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- नयी दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘बोर्ड ऑफ पीस' का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। यह निकाय, गाजा में स्थायी शांति लाने और ‘वैश्विक संघर्ष' के समाधान के लिए ‘‘एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करेगा। ट्रंप ने मोदी को एक पत्र लिखा, जिसे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मध्य पूर्व में ‘‘शांति बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व शानदार प्रयास'' में शामिल होने और साथ ही ‘‘वैश्विक संघर्ष के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण'' पर काम करने के लिए आमंत्रित करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है। ट्रंप ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का अनावरण किया। इजराइल और हमास ने अक्टूबर में ट्रंप की शांति योजना पर सहमति जताई थी। ट्रंप ने कई वैश्विक नेताओं को इसी तरह के पत्र भेजे हैं।वाशिंगटन, ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस' को गाजा और उसके आसपास शांति एवं स्थिरता लाने के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय निकाय के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह निकाय अन्य वैश्विक संघर्षों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।मूल रूप से, इस नए निकाय को गाजा के पुनर्निर्माण के लिए शासन की देखरेख और वित्तपोषण समन्वय का कार्य सौंपा जाना है। इजराइल के दो वर्षों के सैन्य अभियान के दौरान गाजा पट्टी पूरी तरह तबाह हो गई है।गोर ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ट्रंप का निमंत्रण मोदी तक पहुंचाने का सम्मान मिला है, जिसमें उन्हें ‘बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है और यह निकाय ‘‘गाजा में स्थायी शांति लाएगा''। राजदूत ने कहा, “बोर्ड स्थिरता और समृद्धि हासिल करने के लिए प्रभावी शासन का समर्थन करेगा।”ट्रंप ने मोदी को लिखे पत्र में 29 सितंबर को गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा के साथ-साथ मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए अपनी 20-सूत्री रूपरेखा का भी उल्लेख किया।
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काठमांडू. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने रविवार को उच्चतम न्यायालय में निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक रिट याचिका दायर करके गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को आधिकारिक मान्यता देने के आयोग के फैसले को चुनौती दी। नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश मान सिंह के अनुसार, कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्ण खड़का सहित देउबा गुट के नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा की ओर से उच्चतम न्यायालय पहुंचकर याचिका दायर की। नेपाली कांग्रेस नेताओं ने दायर याचिका में निर्वाचन आयोग (ईसी), नेपाली कांग्रेस के नये निर्वाचित अध्यक्ष गगन थापा और उपाध्यक्ष विश्वप्रकाश शर्मा को प्रतिवादी बनाया है। नेपाली कांग्रेस ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस को दी गई आधिकारिक मान्यता पार्टी के दर्जे के खिलाफ है। थापा को 11 से 14 जनवरी तक काठमांडू में हुए विशेष महासभा सम्मेलन के माध्यम से नेपाली कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था, जिसे अब देउबा गुट ने चुनौती दी है।
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लंदन/ ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने ग्रीनलैंड को कब्जे में लेने की कोशिश का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी को ‘पूरी तरह से गलत' करार दिया है। स्टॉर्मर ने इस प्रस्तावित कदम का विरोध कर रहे अन्य यूरोपीय सहयोगियों का शनिवार रात को समर्थन किया। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ' पर इस योजना के बारे में पोस्ट किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि यदि आर्कटिक में स्थित स्वायत्त द्वीप ग्रीनलैंड पर समझौता नहीं हुआ तो यह शुल्क और भी बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, स्टॉर्मर ने कहा,‘‘ग्रीनलैंड पर हमारा रुख बहुत स्पष्ट है - यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंडवासियों और डेनमार्क के लोगों का मामला है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आर्कटिक सुरक्षा नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) के लिए महत्वपूर्ण है और सभी सहयोगियों को आर्कटिक के विभिन्न हिस्सों में रूस से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए मिलकर और अधिक प्रयास करने चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘नाटो सहयोगियों की सामूहिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन पर शुल्क लगाना पूरी तरह गलत है। हम निश्चित रूप से इस मामले को सीधे अमेरिकी प्रशासन के सामने उठाएंगे।'' फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकी को ‘अस्वीकार्य' बताया। दूसरी ओर ग्रीनलैंड और डेनमार्क में हजारों लोग अमेरिका की कब्जे की धमकियों के विरोध में सड़कों पर उतर आए। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने इस बात पर जोर दिया कि यूरोपीय सहयोगी ‘ब्लैकमेल' नहीं होंगे। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूलभूत सिद्धांत हैं। उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘शुल्क लगाने से अटलांटिक-पार संबंध कमजोर होंगे।''
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लाहौर. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ट्रक शनिवार को घने कोहरे के कारण पुल से गिर गया, जिससे छह बच्चों समेत कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना लाहौर से लगभग 200 किलोमीटर दूर सरगोधा जिले के कोट मोमिन में तड़के हुई। पंजाब आपात सेवा ‘रेस्क्यू 1122' के प्रवक्ता के अनुसार ट्रक में 23 लोग सवार थे, जिनमें से ज्यादातर एक ही परिवार के सदस्य थे, जो इस्लामाबाद से फैसलाबाद में एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘भारी कोहरे के कारण राजमार्ग बंद होने के कारण ट्रक स्थानीय मार्ग से जा रहा था। दृश्यता का स्तर कम होने के कारण चालक का वाहन पर से नियंत्रण खो जाने से यह वाहन कोट मोमिन तहसील के गलापुर पुल से एक सूखी नहर में गिर गया।'' उन्होंने बताया कि मृतकों में शामिल 14 लोगों में छह बच्चे और पांच महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने बताया कि नौ लोग घायल हो गये और उनका इलाज कोट मोमिन के सिविल अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
- केप केनवरल (अमेरिका) । अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से एक बीमार अंतरिक्ष यात्री बृहस्पतिवार को तीन अन्य साथियों के साथ पृथ्वी पर लौट आया। इसके साथ ही अंतरिक्ष स्टेशन का उन लोगों का मिशन एक महीने से अधिक समय पहले ही समाप्त हो गया। स्वास्थ्य कारणों को लेकर अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष स्टेशन से वापस धरती पर लाने का नासा का यह पहला अभियान था। इन अंतरिक्ष यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर निकलने के 11 घंटे बाद, ‘स्पेसएक्स' ने कैप्सूल को सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में आधी रात को सफलतापूर्वक उतारा। अगस्त में शुरू हुए इस मिशन का यह अप्रत्याशित अंत था, जिसके बाद आईएसएस में केवल एक अमेरिकी और दो रूसी ही शेष रह गए हैं। नासा और स्पेसएक्स ने कहा कि वे चार-सदस्यीय नये दल को अंतरिक्ष में भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। वर्तमान में, यह मध्य फरवरी के लिए लक्षित है। नासा की ज़ेना कार्डमैन और माइक फिंके के साथ जापान के किमिया युई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव भी वापस आए। अधिकारियों ने चिकित्सा गोपनीयता का हवाला देते हुए बीमार अंतरिक्ष यात्री की पहचान बताने या घटना के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया है। कक्षा में अंतरिक्ष यात्री की हालत स्थिर थी, लेकिन नासा उन्हें उपयुक्त देखभाल और स्वास्थ्य जांच के लिए जल्द से जल्द पृथ्वी पर वापस लाना चाहता था। अधिकारियों ने बताया कि पृथ्वी पर उतरने के लिए किसी विशेष व्यवस्था या समायोजन की आवश्यकता नहीं थी और बचाव पोत में हमेशा की तरह चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम मौजूद थी। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया कि अंतरिक्ष यात्री कैलिफोर्निया से ह्यूस्टन के लिए कब उड़ान भरेंगे। प्लाटोनोव की मॉस्को वापसी भी अनिश्चित है। नासा ने पिछले सप्ताह बार-बार इस बात पर ज़ोर दिया कि यह कोई आपातकालीन स्थिति नहीं थी। अंतरिक्ष यात्री सात जनवरी को बीमार पड़ गए या घायल हो गए, जिसके चलते नासा ने कार्डमैन और फिंके की अगले दिन की ‘स्पेसवाक' को रद्द कर दिया और अंततः उन्हें समय से पहले वापस लौटना पड़ा। स्वास्थ्य कारणों से नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों को पहली बार वापस बुलाया है। रूसियों ने दशकों पहले ऐसा किया था।
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काठमांडू. नेपाल के सुनसरी जिले में बृहस्पतिवार को एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि यह हादसा भोकराहा नरसिंह ग्रामीण नगरपालिका के सोन्याही इलाके में हुआ।
संगमरमर से लदा एक ट्रक कोशी प्रांत के बिराटनगर से राजबिराज जा रहा था। इस दौरान चालक ने ट्रक से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह पलट गया। घायलों को बिराटनगर के बिराट टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। - काठमांडू. नेपाली कांग्रेस पार्टी बुधवार को औपचारिक रूप से विभाजित हो गई क्योंकि इसके महासचिवों गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के नेतृत्व वाले दो गुटों और पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के बीच बातचीत किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रही। थापा (49) को विशेष सम्मेलन में नेपाली कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया।देश की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी पार्टी अंततः उस समय टूट गई जब थापा और शर्मा द्वारा देउबा से पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग को खारिज कर दिया गया। दोनों महासचिवों ने देउबा से शीर्ष पद से इस्तीफा देने और आगामी संसदीय चुनाव न लड़ने का आग्रह किया था, ताकि वे सितंबर के आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले ‘जेन जेड' के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करने के लिए एक संरक्षक की भूमिका निभा सकें। ‘जेन जेड' उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है। यह वह युवा वर्ग है जो तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। थापा ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा, हमें उस पार्टी का चेहरा बदलने की जरूरत है जो के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और जिसने भ्रष्टाचार और राजनीतिक अव्यवस्था के खिलाफ युवाओं के आंदोलन को दबा दिया था, ताकि हमारे सहयोगी चुनाव अभियान के दौरान सीधे जनता के पास जा सकें।'' दोनों गुटों के बीच का संघर्ष उस समय चरम पर पहुंच गया था जब असंतुष्ट गुट ने 11 और 12 जनवरी को काठमांडू के भृकुटीमंडप में विशेष सम्मेलन आयोजित किया था। बातचीत के विफल होने के बाद, देउबा गुट ने बुधवार को एक नोटिस जारी कर सूचित किया कि पार्टी की केंद्रीय समिति ने महासचिव थापा और शर्मा तथा संयुक्त महासचिव फार्मुल्लाह मंसूर को एकतरफा रूप से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। शर्मा ने हालांकि घोषणा की कि पार्टी के सम्मेलन में देउबा गुट द्वारा उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई को खारिज कर दिया गया है। बुधवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए थापा ने कहा कि ‘‘असली पार्टी'' वह है जो विशेष सम्मेलन में शामिल हो रही है, क्योंकि उसे सम्मेलन के 60 प्रतिशत से अधिक सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। थापा ने यह भी घोषणा की कि देउबा की अध्यक्षता वाली केंद्रीय समिति को भंग कर दिया गया है।नेपाली कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विशेष सम्मेलन में थापा को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुना गया, क्योंकि वह शीर्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि अन्य पदों को जहां तक संभव हो सर्वसम्मति से भरा जायेगा और यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो बुधवार रात तक चुनाव कराये जायेंगे। ऐसी जानकारी है कि नेपाली कांग्रेस के दोनों गुट आधिकारिक मान्यता प्राप्त करने के लिए एक ही दिन चुनाव आयोग पहुंचे हैं। पिछले सप्ताह, पार्टी अध्यक्ष देउबा के नेतृत्व वाले गुट और दोनों महासचिवों के बीच विशेष सम्मेलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। देउबा का गुट पांच मार्च को हुए आम चुनाव के बाद मई में 15वें सम्मेलन के आयोजन के लिए दबाव बना रहा था जबकि थापा और शर्मा चुनाव से पहले सम्मेलन के लिए दबाव बना रहे थे।
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बैंकॉक/ थाईलैंड के उत्तर पूर्वी क्षेत्र में बुधवार को एक यात्री ट्रेन पर निर्माण में इस्तेमाल की जाने वाली क्रेन के गिर जाने से 22 लोगों की मौत हो गई है और 64 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नाखोन रत्चासिमा के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, एक ‘एलिवेटेड हाई-स्पीड रेलवे' के निर्माण में इस्तेमाल की जा रही क्रेन बैंकॉक से उबोन रत्चाथानी प्रांत की ओर जा रही ट्रेन पर गिर गई। इस घटना के बाद चलती ट्रेन पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई। इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है। विभाग ने ‘फेसबुक' पोस्ट में कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और बचावकर्मी ट्रेन के अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। दुर्घटना नाखोन रत्चासिमा में हुई। वहां के विभाग ने मृतकों की संख्या में वृद्धि की घोषणा की है।
- न्यूयॉर्क/वाशिंगटन/ अमेरिका में आपराधिक गतिविधि का हवाला देकर आप्रवासियों के खिलाफ की गई व्यापक कार्रवाई के तहत 2025 में 8,000 छात्र वीजा समेत एक लाख से अधिक वीजा रद्द कर दिए गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का कहना है कि उसने जन सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले विदेशी नागरिकों से अमेरिका की रक्षा करने की अपनी आव्रजन नीति के तहत एक नया रिकॉर्ड बनाया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए हम इन ठगों को प्रत्यर्पित करते रहेंगे।पोस्ट में कहा गया है, अमेरिका में आपराधिक गतिविधियों के लिए कानून की धज्जियां उड़ाने वालों पर कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय ने 8,000 छात्र वीजा और 2,500 विशेष वीजा समेत 1,00,000 वीजा रद्द कर दिए हैं।” विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के लिए अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना और अमेरिकी संप्रभुता को बनाए रखने से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है। एक बयान में पिगॉट ने ‘पीटीआई' से कहा, ‘‘एक साल से भी कम समय में विदेश विभाग ने विदेशी नागरिकों के 1,00,000 से अधिक वीजा रद्द कर दिए, जो एक नया रिकॉर्ड है और 2024 के बाद से रद्द किए गए वीजा की संख्या में 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।उन्होंने कहा, “इनमें हमला, चोरी और शराब पीकर गाड़ी चलाने जैसे अपराधों में आरोपी या दोषी हजारों विदेशी नागरिकों के वीजा शामिल हैं।” पिगॉट ने कहा, "ट्रंप प्रशासन अमेरिका को प्राथमिकता देना जारी रखेगा और जन सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले विदेशी नागरिकों से हमारे देश की रक्षा करेगा।" विदेश विभाग ने कहा कि ‘कंटीन्यूअस वेटिंग कार्यक्रम' के तहत वह अमेरिका में मौजूद सभी वीजा धारकों (करीब 5.5 करोड़ विदेशी नागरिकों) की लगातार जांच करता रहेगा। इसके तहत उनके रिकॉर्ड देखे जाएंगे कि अमेरिका में रहते हुए वह नशे में गाड़ी चलाने, मारपीट या चोरी जैसी किसी आपराधिक गतिविधि में तो संलिप्त नहीं रहे। ‘फॉक्स न्यूज' की खबर के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के अंतिम वर्ष यानी 2024 में 40 हजार वीजा रद्द किए गए थे, जिसकी तुलना में 2025 में दोगुने से भी अधिक वीजा रद्द किए गए। खबर में कहा गया है कि 2025 में जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए, उनमें से ज़्यादातर कारोबारी और पर्यटक थे, जो वीजा की अवधि से ज़्यादा समय तक देश में ठहरे थे।--
- वेस्ट पाम बीच. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के करीबी सहयोगी क्यूबा को रविवार को एक और चेतावनी जारी की। वेनेजुएला में अमेरिका के हवाई हमलों और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ किए जाने के बाद क्यूबा में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भड़कने की आशंका है। वेनेजुएला के तेल का प्रमुख खरीदार रहा क्यूबा अब इसकी खेप से वंचित हो गया है, क्योंकि अमेरिकी सेना वेनेजुएला के तेल उत्पादों के उत्पादन, शोधन और वैश्विक वितरण को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत टैंकर को जब्त करना जारी रखे हुए है। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “क्यूबा लंबे समय से वेनेजुएला के तेल और धन का इस्तेमाल कर रहा था और बदले में उसे सुरक्षा प्रदान कर रहा था, लेकिन अब और नहीं! क्यूबा को अब न तो तेल मिलेगा और न ही धन।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, “मैं उन्हें दृढ़तापूर्वक सलाह देता हूं कि वे बहुत देर होने से पहले समझौता कर लें।” हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस तरह के समझौते की बात कर रहे हैं। क्यूबा सरकार ने कहा है कि पिछले सप्ताहांत मादुरो को पकड़ने के लिए चलाए गए अमेरिकी अभियान में उसके 32 सैन्यकर्मी मारे गए। क्यूबा की दो मुख्य सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े ये कर्मी क्यूबा और वेनेजुएला के बीच हुए समझौते के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास में तैनात थे। ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला को अब उन गुंडों और जबरन वसूली करने वालों से सुरक्षा की जरूरत नहीं है, जिन्होंने उन्हें इतने वर्षों तक बंधक बनाकर रखा था। अब वेनेजुएला के पास अमेरिका है, जो (निस्संदेह!) दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। हम उनकी रक्षा जरूर करेंगे।”
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नई दिल्ली। ईरान में आम लोगों का विरोध प्रदर्शन 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है। एक-एक कर देश के हर कोने से सरकार के खिलाफ आवाज उठ रही है। इंटरनेट ब्लैकआउट के भी 60 घंटे हो चुके हैं। इस बीच अमेरिका की चेतावनी से तेहरान का सियासी हलका काफी नाराज है। संसद के अध्यक्ष ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का जवाब धमकी से दिया है।
ईरान के संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल निशाने पर होंगे। कालीबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरानी संसद में सांसद मंच की ओर दौड़े और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। ईरानी राज्य टेलीविजन ने संसद सत्र को लाइव प्रसारित किया।कालीबाफ एक कट्टरपंथी नेता हैं और पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने पुलिस और ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड को प्रदर्शनों के दौरान दृढ़ रहने के लिए सराहा। कालीबाफ ने कहा, ‘ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे कठोर तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार लोगों को सजा देंगे।’उन्होंने इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र कहते हुए सीधे धमकी दी। उन्होंने कहा, ‘ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाला क्षेत्र और क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध निशाने होंगे। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी आंदोलन में यूएस के दखल की संभावना को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है।वहीं, इंटरनेट पाबंदी की मियाद भी बढ़ गई है। इंटरनेट मॉनिटर नेटब्लॉक्स का कहना है कि ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश भर में इंटरनेट बंद किया गया था, जो अब 60 घंटे से ज्यादा हो गया है।आईआरजीसी से जुड़े तस्नीम न्यूज के मुताबिक विरोध प्रदर्शन बेहद हिंसक हो गया है। प्रदर्शनकारी शनिवार रात को ईरान के फार्स प्रांत के ममासानी काउंटी में न्यायपालिका परिसर में घुस गए और एक गार्ड पोस्ट में आग लगा दी।काउंटी के पब्लिक और रेवोल्यूशनरी प्रॉसिक्यूटर हसन इलाही ने बताया कि कोर्टहाउस के अंदर कई कमरों में आग लगा दी गई और सिक्योरिटी फोर्स के आने और भीड़ को हटाने से पहले आग ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल तक फैल गई थी। ( -
संयुक्त राष्ट्र. संयुक्त राष्ट्र ने विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर शनिवार को कहा कि यह भाषा समुदायों को जोड़ती है और सीमाओं के पार लोगों को एकजुट करती है। संयुक्त राष्ट्र ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "शनिवार को विश्व हिंदी दिवस है! विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं!" हिंदी दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जो समुदायों को जोड़ती है और सीमाओं के पार लोगों को एकजुट करती है। इस पोस्ट में लोगों से संयुक्त राष्ट्र के कार्यों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए 'यूएन इन हिंदी' को फॉलो करने का भी आग्रह किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने पहली बार वर्ष 2026 के लिए अपना नववर्ष संदेश अन्य भाषाओं के साथ-साथ हिंदी में भी दिया था। उनका नववर्ष संदेश 11 भाषाओं में जारी किया गया, जिनमें संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाएं (अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश) के साथ-साथ हिंदी और उर्दू भी शामिल हैं।
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दुबई. ईरान में अर्थव्यवस्था की खस्ताहाल स्थिति और राजनीतिक दमन को लेकर एक हफ्ते से अधिक समय से जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। एक मानवाधिकार एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस बीच, ईरान सरकार ने देश के पश्चिमी प्रांत ईलम में हिंसा की बात स्वीकार की है, जहां सुरक्षाबलों ने एक अस्पताल पर कथित तौर पर धावा बोला और आम नागरिकों पर गोलीबारी भी की। अमेरिका की ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' ने बताया कि ईरान के 31 प्रांतों में से 27 में 250 से अधिक स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। उसने बताया कि इन विरोध-प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरानी सुरक्षा बल के दो सदस्य मारे गए हैं। यह एजेंसी ईरान के भीतर मौजूद कार्यकर्ताओं के नेटवर्क के जरिये आंकड़े जुटाती है और अशांति के पिछले दौर के दौरान इसकी रिपोर्टिंग सही साबित हुई थी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स' ने सोमवार देर रात बताया कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान लगभग 250 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल रेवोल्यूशनरी गार्ड बल के 45 सदस्य घायल हुए हैं। हालांकि, ईरान सरकार ने विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में कोई समग्र आंकड़े या जानकारी प्रदान नहीं की है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोमवार रात आंतरिक मामलों के मंत्रालय को ईलम प्रांत में हो रही घटनाओं की “गहन जांच” के लिए एक विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया। राजधानी तेहरान से लगभग 515 किलोमीटर दूर ईलम प्रांत के मालेकशाही काउंटी से सामने आए वीडियो में सुरक्षाबलों को आम नागरिकों पर कथित तौर पर गोलीबारी करते देखा जा सकता है। राष्ट्रपति कार्यालय ने “ईलम के एक अस्पताल में हुई उस घटना को भी स्वीकार किया”, जिससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। इन वीडियो में दंगा रोधी गियर पहने सुरक्षाबलों को कथित तौर पर उस अस्पताल पर धावा बोलते देखा जा सकता है, जहां विरोध-प्रदर्शनों में घायल प्रदर्शनकारियों को भर्ती कराया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ईलम के अस्पताल पर ईरानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और उसे “आपराधिक कृत्य” करार दिया। विभाग ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “अस्पतालों में घुसना, चिकित्सा कर्मियों को पीटना और घायलों पर आंसू गैस के गोले दागना और हथियारों से हमला करना मानवता के खिलाफ स्पष्ट अपराध है। अस्पताल युद्धक्षेत्र नहीं हैं।” समाचार एजेंसी ‘फार्स' की खबर में आरोप लगाया गया है कि ईलम में प्रदर्शनकारियों के पास आग्नेयास्त्र और ग्रेनेड थे। हालांकि, खबर में इन आरोपों के संबंध में कोई प्रमाण नहीं दिया गया है। आर्थिक रूप से पिछड़े ईलम प्रांत में मुख्य रूप से कुर्द और लूर जातीय समूहों के लोग रहते हैं।
ईरान में विरोध-प्रदर्शनों में मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ ही आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका मामले में हस्तक्षेप कर सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान शांतिपूर्वक विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करता है, तो अमेरिका “उन्हें बचाने के लिए आगे आएगा।” हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप ईरान में हस्तक्षेप करेंगे या नहीं और अगर करेंगे तो किस तरह करेंगे, लेकिन उनके बयानों को लेकर ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी अधिकारियों ने पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर लागू कठोर प्रतिबंधों के कारण पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रही ईरानी अर्थव्यवस्था को पिछले साल इजराइल के साथ 12 दिन के युद्ध के चलते और झटका लगा। दिसंबर 2025 में ईरानी रियाल की कीमत गिरकर 14 लाख ईरानी रियाल प्रति अमेरिकी डॉलर पहुंच गई, जिससे देशभर में अर्थव्यस्था की लगातार खस्ताहाल होती स्थिति को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए। मंगलवार को ईरानी रियाल की कीमत 14.6 लाख ईरानी रियाल प्रति अमेरिकी डॉलर दर्ज की गई।
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शनिवार को “दंगाइयों के खिलाफ सख्ती करने” की बात कहने के बावजूद ईरान में विरोध-प्रदर्शन थमते नजर नहीं आ रहे हैं। -
पेरिस. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फतीह बिरोल से मुलाकात की और तेल बाजारों तथा परमाणु ऊर्जा समेत वैश्विक ऊर्जा मुद्दों पर उनसे चर्चा की। जयशंकर फ्रांस और लक्जमबर्ग की छह दिन की यात्रा पर हैं। उन्होंने आज आईईए के कार्यकारी निदेशक से मुलाकात की।
विदेश मंत्री ने ‘एक्स' पर लिखा, आज सुबह आईईए के कार्यकारी निदेशक फतीह बिरोल से मिलकर प्रसन्नता हुई। वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य के उनके आकलन और भारत के विकास में उनके समर्थन की सराहना करता हूं।'' बिरोल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह पेरिस में जयशंकर से मिलकर खुश हैं। -
नई दिल्ली। ब्रिटेन और फ्रांस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में सीरिया के अंदर आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक की है। लड़ाकू विमानों ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट ग्रुप के एक संदिग्ध भूमिगत हथियार डिपो पर बमबारी की। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि इस हमले में किसी आम नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी एयरक्राफ्ट ऑपरेशन के बाद सुरक्षित लौट आए हैं।
सीरिया में इस्लामिक स्टेट ग्रुप (दाएश आतंकवादी संगठन) फिर से उभरने की कोशिश में है, जिसने 2019 तक सीरिया के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया था। इसे रोकने के लिए ब्रिटेन ने फ्रांस के साथ मिलकर ऑपरेशन किया।ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा, “रॉयल एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट मार्च 2019 में अपनी सैन्य हार के बाद दाएश आतंकवादी ग्रुप के किसी भी संभावित पुनरुत्थान को रोकने के लिए सीरिया के ऊपर गश्त करना जारी रखे हुए हैं। सावधानीपूर्वक खुफिया विश्लेषण ने पलमायरा के प्रमुख स्थल से कुछ मील उत्तर में पहाड़ों में एक भूमिगत ठिकाने की पहचान की। इस ठिकाने पर दाएश का कब्जा था, जिसका इस्तेमाल हथियार और विस्फोटक जमा करने के लिए किया जाता था। ठिकाने के आसपास के क्षेत्र में कोई नागरिक बस्ती नहीं है।”रॉयल एयरफोर्स के टाइफून एफजीआर4एस फाइटर जेट्स ने फ्रांसीसी विमानों के साथ एक संयुक्त कार्रवाई में 3 जनवरी की शाम को भूमिगत ठिकाने पर हमला किया। विमानों ने ठिकाने तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाने के लिए पेववे-4 गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि शुरुआती संकेत हैं कि लड़ाकू विमानों ने लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें विमानों को वॉयेजर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन सपोर्ट लेते दिखाया गया।रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा, “यह कार्रवाई हमारे ब्रिटेन के नेतृत्व और अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने के हमारे पक्के इरादे को दिखाती है, ताकि मिडिल ईस्ट में दाएश और उसकी खतरनाक व हिंसक विचारधारा के फिर से उभरने को खत्म किया जा सके। मैं इस ऑपरेशन में शामिल हमारी सेना के सभी सदस्यों को उनकी दक्षता और साहस के लिए धन्यवाद देता हूं।”उन्होंने आगे कहा, “वे क्रिसमस और नए साल के दौरान तैनात किए गए हजारों ब्रिटिश जवानों में से थे। हमारे जीवन के तरीके को खतरा पहुंचाने वाले खतरनाक आतंकवादियों को खत्म करने के लिए किया गया यह ऑपरेशन दिखाता है कि हमारी सेना पूरे साल कैसे तैयार रहती है व ब्रिटेन को घर पर सुरक्षित और विदेश में मजबूत रखती है।” -
वाशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 लाख अमेरिकी डॉलर के कंप्यूटर चिप सौदे को रद्द करने का शुक्रवार को आदेश देते हुए कहा कि अगर वर्तमान मालिक ‘हाइफो कॉर्प' प्रौद्योगिकी पर नियंत्रण बनाए रखता है तो यह अमेरिकी सुरक्षा हितों के लिए खतरा बन सकता है। इस कार्यकारी आदेश ने एक ऐसे व्यापारिक सौदे पर ध्यान केंद्रित किया, जो मई 2024 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के दौरान घोषित किया गया था। इस सौदे में एयरोस्पेस और रक्षा विशेषज्ञ एमकोर कॉर्प ने अपने कंप्यूटर चिप और वेफर निर्माण कार्यों को 29 लाख अमेरिकी डॉलर में हाइफो को बेच दिया था। लेकिन ट्रंप अब ‘हाइफो' से मांग कर रहे हैं कि वह 180 दिनों के भीतर इस तकनीक से अपनी हिस्सेदारी समाप्त कर दे। उन्होंने ‘‘विश्वसनीय सबूत'' का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा मालिक चीन का नागरिक है। हाइफो ने ट्रंप के इस आदेश पर टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
हाइफो के साथ हुए सौदे के समय एमकोर एक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनी थी लेकिन पिछले वर्ष निवेश कंपनी चार्ल्सबैंक कैपिटल पार्टनर्स ने एमकोर का अधिग्रहण कर उसे निजी कंपनी बना लिया। - काराकास। अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार सुबह कई बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई। धमाकों का कारण साफ नहीं है, जबकि सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में धुएं के गुबार दिख रहे हैं। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, धमाकों की आवाज के बाद राजधानी में टेलीकम्युनिकेशन सेवा में थोड़ी रुकावट की खबर सामने आ रही है। हालांकि, अमेरिका की तरफ से अब तक इन धमाकों को लेकर किसी भी तरह का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।बता दें, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कई बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने की अपनी रणनीति के तहत वेनेजुएला में ग्राउंड ऑपरेशन की संभावना के बारे में चेतावनी दी थी। इन चेतावनियों के बाद ही वेनेजुएला में कई धमाकों की आवाज सुनाई दी है।दबाव बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला पर बैन बढ़ाए हैं, इलाके में अमेरिकी सेना की मौजूदगी बढ़ाई है, और कैरिबियन और पैसिफिक दोनों में जहाजों पर ड्रग ट्रैफिकिंग का आरोप लगाया है। कैरेबियन सागर में बीते समय में अमेरिकी सेना की कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई। हाल ही में, अमेरिकी सरकार ने ईरान और वेनेजुएला में बैन लगाने की घोषणा की थी। अमेरिकी सरकार ने तेहरान पर काराकास को पारंपरिक हथियार सप्लाई करने और अमेरिकी होमलैंड सहित पूरे पश्चिमी क्षेत्र में यूएस के हितों को खतरा पहुंचाने का आरोप लगाया था।अमेरिकी राज्य विभाग और वित्त विभाग ने कहा कि वेनेजुएला की जिस कंपनी पर बैन लगाया गया, वह लाखों डॉलर के ईरानी-डिजाइन किए गए कॉम्बैट अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) की बिक्री में शामिल थी। अमेरिकी विभागों की ओर से जारी बयानों में कहा गया कि दूसरी बैन की गई संस्थाओं और लोगों पर ईरान के ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम से जुड़े प्रोक्योरमेंट नेटवर्क का समर्थन करने का आरोप है।राजकीय विभाग के उपप्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “आज जिन संस्थाओं और लोगों पर बैन लगाया गया है, वे दिखाते हैं कि ईरान सक्रिय रूप से अपने लड़ाकू यूएवी को बढ़ा रहा है और यूएन की पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए मिसाइल से जुड़े आइटम खरीद रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप सरकार ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर रोक लगाने, दूसरे पारंपरिक और एसिमेट्रिक हथियारों के विकास को रोकने के साथ-साथ ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए कार्रवाई करेगी।आतंकवाद और वित्तीय खुफिया के अवर सचिव जॉन के हर्ले ने कहा, “हम उन लोगों को अमेरिकी वित्तीय सिस्टम तक पहुंचने से रोकने के लिए तेजी से कार्रवाई करते रहेंगे जो ईरान के मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स को एक्सेस करने में मदद करते हैं।” अमेरिकी वित्त विभाग ने यह भी कहा कि ईरान के यूएवी और मिसाइल प्रोग्राम मिडिल ईस्ट में अमेरिका और उसके सहयोगी कर्मचारियों के लिए खतरा हैं और रेड सी में कमर्शियल शिपिंग में रुकावट डालते हैं।इससे पहले सीआईए ने पिछले साल दिसंबर 2025 में वेनेजुएला के तट पर एक डॉक फैसिलिटी पर ड्रोन हमला किया था। सूत्रों ने बताया कि इस हमले में एक दूर के डॉक को निशाना बनाया गया था, जिसके बारे में अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि इसका इस्तेमाल वेनेजुएला का एक गैंग ड्रग्स स्टोर करने और उन्हें शिपमेंट के लिए नावों पर भेजने के लिए कर रहा था।
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न्यूयॉर्क. जोहरान ममदानी बुधवार मध्यरात्रि के ठीक बाद न्यूयॉर्क सिटी के मेयर बन गए। उन्होंने मैनहट्टन के एक ऐतिहासिक सबवे स्टेशन पर पद की शपथ ली, जो अब इस्तेमाल में नहीं है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ममदानी ने अमेरिका के सबसे बड़े शहर के पहले मुस्लिम नेता के रूप में शपथ ग्रहण की। उन्होंने कुरान पर हाथ रखकर पद की शपथ ली। ममदानी ने कहा, ‘‘यह सचमुच मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान और सौभाग्य है। उनकी राजनीतिक सहयोगी एवं न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने समारोह का संचालन किया। यह समारोह पुराने सिटी हॉल स्टेशन में हुआ जो न्यूयॉर्क के मूल सबवे स्टेशनों में से एक है और अपनी शानदार मेहराबदार छतों के लिए जाना जाता है। अपराह्न एक बजे वह फिर से शपथ लेंगे । अपराह्न एक बजे सिटी हॉल में अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स से वह पद की शपथ लेंगे, जो उनके राजनीतिक आदर्शों में से एक हैं। इसके बाद नए प्रशासन द्वारा आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम ब्रॉडवे के “कैनियन ऑफ हीरोज” नामक हिस्से में आयोजित किया जाएगा जो अपने टिकट-टेप परेड के लिए प्रसिद्ध है। ममदानी अब अमेरिकी राजनीति की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक शुरू करने वाले हैं, क्योंकि वह देश के सबसे उन नेताओं में शुमार हो गए हैं जिन पर सभी की नजरें टिकी रहती हैं। न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर होने के अलावा अफ्रीका में जन्मे ममदानी दक्षिण एशियाई मूल के पहले मेयर भी हैं। 34 वर्ष की उम्र में मेयर बनने वाले ममदानी शहर के सबसे युवा मेयर भी हैं। ममदानी का जन्म युगांडा के कैंपाला में हुआ था। उनकी माता फिल्मकार मीरा नायर और पिता शिक्षाविद एवं लेखक महमूद ममदानी हैं। जब ममदानी सात साल के थे, तब उनका परिवार न्यूयॉर्क सिटी आ गया। ममदानी उस न्यूयॉर्क सिटी में बड़े हुए जहां 9/11 के बाद मुस्लिम समुदाय को लेकर माहौल बदला हुआ था। उन्होंने 2018 में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की।
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नई दिल्ली। दुनिया के एक छोटे से द्वीप देश किरिबाती ने नए साल का इस्तकबाल बड़ी आन-बान-शान से कर दिया है। भारत से करीब साढ़े आठ घंटे पहले यहां नए साल के जश्न में लोग डूबे देखे गए। किरिबाती 33 एटोल (एटोल का मतलब होता है गोलाकार कोरल रीफ) से बना है—प्रशांत महासागर के 3.5 मिलियन वर्ग किमी (1.4 मिलियन वर्ग मील) से अधिक क्षेत्र में फैला है।
1994 में, किरिबाती—जिसका उच्चारण “किरिबास” किया जाता है—ने अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के पार टाइम जोन बदल दिया, ताकि सभी 33 द्वीपों में एक ही तारीख हो (पहले अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के पूर्वी तरफ कुछ द्वीप थे)।प्रशांत द्वीप देशों समोआ, टोंगा, और टोकेलाऊ—जो ऑकलैंड से लगभग 3,500 किमी उत्तर में न्यूजीलैंड का एक आश्रित क्षेत्र है—ने भी जश्न के साथ 2026 का स्वागत किया है।इनके बाद न्यूजीलैंड ने भी नए साल का स्वागत आतिशबाजी से किया। ऑकलैंड ने स्काई टॉवर पर रंगीन आतिशबाजी के साथ नए साल को रोशन किया। पांच मिनट के इस शो में 240 मीटर (787 फीट) ऊंचे टॉवर, जो न्यूजीलैंड की सबसे ऊंची इमारत है, की अलग-अलग मंजिलों से 3,500 पटाखे चलाए गए।आइए जानते हैं कि जब दुनिया के कुछ देश हमसे पहले नए साल का जश्न मनाते हैं तो हम और कितने घंटों का इंतजार करते हैं। किरिबाती ने जब नए साल का पहला दिन मनाया, तो भारत में दोपहर के 3:30 बजे थे। न्यूजीलैंड हमसे करीब साढ़े छह घंटे पहले और ऑस्ट्रेलिया साढ़े पांच घंटे पहले (भारत में तब साढ़े छह बजते हैं) नए साल की खुशियां मनाते हैं, जापान साढ़े तीन घंटे पहले, थाईलैंड डेढ़ घंटे पहले, बांग्लादेश हमसे आधे घंटे पहले, और नेपाल महज 15 मिनट पहले नूतन वर्ष का स्वागत करता है। - नई दिल्ली। नए साल का बाहें फैलाकर स्वागत करने को तैयार कई देश हैं। किरिबाती से शुरुआत हो चुकी है, और न्यूजीलैंड का ऑकलैंड आतिशबाजी से जगमगा उठा। ऑस्ट्रेलिया भी तैयार है। वहीं सिडनी में बोंडी बीच आतंकी हमले के पीड़ितों को जश्न से पहले ठीक 11 बजे श्रद्धांजलि दी गई।एक ऐसी रात में जो आमतौर पर खुशी और जश्न के लिए होती है, सिडनी उस बोंडी बीच हमले पर सोचने के लिए रुका, जिसने 14 दिसंबर को यहूदी समुदाय और शहर को खौफजदा कर दिया था। जश्न मनाने जुटे लोगों ने एक मिनट का मौन रखा जो सिडनी के यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता दिखाने का एक तरीका था।सिडनी हार्बर ब्रिज सफेद रोशनी से जगमगा रहा था और हजारों मशालों की रोशनी फैल रही थी; शहर जो नहीं रहे उन्हें याद करने और कुछ सोचने के लिए रुक गया। रात 11 बजे ‘एकता के क्षण’ में सिडनी हार्बर ब्रिज शांति और एकता का प्रतीक बनने के लिए सफेद रोशनी से जगमगा उठा। ‘द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड’ के अनुसार हार्बर के किनारे मौजूद लोगों से जो कहा गया उन्होंने वही किया। उन्होंने अपने फोन की टॉर्च जलाई और रोशनी बहते पानी पर डाली, जो यहूदी समुदाय और हमले से पीड़ित सभी लोगों के साथ शहर की एकजुटता का प्रतीक था।इससे पहले, रात के 10 बजे, सिडनी हार्बर ब्रिज को नीली रोशनी से रोशन किया गया, ताकि सिडनी शहर के ऑफिशियल चैरिटी पार्टनर, बियॉन्ड ब्लू के काम को पहचान मिल सके। इस “बियॉन्ड ब्लू मोमेंट” ने चैरिटी के उन प्रयासों को श्रद्धांजलि दी, जिसके तहत वह ऑस्ट्रेलियाई लोगों को चौबीसों घंटे मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करती है।आतिशबाजी की शुरुआत करीब 9 बजे हुई थी। न्यू ईयर ईव के जश्न की पहली आतिशबाजी से सिडनी हार्बर जगमगा उठा। स्थानीय मीडिया ने बताया कि बुधवार को घंटों लाइन में लगकर इंतजार करने वाली भीड़ को रात 9 बजे ‘कॉलिंग कंट्री’ आतिशबाजी के साथ दुनिया के सबसे बड़े आतिशबाजी शो में से एक का पहला नजारा देखने को मिला।
- ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं और डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी स्थिति काफी नाजुक है। बेगम खालिदा जिया बांग्लादेश की प्रमुख राजनेता और देश की पूर्व प्रधानमंत्री थीं। उनका जन्म 15 अगस्त 1945 को दीनाजपुर जिले में हुआ था। वे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। उसके बाद खालिदा जिया सक्रिय राजनीति में आईं। पति की मौत के बाद उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का नेतृत्व संभाला और जल्द ही देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों में गिनी जाने लगीं।खालिदा जिया देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने तीन बार देश का नेतृत्व किया। वो पहली बार 1991 से 1996 तक, दूसरी बार 30 मार्च 1996 से 23 जून 1996, तक और फिर 2001 से 2006 तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। खालिदा जिया का निधन उस वक्त हुआ है, जब बांग्लादेश राजनीतिक उथल पुथल से जूझ रहा है। देश में फरवरी में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें भाग लेने के लिए उनके बेटे तारिक रहमान, करीब 17 सालों के बाद देश लौट चुके हैं। खालिदा जिया लगातार बीमार चल रही थीं और शेख हसीना के शासन के दौरान उन्हें कई सालों से नजरबंद रखा गया था।
- काठमांडू. नेपाल के पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक ने सोमवार को दावा किया कि ‘जेन जेड' विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन हुई तोड़फोड़ और आगजनी "लोकतंत्र और राष्ट्र के खिलाफ एक योजनाबद्ध साजिश" का परिणाम थी। आठ और नौ सितंबर को भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाले ‘जेन जेड' विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जिससे प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था। ‘जेन जेड' आंदोलन के दौरान कुल 77 लोग मारे गए थे, जिनमें 22 युवा शामिल थे।लेखक सोमवार को ‘जेन जेड' विरोध प्रदर्शन की जांच कर रहे उच्च स्तरीय आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने कहा कि वह 8 सितंबर की मौतों और अन्य क्षति के लिए पूर्ण नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं। उन्होंने हालांकि, दावा किया कि 9 सितंबर को देशभर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी स्वतः उत्पन्न हिंसा नहीं थी, बल्कि यह लोकतंत्र और राष्ट्र के खिलाफ एक योजनाबद्ध साजिश का परिणाम थी। नेपाली कांग्रेस के नेता ने कहा कि आठ सितंबर की घटना के तुरंत बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि गृह मंत्रालय के राजनीतिक प्रमुख के रूप में उन्हें व्यक्तिगत और संस्थागत रूप से जिम्मेदारी महसूस हुई। हालांकि, लेखक ने 8 सितंबर के शांतिपूर्ण ‘जेन जेड' विरोध प्रदर्शन और 9 सितंबर की हिंसक घटनाओं के बीच स्पष्ट अंतर किया। उनके अनुसार, 8 सितंबर का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, जिसे बाद में भड़काया और हथिया लिया गया, जिससे अगले दिन व्यापक आगजनी और हमले हुए। उन्होंने कहा, “9 सितंबर की हिंसक घटनाएं राष्ट्रीय अखंडता, गरिमा और लोकतंत्र के खिलाफ थीं। कोई भी देशभक्त नेपाली सिंह दरबार सचिवालय, उच्चतम न्यायालय, संसद और राष्ट्रपति कार्यालय को आग लगाने की कल्पना भी नहीं कर सकता।” उन्होंने कहा कि यह “एक योजनाबद्ध साजिश” और “राष्ट्र और लोकतंत्र पर जानबूझकर हमला” था।जांच आयोग का नेतृत्व पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की कर रहे हैं। उसने लेखक को तलब किया था, जो ‘जेन जेड' विरोध प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री थे। लेखक ने अपने स्पष्टीकरण में दावा किया कि तब के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने 7 सितंबर को केंद्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने और अत्यधिक बल या हताहत से बचने पर सहमति जताई थी। लेखक ने कहा, “जेन जेड प्रदर्शनकारियों की मांगें-भ्रष्टाचार विरोध, सुशासन और सोशल मीडिया साइट पर प्रतिबंध हटाना—वैध और व्यापक रूप से स्वीकार्य थीं।” लेखक ने कहा कि नौ सितंबर की घटना “क्षणिक क्रोध” का परिणाम नहीं हो सकती, जिसमें प्रमुख सरकारी कार्यालयों, निजी संपत्तियों, राजनीतिक पार्टी के भवनों, पुलिस इकाइयों और देशभर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आग लगाई गई। उन्होंने बताया कि इस तरह के समन्वित हमले तैयारी, योजना और इरादे को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “ये स्वाभाविक घटनाएं नहीं थीं। ये राष्ट्र के संस्थानों पर संगठित हमले थे।” लेखक ने आयोग को यह सुझाव भी दिया कि यह जांच की जाए कि विरोध प्रदर्शन में कौन घुसपैठ कर गया, 9 सितंबर के हमलों की योजना किसने बनाई और उन्हें किसने अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगों को स्वीकार किया जाना चाहिए, लेकिन अपराधिक कृत्यों को अलग से देखना और दंडित करना जरूरी है। ओली और लेखक के काठमांडू घाटी छोड़ने पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि उन्हें आयोग के सामने पेश होने की आवश्यकता हो सकती है। जांच आयोग के प्रवक्ता विज्ञान राज शर्मा के अनुसार, लेखक को बुधवार को फिर से पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि वह घटना के बारे में स्पष्टीकरण देना जारी रख सकें। शर्मा के अनुसार, आयोग ओली को तलब करने और घटना के संबंध में उनका स्पष्टीकरण दर्ज करने के लिए पत्र भेजने की तैयारी कर रहा है।
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काठमांडू। काठमांडू महानगरपालिका के महापौर बालेंद्र शाह को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की ओर से रविवार को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया। बालेंद्र शाह को बालेन के नाम से भी जाना जाता है। इससे पहले, बालेन और आरएसपी ने नेपाल आम चुनाव मिलकर लड़ने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। देश में आम चुनाव के लिए मतदान पांच मार्च को होने हैं। रातभर चली लंबी बातचीत के बाद हुए सात सूत्री समझौते के तहत 35 वर्षीय बालेन को संसदीय दल का नेता एवं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया, जबकि रबी लामिछाने भंग हो चुकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में चौथी सबसे बड़ी पार्टी आरएसपी के अध्यक्ष बने रहेंगे। समझौते के अनुसार, बालेन और उनका समूह निर्वाचन आयोग द्वारा आवंटित आरएसपी के चुनाव चिह्न ‘घंटी' पर चुनाव लड़ेगा। समझौते के बाद रबी लामिछाने ने कहा कि यह सहमति व्यक्तिगत नेताओं की महत्वाकांक्षाओं के बजाय देश की जरूरतों को प्रतिबिंबित करनी चाहिए। उन्होंने यह बात रविवार सुबह फेसबुक पोस्ट में कही।
समझौते में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने “भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ युवा पीढ़ी द्वारा शुरू किए गए आंदोलन की जिम्मेदारी” ली है और ‘जेन-जेड' के प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाई गई मांगों को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई है। पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह समझौता युवा-नेतृत्व वाली उन उभरती राजनीतिक ताकतों को एकजुट करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिन्होंने सितंबर के आंदोलन का नेतृत्व किया था। इसी आंदोलन के कारण के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी। इस समझौते के बाद बड़ी संख्या में ‘जेन-जेड' समर्थकों के आरएसपी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, ऊर्जा और जल संसाधन मंत्री कुलमान घिसिंग के नेतृत्व वाले एक अन्य नवगठित दल उज्यालो नेपाल पार्टी (यूएनपी) ने गठबंधन में शामिल होने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। मंत्री ने एकजुटता और सहयोग पर बालेन के साथ कई दौर की वार्ता की है ।समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के दौरान आरएसपी के वरिष्ठ नेता डॉ. स्वर्णिम वागले, डी.पी. आर्यल और शिशिर खनाल मौजूद थे। लामिछाने की ओर से असीम शाह शामिल हुए, जबकि बालेन शाह के पक्ष से कुमार ब्यांजंकर, निश्चल बसनेत और भूप देव शाह उपस्थित थे।
- ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री एवं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया की हालत “बेहद नाजुक” बनी हुई है। उनके निजी चिकित्सक ने यह जानकारी दी। कई स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही 80 वर्षीय खालिदा जिया 23 नवंबर से ढाका के ‘एवरकेयर' अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उन्हें 11 दिसंबर को वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉ. ए.जेड.एम. जाहिद ने शनिवार को मध्यरात्रि के बाद एवरकेयर अस्पताल के बाहर बिना पूर्व सूचना के आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी हालत में सुधार हुआ है। फिलहाल उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।'' समाचार पोर्टल बीडीन्यूज24डॉटकॉम की खबर के अनुसार, डॉ. जाहिद ने देशवासियों से खालिदा जिया के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “अगर अल्लाह की रहमत से वह इस नाजुक दौर से बाहर निकल जाती हैं, तो हमें कुछ सकारात्मक खबर सुनने को मिल सकती है।” पार्टी सदस्यों के मुताबिक, खालिदा जिया के बेटे एवं बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने अस्पताल में दो घंटे से अधिक समय बिताया और आधी रात के आसपास रवाना हुए। स्थानीय और विदेशी दोनों चिकित्सक उनकी देखभाल में लगे हैं। उनकी बहू डॉ. जुबैदा रहमान भी उपचार प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। बीएनपी ने पहले संकेत दिया था कि वह खालिदा जिया को उन्नत चिकित्सा उपचार के लिए विदेश ले जाना चाहती है। हालांकि, उनकी वर्तमान शारीरिक स्थिति हवाई यात्रा की अनुमति नहीं देती, इसलिए उनका इलाज फिलहाल देश में ही जारी है। file photo
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न्यूयॉर्क/वाशिंगटन. अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि भारत द्वारा एक अमेरिकी संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण वाशिंगटन और नयी दिल्ली के बीच साझेदारी के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पल है, और यह वर्ष 2025 में द्विपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग के दौरान हासिल हुई सबसे बड़ी उपलब्धि है। क्वात्रा ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए आज वास्तव में एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है।” उन्होंने कहा, “ यह हमारे अंतरिक्ष इंजीनियरों और हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए बड़ा दिन है। यह आत्मनिर्भरता के प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) के दृष्टिकोण के हिसाब से एक बड़ा दिन है। यह भारत-अमेरिका सहयोग के लिए बड़ा दिन है। मुझे लगता है कि कम से कम इस क्षेत्र में तो हम वर्ष 2025 का इससे बेहतर अंत नहीं कर सकते थे, और अगले वर्ष और अधिक उपलब्धियां हासिल करने की पूरी तैयारी है।” भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने सबसे भारी रॉकेट एलवीएम3-एम6 से बुधवार को अमेरिका वाणिज्यिक संचार उपग्रह ब्लूबर्ड-6 (ब्लॉक-2) को सटीक तरीके से उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया। क्वात्रा ने कहा, “आज की इस अद्वितीय उपलब्धि से हमने जो हासिल किया वह 2025 में दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग में हासिल हुई सबसे बड़ी उपलब्धि है।” क्वात्रा ने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्योग तथा सरकारी विभागों को 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में आगे बढ़ने के प्रेरित किया है। उन्होंने कहा, “यह अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का एक स्पष्ट उदाहरण है। आत्मनिर्भरता को हमें एक रणनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, न कि इसे केवल एक साधारण वाणिज्यिक आदान-प्रदान मानना चाहिए।”





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