’ज्ञानभारतम्’ मिशन अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण हेतु जिला प्रशासन की अपील
0- पांडुलिपियों के सुरक्षित संकलन हेतु नोडल अधिकारी श्री उत्तम ध्रुव से करें संपर्क
दुर्ग. देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सहेजने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित 'ज्ञानभारतम्’ मिशन के तहत दुर्ग जिले में राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से कागज, ताड़पत्र, भोजपत्र, धातु, कपड़े और चमड़े पर लिखित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज, पहचान और उनका डिजिटलीकरण किया जा रहा है। अब तक जिले में किए गए 4 सर्वेक्षणों में 74 पांडुलिपियों की पहचान कर उन्हें रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज किया जा चुका है। यह अभियान आगामी 15 जून तक जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य निजी और संस्थागत संग्रहों में छिपे ऐतिहासिक व वैज्ञानिक ज्ञान को सामने लाना है।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले के नागरिकों, प्रबुद्धजनों और निजी संग्राहकों से अपील की है कि यदि उनके पास या उनके पूर्वजों के समय की कोई भी प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो वे इसकी जानकारी साझा कर राष्ट्र की विरासत को संरक्षित करने में सहभागी बनें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि निजी हाथों में मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है। इन बहुमूल्य दस्तावेजों के सुरक्षित संकलन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले के नागरिक अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों को सुरक्षित रूप से जमा करने या उनकी जानकारी दर्ज कराने के लिए नोडल अधिकारी के पास पहुंचकर इस राष्ट्रीय अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
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