अजीज) पर भी प्रतिबंध लगा दिया।शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मोदी सरकार ने ‘जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (मोहम्मद यासीन मलिक गुट)’ को अगले पांच साल के लिए ‘गैरकानूनी संगठन’ घोषित कर दिया है।” उन्होंने कहा पांच साल के लिए प्रतिबंधित घोषित किए गए जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फ्रीडम लीग ने आतंकवाद के जरिए जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा व सहायता देकर भारत की अखंडता को खतरे में डाला। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों और संगठनों को नहीं बख्शेगी।”






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