ज्ञानभारतम् मिशन से सहेजी जा रही गौरवशाली विरासत
0- 200 वर्ष पुरानी पाण्डुलिपियों का हुआ संग्रहण
0- नई पीढ़ी के लिए सुरक्षित हो रही प्राचीन धरोहर
0- डाक्टर पंडा से ताड़ पत्र में लिखी पांडुलिपि प्राप्त
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में सेजेज निवेदिता, गुरु नानक चौक रायपुर की व्याख्याता श्रीमती नीतू शर्मा द्वारा लगभग 200 वर्ष पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संग्रहण किया गया। यह पाण्डुलिपियाँ डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा के निवास, विकास विहार कॉलोनी रायपुर में प्राप्त हुईं। इनका मूल निवास ग्राम बिरकोल, तहसील सरायपाली, जिला महासमुंद है। ताड़पत्र पर लिखी इन पाण्डुलिपियों में ज्योतिष एवं कर्मकांड से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।
उड़िया भाषा में लिखी ये पाण्डुलिपियाँ पूर्वजों की ज्ञान परंपरा को दर्शाती हैं। ज्ञानभारतम् मिशन के माध्यम से इस प्रकार की धरोहरों का संरक्षण कर उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को इसका लाभ मिल सके।
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