मनोरंजक खेलों के साथ महिलाओं ने किया एंजाॅय, पुरस्कृत हुए विजेता
- अमलीडीह और बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने किया हल्दी- कुंकू का आयोजन
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के बूढ़ापारा और अमलीडीह महिला केंद्र के हल्दी-कुंकू का आयोजन आकर्षक खेलों के साथ संपन्न हुआ। दोनों केंद्रों के अलग-अलग आयोजन हुए और दोनों केंद्रों ने अपने-अपने आयोजनों को मनोरंजक बनाया। एक ओर जहां बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने हाउजी की गोटियों (पासा) से बर्थ डे पजल खेला। वहीं दूसरी ओर अमलीडीह केंद्र की महिलाओं ने एक स्टैंड पर कांच की चूड़ियां डालकर एंजाॅय किया।
बूढ़ापारा केंद्र की संयोजिका अपर्णा मोघे ने बताया कि केंद्र की सदस्य दीपाली बर्वे के निवास पर हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर सभी ने मनोरंजक गेम एंजाॅय किया। गेम भी ऐसा कि पहले सभी सदस्यों ने अपनी जन्मतिथि बताई। तत्पश्चात बाउल में रखी गोटियों को एक-एक करके तब तक निकालना था, जब तक प्रथम दो सदस्यों की जन्मतिथि वाला अंक नहीं आ गया। जिस प्रतिभागी ने सबसे ज्यादा गोटियों के बाद अपनी जन्मतिथि का नंबर निकाला, वह विजेता व उप विजेता रहीं। स्पर्धा में परिणीता खांडेकर विजेता और वंदना जोशी उप विजेता रहीं।
अपर्णा मोघे के अनुसार सभी का स्वागत हल्दी-कुंकू लगाकर तिल के लड्डू से मुंह मीठाकर सभी का स्वागत किया। बैठक में जयश्री केलकर, हेमा बर्वे, हेमा पराड़कर, सविता मोघे, सरिता साठे, दमयंती देशपांडे, सुचित्रा देशपांडे, अंजलि नलगुंडवार, प्रीति राउत, प्रणिता नलगुंडवार, अनुपमा नलगुंडवार, दीप्ति राउत, दीपाली बर्वे, अपर्णा मोघे, सुहासिनी पट्टलवार, शिवानी पट्टलवार, शिल्पा काले, साधना गायकवाड़, अर्चना पराड़कर उपस्थित रहीं।
महाराष्ट्र मंडल की कार्यकारी महिला प्रमुख अपर्णा देशमुख ने बताया कि अमलीडीह महिला केंद्र ने भी हल्दी-कुंकू का आयोजन किया गया। मराठियों में हल्दी-कुंकू का बड़ा महत्व है। विवाहित महिलाओं के सौभाग्य, आपसी स्नेह और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक है, जहां वे एक-दूसरे को हल्दी-कुंकू लगाकर पति की लंबी उम्र और घर में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह महिलाओं को एकजुट होने, सजने- संवरने और त्योहारों का आनंद लेने का अवसर देता है।
अपर्णा देशमुख ने आगे बताया कि अमलीडीह केंद्र की हुई मासिक बैठक की शुरुआत में सभी ने हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ किया। महिलाओं ने पैंसिल के स्टैंड में कांच की चूड़ियां फेंकने का गेम भी खेला। इसमें 10 चूड़ियां फेंककर प्रिया काडू प्रथम और अक्षरा भगाड़े द्वितीय रहीं। बैठक में आगामी सामाजिक कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें स्लम एरिया में संस्कार शिविर लगाने की रूपरेखा तैयार की गई। इस अवसर पर अर्चना भाकरे, अक्षरा भगाडे, कामिनी पतंगीवार, मनीषा कस्तूरे, रेणुका टोमे, प्रीति, प्रिया काडू, शोभा सोनाये, कविता शर्मा, अपर्णा देशमुख उपस्थित थीं।










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