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लंदन. भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच की शुरुआत से पहले बृहस्पतिवार को लॉर्ड्स के एमसीसी (मेरिलबोन क्रिकेट क्लब) संग्रहालय में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के चित्र (पोर्ट्रेट) का अनावरण किया गया। यह पोर्ट्रेट स्टुअर्ट पियर्सन राइट ने 18 वर्ष पहले अपने घर पर ली गई एक तस्वीर से बनाया है। यह पोर्ट्रेट इस वर्ष के अंत तक एमसीसी संग्रहालय में रहेगा और उसके बाद इसे पवेलियन में लगाया जाएगा। यहां जारी की गई एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘जैसे-जैसे काम आगे बढ़ा, पियर्सन राइट का दृष्टिकोण भी बदलता गया और अंततः घिसे हुए एल्युमीनियम पर तेल की चित्रकारी के साथ यह समाप्त हुआ। इसमें अमूर्त पृष्ठभूमि तेंदुलकर की कालातीतता को दर्शाती है, जो किसी युग तक सीमित नहीं है।'' पियर्सन राइट ने इससे पहले कपिल देव, बिशन सिंह बेदी और दिलीप वेंगसरकर के चित्र बनाए हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार तेंदुलकर ने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ा सम्मान है। भारत ने जब 1983 में विश्व कप जीता था, तब लॉर्ड्स से मेरा पहला परिचय हुआ था।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमारे कप्तान कपिल देव को ट्रॉफी उठाते देखा। उस पल ने क्रिकेट में मेरे सफर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज जब पवेलियन में मेरा पोर्ट्रेट लगाया गया है, तो ऐसा लग रहा है जैसे मेरा सफ़र पूरा हो गया हो। जब मैं अपने करियर के बारे में सोचता हूं तो मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। यह वाकई खास है।'' विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘लॉन्ग रूम गैलरी खेल जगत की सबसे पुरानी और सबसे प्रतिष्ठित गैलरी है। क्लब में वर्तमान में लगभग 3,000 तस्वीरें हैं, जिनमें से लगभग 300 पोर्ट्रेट हैं।‘‘ पियर्सन राइट ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट था कि एमसीसी नहीं चाहता था कि यह पोर्ट्रेट मेरे द्वारा बनाए गए भारतीय क्रिकेट से जुड़े पिछले चित्रों के समान प्रारूप में हो, इसलिए इस चित्र के साथ एक नया दृष्टिकोण अपनाया गया। मैंने इसमें सचिन के सिर पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।'' -
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन/ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स के सदस्य देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने की चेतावनी देते हुए मंगलवार को दावा किया कि इस समूह की स्थापना अमेरिका को नुकसान पहुंचाने और डॉलर को कमजोर करने के लिए की गई है। ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस' में कैबिनेट की छठी बैठक में पत्रकारों से बात करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे ब्रिक्स में हैं तो उन्हें 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा।''
ट्रंप ने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना ‘‘हमें नुकसान पहुंचाने'' और ‘‘हमारे डॉलर को कमजोर करने'' और डॉलर को मानक मुद्रा की स्थिति से हटाने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘और अगर वे यह खेल खेलना चाहते हैं तो ठीक है लेकिन मैं भी यह खेल खेल सकता हूं। इसलिए ब्रिक्स में शामिल हर देश को 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा।'' ट्रंप ने कहा कि यह ‘‘बहुत जल्द'' होगा।
उन्होंने ने कहा, ‘‘अगर वे ब्रिक्स के सदस्य हैं तो उन्हें 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा... केवल इसी एक बात के लिए।'' ट्रंप ने दावा किया कि ब्रिक्स ‘‘काफी हद तक टूट गया'' है लेकिन ‘‘कुछ देश ऐसे भी हैं जो अब भी (इसके सदस्य) बने हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरी राय में ब्रिक्स कोई गंभीर खतरा नहीं है लेकिन वे डॉलर को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि कोई दूसरा देश (हमारी) जगह ले सके और मानक बन सके। हम किसी भी हाल में (डॉलर की) मानक (मुद्रा) की यह स्थिति खोने वाले नहीं हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपके पास एक समझदार राष्ट्रपति है, तो आप कभी भी मानक नहीं खोएंगे।''
ट्रंप ने कहा, ‘‘अगर डॉलर विश्व में मानक नहीं रहता है तो यह एक युद्ध, एक बड़ा विश्व युद्ध हारने जैसा होगा; हम पहले जैसे देश नहीं रह जाएंगे। हम ऐसा नहीं होने देंगे... डॉलर राजा है, हम इसकी स्थिति ऐसे भी बनाए रखेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोग इसे चुनौती देना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं लेकिन उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी और मुझे नहीं लगता कि उनमें से कोई भी इस कीमत को चुकाने के लिए तैयार है।'' ब्रिक्स देशों- ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान के नेता छह-सात जुलाई को ब्राजील में आयोजित 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। - दुबई। ईरान की सरकार ने इजराइल के साथ युद्ध में मरने वाले लोगों की नयी संख्या जारी करते हुए बताया कि इसमें कम से कम 1,060 लोग मारे गए हैं। साथ ही, उसने चेतावनी दी है कि यह संख्या बढ़ सकती है।ईरान के ‘फाउंडेशन ऑफ मार्टर एंड वेटरंस अफेयर्स' के प्रमुख सईद ओहादी ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में मृतकों की संख्या के बारे में जानकारी दी। ओहादी ने चेतावनी दी कि कुछ लोग जिस तरह से गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उसे देखते हुए मरने वालों की संख्या 1,100 तक पहुंच सकती है।ईरान ने युद्ध के दौरान इजराइल की 12 दिनों की बमबारी के प्रभावों को कम करके दिखाया, जबकि इन हमलों ने उसकी वायु रक्षा प्रणाली को तबाह कर दिया है। युद्ध विराम लागू होने के बाद से ईरान धीरे-धीरे विनाश की व्यापकता को स्वीकार कर रहा है। हालांकि, उसने अब तक यह नहीं बताया है कि उसकी सेना को कितना नुकसान पहुंचा है। वाशिंगटन स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह ने कहा कि 436 नागरिक और सुरक्षाबलों के 435 सदस्यों समेत 1,190 लोग मारे गए हैं। हमलों में 4,475 लोग घायल भी हुए हैं।
- वाशिंगटन। चीन ने अपने वीजा नियमों में ऐतिहासिक रूप से ढील दी है, जिससे 74 देशों के नागरिक अब बिना वीजा के 30 दिनों तक इस एशियाई देश की यात्रा कर सकते हैं। इस नीति का उद्देश्य पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। पिछले वर्ष दो करोड़ से अधिक लोग बिना वीजा के चीन गए थे, जो 2023 के मुकाबले दोगुनी संख्या है। वीजा नियमों में ढील दिए जाने के बाद अब विदेशी पर्यटक चीन जा रहे हैं। ऑस्ट्रिया में रह रहे जॉर्जिया के एक नागरिक जॉर्जी शावाद्जे ने बीजिंग में ‘टेम्पल ऑफ हेवन' की अपनी हालिया यात्रा के बारे में कहा, ‘‘यह वास्तव में यात्रा को आसान बनाता है क्योंकि वीजा के लिए आवेदन करना और उसकी पूरी प्रक्रिया से गुजरना एक झंझट होता था।''हालांकि, अधिकांश पर्यटन स्थल अब भी घरेलू पर्यटकों से भरे हैं, लेकिन पर्यटन उद्योग विदेशी आगंतुकों की संभावित बढ़ोतरी के लिए तैयार हो रहा है। कोविड-19 के कारण लगे कड़े प्रतिबंधों को हटाने के बाद चीन ने 2023 की शुरुआत में पर्यटकों के लिए अपनी सीमाएं फिर से खोल दी थीं, लेकिन उस वर्ष केवल 1.38 करोड़ लोग ही चीन गए थे, जो महामारी से पहले 2019 के 3.19 करोड़ के आंकड़े के आधे से भी कम है। दिसंबर 2023 में चीन ने फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्पेन और मलेशिया के लिए बिना वीजा के यात्रा की घोषणा की थी। तब से अधिकतर यूरोपीय देशों को यह सुविधा मिल चुकी है तथा 16 जुलाई को अजरबैजान के जुड़ने से इन देशों की संख्या 75 हो जाएगी।
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केरविले (अमेरिका). अमेरिका के टेक्सास में पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वाले लोगों की संख्या सोमवार को बढ़कर 100 से अधिक हो गई। अधिकारियों ने बताया कि जान गंवाने वालों में गर्मी की छुट्टियों में आयोजित शिविरों (समर कैंप) में भाग लेने वाले कई बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण कम से कम 104 लोगों की मौत हो गई।
टेक्सास हिल कंट्री में ग्रीष्मकालीन शिविर ‘कैंप मिस्टिक' के संचालकों ने बताया कि उसके शिविर में भाग ले रहे 27 लोगों की बाढ़ के कारण मौत हो गई। केर काउंटी के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि शिविर में भाग ले रहे 11 लोग लापता हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बचावकर्ताओं को ‘कैंप मिस्टिक' और कई अन्य ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन करने वाली इस काउंटी में 28 बच्चों सहित 84 लोगों के शव मिले हैं। प्राधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। - वॉशिंगटन। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. इस संबंध में उन्होंने नोबेल पुरस्कार समिति को एक पत्र भेजा है. नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में रात्रिभोज के दौरान व्यक्तिगत रूप से ट्रंप को नामांकन पत्र की एक प्रति सौंपी.ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में नेतन्याहू के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया. नेतन्याहू ने ट्रंप को नामांकन पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा,'राष्ट्रपति ने अब्राहम समझौते को मूर्त रूप दिया है. वह एक देश के बाद दूसरे क्षेत्र में शांति स्थापित कर रहे हैं. मैं आपको नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा गया पत्र प्रस्तुत करना चाहता हूँ. इसमें आपको शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है, जिसके आप हकदार हैं और आपको यह मिलना चाहिए.'पत्र मिलने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी. ट्रंप ने कहा कि खास तौर पर आपकी ओर से यह पत्र आना बहुत सार्थक है.व्हाइट हाउस में रात्रि भोज के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सामने बैठे हुए पत्रकारों से बातचीत में नेतन्याहू ने ट्रम्प के नेतृत्व की सराहना की.नेतन्याहू ने कहा, 'मैं न केवल सभी इजरायलियों की ओर से बल्कि यहूदी लोगों और दुनिया भर के कई प्रशंसकों की ओर से आपके नेतृत्व, मुक्त विश्व के आपके नेतृत्व, न्यायपूर्ण उद्देश्य के आपके नेतृत्व और शांति और सुरक्षा की खोज के लिए प्रशंसा व्यक्त करना चाहता हूं. इसका नेतृत्व आप कई देशों में कर रहे हैं खासर मध्य पूर्व में. हमारे पास बेहतरीन अवसर हैं. राष्ट्रपति के पास एक असाधारण टीम है और मुझे लगता है कि हमारी टीमें चुनौतियों का सामना करने और अवसरों को भुनाने के लिए एक असाधारण संयोजन बनाती हैं.'रात्रिभोज बैठक की शुरुआत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें और इजरायली प्रधानमंत्री को एक साथ मिलकर जबरदस्त सफलता मिली है और कहा कि उन्हें बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे. इससे पहले नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक की.रुबियो के साथ अपनी बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इजराइल और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के सामने आने वाली साझा चुनौतियों पर चर्चा की.अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को अमेरिका के लिए रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा कि इजराइली वार्ताकारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे उन शर्तों के तहत युद्ध विराम करें जिन्हें इजराइल ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हमने बहुत से बंधकों को मुक्त करा लिया है, लेकिन शेष बंधकों के संबंध में उनमें से काफी लोग जल्द ही मुक्त हो जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि ट्रंप के साथ उनकी बैठक निश्चित रूप से इस समझौते को आगे बढ़ाने में मदद करेगी.बता दें कि अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान हमास द्वारा पकड़े गए 251 लोगों में से 49 गाजा में ही हैं, जिनमें से 27 के बारे में इजरायली सेना का कहना है कि वे मर चुके हैं. रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू ने पहले अमेरिका समर्थित युद्ध विराम प्रस्ताव के मसौदे पर हमास की प्रतिक्रिया को खारिज कर दिया था और इन मांगों को अस्वीकार्य बताया था. कतर और मिस्र के मध्यस्थों के माध्यम से बताए गए इस मसौदे में 60 दिन के युद्ध विराम, बंदियों की चरणबद्ध रिहाई व अन्य शर्तें शामिल है.
- वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति फिलहाल रोकने संबंधी आदेश जारी करने के कुछ ही दिन बाद कहा है कि अमेरिका कीव को और हथियार भेजेगा। उनका यह बयान ‘पेंटागन’ (अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय) द्वारा पिछले सप्ताह की गई घोषणा के बाद उनके अचानक बदले रुख को दर्शाता है। ‘पेंटागन’ ने कहा था कि वह यूक्रेन को हवाई हमलों से बचाव करने वालीं मिसाइल, सटीक निशाना लगाने वालीं तोपें जैसे कुछ हथियार भेजना फिलहाल रोक रहा है।यह आदेश इसलिए दिया गया था क्योंकि अमेरिका इस बात को लेकर चिंतित है कि उसके अपने हथियारों का भंडार बहुत कम हो गया है।बता दें कि पिछले हफ्ते ही पेंटागन ने कहा था कि अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक कम हो रहा है, इसलिए यूक्रेन को कुछ हथियारों की डिलीवरी रोकी जा रही है। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम और सटीक निशाना लगाने वाले तोपखाने शामिल थे। लेकिन सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हमें यूक्रेन को और हथियार भेजने होंगे। उन्हें अपनी हिफाजत के लिए लड़ने का हक है।' यह बयान यूक्रेन के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, जो रूस के लगातार हमलों का सामना कर रहा है।
- डलास (संयुक्त राज्य अमेरिका) : संयुक्त राज्य अमेरिका में एक कार दुर्घटना में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई. हैदराबाद निवासी सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे. उनकी कार को एक मिनी ट्रक ने सामने से टक्कर मारी, जिसमें चारों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान वेंकट बेजुगम, उनकी पत्नी तेजस्विनी चोल्लेटी और उनके दो बच्चे सिद्धार्थ और म्रीदा बेजुगम के रूप में हुई है. मूल रूप से यह परिवार सिकंदराबाद के सुचित्रा क्षेत्र का रहने वाला था. यूएसए में यह परिवार डलास के पास ऑबरी स्थित सटन फील्ड्स इलाके में रह रहा था.वेंकट बेजुगम अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अटलांटा में अपने रिश्तेदारों से मिलकर डलास लौट रहे थे. इस दौरान वो दुर्घटना का शिकार हुए. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब एक मिनी ट्रक कथित तौर पर गलत लेन में तेज गति से चल रहा था और इस दौरान सामने से आ रही कार से टकरा गया.जोरदार टक्कर के बाद कार में आग लग गई. दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ चुके थे और आग लगने के बाद वो पूरी तरह खाक हो गई. इस बीच परिवार उस कार से नहीं निकल पाया और सभी लोग जिंदा जल गए. दर्दनाक हादसे में मौत के बाद उनके पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार के लिए भारत लाया जाएगा. फिलहाल 'टीम एड' नाम का एक गैर-लाभकारी संगठन मृतक के परिवार और दोस्तों के साथ कॉर्डिनेशन कर रहा है. यह संगठन संकट में प्रवासियों की सहायता करता है और मृत लोगों के शवों को उनके देश भेजने में मदद करता है. 'टीम एड' के एक सदस्य ने कहा, "मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए हैदराबाद वापस लाया जाएगा. पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं और एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद शवों को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया जाएगा." अमेरिकी अधिकारी अभी पहचान और शवों को भेजने से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा कर रहे हैं.
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पेरिस। चीन ने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के बाद फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन के बारे में भ्रम की स्थिति पैदा करने की जिम्मेदारी अपने दूतावासों को दी थी, ताकि इस विमान की प्रतिष्ठा और बिक्री को नुकसान पहुंचाया जा सके। फ्रांसीसी सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने यह निष्कर्ष निकाला है। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा देखी गई फ्रांसीसी खुफिया सेवा की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के दूतावासों में रक्षा अधिकारियों (डिफेंस अताशे) ने राफेल की बिक्री को प्रभावित करने के लिए अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य उन देशों को राजी करना था, जिन्होंने पहले से ही फ्रांस निर्मित लड़ाकू विमान का ऑर्डर दे दिया है - विशेष रूप से इंडोनेशिया- कि वे राफेल विमान न खरीदें तथा अन्य संभावित खरीदारों को चीन निर्मित विमान चुनने के लिए प्रोत्साहित किया।
सैन्य अधिकारी और शोधकर्ता तब से इस बात का ब्योरा जुटा रहे हैं कि पाकिस्तान के चीन निर्मित सैन्य उपकरण विशेष रूप से युद्धक विमान और मिसाइलें - भारत द्वारा पाकिस्तानी लक्ष्यों को भेदने के लिए इस्तेमाल किए गए हथियारों, विशेष रूप से फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों के मुकाबले कैसा प्रदर्शन कर रहे थे। फ्रांस राफेल के खिलाफ कथित दुष्प्रचार अभियान से लड़ रहा है।
पाकिस्तान ने दावा किया कि उसकी वायुसेना ने सैन्य संघर्ष के दौरान पांच भारतीय विमानों को मार गिराया, जिनमें तीन राफेल भी शामिल थे। फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि इससे उन देशों की ओर से राफेल के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे, जिन्होंने फ्रांसीसी निर्माता दसॉ एविएशन से लड़ाकू विमान खरीदे हैं। भारत ने विमान के नुकसान की बात स्वीकार की, लेकिन यह नहीं बताया कि उसके कितने विमान गिरे हैं।
फ्रांसीसी वायुसेना प्रमुख जनरल जेरोम बेलांगर ने कहा कि उन्होंने केवल तीन भारतीय विमानों को क्षति होने की ओर इशारा करते हुए सबूत देखे हैं। जेरोम के मुताबिक इनमें एक राफेल, एक रूस निर्मित सुखोई और फ्रांस निर्मित एक मिराज 2000 लड़ाकू विमान शामिल है। फ्रांस ने आठ देशों को राफेल लड़ाकू विमान बेचे हैं, जिनमें से भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान इस विमान के गिरने का पहला ज्ञात मामला है। फ्रांसीसी अधिकारी विमान की प्रतिष्ठा को नुकसान से बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन द्वारा राफेल के खिलाफ एक संगठित अभियान और ऑनलाइन गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उनका कहना है कि इस अभियान में सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट, राफेल के कथित मलबे को दिखाने वाली छेड़छाड़ की गई तस्वीरें, कृत्रिम मेधा से तैयार सामग्री और कथित युद्ध का अनुकरण करने के लिए वीडियो-गेम चित्रण शामिल थे। ऑनलाइन गलत जानकारी पर विशेष ध्यान देने वाले फ्रांसीसी शोधकर्ताओं के अनुसार, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान नए बनाए गए 1,000 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट ने भी चीनी तकनीकी श्रेष्ठता की कहानी फैलाई। फ्रांसीसी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वे राफेल के खिलाफ ऑनलाइन प्रचार को सीधे चीनी सरकार से जोड़ने में सक्षम नहीं हो पाए हैं। खुफिया आकलन के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने संभावित ग्राहकों पर फ्रांसीसी विमानों का विचार छोड़ने के लिए दबाव डाला। फ्रांसीसी खुफिया सेवा ने कहा कि चीनी दूतावास के रक्षा अधिकारियों ने अन्य देशों के सुरक्षा और रक्षा अधिकारियों के साथ बैठकों में भी यही बात दोहराई और तर्क दिया कि भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों का प्रदर्शन खराब है। चीनी अधिकारियों ने अपने हथियारों के प्रदर्शन को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
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ब्यूनस आयर्स. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अर्जेंटीना की दो दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार शाम (स्थानीय समयानुसार) ब्यूनस आयर्स पहुंचे और इस दौरान वह देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ, दोनों देशों के बीच जारी सहयोग की समीक्षा करेंगे तथा प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का एजेइजा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत किया गया।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ द्विपक्षीय यात्रा के लिए ब्यूनस आयर्स पहुंचा हूं। इस यात्रा का मकसद अर्जेंटीना के साथ संबंधों को बढ़ाना है। मैं राष्ट्रपति जेवियर माइली से मुलाकात करने और उनके साथ विस्तृत बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं।'' यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। प्रधानमंत्री के रूप में यह मोदी की दूसरी यात्रा है, इससे पहले वह 2018 में जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए अर्जेंटीना आए थे। भारतीय समुदाय के लोगों ने होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ‘‘मोदी, मोदी'' के नारों और ‘‘भारत माता की जय'' के उद्घोष के साथ किया। प्रधानमंत्री ने समुदाय के लोगों के साथ कुछ देर बातचीत भी की। उनके स्वागत में एक सांस्कृतिक नृत्य भी पेश किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स' पर कहा, ‘‘ हमारे देशों के बीच स्थायी मित्रता का जश्न मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया। यह 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की अर्जेंटीना की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जो भारत-अर्जेंटीना संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ती है।'' विदेश मंत्रालय ने कहा कि अपनी इस यात्रा के दौरान मोदी राष्ट्रपति माइली के साथ रक्षा, कृषि, खनन, तेल एवं गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, व्यापार और निवेश सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत-अर्जेंटीना साझेदारी को और बढ़ावा देने के लिए व्यापक वार्ता करेंगे। बयान में कहा गया, ‘‘ प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा से भारत और अर्जेंटीना के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी और प्रगाढ़ होगी।'' अपने प्रस्थान वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्जेंटीना लातिन अमेरिका में एक प्रमुख आर्थिक साझेदार है तथा जी-20 में एक करीबी सहयोगी है तथा वह राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ विचार-विमर्श के लिए उत्सुक हैं जिनसे उन्होंने पिछले वर्ष मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ हम कृषि, अहम खनिज, ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्रों सहित पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।'' वह त्रिनिदाद और टोबैगो की अपनी दो दिवसीय यात्रा के समापन के बाद यहां पहुंचे। भारत तथा त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। - नई दिल्ली।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ अब यह बिल एक कानून बन गया है।यह बिल प्रतिनिधि सभा के पारित किए जाने के एक दिन बाद आया, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप के ऐतिहासिक कानून को अंतिम स्वीकृति मिल गई।स्वतंत्रता दिवस समारोह में ट्रंप ने कहा, ” मैंने कभी देश में लोगों को इतना खुश नहीं देखा क्योंकि कई अलग-अलग वर्गों के लोग अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इनमें सेना, आम नागरिक और विभिन्न प्रकार की नौकरियों से जुड़े लोग शामिल हैं।” राष्ट्रपति ट्रंप ने साउथ डकोटा से रिपब्लिकन सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून और लुइसियाना से रिपब्लिकन हाउस स्पीकर माइक जॉनसन को सराहा, जिन्होंने इस विधेयक को कांग्रेस के दोनों सदनों से पारित कराने में अहम भूमिका निभाई है। ट्रंप ने कहा, “वह दोनों एक ऐसी टीम हैं, जिसे हराया नहीं जा सकता।”व्हाइट हाउस’ की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने इस विधेयक को “उन सभी नीतियों का सार” बताया, जिन पर राष्ट्रपति ने चुनाव लड़ा और जिनके पक्ष में जनता ने मतदान किया था। उन्होंने इसे अमेरिकी जनता के लिए एक विजयी दिन बताया है। गुरुवार दोपहर को हाउस रिपब्लिकन ने टैक्स में भारी कटौती, संघीय खर्च में कटौती, पेंटागन और बॉर्डर सिक्योरिटी के लिए फंडिंग बढ़ाने वाले ट्रंप के विशाल पैकेज को मंजूरी देने के लिए मतदान किया, जिससे यह विधेयक पारित हो गया। इससे पहले इसी सप्ताह सीनेट ने भी इस बिल को पास कर दिया था।ट्रंप ने ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ की तारीफ की। उन्होंने इसे अमेरिका के ‘नए स्वर्ण युग की शुरुआत’ बताया। ट्रंप ने ‘ट्रुथ’ पर लिखा, “हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में रिपब्लिकन ने ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ पारित किया है। हमारी पार्टी पहले से कहीं अधिक एकजुट है। हम व्हाइट हाउस में शनिवार शाम 4 बजे एक साइनिंग सेरेमनी का आयोजन करेंगे। सभी कांग्रेस सदस्यों और सीनेटर्स को आमंत्रित किया गया है। हम एक साथ अपने राष्ट्र की स्वतंत्रता और हमारे नए स्वर्ण युग की शुरुआत का जश्न मनाएंगे।”उन्होंने आगे कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के लोग पहले से कहीं अधिक समृद्ध, सुरक्षित और गौरवान्वित होंगे। सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन, सीनेट मेजोरिटी लीडर जॉन थ्यून और कांग्रेस के सभी रिपब्लिकन सदस्यों को धन्यवाद, जिन्होंने हमारे वादों को पूरा करने में मदद की। साथ मिलकर हम ऐसी चीजें कर सकते हैं, जिनकी एक साल से भी कम समय पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। हम काम करते रहेंगे और जीतते रहेंगे, बधाई हो अमेरिका!”
- मॉस्को. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बृहस्पतिवार को फोन पर बातचीत के दौरान ईरान, यूक्रेन और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। क्रेमलिन ने यह जानकारी दी। ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद से यह फोन पर उनकी छठी बातचीत थी। पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि ईरान के हालात पर चर्चा करते हुए पुतिन ने सभी मुद्दों को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से सुलझाने की आवश्यकता पर बल दिया।अमेरिका ने 22 जून को ईरान के तीन स्थलों पर हमला किया, जिससे वह तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के उद्देश्य से इजराइल के युद्ध में शामिल हुआ। यूक्रेन में संघर्ष के बारे में उशाकोव ने कहा कि ट्रंप ने लड़ाई को शीघ्र रोकने के लिए अपने प्रयास पर बल दिया तथा पुतिन ने कीव के साथ वार्ता जारी रखने के लिए मॉस्को की इच्छा व्यक्त की। पुतिन ने तर्क दिया है कि उन्होंने यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के प्रयास से रूस के लिए उत्पन्न खतरे को दूर करने और यूक्रेन में रूसी भाषियों की रक्षा के लिए फरवरी 2022 में यूक्रेन में सेना भेजी थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संभावित शांति समझौते में यूक्रेन को नाटो में शामिल होने की अपनी कोशिश छोड़नी होगी तथा रूस के क्षेत्रीय आधिपत्य को मान्यता देनी होगी। दोनों नेताओं के बीच बृहस्पतिवार को बातचीत पेंटागन की इस पुष्टि के बाद हुई है कि अमेरिका यूक्रेन को कुछ हथियारों की आपूर्ति रोक रहा है। उशाकोव ने कहा कि ट्रंप-पुतिन वार्ता में यूक्रेन को कुछ अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति को निलंबित करने पर चर्चा नहीं हुई।
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अक्करा (घाना). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत और घाना ने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक विस्तार दिया है, साथ ही उन्होंने दोहराया कि नयी दिल्ली इस अफ्रीकी राष्ट्र की विकास यात्रा में सह-यात्री है। प्रधानमंत्री मोदी ने घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा के साथ व्यापक वार्ता के बाद बुधवार को ये टिप्पणियां कीं। मीडिया को दिए अपने बयान में मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है और भारत, घाना की विकास यात्रा में सिर्फ साझेदार ही नहीं बल्कि सह-यात्री भी है। दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक मोदी के पश्चिम अफ्रीकी देश की राजधानी पहुंचने के कुछ घंटे बाद हुई। मोदी पांच देशों की यात्रा के पहले चरण में घाना पहुंचे हैं। घाना के राष्ट्रपति महामा ने प्रधानमंत्री मोदी की हवाई अड्डे पर अगवानी की, जहां उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। यह तीन दशकों में भारत के किसी प्रधानमंत्री की पहली घाना यात्रा है। मोदी और महामा के बीच वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने संस्कृति और पारंपरिक चिकित्सा समेत कई क्षेत्रों में चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- लंदन. हॉलीवुड अभिनेता जॉन सीना का कहना है कि वह भारत के दर्शकों के आभारी हैं जिन्होंने वर्षों से उन्हें अपना प्यार दिया है और उनकी फिल्मों के लिए समय निकाला है। वर्तमान में एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘‘हेड्स ऑफ स्टेट'' में काम कर रहे जॉन ने कहा कि एक बार उन्होंने थोड़े समय के लिए भारत की यात्रा की थी और वह प्रशंसकों के आतिथ्य और उत्साह से अभिभूत हो गए थे। मंगलवार शाम को लंदन में फिल्म के प्रीमियर के अवसर पर जॉन ने कहा, ‘‘भारत से मुझे हमेशा जो प्यार, और आतिथ्य मिला है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। भारत में भले ही बेहद कम समय की यात्रा पर रहा लेकिन वहां प्रशंसकों का बहुत प्यार मिला।'' पहलवान से अभिनेता बने जॉन ने कहा, ‘‘मैं एक बार फिर भारत के दर्शकों को धन्यवाद कहना चाहता हूं। भारतीय दर्शकों ने मेरी फिल्मों के लिए समय निकाला और मैंने भी अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। अगर भारतीय दर्शकों का ऐसा समर्थन नहीं मिला होता तो आज मैं इस मुकाम पर नहीं होता। मैं उनका आभारी हूं।'' बुधवार को प्राइम वीडियो पर प्रसारित ‘‘हेड्स ऑफ स्टेट'' का निर्देशन फिल्म ‘‘नोबडी'' से प्रसिद्धि पाने वाले इल्या नैशुल्लर ने किया है। ‘‘हेड्स ऑफ स्टेट'' में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड सितारों इदरीस एल्बा और जॉन सीना के साथ अभिनय करती हुई नजर आ रही हैं। फिल्म में एल्बा ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की भूमिका निभाई है और सीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति की भूमिका निभाई है।
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वाशिंगटन. विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो के बीच वार्ता के दौरान व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को प्रगाढ़ करने के तरीकों पर प्रमुखता से चर्चा हुई। जयशंकर ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता भी की। ये बैठकें मंगलवार को ‘क्वाड' समूह के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन से इतर हुईं।
मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद, जयशंकर और रुबियो की यह पहली बैठक थी। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘व्यापार, सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, संपर्क और ऊर्जा सहित हमारी द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा की। क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर दृष्टिकोण साझा किए।'' बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत का भी जायजा लिया। नयी दिल्ली और वाशिंगटन द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर हस्ताक्षर करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जैसा कि फरवरी में वाशिंगटन डीसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता के दौरान सहमति बनी थी। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि रुबियो-जयशंकर वार्ता में अमेरिका-भारत ‘कॉम्पैक्ट' (सैन्य साझेदारी, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी के लिए अवसर बढ़ाने) के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। ‘कॉम्पैक्ट' पहल का उद्देश्य सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलाव लाना है, जिसे फरवरी में मोदी और ट्रंप के बीच वार्ता के बाद शुरू किया गया था। जयशंकर ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट से भी मुलाकात की और प्रगाढ़ द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी के अवसरों पर चर्चा की। जयशंकर ने 'एक्स' पर कहा, ‘‘भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत बनाने के अवसरों के बारे में बात की।'' विदेश मंत्री ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ भी एक अलग बैठक की। जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सार्थक बातचीत हुई। जयशंकर रुबियो के निमंत्रण पर 30 जून से 2 जुलाई तक अमेरिका की यात्रा पर हैं। - संयुक्त राष्ट्र. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब आतंकवाद को किसी देश द्वारा पड़ोसी के खिलाफ समर्थन दिया जाता है और यह कट्टरतावाद की भावना से प्रेरित होता है तो आतंकवाद की सार्वजनिक रूप से निंदा करना जरूरी है। अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘आतंकवाद की मानवीय कीमत' नाम से लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए यह टिप्पणी की। यह प्रदर्शनी संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दो स्थानों पर 30 जून से 3 जुलाई तथा 7 जुलाई से 11 जुलाई तक प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी का उद्घटन मंगलवार को पाकिस्तान द्वारा जुलाई माह के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता ग्रहण करने से एक दिन पहले किया गया है।जयशंकर ने कहा, ‘‘जब आतंकवाद को पड़ोसी देश के खिलाफ समर्थन दिया जाता है, जब इसे चरमपंथ की कट्टरता से बढ़ावा मिलता है, जब यह तमाम तरह की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देता है, तो इसे सार्वजनिक रूप से उजागर करना जरूरी है और ऐसा करने का एक तरीका यह है कि वैश्विक समाज में इसके द्वारा मचाई गई तबाही को प्रदर्शित किया जाए।'' संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन में विभिन्न देशों के इस विश्व निकाय में नियुक्त राजदूत, वरिष्ठ संयुक्त राष्ट्र कार्मिक, अधिकारी और दूत शामिल हुए। इस प्रदर्शनी को पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के अभियान के लिए वैश्विक समर्थन जुटाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। डिजिटल प्रदर्शनी में 1993 के मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और पहलगाम आतंकवादी हमले सहित दुनिया भर में हुए भीषण आतंकवादी हमलों को प्रदर्शित किया गया है।इन हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठनों के नामों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें पाकिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी समूह और वहां पर शरण लिये आतंकी भी शामिल हैं। जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि हम यहां आतंकवाद की चुकाई गई मानवीय कीमत को उजागर करने वाली प्रदर्शनी के लिए ‘‘गंभीरता की भावना के साथ एकत्र हुए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रदर्शनी उन लोगों को आवाज देने का एक विनम्र लेकिन दृढ़ प्रयास है जो अब बोल नहीं सकते, यह उन लोगों के लिए श्रद्धांजलि है जो हमसे दूर हो गए और जिनकी जिंदगी आतंकवाद के कहर से तबाह हो गई।'' विदेशमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी में शामिल चित्र और दृश्य, प्रत्येक क्षण, प्रत्येक स्मृति, प्रत्येक कलाकृति और प्रत्येक शब्द एक नष्ट हो गई जिंदगी की कहानी बयां करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि आतंकवाद के पीड़ितों के परिवारों का दर्द ‘‘आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने की हमारी साझा जिम्मेदारी की तत्काल आवश्यकता की एक स्पष्ट याद दिलाता है।''जयशंकर ने कहा कि यहां संयुक्त राष्ट्र में, ‘‘हमें न केवल याद रखना चाहिए'' बल्कि उन मूल्यों और मानवाधिकारों के लिए कार्य करने, उनकी रक्षा करने और उन्हें बनाए रखने के लिए ‘‘प्रतिबद्ध'' होना चाहिए जिन्हें आतंकवाद नष्ट करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद मानवता के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। यह संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार, नियम और मानदंड तथा राष्ट्रों को एक-दूसरे के साथ किस प्रकार व्यवहार करना चाहिए के सभी मान्यताओं के विपरीत है।'' जयशंकर ने पहलगाम आतंकवादी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पांच सप्ताह पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकवाद के एक विशेष रूप से भीषण कृत्य की कड़ी निंदा की थी और मांग की थी कि इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए और न्याय के कठघरे में लाया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हमने तब से ऐसा होते देखा है। उस प्रतिक्रिया से आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के संदेश का व्यापक महत्व रेखांकित होता है। दुनिया को कुछ बुनियादी अवधारणाओं पर एक साथ आना चाहिए जैसे आतंकवादियों को कोई छूट नहीं दी जानी चाहिए और परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकना चाहिए।'' विदेशमंत्री ने कहा, ‘‘किसी भी देश द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को उजागर किया जाना चाहिए। अब तक हम अच्छी तरह से जान चुके हैं कि कहीं का भी आतंकवाद हर जगह की शांति के लिए खतरा है। इस समझ को हमारी सामूहिक सोच और प्रतिक्रिया का मार्गदर्शन करना चाहिए।''
- वेनिस. अरबपति जेफ बेजोस और अंतरिक्ष की यात्रा कर चुकी उनकी मंगेतर लॉरेन सांचेज ने शुक्रवार को वेनिस में शादी कर ली। उन्होंने शुक्रवार रात विवाह समारोह आयोजित किया और सांचेज ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो पोस्ट की, जिसमें वह सफेद गाउन में मुस्कुराती नजर आ रही हैं और उनके साथ टक्सीडो (गहरे रंग की पोशाक) पहने बेजोस खड़े हैं, जो दुनिया के चौथे सबसे अमीर आदमी हैं। वेनिस के हवाई अड्डे पर दर्जनों निजी विमानों का जमावड़ा लगा हुआ था और शहर के प्रसिद्ध जलमार्गों पर नौकाएं थीं। एथलीट, मशहूर हस्तियां, ‘इंफ्लुएंसर' और प्रमुख कारोबारी इस भव्य अवसर का गवाह बनने के लिए एकत्र हुए थे। इस विवाह समारोह ने 2014 में वेनिस में अभिनेता जॉर्ज क्लूनी और मानवाधिकार वकील अमल अलामुद्दीन की शादी की यादें ताजा कर दीं, जब प्रशंसकों की भीड़ नहरों के किनारे खड़ी थी और सैकड़ों लोग सिटी हॉल के बाहर एकत्र हुए थे। भव्य विवाह समारोहों का आयोजन करने वाली कंपनी ‘एम्बार्क बियॉन्ड' के सीईओ जैक एजोन के अनुसार, वेनिस अपने नहरों के नेटवर्क के लिए प्रसिद्ध है, जहां एम्बुलेंस भी पानी में चलती हैं। लेकिन गुलदस्ते से लेकर मेहमानों तक को, सब कुछ पानी के रास्ते ले जाना वेनिस को समारोहों के लिए दुनिया के सबसे खूबसूरत शहरों में से एक बनाता है। विवाह नियोजन वेबसाइट ज़ोला की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शादी में हुआ खर्च आश्चर्यजनक और हैरान कर देने वाला है, जो 2025 में अमेरिकी जोड़ों के विवाह की औसत लागत 36,000 अमेरिकी डॉलर से 1,000 गुना अधिक है। एजोन ने कहा, ‘‘आप तीन या चार दिवसीय कार्यक्रम पर 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर कैसे खर्च कर सकते हैं? आप दुनिया भर से शानदार कलाकार, बेहतरीन ‘डीजे' ला सकते हैं। आप एक अविश्वसनीय ‘ग्लास टेंट' पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च कर सकते हैं जो केवल 10 घंटे के लिए है, लेकिन इसे बनाने में एक महीने का समय लगता है।'' शुक्रवार दोपहर को, सांचेज अपने होटल से सिर पर रेशमी स्कार्फ लिए हुए निकलीं और अपनी वाटर टैक्सी पर सवार हुईं। यह टैक्सी उन्हें नहरों के माध्यम से सैन जियोर्जियो द्वीप तक ले गई, जो सेंट मार्क स्क्वायर से लैगून बेसिन के पार है, जहां शुक्रवार रात जोड़े ने अपना समारोह आयोजित किया। ‘वोग' पत्रिका के अनुसार डोल्से एंड गब्बाना द्वारा डिज़ाइन किये गए गाउन को पूरी तरह तैयार करने में 900 घंटे लगे। यह गाउन 1958 की फ़िल्म हाउसबोट में सोफिया लॉरेन की शादी की पोशाक की तर्ज पर तैयार की गई। इस बीच, ग्रीनपीस नामक संगठन ने सेंट मार्क स्क्वायर में एक बैनर लगाया, जिसमें करों का अपर्याप्त भुगतान करने के लिए बेजोस की निंदा की गई। अमेज़न के सीईओ (मुख्य कार्यकारी) के रूप में, बेजोस आमतौर पर सुर्खियों से दूर रहते हैं, अक्सर घोषणाओं और व्यावसायिक सूचना देने का कार्य अपने अधिकारियों को सौंपते हैं। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, वर्तमान में उनकी कुल संपत्ति 234 अरब अमेरिकी डॉलर है।वर्ष 2019 में, उन्होंने घोषणा की थी कि वह अपनी पहली पत्नी मैकेंज़ी स्कॉट को तलाक दे रहे हैं, इससे ठीक पहले ‘नेशनल इन्क्वायरर' अखबार ने पूर्व टीवी न्यूज़ एंकर सांचेज के साथ उनके संबंधों के बारे में एक खबर प्रकाशित की थी। बेजोस के तलाक को अंतिम रूप दिए जाने के अगले दिन सांचेज ने तलाक के लिए अर्जी दी।स्थानीय मीडिया ने शनिवार को आर्सेनल में एक प्रीति भोज आयोजित किये जाने की सूचना दी है, जो पहले नौसेना बेस था।
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लंदन। मशहूर ब्रिटिश निर्देशक पीटर ब्रुक की डिजिटल तरीके से ‘रिस्टोर' की गई फिल्म ‘महाभारत' को इस वर्ष लंदन भारतीय फिल्म महोत्सव (एलआईएफएफ) में प्रीमियर किया जाएगा। वर्ष 1989 में बनी इस फिल्म में द्रौपदी की भूमिका में प्रसिद्ध कलाकार मल्लिका साराभाई हैं। फिल्म में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने काम किया है। अगले महीने ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट (बीएफआई) के सबसे बड़े आईमैक्स स्क्रीन पर फिल्म की ‘सेंट्रल गाला रेड कारपेट स्क्रीनिंग' होगी। प्रेम, दर्शन और युद्ध की कहानी कहती यह फिल्म समूची मानवता को समाहित करने वाली महाकाव्यात्मक गाथा का एक चर्चित रूपांतरण है। फिल्म का प्रदर्शन निर्देशक ब्रुक की 100वीं जयंती के दिन हो रहा है। ब्रुक को वर्ष 2021 में भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। एलआईएफएफ 2025 में कई अन्य फिल्में भी आकर्षण का केंद्र होंगी, जिनमें तमिल-फ्रेंच फिल्म ‘लिटिल जाफना' और निर्देशक रीमा दास की असमिया फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स 2' शामिल हैं। महोत्सव के निदेशक कैरी राजिंदर ने कहा, “हमें खुशी है कि हम जुलाई में लंदन और बर्मिंघम में दक्षिण एशिया की कुछ बेहतरीन भारतीय फिल्मों को प्रदर्शित करेंगे। इनमें निर्देशक लॉरेंस वैलिन की ‘लिटिल जाफना', भारतीय निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी की फिल्म ‘बूंग' और पद्मश्री से सम्मानित ब्रिटेन के दिग्गज निर्देशक पीटर ब्रुक की भव्य ‘महाभारत' का बीएफआई आईमैक्स पर प्रीमियर शामिल है।” उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में ब्रिटेन में जन्मे और बसे दक्षिण एशियाई फिल्मकारों की रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित होगी और भारतीय फिल्मकारों के साथ भविष्य में साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। लंदन और बर्मिंघम में 16 से 23 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव में ब्रिटिश दक्षिण एशियाई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक नया कार्यक्रम भी जोड़ा गया है। यह कार्यक्रम देश के दक्षिण एशियाई युवाओं को फिल्म उद्योग से जोड़ने के प्रयास का हिस्सा है। इस नयी पहल में रिफ्को थिएटर के साथ सहयोग किया गया है। इसके साथ ही महोत्सव के नियमित ‘ब्रिट-एशियन शॉर्ट्स' कार्यक्रम का आयोजन भी जारी रहेगा।
- दुबई,। इजराइल के साथ 12 दिनों के युद्ध के दौरान मारे गए रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ सैन्य कमांडरों तथा परमाणु वैज्ञानिकों के अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शनिवार को तेहरान की सड़कों पर हजारों लोग उमड़ पड़े। राजधानी तेहरान की आजादी स्ट्रीट पर ट्रकों पर रखे ताबूतों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी, बैलिएस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख जनरल आमिर अली हाजीजादेह और अन्य अधिकारियों को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सड़क किनारे खड़े लोगों ने ‘'अमेरिका मुर्दाबाद" और 'इजराइल मुर्दाबाद' के नारे लगाए। जनरल सलामी और हाजीजादेह दोनों 13 जून, यानी युद्ध के पहले दिन ही मारे गए थे, जब इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के उद्देश्य से व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था। इस अभियान में सैन्य कमांडरों, वैज्ञानिकों और परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। शव यात्रा के टेलीविजन प्रसारण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई नजर नहीं आए। वह आमतौर पर ऐसे जनाजों में शामिल हुआ करते हैं। लेकिन इस युद्ध की शुरुआत के पहले से ही वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए हैं। ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, इस शव यात्रा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची, रिवोल्यूशनरी गार्ड की विदेशी शाखा कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी और खामेनेई के सलाहकार जनरल अली शामखानी भी शामिल हुए। शामखानी इजराइल के पहले हमले में घायल हुए थे।सरकारी टेलीविजन के टेलीग्राम चैनल पर प्रसारित एक वीडियो में शामखानी को छड़ी के सहारे चलते देखा गया। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक, शनिवार को कुल 60 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया, जिनमें चार महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल थे। अधिकारियों ने अंत्येष्टि कार्यक्रम में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने के लिए सरकारी कार्यालय बंद रखे।
- द हेग (नीदरलैंड) .ब्रिटेन परमाणु बम ले जाने में सक्षम 12 अमेरिका निर्मित एफ-35 लड़ाकू विमान खरीदेगा और नाटो के साझा हवाई परमाणु मिशन में शामिल होगा। प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने बुधवार को यह घोषणा की। सरकार ने इसे ‘‘एक पीढ़ी में ब्रिटेन की परमाणु स्थिति की सबसे बड़ी मजबूती'' करार दिया।स्टार्मर ने नीदरलैंड में नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान यह घोषणा की। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ‘‘नाटो में ब्रिटेन का एक और मजबूत योगदान'' बताया। शीतयुद्ध की समाप्ति के बाद 1990 के दशक में ब्रिटेन ने विमानों से गिराए जाने वाले परमाणु हथियारों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया। अब इसके परमाणु शस्त्रागार में पनडुब्बी-आधारित मिसाइल शामिल हैं। केवल तीन नाटो सदस्य - अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस परमाणु शक्ति संपन्न हैं, जबकि सात देश गठबंधन के परमाणु मिशन में योगदान के तहत ऐसे जेट विमान उपलब्ध कराते हैं जो या तो पारंपरिक हथियार ले जा सकते हैं या यूरोप में जमा करके रखे गए अमेरिकी बी61 बम ले जा सकते हैं।स्टार्मर ने यह भी घोषणा की कि ब्रिटेन यूक्रेन को 350 हवाई रक्षा मिसाइल प्रदान करेगा, जिसका वित्तपोषण जब्त रूसी परिसंपत्तियों पर ब्याज से जुटाई गई सात करोड़ पाउंड की राशि से किया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब ब्रिटेन और अन्य नाटो सदस्यों ने 2035 तक सुरक्षा पर खर्च को सकल घरेलू उत्पाद का पांच प्रतिशत तक बढ़ाने का संकल्प लिया है। ब्रिटेन वर्तमान में राष्ट्रीय आय का 2.3 प्रतिशत रक्षा मद में खर्च करता है। उसका कहना है कि 2027 तक यह बढ़कर 2.6 प्रतिशत हो जाएगा।
- न्यूयॉर्क. भारतीय-अमेरिकी सांसद जोहरान क्वामे ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्युमो को हरा दिया है। प्रख्यात भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर और भारतीय मूल के युगांडा के लेखक महमूद ममदानी के बेटे जोहरान को मंगलवार रात को मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में विजेता घोषित किया गया। ममदानी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नेल्सन मंडेला के शब्दों में: कठिन से कठिन कार्य भी तब तक असंभव लगता है, जब तक हम उसे पूरा नहीं कर लेते। मेरे दोस्तों, यह पूरा हो चुका है। और आप ही हैं जिन्होंने इसे पूरा किया है।मुझे न्यूयॉर्क शहर के मेयर के लिए आपका डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने पर गर्व है।'' ममदानी का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा के कम्पाला में हुआ था और उनका पालन-पोषण न्यूयॉर्क सिटी में हुआ। जब वह सात साल के थे, तब अपने माता-पिता के साथ न्यूयॉर्क आकर बस गए थे। उनकी मां मीरा नायर ने ‘मानसून वेडिंग' और ‘सलाम बॉम्बे' जैसी फ़िल्मों के लिए प्रशंसा बटोरी है। क्वीन्स से राज्य विधानसभा सदस्य और मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रहे डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट ममदानी का विवाह ब्रुकलिन में रहने वाली सीरियाई मूल की कलाकार रमा दुवाजी से हुआ है। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने ममदानी और उनके हजारों जमीनी समर्थकों को उनके ‘‘असाधारण अभियान'' के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘आपने (ममदानी) राजनीतिक, आर्थिक और मीडिया प्रतिष्ठानों का सामना किया और उन्हें हरा दिया।अब आम चुनाव में जीत की बारी है।'' न्यूयॉर्क टाइम्स ने क्वीन्स में एक विजयी समारोह में ममदानी के हवाले से कहा, ‘‘मेरे दोस्तों, हमने यह कर दिखाया है। मैं न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के लिए आपका डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रहूंगा।'' यौन उत्पीड़न कांड के बाद वापसी का प्रयास कर रहे क्युमो ने समर्थकों से कहा कि उन्होंने ममदानी को फोन करके बधाई दी है। क्युमो ने हार स्वीकार करते हुए कहा, ‘‘आज की रात, हमारी रात नहीं है। आज की रात, उनकी (ममदानी) रात है। वह इसके हकदार है। वह जीत गए।'' यौन उत्पीड़न कांड के बाद गवर्नर पद से क्युमो (67) के इस्तीफे के करीब चार साल बाद यह चुनाव हुआ है।क्युमो ने राज्य के अटॉर्नी जनरल की एक रिपोर्ट के बाद 2021 में इस्तीफा दे दिया था। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि क्युमो ने कम से कम 11 महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। हालांकि, क्युमो यह कहते रहे हैं कि उन्होंने जानबूझकर महिलाओं का उत्पीड़न नहीं किया और उन्होंने केवल कार्यस्थल पर उचित आचरण पर जोर दिया था। इस बीच, ममदानी ने संकल्प जताया है कि वह मेयर के रूप में सभी स्थायी किरायेदारों के लिए किराये को फ्रीज कर देंगे तथा न्यूयॉर्क वासियों की जरूरत के अनुसार आवास बनाने और किराया कम करने के लिए हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग करेंगे।किराया-मुक्त बसों का वादा करते हुए उनके प्रचार अभियान ने कहा कि मेयर के रूप में वह शहर की हर बस में किराया स्थायी रूप से समाप्त कर देंगे और बसों की सेवा में तेजी लाने की कोशिश करेंगे। खाद्य पदार्थों की कीमतें नियंत्रण से बाहर होने के मद्देनजर उनके अभियान ने यह भी वादा किया कि मेयर के रूप में ममदानी शहर के स्वामित्व वाली किराना दुकानों का एक नेटवर्क बनाएंगे, जो लाभ कमाने के बजाय कीमतें कम रखने पर ध्यान केंद्रित करेंगी। उनके प्रचार अभियान ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क बहुत महंगा है। जोहरान महंगाई कम करेंगे और जिंदगी को आसान बनाएंगे।'' न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद का चुनाव इस साल चार नवंबर को होना है।
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बीजिंग. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सुरक्षा परिषद सचिवों की 20वीं बैठक में भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडल के अन्य प्रमुखों के साथ यहां चीनी उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। भारतीय दूतावास ने यहां ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि डोभाल ने बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल' में हान से मुलाकात की। एससीओ अधिकारियों के साथ अपनी बैठक में झेंग ने एससीओ सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने हान के हवाले से कहा कि चीन स्थायी सुरक्षा के लिए बहुपक्षवाद को बनाए रखने, पारस्परिक लाभ और सबके लिए लाभदायक परिणामों की खातिर कानून के शासन की भावना के अनुरूप एससीओ के अन्य सदस्य देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है।
हान ने कहा कि चीन समानता और एकजुटता को बनाए रखेगा, ताकि साझा शासन, सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ाया जा सके और अनिश्चितताओं और अस्थिरताओं से जूझ रही दुनिया में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने में एससीओ की भूमिका को और प्रभावी बनाया जा सके। दूतावास ने कहा कि इससे पहले, डोभाल ने रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनेडिक्टोव के साथ बातचीत की। वेनेडिक्टोव ने एससीओ सुरक्षा परिषद सचिवों की बैठक से इतर एनएसए डोभाल से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। रूसी पक्ष ने बताया कि वे रणनीतिक वार्ता के अगले दौर के लिए जल्द ही रूस में डोभाल का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। डोभाल ने सोमवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत की थी।डोभाल और वांग दोनों ही भारत-चीन सीमा तंत्र के विशेष प्रतिनिधि हैं। चीन इस साल एससीओ की अध्यक्षता कर रहा है। इस क्रम में वह सदस्य देशों की कई उच्च स्तरीय बैठकों की मेजबानी कर रहा है। इस बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बुधवार को किंगदाओ में एससीओ देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने की उम्मीद है। चीन इस साल के अंत में वार्षिक एससीओ शिखर सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी में जुटा है। एससीओ में चीन, रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस सहित 10 सदस्य देश शामिल हैं। -
बैंकाक. ईरान के खिलाफ इजराइल के युद्ध में शामिल होते हुए अमेरिका ने ईरान के फोर्दो परमाणु संवर्धन संयंत्र को तबाह करने के लिए अपने बहुचर्चित ‘बंकर-बस्टर' बम का इस्तेमाल किया। अमेरिका दुनिया का एकमात्र देश है जो सैन्य रूप से घातक इस बम को अत्याधुनिक स्टील्थ बी2 बमवर्षक से गिराने में समक्ष है। इन बमों को पहाड़ की गहराई में बने फोर्दो परमाणु केंद्र को नुकसान पहुंचाने या नष्ट करने का सबसे अच्छे उपाय माना गया। यह परमाणु केंद्र इजरायल के एक सप्ताह के आक्रमण के दौरान भी हमलों से अछूता रहा था। ‘बंकर बस्टर' एक व्यापक शब्द है जिसका उपयोग उन बम का वर्णन करने के लिए किया जाता है जिन्हें विस्फोट से पहले सतह को गहराई तक भेदने के लिए डिजाइन किया गया है। अमेरिकी शस्त्रागार में इस श्रेणी का सबसे आधुनिक बम ‘जीबीयू-57 ए/बी मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर' है। अमेरिकी वायुसेना के अनुसार यह लगभग 13,600 किलोग्राम का सटीक-निर्देशित बम है गहराई में फौलादी तरीके से बनाए गए बंकर को भेदकर उसके अंदर के ढांचे और सामान को नष्ट करने के लिए बनाया गया है। ऐसा माना जाता है कि यह बम पहले सतह को लगभग 200 फीट (61 मीटर) भेदते हुए नीचे जाता है और फिर धमाका करता है। अगर इस श्रेणी के बम को एक के बाद एक गिराया जाए तो प्रत्येक विस्फोट के साथ सतह से गहराई तक भेदने की क्षमता बढ़ती जाती है। यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि रविवार की सुबह हमले में इस श्रेणी के कितने बम का इस्तेमाल किया गया है।
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तेल अवीव. अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के मकसद से इजराइल की ओर से शुरू किए गए हमलों में शामिल होते हुए रविवार तड़के तीन ईरानी परमाणु केंद्रों पर हमले किए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि ईरान के परमाणु केंद्र ‘‘पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए हैं''। साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने जवाबी कार्रवाई की तो उसके खिलाफ और अधिक हमले किए जा सकते हैं। हमले के बाद क्षति का कोई स्वतंत्र आकलन नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या अमेरिका अपने सहयोगी इजराइल के साथ ईरान पर हमला जारी रखेगा। इजराइल ने पिछले नौ दिन से ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। ट्रंप ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की अनुमति के बिना यह कार्रवाई की तथा उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिकी सेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तो और अधिक हमले किए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी होगी।''
ईरान के शीर्ष राजनयिक और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के "दूरगामी परिणाम होंगे" और तेहरान के पास जवाबी कार्रवाई करने के लिए "सभी विकल्प सुरक्षित हैं"। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने अमेरिकी हमलों को लेकर सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक बुलाने का आह्वान किया। एसोसिएटेड प्रेस को मिले एक पत्र में, राजदूत आमिर सईद ईरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली निकाय को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अमेरिका को जवाबदेह ठहराने के लिए "सभी आवश्यक उपाय" करने चाहिए। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने पुष्टि की है कि उसके फोर्दो, इस्फहान और नतांज में स्थित स्थलों पर हमले हुए हैं, लेकिन इससे उसका काम नहीं रुकेगा। ईरान ने कहा कि इन परमाणु केंद्रों पर हमले के बाद विकिरण के कोई संकेत नहीं हैं और आस पास के निवासियों को कोई खतरा नहीं है। ईरान यह कहता रहा है कि उसके परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए हैं, साथ ही अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान सक्रिय रूप से बम निर्माण नहीं कर रहा है। हालांकि ट्रंप और इजराइल के नेताओं ने दावा किया कि ईरान जल्द परमाणु हथियार तैयार कर सकता है, जिससे वह एक आसन्न खतरा बन जाएगा। अमेरिका और इजराइल के अधिकारियों ने कहा है कि ‘अमेरिकन स्टील्थ बॉम्बर' और 30,000 पाउंड वजनी ‘बंकर-बस्टिर बम' ने जमीन के अंदर गहरे में स्थापित ईरानी परमाणु केंद्रों को नष्ट कर दिया। ‘बंकर-बस्टिंग बम' को ‘जीबीयू-57 मैसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर' के रूप में जाना जाता है, जिसका इस्तेमाल जमीन के भीतर लक्ष्य को भेदने और विस्फोट में किया जाता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ‘‘हमने ईरान के तीन परमाणु केंद्रों फोर्दो, इस्फहान और नतांज पर सफलतापूर्वक हमला किया।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमले को अंजाम देने के बाद सभी विमान ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर आ गए हैं।''
ट्रंप ने बाद में पोस्ट में लिखा, ‘‘यह अमेरिका, इजराइल और दुनिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है। ईरान को अब इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सहमत होना चाहिए। धन्यवाद!'' इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमले करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के लिए उनकी सराहना की है। नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में ट्रंप से कहा, ‘‘ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का आपका साहसिक निर्णय इतिहास बदल देगा...।'' नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका ने जो किया है वो इस धरती पर कोई अन्य देश नहीं कर सकता।
इजराइल ने रविवार को घोषणा की कि वह अमेरिकी हमलों के मद्देनजर देश के हवाई क्षेत्रों को आने और जाने वाली उड़ानों के लिए बंद कर देगा। ‘व्हाइट हाउस' (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) और पेंटागन (अमेरिका रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय) ने अभियान के बारे में तत्काल विस्तार से नहीं बताया। अमेरिका के सैन्य नेता इस बारे में बाद में जानकारी देंगे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ‘‘सटीकता, तीव्रता और कुशलता'' से ऐसे और अधिक केंद्रों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस' से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी होगी, जो पिछले आठ दिनों में देखी गई त्रासदी से कहीं अधिक घातक होगी।'' एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान में पर्वतीय क्षेत्र में बनाए गए फोर्दो परमाणु ऊर्जा संवर्धन संयंत्र पर ‘बंकर-बस्टर' बमों का से हमला किया। अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर सैन्य अभियानों के बारे में जानकारी दी।
एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने भी नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी पनडुब्बियों ने भी ईरान में हमलों में भाग लिया और जमीनी हमला करने में सक्षम लगभग 30 ‘टॉमहॉक' मिसाइलें दागीं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि वह ईरान के परमाणु केंद्रों पर अमेरिका के बम हमलों से बेहद चिंतित हैं। गुतारेस ने एक बयान में कहा, ‘‘इस बात का जोखिम है कि यह संघर्ष तेजी से नियंत्रण से बाहर हो सकता है जिसके नागरिकों, क्षेत्र और दुनिया के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।'' उन्होंने कहा कि ‘‘इस जोखिम भरे वक्त में यह अहम है कि हम अराजकता के चक्र से बचें।'' संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मुद्दे के कूटनीतिक समाधान का आह्वान किया। ट्रंप ने शुक्रवार को संवददाताओं से कहा था कि वह ईरान में सैनिकों को भेजने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने पहले संकेत दिया था कि वह दो सप्ताह में अंतिम निर्णय लेंगे। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार को अमेरिका को चेतावनी दी थी कि ईरान को निशाना बनाकर किए गए हमलों का ‘‘अंजाम ठीक नहीं होगा और उसे भारी नुकसान उठाना होगा''। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागेई ने कहा कि ‘‘अमेरिका का कोई भी दखल क्षेत्र के लिए घातक होगा''। इजराइल की सेना ने शनिवार को कहा था कि वह युद्ध के लंबे समय तक चलने की संभावना के मद्देनजर तैयारियों में जुटी है जबकि ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी हमलों से पहले चेतावनी दी थी कि ‘‘अमेरिकी सेना की संलिप्तता हर किसी के लिए बहुत खतरनाक साबित होगी''। -
नई दिल्ली। ईरान ने अपने न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने इसे ‘क्रूर सैन्य आक्रमण’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है। तीन न्यूक्लियर साइट्स फोर्डो, नतांज और इस्फाहान पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
अपने आधिकारिक बयान में ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का विदेश मंत्रालय ईरान के शांतिपूर्ण न्यूक्लियर फैसिलिटी के खिलाफ क्रूर अमेरिकी सैन्य आक्रमण की कड़े शब्दों में निंदा करता है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के सबसे बुनियादी सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है। यह मंत्रालय इस गंभीर अपराध के अत्यंत खतरनाक प्रभावों और परिणामों के लिए कानून तोड़ने वाली अमेरिकी सरकार को जिम्मेदार ठहराता है।”ईरान ने आगे दावा किया है कि यह हमला यहूदी शासन की आपराधिक मिलीभगत और सहयोग से किया गया। ईरान ने इजरायल पर व्यापक तनाव बढ़ाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। ईरानी सरकार ने कहा कि यह हमले न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2, पैराग्राफ 4 का उल्लंघन थे, बल्कि सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्ताव 2231 का भी उल्लंघन थे।ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि टारगेटेड न्यूक्लियर फैसिलिटी आईएईए सुरक्षा उपायों के अंतर्गत थी और उद्देश्य में पूरी तरह से शांतिपूर्ण थी।बयान में आगे कहा गया, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान अमेरिका की सैन्य आक्रामकता और इस शासन के अपराधों का पूरी ताकत से विरोध करने और ईरान की सुरक्षा व राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के अपने अधिकार को मान्यता देता है।”वहीं, ईरान ने इस मसले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की है। साथ ही आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स से स्थिति पर विचार करने को कहा है।मंत्रालय ने आईएईए महानिदेशक पर “स्पष्ट पक्षपात” दिखाने का आरोप लगाया है।बयान के अंत में कहा गया, “अब यह स्पष्ट हो गया है कि एक देश जो खुद को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य मानता है, वह किसी भी नियम या नैतिकता का पालन नहीं करता है। वो नरसंहार और कब्जा करने वाले शासन के हितों को आगे बढ़ाने के लिए किसी भी कानून को तोड़ने या अपराध करने से परहेज नहीं करता है।”



















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