छत्रपति शिवाजी जयंती 19 फरवरी को ‘स्वराज दिवस’ घोषित करें
- छत्तीसगढ सिविल सोसायटी के साथ महाराष्ट्र मंडल, बृहन्महाराष्ट्र मंडल ने भी मुख्यमंत्री साय से मुलाकात कर की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी, महाराष्ट्र मंडल रायपुर और बृहन्महाराष्ट्र मंडल छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म दिवस 19 फरवरी को प्रदेश में "स्वराज दिवस" घोषित करने की मांग की। साथ ही इस मांग से संबंधित पांच हजार से अधिक लोगों के हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र भी सीएम को सौंपा।
राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शनिवार शाम को छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के अध्यक्ष डा. कुलदीप सोलंकी, शिक्षाविद संजय जोशी, महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ राज्य प्रभारी सुबोध टोले ने मुलाकात की। डॉ. सोलंकी ने मुलाकात के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि सीएम साय को बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज भारत के महान योद्धा और स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने मुगल साम्राज्य के खिलाफ लड़कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की। भारत की एकता और अखंडता के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। शिवाजी महाराज केवल एक योद्धा ही नहीं थे, बल्कि एक महान प्रशासक और विजनरी भी थे। उन्होंने एक मजबूत और स्वतंत्र भारत का सपना देखा था। यही वजह है कि जनमानस की प्रबल इच्छा है कि 19 फरवरी को राज्य में ‘स्वराज दिवस’ घोषित किया जाए।
महाराष्ट्र मंडल अध्यक्ष अजय काले और शिक्षाविद संजय जोशी ने मुख्यमंत्री से कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, राजमाता अहिल्याबाई होल्कर और वीर सावरकर के प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए। ये महान व्यक्तित्व युवाओं को भावी सशक्त भारत के निर्माण में मार्गदर्शक के रूप में सार्थक होंगे। काले ने राज्य के युवाओं को अंडमान निकोबार स्थित सेल्युलर जेल की शैक्षणिक यात्रा कराने से भविष्य के युवाओं को राष्ट्र प्रेम, समर्पण, धैर्य सीखने का अवसर मिलेगा, जो वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्र के लिए भी अपरिहार्य है।
मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात में शामिल प्रतिनिधियों से स्वराज दिवस, सावरकर यात्रा और छत्रपति शिवाजी महाराज, राजमाता अहिल्याबाई होल्कर, वीर विनायक दामोदर सावरकर के जीवन प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने की मांग पर सहमति जताई और इन मांगों पर क्रियान्वयन का आश्वासन भी दिया।











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