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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि उसने कोयले से मेथेनॉल बनाने के संयंत्र लगाने को लेकर वैश्विक बोलियां आमंत्रित की है। प्रस्तावित संयंत्र के लिये पश्चिम बंगाल में दानकुनी कोल काम्प्लेक्स (डीसीसी) को परियोजना स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। फिलहाल डीसीसी का जिम्मा कोल इंडिया की अनुषंगी साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लि. के पास है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने एक बयान में कहा, कोल इंडिया लि. ने पिछले शुक्रवार को खुली वैश्विक निविदा जारी की। इसके जरिये कोयले से मेथेनॉल बनाने (सीटूएम) का संयंत्र सतही कोयला गैसीकरण के जरिये लगाने को लेकर बोलियां आमंत्रित की गयी हैं। यह कारखाना बनाओ-अपनाओ-चलाओ (बीओओ) मॉडल पर आधारित होगा। कोल इंडिया ने बीओओ परिचालक के चयन को लेकर व्यवहार्यता पूर्व अध्ययन के आधार पर यह निविदा जारी की है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह सरकार के मेथेनॉल आधारित अर्थव्यवस्था कार्यकम के क्रियान्वयन का हिस्सा है। इसका मकसद देश के आयात बिल में कमी लाना है। संयंत्र के लिये पूंजी व्यय करीब 6,000 करोड़ रुपये आकलित किया गया है। बीओओ परिचालक संयंत्र का डिजाइन, निर्माण, रखरखाव, उत्पादन और भंडारण के अलावा उसे पट्टे पर भी दे सकेंगे। कोल इंडिया प्रस्तावित संयंत्र के लिये परिचालक को जमीन, बिजली और पानी उपलब्ध कराएगी। योजना के अनुसार संयंत्र से सालाना 6.76 लाख टन मेथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य है। इसका उपयोग पेट्रोल में 15 प्रतिशत तक मिश्रण में किया जाएगा। संयंत्र इस क्षमता के आधार पर चार पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, झारखंड और बिहार की जरूरतों को पूरा करेगा। बोली जमा करने की अंतिम तिथि 17 दिसंबर है। सफल बोलीदाता को संयंत्र को चालू करने के लिये 41 महीने का समय दिया जाएगा।
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नई दिल्ली। नीति आयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिये ग्रेट निकोबार द्वीप के समग्र विकास के लिये योजना तैयार करने को लेकर परामर्शदाताओं की नियुक्ति करेगा। आयोग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। नीति आयोग ने अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) में कहा है कि तकनीकी परामर्शदाता नियम एवं शर्तों के तहत मास्टर प्लान, प्रारंभिक इंजीनियरिंग डिजाइन रिपोर्ट, वित्तीय व्यवहार्यता और परियोजना पुनर्गठन रिपोर्ट तैयार करेंगे। आवेदन देने की अंतिम तिथि छह अक्टूबर है। ग्रेट निकोबार करीब 1,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और यह द्वीपसमूह के बड़े द्वीपों में से एक है। नीति आयोग की वेबसाइट पर डाले गये आरएफपी के अनुसार संबंधित केंद्र शासित प्रशासन और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से विचार-विमर्श के बाद ग्रेट निकोबार द्वीप के समग्र विकास का निर्णय किया गया है। दस्तावेज के अनुसार, देश में करीब 1,382 चिन्हित द्वीप हैं। ये प्रचूर जैव-विविधता के साथ हमारे समृद्ध संसाधनों का आभिन्न हिस्सा है जिन्हें अभी पूरी तरह खोजा जाना बाकी है। इसमें कहा गया है, इन द्वीपों की संभावना का अभी तक पूरी तरह से उपयोग होना बाकी है। भारत सरकार का मकसद प्राकृतिक परिवेश और समृद्ध जैवविविधता का संरक्षण करते हुए कुछ चिन्हित द्वीपसमूह के समग्र विकास के लिये एक मॉडल निर्धारित करना है।
- नई दिल्ली। हाजिर मांग कमजोर पडऩे के कारण कारोबारियों ने अपने जमा सौदे को कम किया जिससे वायदा बाजार में सोना सोमवार को 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49 हजार 520 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एमसीएक्स में अक्टूबर महीने में डिलिवरी वाले सोना अनुबंध की कीमत 98 रुपये यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49 हजार 520 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 2,370 लॉट के लिये कारोबार हुआ। सोना के दिसंबर माह में डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत 131 रुपये यानी 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49 हजार 519 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 14 हजार 348 लॉट के लिये कारोबार हुआ। न्यूयार्क में सोने का भाव 0.38 प्रतिशत गिरकर 1,859.30 डॉलर प्रति औंस रह गया।वहीं कमजोर मांग के बीच कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को घटाया जिससे वायदा बाजार में चांदी की कीमत सोमवार को 789 रुपये टूटकर 58 हजार 238 रुपये किलो रह गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर महीने की डिलिवरी के लिये चांदी 789 रुपये यानी 1.34 प्रतिशत टूटकर 58 हजार 238 रुपये किलो रह गयी। इसमें 15 हजार 826 लॉट के लिये कारोबार हुआ। न्यूयार्क में चांदी की कीमत 1.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22.72 डॉलर प्रति औंस बोली जा रही थी।
- - कृषि अवशेषों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने में मदद करेगी को-फायरिंगनई दिल्ली। केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम और देश की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादक राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम-एनटीपीसी लिमिटेड ने अपने संयंत्रों में को-फायरिंग के लिए जैव ईंधन पैलेट्स (पराली) की खरीद के लिए घरेलू प्रतिस्पर्धी निविदा (डीसीबी) पर बोलियां आमंत्रित की हैं।फसल के अवशेषों को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।एनटीपीसी ने वर्तमान वर्ष में अपने 17 विद्युत संयंत्रों में 50 लाख टन पराली की खपत होने का अनुमान लगाया है। इनमें एनटीपीसी कोरबा (छत्तीसगढ़), एनटीपीसी फरक्का (पश्चिम बंगाल), एनटीपीसी दादरी (उत्तर प्रदेश), एनटीपीसी कुडग़ी (कर्नाटक), एनटीपीसी सीपत (छत्तीसगढ़) और एनटीपीसी रिहंद (उत्तर प्रदेश) संयंत्र भी शामिल हैं।एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उसने पहली बार वर्ष 2017 में प्रायोगिक तौर पर इस अनूठी पहल के तहत एनटीपीसी दादरी उत्तर प्रदेश संयंत्र में कोयले के स्थान पर बायोमास पैलेट्स का इस्तेमाल को-फायरिंग के लिए किया था। इस योजना के सफल कार्यान्वयन के बाद एनटीपीसी ने अपने 17 अत्याधुनिक संयंत्रों में इसी प्रक्रिया को दोहराने की योजना बनाई है। इसी क्रम में निविदा का निमंत्रण एसआरएम पोर्टल पर ई-टेंडरिंग के माध्यम से दिया जाएगा। बोली प्रक्रिया एकल चरण में दो लिफाफा बोली प्रणाली द्वारा पूरी की जाएगी।एनटीपीसी का विश्वास है कि को-फायरिंग से प्रसंस्करण में बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार के अवसरों के साथ-साथ जैव ईंधन के लिए आपूर्ति श्रृंखला बनाने में भी मदद मिलेगी। एनटीपीसी पंजाब और हरियाणा के आपूर्तिकर्ताओं से निविदाओं को वरीयता देंगे। बोली लगाने वालों को अपनी निविदा प्रस्तुत करने से पहले एनटीपीसी को बोली दस्तावेजों के प्रासंगिक प्रावधानों के बारे में सूचित करना होगा। एनटीपीसी ने 2017 में उत्तर प्रदेश के दादरी संयंत्र में 100 टन कृषि अवशेषों को जलाया था। कोयले के साथ फसल अवशेष की 2.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक की क्रमिक वृद्धि के साथ, चार चरणों में टेस्ट-फायरिंग की गई थी। अब तक, कंपनी ने 7 हजार टन से अधिक कृषि अवशेषों को जलाया है।अनुमान के अनुसार, फसल अवशेषों का लगभग 145 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमपीटीए) अप्रयुक्त रहता है और इसका अधिकांश हिस्सा भारत के खुले खेतों में जलाया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण होता है और यह स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं को जन्म देता है। कटाई के बाद के मौसम में उत्तर भारत में पीएम 2.5 की वृद्धि में कृषि अवशेषों को जलाना एक प्रमुख कारण माना जाता है। बिटुमिनस कोयले की तुलना में इसके सकल ऊष्मीय मूल्य के साथ, कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में को-फायरिंग के माध्यम से पूरे 145 एमएमटीपीए जैव ईंधन की बिजली उत्पादन क्षमता 28 हजार से 30 हजार मेगावॉट के बराबर है जो कि 1 लाख 25 हजार-1 लाख 50 हजार मेगावॉट की सौर क्षमता से उतने ही विद्युत ऊर्जा का उत्पादन कर सकता है। 62.9 गीगावॉट की कुल स्थापित क्षमता के साथ एनटीपीसी समूह में 70 बिजली स्टेशन हैं, जिनमें 24 कोयला आधारित, 7 संयुक्त गैस और तरल ईंधन आधारित, 1 हाइड्रो स्टेशन और 13 नवीकरणीय सयंत्रों के साथ 25 सहायक तथा संयुक्त उद्यम वाले पावर स्टेशन शामिल हैं। समूह में 20 से अधिक गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 5 गीगावॉट की नवीकरणीय ऊर्जा भी शामिल है।----
- नई दिल्ली। सरकार ने चीनी मिलों को इस साल के लिए आवंटित चीनी कोटे का अनिवार्य निर्यात करने के लिए समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर दिसंबर तक कर दी है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। सरकार ने सितंबर को समाप्त होने वाले 2019-20 के विपणन वर्ष के लिए अतिरिक्त चीनी के निपटान में मदद के लिए कोटा के तहत 60 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है। खाद्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने मीडिया को बताया, 60 लाख टन में से 57 लाख टन चीनी का अनुबंध हो गया है और मिलों से लगभग 56 लाख टन चीनी निकल चुकी है। उन्होंने बताया कि इस समय कोविड-19 महामारी के दौरान आवाजाही में कठिनाई के चलते कुछ मिलें अपना स्टॉक भेज नहीं सकीं। सिंह ने कहा, महामारी के दौरान कई मिलों को लॉजिस्टिक संबंधी मुद्दों का सामना करना पड़ा। इसलिए, हमने उन्हें अपना कोटा निर्यात करने के लिए दिसंबर तक कुछ और समय देने का फैसला किया है। चीनी मिलों ने ईरान, इंडोनेशिया, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों को चीनी का निर्यात किया है। आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि इंडोनेशिया में चीनी के निर्यात को लेकर गुणवत्ता संबंधी कुछ मुद्दे थे, जिसका अब समाधान हो गया है और जिससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिला है। सरकार विपणन वर्ष 2019-20 के दौरान 60 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए 6,268 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है, ताकि अतिरिक्त घरेलू स्टॉक को खत्म किया जा सके और किसानों को गन्ने का भारी बकाया चुकाने में मिलों को मदद मिल सके।
- नयी दिल्ली। व्यापारियों के संगठन कैट ने रविवार को कहा कि भारत में बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के कथित गलत व्यवहार पर रोक लगाने के लिए ई-कॉमर्स नीति को जल्द लागू करना चाहिए। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दावा किया कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों ने देश के ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया है। कैट ने एक बयान में कहा कि घरेलू कारोबार में ई-कॉमर्स की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी के मद्देनजर एक मजबूत और अच्छी तरह से परिभाषित नीति सभी के लिए जरूरी है, ताकि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के हाथों छोटे व्यवसायों को नुकसान न हो। सरकार ने पिछले साल राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति का मसौदा जारी किया था।
- नयी दिल्ली। गिफ्ट सिटी के प्रबंध निदेशक तपन राय ने कहा कि अधिक संख्या में वित्तीय सेवा उत्पादों और खुदरा निवेशकों की भागीदारी से गिफ्ट आईएफएससी को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए आकर्षक बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादों की पेशकश और खुदरा निवेशकों की भागीदारी से गिफ्ट सिटी में देश के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) में मात्रा और नकदी बढ़ेगी। इस समय कारोबार के लिए सिर्फ डेरिवेटिव उत्पाद उपलब्ध हैं और खुदरा निवेशकों को भाग लेने की अनुमति नहीं है। बाजार नियामक सेबी ने हाल ही में आईएफएससी में निवेश सलाहकार सेवाओं की अनुमति दी थी और रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (आईईआईटी) और ढांचागत निवेश ट्रस्ट को आईएफएससी में परिचालित शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने की इजाजत दी थी।रे ने बताया, हमें अधिक उत्पादों, प्रतिभागियों और मुकाबले के लिए बराबरी के मौके की जरूरत है, जो अन्य वैश्विक आईएफएससी के समान हो, ताकि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी यहां आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि खुदरा क्षेत्र की भागीदारी से भागीदारों की संख्या और मात्रा में इजाफा होगा, जिससे यहां काम कर रहे बैंकों, बीमा और अन्य संस्थाओं की लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही रे ने कहा कि गिफ्ट सिटी ने मौजूदा 10,000 रोजगार के स्तर को अगले तीन साल में 30,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। आईएफएससी घरेलू अर्थव्यवस्था के अधिकार क्षेत्र से बाहर के ग्राहकों को सेवाएं देता है। गिफ्ट-आईएफएससी की शुरुआत अप्रैल 2015 में हुई थी और यहां 14 बैंक, 19 बीमा फर्म और लगभग 100 पूंजी बाजार की संस्थाएं हैं। इसके अलावा यहां दो अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार संचालित हैं, जो दिन में 22 घंटे चलते हैं।
- नयी दिल्ली। प्रमुख नकदी प्रबंधन सेवा प्रदाता कंपनी सीएमएस अगले दो महीनों में एक हजार कर्मचारियों को नियुक्त करने की योजना बना रही है। कंपनी अपने साझेदार बैंकों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) तथा सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिये नकदी वसूली के काम में भी उतरने की तैयारी में है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। सीएमएस इंफो सिस्टम्स (सीएमएस) ने महिंद्रा फाइनेंस, एलएंडटी फाइनेंस और हीरो फिनकॉर्प समेत कई कंपनियों के साथ नकदी व चेक संग्रह करने का करार किया है। सीएमएस की नकदी कारोबार इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख अनुष राघवन ने कहा कि देश में 115,000 एटीएम और रिटेल आउटलेट्स के नेटवर्क के साथ कंपनी 98.3 प्रतिशत जिलों में उपस्थिति रखती है। यह कंपनी को अर्थव्यवस्था में अहम स्थिति प्रदान करता है। उन्होंने कहा, ‘‘सीएमएस ने एनबीएफसी की सेवाओं को आगे बढ़ाया है। हम अब वरिष्ठ नागरिकों के लिये घर के दरवाजे पर बैंकिंग सेवा के अलावा यात्रा, शिक्षा, बीमा उद्योग के लिये चेक संग्रह, तथा अन्य उद्योगों के लिये नकदी संग्रह पर भी गौर कर रहे हैं। इसके लिये हम अगले दो महीने में एक हजार लोगों को नियुक्त करने पर विचार कर रहे हैं। हम चालू वित्त वर्ष में और विस्तार करेंगे तथा अतिरिक्त नियुक्तियां करेंगे।
- नयी दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के प्रमुख आर एस शर्मा ने कहा है कि विभिन्न मंचों, ऐप स्टोर, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरणों पर भी निरपेक्षता का सिद्धान्त लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरसंचार नेटवर्कों पर निरपेक्षता का सिद्धान्त लागू होता है, ऐसे में अन्य के लिए भी निरपेक्षता जरूरी है। ट्राई के चेयरमैन शर्मा का कार्यकाल 30 सितंबर को पूरा हो रहा है। शर्मा ने कहा कि डिजिटल दौर में प्लेटफॉर्म या मंचों, ऐप स्टोर, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरणों की निरपेक्षता एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसकी समीक्षा किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह एक ‘नया मोर्चा' है जिसपर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उपकरण, ऑपरेटिंग प्रणाली या डिजिटल मंच किसी तरह का मनमाना नियंत्रण नहीं कर पाएं, इसके लिए निरपेक्षता महत्वपूर्ण है। शर्मा ने कहा, ‘‘इन क्षेत्रों पर कौन गौर करेगा। मैं यह नहीं कह रहा ट्राई को यह करना चाहिए या किसी और को। मैं यह कहना चाहता हूं कि उपकरणों, ऑपरेटिंग प्रणाली और डिजिटल मंचों की निरपेक्षता जरूरी है जिसकी समीक्षा की जानी चाहिए और इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।'' शर्मा ने कहा कि ऐसे समय जबकि इंटरनेट व्यापक हो गया है, स्मार्टफोन और उपकरण...सॉफ्टवेयर, ऑपरेटिंग प्रणाली और ऐप स्टोर तक पहुंचने का माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि मंच, ऑपरेटिंग प्रणाली और उपकरण यदि निरपेक्ष नहीं होंगे, तो उनका नियंत्रण मनमाना हो जाएगा। दूरसंचार सेवा प्रदाता नेट निरपेक्षता के सिद्धान्त की वजह से इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते।
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नई दिल्ली। जानीमानी अर्थशास्त्री और भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित इशर जज अहलूवालिया का शनिवार को निधन हो गया। वह 74 वर्ष की थीं। उनके पति मोंटेक सिंह अहलूवालिया योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष हैं। अहलूवालिया के साथ काम करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि शनिवार को उनका निधन हो गया। उन्होंने खराब स्वास्थ्य के कारण पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर भारतीय अनुसंधान परिषद (इक्रियर) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके दो बेटे हैं। इक्रियर ने निदेशक और मुख्य कार्यकारी रजत कथूरिया ने कहा, मैं बिना संदेह के कह सकता हूं कि इक्रियर उनके डीएनए में था। उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी (एमआईटी) से पीएचडी, दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से एमए और कोलकाता के प्रेजिडेंसी कॉलेज से बीए (इकनॉमिक्स ऑनर्स) किया था। उनका शोध भारत में शहरी विकास, वृहद-आर्थिक सुधार, औद्योगिक विकास और सामाजिक क्षेत्र के विकास के मुद्दों पर केंद्रित था। उनके निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट किया, इशर अहलूवालिया, जिनका अभी-अभी निधन हुआ है, वह भारत के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों में से एक थीं, उन्होंने एमआईटी से पीएचडी की थी और वह एक प्रभावशाली पुस्तक ‘इंडस्ट्रियल ग्रोथ इन इंडिया' की लेखक थीं। उन्होंने इक्रियर को खड़ा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो एक बेहतरीन आर्थिक शोध संस्थान है।
- नयी दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के असम परिसर का उद्घाटन किया और कहा कि इस संस्थान की स्थापना से पूर्वोत्तर में कृषि शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि शुक्रवार को मंत्री ने असम के गोगामुख में नए आईएआरआई के परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई 2017 में असम में 155 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) की स्थापना किये जाने को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में कृषि-शिक्षा को बढ़ावा देना और दूसरी हरित क्रांति को हासिल करना है। बयान में कहा गया है कि वर्ष 2020-21 के सत्र से भर्ती होने वाले छात्रों की कक्षाएं आरंभ में आईएआरआई, असम परिसर में शुरू की जाएंगी। इसमें तीन प्रभाग कार्य करेंगे जैसे कि फसल सुधार , बागवानी प्रभाग और पशुविज्ञान एवं मत्स्यपालन प्रभाग। इस अवसर पर बोलते हुए, तोमर ने घोषणा की कि आईएआरआई, असम का नाम दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की स्थापना से असम के अलावा अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम राज्यों में कृषि शिक्षा और अनुसंधान के विकास को गति मिलेगी। बयान में कहा गया है कि सरकार बढ़ती आबादी और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने और हर समय पर्याप्त खाद्य भंडार सुनिश्चित करने के लिए कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। तोमर ने किसानों की आय और निर्यात के अवसरों को बढ़ाने के लिए स्थानीय रूप से विकसित फसलों के महत्व पर जोर दिया। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आईएआरआई, असम की स्थापना के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि संस्थान अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम होगा। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों की कृषि आय बढ़ाने के लिए क्षेत्र की स्थानीय रूप से विकसित बागवानी फसलों पर अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया।
- नई दिल्ली। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने भारतीय फैशन उद्योग की जानी मानी हस्ती सुनील सेठी को अपना सलाहकार नियुक्त किया है। सेठी भारत और विदेशों में खादी के प्रचार के साथ-साथ तैयार कपड़ों के क्षेत्र में नवीनतम डिजाइनों के बारे में आयोग को सलाह देंगे।केवीआईसी की ओर से जारी बयान के अनुसार, श्री सेठी की नियुक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए की गई है। इससे पहले, प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर सुश्री रितु बेरी केवीआईसी के सलाहकार के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ है। केवीआईसी ने बताया कि श्री सेठी के पास विश्व स्तर पर व्यापार करने का चार दशकों का लंबा अनुभव है, जहां उन्होंने कई नवीन और सफल रही पहलों के माध्यम से भारतीय हस्तशिल्प, डिजाइन और वस्त्र उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चार सौ डिजाइनरों के प्रतिनिधित्व वाले फैशन डिज़ाइन काउंसिल ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में सुनील सेठी भारतीय फैशन उद्योग को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैशन उद्योग में खादी की सतत वृद्धि, सुनील की नियुक्ति के पीछे महत्वपूर्ण विचार है। केवीआईसी ने पहले ही वैश्विक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा ली है और यहां से आगे हमें हर अवसर को भुनाना चाहिए। खादी के दस्तकार दुनिया में बेहतरीन गुणवत्ता और सबसे अनोखे कपड़े बनाने में सक्षम हैं। ऐसे में अपने नवीनतम डिजाइन और नवाचार के साथ खादी विश्व स्तर पर एक विशाल उपभोक्ता वर्ग की पसंद बन सकती है।केवीआईसी के अनुसार श्री सेठी एचएचईसी, राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय, हस्तकला अकादमी, कपड़ा मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय जैसे विभिन्न सरकारी निकायों में भी पहले सलाहकार रह चुके हैं। वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) के शासक मंडल के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
- नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने जानकारी दी है कि कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने डिजिटल अपनाएं अभियान शुरू किये जाने के एक महीने में ही करीब एक करोड़ ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के माध्मयों से जोड़ा है।सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत इसकी शुरुआत 15 अगस्त को हुई। इस अभियान का मकसद ग्राहकों को बैंक के डिजिटल चैनल से जोडऩा है। वित्तीय सेवा विभाग ने शुक्रवार को ट्विटर पर लिखा है, 'वित्तीय सेवा विभाग के डिजिटल अपनाएं अभियान की शानदाार शुरुआत रही। सार्वजनक क्षेत्र के बैंकों ने अभियान की शुरूआत के 31 दिनों में ही एक करोड़ खाताधारकों को डिजिटल भुगतान के माध्यमों से जोड़ा....। अभियान के तहत बैंकों से प्रत्येक शाखा में कारोबारियों और वित्तीय समावेश से संबंधित खाताधारकों समेत कम-से-कम 100 नये ग्राहकों को डिजिटल भुगतान माध्यमों से जोडऩे को कहा गया था।बैंकों को अभियान को प्रोत्साहित करने को लेकर अपनी शाखाओं और बैंक प्रतिनिधियों (बिजनेस कॉरोस्पोंडेन्ट) तथा अन्य को पुरस्कृत एवं सम्मानित करने की भी सलाह दी गई थी।
- नई दिल्ली। आयकर विभाग ने आज संपर्क-विहीन आयकर अपील की शुरूआत की। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार अब से सभी आयकर की अपील संपर्क-विहीन माध्यम से निपटाई जाएंगी। हालांकि बड़े टैक्स घोटाले, कर चोरी, गहन जांच के मामले, अंतर्राष्ट्रीय कर और कालेधन से संबंधित अपील पुराने तरीके से ही निपटाई जाएंगी। इस वर्ष 13 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संपर्क-विहीन आयकर मूल्यांकन और करदाता अधिकार पत्र की घोषणा करते हुए कहा था कि यह सुविधा पंडित दीन दयाल उपाध्याय के जन्म दिवस से शुरू की जाएगी।केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उस सुविधा से करदाता अथवा उनके वकील और आयकर विभाग के बीच किसी तरह का प्रत्यक्ष संपर्क नहीं होगा। करदाता अपनी सुविधा अनुसार घर से मांगी गई सूचना को आयकर विभाग को डिजिटल माध्यम से भेज सकता है। संपर्क-विहीन अपील सुविधा में आयकर के सभी मामले आंकड़ों के विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस माध्यम से निर्धारित किए जाएंगे। इसमें नोटिस पर आईडी नंबर अंकित होगा। इसके अंतर्गत प्रस्तावित आदेश एक शहर में तैयार होगा। जबकि इस पर विचार दूसरे शहर में किया जाएगा जिससे आदेश की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। करदाताओं को इस तरह की अपील की सुविधा से सहूलियत मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा से आयकर विभाग को पारदर्शी, जिम्मेदार और कार्यकुशल बनाने में मदद मिलेगी। कर बोर्ड के अनुसार अभी तक लगभग चार लाख 60 हजार आयकर अपील लंबित हैं जिनमें से 88 प्रतिशत अपील संपर्क-विहीन माध्यम से निपटाई जा सकती हैं। आयकर विभाग के 85 प्रतिशत अपील कमिश्नर की सेवाएं संपर्क-विहीन माध्यम को दी जाएंगी।
- - 25 वर्षों तक मिलेगी बिजली, प्रदेश हेतु बड़ी हितकारीरायपुर । पावर हब ऑफ इंडिया और जीरो पावर कट स्टेट के नाम से देशभर में जाना जाने वाला राज्य छत्तीसगढ़ आगामी अनेक वर्षों तक बिजली के मामले में सरप्लस बना रहेगा। राज्य सरकार की भी सोच है कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर सहजता पूर्वक बिजली की आपूर्ति हो सके। इस सोच को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए आज 400 मेगावाट सोलर पावर खरीदने हेतु छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन के मध्य अनुबंध का निष्पादन किया गया।कंपनी मुख्यालय विद्युत सेवा भवन में एक सादे कार्यक्रम में अनुबंध पत्र पर विद्युत वितरण कंपनी की ओर से मुख्य अभियंता मनोज खरे एवं एनएचपीसी के महाप्रबंधक एस पी राठौर ने हस्ताक्षर किया। इस अवसर पर वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह , सहायक अभियंता टी एन बंछोर तथा एनएचपीसी के सीनियर मैनेजर नरेश बंसल उपस्थित थे। इसअनुबंध निष्पादन से लगभग 25 वर्षों तक सोलर पावर की आपूर्ति छत्तीसगढ़ वितरण कंपनी को एनएचपीसी करेगी।छत्तीसगढ़ की आर्थिक सुदृढ़ता को बढ़ाने की दृष्टि से यह अनुबंध अत्यंत ही फायदेमंद सिद्ध होगा। करीब 2.62 रुपए प्रति यूनिट की दर से सोलर पावर की खरीदी की जाएगी। इस दर पर कम्पनी को दीर्घावधि तक मिलने वाली 400 मेगावाट सोलर बिजली प्रदेश के विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद रहेगी। आर्थिक दृष्टि से लाभकारी सोलर पावर की मांग देशभर में बढ़ रही है इसे दृष्टिगत रखते हुए कम्पनी ने कम दर पर बिजली पाने कारगर कदम उठाए हैं।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के समक्ष आने वाले साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए पांच- सूत्रीय वाले रणनीतिक दृष्टिकोण गार्ड को सामने रखा है।रिजर्व बैंक ने अपने दस्तावेज शहरी सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा के लिए तकनीकी दृष्टिकोण 2020-23 में कहा कि साइबर घटनाओं और हमलों की संख्या, आवृत्ति तथा प्रभाव हाल के दिनों में कई गुना बढ़ गया है। ये यूसीबी समेत वित्तीय क्षेत्र के मामले में काफी बढ़े हैं। उसने कहा, अत: यह आवश्यक हो गया है कि साइबर हमलों से बचाव, उनकी पहचान, प्रतिक्रिया तथा उनसे उबरने के लिए यूसीबी की साइबर सुरक्षा को विस्तृत बनाया जाए। रिजर्व बैंक के पांच स्तंभों वाले रणनीतिक दृष्टिकोण -गार्ड में गवर्नेंस ओवरसाइट, यूटाइल टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट, उपयुक्त विनियमन एवं पर्यवेक्षण, मजबूत सहयोग और आवश्यक आईटी व साइबर सुरक्षा कौशल विकसित करना शामिल है। आरबीआई ने कहा कि प्रौद्योगिकी दृष्टिकोण दस्तावेज को विभिन्न हितधारकों से विचार प्राप्त करने के बाद औपचारिक रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य यूसीबी की साइबर सुरक्षा की क्षमता को बढ़ाना है।दस्तावेज में सुझाए गए 12 विशिष्ट कार्य बिंदुओं में साइबर सुरक्षा पर बोर्ड की अधिक निगरानी, आईटी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन व उन्हें सुरक्षित करने में यूसीबी को सक्षम करना, साइबर सुरक्षा से संबंधित नियंत्रणों पर ऑफसाइट सुपरवाइजरी मैकेनिज्म फ्रेमवर्क स्थापित करना आदि शामिल है। इसमें यूसीबी के लिए एक मंच विकसित करना भी शामिल है, ताकि उन्हें सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और व्यावहारिक मुद्दों वर चुनौतियों पर चर्चा करने में मदद मिल सके। आरबीआई ने कहा, इस प्रौद्योगिकी दृष्टिकोण दस्तावेज में उल्लिखित कदमों के कार्यान्वयन से शहरी सहकारी बैंकों की साइबर सुरक्षा मजबूत होगी।
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नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय के अधीनस्थ राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) ने औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों के तहत प्रमुख आयुष और हर्बल उद्योग निकायों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले उद्योग निकायों में एडीएमए (आयुर्वेदिक ड्रग निर्माता संघ) मुंबई; एएमएएम (एसोसिएशन फॉर मैन्युफैक्चरर्स ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन) नई दिल्ली; एएमएमओआई (आयुर्वेदिक मेडिसिन मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया) त्रिशूर; एएचएनएमआई (एसोसिएशन फॉर हर्बल एंड न्यूट्रास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया) मुंबई; फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज) नई दिल्ली तथा सीआईआई (भारतीय उद्योग परिसंघ) नई दिल्ली शामिल थे।
आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में गुरुवार को हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनका मंत्रालय आयुष उद्योग से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करेगा, बशर्ते वे एक संयुक्त टीम का गठन करें और सामने आने वाली संबंधित समस्याओं के समाधान के साथ संपर्क करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि वर्तमान सरकार आयुष प्रणालियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
आयुष उद्योग ने राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड को आश्वासन दिया कि वे राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड समर्थित औषधीय पौधों की खेती और संग्रह करने वाले किसानों तथा संग्रहकर्ताओं को बाय-बैक गारंटी प्रदान करेंगे। एनएमपीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. जे. एल. एन. शास्त्री ने आयुष मंत्रालय की ओर से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जबकि आयुर्वेदिक ड्रग निर्माता संघ के चंद्रकांत भानुशाली, एसोसिएशन फॉर मैन्युफैक्चरर्स ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन से प्रदीप मुल्तानी, आयुर्वेदिक मेडिसिन मैन्युफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया से डॉ. रामनाथन, एसोसिएशन फॉर हर्बल एंड न्यूट्रास्युटिकल मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इंडिया के संजय मारिवाला, फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज से श्री प्रवीण मित्तल और भारतीय उद्योग परिसंघ से राजीव वासुदेवन ने संबंधित निकायों का प्रतिनिधित्व किया। सभी प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की कि, आयुष मंत्रालय के इस महत्वपूर्ण कदम से आयुष, न्यूट्रास्युटिकल (पौष्टिक-औषध) और हर्बल उद्योग को गुणवत्ता वाले कच्चे माल की सतत आपूर्ति मिलेगी।
- नई दिल्ली। हाजिर मांग कमजोर पडऩे के कारण कारोबारियों ने अपने जमा सौदे को कम किया जिससे वायदा बाजार में सोना गुरुवार को 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49 हजार 428 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अक्टूबर महीने में डिलिवरी वाले सोना अनुबंध की कीमत 80 रुपये यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49 हजार 428 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 6 हजार 936 लॉट के लिये कारोबार हुआ। सोना के दिसंबर महीने में डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत 68 रुपये यानी 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49 हजार 482 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इसमें 11 हजार 780 लॉट के लिये कारोबार हुआ। वहीं, न्यूयार्क में सोने का भाव 0.57 प्रतिशत गिरकर 1,857.80 डॉलर प्रति औंस रह गया।वहीं कमजोर मांग के बीच कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को घटाया जिससे वायदा बाजार में चांदी की कीमत गुरुवार को 1,536 रुपये टूटकर 56 हजार 952 रुपये किलो रह गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर महीने की डिलिवरी के लिये चांदी 1,536 रुपये यानी 2.63 प्रतिशत टूटकर 56 हजार 952 रुपये किलो रह गयी। इसमें 15 हजार 822 लॉट के लिये कारोबार हुआ। उधर, न्यूयार्क में चांदी की कीमत 3.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22.24 डॉलर प्रति औंस रह गई।
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नई दिल्ली। एमजी मोटर इंडिया ने बृहस्पतिवार को अपनी प्रीमियम एसयूवी ग्लोस्टर का अनावरण किया। कंपनी इस वाहन को अक्टूबर में बाजार में उतारेगी। उसी समय इसकी कीमत की घोषणा की जाएगी। कंपनी ने इस मॉडल के लिए बुकिंग भी शुरू कर दी है। एमजी मोटर इंडिया ने बयान में कहा कि ग्राहक एमजी मोटर की डीलरशिप पर एक लाख रुपये जमा कर इस मॉडल की बुकिंग कर सकते हैं। ग्लोस्टर में दो लीटर का टर्बो डीजल इंजन लगा है। इसके अलावा इस मॉडल में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस), एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल (एसीसी), फ्रंट कोलिजन वार्निंग, ऑटोमैटिंग इमरजेंसी ब्रेक, लेन डिपार्चर वार्निंग जैसे फीचर भी हैं। एमजी मोटर इंडिया के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव छाबा ने कहा कि ग्लोस्टर में पहले स्तर की ऑटोनोमस ड्राइविंग, लेवल-1 होगा। लेवल-5 पूर्ण ऑटोनोमस वाहन होता है।
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नई दिल्ली। रिलायंस जियो ने अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर 22 उड़ानों में मोबाइल सेवा की शुरुआत कर दी है। कंपनी ने वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है। कंपनी की साझेदार एयरलाइनों में कैथे पैसिफिक, सिंगापुर एयरलाइंस, एमिरेट्स, एतिहाद एयरवेज, यूरो विंग्स, लुफ्थांसा, मालिंडो एयर, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस और एलिटालिया शामिल हैं। इसके साथ, जिओ उड़ान के दौरान (इन-फ़्लाइट) मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली दूसरी भारतीय दूरसंचार कंपनी बन गयी है। इससे पहले टाटा समूह की कंपनी नेल्को लंदन मार्ग पर विस्तार एयरलाइंस में इन-फ्लाइट मोबाइल सेवाएं शुरू कर चुकी है। जियो ने एक दिन की वैधता के साथ भारत से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिये 499 रुपये, 699 रुपये और 999 रुपये के तीन अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पैक की घोषणा की है। सभी प्लान 100 मिनट की आउटगोइंग वॉयस कॉल और 100 एसएमएस की पेशकश करते हैं। इनके अलावा 499 रुपये वाले प्लान में 250 मेगाबाइट (एमबी) मोबाइल डेटा मिलता है। इसी तरह 699 रुपये में 500 एमबी और 999 रुपये में एक जीबी डेटा का प्लान है। जिओ की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कोई भी प्लान इनकमिंग कॉल की अनुमति नहीं देगा, जबकि इनकमिंग एसएमएस मुफ्त है। इन-फ्लाइट मोबाइल सेवाओं का पहली बार उपयोग करने वालों को जिओ नेटवर्क पर योजनाओं को सक्रिय करने की आवश्यकता होगी। जिओ फोन और जिओ के वाईफाई डिवाइस पर अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवाएं काम नहीं करेंगी। - नई दिल्ली। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) को 2021-22 में निजी नियोजन के आधार पर बांड जारी कर 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है।बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि 22 सितंबर को हुई 31वीं वार्षिक आमसभा में सभी प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई। कंपनी ने आमसभा में वित्त वर्ष 2021-22 में घरेलू बाजार से 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने के लिए विशेष प्रस्ताव रखा था। यह राशि निजी नियोजन के आधार पर 20 तक किस्तों में गारंटी या बिना गारंटी वाले, गैर-परिवर्तनीय, विमोच्य, करयोग्य या करमुक्त डिबेंचर या बांड जारी कर जुटाई जाएगी।
- मुंबई। भारतीय स्टैट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि बड़ी संख्या में ग्राहक अब शाख स्तर पर लेन-देन से बच रहे हैं और डिजिटल तौर-तरीकों को अपना रहे हैं तथा यह बदलाव स्थायी होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल 100 लेन-देन में केवल सात एसबीआई शाखाओं के जरिये हो रहे हैं जबकि तीन साल पहले 100 लेन-देन में 20 होते थे।ग्लोबल बिजनेस समिट में कुमार ने कहा, ...हम यह देख रहे हैं कि शाखाओं और यहां तक लोग एटीएम से भी दूर हो रहे हैं। एटीएम के जरिये लेन-देन की संख्या प्रतिशत 100 पर 55 से कम होकर 29 पर आ गयी है। दूसरी तरफ मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट के जरिये होने वाले डिजिटल लेन-देन प्रति 100 सौदों पर बढ़कर 55 हो गयी है। उन्होंने कहा, यह बदलाव स्थायी है और यह स्थिति बनी रहेगी। लोगों को डिजिटल और मोबाइल बैंकिग से सहूलियत हो रही है। हालांकि, कुमार ने कहा कि शाखाएं बनी रहेंगी, इसके अपने फायदे हैं। उन्होंने कहा, शाखाओं की जरूरत बनी रहेगी। हां, उनके आकार-प्रकार में बदलाव आएगा और हम अब जो भी शाखा खोल रहे हैं, वह डिजिटल होती है।
- मुंबई। जानेमाने उद्योगपति और परामार्थ कार्यों से जुड़े बिल गेट्स ने कहा है कि घर से काम करने की संस्कृति बेहतर तरीके से काम कर रही है और कई कंपनियां कोरोना वायरस महामारी समाप्त होने के बाद भी यह व्यवस्था जारी रखेंगी।कोविड-19 महामारी और उसकी रोकथाम के लिये लगाये गये लॉकडाउन के कारण कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने को मजबूर हुईं। गेट्स ने अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के ऑनलाइन व्यापार सम्मेलन में कहा, यह देखना अद्भुत है कि कैसे घर से काम करने की व्यवस्था काम कर रही है और मुझे उम्मीद है कि महामारी के समाप्त होने के बाद यह कार्य संस्कृति बनी रहेगी। माइक्रोसाफ्ट के सह-संस्थापक और बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक ने कहा कि उन्होंने इस साल अब तक काम के सिलसिले में यात्रा नहीं की। उन्होंने कहा, सच कहूं तो मुझे काफी समय मिला है। यह आंखे खोलने वाला है। हालांकि गेट्स ने कहा कि घर से काम करने में कुछ समस्या भी हैं और इसके लिए साफ्टवेयर में सुधार की जरूरत है।=
- मुंबई। लग्जरी वाहन बनाने वाली कंपनी मर्सिडीज बेंज ने भारत में अपनी नई मध्यम आकार वाली एसयूवी एएमजी जीएलई-53 4मैटिक प्लस कूपे बाजार में उतारी। इसकी देश भर में एक्स शोरूम कीमत 1.2 करोड़ रुपये है। कंपनी ने इस वाहन को इस साल फरवरी में नोएडा में ऑटो एक्सपो में प्रदर्शित किया था। यह भारत में एएमजी 53 सीरिज का पहला मॉडल है। यह एएमजी 43 कूपे का स्थान लेने वाला है। कंपनी ने कहा कि नया जीएलई 300डी, 400डी, 450 और एएमजी जीएलई 53 कूपे संस्करणों में उपलब्ध है।मर्सिडीज-बेंज इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री और विपणन) संतोष अय्यर ने बुधवार को कहा, हम आगामी त्योहारी मौसम को लेकर कुछ सतर्कता के साथ आशावादी हैं। महामारी अभी समाप्त नहीं हुई है और अभी भी हम इससे बाहर नहीं हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में हम (बिक्री) स्थिति में कुछ सुधार लाने सक्षम हुए हैं और महामारी का प्रारंभिक प्रभाव दूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर के लगभग 60 प्रतिशत के बराबर बिक्री प्राप्त कर चुकी है। इससे बाद हम आगे ही बढ़ेंगे। त्यौहारी मौसम के दौरान यह हमारा पहला कदम होगा जिसे में हासिल करना चाहते हैं और हमें इसकी प्रतीक्षा करनी होगी।----
- नयी दिल्ली। इरकॉन इंटरनेशनल ने बुधवार को कहा कि उसने रेल मंत्रालय से 400 करोड़ रुपये मूल्य का अनुबंध हासिल किया है। यह अनुबंध रेलवे लाइनों के ऊपर सड़क पुल के निर्माण से जुड़ा है। ऐसे नौ सड़क पुल बनाये जायेंगे। कंपनी ने बीएसई को दी सूचना में कहा, ‘‘इरकॉन इंटरनेशनल लि. ने रेल मंत्रालय से नौ सड़क पुल (रोड ओवर ब्रिज- आरओबी) का ठेका हासिल किया है। इन परियोजनाओं का मूल्य 400 करोड़ रुपये है।'' कंपनी को यह ठेका सार्वजनिक उपक्रमों के बीच प्रतिस्पर्धी बोली के जरिये मिला है। इस संबंध में सार्वजनिक उपक्रम और संबंधित क्षेत्रीय रेलवे के बीच आपसी सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जायेंगे।



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