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नयी दिल्ली | स्मार्टफोन कंपनियां और उद्योग संगठन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए चरणबद्ध तरीके से एक समान चार्जिंग पोर्ट शुरू करने पर सहमत हो गए हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि घड़ी जैसे पहनने योग्य उपकरणों के लिए समान चार्जिंग पोर्ट की व्यवहार्यता की जांच के लिए एक उप-समूह गठित किया जाएगा। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह की अध्यक्षता में यहां अंतर-मंत्रालयी कार्यदल की बैठक में चर्चा के दौरान यह फैसला किया गया। इस बैठक में एमएआईटी, फिक्की, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), आईआईटी-कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी समेत अन्य शैक्षणिक संस्थानों, पर्यावरण मंत्रालय और केंद्र सरकार के मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस संबंध में जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘हितधारक इस बात पर सहमत हुए कि एक समान चार्जिंग पोर्ट को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा सकता है ताकि उद्योग द्वारा इसे लागू किया जा सके और उपभोक्ताओं द्वारा इसे अपनाया जा सके।
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नयी दिल्ली. देश में टेलीविजन पर प्रसारित होने वाले खेलों का बाजार 2025-26 तक बढ़कर 9,830 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही खेलों से संबंधित डिजिटल आय 4,360 करोड़ रुपये तक हो जाएगी। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। खेलों से संबंधित डिजिटल आय वित्त वर्ष 2020-21 में 1,540 करोड़ रुपये थी।
भारत में खेलों के टेलीविजन और डिजिटल बाजार में क्रिकेट का दबदबा बना हुआ है। आईपीएल के दर्शक सबसे अधिक हैं, जबकि कबड्डी, फुटबॉल, खो-खो जैसे अन्य गैर-क्रिकेट फ्रेंचाइजी आधारित आयोजनों के प्रति भी आकर्षण देखने को मिल रहा है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), केपीएमजी और इंडिया ब्रॉडकास्टिंग डिजिटल फाउंडेशन की संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 के पहले नौ महीनों में भारत में खेल दर्शकों की संख्या 72.2 करोड़ थी। इस आंकड़े के जल्द ही कोविड पूर्व के स्तर को पार करने की उम्मीद थी। कोविड महामारी से पहले खेल दर्शकों की संख्या 77.6 करोड़ थी। रिपोर्ट में कहा गया कि खेलों के लिए डिजिटल आय 22 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रही है। -
न्यूयॉर्क. अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने कहा है कि भारत तथा कई अन्य देशों में ट्विटर ‘बहुत धीमा' है। ट्विटर के नए मालिक मस्क ने ट्वीट किया, भारत, इंडोनेशिया तथा कई अन्य देशों में ट्विटर बहुत धीमा है। यह सच्चाई है न कि कोई ‘दावा।' होमलाइन पर ट्वीट को रिफ्रेश करने में 10 से 15 सेकंड लगना आम है। कई बार यह काम ही नहीं करता है खासतौर से एंड्रॉयड फोन पर। एकमात्र सवाल यही है कि बैंडविद/ऐप के कारण कितनी देरी हो रही है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि वह कई देशों में ट्विटर के बहुत धीमा होने के लिए माफी मांगना चाहेंगे।
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नयी दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने विभिन्न अवधि के लिए कर्ज को लेकर कोष की सीमान्त लागत आधारित ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.15 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। इससे ज्यादातर उपभोक्ता कर्ज महंगे हो जाएंगे। नई दरें 15 नवंबर, 2022 से ही लागू होंगी।
एक साल की एमसीएलआर को 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 8.05 प्रतिशत किया गया है। अभी तक यह 7.95 प्रतिशत थी। एक साल की एमसीएलआर के आधार पर ही आवास, वाहन और व्यक्तिगत ऋण की दरें तय होती हैं। एसबीआई की वेबसाइट पर डाली गई अधिसूचना के अनुसार, दो साल और तीन साल की एमसीएलआर को भी 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर क्रमश: 8.25 और 8.35 प्रतिशत किया गया है। एक माह और तीन महीने की एमसीएलआर को 0.15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.75 प्रतिशत कर दिया गया है। छह माह की एमसीएलआर 0.15 प्रतिशत बढ़ाकर 8.05 प्रतिशत तथा एक दिन की 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 7.60 प्रतिशत की गई है। -
नई दिल्ली। केंद्रीय इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत ने इस्पात क्षेत्र में पिछले आठ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि हमारा देश जहां पहले इस्पात का बडा आयातक था और वही अब निर्यातक देश बन गया है। श्री सिंधिया ने मंगलवार को नई दिल्ली में राज्य सरकारों के इस्पात सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर भारत इस्पात के चौथे सबसे बड़े उत्पादक से ऊपर उठकर दूसरे सबसे बड़े इस्पात उत्पादक के रूप में सामने आया है। देश में इस्पात की खपत में वृद्धि के बारे में श्री सिंधिया ने कहा कि पिछले 8 वर्षों में प्रति व्यक्ति इस्पात की खपत 50 प्रतिशत की बढोतरी के साथ 57 दशमलव आठ किलोग्राम से बढ़कर 78 किलोग्राम हो गई है। भारत में इस्पात की स्थापित क्षमता प्रति वर्ष एक सौ मिलियन टन से बढ़कर लगभग 150 मिलियन टन हो गयी है और इस तरह इस्पात उत्पादन में अच्छी वृद्धि दर्ज की है।
- नयी दिल्ली। खाद्य उत्पादों के दाम कम होने से अक्टूबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 6.77 प्रतिशत पर आ गयी। हालांकि यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले महीने सितंबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति 7.41 प्रतिशत थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इस साल जनवरी से ही छह प्रतिशत की संतोषजनक सीमा से ऊपर बनी हुई है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 7.01 प्रतिशत रही जो सितंबर महीने में 8.6 प्रतिशत थी। आरबीआई मौद्रिक नीति बारे में निर्णय करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर ही गौर करता है। सोमवार को ही थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े भी जारी किए गए। इसके मुताबिक खाद्य, ईंधन और विनिर्मित उत्पादों के दाम कम होने से थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में घटकर 19 महीने के निचले स्तर 8.39 प्रतिशत पर आ गयी।
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नयी दिल्ली .राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोना 255 रुपये चमक कर 52,850 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 52,595 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ चांदी भी 561 रुपये चढ़कर 62,440 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस शोध) नवनीत दमानी ने कहा, ‘‘पिछले सत्र में सोना तीन माह के उच्चस्तर पर पहुंचा था। इस वजह से आज इसमें मुनाफावसूली देखी गई। फेडरल रिजर्व के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के खिलाफ अपनी लड़ाई को हल्का नहीं करेगा। इससे अमेरिका में बॉन्ड पर प्राप्ति बढ़ी है।'' अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना नुकसान के साथ 1,763 डॉलर प्रति औंस पर था। वहीं चांदी 21.69 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर थी। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक विजय रजनी ने कहा, ‘‘फेडरल रिजर्व के अधिकारी की टिप्पणी के बाद सोमवार को सोना अपने करीब ढाई महीने के उच्चस्तर से नीचे आ गया।'' -
नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने अपनी सावधि जमा (एफडी) ब्याज दरों में एक प्रतिशत तक की वृद्धि की है। बैंक ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि 50 करोड़ रुपये से अधिक और 200 करोड़ रुपये से कम की थोक बचत जमा पर भी ब्याज दरों को 0.25 तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा 10 साल और उससे अधिक की घरेलू और प्रवासी साधारण (एनआरओ) सावधि जमा पर अब 6.10 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। यह पहले 5.10 प्रतिशत था। वहीं, एक से दो साल से अधिक की जमा राशि पर अब 6.10 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। यह दर पहले 5.50 प्रतिशत थी। साथ ही दो से तीन साल की एफडी पर मिलने वाली ब्याज को भी 0.70 प्रतिशत बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया गया है। बैंक के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को हर श्रेणी पर 0.50 प्रतिशत अधिक का ब्याज मिलेगा। -
मुंबई . उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सोमवार को बीएसई सेंसेक्स में 170 अंक से अधिक की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख के बीच सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाले आईसीआईसीआई बैंक, आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में नुकसान से बाजार नीचे आया। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 170.89 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 61,624.15 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह ऊंचे में 61,916.24 अंक तक गया जबकि नीचे में 61,572.03 तक आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 20.55 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 18,329.15 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में डॉ. रेड्डीज, आईटीसी, हिंदुस्तान यूनीलिवर, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस इंडस्ट्रीज प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, पावरग्रिड, इंडसइंड बैंक, इन्फोसिस और मारुति सुजुकी शामिल हैं। रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘हाल की तेजी के बाद बाजार में शुरूआती कमजोर रही और यह बंद भी उसी के अनुरूप हुआ। शुरू में बढ़त के बाद निफ्टी सूचकांक सीमित दायरे में रहा और अंत में दिन के निचले स्तर पर बंद हुआ।'' बीएसई मिडकैप (मझोली कंपनियों) और स्मॉलकैप (छोटी कंपनियों) के सूचकांक क्रमश: 0.05 प्रतिशत और 0.25 प्रतिशत मजबूत हुए। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में जबकि हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा। अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में शुक्रवार को मजबूती थी। इस बीच, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईंधन और विनिर्मित वस्तुओं के दाम में कमी से थोक मुद्रास्फीति घटकर 19 महीने के निचले स्तर 8.39 प्रतिशत पर आ गयी है। वहीं खाद्य उत्पादों के दाम कम होने से अक्टूबर महीने में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 6.77 प्रतिशत पर आ गयी। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुक्रवार को शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने 3,958.23 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। - चेन्नई । हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लीलैंड अपने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कारोबार के लिए निवेशकों के साथ अंतिम चरण की चर्चा में है और अपनी ईवी इकाई स्विच मोबिलिटी के लिए लगभग 20-25 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना है। अशोक लीलैंड के कार्यकारी चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि उसकी विस्तार योजनाओं में देरी की मुख्य वजह सही भागीदार का नहीं मिलना रही। सही साझेदार खोजने में देरी के कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर ईवी खंड में मंदी छाई हुई है क्योंकि बहुत से लोगों ने पैसे जुटाए लेकिन प्रदर्शन कर पाने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, "हम एक बहुत ही अलग स्थिति में हैं क्योंकि भारत और ब्रिटेन में कई सारे उत्पाद काम कर रहे हैं। हम वास्तव में यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमें सही साझेदार मिल जाए जो व्यावसायिक विचार का समर्थन करता हो और हमें सही मूल्यांकन भी मिले। यही मुख्य कारण है कि हम पैसा जुटाने से कतरा रहे हैं।" उन्होंने 'निवेशक' मिलने की संभावित समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कंपनी 'कई संभावित' निवेशकों के साथ चर्चा कर रही है और कुछ चर्चा 'उन्नत चरण' में चल रही है। हिंदुजा ने कहा कि कंपनी यूरोपीय क्षेत्र में परिचालन के बाद पश्चिम एशिया में स्विच मोबिलिटी कारोबार के तहत ईवी पेश करने की योजना बना रही है।
- नयी दिल्ली | देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता रिलायंस जियो को सबसे मजबूत दूरसंचार ब्रांड चुना गया है। ब्रांड बुद्धिमत्ता और डेटा विश्लेषण कंपनी टीआरए ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। टीआरए ने अपने 'भारत के सर्वाधिक वांछित ब्रांड 2022' की सूची में कंपनियों को उनकी ब्रांड क्षमता के अनुसार स्थान दिया है। दूरसंचार कंपनियों की श्रेणी में रिलायंस जियो सबसे ऊपर है। उसके बाद भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और फिर बीएसएनएल का स्थान आता है। परिधान श्रेणी में एडिडास शीर्ष ब्रांड रहा। इसके बाद नाइक, रेमंड, एलन सॉली और पीटर इंग्लैंड का स्थान आता है। वहीं वाहन सूची में बीएमडब्ल्यू सबसे ऊपर है जिसके बाद टोयोटा, हुंदै और होंडा का स्थान आता है। बैंकिंग और वित्तीय सेवा सूचकांक में एलआईसी पहले स्थान पर रही है। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) दूसरे स्थान पर और फिर आईसीआईसीआई बैंक तीसरे स्थान पर है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स खंड में एलजी, सोनी और सैमसंग शीर्ष तीन ब्रांड चुने गए हैं। विविध समूहों की सूची में आईटीसी शीर्ष पर है जिसके बाद टाटा और रिलायंस का स्थान है। ऊर्जा सूची में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) सबसे ऊपर है जिसके बाद इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और अडाणी समूह का स्थान आता है। खाद्य और पेय पदार्थ श्रेणी में, अमूल ब्रांड शीर्ष पर रहा। वहीं रोजमर्रा के उपयोग वाली श्रेणियों में फॉग शीर्ष पर रहा और फिर लैक्मे, निविया एवं कोलगेट का स्थान आता है। इंटरनेट ब्रांड सूची में अमेजन, फेसबुक, फ्लिपकार्ट और गूगल शीर्ष क्रम में हैं।
- नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने शनिवार को कहा कि मुद्रास्फीति को छह प्रतिशत के ऊपरी संतोषजनक स्तर से नीचे रखने में विफल रहने के बावजूद इस सीमा में बदलाव करने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही आरबीआई प्रमुख ने भरोसा जताया कि अक्टूबर में मुद्रास्फीति की दर सात प्रतिशत से कम रहेगी। मुद्रास्फीति इस साल जनवरी से ही आरबीआई के छह प्रतिशत के ऊपरी संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है। आरबीआई अधिनियम में यह अनिवार्य है कि लगातार तीन तिमाहियों तक मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहने पर आरबीआई को सरकार को एक रिपोर्ट पेश करनी होती है। इस रिपोर्ट में कीमतों में वृद्धि को रोकने के लिए उठाए जाने वाले उपचारात्मक कदमों के कारणों की व्याख्या करना और उन्हें विस्तार से बताना होता है। दास ने यहां 'एचटी लीडरशिप समिट' को संबोधित करते हुए कहा कि मुद्रास्फीति को दो से छह प्रतिशत के दायरे में रखने के लक्ष्य में बदलाव की आवश्यकता नहीं है क्योंकि छह प्रतिशत से अधिक की महंगाई दर आर्थिक वृद्धि पर असर डालने लगेगी। सरकार ने आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) को मुद्रास्फीति दर दो से छह प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी दी हुई है। आरबीआई के आंतरिक शोध का हवाला देते हुए दास ने कहा कि भारत के लिए छह प्रतिशत से अधिक की मुद्रास्फीति दर आर्थिक वृद्धि के लिए हानिकारक होगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय बचत और निवेश का माहौल प्रभावित होगा। साथ ही यदि मुद्रास्फीति लंबे समय तक छह प्रतिशत से ऊपर रहती है तो भारत अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का विश्वास खो देगा। उन्होंने कहा, "हमें दो से छह प्रतिशत के दायरे को बदलने के बारे में नहीं सोचना चाहिए क्योंकि हम इसे पूरा नहीं कर पाए हैं। हम समय के साथ मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत तक नीचे लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" यह देखते हुए कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरों के दायरे के लक्ष्यों को बदलने पर बहस चल रही है, उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी चर्चा शुरू करना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.4 प्रतिशत हो गई जबकि अगस्त में यह सात प्रतिशत पर थी। खाद्य और ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में तेजी के कारण इसमें वृद्धि हुई थी। दास ने अक्टूबर माह के लिए मुद्रास्फीति की दर में कमी आने की इस उम्मीद के लिए सरकार और आरबीआई द्वारा पिछले छह-सात महीनों में उठाये गए उपायों को जिम्मेदार बताया। आरबीआई गवर्नर ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत के समग्र वृहद-आर्थिक बुनियादी पहलू मजबूत बने हुए हैं और आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं अच्छी दिख रही हैं। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अक्टूबर के लिए महंगाई दर के आंकड़े सात प्रतिशत से कम होंगे। मुद्रास्फीति चिंता का विषय है जिससे हम अब प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं।" अक्टूबर महीने के मुद्रास्फीति आंकड़े सोमवार को जारी होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले छह या सात महीनों में आरबीआई और सरकार दोनों ने ही मुद्रास्फीति को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। दास ने कहा कि आरबीआई ने अपनी ओर से ब्याज दरों में वृद्धि की है जबकि सरकार की तरफ से आपूर्ति पक्ष से जुड़े कई कदम उठाए गए हैं।
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नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण-ट्राई ने दूरसंचार विधेयक 2022 के मसौदे पर संबंधित पक्षों के लिखित सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 18 नवंबर तक बढ़ा दी है। इस बारे में प्रतिक्रियाएं 2 दिसंबर तक प्रस्तुत की जा सकती हैं। ट्राई ने हितधारकों के सुझाव और प्रतिक्रियाओं के लिए दूरसंचार विधेयक का मसौदा 9 सितम्बर को जारी किया था। सुझाव और प्रतिक्रियाएं ईमेल - [email protected] और [email protected] पर भेजीजा सकती हैं।
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नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो ने बेंगलुरु और हैदराबाद में ट्रू 5जी सेवा शुरू की है। कंपनी ने मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, वाराणसी और नाथद्वारा में जियो ट्रू5जी सेवाओं का सफल बीटा-पेशकश के बाद दो अन्य शहरों में सेवा शुरू की है। रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि. ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि कंपनी अपनी ट्रू5जी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू कर रही है, ताकि ग्राहकों को बेहतर अनुभव और सेवाएं मिल सके। बयान के अनुसार, 10 नवंबर से बेंगलुरु और हैदराबाद के जियो उपयोगकर्ताओं को जियो ‘वेलकम ऑफर' के लिए आमंत्रित किया जाना शुरू हो गया है। इस पेशकश में ग्राहकों को बिना किसी अतिरिक्त कीमत के एक जीबीपीएस से अधिक की गति और असीमित 5जी डेटा मिलेगा। रिलायंस जियो इन्फोकॉम, रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लि. की अनुषंगी है।
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नयी दिल्ली | सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लि. (सेल) को 30 सितंबर, 2022 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 329 करोड़ रुपये एकीकृत घाटा हुआ है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजारों को यह जानकारी दी। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही 4,338.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
कंपनी की आलोच्य अवधि में कुल आय 27,007.02 करोड़ रुपये से घटकर 26,642.02 करोड़ रुपये पर आ गयी।तिमाही के दौरान कंपनी का खर्च बढ़कर 27,200.79 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 21,289 करोड़ रुपये था। सेल ने अपने कच्चे इस्पात उत्पादन के साथ-साथ बिक्री में भी गिरावट दर्ज की है।तिमाही के दौरान कंपनी का कच्चे इस्पात का उत्पादन घटकर 43 लाख टन रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 44.7 लाख टन था। इस दौरान कंपनी की बिक्री 42.8 लाख टन से घटकर 42.1 लाख टन रह गई। -
अक्टूबर में म्यूचुअल फंड एसआईपी में रिकॉर्ड 13,000 करोड़ रुपये का निवेश
नयी दिल्ली | निवेशक लंबी अवधि के लिए व्यवस्थित निवेश योजनाओं या एसआईपी पर बड़ा दांव लगा रहे हैं। यही वजह है कि अक्टूबर में म्यूचुअल फंड एसआईपी में मासिक निवेश सर्वकालिक उच्चस्तर 13,040 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह आंकड़ा सितंबर में 12,976 करोड़ रुपये था। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। मई के बाद से एसआईपी के जरिये निवेश 12,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा है। जुलाई में यह 12,140 करोड़ रुपये, जून में 12,276 करोड़ रुपये और मई में 12,286 करोड़ रुपये था। अप्रैल, 2022 में यह 11,863 करोड़ रुपये पर था। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में कुल आवक 87,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। वित्त वर्ष 2021-22 में एसआईपी के जरिये कुल निवेश 1.24 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। एम्फी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन एस वेंकटेश ने कहा, ‘‘बाजार वैश्विक कारकों और घरेलू दरों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। हालांकि, म्यूचुअल फंड निवेशकों ने लचीलापन दिखाया है और लगातार उच्च योगदान के साथ एसआईपी में निवेश जारी रखा है।'' म्यूचुअल फंड कंपनियों ने समीक्षाधीन महीने के दौरान 9.52 लाख एसआईपी खाते जोड़े, जिसके बाद कुल खातों की संख्या बढ़कर लगभग 5.93 करोड़ हो गई। -
तिलापिया मछली उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है सरकार
नयी दिल्ली |देश के समुद्री उत्पादों का निर्यात दोगुना करने के लिए तिलापिया मछली पर बड़ा दांव लगाते हुए सरकार ने बृहस्पतिवार को उद्योग जगत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत हैचरी स्थापित करने का आह्वान किया ताकि इन मछलियों के गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित हो और उत्पादन बढ़े। भले ही भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है, लेकिन तिलापिया का उत्पादन एक लाख टन के वार्षिक उत्पादन के साथ अपनी शुरुआती अवस्था में है। तिलापिया मछलीपालन का काम 145 देशों में किया जाता है। मत्स्य पालन सचिव जतिंद्र नाथ स्वाई ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तिलापिया मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संसाधन हैं। उन्होंने कहा, ‘‘योजना तीन साल के लिए है। हम यह कोशिश करेंगे कि योजना इस पहल का समर्थन करना जारी रखे।'' सचिव ने कहा कि तिलापिया मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने में गुणवत्ता वाले बीज महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सचिव ने कहा कि यदि कोई उद्योग मछुआरों को गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए एक मॉडल तैयार करे तो सरकार उसे समर्थन देने के लिए तैयार है। उन्होंने उद्योग से पूछा कि क्या पीपीपी मोड पर तिलापिया हैचरी स्थापित की जा सकती है?2उन्होंने कहा, ‘‘सरकार तीन साल के लिए खरीद समर्थन दे सकती है और फिर वापस ले सकती है। यह काफी हद तक निजी क्षेत्र द्वारा किए गए निवेश की रक्षा करेगा।'' -
नयी दिल्ली. सरकार ने मोटे अनाज के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए एक रणनीति तैयार की है जिसमें विदेशों में भारतीय दूतावासों के साथ-साथ वैश्विक खुदरा सुपरमार्केट कैरफोर एवं वॉलमार्ट को साथ लेने की बात शामिल है। रणनीति के हिस्से के रूप में, विदेशों में भारतीय दूतावासों को घरेलू मोटे अनाजों की ब्रांडिंग और प्रचार के लिए, शामिल किया जाएगा। दूतावासों को संभावित खरीदारों की पहचान करने के लिए भी कहा जाएगा जैसे कि डिपार्टमेंटल स्टोर, सुपरमार्केट और हाइपरमार्केट। उन्हें बिजनेस-टू-बिजनेस (बी 2 बी) बैठकें आयोजित करने एवं भारतीय मोटे अनाज के लिए सीधी साझेदारी कायम करने के लिए कहा जायेगा। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि प्रचार रणनीति के तहत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खुदरा सुपरमार्केट जैसे लुलु समूह, कैरफोर, अल जजीरा, अल माया, वॉलमार्ट को भी मोटे अनाज की ब्रांडिंग और प्रचार के मकसद से ‘मिलेट कॉर्नर' स्थापित करने के लिए साथ लिया जाएगा। यह पहल संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित करने की पृष्ठभूमि में आई है। इस प्रयास का उद्देश्य भारतीय मोटे अनाज के साथ-साथ इसके मूल्यवर्धित उत्पादों को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाना है। भारत के शीर्ष पांच बाजरा उत्पादक राज्य - राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश हैं। बाजरे के निर्यात का हिस्सा कुल मोटे अनाज उत्पादन का एक प्रतिशत है। भारत से मोटे अनाज के निर्यात में मुख्य रूप से साबुत अनाज शामिल है और भारत से मोटे अनाज के मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात नगण्य है। हालांकि, यह अनुमान लगाया गया है कि मोटे अनाज का बाजार अपने नौ अरब डॉलर के मौजूदा आकार से बढ़कर 2025 तक 12 अरब डॉलर से अधिक का हो जाएगा। मोटा अनाज कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होता है।
दुनिया में प्रमुख मोटे अनाज आयात करने वाले देश इंडोनेशिया, बेल्जियम, जापान, जर्मनी, मेक्सिको, इटली, अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील और नीदरलैंड हैं। - मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 420 अंक लुढ़क कर 61,000 अंक के नीचे बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर बिकवाली दबाव के बीच महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व और रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट से बाजार नुकसान में रहा। कारोबारियों के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से भी घरेलू शेयर बाजार पर असर पड़ा।तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 419.85 अंक यानी 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,613.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स ऊंचे में 60,848.73 तक गया और नीचे में 60,425.47 अंक तक आया। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 128.80 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,028.20 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में 3.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ सर्वाधिक नुकसान में एक्सिस बैंक रहा। इसके अलावा बजाज फिनसर्व, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और इंडसइंड बैंक भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी लि., भारती एयरटेल, कोटक बैंक, डॉ. रेड्डीज और एचयूएल 1.13 प्रतिशत तक लाभ में रहे। एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में भी शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा।अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 30 पैसे टूटकर 81.77 (अस्थायी) पर बंद हुई। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक घरेलू बाजार में शुद्ध लिवाल रहे और उन्होंने बुधवार को 386.83 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
- नयी दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में तेजी आने के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 135 रुपये मजबूत होकर 51,898 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 51,763 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।हालांकि, चांदी की कीमत 250 रुपये की गिरावट के साथ 61,618 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी।मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में जिंस शोध विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, नवनीत दमानी ने कहा, ‘‘अमेरिका के महत्वपूर्ण मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पहले बाजार भागीदारों ने सतर्कता का रुख बरता। मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पता चलते कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक का ब्याज दरों को लेकर रुख क्या रहेगा।'' अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना बढ़त के साथ 1,709 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी गिरावट के साथ 21.05 डॉलर प्रति औंस पर रही। गौरतलब है कि बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 50 पैसे चढ़कर 81.42 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक विनय रजनी ने कहा, ‘‘सोमवार को भारी तेजी दर्ज करने के बाद सोना पिछले दो कारोबारी सत्रों से ‘सुगठन' के दौर में रहा। निवेशकों को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर अनिश्चितता के बीच मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार है
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नयी दिल्ली। वैक्यूम क्लीनर बनाने वाली कंपनी यूरेका फोर्ब्स ने शुभम श्रीवास्तव को मुख्य उत्पाद एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी और गौरव खंडेलवाल को मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नियुक्त कर अपने नेतृत्व दल को मजबूत किया है। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी। यूरेका फोर्ब्स ने बयान में कहा कि श्रीवास्तव डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे और खंडेलवाल यूरेका फोर्ब्स लिमिटेड (ईएफएल) के वित्त, वाणिज्यिक, कानूनी एवं सचिवीय कार्यों का नेतृत्व करेंगे। श्रीवास्तव प्रौद्योगिकी मंच और उत्पादों के निर्माण के लिए जिम्मेदार होंगे और इस तरह से ईएफएल में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देंगे। इससे पहले, वह हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल स्ट्रीम्स के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी थे।
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मुंबई.मासिक किस्त बढ़ने के बावजूद आवास ऋण लेने वाले ग्राहकों द्वारा कर्ज की अदायगी पर असर पड़ने की संभावना नहीं है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार, आवास ऋण देने वाली कंपनियों के पास कर्ज अवधि बढ़ाने की गुंजाइश कम है। मुख्य आवास ऋण खंड में पहले से ही किस्तें भरने की लंबी अवधि है और ऋण अवधि में एक और वृद्धि से यह कर्ज लेने वालों के कुल जीवन से आगे निकल जायेगी। इक्रा के वित्तीय क्षेत्र की रेटिंग प्रमुख मनुश्री सागर ने कहा कि इसके कारण आवास ऋण के लिए मासिक किस्तें (ईएमआई) 12 से 21 प्रतिशत बढ़ जाएंगी। वहीं, किफायती आवास ऋण खंड के मामले में यह आठ से 13 प्रतिशत बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावना है। इसलिए ऋणदाताओं के पास ऋण अवधि बढ़ाने की सीमित गुंजाइश है। इस प्रकार ईएमआई की राशि को बढ़ाना होगा और इसमें बदलाव करना होगा। हालांकि, इससे एचएफसी के परिसंपत्ति गुणवत्ता संकेतकों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।'' उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने उच्च मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए इस साल मई के बाद से नीतिगत ब्याज दरों में 1.90 प्रतिशत की वृद्धि की है। इससे कर्ज लेने वालों द्वारा भुगतान की जाने वाली दरों में भी वृद्धि हुई है।
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नयी दिल्ली.डिजिलॉकर, खाता एग्रीगेटर प्रणाली और वीडियो ई-केवाईसी जैसे सार्वजनिक साधन भारत की अगली डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ाएंगे। बैंकबाजार डॉट कॉम के संस्थापक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आदिल शेट्टी ने यह बात कही। सार्वजनिक साधन उन वस्तुओं एवं सेवाओं कहते हैं, जो समाज के सभी सदस्यों के लिए समान रूप से उपलब्ध होती हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में कहा था कि देश में 2022 में डिजिटल लेनदेन का आंकड़ा 50 अरब तक पहुंच गया। शेट्टी ने एक बातचीत में कहा कि यह आंकड़ा अमेरिका और चीन की तुलना में तीन गुना है। इसे डिजिटल भुगतान क्रांति के दौरान यूपीआई, रुपे और आधार जैसे डिजिटल सार्वजनिक साधनों की मदद से हासिल किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘बैंकबाजार का मानना है कि एक और क्रांति हो रही है। दुनिया इसे अब से एक या दो साल में पहचान लेगी। यह अगली डिजिटल क्रांति होगी, जो दूसरी पीढ़ी के सार्वजनिक साधनों द्वारा संचालित होगी, जैसे डिजिलॉकर, खाता एग्रीगेटर और वीडियो ईकेवाईसी आदि।'' उन्होंने कहा कि आज भारत में डिजिलॉकर पर 12.8 करोड़ पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और 400 प्रकार के दस्तावेज इससे जुड़े हैं। इस तरह तकनीकी रूप से 500 करोड़ ई-दस्तावेज डिजिलॉकर जमा किए जा सकते हैं। शेट्टी ने आगे कहा, ‘‘यह (देश में) ऋण के लिए पासा पलटने वाला है। खाता एग्रीगेटर के संबंध में एक बड़ा बदलाव तब हुआ, जब वित्त मंत्री ने इस साल की शुरुआत बैंकों से इस प्रणाली से जुड़ने के लिए कहा था।'' खाता एग्रीगेटर मॉडल से छोटे कर्जदारों को आसानी से ऋण मिलेगा और डिजिटल कर्ज बढ़ेगा। शेट्टी के मुताबिक, इस समय एक अरब (100 करोड़) बैंक खाते अकाउंट एग्रीगेटर (एए) प्रणाली पर उपलब्ध हैं। बैंकबाजार डॉट कॉम भी एए प्रणाली से जुड़ने पर विचार कर रही है।
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नयी दिल्ली. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आर्थिक सुधारों के जरिये देश को नई दिशा देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मंगलवार को प्रशंसा करते हुए कहा कि इसके लिए देश उनका ऋणी है। गडकरी ने यहां आयोजित ‘टीआईओएल पुरस्कार 2022' समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1991 में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किए गए आर्थिक सुधारों ने भारत को एक नई दिशा दिखाने का काम किया। उन्होंने पोर्टल ‘टैक्सइंडियाऑनलाइन' की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘उदार अर्थव्यवस्था के कारण देश को नई दिशा मिली। उसके लिए देश मनमोहन सिंह का ऋणी है।'' गडकरी ने मनमोहन की नीतियों से नब्बे के दशक में महाराष्ट्र की सड़कों के लिए पैसे जुटाने में मिली मदद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह की तरफ से शुरू किए गए आर्थिक सुधारों की वजह से वह महाराष्ट्र का मंत्री रहने के दौरान इन सड़क परियोजनाओं के लिए धन जुटा पाए थे। गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को एक उदार आर्थिक नीति की जरूरत है जिसमें गरीबों को भी लाभ पहुंचाने की मंशा हो। उन्होंने कहा कि उदार आर्थिक नीति किसानों एवं गरीबों के लिए है। उन्होंने उदार आर्थिक नीति के माध्यम से देश का विकास करने में चीन को एक अच्छा उदाहरण बताया।
गडकरी ने भारत के संदर्भ में कहा कि आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए देश को अधिक पूंजीगत निवेश की जरूरत होगी। उन्होंने अपने मंत्रालय की तरफ से देशभर में किए जा रहे 26 एक्सप्रेसवे के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें उन्हें पैसे की कमी का सामना नहीं करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) राजमार्गों के निर्माण के लिए आम आदमी से भी पैसे जुटा रहा है। गडकरी के मुताबिक, 2024 के अंत तक एनएचएआई का टोल से मिलने वाला राजस्व बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा जो फिलहाल 40,000 करोड़ रुपये सालाना है। -
नयी दिल्ली. एस्कॉर्ट्स कुबोटा की इकाई एस्कॉर्ट्स एग्री मशीनरी (ईएएम) अगले सप्ताह से ट्रैक्टर की कीमतों में एक से दो प्रतिशत की बढ़ोतरी करने वाली है। ईएएम ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा कि ट्रैक्टरों की कीमतों में बढ़ोतरी जिंस के दाम एवं अन्य लागत बढ़ने की वजह से करनी पड़ रही है। कीमत बढ़ोतरी 16 नवंबर से लागू होगी। कंपनी ने कहा कि ट्रैक्टरों के मॉडल एवं संस्करणों के आधार पर कीमत वृद्धि का स्तर अलग-अलग होगा। इस बारे में संपर्क किए जाने पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ट्रैक्टर के दाम एक से दो प्रतिशत बढ़ाए जाएंगे।











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