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नयी दिल्ली. एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत का वृद्धि अनुमान 6.8 प्रतिशत पर मंगलवार को बरकरार रखा और कहा कि उसे उम्मीद है कि आरबीआई अपनी अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती शुरू कर देगा। एशिया प्रशांत के आर्थिक परिदृश्य में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। इसमें कहा गया कि भारत में ठोस वृद्धि से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मुद्रास्फीति को अपने लक्ष्य के अनुरूप लाने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘‘ भारत में अप्रैल-जून तिमाही में उच्च ब्याज दरों ने शहरी मांग को प्रभावित किया और सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर धीमी रही। हालांकि, यह समूचे वित्त वर्ष 2024-25 के लिए हमारे सकल घरेलू उत्पाद के 6.8 प्रतिशत की दर के अनुमान के अनुरूप है।'' इससे पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।
एसएंडपी ने कहा, हमारा परिदृश्य यथावत बना हुआ है। हम उम्मीद करते हैं कि आरबीआई जल्द से जल्द अक्टूबर में दरों में कटौती शुरू कर देगा और चालू वित्त वर्ष (मार्च 2025 में समाप्त होने वाले) में दो बार दरों में कटौती की योजना बनाएगा।'' एसएंडपी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति औसतन 4.5 प्रतिशत रहेगी।
सरकार ने आरबीआई को मुद्रास्फीति को दोनों तरफ दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया है। आरबीआई की ब्याज दर निर्धारित करने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक सात से नौ अक्टूबर को होने वाली है। मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने फरवरी 2023 से नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने भी अपनी नीतिगत ब्याज दर में 0.50 प्रतिशत की कटौती की है। इसके बाद आरबीआई के अगले महीने इसमें 0.25 प्रतिशत की कटौती करने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली. श्रमबल सर्वेक्षण की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार जुलाई, 2023 से जून, 2024 तक 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है। बेरोजगारी दर (यूआर) को श्रमबल में मौजूद व्यक्तियों के बीच बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया जाता है। सोमवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि पुरुषों के लिए यूआर में जुलाई 2023-जून 2024 के दौरान सालाना आधार पर मामूली गिरावट हुई। यह आंकड़ा 3.3 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गया। इसी अवधि में महिलाओं के बीच यूआर 2.9 प्रतिशत से बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गया।जुलाई 2023 - जून 2024 के दौरान 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए सामान्य स्थिति में श्रमबल भागीदारी दर (एलएफपीआर) 60.1 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा पिछले साल 57.9 प्रतिशत था। समीक्षाधीन अवधि में यह आंकड़ा पुरुषों के लिए 78.8 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 41.7 प्रतिशत था। सामान्य स्थिति में 15 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए एलएफपीआर दर जुलाई, 2022 - जून, 2023 के 37.0 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई, 2023 - जून, 2024 के दौरान 41.7 प्रतिशत हो गई है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि दूरसंचार कंपनियों ने पिछले दो वित्त वर्षों (2022-24) में 4जी और फिर 5जी में जाने के लिए 4.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिन की उपलब्धियों पर सिंधिया ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल 2025 के मध्य तक 4जी सेवा के लिए एक लाख टावर की स्थापना का काम पूरा कर लेगी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय 4जी सेवाएं शुरू करने की समयसीमा और उनकी कारोबारी रणनीति के बारे में सरकारी दूरसंचार कंपनी के निर्णय में हस्तक्षेप नहीं करेगा। मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में वॉयस कॉल की दरें 94 प्रतिशत घटकर 51 पैसे प्रति मिनट से 3.5 पैसे रह गई हैं, तथा एक जीबी इंटरनेट डाटा की कीमत 97 प्रतिशत घटकर 297 रुपये प्रति जीबी से 8.75 पैसे रह गई है। मोबाइल सेवाओं पर शुल्क वृद्धि के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर सिंधिया ने कहा, “3जी से 4जी और 4जी से 5जी की ओर बढ़ते हुए, दूरसंचार कंपनियों ने पिछले दो वित्त वर्षों में ही 4.26 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय किया है। यदि आप अधिक निवेश करते हैं तो आपको लाभ अवश्य मिलेगा।” मंत्री ने कहा कि राजग सरकार के पिछले 10 साल के कार्यकाल में कनेक्टिविटी बढ़ी है, जबकि शुल्क में भारी कमी आई है। जुलाई में सभी निजी कंपनियों द्वारा शुल्क वृद्धि करने के बाद बीएसएनएल के ग्राहकों की संख्या में 29.47 लाख से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि निजी दूरसंचार कंपनियों - एयरटेल, वीआईएल और जियो ने कुल मिलाकर 38.65 लाख मोबाइल ग्राहक खो दिए। सिंधिया ने कहा कि दूरसंचार मंत्रालय बीएसएनएल की कारोबारी रणनीति के फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उच्चतम न्यायालय द्वारा समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) पर वीआईएल की याचिका खारिज किए जाने के बाद दूरसंचार क्षेत्र की वित्तीय स्थिति के बारे में पूछे जाने पर सिंधिया ने कहा कि चार कंपनियों के साथ यह क्षेत्र बेहद मजबूत है। सिंधिया ने कहा कि भारत विश्वस्तर पर छठा देश बन गया है जिसने अपनी 4जी प्रौद्योगिकी स्थापित कर ली है।
- नयी दिल्ली/ कृषि मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि चालू खरीफ (ग्रीष्म) सत्र 2024-25 में अबतक धान की बुवाई का रकबा 2.22 प्रतिशत बढ़कर 413.50 लाख हेक्टेयर हो गया है। एक साल पहले की समान अवधि में यह 404.50 लाख हेक्टेयर था।मुख्य खरीफ फसल धान की बुवाई जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है और सितंबर से कटाई होती है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि इसके अलावा चालू सत्र में 23 सितंबर तक दलहन की बुवाई का रकबा बढ़कर 128.58 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 119.28 लाख हेक्टेयर था। चालू सत्र में अबतक अरहर और मूंग की बुवाई का रकबा बढ़कर क्रमश: 46.50 लाख हेक्टेयर और 35.46 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि उड़द की बुवाई का रकबा थोड़ा घटकर यानी 30.73 लाख हेक्टेयर रह गया है। मोटे अनाज और श्री अन्न (बाजरा) की बुवाई का रकबा एक साल पहले की समान अवधि के 186.07 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 192.55 लाख हेक्टेयर हो गया। मोटे अनाजों में मक्का की बुवाई का रकबा 84.65 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 88.06 लाख हेक्टेयर हो गया।तिलहन की बुवाई का रकबा इस खरीफ सत्र में अब तक मामूली रूप से बढ़कर 193.84 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 190.92 लाख हेक्टेयर था। नकदी फसलों में, गन्ने की बुवाई का रकबा मामूली रूप से बढ़कर 57.68 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 57.11 लाख हेक्टेयर था, कपास का रकबा 123.71 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 112.76 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि जूट-मेस्ता का रकबा 6.67 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.74 लाख हेक्टेयर रह गया। सभी खरीफ फसलों के लिए कुल बुवाई का रकबा पिछले साल की समान अवधि के 1,088.26 लाख हेक्टेयर की तुलना में बढ़कर 1,104.63 लाख हेक्टेयर पर रहा।
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नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को उद्योगपति अनिल अंबानी के पुत्र अनमोल अंबानी पर रिलायंस होम फाइनैंस मामले में सामान्य प्रयोजन के कॉरपोरेट ऋण को मंजूरी देते समय उचित जांच-परख की प्रक्रिया का पालन नहीं करने के लिए एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, नियामक ने रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस के मुख्य जोखिम अधिकारी (सीआरओ) कृष्णन गोपालकृष्णन पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि दोनों को 45 दिन के भीतर जुर्माना जमा कराना होगा। यह आदेश तब आया जब अगस्त में सेबी ने रिलायंस होम फाइनैंस लिमिटेड के कोष की हेराफेरी से जुड़े एक मामले में अनिल अंबानी और 24 अन्य को पांच साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। साथ ही उनपर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को यहां कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश सही राह पर बढ़ रहा है और संस्थागत क्षमता निर्माण इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।‘विकसित भारत 2047’ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का रोडमैप है, जिसका लक्ष्य 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। 2047 में भारत की आजादी के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे।
वित्तमंत्री ने कहा कि केंद्र ने रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा, “हमें अपने बैंकों, समग्र बुनियादी ढांचे, बाजार में कंपनियों की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा और भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण को प्राथमिकता देनी होगी।” उन्होंने कहा, “यदि आप यह देख रहे हैं कि भारत का भविष्य क्या है और हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य तक कैसे पहुंचेंगे तो हम सही रास्ते पर हैं। हमने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।” -
नयी दिल्ली. डेलॉयट दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रोमल शेट्टी ने कहा है कि भारत निराशाजनक वैश्विक परिदृश्य के बीच एक चमकता स्थान बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश विपरीत परिस्थितियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष (2024-25) में सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर सकता है। भारत में ‘बिग फोर' अकाउंटिंग और परामर्श कंपनियों के सबसे युवा सीईओ शेट्टी ने कहा कि मुद्रास्फीति काफी हद तक नियंत्रण में है, ग्रामीण मांग में वृद्धि हुई है और वाहनों की बिक्री में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि हम वृद्धि के मामले में (चालू वित्त वर्ष में) 7-7.1 प्रतिशत के दायरे में रहेंगे। आपके सामने कई प्रतिकूल परिस्थितियां हैं, कई अनुकूल परिस्थितियां हैं... लेकिन तथ्य यह है कि वैश्विक स्तर पर जो कुछ भी हो रहा है, उसके बावजूद भारत अब भी बेहतर स्थिति में है, लेकिन हम यह नहीं कह सकते कि हम दुनिया से अलग हैं।” उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और यूक्रेन में भू-राजनीतिक संकट तथा पश्चिमी दुनिया में मंदी का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि पर असर पड़ेगा। डेलॉयट के अनुमानों के अनुसार, अगले वित्त वर्ष (2025-26) में वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने की संभावना है। पिछले वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। शेट्टी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नरेन्द्र मोदी सरकार 3.0 निजीकरण सहित आर्थिक सुधारों को उसी गति से जारी रखेगी और सरकारी विभागों के भीतर काम पूरा करने के लिए जबर्दस्त प्रयास किए जाएंगे। दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत इस दशक के भीतर पांच हजार अरब डॉलर तक विस्तारित होकर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट कुछ मायनों में भारत के लिए अच्छी बात है, क्योंकि भारत कई चीजों का शुद्ध आयातक है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती भारत के लिए सकारात्मक होगी। शेट्टी ने कहा कि भारत विश्व की सेवा राजधानी बनेगा और देश को उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करना होगा तथा ऐसे विशिष्ट क्षेत्रों की तलाश करनी होगी जहां भारत विश्वस्तर पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर सके।
- नयी दिल्ली. देश का बागवानी उत्पादन 2023-24 में सालाना आधार पर मामूली रूप से 0.65 प्रतिशत घटकर 35.32 करोड़ टन रहने का अनुमान है। शनिवार को जारी सरकार के तीसरे अग्रिम अनुमान में यह बात कही गई। आम, केला, नींबू, अंगूर और कस्टर्ड सेब के अधिक उत्पादन से 2023-24 (जुलाई-जून) में फलों का उत्पादन 2.29 प्रतिशत बढ़कर 11.27 करोड़ टन होने की उम्मीद है। कृषि मंत्रालय ने हालांकि कहा कि सेब, खट्टे फल, अमरूद, लीची, अनार और अनानास का उत्पादन गिरने की आशंका है। इसमें कहा गया कि सब्जियों का उत्पादन 20.58 करोड़ टन रहने का अनुमान है, जिसमें टमाटर, गोभी, फूलगोभी और कई अन्य सब्जियों में वृद्धि से आलू और प्याज जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थों में कमी की भरपाई हो जाएगी। प्याज का उत्पादन 242.4 लाख टन रहने की उम्मीद है। आलू का उत्पादन 5.70 करोड़ टन रहने की संभावना है। बिहार और पश्चिम बंगाल में कम उत्पादन के कारण यह आंकड़ा सालाना आधार पर गिरावट दर्शाता है। टमाटर का उत्पादन 4.38 प्रतिशत बढ़कर 213.2 लाख टन होने का अनुमान है। इसी तरह शहद, फूल, बागानी फसलों, मसालों और सुगंधित और औषधीय पौधों में इस साल वृद्धि का संकेत है।
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नई दिल्ली। आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि उसने विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास 2.0’ को अधिसूचित किया है। यह योजना 31 दिसंबर, 2024 को या उससे पहले घोषणा पत्र दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए उसके बाद दाखिल करने वालों की तुलना में कम निपटान राशि की पेशकश करती है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आयकर विवादों के मामले में लंबित अपीलों को हल करने के लिए प्रत्यक्ष कर ‘विवाद से विश्वास’ योजना 2024 की घोषणा की। यह योजना एक अक्टूबर, 2024 से लागू होगी।
इसके अलावा, योजना को सक्षम करने के लिए नियम और प्रपत्र भी अधिसूचित किए गए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि इस योजना में ‘पुराने अपीलकर्ता’ की तुलना में ‘नए अपीलकर्ता’ के लिए कम निपटान राशि का प्रावधान है। इस योजना में 31 दिसंबर 2024 को या उससे पहले घोषणा दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए उसके बाद दाखिल करने वालों की तुलना में कम निपटान राशि का प्रावधान है। चार अलग-अलग प्रपत्र अधिसूचित किए गए हैं। प्रपत्र-1: घोषणाकर्ता द्वारा घोषणा और वचनबद्धता दाखिल करने के लिए प्रपत्र। प्रपत्र-2: निर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र के लिए प्रपत्र।प्रपत्र-3: घोषणाकर्ता द्वारा भुगतान की सूचना के लिए प्रपत्र। प्रपत्र-4: निर्दिष्ट प्राधिकारी द्वारा कर बकाया के पूर्ण और अंतिम निपटान के लिए आदेश। योजना में यह भी प्रावधान है कि प्रत्येक विवाद के लिए फॉर्म-1 अलग से दाखिल किया जाएगा, बशर्ते कि जहां अपीलकर्ता और आयकर प्राधिकारी दोनों ने एक ही आदेश के संबंध में अपील दाखिल की हो, ऐसे मामले में एकल फॉर्म-1 दाखिल किया जाएगा। भुगतान की सूचना फॉर्म-3 में दी जानी है और इसे अपील, आपत्ति, आवेदन, रिट याचिका, विशेष अनुमति याचिका या दावे को वापस लेने के प्रमाण के साथ निर्दिष्ट प्राधिकारी को प्रस्तुत किया जाना है।फॉर्म-1 और फॉर्म-3 को घोषणाकर्ता द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। ये फॉर्म आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह योजना मुकदमेबाजी को कम करने की दिशा में एक कदम है। -
नई दिल्ली। फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट सर्विस देने वाली कंपनी आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में शुक्रवार, 20 सितंबर, 2024 को शानदार तेजी देखी गई। आज के कारोबार में कंपनी के शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुए। आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में उछाल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा कंपनी के गोल्ड लोन बिजनेस पर प्रतिबंध हटाने के बाद आया।
BSE पर, आईआईएफएल फाइनेंस के शेयर 7.37 प्रतिशत की उछाल के साथ 530.75 रुपये पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 13.39 प्रतिशत बढ़कर 560.50 रुपये पर पहुंच गया था। इस शेयर का 52 सप्ताह का हाई 683.78 रुपये है।NSE पर, कंपनी के शेयर 6.15 प्रतिशत चढ़कर 526.50 रुपये पर पहुंच गए। इंट्रा-डे में शेयर 13 प्रतिशत बढ़कर 560.60 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी का बाजार मूल्यांकन (MCap) 1,548.91 करोड़ रुपये बढ़कर 22,516.66 करोड़ रुपये हो गया।मात्रा के संदर्भ में, दिन के दौरान बीएसई पर कंपनी के 16.40 लाख शेयरों और एनएसई पर 451.97 लाख शेयरों का कारोबार हुआ।RBI ने गोल्ड लोन बिजनेस से हटाया बैनआईआईएफएल फाइनेंस ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, “हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 19 सितंबर 2024 की अपनी सूचना के माध्यम से आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड (“कंपनी”) के गोल्ड लोन बिजनेस पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया है।”कंपनी पर केंद्रीय बैंक ने ये प्रतिबंध 4 मार्च, 2024 को लगाए गए थे, जिसने आईआईएफएल फाइनेंस को अपने किसी भी गोल्ड लोन को मंजूरी देने, वितरित करने, आवंटित करने/प्रतिभूतिकरण करने/बेचने से रोक दिया था।हम उच्चतम अनुपालन मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धआईआईएफएल फाइनेंस ने एक बयान में कहा, “RBI का निर्णय तुरंत प्रभावी है और कंपनी को सभी प्रासंगिक कानूनों और विनियमों के अनुपालन में गोल्ड लोन की मंजूरी, वितरण, आवंटन, प्रतिभूतिकरण और बिक्री फिर से शुरू करने की अनुमति देता है। आईआईएफएल फाइनेंस ने आगे कहा, “कंपनी उच्चतम अनुपालन मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करना जारी रखेगी कि उठाए गए सुधारात्मक कदम टिकाऊ बने रहें।”आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड भारत में एक विविध गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है, जो होम लोन, गोल्ड लोन, बिजनेस लोन और माइक्रोफाइनेंस सहित कई उत्पादों में विशेषज्ञता रखती है। FY24 तक, कंपनी ने प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (AUM) लगभग 76,700 करोड़ रुपये है, जो FY20 में 37,900 करोड़ रुपये थी। वर्तमान में कंपनी 4,800 शाखाओं का संचालन करती है, जो FY20 में 2,300 थीं। 80 लाख से अधिक ग्राहक आधार के साथ, आईआईएफएल विशेष रूप से होम लोन, गोल्ड लोन और माइक्रो फाइनेंस के साथ विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखती है। -
नई दिल्ली। सरकार प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना ‘विवाद से विश्वास 2.0’ की शुरूआत एक अक्टूबर से करेगी। ‘विवाद से विश्वास’ योजना 2.0 की घोषणा मूल रूप से जुलाई में प्रस्तुत बजट 2024-25 में लंबित कुछ आयकर विवादों के समाधान के लिए की गई थी। वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा, ‘‘ केंद्र सरकार प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना 2024 को लागू करने की तारीख एक अक्टूबर 2024 तय करती है।’’करीब 35 लाख करोड़ रुपये की 2.7 करोड़ प्रत्यक्ष कर मांगों पर विभिन्न कानूनी मंचों पर विवाद जारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि सरकार करों को सरल बनाने, करदाता सेवाओं में सुधार करने, कर निश्चितता प्रदान करने और राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ मुकदमेबाजी को कम करने के अपने प्रयास जारी रखेगी। सरकार प्रत्यक्ष करों के तहत मामलों के लिए ‘विवाद से विश्वास’ योजना का पहला चरण 2020 में लाई थी। करीब एक लाख करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाया और सरकार को करीब 75,000 करोड़ रुपये का कर हासिल हुआ था।
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नई दिल्ली। एप्पल आईफोन 16 और 16 Pro सीरीज़ की बिक्री भारत में आज यानी शुक्रवार, 20 सितंबर से शुरू हो गई है। नए iPhone 16 सीरीज़ मॉडल की प्री-ऑर्डर बुकिंग 13 सितंबर से भारत समेत कई अन्य देशों में शुरू हुई थी, और अब जो लोग इसे पहले से ऑर्डर कर चुके हैं, उन्हें शुक्रवार सुबह 8 बजे से अपने नए iPhone मिलने शुरू हो गए हैं। Apple Store के दरवाजे सुबह 8 बजे खोल दिए गए और इसके साथ ही ग्राहकों की आईफोन स्टोर पर भी लंबी लाइन देखने को मिली। आईफोन खरीदने के लिए ग्राहक Apple BKC स्टोर (मुंबई) या Apple Saket स्टोर (दिल्ली) जा सकते हैं। इसके अलावा, वे देशभर में मौजूद अधिकृत resellers पर भी निर्भर कर सकते हैं ताकि अपना iPhone 16 मॉडल ले सकें, या फिर ऑनलाइन डिलीवरी का इंतजार कर सकते हैं। Apple स्टोर खुलने से पहले ही सुबह-सुबह लोग स्टोर के बाहर दौड़ते हुए दिखे। आईफोन को लेकर ऐसा ही क्रेज पिछली बार भी देखा गया था जब iPhone 15 लॉन्च हुआ था।
iPhone 16 और 16 Pro की भारत में कीमतेंApple ने iPhone 16 और 16 Pro की भारत में आधिकारिक कीमतें जारी कर दी हैं। यहां सभी मॉडल्स की कीमतों की जानकारी दी गई है:iPhone 16:128GB: ₹79,900256GB: ₹89,900512GB: ₹1,09,900iPhone 16 Plus:128GB: ₹89,900256GB: ₹99,900512GB: ₹1,11,900iPhone 16 Pro:128GB: ₹1,19,900256GB: ₹1,29,900512GB: ₹1,49,9001TB: ₹1,69,900iPhone 16 Pro Max:256GB: ₹1,44,900512GB: ₹1,64,9001TB: ₹1,84,900Apple आईफोन 16 सीरीज के लॉन्च डे पर खास बैंक ऑफर्स, कार्ड पर मिलेगा अतिरिक्त कैशबैकएप्पल अपने प्रोडक्ट्स के लॉन्च डे पर ग्राहकों के लिए खास बैंक ऑफर्स लेकर आता है। अगर आपके पास कुछ चुनिंदा बैंक कार्ड्स हैं, तो आपको इन ऑफर्स के तहत अतिरिक्त कैशबैक का फायदा मिल सकता है। इसलिए, अगर आप एप्पल का नया प्रोडक्ट खरीदने की सोच रहे हैं, तो रजिस्टर पर भुगतान करने से पहले इन बैंक ऑफर्स को जरूर चेक करें। ये ऑफर्स आपको अच्छी बचत का मौका दे सकते हैं।कंपनी कुछ बैंक कार्ड्स पर 5000 रुपये तक का डिस्काउंट दे रही है। यह डिस्काउंट स्पेशल लॉन्च ऑफर के तहत चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर उपलब्ध है। अगर आप सही बैंक कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आप इस ऑफर का फायदा उठाकर अपने पसंदीदा आईफोन 16 को कम कीमत में खरीद सकते हैं।iPhone 16 और 16 प्रो सीरीज के फीचर्सएप्पल ने अपने नए iPhone 16 और iPhone 16 Plus मॉडल्स को लॉन्च किया है, जिनमें कुछ छोटे लेकिन अहम बदलाव किए गए हैं। इन दोनों मॉडलों में सबसे बड़ा अंतर उनके साइज़ में है। iPhone 16 में 6.1-इंच की डिस्प्ले है, जबकि iPhone 16 Plus में इससे बड़ी 6.7-इंच की डिस्प्ले दी गई है।दोनों डिवाइसेज़ की बैटरी लाइफ पहले से ज्यादा लंबी है और कैमरा सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा, इनमें एप्पल का लेटेस्ट A18 प्रोसेसर दिया गया है, जो अगले महीने आने वाले iOS 18.1 अपडेट के साथ Apple Intelligence फीचर्स को सपोर्ट करेगा।ये डिवाइसेज़ पांच रंगों में उपलब्ध हैं: टील (teal), पिंक (pink), अल्ट्रामरीन (ultramarine), सफेद (white), और काला (black)।iPhone 16 Pro में 6.3-इंच की डिस्प्ले है, जबकि iPhone 16 Pro Max में 6.9-इंच की बड़ी स्क्रीन दी गई है। दोनों मॉडलों में बेज़ल को पहले से कम किया गया है। इन Pro मॉडल्स को A18 Pro चिप द्वारा पावर किया गया है, जो तेज़ स्पीड, बेहतर बैटरी परफॉर्मेंस और जनरेटिव AI (Artificial Intelligence) वर्कलोड्स के लिए स्पेशल AI क्षमताओं के साथ आता है।कैमरे के मामले में भी iPhone 16 Pro और Pro Max में बड़ा अपग्रेड किया गया है। दोनों में 48MP का प्राइमरी कैमरा है, जिसमें दूसरा-जेनरेशन का quad-pixel sensor और नया 5x टेलीफोटो लेंस है, जो पहले केवल Pro Max में ही उपलब्ध था।इन Pro वर्शन में 48MP का ultra-wide कैमरा भी शामिल है, जो मैक्रो फोटो और कम रोशनी में बेहतर परफॉर्मेंस देता है। यह फीचर्स खासकर फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। Apple ने एक नया डेडिकेटेड कैमरा बटन भी पेश किया है, जिससे फोटो और वीडियो लेते समय और भी सटीक और कई-लेयर वाले कंट्रोल्स मिलते हैं।इसके अलावा, iPhone 16 Pro सीरीज में एक नया “Desert Titanium” रंग भी लॉन्च किया गया है, जिसकी काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं और Apple ने इसे अपने इवेंट में आधिकारिक रूप से पेश कर दिया। -
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र या ‘विकसित भारत’ बनाने के एजेंडे को आगे बढ़ाने में बैंकिंग क्षेत्र को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। सीतारमण ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 90वें स्थापना दिवस पर पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “प्रधानमंत्री की तरफ से निर्धारित एजेंडे को आगे बढ़ाने में बैंकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और आपकी भूमिका से हम इस सपने को हासिल करने में और तेजी लाएंगे।”उन्होंने कहा कि बैंकों को बुनियादी ढांचा क्षेत्र को सशक्त रफ्तार देने, एमएसएमई क्षेत्र को जरूरत के हिसाब से वित्त मुहैया कराने, बैंक सेवाओं से वंचित आबादी को बैंक दायरे में लाने और बीमा पहुंच बढ़ाने में मदद करनी होगी। सीतारमण ने कहा कि प्रौद्योगिकी बैंक परिदृश्य को तेजी से बदल रही है क्योंकि यह सभी ग्राहकों को सुरक्षित एवं आसानी से संचालित किया जा सकने वाला डिजिटल बैंकिंग अनुभव देती है। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने बैंकों के लिए प्रौद्योगिकी सुरक्षा पर भी जोर देने के लिए कहा।
वित्त मंत्री ने कहा, “आप (बैंक) ऐसी डिजिटल प्रणाली नहीं रख सकते हैं जो कहीं भी हैक हो जाए और पूरी प्रणाली एवं उस पर आधारित भरोसा खतरे में पड़ जाए। इसके लिए आपको एक मजबूत प्रणाली चाहिए। आपको हर बार यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं और किसी भी आपातकालीन स्थिति में किस तरह के कदम उठाने होंगे।”वित्त मंत्री ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने में एकीकृत भुगतान प्रणाली यूपीआई की बढ़ती लोकप्रियता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तत्काल होने वाले सभी डिजिटल भुगतानों में से 45 प्रतिशत भारत में होते हैं। उन्होंने कहा कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था इस समय सात देशों में चालू हो चुकी है। -
नयी दिल्ली. सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल के लिए अप्रत्याशित लाभ कर को घटाकर शून्य प्रति टन कर दिया है। कर की नयी दर 18 सितंबर यानी आज से प्रभावी हो गईं। कर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है। दो सप्ताह में औसत तेल की कीमतों के आधार पर हर पखवाड़े इसे अधिसूचित किया जाता है। इससे पहले, संशोधन 31 अगस्त से प्रभावी हुआ था। उस समय कच्चे पेट्रोलियम पर अप्रत्याशित लाभ कर 1,850 रुपये प्रति टन निर्धारित किया गया था। मंगलवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को शून्य कर दिया गया है। नई दरें 18 सितंबर से प्रभावी होंगी। देश में पहली बार एक जुलाई 2022 को अप्रत्याशित लाभ पर कर लगाया था। इस कदम के साथ ही भारत उन देशों की सूची में शामिल हो गया था जो ऊर्जा कंपनियों को अप्रत्याशित रूप से होने वाले लाभ पर कर लगाते हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि भारत से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। खासकर उन बाजारों में जहां भारतीय विनिर्माता पहले से ही पारंपरिक इंजन वाले बाइक बेच रहे हैं। यहां रिवोल्ट मोटर्स की इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल पेश किये जाने के मौके पर गडकरी ने कहा कि भारत में विनिर्मित मोटरसाइकिलों में से 50 प्रतिशत का निर्यात किया जाता है। बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस जैसी प्रमुख कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़ी उपस्थिति है। मंत्री ने रिवोल्ट मोटर्स को पड़ोसी देशों के साथ-साथ अफ्रीका और लातिन अमेरिका में भी बाजार तलाशने को कहा। रिवोल्ट मोटर्स की प्रवर्तक कंपनी रतन इंडिया एंटरप्राइजेज की सह संस्थापक और चेयरपर्सन अंजलि रतन ने कहा कि कंपनी ने शुरुआत में श्रीलंका को निर्यात की योजना बनाई है। कंपनी नेपाल, अफ्रीका और लातिन अमेरिकी देशों में भी निर्यात के अवसर तलाश रही है।रिवोल्ट मोटर्स ने मंगलवार को अपनी कम्यूटर बाइक आरवी1 के दो संस्करण पेश किये। इसकी शुरूआती कीमत 84,990 रुपये और 99,990 रुपये है। अंजलि रतन ने बाद में एक बातचीत में कहा कि रिवोल्ट मोटर्स अगले पांच साल में हर साल एक उत्पाद पेश करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी अगले एक से डेढ़ साल में बिक्री नेटवर्क की संख्या बढ़ाकर 500 करेगी, जो अभी 125 है। रतन ने कहा कि इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी के डीलरशिप की संख्या बढ़कर 250 तक पहुंचने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली. जीएसटी परिषद ने रविवार को विभिन्न स्वास्थ्य और जीवन बीमा उत्पादों के प्रीमियम पर जीएसटी दर का सुझाव देने और 30 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए 13 सदस्यीय मंत्रिसमूह (जीओएम) का गठन किया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्री समूह के संयोजक हैं। इस समूह के सदस्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, मेघालय, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना के सदस्य शामिल हैं। नौ सितंबर को हुई जीएसटी परिषद की 54वीं बैठक में जीवन और चिकित्सा बीमा पर जीएसटी के मौजूदा कर ढांचे की जांच और समीक्षा के लिए एक मंत्री समूह गठित करने का फैसला किया गया। बीमा प्रीमियम पर कराधान के बारे में परिषद द्वारा अंतिम फैसला नवंबर में होने वाली अगली बैठक में मंत्री समूह की रिपोर्ट के आधार पर लिए जाने की संभावना है। वर्तमान में बीमा प्रीमियम पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाया जाता है।पैनल के संदर्भ की शर्तों (टीओआर) में वरिष्ठ नागरिकों, मध्यम वर्ग, मानसिक बीमारी वाले व्यक्तियों जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए व्यक्तिगत, समूह, पारिवारिक फ्लोटर और अन्य चिकित्सा बीमा सहित स्वास्थ्य/चिकित्सा बीमा की कर दर का सुझाव देना भी शामिल है। साथ ही, टर्म इंश्योरेंस, निवेश योजनाओं के साथ जीवन बीमा (चाहे व्यक्तिगत हो या समूह) और पुनर्बीमा सहित जीवन बीमा पर कर दरों का सुझाव देना भी शामिल है। जीएसटी परिषद सचिवालय द्वारा जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा पर जीओएम के गठन पर जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है, “जीओएम को 30 अक्टूबर, 2024 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।” पश्चिम बंगाल सहित कुछ विपक्षी शासित राज्यों ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी से पूरी तरह छूट की मांग की थी, जबकि कुछ अन्य राज्य कर को घटाकर पांच प्रतिशत करने के पक्ष में थे। यहां तक कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी जुलाई में इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर कहा था कि “जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाना जीवन की अनिश्चितताओं पर कर लगाने के समान है।”
- हांगकांग। कैथे पैसिफिक एयरवेज की इकाई कैथे कार्गो ने कहा है कि भारतीय एयरलाइन कंपनियां विभिन्न माल ढुलाई के लिए उसके हांगकांग स्थित कार्गो टर्मिनल का उपयोग करें। उसने कहा कि इसके लिए वह एक एयरलाइन के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है। कैथे कार्गो टर्मिनल के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) मार्क वाट्स के अनुसार, 27 लाख टन की वार्षिक क्षमता वाली यह सुविधा हांगकांग में उड़ान भरने वाली सभी एयरलाइनों के लिए खुली है। वाट्स ने कहा, “वर्तमान में हमारे पास कोई भारतीय एयर कैरियर नहीं है, लेकिन मैं निश्चित रूप से चाहूंगा कि अधिक भारतीय एयर कैरियर कैथे कार्गो टर्मिनल का उपयोग करें। हम इस समय एक के साथ सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं।” उन्होंने उस भारतीय एयरलाइन कंपनी का नाम बताने से इनकार कर दिया, जिसके साथ बातचीत चल रही है।वाट्स ने कहा कि एक लाख वर्ग मीटर में फैली यह सुविधा "अल्पावधि और मध्यम अवधि के लिए सही आकार की है" और इसमें आगे विस्तार की गुंजाइश है। उन्होंने कहा, “हमारी समग्र सुविधा के आकार के संदर्भ में, हम वास्तव में सोचते हैं कि हम अल्पावधि और मध्यम अवधि के लिए सही आकार के हैं... हांगकांग में सामान्य कार्गो के मामले में हमारे पास बढ़ने के लिए बहुत सारे अवसर हैं। विशेष कार्गो के संदर्भ में, हम लगातार बाजार की समीक्षा करते हैं, और हम सिस्टम की निगरानी के लिए कार्गो के भीतर सुविधाओं का निर्माण करने पर विचार करेंगे।” भारत में कंपनी के विस्तार के बारे में, वॉट्स ने कहा कि कैथे कार्गो की दुनिया के दूसरे हिस्से में कार्गो टर्मिनल संचालित करने की तत्काल कोई योजना नहीं है। उन्होंने हालांकि कहा, "... मैं बस इतना ही कहूंगा कि कभी भी करेंगे, ऐसा कभी नहीं कहना चाहिए। अगर भारत या दुनिया में कहीं भी अच्छा अवसर मिलता है, जहां कैथे कार्गो टर्मिनल के लिए निवेश हो सकता है, तो हम उस पर विचार करेंगे।"
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नयी दिल्ली। स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर निर्णय से तय होगी। इसके अलावा वैश्विक मोर्चे पर कई वृहद आर्थिक आंकड़े और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को दिशा देंगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह काफी उल्लेखनीय रहा। बृहस्पतिवार को निफ्टी और सेंसेक्स दोनों अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गए। उसी दिन बीएसई के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स ने पहली बार 83,000 अंक के स्तर को पार किया।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि. के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘इस सप्ताह साल का सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम होने जा रहा है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक 18 सितंबर को होगी। यह लगभग तय है कि इससे ब्याज दर में कटौती चक्र की शुरुआत होगी। अमेरिका में आम सहमति ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती को लेकर है। हालांकि, कुछ बाजार भागीदार ब्याज दर में आधा प्रतिशत कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।'' मीणा ने कहा, ‘‘इस तरह का कदम वैश्विक बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेतक होगा, खासकर भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए। इससे डॉलर कमजोर होगा और अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल में कमी आएगी, जिससे भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का प्रवाह बढ़ेगा।'' उन्होंने कहा कि इसके अलावा जापान के मुद्रास्फीति आंकड़े शुक्रवार को आने हैं, जिसके बाद बैंक ऑफ जापान (बीओजे) की मौद्रिक नीति की घोषणा होगी। उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों का प्रवाह, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल के दाम भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। मास्टर कैपिटल सर्विसेज लि. की निदेशक पल्का अरोड़ा चोपड़ा ने कहा, ‘‘बाजार का परिदृश्य प्रमुख घरेलू और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों...मसलन भारत की थोक मुद्रास्फीति, अमेरिका के औद्योगिक उत्पादन, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दर पर निर्णय तथा अमेरिका के बेरोजगारी दावों के आंकड़ों से तय होगा।'' बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,707.01 अंक या 2.10 प्रतिशत के लाभ में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 504.35 अंक या 2.02 प्रतिशत चढ़ गया। रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘आगे की ओर देखें, तो यह सप्ताह काफी महत्वपूर्ण है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर पर निर्णय की घोषणा 18 सितंबर को होगी। घरेलू स्तर पर बाजार भागीदारों की निगाह थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों और विदेशी कोषों के प्रवाह पर रहेगी।'' जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘13 सितंबर को समाप्त सप्ताह में एक जो प्रमुख बात रही, वह यह कि एफआईआई ने सप्ताह के सभी दिन लिवाली की।'' उन्होंने कहा कि दो कारण हैं कि एफआईआई ने अपनी रणनीति को बदल दिया है। एक, अब इस बात पर आम सहमति है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस महीने से दरों में कटौती शुरू कर देगा, जिससे अमेरिका में बॉन्ड पर प्रतिफल घट जाएगा। इससे उभरते बाजारों में निवेश बढ़ेगा। दूसरा, भारतीय बाजार काफी जुझारू है और यदि एफआईआई यहां निवेश नहीं करते हैं, तो यह एक खराब रणनीति होगी।''
- नयी दिल्ली। जीएसटी जांच शाखा डीजीजीआई ने वित्त वर्ष 2023-24 में 2.01 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी से जुड़े 6,084 मामलों का पता लगाया है। यह राशि 2022-23 के दौरान 4,872 मामलों में पकड़ी गई 1.01 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) चोरी से दोगुनी है। जांच के दौरान ऑनलाइन गेमिंग, बीएफएसआई सेवाएं और धातु कारोबार सबसे अधिक कर चोरी की आशंका वाले क्षेत्र के रूप में उभरे हैं। इसके अलावा 2023-24 में 26,605 करोड़ रुपये के स्वैच्छिक कर का भुगतान किया गया, जो 2022-23 के 20,713 करोड़ रुपये से अधिक है। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार कर चोरी के लगभग 46 प्रतिशत मामले कर का भुगतान न करने (गुप्त आपूर्ति और कम मूल्यांकन के जरिये) से संबंधित हैं। इसके अलावा 20 प्रतिशत मामले फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से संबंधित हैं, और 19 प्रतिशत मामले आईटीसी का गलत लाभ उठाने से संबंधित हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 2023-24 के दौरान ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में 78 मामलों में 81,875 करोड़ रुपये की अधिकतम कर चोरी पायी गई। इसके बाद बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में 171 मामलों में 18,961 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई। लोहा, तांबा, स्क्रैप और मिश्र धातु क्षेत्रों में जीएसटी चोरी के 1,976 मामले पकड़े गए, जिनमें 16,806 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई। पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट और बीड़ी उद्योग में 212 मामलों के साथ 5,794 करोड़ रुपये की कर चोरी हुई।
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नई दिल्ली। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पांच सितंबर को शुरू की गई सरकार की सब्सिडी वाले प्याज की बिक्री की पहल से कुछ ही दिनों में प्रमुख शहरों में कीमतों में गिरावट आई है।मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 60 रुपये से घटकर 55 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि मुंबई में 61 रुपये से घटकर 56 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। चेन्नई में खुदरा कीमत 65 रुपये से घटकर 58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
सरकार ने मोबाइल वैन और एनसीसीएफ और नैफेड के आउटलेट के जरिए 35 रुपये प्रति किलोग्राम की सब्सिडी दर पर प्याज की बिक्री शुरू की है। दिल्ली और मुंबई में शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब चेन्नई, कोलकाता, पटना, रांची, भुवनेश्वर और गुवाहाटी सहित अन्य प्रमुख शहरों में भी फैल चुका है।बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने सब्सिडी वाले प्याज की मात्रा बढ़ाने और वितरण चैनलों का विस्तार करके ई-कॉमर्स मंच, केंद्रीय भंडार आउटलेट और मदर डेयरी के सफल स्टोर को शामिल करने का फैसला किया है।सरकार ने प्रमुख शहरों में प्याज़ का थोक निपटान भी शुरू कर दिया है। यह दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में पहले ही शुरू हो चुका है, और हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता और अंततः सभी राज्यों की राजधानियों तक इसे विस्तारित करने की योजना है। रसद आपूर्ति में सुधार और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सड़क और रेल नेटवर्क दोनों को शामिल करते हुए एक दोहरी परिवहन रणनीति लागू की जा रही है।उपभोक्ता मामले विभाग मांग और मूल्य प्रवृत्तियों के आधार पर लक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि 4.7 लाख टन प्याज के बफर स्टॉक और पिछले वर्ष की तुलना में खरीफ बुवाई क्षेत्र में वृद्धि के साथ “सरकार को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में प्याज की कीमतें नियंत्रण में रहेंगी।” इसमें कहा गया है कि उन्नत खुदरा और थोक बिक्री रणनीतियों के संयोजन से कीमतों में स्थिरता आएगी और किफायती प्याज की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित होगी। - नयी दिल्ली ।इस साल जुलाई में खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से देश की औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 4.8 प्रतिशत पर आ गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से गुरुवार को औद्योगिक उत्पादन के ये आंकड़े जारी किए गए। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के संदर्भ में मापा जाने वाला कारखाना उत्पादन जुलाई, 2023 में 6.2 प्रतिशत बढ़ा था। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस साल जुलाई में देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 4.8 प्रतिशत बढ़ा था। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन जुलाई में 4.6 प्रतिशत बढ़ा जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 5.3 प्रतिशत बढ़ा था। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर जुलाई, 2024 में 3.7 प्रतिशत रही जबकि बिजली उत्पादन में 7.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई) में देश का औद्योगिक उत्पादन 5.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह 5.1 प्रतिशत बढ़ा था।
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नयी दिल्ली. खुदरा महंगाई दर अगस्त महीने में मामूली बढ़कर 3.65 प्रतिशत रही। यह भारतीय रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत के लक्ष्य के दायरे में है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई, 2024 में 3.6 प्रतिशत थी जबकि बीते वर्ष अगस्त में यह 6.83 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई अगस्त महीने में मामूली बढ़कर 5.66 प्रतिशत रही जो जुलाई में 5.42 प्रतिशत थी। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है।
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नई दिल्ली।, सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने अपने मैसेजिंग मंच व्हाट्सएप के बिज़नेस खंड में कई नई खूबियां एवं सुविधाओं को पेश करते हुए कहा है कि अधिक संख्या में कारोबार अपने ग्राहकों से जुड़ने के लिए इस मैसेजिंग सेवा का सहारा ले रहे हैं। व्हाट्सएप बिज़नेस खंड में अब छोटे कारोबार के लिए सत्यापित बैज उपलब्ध होगा जो उपभोक्ताओं के साथ भरोसा और साख स्थापित करने का काम करेगा।फेसबुक, व्हाट्सएप एवं इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों का परिचालन करने वाली कंपनी मेटा ने यहां आयोजित ‘व्हाट्सएप बिजनेस समिट’ में त्वरित संदेश सेवा से जुड़े अनुभव को बेहतर करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) ‘टूल’ पर भी प्रकाश डाला। मेटा ने कहा कि व्हाट्सएप बिज़नेस ऐप से सीधे एआई टूल को सक्रिय किया जा सकेगा। इस तरह कारोबार अपने ग्राहकों के साथ अधिक कुशलता से जुड़ सकेंगे।
मेटा ने इस टूल का हाल ही में भारत में परीक्षण शुरू किया है, और इसके शुरुआती नतीजे रोमांचक हैं। इसके साथ ही मेटा ने व्हाट्सएप बिज़नेस ऐप पर ग्राहक के हिसाब से तैयार संदेश भेजने की सुविधा देने का ऐलान किया। इसने भारत में छोटे व्यवसायों की वृद्धि को अपना समर्थन देने की प्रतिबद्धता भी जताई।कंपनी के बयान के मुताबिक, सत्यापित बैज वाले व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट रखने वाले छोटे कारोबार के लिए अपने ग्राहकों के बीच अपनी विश्वसनीयता स्थापित करने में मदद मिलेगी। मेटा ने कहा कि नई सुविधाओं और अपडेट की शृंखला देश भर के व्यवसायों को अपनी उपस्थिति बढ़ाने और ग्राहकों के लिए बेहतरीन इन-चैट अनुभव बनाने में मदद करेगी। इससे कारोबारी क्षेत्रों को आगामी त्योहारी मौसम से पहले अपना प्रदर्शन बेहतर करने का मौका भी मिलेगा। मेटा इंडिया की उपाध्यक्ष संध्या देवनाथन ने कहा, ‘‘जिस तरह से हम किसी कारोबार को व्हाट्सएप करते हैं, वह लगातार बढ़ रहा है। जिस तरह से भारतीय व्यवसायों को व्हाट्सएप कर रहे हैं, वह किसी से कम नहीं है।’’ -
नई दिल्ली। जी-20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा है कि अगले दशक में दुनिया की कुल वृद्धि में 20 प्रतिशत योगदान भारत का होगा। इसका प्रमुख कारण यह है कि देश वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।कांत ने यहां आइमा के सम्मेलन में कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है और पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन साल में, हम जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। एक ऐसी दुनिया में जो वृद्धि के लिए आकांक्षी है…दूसरी तरफ भारत वृद्धि को गति देने वाली एक बहुत ही मजबूत शक्ति के रूप में उभरा है।’’कांत ने कहा कि अगले दशक में दुनिया की कुल वृद्धि में 20 प्रतिशत का योगदान भारत का होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आज हम जो देख रहे हैं वह हमारी आर्थिक स्थिति में पीढ़ियों में एक बार होने वाला बदलाव है। कुछ साल पहले, हम पांच कमजोर देशों में शामिल थे और एक दशक में हम शीर्ष पांच में आ गए।’’जी-20 शेरपा ने कहा कि देश को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन को बदलने, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने और पोषण मानकों को बढ़ाने की जरूरत है। कांत ने कहा कि भारत को भविष्य में वृद्धि के लिए कई ‘चैंपियन’ राज्यों की जरूरत है।उन्होंने कहा, ‘‘यदि भारत को अगले तीन दशकों में नौ से 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि हासिल करनी है और 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनना है, तो हमें अपने सीखने के परिणामों (कौशल), अपने स्वास्थ्य क्षेत्रों और पोषण मानकों में बड़े पैमाने पर सुधार करने की आवश्यकता है।’’कांत के अनुसार, इसका मतलब है कि बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों को बदलने की जरूरत है। इन राज्यों में देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी रहती है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम उन्हें बदलें। यह जरूरी है कि वे मानव विकास सूचकांक में सुधार के मुख्य सूत्रधार बनें।’’ कांत ने कहा कि भारत की शीर्ष 50 प्रतिशत आबादी वास्तव में वृद्धि सृजित करती है और समृद्धि लाती है। वहीं मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाली नीचे की 50 प्रतिशत आबादी बुनियादी जीवनस्तर हासिल करने के लिए कृषि श्रम या सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर निर्भर है। उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि हम इन लोगों के जीवन में बदलाव लाएं।’’ - नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को बताया कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (सेमीकॉन इंडिया) के दूसरे चरण पर काम आगे बढ़ चुका है और इसे अगले तीन-चार महीनों में शुरू किया जाएगा। इसके तहत सरकार देश में चिप संयंत्र स्थापित करने वाली इकाइयों को वित्तीय मदद मुहैया करवाएगी।वैष्णव ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में सेमीकॉन इंडिया के संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सेमीकॉन 1.0 की तुलना में इस योजना का स्तर कहीं अधिक व्यापक होगा। हालांकि मंत्री ने यह नहीं बताया कि सेमीकॉन कार्यक्रम के अगले चरण के लिए आवंटन राशि कितनी होगी।वैष्णव ने बताया, ‘हम सेमीकॉन कार्यक्रम के प्रथम चरण के व्यावहारिक रूप से पूरा होने के स्तर पर हैं। अब हम सेमीकॉन 2.0 की योजना बना रहे हैं और यह प्रथम चरण से कहीं अधिक विस्तृत होगा।’मंत्री ने घोषणा की कि देश में उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर संयंत्र वाला चौथा राज्य होगा। अभी तक गुजरात, असम और महाराष्ट्र में चिप इकाइयों को मंजूरी मिली है।वैष्णव ने बताया कि सेमीकॉन 2.0 के तहत इकोसिस्टम साझेदारों, उपकरण विनिर्माताओं, फैब्स, एटीएमपी व संपूर्ण सेमीकंडकर इकोसिस्टम पर बराबर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नई योजना में तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है : उपकरण विनिर्माताओं को आकर्षित करना, चुनिंदा सामग्री के विकास को बढ़ावा देना और भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए अनिवार्य रासायनिक आपूर्ति को सुनिश्चित करना। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के प्रथम चरण में पांच चिप परियोजनाओं के लिए 76,000 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया है।





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