ब्रेकिंग न्यूज़

 विकास के लिए महत्वपूर्ण कारक है सुशासन -  ओ.पी. चौधरी

-वित्त मंत्री ने सुशासन पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ
-देशभर में हो रहे नवाचारों, बेस्ट प्रेक्टिसेस और जनोन्मुखी कार्यों पर सम्मेलन में हो रहा विमर्श  
-केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा राज्य शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा नवा रायपुर में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन
 रायपुर. ।  सुशासन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है। इससे न केवल देश का सुव्यवस्थित विकास होता है, बल्कि यह नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रारंभ हुए स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, जीएसटी, जैम पोर्टल, डिजिटल इनक्लुजन जैसे नवाचारों ने देश में बड़ा बदलाव लाया है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर में केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग तथा छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा सुशासन पर आयोजित क्षेत्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए ये विचार व्यक्त किए। छत्तीसगढ़ सहित देशभर से आए भारतीय प्रशासनिक सेवा और केन्द्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधिकारी सम्मेलन में सुशासन के लिए किए जा रहे नवाचारों, बेस्ट प्रेक्टिसेस और जनोन्मुखी कार्यों पर विमर्श कर रहे हैं। 
 नागरिक केंद्रित सुशासन पर आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को 55 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में ब्यूरोक्रेट्स की महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सम्मेलन में भागीदारी कर रहे विभिन्न राज्यों के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से कहा कि सुशासन, नवाचार और बदलाव के लिए खुद को ट्रांसफॉर्म करना होगा, ताकि आप लोगों की प्रतिभा और व्यक्तित्व में क्षरण न हो। समय के साथ स्वयं को बदलने वाले ही प्रासंगिक रहेंगे।   श्री चौधरी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और सुशासन से वर्ष 2047 तक 55 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगी।
 वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सम्मेलन में कहा कि कई कलेक्टर और अधिकारी प्रभावी नवाचार कर रहे हैं। समय और अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप बेहतर नागरिक सेवाएं डिलीवर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सभी अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने की जरूरत है, तभी कल्याणकारी पहलों को नागरिकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्रति नजरिया तेजी से बदलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में दो दिनों तक होने वाले नवाचारों, बेस्ट प्रेक्टिसेस और सुशासन के कार्यों की चर्चा से राज्य के अधिकारी भी प्रेरित होंगे और उन्हें यहां लागू करने की पहल करेंगे।
 मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन की सफलता तभी है जब हम जिनके लिए काम कर रहे हैं, उनके चेहरों पर मुस्कान ला पाएं। आपके लाभार्थी आपके कार्यों से संतुष्ट हैं, तो वही सुशासन की सफलता है। सुशासन के लिए लक्षित लोगों तक योजनाओं और कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पहुंचाने के लिए अच्छी नीयत सबसे ज़रूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में विभिन्न विकास प्राधिकरणों के गठन, रायपुर में कैनाल लिंकिंग रोड, एक्सप्रेस वे के निर्माण जैसे कई उदाहरण देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन में यहां भी कई नवाचार हो रहे हैं। क्षेत्रीय और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए उनके अनुरूप लोगों के कल्याण के काम हो रहे हैं। 
 केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री पुनीत यादव ने उद्घाटन सत्र में कार्मिक एवं जन शिकायतों के निराकरण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया की कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर तेजी से शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। देश के विभिन्न भागों में हो रहे नवाचार, बेस्ट प्रेक्टिसेस और सुशासन के कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित और पुरस्कृत किया जा रहा है। 
 आज के पहले सत्र में चार राज्यों में हो रहे अलग-अलग नवाचारों को साझा किया गया। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक श्री एस.एन. त्रिपाठी ने इस सत्र की अध्यक्षता की। उत्तरप्रदेश में जल जीवन मिशन के संचालक श्री अनुराग श्रीवास्तव ने वहां सौर आधारित सफल जल प्रदाय योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सौर आधारित जल प्रदाय योजनाओं से उत्तरप्रदेश में अगले 30 सालों में एक लाख करोड़ रुपए की बचत होगी। इन योजनाओं से कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। ओड़िशा के कोरापुट जिले के कलेक्टर श्री वी. कीर्ति वासन ने ग्रामीण औद्योगिक काम्प्लेक्स के ज़रिए स्थानीय लोगों को रोज़गार से जोड़ने के लिए किए जा रहे नवाचार की जानकारी दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के नागालैंड के अधिकारी श्री थवासीलन ने अपने राज्य में नागालैंड स्वास्थ्य सुरक्षा सोसाइटी और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के नवाचार को साझा किया। इनके माध्यम से वहां कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा और राज्य से बाहर भी कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लोगों को दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में राजस्व विभाग की उपायुक्त सुश्री अलका सिंह ने वहां फरवरी माह से शुरू किए गए साइबर तहसील संबंधी नवाचार से अधिकारियों को रू-ब-रू कराया। वहां ‘संपदा’ पोर्टल से जमीन की ऑनलाइन रजिस्ट्री और तत्काल नामांतरण किया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राजस्व मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। राज्य में लैंड रिकॉर्ड्स के डिजिटलाइजेशन के बाद 13 तहसीलदार 1364 राजस्व न्यायालय संचालित कर रहे हैं।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english