प्रभा वर्मा को काव्यकृति रौद्र सात्विकम् के लिए मिलेगा 2023 का सरस्वती सम्मान
नयी दिल्ली. प्रख्यात साहित्यकार प्रभा वर्मा को उनकी मलयाली काव्यकृति ‘रौद्र सात्विकम्' के लिए 2023 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मान प्रदान करने वाली संस्था के.के. बिड़ला फाउंडेशन ने सोमवार को यह जानकारी दी। फाउंडेशन ने एक विज्ञप्ति में बताया कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश ए.के. सीकरी की अध्यक्षता वाली 13 सदस्यीय चयन परिषद ने इस सम्मान के लिए ‘रौद्र सात्विकम्' का चयन किया। फाउंडेशन के अनुसार, यह सम्मान प्रतिवर्ष किसी भारतीय नागरिक की ऐसी उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को दिया जाता है, जो भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित किसी भी भारतीय भाषा में सम्मान वर्ष से ठीक पहले की 10 वर्ष की अवधि में प्रकाशित हुई हो। सम्मान के तहत 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि के साथ एक प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किया जाता है। फाउंडेशन ने बताया कि पांच क्षेत्रीय भाषा समितियों ने चयन परिषद को पांच साहित्यिक कृतियों के नाम भेजे थे, जिनमें सैयद मोहम्मद अशरफ का उर्दू उपन्यास ‘ आखिरी सवारियां', नगेन साइकिया की असमिया कविता ‘मित भास समग्र', गंगाधर हांसदा का संथाली उपन्यास ‘पोसरा', प्रभा वर्मा की मलयाली काव्यकृति ‘रौद्र सात्विकम्' और हरीश मीनाश्रु की गुजराती कविता ‘बनारस डायरी' शामिल थी। चयन परिषद ने इनमें से ‘रौद्र सात्विकम्' का चयन किया। इस काव्यकृति में राजनीति और सत्ता, व्यक्ति और राज्य, कला और शक्ति के संबंधों में व्याप्त अंतर्विरोधों का एक विशिष्ट शैली में विश्लेषण किया गया है। वर्ष 1991 से दिया जा रहा सरस्वती सम्मान सबसे पहले प्रख्यात साहित्यकार डॉक्टर हरिवंश राय बच्चन को उनकी कृति ‘दशद्वार से सोपान तक' के लिए दिया गया था। अभी तक यह पुरस्कार जिन प्रमुख भारतीय साहित्यकारों को मिल चुका है, उनमें रमाकांत रथ, विजय तेंदुलकर, शंघघोष, दिलीप कौर टिवाणा, सुनील गंगोपाध्याय, गोविंद मिश्र, पद्मा सचदेव, एम वीरप्पा मोइली, रामदरश मिश्र प्रमुख हैं। प्रभा वर्मा का जन्म 1959 में केरल के तिरुवल नामक कस्बे में हुआ था। इससे पहले उन्हें साहित्य अकादमी सम्मान समेत विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। वह अंग्रेजी और मलयाली भाषाओं में रचनाएं लिखते हैं। वर्तमान में वह केरल के मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव के रूप में कार्यरत हैं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सरस्वती सम्मान मिलने पर वर्मा को बधाई दी।
खान ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘2023 का प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान प्राप्त करने के लिए प्रख्यात मलयाली कवि श्री प्रभा वर्मा को हार्दिक शुभकामनाएं। इस पुरस्कार ने कविता के प्रति उनके समर्पण को मान्यता दी है और इससे मलयालय साहित्य को काफी गौरव मिला है। उनका उदात्त कविता कर्म मलयालम एवं भारतीय साहित्य को समृद्ध करता रहे।








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