ब्रेकिंग न्यूज़

 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष- नारी है शक्ति पुंज...

 - नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक
- देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान
- शासन की योजनाओं से महिलाओं में आयी जागृति
- शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर महिलाओं की जागरूकता रोचक
- जिले में महतारी वंदन योजना अंतर्र्गत पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रूपए की राशि उनके खाते की गई अंतरित
- जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण किया गया प्रदान
- जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन दिया गया
- जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा अभियान में रही महिलाओं की विशेष सहभागिता

राजनांदगांव  । हमारे देश में नारी को शक्ति पुंज माना गया है। नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक हैं। कहीं कोमल तो कभी फौलादी इरादों जैसी मजबूत भी है। महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा है और देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान है। आज की महिलाएं अपने आत्मविश्वास, लगन एवं मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में न केवल कार्य कर रही हंै, बल्कि सफलता के नए आयाम प्राप्त कर रही हैं। घर की चारदिवारी से बाहर निकलकर यह उनके हौसलों की उड़ान है। स्वामी विवेकानंद के विचार प्रासंगिक है कि किसी राष्ट्र की प्रगति को आंकने का सबसे सही पैमाना वहां की महिलाओं की स्थिति है। भारतीय सेना में भी महिलाएं देश की सेवा कर रही हैं। वहीं राजनीति, प्रशासनिक, प्रेस एवं विभिन्न संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रही हैं। महिलाएं अपने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए भी समानतापूर्वक अपने कार्यों को सफलतापूर्वक कर पा रही हैं। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन की बयार दिखाई देती है। शासन की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर एक जागृति आयी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर उनकी जागरूकता रोचक है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व सहायता समूह, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिला शक्ति के व्यापक विस्तार को उजागर करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी परिणाम दिखाई देते हैं। शासन की महिला उत्थान से जुड़ी जनहितकारी योजनाएं क्रांतिकारी रही है। शासन की महतारी वंदन योजना से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए से लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में महतारी वंदन योजना में कुल 24 किस्त जारी की गई है। जिले में पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई। खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत विशेष तौर पर प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक परिवार में परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला जो 18 वर्ष की आयु से कम न हो राशन कार्ड जारी करने के प्रयोजन के लिए परिवार की मुखिया मानी जाएगी। राशन कार्ड में महिलाओं को प्राथमिकता देना महिला उत्थान के लिए शासन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं के तहत महिला उन्मुखी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सफल उद्यमी बनकर उभर रही है और आर्थिक रूप से सशक्त बन नहीं है। जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्रदान किया गया है। वहीं जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन के तहत दिया गया है। जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही है। जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहा मिशन जल रक्षा अभियान के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। जनसहभागिता से संचालित इस अभियान में जल संरक्षण के लिए महिलाओं की भूमिका सराहनीय है। पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं उनकी टीम द्वारा जल संरक्षण के लिए जागरूकता के लिए विशेष तौर पर प्रयास किया जा रहा है। जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षा जल को सीधे वाटर लेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। शासन की सुकन्या समृद्धि योजना से बालिकाओं के लिए बचत की प्रवृत्ति बढ़ी है। वहीं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना से पहली बार माता बनने वाली योजनाओं को 5000 रूपए की सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से ग्रामीण क्षेत्रों महिलाओं को गैस चुल्हा मिलने से भोजन बनाने में आसानी हो रही है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत नल के माध्यम से घर में शुद्ध पेयजल मिलने से महिलाओं की समय एवं ऊर्जा की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 24 तारीख को स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रसव पूर्व जांच की जाती है। इस योजना के तहत विगत 1 वर्ष से कुल 15386 गर्भवती माताओं की जांच कर हाई रिस्क वाली माताओं को चिन्हांकित कर विशेष देखरेख किया गया। वहीं 45 महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी की गई। जिले में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्पेसलिस्ट कैम्प एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से स्पेस्लिस्ट कैम्प आयोजित किए गए। जिले में स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत प्रदेश में सर्वाधिक 227107 हितग्राही लाभान्वित हुए है। श्रम विभाग में संचालित योजना अंतर्गत मिनी माता महतारी जतन योजना अंतर्गत 7232 महिलाओं को 14 करोड़ 46 लाख 40 हजार रूपए की राशि से लाभान्वित किया गया है। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत 24 महिलाओं को 24 लाख रूपए की राशि से मदद दी गई है। शासन की विभिन्न महिलाओं पर के केन्द्रित योजनाएं महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english