हिंदी, इंग्लिश बातचीत को प्रभावी बनाने के लिए बच्चों ने की चर्चा
- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में किया गया ज्ञानवर्धक कार्यक्रम
रायपुर। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हिंदी और इंग्लिश कन्वर्सेशन में काफी दिक्कत होती हैं। ऐसा नहीं कि उन्हें पता नहीं होता। उन्हें पता सब होता है, लेकिन आत्मविश्वास में कमी के कारण बच्चे बोलचाल की भाषा में अंग्रेजी में बात करने में हिचकते हैं। वहीं हिंदी में कई बार गलतियां कर जाते हैं। अंग्रेजी में बातचीत करने के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में शुक्रवार, 7 अगस्त को पहली से पांचवीं तक के बच्चों के लिए हिंदी, इंग्लिश टॉक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
शिक्षिका अपर्णा आठले ने बताया कि हिंदी बातचीत और इंग्लिश कन्वर्सेशन में संचरना और व्याकरण में अंतर होता है, जैसे हिंदी में वाक्य की बनावट आमतौर पर एसओवी (सब्जेक्ट+ ऑब्जेक्ट+ वर्ब) होती है, यानी क्रिया (वर्ब) हमेशा वाक्य के अंत में आती है, जैसे ‘मैं खाना खा रहा हूँ’। वहीं इंग्लिश कन्वर्सेशन में वाक्य की बनावट एसओवी होती है, यानी क्रिया बीच में आती है, जैसे: आई एम इटिंग। वहीं आदर और अपनापन, अभिव्यक्ति और संस्कृति में अंतर होता है।
अपर्णा के अनुसार शिक्षिका विनीता सुंदरानी, स्नेहा महाजन, मेघा ऋषि, वनीता बैरागडे़ ने प्राइमरी क्लासेस में और रचना तिवारी, सरिता पांडे वंदना बिसेन, सुमन छत्री, सुनिधि रोकड़े व निकिता यादव ने मिडिल के बच्चों में यह एक्टिविटी कराई। बच्चों को अलग-अलग ग्रुप में बांटकर आपस में बात कराई गई। अंग्रेजी बोलने में बच्चों के झिझक को दूर करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।







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