संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों ने जाना हिंदवी स्वराव व साम्राज्य को
0- छत्रपति शिवाजी महाराज 30 जनवरी 2027 को होगी प्रतियोगिता
रायपुर। हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज आज हमारी पाठ्य पुस्तकों में नहीं है, शिवाजी महाराज ने अटक से कटक तक विजय हासिल तक मुगलों को कई युद्धों में परास्त किया। इसके बाद संभाजी महाराज, राजाराम महाराज, तारा रानी और शाहू जी महाराज ने करीब 27 सालों तक मुगलों के साथ संघर्ष किया और शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के स्वपन का आकार दिया। श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल के कार्यवाह सुधीर थोरात ने महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों के समक्ष इस आशय के विचार रखे।
थोरात ने कहा कि श्री शिवाजी स्मारक मंडल रायगढ़ लोगों को शिवाजी महाराज के बारे में बताने के लिए स्कूलों, कालेजों और समाज के बीच में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। बच्चों के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है। इसके विजेताओं को आयोजन समिति की ओर से शिवाजी महाराज की राजधानी रायगढ़ किले का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बच्चों से शिवाजी महाराज की माता का नाम, पिता का नाम सहित कई प्रश्न किए।
सुधीर थोरात ने बच्चों को बताया कि आप सभी ने कुछ दिनों पहले संभाजी महाराज की फिल्म देखी होगी। जिसमें उन्होंने वीरता के साथ मुगलों से युद्ध किया। उनकी मौत के बाद उनके भाई राजाराम महाराज के हिंदवी स्वराज की कमान संभाली। करीब 11 साल उन्होंने मुगलों से संघर्ष किया। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी तारारानी से हिंदवी स्वराज की कमान संभाली। फिर करीब 10-11 सालों तक संभाजी महाराज के पुत्र शाहूजी महाराज ने इस दायित्व को आगे बढ़ाया, यानी शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद करीब 27 सालों तक मुगलों के खिलाफ मराठों ने युद्ध किया।
थोरात के अनुसार श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल बच्चों को शिवाजी महाराज के बारे में बताने के लिए तीन पुस्तकों को प्रकाशन किया गया है। जिसमें स्वराज की स्थापना से साम्राज्य के विस्तार और मुगलों से युद्ध के कई रोचक घटनाओं का वर्णन किया गया है। इन पुस्तकों के आधार पर बच्चों के लिए 30 जनवरी 2027 को प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें विजयी प्रतिभागियों को द्वितीय राउंड की प्रतियोगिता के लिए श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल द्वारा रायगढ़ पुणे ले जाया जाएगा, जिसका पूरा खर्चा संस्थान वहन करेगी। उन्होंने बच्चों को बताया कि यहां शिवाजी महाराज का सिंहासन और उनका विशाल किला देखने का मौका बच्चों को मिलेगा। यहां करीब 1600 सीढ़ियां चढ़कर किला तक पहुंचा होता है।
इस अवसर पर पुणे से पहुंचे शिवाजी महाराज के सर सेनापति हंबीर राव मोहिते के वंशज और भारतीय विद्या पारंगत पुणे के विक्रम सिंह मोहिते, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, शिव शंभू विचार दर्शन कार्यशाला के छत्तीसगढ़ संयोजक पवन बोंदरे, महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के प्रमुख गणेशा जाधव पाटिल, कैरियर काउंसलर डॉ. वर्षा वरवंडकर और स्कूल के उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।












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