डिजिटल टोकन और पारदर्शी धान खरीदी प्रणाली से किसान सशक्त
-किसान तुंहर टोकन ऐप ने बचाया समय और श्रम – किसानों की सराहना
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान उपार्जन व्यवस्था में की गई डिजिटल एवं पारदर्शी सुधार पहल का सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। सरगुजा जिले सहित राज्य के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में अपनाई गई ऑनलाइन टोकन व्यवस्था, सुव्यवस्थित तौल प्रक्रिया और आधारभूत सुविधाओं ने किसानों को धान विक्रय के लिए सहज और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराया है।
सरगुजा के ग्राम पंचायत कंचनपुर के कृषक श्री कृष्ण कुमार राजवाड़े ने बताया कि उनके पास लगभग 260 क्विंटल धान है, जिसके लिए उन्होंने किसान तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ही टोकन प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि ऐप आधारित सुविधा से समिति कार्यालय में भीड़ और बार-बार जाने की जरूरत समाप्त हो गई है, जिससे समय की बचत के साथ धान विक्रय प्रक्रिया पूरी तरह सरल हो गई है।
उन्होंने बताया कि उपार्जन तिथि पर नमना कला धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर तुरंत गेट पास जारी किया गया, नमी परीक्षण कराया गया और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। निर्धारित प्रक्रिया के सुचारु संचालन के कारण धान विक्रय बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ। किसानों के लिए केन्द्र में पेयजल, छायादार बैठने की सुविधा और समिति कर्मचारियों का सहयोग भी विशेष रूप से सराहनीय रहा।राज्य शासन के निर्णयानुसार इस वर्ष धान का समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल तय किया गया है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। श्री राजवाड़े ने कहा कि इस निर्णय से किसानों को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि दर्ज की जा रही है।उन्होंने धान उपार्जन प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और किसान हितैषी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री राजवाड़े ने कहा कि बेहतर मूल्य, डिजिटल सुविधा एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते खेती अब अधिक लाभकारी बन रही है और किसानों का विश्वास और मनोबल दोनों बढ़े हैं।











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