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मुंबई. भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि पायलट आधार पर जारी केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) में और बैंकों तथा स्थानों को शामिल करने के लिये धीरे-धीरे इसका विस्तार किया जा रहा है। थोक स्तर पर उपयोग के लिये पायलट आधारित डिजिटल रुपये की शुरूआत एक नवंबर, 2022 को हुई थी। उसके बाद खुदरा खंड में डिजिटल रुपये के उपयोग की घोषणा एक दिसंबर, 2022 को की गयी। पायलट परियोजना की शुरुआत मुंबई, नयी दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में की गयी। उपयोग को लेकर इसमें सीमित दायरे में ग्राहकों और व्यापारियों को शामिल किया गया। चरणबद्ध तरीके से पायलट परियोजना में अहमदाबाद, चंडीगढ़, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला को भी शामिल किया जा रहा है। पायलट परियोजना चार बैंकों... भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक - के साथ शुरू हुई। जबकि चार अन्य बैंक... बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक बाद में शामिल हुए। केंद्रीय बैंक ने 2022-23 की रिपोर्ट में कहा, ‘‘पांच और बैंक... पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, फेडरल बैंक, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक पायलट परियोजना में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं। जरूरत के अनुसार और बैंकों, उपयोगकर्ताओं और स्थानों को शामिल करने के लिये इसका दायरा धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।'' रिपोर्ट के अनुसार, थोक और खुदरा डिजिटल रुपये के मामले में अबतक चीजें संतोषजनक हैं और जो उम्मीद की जा रही थी, उसी के अनुरूप हैं। डिजिटल रुपये थोक खंड के संदर्भ में इसमें कहा गया है कि इसके तहत सरकारी प्रतिभूतियों में द्वितीयक बाजार लेनदेन का निपटान शामिल किया गया है। डिजिटल रुपये-थोक खंड के उपयोग से बैंकों के बीच लेन-देन को और अधिक कुशल बनने की उम्मीद है।
इस व्यवस्था से निपटान लागत में कमी आने की उम्मीद है। फिलहाल नौ बैंक... भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी... पायलट में भाग ले रहे हैं।
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नयी दिल्ली. विदेशी बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने का भाव 90 रुपये की गिरावट के साथ 59,945 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 60,035 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।
चांदी की कीमत भी 350 रुपये की गिरावट के साथ 72,250 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की हाजिर कीमत 90 रुपये के नुकसान के साथ 59,945 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।'' विदेशी बाजारों में सोना नुकसान के साथ 1,939 डॉलर प्रति औंस रह गया, वहीं चांदी भी गिरावट के साथ 23.05 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। -
शाहजहांपुर (उप्र). शाहजहांपुर जिले में किसानों का रुझान काले गेहूं की खेती की ओर बढ़ रहा है। इस बार यहां के किसानों द्वारा भारी मात्रा में काले गेहूं का उत्पादन किया गया है। हालांकि, फायदे का सौदा होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर बाजार की अनुपलब्धता यहां के किसानों को निराश भी कर रही है। शाहजहांपुर जिले में काले गेहूं की खेती अब प्रचुर मात्रा में होने लगी है। पूरे जिले के लगभग 250 एकड़ क्षेत्र में इसे उगाया गया है। स्थानीय प्रशासन भी किसानों को इस बेहद पोषक अनाज माने जा रहे गेहूं की खेती के लिये प्रोत्साहित कर रहा है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने रविवार को बताया कि जिले में काले गेहूं की पैदावार काफी बढ़ी है। इस बार जिले में 200 से अधिक किसानों ने 250 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में काले गेहूं का उत्पादन किया है। स्थानीय स्तर पर इसे छह हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है जबकि बड़े शहरों में इसकी कीमत 10 से 12 हजार रुपये तक मिल रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को स्थानीय स्तर भी उनकी उपज का भरपूर लाभ मिले। तिलहर के राजापुर गांव के किसान प्रेम शंकर गंगवार ने बताया कि उन्होंने इस बार परीक्षण के तौर पर एक एकड़ क्षेत्र में काले गेहूं की पैदावार की है। उन्होंने काले गेहूं से संबंधित एक प्रसंस्करण इकाई भी लगाई है जिसमें मैदे की जगह काले गेहूं के आटे से बिस्कुट बनाये जा रहे हैं। मैदे का बेहतरीन विकल्प होने की वजह से लोग इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं। गंगवार ने बताया कि काले गेहूं में कुदरती एंटी ऑक्सिडेंट और एंटीबायोटिक गुण हैं जो मधुमेह, दिल की बीमारी, कैंसर, मानसिक तनाव, घुटनों के दर्द और एनीमिया जैसे रोगों के निदान में काफी कारगर है। काले गेहूं का आटा छिलकेयुक्त चने के सत्तू की तरह दिखता है और इसका स्वाद साधारण गेहूं की अपेक्षा अलग होता है। मगर यह काफी पौष्टिक है। इसकी फसल साधारण गेहूं की तरह ही होती है मगर पकने पर इसकी बालियां काली हो जाती हैं। मुख्य विकास अधिकारी श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि जिले के हर गांव में किसानों को काले गेहूं की खेती के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्हें बीज उपलब्ध कराने के अलावा कृषि विभाग की एक टीम बनाई है जो कृषकों को इस खास जिंस के उत्पादन के लिये प्रशिक्षित भी कर रही है तथा समय-समय पर काले गेहूं की फसल का निरीक्षण करने के अलावा कृषकों को फसल के रखरखाव के लिए आवश्यक दिशानिर्देश भी यही टीम दे रही है। कृषि क्षेत्र में कार्यरत एक संस्था के संचालक राकेश पांडे ने बताया कि वह 2020 से ही शाहजहांपुर के किसानों को काले गेहूं की फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और इसमें प्रशासन भी सहयोग कर रहा है। इसी का नतीजा है कि आज जिले की कलान, तिलहर तथा पुवायां तहसीलों में एक बड़े क्षेत्रफल में किसान काले गेहूं की फसल उगा रहे हैं। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कृषि मित्रों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के जरिये किसानों को लगातार काले गेहूं की पैदावार की तकनीक और इसकी बिक्री से होने वाले वित्तीय लाभ की जानकारी दी जा रही है। हालांकि, राकेश पांडे का कहना है कि जिले में काले गेहूं की मुनाफेभरी बिक्री की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है, इसलिए वह खुद किसानों का गेहूं खरीद कर बाहर भेज रहे हैं। अगर यहां पर प्रसंस्करण इकाइयां लग जाएं या फिर बाजार की व्यवस्था हो जाए तो किसानों की आय दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ददरौल क्षेत्र के हसनपुर गांव के किसान अवधेश वर्मा ने भी स्थानीय स्तर पर काले गेहूं का बाजार नहीं होने पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा, ''इस बार हमने 10 बीघा क्षेत्रफल में काले गेहूं की पैदावार की है, मगर यहां बाजार की समस्या होने के कारण हमारा गेहूं बहुत ही कम मूल्य में ही बिक रहा है, जबकि यही गेहूं ऑनलाइन 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिकता है। जिलाधिकारी ने इस समस्या के बारे में पूछने पर बताया, ''हम प्रयास कर रहे हैं कि यहां काले गेहूं से संबंधित प्रसंस्करण की इकाई भी लगाई जाए जिसके लिए "उद्योग बंधु" की बैठक में इसे रखेंगे अगर यह इकाई यहां लग जाती है तो किसानों को उनकी उपज का भरपूर लाभ मिल सकेगा।
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नयी दिल्ली. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मई में अबतक भारतीय शेयर बाजारों में 37,316 करोड़ रुपये डाले हैं। मजबूत वृहद आर्थिक बुनियाद और शेयरों के उचित मूल्यांकन की वजह से भारतीय बाजारों के प्रति एफपीआई का आकर्षण बढ़ा है। यह पिछले छह माह में एफपीआई द्वारा शेयरों में किया गया सबसे अधिक निवेश है। इससे पहले उन्होंने नवंबर, 2022 में शेयरों में शुद्ध रूप से 36,239 करोड़ रुपये निवेश किया था। मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘आगे चलकर अमेरिका की ऋण सीमा पर प्रस्ताव और घरेलू मोर्चे पर वृहद आर्थिक आंकड़े बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकते हैं, जिससे विदेशी निवेशकों का प्रवाह बढ़ सकता है। एसएएस ऑनलाइन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रेय जैन ने कहा कि एफपीआई प्रवाह के लिए परिदृश्य में काफी सुधार हुआ है। इसकी वजह अमेरिका में मात्रात्मक कड़े चक्र का पूरा होना और वैश्विक बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार का बेहतर प्रदर्शन है।
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने दो से 26 मई के दौरान भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 37,317 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले उन्होंने अप्रैल में शेयरों में 11,630 करोड़ रुपये और मार्च में 7,936 करोड़ रुपये डाले थे। मार्च के निवेश में मुख्य योगदान अमेरिका के जीक्यूजी पार्टनर्स का रहा था, जिसने अडाणी समूह की कंपनियों में निवेश किया था। अगर जीक्यूजी के निवेश को हटा दिया जाए, तो मार्च का आंकड़ा भी नकारात्मक हो जाएगा। इसके अलावा इस साल के पहले दो माह में एफपीआई ने शेयरों से 34,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी। शेयरों के अलावा एफपीआई ने मई में अबतक ऋण या बॉन्ड बाजार में 1,432 करोड़ रुपये डाले हैं। इस ताजा प्रवाह के साथ 2023 में अबतक एफपीआई भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 22,737 करोड़ रुपये का निवेश कर चुके हैं।
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नयी दिल्ली. कम से कम 400 औषधीय पौधे ऐसे हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मददगार हो सकते हैं, लेकिन इनमें से अब तक केवल 21 पर ही गहन शोध किया गया है। शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। शोधकर्ताओं ने ‘ट्रीटमेंट इन नेचर्स लैप: यूज ऑफ हर्बल प्रोडक्ट्स इन मैनेजेमेंट ऑफ हाइपरग्लाइसीमिया' शीर्षक वाले इस अध्ययन में यह भी कहा कि (मधुमेह से निपटने संबंधी) "कई एलोपैथिक दवाओं की पृष्ठभूमि जड़ी-बूटियों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक उत्पादों के साक्ष्य-आधारित परीक्षणों से मधुमेह से आधुनिक तरीके से निपटने के लिए नयी दवाएं तैयार की जा सकती हैं।” जवाहरलाल स्नातकोत्तर स्वास्थ्य शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान-पुडुचेरी और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-कल्याणी के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया यह अध्ययन हाल में ‘वर्ल्ड जर्नल ऑफ डायबिटीज' में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में कहा गया है, "प्रकृति में कम से कम 400 औषधीय पौधे मौजूद हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में प्रभावी हो सकते हैं। ये पौधे टाइप-2 मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है।
अध्ययन के अनुसार, अब तक, केवल 21 औषधीय पौधों का अध्ययन किया गया है, जिनमें विजयसार, जामुन, जीरा, दारुहरिद्रा, छोटी लौकी, बेल, मेथी, नीम, आंवला और हल्दी शामिल हैं। ये मधुमेह की समस्या से निपटने में मददगार पाए गए हैं।'' शोधकर्ताओं ने 'पबमेड' पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद कहा कि ये औषधीय पौधे मधुमेह के प्रबंधन के लिए कई दवाओं का आधार रहे हैं। उन्होंने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा तैयार किए गए बीजीआर-34 जैसे हर्बल फार्मूलों का भी हवाला दिया। एमिल फार्मास्यूटिकल्स द्वारा विपणन की जा रही बीजीआर-34 में चार औषधीय जड़ी-बूटियों दारुहरिद्रा, गुडमार, मेथी और विजयसार से प्राप्त कई सक्रिय यौगिक शामिल हैं। एमिल फार्मास्युटिकल्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. संचित शर्मा ने कहा, " इनके अलावा प्रतिरोधक क्षमता व एंटी-ऑक्सीडेंट स्तर को बढ़ाने के लिए इसमें गिलोय और मजीठ जैसे पादप भी मिलाए गए हैं।
शोधकर्ताओं के विचारों को प्रतिध्वनित करते हुए उन्होंने कहा “प्रकृति में अनेकों तरह की गुणकारी औषधियां मौजूद हैं। इसकी जानकारी चिकित्सा और आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में भी उपलब्ध है।'' शर्मा ने कहा, "चूंकि भारत में मधुमेह रोगियों की संख्या खतरनाक दर से बढ़ रही है, इसलिए अन्य हर्बल पौधों पर शोध चिकित्सा क्षेत्र को एक नया दृष्टिकोण दे सकता है।" पिछले साल नयी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने एक अध्ययन में आयुर्वेदिक दवा ‘बीजीआर-34' को मधुमेह रोगियों के लिए न सिर्फ असरदार पाया बल्कि इसके सेवन से रोगियों के उपापचय (मेटाबॉलिज्म) तंत्र में भी सुधार देखा। नवीनतम अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मधुमेह विरोधी गुण दर्शाने वाले अनार, शिलाजीत, बीन, चाय, जिन्कगो बिलोबा और केसर जैसे आठ पौधों पर आंशिक शोध किया गया है और इन पर अधिक परीक्षणों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिलचस्प बात यह है कि कई एलोपैथिक दवाओं की पृष्ठभूमि हर्बल होती है और शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में इसका उल्लेख करते हुए मधुमेह प्रबंधन के लिए मेटफोर्मिन जैसी एलोपैथिक दवाओं के उदाहरणों का हवाला दिया, जो गलेगा आफिसिनैलिस पौधे से प्राप्त की जाती है। अध्ययन में कहा गया है कि इसी तरह मधुमेह के उपचार में प्रभावी दवा एसजीएलटी2 (सोडियम-ग्लूकोज कोट्रांसपोर्टर -2) सेब के पेड़ की छाल से फ्लोरिजिन की प्राप्ति के बाद तैयार की गयी।
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नयी दिल्ली. भारत स्टार्टअप चलाने वाले अपने युवाओं के बल पर दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनेगा। आतिथ्य और यात्रा प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी ओयो के संस्थापक एवं समूह सीईओ रितेश अग्रवाल ने शनिवार को यह बात कही। उन्होंने मोदी सरकार के नौ साल पूरा होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत स्टार्टअप का केंद्र बन गया है, जिसने ओला राइड शेयरिंग, ओयो रूम्स और पेटीएम जैसी नई उम्र की सेवाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं के बिना आज कोई नहीं रह सकता है, जबकि मोदी सरकार के नौ साल से पहले इनका अस्तित्व नहीं था। अग्रवाल ने कहा, ''मेरी राय में, भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनेगा और निश्चित रूप से भारत को स्टार्टअप चलाने वाले युवा आगे बढ़ाएंगे।'' उन्होंने कहा कि ओयो की शुरुआत भी 2014 में शुरू हुई थी और कंपनी ने एक ऐसा परिवेश देखा है, जहां भारत केवल आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इन नौ वर्षों में भारत की स्टार्टअप क्रांति ने करीब 300 अरब अमेरिकी डॉलर का बाजार पूंजीकरण तैयार किया है। बायोकॉन की कार्यकारी चेयरपर्सन किरण मजूमदार-शॉ ने कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिए कहा कि उन्होंने पिछले नौ वर्षों में कई परिवर्तनकारी पहल हुईं, जिसने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया।
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नई दिल्ली। कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स में 26 मई को धनिया के जून कॉन्ट्रैक्ट ने 6,312 रुपये के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। पिछले साल 26 मई को यह कॉन्ट्रैक्ट 11,012 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बंद हुआ था। जाहिर है साल भर में धनिया करीब 42 फीसदी सस्ता हुआ है। इस महीने इसने 8 मई को 7,044 रुपये क्विंटल के भाव पर ऊपरी स्तर छुआ था। इस तरह इस महीने ऊपरी स्तर से भी धनिया के वायदा भाव 10 फीसदी गिर चुके हैं।
जिंस विश्लेषक और एग्रीटेक कंपनी में रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल ने कहा कि इस साल धनिया का उत्पादन दोगुना बढ़ने से आवक तेजी से बढ रही है। अप्रैल से अब तक करीब 1.80 लाख टन धनिया की आवक हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में हुई आवक से 125 फीसदी अधिक है। इस साल 6.20 लाख टन धनिया का उत्पादन होने का अनुमान है। यह पिछले साल के उत्पादन से 114 फीसदी अधिक है। पॉल कहते हैं कि आवक काफी ज्यादा होने के कारण धनिया के भाव दबाव में है। इसलिए इस साल धनिया सस्ता बिक रहा है।आगे कीमतों के बारे में पॉल का कहना है कि चूंकि भाव काफी ज्यादा गिर चुके हैं और आवक का पीक समय भी निकलने वाला है। ऐसे में अब आगे भाव बहुत ज्यादा नहीं गिरनेे चाहिए। I -
नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने 2 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाली वाली ब्याज दरों में बदलाव किया है।बैंक के अनुसार, संशोधन के बाद बैंक 7 दिनों से 10 वर्ष तक की जमा अवधि वाली FD पर अब 3 फीसदी से 6 प्रतिशत तक की ब्याज की पेशकश की जायेगी।वहीं, 1 साल में मेच्योर होने वाली जमा राशि पर अब अधिकतम 7 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगी। बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार एफडी की नयी दरें 26 मई यानी शुक्रवार से प्रभावी हो गई हैं।सके अलावा बैंक 7 से 45 दिनों के भीतर मेच्योर होने वाले एफडी पर 3 प्रतिशत के हिसाब से इंटरस्ट देगा। जबकि 46 से 179 दिनों में मेच्योर होने वाली जमाओं पर 4.50 प्रतिशत ब्याज दर की पेशकश की जा रही है।साथ ही 180 दिनों से 269 दिनों की अवधि वाली FD पर 5 प्रतिशत और 270 दिनों से लेकर एक वर्ष से कम की परिपक्वता अवधि वाली जमाओं पर 5.50 प्रतिशत के हिसाब से ब्याज मिलेगा।
क FD पर दे रहा 9.11% का ब्याज, केवल 5000 के डिपॉजिट पर ले सकेंगे लाभ
- नयी दिल्ली. सरकार ने आयात-निर्यात कोड (आईईसी) धारक को एक वित्त वर्ष में 10 करोड़ रुपये की ब्याज अनुदान सीमा तय कर दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बृहस्पतिवार को एक सूचना में कहा कि किसी वित्त वर्ष में एक आईईसी धारक को अधिकतम 10 करोड़ रुपये की शुद्ध अनुदान राशि दी जाएगी। चालू वित्त वर्ष के लिए एक आईईसी को एक अप्रैल से किए गए सारे भुगतान की गणना की जाएगी। रिजर्व बैंक ने मार्च, 2022 में एमएसएमई निर्यातकों के लिए निर्यात के पहले एवं बाद में रुपये में क्रेडिट की ब्याज समतामूलक योजना को मार्च, 2024 तक बढ़ा दिया था। निर्यातकों को इस योजना के तहत सरकार से सब्सिडी मिलती है। योजना के तहत एमएसएमई निर्यातकों के लिए ब्याज समतामूलक दरों को संशोधित कर दो प्रतिशत एवं तीन प्रतिशत कर दिया गया है। आयात-निर्यात कोड (आईईसी) देश में वस्तुओं के आयात एवं निर्यात के लिए जरूरी दस्तावेज है।
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नई दिल्ली। कमजोर वैश्विक रुख और लोकल सर्राफा बाजार में कम डिमांड के चलते सोने की कीमतों में गुरुवार को गिरावट देखी गई है। वैश्विक बाजार में भी यूएस डेट सीलिंग नेगोशिएशन के पॉजिटिव ना रहने से सोने की कीमतें गिरी हैं। डॉलर में तेजी और हाई यूएस ट्रेजरी यील्ड से भी सोने की कीमतों पर दबाव है। एमसीएक्स पर भी गुरुवार को सोने की घरेलू वायदा कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर 4 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना गुरुवार शाम 0.15 फीसदी या 92 रुपये की गिरावट के साथ 60,087 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा।
एमसीएक्स पर सोने के साथ ही चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। गुरुवार शाम 5 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी 0.45 फीसदी या 323 रुपये की गिरावट के साथ 70,763 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखाई दी।गुरुवार शाम सोने का वैश्विक वायदा भाव गिरावट के साथ और हाजिर भाव बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा। कॉमेक्स पर सोने का वैश्विक वायदा भाव 0.14 फीसदी या 2.80 डॉलर की गिरावट के साथ 1980.40 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, सोने का वैश्विक हाजिर भाव 0.21 फीसदी या 4.12 डॉलर की बढ़त के साथ 1961.28 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।चांदी का वैश्विक भावकॉमेक्स पर चांदी का वैश्विक हाजिर भाव गुरुवार शाम 0.60 फीसदी या 0.14 डॉलर की गिरावट के साथ 23.10 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, चांदी की वैश्विक हाजिर कीमत 0.20 फीसदी या 0.05 डॉलर की गिरावट के साथ 23.01 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि भारतीय बाजार को नवोन्मेष से जोड़ने और डिग्री से अधिक योग्यता को प्राथमिकता देने से देश आत्मनिर्भर और अग्रणी अर्थव्यवस्था बनेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल क्षमताओं, अग्रणी प्रौद्योगिकियों और नवाचार के क्षेत्रों में काफी प्रगति कर रहा है। प्रधान ने कहा, “आने वाले दिनों में, हमें अपने युवाओं को इन उभरते क्षेत्रों में अवसरों के लिए तैयार करने के वास्ते एक नए पाठ्यक्रम पर काम करना होगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) इस क्षेत्र में सहायक होगी।” उन्होंने कहा, “हमें भारतीय बाजार को नवोन्मेष से जोड़ना होगा और डिग्री से अधिक योग्यता को प्राथमिकता देनी होगी, तभी हम आत्मनिर्भर और एक अग्रणी अर्थव्यवस्था बन पाएंगे। हमें अपने युवाओं की ताकत और अपने देश की बौद्धिक क्षमताओं पर और अधिक भरोसा करना होगा तथा नए दृष्टिकोणों एवं बुनियादी सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ना होगा।”
- नई दिल्ली। होंडा अगले महीने इंडियन मार्केट में अपनी नई एसयूवी एलिवेट पेश करने वाली है, जिसका मुकाबला हुंडई क्रेटा , किआ सेल्टॉस , मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा , टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर और स्कोडा कुशाक के साथ ही अपकमिंग सिट्रोएन सी3 एयरक्रॉस से होगा। जानें होंडा एलिवेट एसयूवी के बारे में खास बातें -अब तक होंडा ने एलिवेट से जुड़े जितने भी टीजर जारी किए हैं, उसके मुताबिक इस मिडसाइज एसयूवी के फ्रंट में एलईडी हेडलाइट्स, बड़ी ग्रिल, रेक्ड ए-पिलर, बड़े व्हील आर्च, कनेक्टेड टेललैंप्स और स्किड प्लेट्स देखने को मिलते हैं। होंडा एलिवेट के इंटीरियर और फीचर्स को लेकर किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन जैसे पता चल रहा है, उसके मुताबिक इसपर होंडा सिटी सेडान की झलक देखने को मिल सकती है। इसमें डैशबोर्ड पर सॉफ्ट-टच प्लास्टिक के साथ ही सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, क्लाइमेट कंट्रोल पैनल और स्टीयरिंग व्हील सिटी जैसे दिख सकते हैं। होंडा एलिवेट को फीचर लोडेड एसयूवी के रूप में पेश किया जा सकता है। टीजर में कंपनी ने पहले ही बता दिया है कि इसमें सिंगल-पैन सनरूफ होगा। इसके अलावा, एलिवेट में पुश-बटन स्टार्ट के साथ कीलेस एंट्री, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस फोन चार्जर और लेफ्ट ओआरवीएम पर होंडा का लेन वॉच कैमरा समेत अन्य फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।होंडा एलिवेट में मल्टीपल एयरबैग्स के साथ ही ईबीडी के साथ एबीएस, रियर पार्किंग सेंसर और कैमरा, हिल स्टार्ट असिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल, 360 डिग्री कैमरा और ADAS जैसे सेफ्टी फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। होंडा एलिवेट को 1.5-लीटर पेट्रोल और 1.5-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पावरट्रेन ऑप्शन के साथ पेश किया जा सकता है, जो कि क्रमश: 121 PS और 126PS की मैक्सिमम पावर जेनरेट करने में सक्षम होंगे। इस एसयूवी में 6-स्पीड मैनुअल और CVT ट्रांसमिशन देखने को मिल सकते हैं। एलिवेट की शुरुआती एक्स शोरूम प्राइस 10 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने वाणिज्यिक कोयले की नीलामी के सातवें दौर में बोलियां जमा करने की समयसीमा 27 जून तक के लिए बढ़ा दी है। कोयला मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि संभावित बोलीकर्ताओं के अनुरोध को देखते हुए बोली जमा करने की समयसीमा को 30 मई से बढ़ाकर 27 जून, 2023 कर दिया गया है। सरकार ने गत 29 मार्च को वाणिज्यिक कोयले की नीलामी का सातवां दौर शुरू किया था। इससे देश में कोयले की उपलब्धता बढ़ाने में सरकार को मदद मिलेगी। कोयला नीलामी के इस दौर में 106 कोयला खदानें शामिल की गई हैं। इनके लिए इच्छुक कंपनियों से बोलियां आमंत्रित की गई हैं। कोयला मंत्रालय ने कहा कि अभी तक 133 खदानों को नीलामी के जरिये आवंटित किया जा चुका है। इन खदानों की कुल क्षमता 54 करोड़ टन वार्षिक है।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी एलआईसी के अडाणी समूह की सात कंपनियों में किए गए निवेश का मूल्य बढ़कर 44,670 करोड़ रुपये हो गया है। समूह की कंपनियों के शेयरों में हाल की तेजी से निवेश मूल्य बढ़ा है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और प्रमुख संस्थागत निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का अडाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में निवेश का मूल्य अप्रैल से करीब 5,500 करोड़ रुपये बढ़ गया है। एलआईसी ने अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड में सबसे अधिक 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी ली है। बीएसई में बुधवार को इसका भाव 717.95 रुपये प्रति शेयर पर रहा। इससे कंपनी में एलआईसी का हिस्सेदारी मूल्य 14,145 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लि. में एलआईसी की 4.25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बुधवार को 2,476.90 रुपये प्रति इक्विटी के आधार पर निवेश मूल्य बढ़कर 12,017 करोड़ रुपये हो गया। बीमा कंपनी ने अडाणी टोटल गैस और अंबुजा सीमेंट में 10,500 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर लगाए हैं। इसके अलावा अडाणी ट्रांसमिशन लि., अडाणी ग्रीन एनर्जी और एसीसी में भी एलआईसी की हिस्सेदारी है। अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग ने इस साल जनवरी में रिपोर्ट जारी कर अडाणी समूह पर धोखाधड़ी और शेयर के भाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उसके बाद समूह की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में 145 अरब डॉलर तक की भारी गिरावट आ गयी थी। हालांकि अडाणी समूह ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और उसे सिरे से खारिज कर दिया।
रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर एलआईसी के निवेश पर भी पड़ा। एलआईसी ने 30 जनवरी को कहा था कि उसने अडाणी समूह की कंपनियों में 30,127 करोड़ रुपये निवेश कर रखा है और 27 जनवरी, 2023 को उसका बाजार मूल्य 56,142 करोड़ रुपये था। हालांकि शेयरों में गिरावट के साथ एलआईसी का निवेश मूल्य फरवरी, 2023 में 27,000 करोड़ रुपये तक आ गया था। हालांकि गौतम अडाणी की अगुवाई वाले समूह के इस संकट से पार पाने की रणनीति के बाद इसके शेयरों में फिर से तेजी देखी जा रही है। समूह की रणनीतियों में कुछ कर्ज को लौटाना, बॉन्ड की पुनर्खरीद, ताजा निवेश और समूह की दो कंपनियों की 21,000 करोड़ रुपये का कोष जुटाने की योजना शामिल हैं। उच्चतम न्यायालय की विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के बाद भी अडाणी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है। समिति ने कहा है कि अडाणी समूह के शेयरों के भाव में हेराफेरी का उसे कोई सबूत नहीं मिला है। इसके साथ ही अडाणी समूह की कंपनियों में विदेशी कंपनियों के निवेश में हुए कथित उल्लंघन की अलग से हुई सेबी की जांच में 'कुछ नहीं मिला' है। - नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को भरोसा दिलाया कि 2,000 रुपये के नोट को वापस लेने की प्रक्रिया बिना किसी अड़चन के पूरी होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक की स्थिति पर लगातार नजर है। रिजर्व बैंक ने मुद्रा प्रबंधन के तहत गत शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा की थी। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही स्पष्ट किया था कि यह नोटबंदी नहीं है और 2,000 रुपये का नोट वैध मुद्रा बना रहेगा और लोग भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर दास ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को वापस लेने की प्रक्रिया बिना बाधा के पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इसके लिए अपना आकलन कर लिया है।'' दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक की स्थिति पर लगातार नजर है और अभी तक कोई बड़ा मुद्दा सामने नहीं आया है। 2,000 का नोट बदलने या उसे बैंक खाते में जमा करने के लिए 131 दिन का समय किया है, जिसकी शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है। चलन में मौजूद कुल मुद्रा में 2,000 के नोट का हिस्सा 10.8 प्रतिशत (3.6 लाख करोड़ रुपये) है। इन नोटों को 30 सितंबर तक बदला जा सकता है या बैंक खाते में जमा किया जा सकता है।
- नयी दिल्ली। वैश्चिक स्तर पर बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने का भाव 250 रुपये की तेजी के साथ 63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 63,350 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।चांदी की कीमत भी 540 रुपये की तेजी के साथ 73,140 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की हाजिर कीमत 250 रुपये की तेजी के साथ 63,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गयी।'' विदेशी बाजारों में सोना तेजी के साथ 1,974 डॉलर प्रति औंस हो गया जबकि चांदी भी बढ़त के साथ 23.35 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। बुधवार को एशियाई कारोबारी घंटों में सोने की कीमतों में तेजी रही।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को देश के वैमानिकी एवं नागर विमानन बाजार को उच्च वृद्धि की राह पर अग्रसर बताते हुए विमान विनिर्माता कंपनी बोइंग को भारत में निवेश बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया। सीतारमण ने बोइंग की वैश्विक वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम के साथ चर्चा में भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत इस पूरे क्षेत्र के लिए एक व्यापार केंद्र के तौर पर भूमिका निभा सकता है। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में इस मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने बोइंग के अधिकारियों को भारतीय बाजार में उपलब्ध निवेश अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत का वैमानिकी एवं नागर विमानन बाजार उच्च वृद्धि की राह पर अग्रसर है। इसके अलावा विमानों के रखरखाव, मरम्मत एवं परिचालन (एमआरओ) केंद्र के तौर पर भी भारत खुद को स्थापित करना चाहता है। बोइंग को हाल ही में एयर इंडिया से विमानों की आपूर्ति का एक बड़ा ठेका मिला है।
- नयी दिल्ली। भारतीय बाजार में पर्सनल कंप्यूटरों (पीसी) की बिक्री जनवरी-मार्च तिमाही में मांग कम होने से सालाना आधार पर करीब 30 प्रतिशत तक घटकर 29.92 लाख इकाई पर आ गई। बाजार शोध फर्म इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) ने मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि एक साल पहले की समान तिमाही में 42.82 लाख पीसी बेचे गए थे। आईडीसी वैश्विक स्तर पर पर्सनल कंप्यूटर उपकरणों का तिमाही रिपोर्ट जारी करती है। पर्सनल कंप्यूटर के तहत डेस्कटॉप, नोटबुक एवं वर्कस्टेशन आते हैं। भारतीय बाजार के लिए जारी रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-मार्च, 2022 की तुलना में पर्सनल कंप्यूटर की भारत में बिक्री 30.1 प्रतिशत घटकर 29.92 लाख इकाई रह गई। हालांकि, डेस्कटॉप की मांग सकारात्मक रही लेकिन नोटबुक की मांग सालाना आधार पर 40.8 प्रतिशत तक गिर गई। इसके लिए उपभोक्ता खंड के अलावा वाणिज्यिक खंड से भी मांग में आई कमी जिम्मेदार रही। इस गिरावट के बीच एचपी 33.8 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान पर बनी रही। लेनोवो 15.7 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे और डेल 13.9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर आ गई।----
- नयी दिल्ली। किफायती विमानन सेवाएं देने वाली एयरलाइन स्पाइसजेट ने मंगलवार को पायलटों (कैप्टन) के वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की। एयरलाइन ने कहा कि पायलटों का 75 उड़ान घंटों के लिए मासिक वेतन बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये किया जा रहा है। इसके अलावा एयरलाइन ने पायलटों के लिए एक पद से जुड़ी निष्ठा से संबंधित अवार्ड की भी घोषणा की है। प्रशिक्षकों तथा फर्स्ट ऑफिसर्स के वेतन में भी बढ़ोतरी की गई है। एयरलाइन ने बयान में कहा कि पायलटों का 75 उड़ान घंटों के लिए मासिक वेतन बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये किया जा रहा है। यह वृद्धि 16 मई, 2023 से लागू होगी। इससे पहले एयरलाइन ने नवंबर, 2022 में अपने पायलटों का वेतन बढ़ाकर मासिक 80 घंटे की उड़ान के लिए सात लाख रुपये किया था।
- नयी दिल्ली।आयकर विभाग ने व्यक्तियों, पेशेवरों और छोटे कारोबारियों के लिये वित्त वर्ष 2022-23 के आयकर रिटर्न (आईटीआर) एक और चार ऑनलाइन भरने की सुविधा शुरू कर दी है। विभाग ने ट्विटर पर लिखा है कि अन्य आयकर रिटर्न/फॉर्म के लिये सुविधाएं जल्द शुरू की जाएगी।विभाग ने एक व्यक्ति के ट्वीट के जवाब में कहा, ‘‘ई-फाइलिंग पोर्टल पर आकलन वर्ष 2023-24 के लिये ऑनलाइन आईटीआर एक और चार भरने की सुविधा शुरू कर दी गयी है।'' वित्त वर्ष 2022-23 के लिये जिन लोगों के खातों के ऑडिट की जरूरत नहीं है, उनके मामले में आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। आईटीआर एक वेतनभोगी और वरिष्ठ नागरिक समेत अन्य व्यक्ति भरते हैं। वहीं आईटआर दो कंपनियां और पेशेवर भरते हैं। यह उन इकाइयों के लिये है जिन्होंने अनुमानित कराधान का विकल्प चुना है और जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से अधिक नहीं है।
- नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई रिलायंस रिटेल ने जियो मार्ट से 700 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। उद्योग से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। ईशा अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस रिटेल ने जर्मनी की खुदरा कंपनी मेट्रो एजी के भारतीय थोक कारोबार इकाई के 2,700 करोड़ रुपये में अधिग्रहण के बाद उसके एकीकरण में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, इस अधिग्रहण के बाद मेट्रो के कर्मचारियों को रिलायंस रिटेल में स्थानातंरित किया गया है। इससे एक ही तरह के कार्यों के लिये अधिक लोग हो गये हैं। इसके कारण कर्मचारियों को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि 700 से अधिक कर्मचारियों को हटाया गया है।सूत्रों ने कहा कि रिलायंस रिटेल ने अपने खुदरा कारोबार की अन्य इकाइयों के कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा भी शुरू कर दी है। इसके तहत सैकड़ों कर्मचारियों को प्रदर्शन सुधार योजनाओं के अंतर्गत रखा गया है। इसके अलावा, कंपनी ने ‘सेल्स टीम' में कई लोगों को मासिक वेतन पर नियमित रोजगार से कमीशन-आधारित मॉडल पर जाने के लिये कहा है। सूत्रों ने कहा कि इन कर्मचारियों को बिक्री के मामले में प्रदर्शन के आधार पर पारितोषिक मिलेगा।उन्होंने कहा कि यह कामकाज की मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा है, जो हर साल होता है। रिलायंस रिटेल में करीब चार लाख कर्मचारी हैं। इसमें मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया के कर्मचारी शामिल हैं
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नयी दिल्ली. डीएलएफ के चेयरमैन राजीव सिंह 59,030 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे धनी भारतीय रियल एस्टेट कारोबारी बने हुए हैं। ग्रोहे-हुरुन इंडिया की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक मैक्रोटेक डेवलपर्स (लोढ़ा ग्रुप) के मंगल प्रभात लोढ़ा और उनका परिवार 42,270 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है। 'ग्रोहे-हुरुन इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट 2023' नाम से यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी हुई। इसमें 67 कंपनियों और 16 शहरों के 100 लोगों को रैंकिंग दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक सूची में शामिल 61 फीसदी लोगों की संपत्ति में इजाफा हुआ। जबकि 36 की संपत्ति में कमी देखी गई। इसमें 25 नए चेहरे शामिल हुए। सूची के अनुसार बेंगलुरु स्थित आरएमजेड कॉर्प के अर्जुन मेंडा और परिवार ने 37,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। के रहेजा कॉर्प के चंद्र रहेजा और परिवार ने 26,620 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ चौथा स्थान हासिल किया। हुरुन इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने संवाददाताओं से कहा कि सूची में 25 प्रतिशत लोग पहली बार शामिल हुए हैं, जो रियल एस्टेट क्षेत्र में नए उद्यमियों के उभार को दर्शाता है।
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नई दिल्ली। इस सप्ताह सोने व चांदी के वायदा भाव आज दूसरे दिन भी गिरावट के साथ खुले। सोना के वायदा भाव गिरकर अब 60 हजार रुपये से नीचे आ गए हैं। चांदी के वायदा भाव भी 73 हजार रुपये से नीचे कारोबार कर रहे हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का बेंचमार्क जून कॉन्ट्रैक्ट 241 रुपये की गिरावट के साथ 60,000 रुपये के भाव पर खुला। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 331 रुपये गिरकर 59,910 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 60,000 रुपये के भाव पर दिन का उच्च स्तर और 59,851 रुपये के भाव पर निचला स्तर छू लिया। इस महीने इस कॉन्ट्रैक्ट ने 61,845 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।चांदी भी सस्ती, भाव 73 हजार रुपये से नीचेसोने के साथ ही चांदी के वायदा भाव भी आज गिरावट के साथ खुले। MCX पर मंगलवार को चांदी का बेंचमार्क जुलाई कॉन्ट्रैक्ट 288 रुपये की गिरावट के साथ 72,445 रुपये के भाव पर खुला। खबर लिखे जाने के समय यह 323 रुपये की नरमी के साथ 72,410 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 72,454 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 72,340 रुपये किलो के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। इस माह चांदी के वायदा भाव 78 हजार रुपये किलो को पार सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गए थे। - मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को सलाह दी है कि वे 2,000 रुपये का नोट बदलने या जमा करने आए लोगों को धूप के बचाने के लिए ‘शेड' का इंतजाम करें। साथ ही कतार में लगे लोगों के लिए पीने के पानी की भी व्यवस्था की जाए। उल्लेखनीय है कि 2016 में नोटबंदी के दौरान बैंकों में नोट बदलने के लिए कतारें लगी थीं और आरोप है कि इस दौरान कई ग्राहकों की मृत्यु भी हो गई थी। गत शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा के बावजूद यह वैध मुद्रा बना रहेगा। 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद ऐसा नहीं था। उस समय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।रिजर्व बैंक ने जारी अधिसूचना में कहा, ‘‘बैंकों को अपनी शाखाओं में इंतजार करने वाले ग्राहकों के लिए शेड और पानी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। बैंकों को नोट बदलने की सुविधा सामान्य तरीके से काउंटर पर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा बैंकों को रोजाना जमा किए जाने वाले और बदले जाने वाले 2,000 के नोटों का ब्योरा रखने को कहा गया है।
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नयी दिल्ली. टाटा मोटर्स ने सोमवार को अपनी प्रीमियम हैचबैक अल्ट्रोज का सीएनजी संस्करण पेश किया। इसके शोरूम कीमत 7.55 लाख रुपये से शुरू होगी। टाटा मोटर्स ने बयान में कहा कि अल्ट्रोज आईसीएनजी 7.55 लाख रुपये और 10.55 लाख रुपये (शोरूम कीमत) के बीच छह संस्करणों में उपलब्ध होगी। बयान के मुताबिक, यह गाड़ी ‘ट्विन-सिलेंडर' सीएनजी तकनीक और अन्य उन्नत सुविधाओं जैसे वॉयस-असिस्टेड इलेक्ट्रिक सनरूफ, वायरलेस चार्जर और एयर प्यूरिफायर से लैस है। कंपनी ने कहा कि ट्विन-सीएनजी सिलेंडर संरक्षित वॉल्व और पाइप के साथ लगेज एरिया के नीचे स्थित हैं, जिससे नुकसान का जोखिम कम हो जाता है। टाटा मोटर्स पैसेंजर वेहिकल्स लिमिटेड और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा कि ग्राहक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा अनुभव चाहते हैं और वह सीएनजी की व्यापक उपलब्धता के कारण इस वैकल्पिक ईंधन को चुन रहे हैं। टाटा मोटर्स ने पिछले साल जनवरी में टियागो और टिगोर का सीएनजी संस्करण उतारा था।








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