सुशासन तिहार बना खुशियों का आधार
0- दिव्यांग किशन मानिकपुरी को ट्राई साइकिल के साथ मिला आत्मनिर्भरता का संबल
दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित ’सुशासन तिहार-2026’ विगत 1 मई 2026 से जिले में संचालित है, जो कि आमजन की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान का एक सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। सुशासन का असली मतलब तब सार्थक होता है जब सरकारी योजनाएं फाइलों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के हाथों तक पहुँचती हैं। शासन की इसी संवेदनशीलता की एक झलक नगर पालिका जामुल के वार्ड क्रमांक 13 स्थित मंगल भवन में विगत 19 मई को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में देखने को मिली, जहाँ वार्ड क्रमांक 16 के निवासी श्री किशन मानिकपुरी ट्राई साइकिल के लिए आवेदन करने पहुंचे। श्री मानिकपुरी बताते है कि वे लंबे समय से शारीरिक दिव्यांगता के कारण आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। सुबह उठने से लेकर दैनिक कार्यों और किसी आकस्मिक परिस्थिति में आने-जाने तक, उन्हें हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था। उनका स्वाभिमान इस परावलंबन से रोज कशमकश करता था, लेकिन उनके पास इस परिस्थिति से निकलने का कोई साधन नहीं था।
इसी बीच, सुशासन तिहार के रूप में उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया। शिविर के बारे में पता लगते ही किशन अपनी आश लेकर मंगल भवन पहुंचे और ट्राई साइकिल के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया। जहाँ उनके आवेदन को संवेदनशीलता के साथ स्वीकार कर तत्काल कार्रवाई की गई और नगर पालिका अध्यक्ष श्री ईश्वर ठाकुर के हाथों किशन को मौके पर ही चमचमाती हुई ट्राई साइकिल प्रदान की गई। जैसे ही ट्राई साइकिल की हैंडल किशन के हाथों में आई, वेे आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के भाव के साथ मुस्कुराए और कहा कि अब उन्हें अपने छोटे-छोटे कामों या आपातकालीन स्थितियों में कहीं भी आने-जाने के लिए किसी के इंतजार की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और स्थानीय शासन-प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया और कहा “सुशासन तिहार मेरे लिए सच में खुशियों का आधार बन गया है। मेरी बरसों पुरानी लाचारी का समाधान बड़ी फुर्ती से मौके पर ही हो गया।” सुशासन अपने नाम के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक जीवंत माध्यम बन रहा है।













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