’नाशपाती की खेती से बदल रही किसानों की तस्वीर’
-’जशपुर की नाशपाती बन रही किसानों के जीवनयापन का मजबूत आधार’
-’छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों में बढ़ रही जशपुर की नाशपाती की मांग’
रायपुर। जशपुर जिले में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ फलोत्पादन के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्राकृतिक रूप से अनुकूल जलवायु और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण जिले में नाशपाती की खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनती जा रही है। विशेष रूप से सन्ना तहसील क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर नाशपाती की खेती कर बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं।
जशपुर के करडीह पंचायत के ग्राम केराकोना निवासी किसान श्री अनिल एक्का ने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन एवं नाबार्ड की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी लगभग 4 से 5 एकड़ निजी भूमि में नाशपाती का बाग विकसित किया है। योजनाओं के अंतर्गत उन्हें खेत में कुआं और मोटर पंप जैसी सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे खेती करना आसान हुआ।
श्री एक्का ने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर खेतों का निरीक्षण कर उन्नत उत्पादन तकनीकों की जानकारी एवं आवश्यक सलाह दी जाती है। आधुनिक तकनीकों और बेहतर प्रबंधन के कारण उनके नाशपाती उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
जशपुर की नाशपाती अपनी गुणवत्ता और स्वाद के कारण छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी काफी पसंद की जा रही है। किसानों को स्थानीय बाजारों के अलावा बाहरी राज्यों में भी अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
फलोत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यानिकी विभाग एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे जिले के अन्य किसान भी नाशपाती सहित विभिन्न फल फसलों की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। किसान श्री अनिल एक्का ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और तकनीकी सहयोग के कारण उनकी खेती लाभकारी बनी है और आज नाशपाती की फसल उनके परिवार के जीवनयापन का मजबूत आधार बन चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जशपुर जिले की जलवायु नाशपाती, लीची और काजू जैसे फलोत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। प्रसन्नता की बात है कि उद्यानिकी विभाग और नाबार्ड की योजनाओं का लाभ उठाकर वनांचल के हमारे किसान भाई आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों से खेती कर रहे हैं। जशपुर की नाशपाती की मांग अब पड़ोसी राज्यों में भी बढ़ रही है, जो यह दर्शाता है कि हमारे ग्रामीण अंचलों में छिपी प्रतिभाएं और संसाधन अब वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। शासन आगे भी किसानों को हर संभव तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता रहेगा।













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