सिम्स में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत अधिकारियों ने किया सामूहिक दवा सेवन
बिलासपुर ।मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलाए जा रहे सामूहिक दवा सेवन जागरूकता अभियान जो कि मिल का पत्थर साबित हो रहा है इसके तहत छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति तथा नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप ने फाइलेरिया उन्मूलन की दवा अल्बन्दाजौल, एथियलीकार्बमाज़ीन. इंरमैक्टिन का सेवन कर लोगों को जागरूकता का संदेश दिया।
इस अवसर पर कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता ठाकुर, डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव एवं डॉ. समीर पैकरा, डॉ कमलजीत बाशन के साथ छात्र-छात्राएं एवं सिम्स में कार्यरत कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा यह अभियान जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वितरित की जा रही दवा का निर्धारित मात्रा में सेवन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि फाइलेरिया मुक्त समाज का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सके। डॉ. लखन सिंह ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोके जाने योग्य बीमारी है। सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति तक दवा पहुंचाकर इस रोग की रोकथाम करना है। उन्होंने सभी नागरिकों से बिना किसी डर या भ्रम के दवा का सेवन करने और इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।


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